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Sunday, July 12, 2020

प्रतापगढ़ : पोर्टल से जुड़ेंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक, PFMS पोर्टल से मानदेय भेजने की हो रही तैयारी, अब तक RTGS से खाते में भेजा जाता था पैसा

प्रतापगढ़ : पोर्टल से जुड़ेंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक, PFMS पोर्टल से मानदेय भेजने की हो रही तैयारी, अब तक RTGS से खाते में भेजा जाता था पैसा।


प्रतापगढ़ : फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को मानदेय राज्य मुख्यालय से दिया जाएगा। इससे न सिर्फ उन्हें समय से मानदेय मिलेगा बल्कि अन्य जिलों में एक ही प्रमाण पत्रों पर तैनात संविदा शिक्षकों की पकड़ भी हो पाएगी। पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर सबको लाने की तैयारी शुरू हो गई है। सितंबर से मानदेय इसी प्रणाली से दिए जाने की योजना है। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कुल 2851 शिक्षामित्र व 437 अनुदेशकों की तैनाती है। अभी तक इन्हें मानदेय आरटीजीएस के माध्यम से ऑनलाइन खाते में भेजा जाता था। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने 25 जून को सूबे के सभी बीएसए को पत्र भेज कर प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के मानदेय की बैंक इनवॉइस मांगी थी, जिससे इन्हें पोर्टल पर पंजीकृत किया जा सके। पोर्टल पर पंजीकृत करने के बाद शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को मानदेय राज्य स्तर से दिया जाएगा। इससे उन्हें समय से मानदेय मिलेगा बल्कि अन्य जिलों में एक ही प्रमाणपत्रों पर तैनात संविदा शिक्षकों की पकड़ भी हो पाएगी। पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर इन सबको लाने की तैयारी शुरू हो गई है। सितंबर से मानदेय इसी प्रणाली से देने की योजना है। उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने शासन के निर्देश पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब अनुदेशकों को समय से मानदेय मिल सकेगा। दो जगह होने पर होगी पकड़ : पहले चरण में जिलों से ही इसके जरिए मानदेय भेजा जाएगा। दूसरे चरण में सितंबर तक इसे राज्य स्तर तक लागू किया जा सकता है। पब्लिक मैनेजमेंट फाइनेंशियल सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिए मानदेय भेजने पर पता चल सकेगा कि एक ही प्रमाणपत्र पर कितने शिक्षामित्र या अनुदेशक तैनात हैं। यानी केजीबीवी के अनामिका प्रकरण जैसे मामले पकड़ में आ सकेंगे, क्योंकि राज्य स्तरीय डाटा इस पर रहेगा। वहीं अब मानदेय भी बजट आते ही दिया जा सकेगा। किसी भी वित्तीय शिकायत पर तुरंत जांच हो सकेगी।





ये होंगे फायदे ::  बेसिक शिक्षा विभाग में चरणबद्ध तरीके से सभी खातों को पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम ( पीएफएमएस) पर लाया जा रहा है, ताकि फंड ट्रांसफर के साथ पारदर्शिता बनी रहे। यहां तक कि स्कूल प्रबंधन समितियों के खाते भी इस पर पंजीकृत किए गए हैं।

""पैसे से जुड़े सारे मामले पोर्टल से जुड़ेंगे, राज्य परियोजना के अकाउंट, कस्तूरबा विद्यालयों के अकाउंट, विद्यालयों के अकाउंट, शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के अकाउंट सभी पोर्टल से जोड़े जाएंगे। अब बैंक किसी के पैसे को अपने यहां नहीं रोक सकेगा। शासन से सीधे पीएफएमएस पोर्टल के जरिए पैसा खाते में भेजा जाएगा। अशोक कुमार सिंह, बीएसए


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फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर फीडिंग में लापरवाही पड़ेगी भारी, शिक्षकों के साथ बीईओ पर भी होगी कार्यवाई, 15 जुलाई तक काम न होने पर रुकेगा वेतन

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर फीडिंग में लापरवाही पड़ेगी भारी, शिक्षकों के साथ बीईओ पर भी होगी कार्यवाई, 15 जुलाई तक काम न होने पर रुकेगा वेतन।


