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Monday, November 30, 2020

अखिल भारतीय अभिभावक संघ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को दिया मई में CBSE बोर्ड परीक्षा कराने का सुझाव

अखिल भारतीय अभिभावक संघ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री  को दिया मई में CBSE बोर्ड परीक्षा कराने का सुझाव


अखिल भारतीय अभिभावक संघ(आइपा) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को सुझाव दिया है कि सीबीएसई की कक्षा 10 व 12 वीं की बोर्ड परीक्षा 2021 की तारीख मई में तय की जाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों से इस संबंध में सुझाव मांगे थे कि अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा कब और कैसे आयोजित की जाएं। 


आइपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजे गए अपने सुझाव में कहा है कि कोरोनोवायरस के चलते  स्कूल बंद होने के कारण बाधित हुई पढ़ाई को देखते हुए 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को मई 2021में कराया जाए। अन्य कक्षाओं के छात्रों को बिना किसी घरेलू बोर्ड परीक्षा के अगली कक्षा में प्रोन्नति कर दिया जाए। आईपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री व चेयरमैन सीबीएसई को पत्र लिखकर कहा है कि इससे छात्रों को परीक्षाओं की तैयारी के लिए और अधिक समय मिल जाएगा। इसके  अलावा अन्य कक्षाओं के छात्रों को जिन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई की है या नहीं उन सभी को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाए। आईपा ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि आगामी शिक्षा सत्र जुलाई 2021 से शुरू किया जाए।


आईपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश शर्मा व आईपा हरियाणा के प्रदेश महासचिव डॉ मनोज शर्मा ने कहा है कि कोरोना वायरस के चलते देश भर के स्कूल मार्च 2020 से ही बंद हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई तो चल रही है लेकिन उससे छात्रों को कोई विशेष फायदा नहीं हो रहा है। संसाधनों की कमी के चलते काफी छात्र ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं ले पा रहे हैं। अत: सभी छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों को आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है।


कैलाश शर्मा ने कहा है कि अधिकांश छात्रों को कोर्स व प्रश्नपत्रों में किए गए बदलावों की जानकारी नहीं है अत: बोर्ड परीक्षाएं कराने से पहले कोर्स व बोर्ड परीक्षा पैटर्न में किए गए बदलाव के बारे में सभी छात्रों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। बढ़ते कोरोना को चलते स्कूलों को बंद कर दिया गया है आगे भी हालात सही नहीं रहने की भविष्यवाणी की गई है  अत: बोर्ड परीक्षाओं की तारीख बदलनी बहुत जरूरी है। मई में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाए और आगामी शिक्षा सत्र जुलाई 2021 से शुरू किया जाए।

दूरदर्शन उत्तर प्रदेश (DD UP) चैनल पर यूपी बोर्ड की कक्षा- 10 व 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण के पंद्रहवें चरण की समय सारिणी

 दूरदर्शन उत्तर प्रदेश (DD UP) चैनल पर यूपी बोर्ड की कक्षा- 10 व 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण के पंद्रहवें चरण की समय सारिणी



लॉकडाउन में फीस वसूलने पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, महाराजगंज बीएसए से मांगा जवाब

लॉकडाउन में फीस वसूलने पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, महाराजगंज बीएसए से मांगा जवाब



नो क्लास-नो फीस को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने महराजगंज के बीएसए को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। उनसे 2 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है। बीएसए ने हाईकोर्ट के नोटिस का संज्ञान लेते हुए नौतनवा क्षेत्र के नौ निजी स्कूल संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे नौतनवा क्षेत्र के निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।अभिभावक संघ नौतनवा के अध्यक्ष वसीम खान ने 16 अक्तूबर को उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर लॉकडाउन के दौरान कस्बे में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा स्कूल बंद होने के बावजूद मनमाने तरीके से फीस वसूलने का शिकायत की थी।


वसीम समेत 12 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस गोविंद माथुर व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की बेंच ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए निर्देश जारी किया कि याचिकाकर्ता द्वारा पार्टी बनाए गए 9 विद्यालय की फीस वसूलने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान बंद विद्यालय किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूल सकते हैं। उच्च न्यायालय ने 2 दिसंबर तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जवाब-तलब किया है। 

बीएसए ने नौ स्कूलों से मांगा स्पष्टीकरण 
उच्च न्यायालय के नोटिस का अनुपालन कराते हुए बीएसए ने 24 नवंबर 2020 को नौतनवा कस्बे के सभी नौ स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए ओम प्रकाश यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर नौ स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। यदि स्कूलों ने मनमानी से फीस वसूली की होगी तो कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

Sunday, November 29, 2020

फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षक/शिक्षिकाओं के अभिमुखीकरण के सम्बन्ध में डायट प्राचार्य का आदेश जारी

फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षक/शिक्षिकाओं के अभिमुखीकरण के सम्बन्ध में डायट प्राचार्य का आदेश जारी।









