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Friday, May 14, 2021

एलटी ग्रेड, प्रवक्ता शिक्षकों को वेतन जारी करने का निर्देश

एलटी ग्रेड, प्रवक्ता शिक्षकों को वेतन जारी करने का निर्देश


प्रयागराज । प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों (पुरुष, महिला) में नवनियुक्त एलटी ग्रेड एवं प्रवक्ता शिक्षकों को वेतन जारी करने का आदेश अपर निदेशक (राजकीय) ने दिया।

 प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र में अपर शिक्षा निदेशक डॉ. अंजना गोयल ने कहा है कि इन शिक्षकों के मार्च एवं अग्रेतर माह के वेतन का भुगतान उनसे शपथ पत्र लेकर जारी कर दिया जाए। 


अपर निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि नवनियुक्त शिक्षकों को होली से पहले वेतन भुगतान का निर्देश अपर मुख्य सचिव माध्यमिक ने दिया था।

Monday, May 10, 2021

फतेहपुर : छह महीने से वेतन के लिए भटक रहे 475 शिक्षक, गैर जिलों से आए 200 शिक्षकों को भी नहीं मिला वेतन

फतेहपुर : छह महीने से वेतन के लिए भटक रहे 475 शिक्षक, गैर जिलों से आए 200 शिक्षकों को भी नहीं मिला वेतन


फतेहपुर :  बेसिक शिक्षा विभाग में वेतन को लेकर मारामारी है। छह महीने पहले नियुक्त 475 शिक्षकों के अभी तक वेतन नहीं मिला है। ये शिक्षक वेतन न मिलने के कारण आर्थिक तंगी के शिकार हैं। इनके साथ नियुक्त अन्य जिलों के शिक्षकों को वेतन भुगतान किया जा चुका है।


प्रदेश के पिछड़े जिलों में शुमार और सूची में सातवें स्थान पर दर्ज जिले शिक्षा का स्तर मजबूत करने के लिए शासन ने पूरा जोर लगा रखा है। जिले के 26503 स्कूलों में सृजित शत प्रतिशत पद भरने के लिए शासन पूरा प्रयास कर रहा है। इसके तहत नवंबर 2020 में जिले के प्राथमिक स्कूलों के 475 सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई थी। पूरे छह महीने गुजर गए, लेकिन इन्हे वेतन के नाम पर एक धेला नहीं मिला है। ऐसे में ये शिक्षक आर्थिक तंगी के शिकार हैं। इन्हें स्कूल तक पहुंचने के लिए मोटरसाइकिल में पेट्रोल भराने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। खास बात तो यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग में शैक्षिक मूल अभिलेखों का ऑनलाइन सत्यापन कराकर वेतन भुगतान कराने का प्रावधान है। इस लंबी अवधि में विभाग इन शिक्षकों के अभिलेखों का ऑनलाइन सत्यापन कराने में असफल रहा है।

बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जिले में नवनियुक्त तीन बीईओ को शिक्षकों के अभिलेखों का ऑनलाइन सत्यापन कराने के लिए लगाया गया है। सत्यापन का काम पूरा होने पर वेतन जारी कर दिया जाएगा। ऑफलाइन सत्यापन पूरा होने पर बकाए वेतन के एरियर का भुगतान किया जाएगा।

गैर जिलों से आए 200 शिक्षकों को भी नहीं मिला वेतन

अंतरजनपदीय तबादले पर आए दो सौ शिक्षक भी तीन महीने से वेतन के लिए भटक रहे हैं। इनके साथ आए 175 शिक्षकों को विभाग ने वेतन जारी कर दिया है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जिन शिक्षकों का ब्योरा उनके जिलों से आ चुका है, उन्हें वेतन भुगतान कर दिया गया है। जिनका ब्यौरा प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें वेतन भुगतान नहीं किया गया है।

प्रयागराज : कोरोना संक्रमित शिक्षकों ने दिया प्रत्यावेदन, राहत के आसार, संगठन ने केवल बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का किया विरोध

प्रयागराज : कोरोना संक्रमित शिक्षकों ने दिया प्रत्यावेदन, राहत के आसार, संगठन ने केवल बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का किया विरोध


कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमित शिक्षकों को वेतन जारी करने के मकसद से बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने रविवार को ऐसे शिक्षकों से प्रत्यावेदन लिया। तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर अपनी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट और दूसरी जांच के लिए दिए सैंपल आदि साक्ष्य के साथ आवेदन पत्र सौंपा।


प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने भी बीएसए को 23 शिक्षकों की सूची भेजते हुए वेतन जारी करने की मांग की है। शिक्षकों का वेतन रोकने की निंदा करते हुए कहा है कि कोरोना की रोकथाम में सिर्फ परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई जबकि अन्य संवर्ग के शिक्षकों व कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगनी चाहिए।