फतेहपुर : मानव संपदा पोर्टल पर डाटा अपलोड में लापरवाही पर अब शिक्षकों के साथ खंड शिक्षा अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। शिक्षा निदेशक बेसिक के निर्देश के बाद बीएसए ने सभी शिक्षकों को 15 जुलाई तक पोर्टल पर अपना डाटा अपलोड और सुधार करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। स्पष्टकिया गया है कि 15 जुलाई तक आदिमानव संपदा पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं होता है तो शिक्षकों के साथ-साथ खंड शिक्षा अधिकारियों के भी वेतन बाधित करने की कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों को बेनकाब करने और अवकाश आदि कार्यों के ऑनलाइन संचालन किए जाने की नीति को लागू करने के लिए विभाग ने मानव संपदा पोर्टल पर सर्विस बुक को ऑनलाइन किए जाने की योजना बनाई है। इससे एक प्रमाण पत्र पर कई जनपद में नौकरी करने वाले शिक्षकों का पर्दाफाश हो सकेगा। इस योजना के तहत सभी शिक्षकों को अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाना था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बावजूद जिले के तमाम शिक्षकों ने पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में रुचि नहीं दिखाई। अभी भी जिले में तमाम शिक्षकों का डाटा अधूरा है। कई दर्जन शिक्षकों ने तो अभी मानव संपदा पोर्टल पर लॉगइन ही नहीं किया है।




बीएसए सख्त : शिक्षकों के साथ बीइओ पर भी होगी कार्रवाई, तय समय 15 जुलाई तक काम न होने पर रुकेगा वेतन।

शिक्षक खुद कर सकते हैं डाटा अपलोड : बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गूगल लिंक पर 15 जुलाई तक डाटा अपलोड करने एवं त्रुटियों के सुधार के लिए वक्त दिया गया है। इस काम को शिक्षक खुद ही कर सकते हैं। गूगल लिंक के माध्यम से कार्य किया जा सकता है। बताया कि जिले में करीब 98 प्रतिशत डाटा फीड हो चुका है। शेष को डाटा अपलोड करने के साथ साथ त्रुटियों का संशोधन भी करने के लिए सख्ती के साथ कहा गया है। अन्यथा की स्थिति में शिक्षकों के साथ साथ सम्बंधित बीईओ के भी वेतन रोकने की कार्यवाही की जाएगी।



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Friday, July 10, 2020

प्रयागराज : 61 फर्जी शिक्षकों से नहीं हुई वेतन रिकवरी, तीन साल पहले किए गए थे बर्खास्त, फर्जी अभिलेखों के आधार पर बने थे शिक्षक

प्रयागराज : 61 फर्जी शिक्षकों से नहीं हुई वेतन रिकवरी, तीन साल पहले किए गए थे बर्खास्त, फर्जी अभिलेखों के आधार पर बने थे शिक्षक।

प्रयागराज : फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षक बनने का खेल सालों से चला आ रहा है। अभी 69 हजार शिक्षक भर्ती का प्रकरण शांत भी नहीं हुआ कि एक और मामला सामने आ गया है। यह 61 ऐसे फर्जी शिक्षकों का मामला है, जो तीन साल पहले बस्ती हो चुके हैं। लेकिन विभाग अब तक इन लोगों से नौकरी के दौरान वेतन के रूप में लिए गए करोड़ों रुपये की वसूली नहीं कर पाया है। तीन साल पहले धनूपुर ब्लाक में सात, बहरिया में सात, करछना में दो, कौड़िहार में आठ, कोरांव में चार, मऊआईमा में एक, मांडा में चार, मेजा में सात, हंडिया में दो, प्रतापपुर में तीन, सादाबाद में आठ, उरुवा में चार, फूलपुर व जसरा में दो-दो शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करते पाए थे। तब इन 61 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया था लेकिन तब तक यह लोग तीन से दस साल की नौकरी कर चुके थे। जब बर्खास्त हुए तो इन सभी से वेतन की रिकवरी होनी थी। लेकिन विभाग की लापरवाही से रिकवरी नहीं हुई और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब शिक्षकों के फर्जीवाड़े के प्रकरण प्रदेश भर में चल रहा है तो पिछले दिनों लखनऊ में हुई बैठक में बर्खास्त शिक्षकों का भी मामला सामने आया। बर्खास्त शिक्षकों पर कार्रवाई न होने की जानकारी मिलने पर अफसरों ने नाराजगी जताई। उसके बाद बीएसएफ सक्रिय हुए और बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा कराने के साथ ही रिकवरी कराने का आदेश दिया। अब उनके खिलाफ मुकदमा कराए जा रहे हैं।