फतेहपुर : जनपद को मिले नए शिक्षकों की लगी क्लास, दिया गया प्रशिक्षण।

प्रशिक्षण : राजकीय माध्यमिक 81 तो परिषदीय स्कूलों में 471 शिक्षक हुए हैं तैनात, माध्यमिक के लिए जीआईसी में तो बेसिक के लिए डायट में दिया गया शिक्षकों को प्रशिक्षण

फतेहपुर : जिले में चल रही शिक्षकों की कमी को देखते हुए शासन द्वारा बीते दिनों राजकीय माध्यमिक विद्यालयों समेत परिषदीय विद्यालयों में भारी संख्या में नए शिक्षकों की तैनाती की गई है। अब इन्हें अपने दायित्वों को निष्ठा के साथ निर्वहन कराने के लिए इनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है । माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नवनियुक्त 81 शिक्षकों को शहर के राजकीय इंटर कालेज में तो परिषदीय विद्यालयों के 471 शिक्षक शिक्षिकाओं को डायट परिसर में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया | जिसमें वक्ताओं ने उन्हें कई बिंदुओं पर जानकारी दी।


परिषदीय शिक्षकों को भी पढ़ाया गया पाठः बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती पाए 471 शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए डायट प्रशासन द्वारा परिसर में एक दिन में 50 के बैच में 25- 25 शिक्षकों को बुलाकर प्रशिक्षण दिया गया। डायट प्राचार्य नजरुददीन अंसारी के नेतृत्व में डायट प्रवक्ताओं ने कई बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया गया। प्रथम बैच में डायट प्रवक्ता विनय कुमार मिश्र एवं द्वितीय में कुलदीप पाण्डेय द्वारा शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचा, गुणवत्ता संवर्धन, ऑपरेशन कायाकल्प आदि बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी।



जीआईसी में तीन दिवसीय उन्मुखी प्रशिक्षण

जिले के राजकीय इंटर कालेज एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नई तैनाती पाए 81 शिक्षकों के लिए बुधवार से तीन दिवसीय उन्मुखी प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। शहर के राजकीय इंटर कालेज में आयोजित कार्यशाला में पहले दिन डीआईओएस महेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य उदय प्रभात एवं प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष प्रभूदत्त दीक्षित समेत अन्य के द्वारा नए शिक्षकों को कई बिंदुओं पर जानकारी देते हुए उन्हें निष्ठापूर्वक कार्य किए जाने की नसीहत दी गई।

फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षकों का आज से दो दिन का प्रशिक्षण शुरू, 25-25 के समूहों में दोनों पालियों में होगा प्रशिक्षण।

फतेहपुर : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बुधवार से नवनियुक्त शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देने जा रहा है। दो पालियों में होने वाले प्रशिक्षण में 25-25 के समूह में शिक्षक शामिल होंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

डायट प्राचार्य नजरुद्दीन अंसारी ने बताया कि नवनियुक्त 471 शिक्षकों को नई तकनीकि से पठन पाठन का तरीका समझाने के लिए इस प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण 28 दिसंबर तक चलेगा। डायट प्राचार्य ने बताया कि परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में प्रायः देखा जा रहा है कि कक्षा पांच के बच्चे हिंदी भाषा और 100 तक की गिनती तक नहीं पढ़ पाते हैं। कक्षा आठ तक फेल न करने की व्यवस्था होने के कारण इन बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नति करना स्कूलों की मजबूरी है। इसके पीछे कारण है कि शिक्षकों के पढ़ाने के तौर तरीके बच्चों की समझ से परे हैं। यही कारण है कि शिक्षक जो भी पढ़ाते हैं, वह उनके समझ में नहीं आता है। ऐसे में डायट ने इसके लिए जिले नवनियुक्त 471 सहायक अध्यापकों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। दो दिनी प्रशिक्षण 25-25 के समूह में दो पालियों में कराया जाएगा।

बताया कि बुधवार से डायट में सुबह 9.30 बजे से प्रशिक्षण का शुभारंभ होगा। इन शिक्षकों को पठन पाठन के नए तरीके बताए जाएंगे, जिससे वह बच्चों को प्रेरणा एप, मिशन कायाकल्प के माध्य से पढ़ाकर आधारभूत सांचा मजबूत कर सकें।

हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 में केंद्र निर्धारण मामले में DIOS से जांच का जिम्मा हटाकर डीएम की टीम को सौंपा गया

हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 में केंद्र निर्धारण मामले में DIOS से जांच का जिम्मा हटाकर डीएम की टीम को  सौंपा गया। 


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 में केंद्र निर्धारित होने के बाद सवाल नहीं उठ सकेंगे। वजह, शासन ने कालेजों की आधारभूत संसाधनों की जांच डीआइओएस से छीन ली है और इसका जिम्मा डीएम की ओर से गठित होने वाली टीम को दिया गया है। इतना ही नहीं जिन कॉलेजों की धारण क्षमता (अधिक परीक्षार्थियों को बैठाने की क्षमता) अधिक है और उनका रिजल्ट उम्दा रहने के साथ ही पिछले वर्ष वह परीक्षा केंद्र बने थे, उन्हें इस बार फिर मौका मिल सकता है।


माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं कराने के लिए केंद्र निर्धारण नीति जारी हो चुकी है। बोर्ड ने भी 28 हजार से अधिक माध्यमिक कॉलेजों की आधारभूत सूचनाएं लेने के लिए वेबसाइट शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया पांच दिसंबर तक चलेगी। नीति में पहला ¨बदु कंप्यूटर के माध्यम से केंद्र निर्धारण होना है। वहीं, दूसरे व तीसरे ¨बदु में कहा कि कॉलेजों ने 28 अगस्त 2019 को जारी शासनादेश के अनुसार जो सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं उनमें यदि संशोधन है तो अपलोड करेंगे। यह दोनों ¨बदु इसलिए अहम हैं कि इस बार कॉलेजों में उपलब्ध संसाधन की जांच जिला विद्यालय निरीक्षक नहीं करेंगे, बल्कि इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी कालेज पहुंचेंगे।


जांच टीम की रिपोर्ट डीएम संबंधित जिले के डीआइओएस के माध्यम से अपलोड कराएंगे। यह उल्लेख इसीलिए किया गया है, क्योंकि पिछले वर्षो तक संसाधन होने व वेबसाइट पर दिखाने में अंतर रहता रहा है। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि सभी कॉलेजों को वेबसाइट पर सूचनाएं देना है।

यूपी बोर्ड के 100 वर्ष : मिशन गौरव पोर्टल पर होगी पूर्व छात्रों की गौरवगाथा

यूपी बोर्ड के 100 वर्ष : मिशन गौरव पोर्टल पर होगी पूर्व छात्रों की गौरवगाथा


 प्रयागराज : परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा यूपी बोर्ड अगले बरस 100 साल का होने जा रहा है। बोर्ड की जितनी लंबी उम्र, उससे भी लंबी उपलब्धियों की फेहरिश्त है। देश ही नहीं दुनिया भर में यहां से पढ़े शख्स आसानी से मिल जाएंगे, उनमें से कई सफलता के शिखर पर हैं। सबको छोड़िए उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री डा. दिनेश शर्मा खुद इसी बोर्ड के छात्र रहे हैं। शताब्दी वर्ष दस्तक देने जा रहा है इसलिए बोर्ड भी अपनी उपलब्धियों का गौरवगान करेगा।


संस्था की पताका पूर्व छात्र फहरा रहे हैं इसलिए सबसे पहले उन्हें मौका दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा के अफसरों ने मिशन गौरव नामक पोर्टल शुरू कर दिया है, जिस पर बोर्ड से संबद्ध कालेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रएं अपनी कामयाबी की कहानी बयां कर सकते हैं। विभाग का फोकस इसी पर है। इसके माध्यम से वह अपनी कमियों को भी देखेगा साथ ही और क्या-क्या बेहतर किया जा सकता है उनके सुझावों पर भी अमल करने का प्रयास करेगा।

आठ माह में होंगे विविध आयोजन

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की स्थापना सितंबर 1921 को हुई थी और पहली परीक्षा 1923 में कराई गई थी। इंटरमीडिएट एक्ट 1921 की पहली बैठक सितंबर में हुई, जो अप्रैल 1922 में लागू हुआ था। उसी तर्ज पर शताब्दी वर्ष भी अगले साल सितंबर 2021 से शुरू होकर अप्रैल 2022 तक बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी है। इसमें वैसे तो विविध आयोजन होंगे, स्कूल-कालेजों में जिस तरह शिक्षा और खेल पर जोर दिया जाता है उसी तरह से इनसे जुड़े कार्यक्रम कराए जाएंगे। लेकिन, संस्था को एक बार फिर देशभर में शोहरत मिले इसको ध्यान में कार्यक्रम तय किया जा रहा है।

भवन होगा लकदक

यूपी बोर्ड के शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार भी प्रयासरत है। लोक निर्माण विभाग ने परिषद के मुख्य भवन को चमकाने की योजना बनाई है। इसी साथ लंबे समय से संसाधनों की कमी से जूझ रहे संस्थान को बेहतर करने की भी तैयारी है।

पुराना एक्ट भी बदल रहा

शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने बोर्ड के एक्ट का पुनरीक्षण करने के लिए कई कमेटियां बनाई थी। उसमें यह देखा जा रहा है कि कौन नियम अब प्रासंगिक नहीं है और किनकी जरूरत है। इसका प्रस्ताव भी शुक्रवार को सौंपा गया है। कहा जा रहा है कि उसमें कुछ और बदलाव होने हैं।

Saturday, November 28, 2020

फतेहपुर : वार्षिक कार्ययोजना 2020-21 में कक्षा-शिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विकसित शिक्षक डायरी के वितरण एवं प्रयोग के सम्बन्ध दिशा-निर्देश जारी, देखें