प्रयागराज:- इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल रूम (आई. ट्रिपलसी) में अनुपस्थित पाए गए जिन शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन रोका गया है, उनमें सी कई शिक्षकों को राहत मिलने के आसार हैं। ड्यूटी पर तैनात तमाम शिक्षक खुद संक्रमित हो गए थे और इसी वजह से वे ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने ऐसे शिक्षकों से कोविड पॉजिटिव होने के प्रमाण सहित उनसे प्रत्यावेदन लिए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से भी कई शिक्षकों के नाम बीएसए को दिए गए हैं।

कोविड संक्रमित जो मरीज होम आइसालेशन में हैं, उनका हालचाल जानने के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी आई. ट्रिपलसी में लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान आई. ट्रिपलसी में 92 शिक्षक अनुपस्थित मिले, जिनका अप्रैल माह 2021 का वेतन रोक लिया गया, जबकि इनमें से तमाम शिक्षक खुद कोविड से संक्रमित हो गए थे और इसी वजह से ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। शिक्षकों का कहना है कि संक्रमित कर्मचारियों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 28 दिनों की छुट्टी दिए जाने का सरकारी नियम है, लेकिन शिक्षा विभाग ने इस नियम की अनदेखी की।


Sunday, May 9, 2021

कोविड ड्यूटी के दौरान कई शिक्षक संक्रमित और अब वेतन भी बाधित

कोविड ड्यूटी के दौरान कई शिक्षक संक्रमित और अब वेतन भी बाधित



प्रयागराज : कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की कुशलता जानने के लिए इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल रूम (आई. ट्रिपलसी) में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें से 92 शिक्षक ड्यूटी से नदारद मिल हैं, जिनका अप्रैल माह का वेतन रोक लिया गया है। हालांकि शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से शिक्षकों में रोष है, क्योंकि इनमें से तमाम शिक्षक खुद कोविड संक्रमण का शिकार हो गए थे और इसी वजह से वे आई. ट्रिपलसी में ड्यूटी करने नहीं पहुंच सके।



शिक्षकों को ड्यूटी दी गई थी कि वे फोन के माध्यम से उन रोगियों के स्वास्थ्य की कुशलता पूछते रहें, जो कोविड संक्रमण के कारण होम आइसोलेशन में हैं। शिक्षक ड्यूटी पर आ रहे हैं या नहीं, इसके लिए आई. ट्रिपलसी का निरीक्षण कराया गया, जिसमें 92 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। ऐसे शिक्षकों को अप्रैल माह 2021 का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।


इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने कार्यालय आदेश भी जारी कर दिया है। उधर, शिक्षक में इस कार्रवाई से रोष है। उनका कहना है कि शिक्षकों ने जान हथेली पर लेकर अपनी ड्यूटी की । धनूपुर के सुरजीत गौतम, अनिल कुमार, संजय कुमार, फूलपुर के अंकित कुमार, उग्रसेन सिंह तोमर, शंकरगढ़ के शिवम मिश्र, सुरेंद्र कुमार समेत तमाम शिक्षक कोविड संक्रमण की चपेट में आ गए। शिक्षकों का आरोप है कि उनके प्रति सहानुभूति दिखाने की बजाय उनका वेतन रोकना अन्याय है।


संक्रमित शिक्षकों को नहीं मिल रहा स्वास्थ्य लाभ का समय

प्रयागराज : कोरोना पर नियंत्रण के लिए परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को भी जिम्मेदारी दी गई है। वह कोविड कंट्रोल रूम में ड्यूटी दे रहे हैं। पिछले दिनों कई शिक्षक ड्यूटी के दौरान संक्रमित हो गए थे। वे सभी आइसोलेशन में थे तभी दोबारा ड्यूटी पर बुलाया जाने लगा। शासन का निर्देश है कि 28 दिन बाद ही स्वस्थ होने पर ड्यूटी के लिए किसी कर्मचारी को बुलाया जाए।


पीड़ित शिक्षक उमाशंकर यादव का कहना है कि कमजोरी व अन्य समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। डॉक्टर ने सावधानी बरतने व आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी है। 92 अध्यापकों का अप्रैल का वेतन भी रोक दिया गया है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के जिला संयुक्त मंत्री अफरोज अहमद ने बताया कि इस प्रकरण में बीएसए से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि संक्रमण के शिकार अध्यापक साक्ष्य के साथ प्रत्यावेदन दें तो उनका वेतन अवमुक्त कर दिया जाएगा। अजय सिंह ने भी इसका समर्थन किया है।