"सभी बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए एक जुलाई को पत्र जारी कर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। उसके बाद वित्त अधिकारी को भी इस संबंध में लिखकर जानकारी मांगी गई। अब सभी बर्खास्त शिक्षकों को नोटिस भेजा गया है। उन्हें एक सप्ताह का समय भी दिया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -- संजय कुशवाहा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी


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फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर बिना फीडिंग के नहीं मिल सकेगी पगार, ऑनलाइन फीडिंग के लिए शासन ने 15 जुलाई तक तय की तारीख

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर बिना फीडिंग के नहीं मिल सकेगी पगार, ऑनलाइन फीडिंग के लिए शासन ने 15 जुलाई तक तय की तारीख।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक और अध्यापिकाओं के साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का ऑनलाइन ब्योरा तैयार करने का शासन से आदेश मिलने के बाद भी तीन माह में यह काम पूरा नहीं हो सका है। शासन ने साफ कर दिया है कि जब तक मानव संपदा में फीडिंग पूरी नहीं हो पाएगी तब तक पगार नहीं मिल जाएगी। ऑनलाइन फीडिंग के लिए निदेशक ने 15 जुलाई तक की मियाद तय कर रखी है। बेसिक शिक्षा विभाग में 9234 शिक्षक शिक्षिकाएं और 167 शिक्षणेत्तर कर्मचारी तैनात हैं। इन सरकारी कर्मचारियों का संपूर्ण ब्योरा ऑनलाइन किया जाना है। फीडिंग के मामले में जिला शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की फीडिंग में टॉपटेन में शामिल है। वहीं 2945 शिक्षामित्रों की ऑनलाइन फीडिंग में यह टॉप 50 में पहुंच जाता है। कमोबेश यही स्थिति अन्य जिलों की भी है। शिक्षामित्रों की ऑनलाइन फीडिंग सुस्त है जिसका खामियाजा पगार पर पड़ रहा है। पहली जुलाई को हर सरकारी मुलाजिम को वेतन आरटीजीएस के माध्यम से खाते में मिल जाता रहा है लेकिन अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। इससे फीडिंग का काम करने वाले शिक्षक शिक्षकों परेशान हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस समय में जिले से काम पूरा कराया जाएगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह ब्लॉक स्तर पर मॉनीटरिंग करें और काम पूरा कराएं।





ऑनलाइन लोडिंग के लिए शासन ने 15 जुलाई तक तब की तारीख, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का ऑनलाइन वार हो रहा ब्यौरा


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Sunday, July 5, 2020

हरदोई : लापरवाही : वेतन की रिकवरी में हो रही देरी, अभी तक लिए गए वेतन की नहीं हो सकी गणना

हरदोई : लापरवाही : वेतन की रिकवरी में हो रही देरी, अभी तक लिए गए वेतन की नहीं हो सकी गणना।

धनराशि की गणना : अभी तक लिए गए वेतन की गणना ही नहीं हो सकी बीईओ व लेखाधिकारी को करनी है धनराशि की गणना