फतेहपुर : वार्षिक कार्ययोजना 2020-21 में कक्षा-शिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विकसित शिक्षक डायरी के वितरण एवं प्रयोग के सम्बन्ध दिशा-निर्देश जारी, देखें।


फतेहपुर : राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा विकसित आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका एवं सहज पुस्तिकाओं के वितरण के सम्बन्ध में

फतेहपुर : राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा विकसित आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका एवं सहज पुस्तिकाओं के वितरण के सम्बन्ध में।

अब अगले साल ही सम्मानित किए जाएंगे पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मेधावी छात्र, ये रही वजह

अब अगले साल ही सम्मानित किए जाएंगे पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मेधावी छात्र, ये रही वजह


माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 के मेधावियों को अब अगले साल ही सम्मानित किया जाएगा। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी 2021 में ही सम्मानित किया जा सकेगा।


माध्यमिक शिक्षा विभाग हाई स्कूल और इंटर में प्रदेश और जिले में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया जाता है।  आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। वहीं, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक दिवस पर हर जिले में एक-एक शिक्षक को राज्य अध्यापक व राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने बताया कि शासन से सम्मान समारोह आयोजन की मंजूरी नहीं मिली है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण इस साल समारोह नहीं हो सकेगा। अगले साल ही उत्कृष्ट शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2020 में डेढ़ हजार से अधिक मेधावियों और 100 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया जाना था।

महराजगंज : शिक्षकों के जीपीएफ खातों से एक अरब की राशि डूबने का खतरा, गोरखपुर जनपद से अब तक नहीं हुआ ट्रांसफर

महराजगंज : शिक्षकों के जीपीएफ खातों से एक अरब की राशि डूबने का खतरा, गोरखपुर जनपद से अब तक नहीं हुआ ट्रांसफर


महराजगंज बेसिक शिक्षा विभाग के जीपीएफ खाते से शिक्षकों की कटौती के करीब एक अरब रुपये गायब हैं। इससे सेवानिवृत्ति की दहलीज पर पहुंचे शिक्षक परेशान हैं। पिछले साल रिटायर हुए कुछ शिक्षकों का अभी तक जीपीएफ का भुगतान नहीं हो पाया है।

गोरखपुर जिले से महराजगंज के अलग होने के समय महराजगंज के शिक्षकों के जीपीएफ का 12 करोड़ रुपया बेसिक शिक्षा विभाग को नहीं मिल पाया। वहीं पैसा अब ब्याज के साथ बढ़ कर करीब एक अरब हो गया है। जिले के बेसिक शिक्षा के जीपीएफ एकाउंट में पैसा ही नहीं है। इस वजह से शिक्षकों को अपनी कटौती से जमा धनराशि परही कर्ज नहीं मिल पा रहा है। 


प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह का कहना है कि गोरखपुर से बकाया जीपीएफ धनराशि नहीं आई तो शिक्षकों के भविष्य निधि की धनराशि के डूबने का खतरा उत्पन्न हो जाएगा।

शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्तियां अवैध होने के बाद भी दो साल से वेतन बांट रहा विभाग

शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्तियां अवैध होने के बाद भी दो साल से वेतन बांट रहा विभाग


लख़नऊ : कभी स्पष्टीकरण... कभी रिपोर्ट... कभी कोई आदेश लेकिन नतीजा सिफर। चूना 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेकिन कार्वाई के नाम पर सिर्फ हीलाहवाली...। 


मामला माध्यमिक शिक्षा के सहायता प्राप्त स्कूलों में नियम विरुद्ध तैनात शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति का है। अवैध नियुक्तिहोने के बाद भी विभाग दो साल से इन्हें वेतन बांट रहा है। वर्ष 2016 में मनमाने तरीके से हुई इन भर्तियों में सरकार ने तत्कालीन डीआईओएस-2 को वर्ष 2017 में निलम्बित भी किया लेकिन इन 103 शिक्षकों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई अभी तक नहीं हो पाई है। लखनऊ के डीआईओएस डॉ मुकेश सिंह ने निदेशक विनय पांडेय को पत्र लिख कर कहा है कि रिकवरी का प्रस्ताव भेजे हुए करीब चार महीने बीत चुके हैं लेकिन नियम विरुद्ध भर्ती शिक्षकों की सेवा समाप्ति से जुड़ा कोई आदेश अभी तक नहीं मिला है।


इससे पहले डीआईओएस ने जुलाई में एक पत्र भेज कर शासन को अवगत कराया था कि अब तक इन शिक्षकों को लगभग 16 करोड़ रुपये वेतन के रूप में दिया जा चुका है। छह महीने बीते चुके हैं लिहाजा यह रकम भी बढ़ चुकी है। ऐसे में सरकार इन शिक्षकों को फर्जी पाए जाने पर वेतन की रिकवरी कैसे कर पाएगी ? इन नियुक्तियों में ज्यादातर तत्कालीन डीआईओएस और प्रबंधकों के रिश्तेदार शामिल थे। ये पद मृत थे यानी अस्तित्वमें ही नहीं थे।