Saturday, May 8, 2021

वेतन न मिलने से इलाज नहीं करवा पा रहे अंतर्जनपदीय व नवनियुक्त बेसिक शिक्षक

वेतन न मिलने से इलाज नहीं करवा पा रहे अंतर्जनपदीय व नवनियुक्त बेसिक शिक्षक


बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में नवनियुक्त और तबादला पाये शिक्षकों को पिछले तीन माह से अधिकारियों की लापरवाही से वेतन नहीं मिल पाया है। इस स्थिति में कोरोना संक्रमण व अन्य बीमारियों की चपेट में आये शिक्षक अपना इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। इस संबंश में शिक्षक संगठनों की ओर से मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को अधिकारियों की ओर से लापरवाही कि लिखित शिकायत भेजी गयी है। राष्ट्रीय शैक्षिक संघ लखनऊ मंडल की ओर से मांग करते हुए कहा गया कि शिक्षकों को वेतन तत्काल जारी कराया जाये, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और महिला शिक्षक संघ की ओर से भी तत्काल वेतन भुगतान कराये जाने
की मांग की गयी है।


सत्यापन न होने से शिक्षकों का अधर में लटका वेतन

यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन यूटा की ने भी नवनियुक्त शिक्षकों के अभिलेखों की जांच में देरी पर बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी और अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार को ज्ञापन भेजा है। इसके साथ ही महानिदेशक भी पत्र लिखा है। यूटा के प्रदेश
अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा कि 69 हजार भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पाये शिक्षकों के अभिलेखों के सत्यापन की मांग की गयी है ताकि समय से वेतन मिल सके।


एलपीसी आने के बाद भी वेतन नहीं
इस संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक संगठन की कार्यकारी अध्यक्ष रीना त्रिपाठी का कहना है कि शिक्षकों के एलपीसी आने | के बाद भी वेतन नहीं किया रहा है, इससे परेशानी हो रही है।


वेतन न जारी करना गलत
इस संबंध में महिला शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्या कहती है कि शिक्षकों का वेतन भुगतान न किया जाना गलत है, अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।


अधिकारी ध्यान दें
इस संबंध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री खुश्तर रहमान कहते है कि पाये शिक्षको को शिक्षको सारा काम पूरा हो चुका है, वहीं नवनियुक्त शिक्षकों को जिनका सत्यापन पूरा हो चुका है वेतन दिया जाना चाहिए, अधिकारी लापरवाही न करें।


परेशानी में हैं शिक्षक
इस संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडलीय अध्यक्ष आदेश तत्काल जारी किया जाना चाहिए, ताकि कोरोना संक्रमण काल में परेशानी से जूझ रहे शिक्षकों को राहत मिल सके।



शिक्षकों के वेतन संबंधी जो भी परेशानी है उसे तत्काल निपटाया जायेगा, इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश भी जारी किए गये है। - पीएन सिंह, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक

Thursday, May 6, 2021

सत्यापन के फेर में अटका 69000 नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन

सत्यापन के फेर में अटका 69000 नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन


गोरखपुर। जिले में तैनात 537 शिक्षकों का वेतन दस्तावेज के सत्यापन और कोविड महामारी के चलते अटक गया है। संबंधित बोर्ड से हाईस्कूल से लेकर उच्च शिक्षा हासिल करने वाले विश्वविद्यालयों से अंकपत्रों और प्रमाणपत्रों की सुस्त प्रक्रिया के चलते बमुश्किल अभी 610 शिक्षकों के सत्यापन कार्य को ही पूरा किया जा सका है। शेष शिक्षकों को सत्यापन प्रक्रियाधीन है। कई दफा इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित बोर्ड या विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया है, मगर मामला जस का तस है।


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री श्रीधर मिश्रा ने बताया कि संघ की ओर से वेतन भुगतान को लेकर सत्यापन में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है। आसपास के जिलों से सत्यापन कार्य को पूरा करा लिया गया है, मगर मगध विश्वविद्यालय समेत अन्य बाहरी विवि से सत्यापन कार्य पूरा होने में समय लग जा रहा है। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि सत्यापन कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित बोर्ड या विश्वविद्यालय से पत्राचार कराया गया है। आसपास के जनपद का मामला होने पर सत्यापन के लिए कर्मचारी तक को भेज दिया जाता है। ज्यादा दूरी की वजह से पत्राचार पर ही पूरी व्यवस्था टिकी है ।

Wednesday, May 5, 2021

अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों को तीन महीने से वेतन का इंतजार

अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों को तीन महीने से वेतन का इंतजार


प्रयागराज : अंतर जनपदीय तबादले से जिले में आए लगभग 700 परिषदीय शिक्षकों को तीन महीने बाद भी वेतन का इंतजार है। 31 दिसंबर को हुए ट्रांसफर के बाद शिक्षकों को उनके नए स्थानांतरित जिलों में एक और दो फरवरी को कार्यमुक्त करके 4 फरवरी को पदस्थापित किया गया।


तीन महीने बीतने के बाद भी अंतर्जनपदीय और पारस्परिक स्थानांतरण से आए शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जा सका है। इन स्थानांतरित शिक्षकों की सेवा पुस्तिका और एलपीसी 12 फरवरी को ही भेजे जाने का निर्देश हुआ था।