हरदोई : बेसिक शिक्षा विभाग में जाली व टेम्पर्ड डिग्री के सहारे नौकरी करने वाले सहायक अध्यापकों ने सरकार को कई करोड़ रुपये का चूना लगाया है। एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई में पता नहीं क्यों देरी हो रही है। जिले में 16 शिक्षकों की सूची शासन से आई है। इनमें से एक के खिलाफ भी वेतन की रिकवरी करने के लिए आरसी अब तक नहीं जारी की गई है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की फर्जी व टेम्पर्ड बीएड डिग्री के सहारे 16 लोग नौकरी पा गए।इसमें दो का केस कोर्ट में चल रहा है, जबकि 14 के खिलाफ एफआईआर से लेकर अन्य कार्रवाई के लिए हरी झंडी शासन दे चुका है। इन शिक्षकों से वेतन की रिकवरी करने की प्रक्रिया करीब छह महीने पहले शुरू की थी, जो कागजों तक सिमटकर रह गई है।





विभागीय लिपिक प्रवीण मिश्रा का कहना है कि बर्खास्तगी के लिए जब पत्र भेजा गया था तब उसमें रिकवरी करने के निर्देश भी दिए गए थे। उच्चाधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारियों व वित्त एवं लेखाधिकारी को वेतन की गणना करने व रिकवरी कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी जानकारी बीईओ व लेखाधिकारी को भलीभांति है। उधर वित्त एवं जिलाधिकारी योगेश पाण्डेय का कहना है कि किन शिक्षकों के वेतन की गणना बिक्री होनी है, उसका संपूर्ण ब्यौरा अभी नहीं मिला है। बीएसएफ के स्तर से लिखित पत्र मिलते ही रिकवरी के लिए कागजी कार्यवाही की जाएगी। बीएसए हेमन्तराव का कहना है किसी भी जालसाज शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान किस विद्यालय से कितना वेतन पाया है, उसकी गणना कराकर जल्द रिकवरी के लिए आरसी जारी कराई जाएगी।


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Saturday, July 4, 2020

कौशाम्बी : फर्जीवाड़े में महिला समेत दो शिक्षक बर्खास्त, होगी वेतन रिकवरी

कौशाम्बी : फर्जीवाड़े में महिला समेत दो शिक्षक बर्खास्त, होगी वेतन रिकवरी।

मंझनपुर  : फर्जी मार्कशीट पर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर लगातार गाज गिर रही है। दो और शिक्षकों को बीएसए ने शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया। इनमें एक महिला शिक्षक भी शामिल है दोनों पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात हैं। अब इस रिकवरी की तैयारी हो रही है। चाय के हमीरपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात सीमा यादव की मार्कशीट संदिग्ध थी। इनके मूल अभिलेखों की जांच चल रही थी। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि सीमा यादव की बीएड की डिग्री फर्जी है। सीमा यादव ने भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की डिग्री लगाई थी। इसी तरह कौशाम्बी ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सचवारा में तैनात राजेश शुक्ला की भी डिग्री फर्जी मिली है। इनकी भी बीएड की डिग्री आगरा विवि की थी। आरोप तय होने पर बीएसए राजकुमार पंडित ने दोनों को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही रिकवरी की कार्रवाई शुरू करा दी है।






चार अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

कोरांव : प्रदेश में फर्जी शिक्षिका की चल रही जांच के क्रम में शुक्रवार को कोरांव के भी चार अध्यापक ऐसे पाये गये जिन्होंने अभिलेखों में हेराफेरी कर परिषदीय अध्यापक की नौकरी प्राप्त कर ली। बीएसएफ के आदेश पर बीईओ कोरांव ने चारों अध्यापकों के खिलाफ कोरांव थाने में तहरीर दी है। बीईओ सीताराम यादव के अनुसार जिन चार अध्यापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उनमें प्रधानाध्यापक पीयूष कुमार तिवारी, महेश कुमार सिंह प्रावि सिपौवा निवासी रेही कला अरैल, विजय कुमार प्रावि खजुरी प्रथम शामिल है।


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Wednesday, July 1, 2020

निजी स्कूलों के शिक्षक-कर्मियों के वेतन में 50 फीसद कटौती, फीस न आने से उपजे हालात, आधे वेतन पर करना होगा काम

निजी स्कूलों के  शिक्षक-कर्मियों के वेतन में 50 फीसद कटौती, फीस न आने से उपजे हालात, आधे वेतन पर करना होगा काम