अपर मुख्य सचिव से इस मामले का पूरा विवरण मांग रहे हैं | दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस | -डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री

10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों से 03 दिसम्बर को संवाद करेंगे केंद्रीय शिक्षामंत्री निशंक

10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों से 03 दिसम्बर को संवाद करेंगे केंद्रीय शिक्षामंत्री निशंक


केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक तोन दिसंबर को सीबीएसई बोर्ड और प्रदेश शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों से संवाद करेंगे। कोविड-19 के चलते मध्य मार्च से बंद स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 पूरी तरह ऑनलाइन चल रहा है।


 नवंबर में फिर से कोरोना मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में केंद्रीय गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेशों के तहत परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा की जाएगी। शिक्षा मंत्री छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से तीन स्तर पर संवाद करेंगे। पहले तीन दिसंबर को छात्रों से बातचीत होगी। इसमें यदि कोई छात्र सवाल पूछना चाहता है तो वेबिनार में पूछ सकता है। 


इस वर्चुअल संवाद के बाद सभी बोर्ड परीक्षाओं की समीक्षा होगी। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के तहत परीक्षाओं के संचालन की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। सरकार की पूरी कोशिश है कि बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में किसी प्रकार की देरी न हो ताकि छात्रों का समय बेकार न जाए। इसके अलावा विदेशों में पढ़ाई करने बाले छात्रों को लेकर सरकार पूरी निगरानी रखेगी।

Friday, November 27, 2020

हाथरस : योगा एवं ICT आधारित कक्षा शिक्षण प्रतियोगिता के सम्बन्ध में

हाथरस : योगा एवं ICT आधारित कक्षा शिक्षण प्रतियोगिता के सम्बन्ध में



हाथरस : दिनाँक 28 नवम्बर को डायट प्राचार्य द्वारा प्रस्तावित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करने हेतु आदेश एवं एजेण्डा जारी, देखें

हाथरस : दिनाँक 28 नवम्बर को डायट प्राचार्य द्वारा प्रस्तावित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करने हेतु आदेश एवं एजेण्डा जारी, देखें


 

हाथरस : बीएलओ / सुपरवाइजर बने शिक्षक/शिक्षिकाओं के सीसीएल / मेडिकल अवकाश आवेदन के सम्बन्ध में

हाथरस : बीएलओ / सुपरवाइजर बने शिक्षक/शिक्षिकाओं के सीसीएल / मेडिकल अवकाश आवेदन के सम्बन्ध में



माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2021 की हाईस्कूल /इण्टरमीडिएट परीक्षाओं हेतु परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा कराये जाने हेतु नीति निर्धारण के सम्बन्ध में

माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2021 की हाईस्कूल /इण्टरमीडिएट परीक्षाओं हेतु परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा कराये जाने हेतु नीति निर्धारण के सम्बन्ध में।

यूपी बोर्ड : कोरोना के चलते परीक्षा केंद्रों की संख्या करीब दोगुनी होने के आसार, परीक्षा में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को स्वकेंद्र

यूपी बोर्ड परीक्षा अप्रैल से पहले संभव नहीं, नए कालेजों में संसाधन बड़ी चुनौती
 
प्रयागराज: यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए केंद्र फरवरी के पहले पखवारे में तय होंगे। उसी समय इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं भी होनी है। नीति जारी होने में देरी से केंद्र बनने में समय लगेगा। इससे अब अप्रैल के पहले परीक्षा शुरू हो पाने के आसार नहीं है। दिसंबर में कार्यक्रम पर मंथन जरूर शुरू हो रहा है।

परीक्षा में उन सभी बालिका विद्यालयों को अनिवार्य रूप से केंद्र बनाया जाएगा, जो केंद्र बनने की शर्ते पूरा करते हैं। इसमें पहले राजकीय फिर एडेड व अंत में वित्तविहीन विद्यालय का भेद नहीं होगा। यह क्रम सिर्फ बालक विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में देखा जाएगा। केंद्र बनने वाले बालिका विद्यालयों में बालक परीक्षार्थी आवंटित न किए जाएं, बल्कि पांच किमी की परिधि में आने वाले उन विद्यालयों की बालिकाओं को यहां परीक्षा देने का मौका दिया जाए, जो केंद्र नहीं बन सके हैं। 40 फीसद दिव्यांग छात्र-छात्रओं को यदि उनका विद्यालय केंद्र बना है तो स्वकेंद्र की सुविधा मिलेगी।