लेकिन तीन बार सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और शिक्षा निदेशक के आदेश के बाद भी भुगतान प्रारम्भ नहीं किया जा सका है। स्थानांतरण से आए शिक्षक सुधेश पांडेय का कहना है कि वेतन भुगतान न होने से शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


शिक्षकों के लोन, बच्चों की फीस आदि बहुत से खर्चें हैं जो वेतन न मिलने के कारण बाधित हैं और संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। शिक्षक विवेकानंद ने कहा कि विभाग को शिक्षकों की समस्या पर गंभीरता से विचार करते हुए तुरन्त वेतन भुगतान करना चाहिए। शिक्षक हरिशंकर ओझा, राजेन्द्र प्रसाद, प्रशांत मिश्रा, आशुतोष शुक्ला, संजीव त्रिपाठी, राकेश विश्वकर्मा, शेषमणि शुक्ला, विनीत जायसवाल, भावना श्रीवास्तव, नेहा मिश्रा, नीलम चौधरी ने बीएसए से वेतन भुगतान की मांग की है।

Saturday, May 1, 2021

बीएसए ऑफिस में पड़ीं सेवा पुस्तिकाएं, वेतन को चक्कर काट रहे शिक्षक

बीएसए ऑफिस में पड़ीं सेवा पुस्तिकाएं, वेतन को चक्कर काट रहे शिक्षक


झांसी। बाहरी जिलों से तबादला कराकर अपने गृह जनपद झांसी आना शिक्षकों को भारी पड़ रहा है। अपने गृह जिले में नौकरी तो कर रहे हैं, लेकिन बाबुओं की मनमानी के चलते उनको वेतन नहीं मिल पा रहा है। जिले में अंतरजनपदीय तबादलों के तहत आए 318 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं दफ्तर में धूल फांक रही हैं। जबकि शिक्षक वेतन के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। शिक्षकों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा फरवरी माह में शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले किए गए थे। इस दौरान जिले में 318 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण किया। इनको विद्यालय भी आवंटित कर दिए गए। शिक्षकों ने स्कूलों में पढ़ाना शुरू कर दिया। जब वेतन की बात आई, तो कहा गया कि जिन जिलों से शिक्षक आए हैं, वहां से सेवा पुस्तिकाएं नहीं मिली हैं। मार्च के अंत तक सेवा पुस्तिकाएं बीएसए कार्यालय में पहुंच गईं, लेकिन बाबुओं ने सेवा पुस्तिकाओं को ब्लॉक पर नहीं भेजा है। ऐसे में शिक्षक वेतन के लिए चक्कर काट रहे हैं। 


कोरोना काल में स्कूल बंद हैं, लेकिन वेतन न मिलने से शिक्षकों के आगे संकट खड़ा हो गया है। इनमें तमाम शिक्षक ऐसे हैं, जिनको चुनावी ड्यूटी के लिए भेजा गया था और वे संक्रमित हो गए हैं। एक ओर इलाज का खर्च और दूसरी ओर वेतन का भुगतान न होने से शिक्षकों के आगे समस्या खड़ी हो गई है। शिक्षक राजेश कुमार कहते हैं कि विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वेतन नहीं मिला है। 


शिक्षिका रचना कहती हैं कि वेतन न मिलने से दिक्कत हो रही है। गृह जिले में नौकरी तो मिल गई, लेकिन वेतन का भुगतान नहीं हो रहा। बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम कहते हैं कि अंतर्जनपदीय तबादलों के तहत आए शिक्षक कई माह से विना वेतन के काम कर रहे हैं। शिक्षकों को कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही शोषण बंद नहीं हुआ, तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।


सेवा पुस्तिकाओं को ब्लॉक पर भेज दिया गया है। संक्रमण के दौर में चार ब्लॉक के बीईओ का स्वास्थ्य खराब चल रहा है। ऐसे में काम प्रभावित हो रहा है। जल्द ही शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया जाएगा।- हरिवंश कुमार, बीएसए

पीलीभीत : मार्च का वेतन अटका

पीलीभीत : मार्च का वेतन अटका


पीलीभीत। आपदा के इस दौर में भी बेसिक शिक्षा विभाग के छह ब्लॉकों के 2500 से अधिक शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों को मार्च का वेतन नहीं मिल सका है। इससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। एक कर्मचारी ने तो सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार के बीमार होने का हवाला देकर डीएम से वेतन दिलाने की गुहार लगाई है।


बेसिक शिक्षा विभाग में शासन के निर्देश के बाद भी समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है। कोरोनाकाल के दौर में भी सात ब्लॉकों में से छह ब्लॉकों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों को माह भर बाद भी मार्च का वेतन नहीं मिल सका है।


बताते हैं कि शिक्षकों को अब पेरोल मॉड्यूल के माध्यम से वेतन दिया जाना है। विभाग ने मार्च का भी वेतन पेरोल मॉड्यूल के माध्यम से रणनीति बनाई। विभाग इसमें जुटा हुआ था कि इस बीच 17 अप्रैल को प्रभारी वित्त एवं लेखाधिकारी कोरोना संक्रमित हो गए।