लॉकडाउन से उपजे हालात का असर निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन पड़ेगा। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने शिक्षक कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत कटौती के फरमान जारी किए हैं।


इसके पीछे बच्चों की फीस न जमा होने को कारण बताया जा रहा है। गौरतलब है कि पहली जुलाई से राजधानी के निजी स्कूल सिर्फ शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए ही खोले जाएंगे। वेतन आधा किये जाने और संक्रमण खतरे के बावजूद स्कूल बुलाए जाने के विरोध की आहट भी सुनाई देने लगी है। कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च के बाद से स्कूल बंद चल रहे हैं। शिक्षक अपने अपने घरों से ऑनलाइन क्लासेज संचालित कर रहे थे।


एक जुलाई से शिक्षकों को बुलाया गया है। कोरोना से निपटने के लिए सभी जरूरी एहतियात अपनाए जाएंगे। -अनिल अग्रवाल, चेयरमैन, अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी।

आगरा : आगरा में 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आठ महिला शिक्षिका भी नामजद हैं। सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। एसआईटी ने अपनी जांच में खेल पकड़ा था। इन लोगों की नौकरी फर्जी दस्तावेज पर लगी थी। सभी आरोपित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के वर्ष 2004-05 सत्र के बीएड परीक्षा चार्ट में हेराफेरी करके नौकरी के लिए पात्र बने थे। अब कानूनी शिकंजे में फंसे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने यह मुकदमा शाहगंज थाने में दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे के अनुसार एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने 28 जून 2019 को 3637 फर्जी अभ्यर्थी, 1084 टेंपर्ड अभ्यर्थी, 45 डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की सूची विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की थी। अखबारों में नोटिस देते हुए इन अभ्यर्थियों से 15 दिन में ऑनलाइन रजिस्टर्ड डाक से उनका पक्ष मांगा था। इनमे सिर्फ 814 ने ही अपना पक्ष भेजा। बाकी 2823 अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष नहीं भेजा था। ऐसे अभ्यर्थियों को जिन्होंने जवाब नहीं दिया, विवि फर्जी घोषित कर दिया था। इनमें 24 अभ्यर्थी आगरा के थे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एसआईटी ने बीएड में फर्जीवाड़े की जांच की थी। जनवरी 2020 में एसआईटी की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कहा गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने विवि द्वारा उपलब्ध कराई गई हार्ड और सॉफ्ट कापी बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराकर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था। इन फर्जीवाड़ा करने वाले 24 अभ्यर्थियों की 15 मई 2020 में सेवा समाप्त कर दी गयी थीं।





आरोपित शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर एक-एक करके सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। जो धाराएं हैं उनमें सात साल से अधिक सजा का प्रावधान है। गिरफ्तारी जरूरी है। - बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी

15 मई को शासन से एफआईआर का आदेश हुआ था। इसके बाद संबंधित ब्लॉक के बीएसए को जिम्मेदारी दी गई थी। किन्हीं कारणवश एफआईआर नहीं हो सकी। जिम्मेदारी बाबुओं को दी, लेकिन फिर भी सभी ब्लॉकों से एफआईआर नहीं हुई। मंगलवार को अपने स्तर से एफआईआर कराई है। जल्द ही रिकवरी की जाएगी। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी


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Saturday, June 27, 2020

प्रयागराज : 192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी

192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में ही हेराफेरी नहीं हुई है, बल्कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी फर्जीवाड़ा हो रहा है। अभिलेखों की जांच में 192 प्रकरण ऐसे मिले हैं जिसमें एक नाम और पैन नंबर की दो अलग-अलग इंट्री कई जिलों की फाइलों में दर्ज है, केवल उनका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर अलग शिक्षकों के सम्मुख अंकित है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने इस पर नाराजगी जताते हुए वित्त नियंत्रक शिक्षा निदेशालय और बेसिक शिक्षा परिषद से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। बेसिक शिक्षा महकमे में इन दिनों शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का भी परीक्षण हो रहा है। वित्त नियंत्रक बेसिक प्रयागराज ने
मई माह के वेतन भुगतान की रिपोर्ट 21 जून को सौंपी है।





