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Tuesday, August 22, 2119

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    Monday, January 18, 2021

    ओमप्रकाश शर्मा के निधन बाद हेम सिंह पुंडीर बने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष

    हेम सिंह पुंडीर बने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष

    संगठन के संविधान की व्यवस्था के मुताबिक, वरिष्ठतम उपाध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर आगामी निर्वाचन तक उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्य करेंगे।

     
    लखनऊ: पूर्व एमएलसी और 48 साल तक एकछत्र शिक्षक राजनीति पर छाए ओम प्रकाश शर्मा के निधन के बाद हेम सिंह पुंडीर को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। संगठन के महामंत्री इंद्रासन सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय नेतृत्व ने यह फैसला लिया है।


    संगठन के संविधान की व्यवस्था के मुताबिक, वरिष्ठतम उपाध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर आगामी निर्वाचन तक उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्य करेंगे। संगठन के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डॉ आरपी मिश्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि निर्णय के मुताबिक, 18 जनवरी, 2021 को प्रदेश में सभी विद्यालय इकाइयों में शोक सभाएं आयोजित की जाएगी।


    उन्होंने आगे कहा कि इसी के साथ जनपद स्तर पर जिलाध्यक्ष/मंत्री उत्तर प्रदेश कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के घटक संगठनों के पदाधिकारियों से संपर्क कर अपनी सुविधानुसार 27 जनवरी, 2021 से पूर्व अपने जनपद में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करेंगे।

    वार्षिक मूल्यांकन के तुगलकी फरमान के विरोध में बेसिक शिक्षक लामबंद

    वार्षिक मूल्यांकन के तुगलकी फरमान के विरोध में बेसिक शिक्षक लामबंद


    बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार के ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद द्वारा जारी शिक्षकों के वार्षिक मूल्यांकन के आदेश को लेकर शिक्षकों में आक्रोश और रोष व्याप्त हो गया है। सूबे के लाखों शिक्षकों में इस आदेश को लेकर जहां तरह-तरह की चर्चाएं हैं तो वहीं इस आदेश को लेकर के लोगों में इस कदर आक्रोश है लोगों ने इस आदेश के खिलाफ माननीय न्यायालय at शरण लेने का भी मन बना लिया है। 

    स्कूली शिक्षा मह्मननिदेशक विजय किरण आनंद के आदेश के अनुसार शिक्षकों की वार्षिक मूल्यांकन आख्या ऑनलाइन भरी जानी है जिसमें शिक्षकों द्वारा अपना स्वयं का मूल्यांकन करना है और प्रतिवेदक अधिकारी ध्खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा मूल्यांकन किया जाना है और उनके अंक निर्धारित कियें गए है लेकिन महानिदेशक के आदेश के कुछ बिंदुओं को लेकर शिक्षकों में गहरा आक्रोश है। 


    प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता ने शिक्षकों को बैठक आयोजित करके बताया की आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत जारी आदेश के मुताबिक विद्यालय में मूल भूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया था जिसको लेकर शासन द्वारा भी आदेश जारी करते हुए जिला अधिकारी ,मुख्य विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को आदेश पारित किया गया कि ग्राम निधि के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान और सचिव के द्वारा स्कूलों को 14 मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त किया जाए इसके लिए बकायदा फंड की व्यवस्था भी शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई थी। 

    एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्कूलों के बंद होने के बावजूद  ज्यादातर ग्रामो में ग्राम प्रधान पंचायत सचिव की लापरबाही की बजह से स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं हो पाई, लेकिन महानिदेशक के ताजा आदेश के अनुसार ग्राम प्रधान द्वारा कराए जा रहे कार्यों को लेकर भी शिक्षकों को जिम्मेदारी तय कर दी गई जिसके लिए ना तो उनको कोई फंड की व्यवस्था की गई ना थी न ही इसको पूरा कराने को लेकर उनको कोई आदेश शासन द्वारा दिया गया। 


    डीजी के इस आदेश की बजह से शिक्षकों का कहना है कि करे कोई भरे कोई अर्थात मूलभूत सुधार की जिम्मेदारी के लिए जिनको जिम्मेदारी दी गई थी उनके द्वारा काम न किए जाने को लेकर के उन पर तो कोई कार्यवाही नहीं की गईं लेकिन स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं दिए जाने के नाम पर स्कूल के शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करके उनकी गोपनीय आख्या में कम अंक देकर कार्यवाही का मन बना लिया है। जबकि यह नियम विरुद्ध हैं। 


    शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह और सुजीत कुमार शर्मा ने बैठक में बताया को इस आदेश के दो बिंदुओं पर आपत्ति है। जिसमें आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत कार्य पूर्ण ना छोने का जिम्मेदार अध्यापक को बनाया जाना जबकि ग्राम प्रधानों द्वारा मुख्यतः उन्हीं विद्यालयों में कार्य कराए गए हैं जहां पर पोलिंग बूथ हैं।विद्यालयों में आने बाली कम्पोजिट ग्रांट 14 पैरामीटर का काम कराने के लिए नाकापी है लेकिन उसको खर्च करने के निर्देश अलग है इस मद में खर्च नही कर सकते है। इसके लिए शिक्षक स्वयं के वेतन से हो कार्य कराएँ। 