हालत बिगड़ने पर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसे में वेतन की प्रक्रिया जहां की तहां ठप हो गई। इस बीच वित्त एवं लेखाधिकारी का चार्ज किसी अन्य लेखाधिकारी को देने के लिए भी फाइल दौड़ाई गई, मगर नतीजा सिफर ही रहा।


कई शिक्षक और उनके परिवार वाले संक्रमित होकर घरों में क्वांरटीन हैं, ऐसे में उन्हें पैसों की भी दरकार है, मगर वेतन न मिलने से समुचित इलाज भी नहीं करवा पा रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को जब लेखाधिकारी कार्यालय संपर्क किया गया तो बताया गया कि नगर क्षेत्र पीलीभीत और बीसलपुर, अमरिया के 100 तथा बिलसंडा ब्लॉक के सभी 440 शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का मार्च का वेतन दिया जा चुका है।


प्रभारी लेखाधिकारी भी शुक्रवार को डिस्चार्ज होकर शुक्रवार को घर आ चुके हैं। मतगणना के बाद शेष बचे सभी छह ब्लॉकों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को जल्द वेतन देने के प्रयास किए जाएंगे। इधर बरखेड़ा ब्लाक के एक शिक्षणेत्तर कर्मचारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्वयं व पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए डीएम से वेतन दिलाने की मांग की है।


प्रभारी वित्त एवं लेखाधिकारी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण छह ब्लॉकों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन निर्गत नहीं किया जा सका। लेखाधिकारी स्वस्थ हो चुके हैं। सोमवार तक वेतन निर्गत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- चंद्रकेश सिंह, बीएसए

Sunday, April 25, 2021

छह माह बाद 69000 भर्ती शिक्षकों को वेतन भुगतान की जगी उम्मीद

छह माह बाद 69000 भर्ती शिक्षकों को वेतन भुगतान की जगी उम्मीद

वेतन का इंतजार कर रहे यूपी के प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की जागी उम्मीद, ऑनलाइन सत्यापन शुरू


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69000 भर्ती में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को अब वेतन भुगतान की उम्मीद जगी है। दूसरे जिलों में तैनाती पाने वाले शिक्षक छह माह से वेतन की राह देख रहे थे, कई आर्थिक तंगी से परेशान थे। अंतर जिला तबादले पर मनचाहे जिलों में तैनाती पाने वाले शिक्षकों को भी भुगतान नहीं मिल रहा है। विभागीय मंत्री की सख्ती से बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने ऑनलाइन सत्यापन शुरू किया है। अगले माह वेतन मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 69000 शिक्षकों की तैनाती जिलों के पिछड़े क्षेत्रों में की गई है। अक्टूबर 2020 में की अधिकांश जिलों में नवनियुक्त शिक्षकों को स्कूल आवंटित हुए थे। शिक्षकों का वेतन भुगतान अभिलेखों के सत्यापन के बाद होने के निर्देश हैं। ऐसे में कोरोना महामारी उन्हें भुगतान नहीं मिल सका है। इससे नवनियुक्त शिक्षक बहुत परेशान थे, वजह कई जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी कोरोना से संक्रमित हो गए तो शिक्षकों का सभी शैक्षिक संस्थानों सत्यापन होने के बाद भी वेतन आदेश जारी नहीं हुआ। 


शिक्षक यह मांग कर रहे थे कि शासन जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से वेतन भुगतान कराए व जिनका पूर्ण सत्यापन नहीं हुआ हैं उनके दो सत्यापन के आधार पर वेतन जारी किया जाए। इसी तरह से अंतर जिला स्थानांतरण के तहत अपने गृह या पड़ोसी जिले में आए अध्यापकों का भी वेतन भुगतान तीन महीने से इंतजार है। सभी शिक्षकों के आवश्यक प्रपत्र लेखा कार्यालयों में भी पहुंच चुके हैं लेकिन वे ब्लाकों को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। 


उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि इससे वेतन बनाने में असुविधा हो रही है। इसका विभागीय मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने संज्ञान लेकर भुगतान जल्द कराने के आदेश दिए हैं। वहीं, परिषद सचिव ने ऑनलाइन सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।

Tuesday, April 20, 2021

लापरवाही : अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों को तीन माह से नहीं मिल सका वेतन

लापरवाही : अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों को तीन माह से नहीं मिल सका वेतन


प्रयागराज : अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत आए अध्यापकों का वेतन भुगतान तीन महीने से बाधित है। इसकी वजह से उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कोरोना काल में यह स्थिति और भी गंभीर हो रही है। खास बात यह कि सभी शिक्षकों के आवश्यक प्रपत्र लेखा कार्यालय में भी पहुंच चुके हैं लेकिन ब्लॉकों को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।