इसमें सामने आया है कि 192 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दे अलग-अलग टी विभिन्न जिलों की फाइलों में है, लेकिन उसका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से कुल 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर दो अलग शिक्षकों के नाम के समक्ष दर्ज है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इसे बेहद संदिग्ध व आपत्तिजनक करार देते हुए लिखा है कि ये प्रकरण पर्यवेक्षण की विफलता को दर्शाता हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि सभी जिलों के शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का परीक्षण कराकर इस तरह से प्रकरणों को चिन्हित करके और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मुहैया कराएं।



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Friday, June 26, 2020

चयन वेतनमान निर्धारण में विसंगति निवारण के सम्बन्ध में PSPSA ने उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र

चयन वेतनमान निर्धारण में विसंगति निवारण के सम्बन्ध में PSPSA ने उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र


Friday, June 19, 2020

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा, बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा,  बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

लखनऊ कोरोना से बचाव के लिए स्कूल बंद चल रहे हैं। स्कूल खोलने को लेकर प्रबंधक सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच तीन महीने से स्कूल बंद होने और फीस न मिलने से आर्थिक संकट भी छाने लगा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जब फीस ही नहीं मिलेगी तो शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को वेतन कैसे देंगे। ऐसे में कई स्कूलों ने मई के वेतन में कटौती भी की है। 


60% मिली सैलरी
सेंट फ्रांसिस कॉलेज और सेंट पॉल जैसे मिशनरीज स्कूलों ने टीचिंग स्टाफ की सैलरी में 40 फीसदी कटौती की है। शहर में लखनऊ डायोसिस सोसायटी के तहत चलने वाले स्कूलों में सैलरी में कटौती कर दी गई है। सोसायटी के प्रवक्ता फादर डोनॉल्ड डिसूजा ने बताया कि स्कूलों में मई की सैलरी में कटौती का फैसला लिया गया है। हमने सभी स्कूलों में टीचिंग स्टाफ को 60 फीसदी और फोर्थ क्लास कर्मचारियों को 75 फीसदी सैलरी देने का फैसला लिया है। जुलाई में फीस आने के बाद बाकी बची राशि दी जाएगी। यह फैसला शहर में चल रहे हमारे 20 स्कूलों और बाकी 10 जिलों में चल रहे स्कूलों पर लागू होगा।


 बढ़ेगी दिक्कत
एसकेडी अकैडमी के निदेशक मनीष सिंह का कहना है कि उनके यहां 650 का स्टाफ है। मई की सैलरी तो दे दी गई, लेकिन वर्तमान हालात में जून की सैलरी में दिक्कत हो सकती है। बमुश्किल दस फीसदी अभिभावकों ने बच्चों की फीस जमा की है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जुलाई में स्कूल खुलेंगे या नहीं। नए दाखिले भी नहीं हो रहे। खर्चों में की कटौती पायनियर मांटेसरी स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला सिंह के अनुसार स्कूल के दूसरे खर्चों में कटौती करके स्टाफ की सैलरी दी गई है। स्कूलों के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू फीस ही हैं। कई लोग 3 महीने की फीस माफी के लिए सरकार से अपील कर रहे हैं। सरकार को स्कूल, अभिभावक सभी की स्थिति पर विचार करते हुए कोई रास्ता निकालना चाहिए।


सक्षम हैं तो फीस दें
 दिल्ली पब्लिक स्कूल के मीडिया प्रवक्ता अर्चना मिश्रा के अनुसार सामान्य तौर पर फीस से सैलरी निकाली जाती थी। वर्तमान में मैनेजमेंट दे रहा है, लेकिन कब तक। सक्षम अभिभावक भी फीस नहीं दे रहे। स्थितियों को देखते हुए लोगों को फीस देनी चाहिए।

Thursday, June 4, 2020

69000 : रोक न लगती तो नौकरी मिलने पर 42 हजार रुपये वेतन से होती शुरुआत

69000 : रोक न लगती तो नौकरी मिलने पर 42 हजार रुपये वेतन से होती शुरुआत 


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के अभ्यर्थियों को जब नौकरी मिलेगी तो प्रतिमाह 42 हजार से अधिक वेतन से अच्छी शरुआत होगी। 