    ब्लाक अध्यक्ष बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा की यह बात सर्जवरिदित है कि सभी विद्यालयों में छात्र संख्या एक समान नहीं है किसी विद्यालय में 600 है तो किसी में 30 है, तो विभाग किस आधार पर किसी अध्यापक का आकलन कैसे कर सकता है कि उसने ई- लर्निंग पाठशाला में कितनी संख्या में अभिभावकों को जोड़ा है जहां पर छात्र संख्या कम है वहाँ कम ही संख्या में सदस्य जोड़े जा सकते है।सभी जगह पर अभिभावकों की सामाजिक आर्थिक स्थिति एक समान नहीं है कहीं कहीं पर अभिभावक के पास स्मार्टफेन नहीं मिलेगा , अगर मिलेगा भी तो मोबाइल में डाटा नहीं मिलेगा। 

    प्रदीप मिश्रा का कहना है को ई ग्रुप में जोड़ी गई संख्या के आधार पर अध्यापक का आकलन करना हास्यास्पद है, इस आदेश का सन्देश स्पष्ट है कि अगर अभिभावक के पास स्मार्टफेन नहीं है तो अध्यापक अक्षम है। बैठक में शिक्षकों ने इस आदेश के विरोध में अपने विचार रखे और लामबंद होकर आगे की रणनीति तय करते हुए माननीय न्यायालय की शरण में जाने की बात कही। 


    विवेक कुमार गुप्ता ने बताया की इस आदेश को लेकर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय ने शिक्षा मंत्री सतीश द्विबेदी के समक्ष पत्र देकर अपना विरोध दर्ज कराया है यदि आदेश वापस नहीं लिया जाता है तो शिक्षक हित में आगे को रणनीति तय करते हुए माननीय न्यायालय की शरण में जाया जाएगा। इस मौके पर धीरेंद्र प्रताप सिंह, विमला सिंह, रजनीश शुक्ला, पछाली, अलोक, अनीता, इमामुद्दीन अंसारी, श्रद्धा मणि, रीता राना, भावना मिश्रा, रुद्रकांत, शेरबहादुर, सुजीत शर्मा, प्रभाकांत व सत्य प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

    दूरदर्शन, उत्तर प्रदेश (DD UP), e-vidhya-9 व e-vidhya-11 चैनल पर यू.पी. बोर्ड की कक्षा-9 एवं 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण की बाइसवें चरण की समय-सारिणी जारी

    दूरदर्शन, उत्तर प्रदेश (DD UP), e-vidhya-9 व  e-vidhya-11 चैनल पर यू.पी. बोर्ड की कक्षा-9 एवं 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण की बाइसवें चरण की समय-सारिणी जारी





    हरदोई : शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं का रखरखाव रखेंगे बा लेखाकार, बा लेखाकारों को ब्लॉकों पर भी निभानी होगी जिम्मेदारियां

    हरदोई : शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं का रखरखाव रखेंगे बा लेखाकार, बा लेखाकारों को ब्लॉकों पर भी निभानी होगी जिम्मेदारियां

    ▪️महानिदेशक ने सुझाए 17 कार्य, बीएसए को जारी किए निर्देश


    हरदोई : ब्लॉकों के परिषदीय शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों से संबंधित सेवा पुस्तिकाओं के रखरखाव सहित 17 कार्यों का दायित्व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लेखाकारों को सौंपा गया है। महानिदेशक ने इसको लेकर बीएसए को पत्र जारी किए हैं।


    पिछले वर्ष जून में राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने बा स्कूलों में कार्यरत लेखाकारों को ब्लॉकों के भी संबंधित दायित्व निपटाने के निर्देश दिए थे। उस दौरान कार्यों को लेकर संशय था। अब निदेशक स्तर से बा लेखाकार, खंड कार्यालय में कार्यालय सहायक व स्टाफ के कार्य आवंटन को लेकर दायित्व निर्धारित किए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि निदेशक स्तर से पत्र प्राप्त हो चुके हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया है। जो दायित्व बताए गए हैं उनकी जिम्मेदारी कार्यरत लेखाकार व सहायकों की होगी। उन्होंने बताया कि लेखाकारों को शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों से संबंधित सेवा पुस्तिकाओं व व्यक्तिगत पत्रावलियों का रखरखाव करना होगा। 

    लेखा कार्यालय को वेतन फीडिंग उपलब्ध कराना, वेतन के अंतर को बिल जनरेट होने के बाद जांच करना, जीपीएफ पत्रावली का रखरखाव करना, स्थानांतरण से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव करना, मृतक शिक्षकों से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव, मानव संपदा फीडिंग, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों से संबंधित व्यक्तिगत पत्रावलियों का रखरखाव, शिक्षकों, शिक्षामित्रों के मानदेय बिल आदि बनाने का दायित्व सौंपा गया है। बीएसए ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    उन्नाव : अभिलेखों का सत्यापन न होने से भटक रहे शिक्षक, 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 891 शिक्षकों की हुई है तैनाती