शिक्षक नेता ब्रजेन्द्र सिंह ने बताया कि विकासखंड में शिक्षकों के प्रपत्र न पहुंचने से वेतन बनाने में असुविधा हो रही है। कुछ बिल प्रभारियों का यह कहना है कि वेतन लगाने के लिए सíवस बुक भी होनी चाहिए क्योंकि कुछ लोग डिमोशन लेकर आए होंगे। ऐसे में शिक्षकों के एलपीसी (लास्ट पेमेंट सर्टीफिकेट) में नोट अवश्य लिखा गया होगा। नहीं भी लिखा हो तो अध्यापकों से इस संबंध में लिखित लेकर वेतन भुगतान कराएं। बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने कहा कि एक दो दिन में सभी आवश्यक प्रपत्र विकसखंड मे भेजवा दिए जाएंगे। वेतन भुगतान संबंधी प्रक्रिया भी शुरू करा दी जाएगी।

Tuesday, April 13, 2021

नहीं लगवाई वैक्सीन तो रोका जाएगा वेतन, बांदा बीएसए का निर्देश

नहीं लगवाई वैक्सीन तो रोका जाएगा वेतन, बांदा बीएसए का निर्देश


बांदा। कोविड टीकाकरण अभियान में रुचि न लेने वाले परिषदीय स्कूलों के अध्यापकों का वेतन काटा जाएगा। जिले में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 1700 शिक्षक हैं। बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने बतायाकि उपरोक्त श्रेणी के अध्यापकों को वेतन तभी मिलेगा जब वह वैक्सीन लगवा लेंगे। प्रमाणपत्र जमा करेंगे। टीकाकरण न कराने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। 


उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी शिक्षक का वेतन नहीं रोका गया है। बीएसए ने सोमवार को खुद टीका लगवाया। एबीएसए जगत राजपूत ने भी टीका लगवाया है।

पे रोल मॉड्यूल के चलते परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को नहीं मिला मार्च का वेतन, पूर्व की व्यवस्था के तहत वेतन जारी करने की मांग

पे रोल मॉड्यूल के चलते परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को नहीं मिला मार्च का वेतन, पूर्व की व्यवस्था के तहत वेतन जारी करने की मांग


लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के लगभग 5.5 लाख शिक्षकों व कर्मचारियों का मार्च का वेतन नहीं मिला है। वेतन मानव संपदा पोर्टल के पैरोल मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाना है। मगर इसका कार्य पूरा न होने से शिक्षकों का वेतन फंस गया है। 


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्तातक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री से मांग की है कि पूर्व को व्यवस्था के तहत शिक्षकों को मार्च का वेतन जारी किया जाए। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय सिंह और महामंत्री आशुतोष मिश्र ने बताया कि 31 मार्च तक का भुगतान हो जाना चाहिए था। लेकिन प्रदेश के 866 ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा मानव संपदा पोर्टल के पेरोल मॉड्यूल का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इससे वेतन नहीं मिल सका है।



Wednesday, March 31, 2021

अब बेसिक शिक्षकों व कर्मियों को वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, मानव सम्पदा पे रोल से मिलेगा वेतन

अब बेसिक शिक्षकों व कर्मियों को वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, मानव सम्पदा पे रोल से मिलेगा वेतन


प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों को जल्द ही मानव सम्पदा पोर्टल के जरिए वेतन भुगतान किया जाएगा। समय-समय पर वेतन में होने वाली वृद्धि और महंगाई भत्ता जुड़वाने के लिए भी उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अनायास आफिसों का चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी। अभी इसकी शुरुआत सिर्फ लखनऊ में बख्शी का तालाब ब्लॉक में होने जा रही है।


स्कूल शिक्षा महानिदेशक की तरफ से जारी पत्र में बताया गया है कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणोतर कर्मचारियों के वेतन भुगतान के बिल अभी ब्लॉक स्तर पर बनाए जाते हैं। इसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन होता है। इसमें लंबा समय लगता है। वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए भी वित्त एवं लेखा अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे मुक्ति दिलाने के लिए ही नई व्यवस्था शुरू करने की कवायद चल रही है। अब वेतन बिल बनाने में छुट्टियों का भी घालमेल नहीं होगा। इसकी वजह यह कि शिक्षकों की अवकाश स्वीकृति भी मानव संपदा पोर्टल के जरिए होती है।

Saturday, March 27, 2021

वित्तीय वर्ष 2020-21 में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कार्यरत अधिकारियों / कर्मचारियों/ शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मार्च 2021 माह का वेतन भुगतान/ मानदेय होली के पूर्व कराये जाने के सम्बन्ध में

नवनियुक्त एलटी ग्रेड शिक्षकों और प्रवक्ताओं को होली के पहले वेतन

वित्तीय वर्ष 2020-21 में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कार्यरत अधिकारियों / कर्मचारियों/ शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मार्च 2021 माह का वेतन भुगतान/ मानदेय होली के पूर्व कराये जाने के सम्बन्ध में



शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड, प्रवक्ता संवर्ग के पदों पर लोक सेवा आयोग से चयनित एवं नवनियुक्त शिक्षकों का होली से पहले वेतन भुगतान का निर्देश दिया है। निदेशक माध्यमिक के निर्देश पर अपर शिक्षा निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेेजे गए पत्र में कहा गया कि जिन शिक्षकों के सभी अंकपत्र, प्रमाणपत्र का सत्यापन संबंधित दस्तावेज बोर्ड से उनके कार्यालय को मिल गया है, उनका वेतन तत्काल कराएं। जिन शिक्षकों का सत्यापन अधूरा है, उसे पूरा करके नियमानुसार वेतन भुगतान कराएं। 


अपर निदेशक राजकीय ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों से निर्धारित प्रारूप पर शपथपत्र लेकर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा के निर्देश पर होली से पहले वेतन भुगतान कराएं। जिला विद्यालय निरीक्षक 27 मार्च तक अपर निदेशक राजकीय के कार्यालय को रिपोर्ट दें कि किसी नवनियुक्त शिक्षक का वेतन भुगतान शेष नहीं रह गया है। शपथपत्र में शिक्षकों से कहा गया कि वह शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन में विसंगति पर भुगतान की गई राशि राजकोष में जमा कर देंगे। सत्यापन गलत पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा।


अधीनस्थ सेवा से चयनित 25 एलटी ग्रेड शिक्षकों को वेतन जारी
शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड पद पर अधीनस्थ चयन बोर्ड से चयनित 25 शिक्षकों को वेतन भुगतान का आदेश जारी किया है। अपर निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल की ओर से 25 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि एलटी ग्रेड शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के बाद उनके वेतन भुगतान किया जा रहा है।

Friday, March 26, 2021

माध्यमिक शिक्षकों को होली से पहले माह फरवरी का वेतन भुगतान करने का आदेश

माध्यमिक शिक्षकों को होली से पहले माह फरवरी का वेतन भुगतान करने का आदेश


प्रयागराज : प्रदेश के माध्यमिक कालेजों में तैनात शिक्षक व अन्य स्टाफ को होली से पहले वेतन भुगतान करने के आदेश हुए हैं। वित्त नियंत्रक माध्यमिक बीआर प्रसाद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षक व जिलों में तैनात वित्त एवं लेखाधिकारियों को आदेश दिया है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है और होली भी है। 


जिलों में अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों व राजकीय कालेजों में तैनात शिक्षक व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को फरवरी का वेतन भुगतान हर हाल में होली के पहले करा दें। साथ ही इसकी सूचना 27 मार्च को निदेशालय भी ईमेल पर भेजें।

Wednesday, March 24, 2021

अंतर्जनपदीय तबादला लेने वाले शिक्षकों - शिक्षिकाओं की होली रहेगी फीकी, त्यौहार पर वेतन मिलना मुश्किल

अंतर्जनपदीय तबादला लेने वाले शिक्षकों-शिक्षिकाओं की होली रहेगी फीकी, त्यौहार पर वेतन मिलना मुश्किल


इस बार अंतर्जनपदीय तबादला लेने वाले बेसिक शिक्षकों की होली फीकी रहने वाली है. ऐसा इसलिए है क्योंकि अभी जिलों पर तबादला लेकर आए शिक्षकों ने विद्यालय आवंटन के बाद अपना आवंटित स्कूल तो ज्वाइन कर लिया है लेकिन कई विकास खंडो पर शिक्षकों की खंड शिक्षा अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण आख्या प्रमाणित कर मानव संपदा पोर्टल पर डाटा भी फीड नहीं किया है। 



वहीँ दूसरी ओर कई विकास खंड में अंतर्जनपदीय तबादला में आए शिक्षकों के दस्तावेजों की फाइल भी जमा नहीं की है और न ही बीईओ के द्वारा जॉइनिंग प्रमाणित की गई है। 


जबकि कई जिले ऐसे भी जहाँ से अभी तक स्थानांतरित जिलों को शिक्षकों की एलपीसी (अंतिम वेतन प्रमाणपत्र) व सर्विस बुक नहीं भेजी गई है। ऐसे में कैसे शिक्षकों का वेतन होली पर मिला पायेगा. इसलिए वेतन पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

Tuesday, March 23, 2021

परिषदीय शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन भुगतान में अब नहीं हुआ करेगी देर

परिषदीय शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन भुगतान में अब नहीं हुआ करेगी देर



लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन परिषदीय शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को अब वेतन मिलने में विलंब नहीं होगा। परिषदीय शिक्षकों और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणोत्तर कर्मचारियों का वेतन हस्तांतरण अब मानव संपदा पोर्टल के पे-रोल मॉड्यूल के जरिये होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे राजधानी के बख्शी का तालाब ब्लॉक में लागू किया गया है। 



महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बताया कि मानव संपदा के पोर्टल पर पे-रोड मॉडयूल के जरिये वेतन हस्तांतरण की प्रक्रिया शासन के विचाराधीन है।