कोरोना संक्रमण ने केवल स्कूलों की पढ़ाई ही प्रभावित नहीं की है, बल्कि यूपी बोर्ड की अहम परीक्षा तक में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बोर्ड ने पिछले साल ही 50 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का इम्तिहान महज 7,786 केंद्रों पर कराकर रिकार्ड बनाया था। यह रिकार्ड इस वर्ष ही टूटने जा रहा है, क्योंकि परीक्षार्थियों के हित में शारीरिक दूरी का अनुपालन करने में केंद्रों की संख्या करीब दोगुनी होने के आसार हैं। केंद्र निर्धारण नीति जारी हो चुकी है और अब 28 हजार माध्यमिक कालेजों में से मानक वाले केंद्रों की तलाश शुरू होगी।

केंद्रों पर तय मानक के अनुरूप संसाधन हो और उनका पर्यवेक्षण आसानी से सके इसके लिए केंद्रों की संख्या कम करने की रणनीति बनी। हालांकि, हर बार की परीक्षा नीति में इसका उल्लेख रहता है कि पहले राजकीय फिर एडेड और अंत में वित्तविहीन कालेजों को अवसर दिया जाए। इसका सही से अनुपालन न होने से 2017 तक केंद्रों की संख्या अधिक रही। उसके बाद से लेकर पिछले वर्ष तक लगातार केंद्र कम होते गए। इस वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से 36 वर्ग फिट की दूरी रखनी है इसलिए केंद्रों की संख्या दोगुनी होने के आसार हैं, क्योंकि परीक्षार्थियों की संख्या पिछले वर्ष से कुछ कम है।

बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि हाईस्कूल परीक्षा 2021 के लिए 29 लाख 85 हजार 973 संस्थागत, 17 हजार 498 व्यक्तिगत सहित कुल 30 लाख तीन हजार 471 व इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 के लिए 24 लाख 97 हजार 541 संस्थागत व 73 हजार 69 व्यक्तिगत सहित 25 लाख 70 हजार 600 ने परीक्षा फार्म भरा है। हाईस्कूल व इंटर में 55 लाख 74 हजार 71 परीक्षार्थी हैं।


नए कालेजों में संसाधन बड़ी चुनौती

बोर्ड की परीक्षा में जिन नए कालेजों को केंद्र बनाया जाएगा। वहां वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा, रिकार्डिग के लिए डीवीआर होना जरूरी है। वेबकास्टिंग से मानीटरिंग किए जाने के लिए राउटर डिवाइस व हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन के साथ ही डीवीआर में रिकार्डिग क्षमता 30 दिनों की होना बड़ी चुनौती होगी।


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा-2021 की नीति के तहत 40 फीसद स्थायी दिव्यांग छात्र-छात्रओं को स्वकेंद्र मिलेगा। इसके लिए सीएमओ से प्रमाणित दिव्यांग प्रमाणपत्र देना होगा। स्वकेंद्र नहीं होने की दशा में करीबी स्कूल आवंटित होगा। यदि बालिका व दिव्यांग को पांच किलोमीटर की परिधि में केंद्र देना संभव न हो तो विकल्प सहित प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा निदेशक के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।


ग्रामीण क्षेत्रों में हाईस्कूल व इंटर की संस्थागत व व्यक्तिगत बालिकाओं को यदि उनके विद्यालय (अग्रसारण केंद्र) को ही परीक्षा केंद्र बनाया गया है तो उन्हें संबंधित विद्यालय स्वकेंद्र की सुविधा के तहत आवंटित हो। जहां स्वकेंद्र की सुविधा न दी जा सके वहां अधिकतम पांच किलोमीटर में ही परीक्षा देने का अवसर दिया जाए। जिन विद्यालयों को स्वकेंद्र बनाया जाएगा, वहां अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के साथ ही 50 प्रतिशत स्टाफ बाह्य कालेजों का भी रखा जाए।

न्यूनतम व अधिकतम का फॉर्मूला

नकल रोकने को राजकीय विद्यालयों में 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले न्यूनतम गुणांक के वित्तविहीन स्कूलें के परीक्षार्थियों का आवंटन होगा। इसी तरह से एडेड विद्यालयों में भी आवंटन होगा। वहीं, वित्तविहीन विद्यालयों में उच्च गुणांक वाले वित्तविहीन और न्यूनतम गुणांक वाले परीक्षार्थियों का आवंटन होगा।


यूपी में माध्यमिक से जुड़े 6 से 8वीं तक के स्कूल खोलने से प्रधानाचार्यों ने किया साफ इनकार

यूपी में माध्यमिक से जुड़े 6 से 8वीं तक के स्कूल खोलने से प्रधानाचार्यों ने किया साफ इनकार


यूपी बोर्ड के कक्षा 6 से 8वीं तक के स्कूलों को 15 दिसंबर से खोलने से प्रधानाचार्यों ने इनकार कर दिया है। प्रधानाचार्यों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को रिपोर्ट भेजकर कहा है कि 9 से 12 वीं तक स्कूल खुल रहे हैं। उसमें भी उपस्थित होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या काफी कम है। वहीं, अभी तक परिषदीय विद्यालय भी नहीं खुल सके हैं। प्रधानाचार्यों ने कहा है कि कोरोना के मामले दोबारा बढ़ने लगे हैं। ऐसे में 15 दिसंबर से जूनियर हाईस्कूल न खोले जाएं।