    उन्नाव : अभिलेखों का सत्यापन न होने से भटक रहे शिक्षक, 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 891 शिक्षकों की हुई है तैनाती

    उन्नाव : अभिलेखों का सत्यापन न होने से नवनियुक्त शिक्षक तीन महीने से वेतन के लिए भटक रहे हैं। विभागीय अधिकारी अभिलेखों के सत्यापन के लिए पत्र प्रयागराज बोर्ड व यूनिवर्सिटी भेजने की बात कह रहे हैं। पर अभी तक किसी का भी सत्यापन नहीं हुआ है।


    69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 16 अक्तूबर 2020 को 891 नव नियुक्त शिक्षकों की तैनाती हुई थी। इसमें 167 वह शिक्षक शामिल हैं जो पहले शिक्षामित्र थे। सपा शासनकाल में वह समायोजित शिक्षक बने। उनके अभिलेखों का सत्यापन होने के बाद ही उन्हें वेतन मिला। सरकार बदलते ही समायोजन निरस्त हुआ। बाद में तैयारी कर वह फिर से शिक्षक बन गए। विभाग अब भर्ती होने वाले सभी शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन करा रहा है। शिक्षामित्र से शिक्षक बनने वालों का कहना है कि उनके अभिलेखों का एक बार तो सत्यापन हो चुका है। बावजूद इसके उनका वेतन जारी नहीं हुआ तीन महीने का समय बीतने वाला है अभी तक किसी भी है। शिक्षक का सत्यापन नहीं हुआ जब तक सत्यापन नहीं हो जाता उन्हें वेतन भी नहीं मिल सकता।



    अभिलेखों का ऑफलाइन सत्यापन के साथ ऑनलाइन भी कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन शिक्षकों का  ऑनलाइन सत्यापन हो जाएगा उनका वेतन जारी कर दिया जाएगा। जिन शिक्षकों का ऑफलाइन सत्यापन भेजा गया है उनका सत्यापन आने के बाद ही वेतन जारी होगा।

    प्रदीप कुमार पांडेय, बीएसए

    छात्रवृत्ति को लेकर सरकार का नया आदेश, एक बार फिर होगा सत्यापन

    छात्रवृत्ति को लेकर सरकार का नया आदेश, एक बार फिर होगा सत्यापन 


    अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से प्राथमिक से लेकर उच्चतर शिक्षा तक छात्रवृत्ति के लिए भेजे गए डेटा को भारत सरकार ने वापस कर दिया है। सरकार ने सभी आंकड़ों का एक बार फिर सत्यापन करने का निर्देश दिया है। 


    कई जिलों में अल्पसंख्यक विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में खामियों की शिकायत की गई थी। इसी को आधार बनाते हुए केंद्र सरकार ने सभी प्रदेशों के सभी जिलों में एक बार फिर सत्यापन का निर्देश दिया है। इस क्रम में जिन संस्थाओं की केवाईसी अप्रूव की गई है उनके नोडल अधिकारी का सत्यापन कराया जाएगा। बिना छात्रावास वाले संस्थाओं ने अगर छात्रावास के लिए भी आवेदन किया है तो उसका आवेदन निरस्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई के लिए भी कहा गया है।


    मदरसा मान्यता में उल्लेख है कि छात्रों से शुल्क नहीं लिया जाएगा। अगर शुल्क लिया जा रहा है तो यह गलत है। इसे निरस्त किया जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रयागराज में ऐसी शिकायत नहीं आई है। फिर भी केंद्र सरकार ने एक बार फिर डेटा का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इसे पूरा कर पांच फरवरी तक भेजना होगा। 

    Sunday, January 17, 2021

    प्रति माह शिक्षक संकुल की बैठक के आयोजन के क्रम में जनवरी माह की बैठक दिनांक 21 जनवरी 2020 (बृहस्पतिवार) को यूट्यूब सेशन के माध्यम से आयोजित किये जाने के सम्बंध में

    प्रति माह शिक्षक संकुल की बैठक के आयोजन के क्रम में जनवरी माह की बैठक दिनांक 21 जनवरी 2020 (बृहस्पतिवार) को यूट्यूब सेशन के माध्यम से आयोजित किये जाने के सम्बंध में


    सभी डायट प्राचार्य, BSA, BEO, SRG, ARP, डायट मेंटर एवं शिक्षक संकुल के सदस्य कृपया ध्यान दें-

    अवगत  कराना है कि राज्य परियोजना  कार्यालय द्वारा मिशन प्रेरणा  के  अंतर्गत  प्रति माह शिक्षक संकुल की बैठक का आयोजन किया जाता है। इस क्रम में जनवरी माह की बैठक  दिनांक 21 जनवरी 2020 (बृहस्पतिवार) को पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 12: 30 बजे तक यू- ट्यूब सेशन  के माध्यम से  आयोजित की जायेगी।  