Monday, March 22, 2021

फतेहपुर : सैकड़ों शिक्षकों को पगार का इंतजार, पटल प्रभारी को भी दी थी 15 दिन की डेडलाइन, सत्यापन की स्थिति पर सर्वाधिक पेंच

फतेहपुर : सैकड़ों शिक्षकों को पगार का इंतजार, पटल प्रभारी को भी दी थी 15 दिन की डेडलाइन, सत्यापन की स्थिति पर सर्वाधिक पेंच

फतेहपुर : जिले में परिषदीय शिक्षकों को अब भी अपने नियमित एवं अवशेष वेतन का बेसब्री से इंतजार है। हालात यह हैं कि तमाम ऐसे शिक्षक भी हैं जिन्हें करीब सात साल की नौकरी के बाद भी अपना बकाया वेतन नहीं मिल सका है। प्राशिसं ने तमाम ज्ञापन भी सौंपे लेकिन उनका अब तक असर नहीं दिखाई पड़ा है। डीएम के निर्देशपर सत्यापन पटल प्रभारी को दी गई डेडलाइन कल समाप्त हो रही है।


जिले में अन्तर्जनदीय स्थानान्तरण से आए शिक्षकों को पदस्थापित हुए करीब एक माह बीत चुका है लेकिन जिले में उनके वेतन भुगतान के बारे में कोई सटीक सूचना नहीं मिल रही है। जिससे होली बेरंग गुजरने के आसार हैं। 41556 सहायक शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत कई शिक्षकों को नियमित एवं एक हजार से अधिक शिक्षकों को अपने अवशेष वेतन का इंतजार है। 15 हजार, 16448 और 12460 के करीब दो सौ शिक्षकों को अवशेष वेतन नहीं मिल सका है।

पटल प्रभारी को दी थी 15 दिन की डेडलाइन

बीते 6 मार्च को मुख्यालय बीईओ ने पटल प्रभारी को निर्देशित किया था कि संघ व बीएसए के मध्य हुई वार्ता को देखते हुए 15 दिनों के भीतर कार्य को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए पूरा कराया जाए। कल यह डेडलाइन समाप्त हो रही है। सैकड़ों शिक्षकों की निगाहें बीएसए आफिस को ताक रही हैं। | शिक्षकों की होली में रंग भरने का दारोमदार बीएसए कार्यालय पर है।


सत्यापन की स्थिति पर सर्वाधिक पेंच

सूत्र बताते हैं कि नवनियुक्त शिक्षकों में सत्यापन की स्थिति अस्पष्ट होने से सबसे अधिक रोष है। शिक्षकों को यही नहीं पता है कि उनके अब तक कितने सत्यापन विभाग द्वारा कराए जा चुके हैं। पटल प्रभारी भी शिक्षकों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। संघ ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों में सत्यापन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

बोले जिम्मेदार

यदि किसी टीचर की शिकायत हो जाए कि फर्जी शिक्षक है या अभिलेख में कमी है तो विभाग उसका सत्यापन एक सप्ताह में करा लेता है किन्तु दुर्भाग्य है कि शिक्षकों का हक दिलाने के लिए विभाग कई साल बाद भी सत्यापन नहीं करा सका है।

विजय त्रिपाठी, जिला मंत्री प्राशिसं फतेहपुर


Tuesday, February 23, 2021

मदरसा आधुनिकीकरण योजना के लिए बजट में 479 करोड़ रुपये, शिक्षकों के बकाया वेतन भुगतान होने की उम्मीद जगी

मदरसा आधुनिकीकरण योजना के लिए बजट में 479 करोड़ रुपये, शिक्षकों के बकाया वेतन भुगतान होने की उम्मीद जगी


मदरसा आधुनिकीकरण योजना के लिए बजट में 479 करोड़ रुपये आवंटित होने से शिक्षकों के बकाया वेतन का कुछ भुगतान होने की उम्मीद जगी है। इस योजना में प्रदेश के करीब 25 हजार शिक्षकों का बीते चार साल का वेतन बकाया है। 


मदरसों में आधुनिक विषयों की शिक्षा देने के लिए भारत सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी और प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय प्रोग्राम में सम्मिलित मदरसा आधुनिकीकरण योजना में प्रदेश में करीब 25 हजार मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक कार्यरत हैं। मदरसों में काम करने वाले आधुनिकीकरण शिक्षकों मे स्नातक शिक्षक को 8000 और परास्नातक शिक्षक को 15000 रुपये मानदेय मिलता है। इसमें केंद्र को 8000 में से मात्र 3600 रुपये और 15000 में से मात्र 4800 रुपये देने रहते हैं। 


केंद्र सरकार ने चार साल से अपना अंशदान नहीं दिया है। इसकी वजह से राज्य सरकार का अंशदान भी नहीं मिल पाया। शिक्षकों का मानदेय करीब 977 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है।