स्कूल खोलने के संबंध में बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने 24 नवंबर को सभी डीआईओएस को पत्र जारी कर फीडबैक मांगा था। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकांश कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने स्कूल न खोलने की डीआईओएस को रिपोर्ट सौंपी। डीआईओएस ने यह रिपोर्ट बोर्ड सचिव को सौंप दी। बोर्ड सचिव ने इस रिपोर्ट को शासन के पास भेज दिया है। ऐसे में अभी स्कूल खुलना संभव नहीं है। 


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को लिखे पत्र में अपेक्षा की थी कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से बात कर विद्यालय खोलने या न खोलने को लेकर उनकी राय जानी जाए। उसी क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक की तरफ से सभी स्कूलों से फोन पर संपर्क किया गया।


डीआईओएस ने बताया कि अनलॉक-5 की गाइडलाइन में कक्षा नौ से 12वीं तक के स्कूल खोलने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालय खोल भी दिए गए हैं। उनमें भौतिक रूप से अध्यापन कार्य किया जा रहा है। अब कक्षा छह से आठ तक के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से संपर्क कर उनकी राय ली गई लेकिन 70 प्रतिशत प्रधानाध्यापकों की राय है कि 15 दिसंबर से स्कूल न खोले जाएं। इसकी जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव को भेज दी गई है।


माध्यमिक के कक्षा 6 से 8 तक के स्कूलों के 70 फीसदी प्रधानाध्यापक नहीं चाहते स्कूल खुले

 प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों के 70 फीसद प्रधानाध्यापक विद्यालय खोलने को राजी नहीं हैं। उनका कहना है कि अभी परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। दोबारा कोरोना की लहर आती दिख रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल बुलाकर अध्यापन कार्य करना सुरक्षित नहीं है। सभी प्रधानाध्यापकों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर जरूरी है कि ऑनलाइन कक्षाएं ही चलती रहें। 


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखा था। उसमें अपेक्षा की थी कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से बात कर विद्यालय खोलने या न खोलने को लेकर उनकी राय जानी जाए। आगे शासन के निर्देशों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल सभी शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों को ऑनलाइन कक्षाओं को और बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके लिए सभी अभिभावकों से भी सहयोग मांगा जा रहा है।

पॉलीटेक्निक काउंसिलिंग का अंतिम चरण शुरू, चार दिसम्बर को आएगा परिणाम, पांच तक लेना होगा प्रवेश।

पॉलीटेक्निक काउंसिलिंग का अंतिम चरण शुरू, चार दिसम्बर को आएगा परिणाम, पांच तक लेना होगा प्रवेश।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद द्वारा हो रही पॉलीटेक्निक काउंसिलिंग का अंतिम चरण बुधवार से शुरू हुआ। गुरुवार को विकल्प भरने की अंतिम तिथि है। शुक्रवार को परिणाम आएगा और पांच दिसंबर को प्रवेश का अंतिम मौका होगा। इसी के साथ तीन महीने से चल रही प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।


इससे पहले नवें चरण की काउंसिलिंग के घोषित परिणाम में राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में 83 फीसद सीटें भर गई हैं। अनुदानित संस्थानों में मात्र 25 फीसद सीटें रिक्त बची हैं, जबकि निजी संस्थानों में अभी भी 60 फीसद सीटें रिक्त हैं। निजी संस्थानों में प्रवेश का अधिक अवसर देने के लिए 10वां चरण शुरू किया गया है। प्रवेश पर एक नजर डालें तो 150 सरकारी, 19 अनुदानित और 1,202 निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में कुल सीटें 2,39,155 हैं।

नवें चरण तक 1,18,883 पर प्रवेश हुआ है जबकि 1,20,272 सीटें रिक्त हैं। अंतिम चरण पांच दिसंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में सीटें भर पाएंगी कि नहीं, इस पर असमंजस बना हुआ है।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने पांच तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। ऐसे में यह काउंसिलिंग का अंतिम चरण है। इसके बाद रिक्त सीटों पर प्रवेश नहीं होगा। सरकारी व अनुदानित संस्थानों के साथ ही निजी संस्थानों की सीटें अंतिम चरण में भरने की संभावना है।
एसके वैश्य, सचिव, संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद




पॉलीटेक्निक में दाखिले के कॉउंसलिंग को बढ़ाकर किया 10 चरण तक।

लखनऊ : एआईसीटीई द्वारा दाखिला की तिथि बढ़ाने के बाद मिला एक और अवसर


पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए छात्रों को कॉउंसिलिंग में एक और अवसर दिया जाएगा। अब तक नौ चरण तक कॉउंसिलिंग कराने की घोषणा हुई थी, लेकिन एआईसीटीई द्वारा 5 दिसंबर तक दाखिला देने की अनुमति मिलने के बाद अब कॉउंसिलिंग 10 चरण तक होगी। अभी नौवें चरण की कॉउंसिलिंग जारी है। इस संबंध में सभी जानकारियां संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की वेबसाइट www.jeecup.nic.in पर उपलब्ध करा दी गई हैं।


परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि पहले एआईसीटीई द्वारा दाखिले की अंतिम तिथि 30 नवंबर निर्धारित थी। इससे पहले कॉउंसिलिंग खत्म करनी थी। इसलिए नौ चरणों तक कॉउंसिलिंग की घोषणा की गई थी। अब एआईसीटीई ने दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाकर पांच दिसंबर कर दी है। इसलिए कॉउंसिलिंग भी बढ़ाकर 10 चरण तक कर दी गई है। 10वें चरण के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 27 से 30 नवंबर तक चलेगी। जिन छात्रों को नौ चरण तक की कॉउंसिलिंग में दाखिला नहीं मिला है वे दो और तीन दिसंबर को पंजीकरण कराएंगे। इन्हीं तिथियों पर कॉलेज चयन किया जाएगा और चार को सीट आवंटन का परिणाम जारी होगा। 

छात्रों को पांच दिसंबर तक प्रमाणपत्र सत्यापन और फीस जमा कर दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर लेनी होगी। नौवें चरण के लिए सीट लॉक का आज अंतिम दिन
सचिव ने बताया कि नौवें चरण की कॉउंसिलिंग के लिए सीट लॉक करने की अंतिम तिथि 27 नवंबर है। सीट आवंटन का परिणाम 28 नवंबर को सुबह नौ बजे घोषित होगा। छात्रों को 28 से 30 नवंबर तक संस्थाओं में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आठवें चरण की कॉउंसिलिंग के बाद कुल 238849 सीटों के सापेक्ष 106685 सीटों पर प्रवेश हुआ है।

Thursday, November 26, 2020

फतेहपुर : यूपीटीटीआई में होगी स्वेटरों की जांच, शासन के निर्देश पर जनपद भर से लिये गए स्वेटरों के सैम्पल

फतेहपुर : यूपीटीटीआई में होगी स्वेटरों की जांच, शासन के निर्देश पर जनपद भर से लिये गए स्वेटरों के सैम्पल।

फतेहपुर : हुसैनगंज क्षेत्र से विधायक और प्रदेश सरकार में खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह की शिकायत के बाद परिषदीय विद्यालयों में वितरित किए गए स्वेटरों की पड़ताल शुरू हो गई है। जिले भर से स्वेटरों के सैंपल एकत्र कराए गए हैं और इन्हें जांच के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (यूपीटीटीआई) कानपुर भेजा है। स्वेटर की गुणवत्ता पर खुद राज्यमंत्री की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग और आपूर्ति संस्था में हड़कंप मचा है।


अमर उजाला ने 22 नवंबर को राज्यमंत्री की शिकायत को आधार बनाते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। डीएम ने इस मुद्दे पर खागा, फतेहपुर और बिंदकी तीनों उपजिलाधिकारियों से हर ब्लॉक से तीन-तीन स्वेटरों के सैंपल मंगवा लिए हैं। अब स्वेटरों की गुणवत्ता की जांच की जानी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र सिंह ने बताया कि मानक के मुताबिक स्वेटर एक्रेलिक के बने होने चाहिए। वहीं, इस मसले पर जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि सभी ब्लॉकों से स्वेटरों के नमूने लेकर उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (यूपीटीटीआई) कानपुर में भेजे गए हैं। वहां की लैब रिपोर्ट आते ही शासन को भेजी जाएगी। डीएम ने बताया कि लैब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वेटरों की क्वालिटी यदि घटिया निकली तो आपूर्ति करने वाली संस्था और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर परिषदीय स्कूलों में वितरित किए गए स्वेटरों की गुणवत्ता घटिया होने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री को खराब गुणवत्ता वाले स्वेटरों के नमूने भी दिए थे। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन ने जिला प्रशासन को इस विषय की जांच कराने के निर्देश दिए थे।


आस्था ट्रेडर्स रायबरेली से खरीदे गए स्वेटर

फतेहपुर :  बेसिक शिक्षा विभाग ने दो लाख 44 हजार 282 स्वेटरों की खरीद की थी। चार साइजों में आस्था ट्रेडर्स रायबरेली से 174 रुपये 90 पैसे प्रति स्वेटर की कीमत दर से खरीदे गए स्वेटरों का वितरण भी लगभग पूरा हो चुका है आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठान ने जेम पोर्टल के माध्य से टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ब्लॉकवार छात्र संख्या के आधार पर स्वेटरों की आपूर्ति की है। कक्षा एक और दो के लिए स्माल साइज, कक्षा तीन और चार के लिए मीडियम साइज, कक्षा पांच और छह के लिए एक्स टू साइज और डबल एक्स टू साइज के स्वेटर खरीदे गए थे।