    उक्त यू- ट्यूब बैठक के एजेंडा बिंदु संलग्न पत्र में उल्लिखित हैं।


    ★ दिनाँक : 21 जनवरी, 2020
    ★ दिन : बृहस्पतिवार
    ★ समय : पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 12.30 बजे;
    ★ मीटिंग लिंक : https://youtu.be/Hq5YSX9Qxzs


    अतः सभी BSA, BEO, DCs एवं SRGs से अनुरोध है कि बैठक की जानकारी सभी ARP एवं शिक्षक संकुल के साथ साझा करें। सुनिश्चित करें कि 100% शिक्षक संकुल एवं ARP उक्त यूट्यूब सेशन में जुड़ें। दिसंबर माह में केवल 20 हज़ार सदस्यों की उपस्थिति ही दर्ज की गई थी। यह बैठक सभी शिक्षक संकुल एवं ARPs के लिए अनिवार्य है। इस माह 100% उपस्थिति दर्ज करने का लक्ष्य है।

    आज्ञा से,
    महानिदेशक
    स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश


    यूपी नए पाठ्यक्रमों पर उच्च शिक्षा परिषद ने सुझाव मांगे, स्नातक स्तर पर 70% समान पाठ्यक्रम की मंशा

    यूपी नए पाठ्यक्रमों पर उच्च शिक्षा परिषद ने  सुझाव मांगे, स्नातक स्तर पर 70% समान पाट्यक्रम की मंशा


    उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार तैयार पाठ्यक्रमों पर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। अब तक 14 विषयों के पाठ्यक्रमों को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। आनलाइन फीडबैक देने का प्रावधान भी है।


    प्रदेश सरकार ने नया पाठ्यक्रम तैयार कराकर उसे लागू कराने की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा परिषद को ही दी है। फिलहाल स्नातक कक्षाओं के पाठ्यक्रम तैयार कराए जा रहे हैं। इससे पहले प्रदेश के सभी राज्य विवि में  स्नातक स्तर पर 70 प्रतिशत समान पाठ्यक्रम लागू करने की पूरी तैयारी थी।  सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र दुबे की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी ने अलग- अलग विषयों का पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी  अलग-अलग विश्वविद्यालयों को सौंपी थी। पाठ्यक्रम भी तैयार करा लिया था। इस बीच नई शिक्षा नीति लागू हो जाने के कारण पाठ्यक्रम को उसके अनुसार संशोधित करने का फैसला किया गया। इस पर लोगों के सुझावलेकर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।


    स्नातक स्तर पर 70% समान पाट्यक्रम की मंशा

    शासन की मंशा है कि राज्य विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर 70 प्रतिशत समान पाठ्यक्रम हो। राज्य विश्वविद्यालयों को छूट दी जाएगी कि वह चाहें तो शत-प्रतिशत पाठ्यक्रम अपना लें या अपने हिसाब से 30 प्रतिशत बदलाव कर लें। शासन की पहल पर ज्यादातर विश्वविद्यालय शत-प्रतिशत समान पाठ्यक्रम लागू करने पर सहमत थे। विश्वविद्यालयों को उनकी विशेषज्ञता एवं बेहतर फैकल्टी के आधार पर विषयों का पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ 21 जनवरी को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजेगा 10 सूत्री ज्ञापन


    लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) के प्रदेशीय नेतृत्व के आवाहन पर प्रत्येक जनपद में दिनाँक 21 जनवरी को मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाएगा। यह जानकारी राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव ने  एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। उन्होंने बताया कि महासंघ लंबे समय से शिक्षकों की लंबित समस्याओं के निराकरण हेतु मांग कर चुका है व विभाग द्वारा उन मांगों को पूर्ण करने हेतु  आश्वासन भी दिए गए, परन्तु समस्याओं के निराकरण में विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते प्रभावी कार्यवाही न होने से कई महत्वपूर्ण समस्याएं लंबित है। जिनका निराकरण शीघ्र कराया जाना अत्यवश्यक है। प्रदेशीय अध्यक्ष अजीत सिंह, प्रदेशीय महामंत्री भगवती सिंह, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मातादीन द्विवेदी, प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने  पत्र जारी कर सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि दिनाँक 21 जनवरी को विद्यालय समायोपरांत पदाधिकारी व शिक्षक-शिक्षिकाएं जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर कोविड-19 की गाइडलाइंस का पालन करते हुए शान्तिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 10 सूत्री ज्ञापन भेजा जाएगा। 
                 ज्ञापन में अध्यापकों की वार्षिक गोपनीय आख्या के पैरामीटर्स में अधिकांश का शिक्षण व्यवस्था से सम्बन्ध न होने के कारण शिक्षकों के शोषण, दमन व अधिकारियों के भ्रष्टाचार का जरिया है। अतः इस 'काला कानून पत्र' को अविलंब वापस लेने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित करने, पूर्व में सृजित पदों के आधार पर पदोन्नतियां करने, जनपद के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का सामूहिक बीमा तथा दुर्घटना के कारण असामयिक निधन की स्थिति में 20 लाख रुपये का सामूहिक बीमा कवर प्रदान करने, मृतक आश्रितों को शिक्षक पद की वांछित योग्यता न होने पर लिपिक पद पर नियुक्त करने व विगत वर्षों में नियुक्त मृतक आश्रितों को शिक्षक पद की योग्यता पूर्ण करने पर शिक्षक पद पर समायोजित करने, शिक्षकों को बर्खास्त करने का अधिकार बीएसए से ऊपर के अधिकारी में निहित करने, केंद्रीय कर्मियों की तरह पदोन्नत अध्यापकों को 17140/18150 का लाभ देने, विद्यालयों में सुरक्षा हेतु चौकीदार की नियुक्ति करने की मांग सम्मिलित है। लखनऊ मण्डल अध्यक्ष महेश मिश्रा ने सभी पदाधिकारियों व शिक्षक-शिक्षिकाओं से ज्ञापन कार्यक्रम हेतु 21 जनवरी को जिला मुख्यालय पर एकत्रित होने की अपील की है।