ऐसे समय में जबकि इंजीनियरिंग करने वाले प्लेसमेंट को तरस रहे हैं और लॉकडाउन में की नौकरियां जा रही है, उसमें सहायक अध्यापकों के 42 हजार रुपये से अधिक से नौकरी की शुरुआत बहुत अच्छी मानी जा रही है।


 नवनियुक्त शिक्षकों को बेसिक के रूप में 3540077 प्रतिशत डीए का 6018 और ग्रामीण क्षेत्र में तैनाती पर एचआरएच 1340 रुपये कुल 42758 रुपये देय है। इसमें से गुप इंश्योरेंस का 87 रुपये कम कर दें तो उन्हें कुल 42671 रुपये प्रतिमाह वेतन के रूप में मिलेगा।

Sunday, April 26, 2020

प्रयागराज : एकमुश्त फीस वसूली पर लगी रोक तो स्कूलों ने खोजा नया तरीका, शिक्षकों को वेतन देने के नाम पर मांग रहे फीस

प्रयागराज : एकमुश्त फीस वसूली पर लगी रोक तो स्कूलों ने खोजा नया तरीका, शिक्षकों को वेतन देने के नाम पर मांग रहे फीस।






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Saturday, April 18, 2020

वित्तविहीन शिक्षकों को लॉकडाउन का वेतन दे सरकार, शिक्षकों की मदद को शिक्षक विधायक ने उप मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

वित्तविहीन शिक्षकों को लॉकडाउन का वेतन दे सरकार, शिक्षकों की मदद को शिक्षक विधायक ने उप मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।









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Friday, April 17, 2020

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग में चयन वेतनमान में विसंगति की वित्त एवं लेखाधिकारी से शिकायत

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग में चयन वेतनमान में विसंगति की वित्त एवं लेखाधिकारी से  शिकायत।






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Friday, March 20, 2020

फतेहपुर : सहायक अध्यापक भर्ती में नियुक्त अवशेष शिक्षकों का वेतन भुगतान आदेश जारी, क्लिक करके देखें

फतेहपुर : सहायक अध्यापक भर्ती में नियुक्त अवशेष  शिक्षकों का वेतन भुगतान आदेश जारी, क्लिक करके देखें।










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Thursday, February 27, 2020

फतेहपुर : बीते चार साल, वेतन बकाए को लेकर खड़े सवाल!, 41556 व दूसरी सहायक शिक्षक भर्ती के अंतर्गत चयनित शिक्षकों का मामला, गहराया संकट

फतेहपुर : बीते चार साल, वेतन बकाए को लेकर खड़े सवाल!, 41556 व दूसरी सहायक शिक्षक भर्ती के अंतर्गत चयनित शिक्षकों का मामला, गहराया संकट।




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Wednesday, February 19, 2020

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के स्कूलों के शिक्षकों को राहत, पांच महीने बाद शिक्षकों को मिलेगा वेतन, 117 करोड़ रुपए जारी

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के स्कूलों के शिक्षकों को राहत, पांच महीने बाद शिक्षकों को मिलेगा वेतन, 117 करोड़ रुपए जारी।







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Thursday, February 13, 2020

फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति के बाद 16 माह का वेतन भुगतान न होने से जताई नाराजगी, कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति के बाद 16 माह का वेतन भुगतान न होने से जताई नाराजगी, कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन।




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Thursday, February 6, 2020

महराजगंज : फरवरी माह का वेतन होली के पूर्व भुगतान करने के दृष्टिगत आयकर गणना प्रपत्र 20 फरवरी तक जमा करने के सम्बन्ध में वित्त एवं लेखाधिकारी ने दिया निर्देश

महराजगंज : शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के फरवरी माह का वेतन होली के पूर्व भुगतान करने के दृष्टिगत आयकर गणना प्रपत्र 20 फरवरी तक जमा करने के सम्बन्ध में वित्त एवं लेखाधिकारी ने दिया निर्देश।