    माध्यमिक शिक्षा परिषद अंतर्गत संचालित सरकारी स्कूल कॉलेजों में व्यवस्थाओं को सुधारने पहल होगी शुरू

    माध्यमिक शिक्षा परिषद अंतर्गत संचालित सरकारी स्कूल कॉलेजों में व्यवस्थाओं को सुधारने पहल होगी शुरू।


    राजधानी समेत प्रदेश भर में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित सरकारी स्कूल कॉलेजों में व्यवस्थाओं को सुधारने पहल शुरू होगी। ऐसे में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को नियमित निरीक्षण प्रक्रिया शुरू होगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक आराधना शुक्ला ने योजना भवन में आयोजित बैठक में सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक तथा जिला विद्यालय निरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
    अपर मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों से बाउंड्री वाल रहित राजकीय विद्यालयों, 50 वर्ष से पूर्व संचालित राजकीय विद्यालयों एवं उनके भवनों की स्थिति, विगत 3 वर्षों में किए गए नियमित निरीक्षण की संख्या तथा उनके निरीक्षण आख्या के अनुपालन की स्थिति, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन एवं वेतन भुगतान की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा ने बैठक में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे राजकीय विद्यालय जहां पर बाउंड्रीवॉल नहीं हैं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी सूची उपलब्ध कराएं तथा ऐसे विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल का सुदृढ़ीकरण कराकर विद्यालय को भव्य बनाया जाय।

    बेसिक शिक्षकों की सर्विस बुक की जवाबदेही बीईओ के जिम्मे देने से उपजी नाराजगी।

    बेसिक शिक्षकों की सर्विस बुक की जवाबदेही बीईओ के जिम्मे देने से उपजी नाराजगी



    प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की सेवा पंजिका की निगरानी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को सौंपी गई है। बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि किसी शिक्षक की सेवा पंजिका गायब न हो और उन्हें बिना वजह परेशान न किया जाए। हालांकि बीईओ इस निर्देश से सहमत नहीं है, उनका कहना है कि विभाग ने उनके कार्यालय में इस काम के लिए एक भी पद सृजित नहीं किया है, ऐसे में सेवा पंजिका की सुरक्षा कैसे संभव है। 



    शिक्षा निदेशक की ओर से सहायक शिक्षा निदेशक नंदलाल ने सभी बीएसए को पत्र भेजा है कि यदि भविष्य में किसी शिक्षक की सेवा पंजिका गायब होती है तो बीईओ पर कार्रवाई की जाएगी। वे ही इसके लिए पूरी तरह से जवाबदेह होंगे। इस निर्देश से प्रदेश भर के बीईओ खासे नाराज हैं। खंड शिक्षा अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार शुक्ल कहते हैं कि आज तक बेसिक शिक्षा विभाग ने बीईओ कार्यालय में एक भी पद सृजित नहीं किया है।

    पीलीभीत : आपरेशन कायाकल्प अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त किये जाने के उपरान्त उनके रख-रखाव / सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक/इंचार्ज और बीईओ के ऊपर

    पीलीभीत : आपरेशन कायाकल्प अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त किये जाने के उपरान्त उनके रख-रखाव / सुरक्षा  की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक/इंचार्ज और बीईओ के ऊपर। 


    पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन व अन्य मांगों के लिए गरजा माध्यमिक शिक्षक संघ

    पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन व अन्य मांगों के लिए गरजा माध्यमिक शिक्षक संघ


    पुरानी पेंशन की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा, ऑनलाइन स्थानांतरण की सुनिश्चित व्यवस्था समेत अन्य मांगों के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने शनिवार को उपवास रहकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया। शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह संघर्ष का आगाज है। आगे लंबा और कठिन संघर्ष होगा।


    हम वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन, पुरानी पेंशन, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा जैसी अनेक मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करते रहेंगे। सदन में कम संख्या में होने के बावजूद शिक्षक विरोधी कार्यों का आखिरी सांस तक विरोध होगा। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सह जिला विद्यालय निरीक्षक बीएस यादव को सौंपा गया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय ने की व संचालन जिला मंत्री अनुज कुमार पांडेय ने किया।


    सभा को कुंज बिहारी मिश्रा, श्याम बहादुर सिंह बिसेन, अरविन्द त्रिपाठी, रमेश चंद्र शुक्ला, रामसेवक त्रिपाठी, अनय प्रताप सिंह, अजीत सिंह, डॉक्टर सुयोग पांडेय, रविंद्र त्रिपाठी, अशोक कुमार, जगदीश प्रसाद, दिवाकर मिश्रा, श्वेता दूबे, विनय तिवारी, प्रदीप शुक्ला आदि ने संबोधित किया। एबादुर रहमान, सविता मिश्रा, मो. जैद, संजीव तिवारी, अनुराग अवस्थी, विक्रम यादव, राजू यादव, प्रेमचन्द यादव, सुधीर मिश्र, विकाश शुक्ल आदि मौजूद रहे।

    NIOS से प्रशिक्षित डीएलएड अभ्यर्थियों ने की यूपीटीईटी में शामिल करने को लेकर प्रस्ताव में संशोधन की मांग

    एनआईओएस से प्रशिक्षित डीएलएड अभ्यर्थियों ने की यूपीटीईटी के प्रस्ताव में संशोधन की मांग

    प्रयागराज : एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अप्रशिक्षित शिक्षकों ने प्रदेश सरकार एवं सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से यूपीटीईटी के प्रस्ताव में संशोधन कर उन्हें शामिल करने की मांग की है। एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से शासन के पास डीएलएड का भेजा प्रस्ताव छह जनवरी 2021 के पहले का है। छह जनवरी को एनसीटीई ने एनआईओएस से डीएलएड करने वालों को शिक्षक भर्ती परीक्षा एवं यूपीटीईटी में शामिल करने का निर्देश दिया है। ऐसे में एनआईओएस से डीएलएड करनेवालों ने पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव में संशोधन की मांग की है।



    प्रदेश सरकार डीएलएड प्रशिक्षितों के हित में करे संशोधन
    प्रदेश में 1.51 लाख अप्रशिक्षित शिक्षक हुए थे प्रशिक्षित

    देश में अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने एनआईओएस को प्रशिक्षण (डीएलएड) कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद देश भर में लगभग 14 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों ने एनआईओएस से डीएलएड पूरा कर लिया। प्रदेश में डीएलएड करने वाले 1.51 लाख शिक्षक शामिल हैं।


    प्रस्ताव में संशोधन नहीं तो यूपीटीईटी, शिक्षक भर्ती से बाहर होंगे

    एनआईओएस से डीएलएड करने वालों का कहना है कि प्रस्ताव में संशोधन कर उन्हें यूपीटीईटी में शामिल होने का मौका नहीं मिला तो वह आगामी शिक्षक भर्ती से भी बाहर हो जाएंगे। एनआईओएस से प्रशिक्षण लेने वालों का कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो सचिव परीक्षा नियामक पर धरना प्रदर्शन के साथ न्यायालय में याचिका दाखिल करेंगे। इन शिक्षकों का तर्क है कि केंद्र सरकार की एजेंसी से डीएलएड करने के बाद भी उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।

    Saturday, January 16, 2021

    श्रद्धांजलि : शिक्षक राजनीति के वटवृक्ष थे ओमप्रकाश शर्मा, लगातार 50 साल तक उठाते रहे सदन में शिक्षकों की आवाज

    शिक्षक संघ की राजनीति में 50 साल तक एकछत्र राज करने वाले शिक्षक पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा का निधन

    50 साल से थे शिक्षक संघ सीट से एमएलसी, नवंबर में मिली थी करारी हार

    श्रद्धांजलि : शिक्षक राजनीति के वटवृक्ष थे ओमप्रकाश शर्मा, लगातार 50 साल तक उठाते रहे सदन में शिक्षकों की आवाज


    शिक्षक राजनीति के वटवृक्ष थे ओमप्रकाश,50 साल से थे जीत की गारंटी, संघर्ष था मूलमंत्र Meerut Newsओमप्रकाश शर्मा का शिक्षक राजनीति में करिश्माई दखल था।

    ओमप्रकाश शर्मा ने शिक्षक राजनीति में एक मुकाम हासिल किया था। उनके विरोधी भी मानते हैं कि उनके राजनीतिक दबदबे तक पहुंचना किसी सियासतदां के लिए मुश्किल हागा। सूबे में सरकारों का आना-जाना लगा रहा। राष्ट्रीय दलों से सत्ता सरककर क्षेत्रीय दलों के पाले में आ गई।


    मेरठ । शिक्षक राजनीति के स्तंभ रहे ओमप्रकाश शर्मा की सियासी परछाई बेहद लंबी थी। शिक्षक राजनीति में लगातार 50 साल की मैराथन पारी खेलने के बाद पिछले चुनावों में क्रीज से बाहर हुए, लेकिन शिक्षकों के हित में उनकी आवाज आज भी बुलंद थी। राजनीति के पंडित बताते हैं कि उनकी एक आवाज पर सूबे के कोने-कोने से शिक्षक हाथ उठाकर खड़े हो जाते थे। सत्तर और अस्सी के दशक में उन्हें कई दिग्गजों ने मंत्री बनाने का भी आफर दिया, लेकिन वो सिद्धांतों की डगर से नहीं भटके।

    नहीं हुए थे टस से मस
    ओमप्रकाश शर्मा के विरोधी भी मानते हैं कि उनके राजनीतिक दबदबे तक पहुंचना किसी सियासतदां के लिए मुश्किल हागा। सूबे में सरकारों का आना-जाना लगा रहा। राष्ट्रीय दलों से सत्ता सरककर क्षेत्रीय दलों के पाले में आ गई। प्रदेश की सियासत में भारी बदलाव नजर आया, लेकिन शर्मा का वजूद दलगत सियासत की मोहताज नहीं रही।

    बदलते दौर में चौधरी चरण सिंह की सरकार से लेकर कांग्रेस, जनता दल, सपा, बसपा और भाजपा ने सत्ता संभाला, लेकिन उनका राजनीतिक दुर्ग अभेद्य रहा। उनके आठ बार एमएलसी रहने के दौरान 19 मुख्यमंत्रियों ने यूपी की कमान संभाली। कहते हैं कि हेमवती नंदन बहुगुणा और मुलायम सिंह यादव ने उन्हें मंत्री बनाने के अलावा लखनऊ से संसदीय चुनाव लडऩे का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन शर्मा टस से मस नहीं हुए।

    87 साल की उम्र में भी जमकर लड़े चुनाव
    शिक्षक राजनीति में ओम प्रकाश का करिश्माई दखल ऐसा रहा कि सूबे का शिक्षक उनकी एक आवाज पर उठ खड़ा होता था। 87 साल की उम्र में एमएलसी चुनाव लड़े। वक्त काफी आगे निकल चुका था। संगठन में भी भारी मतभेद उभरा, और जिलाध्यक्षों की उनके महामंत्रियों से ठन गई। संगठन में नए लोग भावनात्मक रूप से जुड़ नहीं सके। लंबे समय से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने सूबे में संगठन को बड़ी ताकत और विस्तार दिया। आखिरकार भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा से चुनाव हार गए। लेकिन उनका कद ऐसा था कि चुनाव जीतने के बाद श्रीचंद शर्मा ओमप्रकाश से मिलने उनके घर गए। पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

    ओमप्रकाश शर्मा के निधन से शिक्षा जगत की राजनीति में रिक्तता आ गई है। वो कई दशकों तक राजनीति में अपने मूल्यों के साथ आगे बढ़ते रहे। संघर्ष किया, और शिक्षकों का भरोसा जीता। भगवान उन्हें अपने चरणों में स्थान दें। - डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा


    मेरठ :  शिक्षक संघ की राजनीति में 50 साल तक एकछत्र राज करने वाले शिक्षक एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा का आज निधन हो गया। वे करीब 84 साल के थे। हालांकि उनका निधन किन कारणों से हुआ इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं हो पाई है लेकिन पूर्व एमएलसी के निधन की खबर मिलते ही उनके समर्थकों का घर पर तांता लगना शुरू हो गया। बताया जाता है कि उन्होंने खुद को कुछ अस्वस्थ महसूस किया और उसके बाद उनके चिकित्सक पुत्र ने उनका उपचार शुरु किया लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उनका निधन हो गया।


    उतर प्रदेश शिक्षक राजनीति का 50 साल से नेतृत्व कर रहे शिक्षक नेता व निवर्तमान एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा एक बड़ा नाम थे । 50 साल तक ओमप्रकाश शर्मा के इर्द-गिर्द ही शिक्षकों, कर्मचारियों की राजनीति घूमती रही। ओम प्रकाश शर्मा ने विधान परिषद का पहला चुनाव 1970 में जीता था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अंतिम चुनाव उन्होंने 2014 में जीता था। शर्मा की लोकप्रियता 90 के दशक में इतनी थी कि सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई और साढ़े 10 बजे तक उन्हें प्रथम वरीयता के 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल जाते थे। 


    गत दिनों मिली हार पर उन्होंने साफ कहा था कि हार से शिक्षकों के आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शिक्षक हित में आंदोलन जारी रहेगा। चुनाव हारने के बाद भी पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा शिक्षकों के हित के लिए प्रयासरत थे। शनिवार काे भी वे जीआईसी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे।

    फतेहपुर : वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला परियोजना कार्यालय से SMC को विभिन्न गतिविधियों/ योजनाओं/ कार्यक्रमों हेतु अवमुक्त धनराशि का शत-प्रतिशत उपभोग/ व्यय कराए जाने के सम्बंध में

    फतेहपुर : वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला परियोजना कार्यालय से SMC को विभिन्न गतिविधियों/ योजनाओं/ कार्यक्रमों हेतु अवमुक्त धनराशि का शत-प्रतिशत उपभोग/ व्यय कराए जाने के सम्बंध में।

    यूपी के मदरसों में अब प्रबंधक नहीं कर सकेंगे सीधी भर्ती, मानव सम्‍पदा पोर्टल पर ऑनलाइन होगा शिक्षकों-कर्मचारियों का ब्‍यौरा

    यूपी के मदरसों में अब प्रबंधक नहीं कर सकेंगे सीधी भर्ती, मानव सम्‍पदा पोर्टल पर ऑनलाइन होगा शिक्षकों-कर्मचारियों का ब्‍यौरा


    उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त और अनुदानित मदरसों के प्रबंधकों व संचालकों की मनमानी अब नहीं चलने वाली। प्रदेश सरकार इन मदरसों के संचालन के लिए नियमावली तैयार करवा रही है। इसके साथ ही उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के अधीन 'मानव सम्पदा' पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल पर उक्त मदरसों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा। प्रदेश में कुल 560 मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसे हैं और इनमें करीब नौ हजार शिक्षक तथा हजारों की तादाद में शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं।


    यह जानकारी प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में दी। श्री रजा ने बताया कि उक्त सभी मदरसों में कार्यरत कार्मिकों का पूरा ब्यौरा जब मानव सम्पदा पोर्टल पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा तो साफ हो जाएगा कि कौन सा शिक्षक किस मदरसे में कार्यरत है और उसकी शैक्षिक योग्यता क्या है। उन्होंने बताया कि अभी ऐसी भी शिकायतें आती हैं कि एक शिक्षक कई मदरसों में पढ़ा कर एक नहीं बल्कि कई मदरसों से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। मानव सम्पदा पोर्टल पर सारी जानकारी सार्वजनिक हो जाने के बाद इस फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक यह सारी लिखा पढ़ी मैनुअली होने की वजह से ऐसे फर्जीवाड़े पकड़े नहीं जा पा रहे थे।

    मोहसिन रजा ने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति जता दी है। उन्होंने बताया कि मदरसों के आलिम, फाजिल की योग्यता प्राप्त करने वालों को स्नातकोत्तर डिग्री के बराबर मान्यता दिये जाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में उर्दू के प्रवक्ता व प्रोफेसर आदि के पदों पर ऐसे युवाओं को नौकरियां मिल सकें।


    एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि राज्य अलपसंख्यक आयोग और राज्य हज कमेटी में चेयरमैन व कार्यकारिणी सदस्यों के खाली पदों पर जल्द ही मनोनयन कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि उ.प्र.सेण्ट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड और उ.प्र.शिया सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड की सारी वक्फ सम्पत्तियों का विशेष आडिट भी करवाया जाएगा।

    फतेहपुर : त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन पूर्व सार्वजनिक अवलोकन हेतु दिनांक 15 से 18 जनवरी तक बीएलओ के उपस्थित रहने व न्यायपंचायत वार जांच अधिकारी नामित किये जाने संबंधी आदेश जारी

    फतेहपुर : त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की  मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन पूर्व सार्वजनिक अवलोकन हेतु दिनांक 15 से 18 जनवरी तक बीएलओ  के उपस्थित रहने व न्यायपंचायत वार जांच अधिकारी नामित किये जाने संबंधी आदेश जारी।


    यूपी बोर्ड की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम जल्द

    यूपी बोर्ड की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम जल्द


    प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम जल्द घोषित हो सकता है। बोर्ड प्रशासन को हाईस्कूल व इंटर की लिखित परीक्षा का कार्यक्रम मिलने का इंतजार है। यह घोषित होते ही वह प्रायोगिक की तारीखें जारी कर देगा। दोनों परीक्षाओं के माह भी लगभग तय हैं। बोर्ड ने पिछले साल शैक्षिक कैलेंडर में भी उसका उल्लेख किया था। 56 लाख से अधिक परीक्षार्थियों में परीक्षा तारीख को लेकर कौतूहल है।


    यूपी बोर्ड आमतौर पर 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं का कार्यक्रम कई माह पहले घोषित करता आ रहा है। 2020 की परीक्षा का एलान पहली जुलाई 2019 को ही किया था, लेकिन इस बार कोरोना के कारण पहले स्कूल खुलने में विलंब हुआ और फिर बाकी कार्यक्रम तय व घोषित होने में देर होती चली गई। 

    बोर्ड के शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार अगले माह इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा व हाईस्कूल का आंतरिक मूल्यांकन होना है। इसकी तारीखें भी लगभग तय हैं, लेकिन लिखित परीक्षा की समय सारिणी का इंतजार किया जा रहा है, जो पंचायत चुनाव व अन्य को देखते हुए शासन स्तर पर तय होनी है। बोर्ड सचिव का कहना है कि जल्द ही परीक्षा कार्यक्रम घोषित हो सकता है।

    फिरोजाबाद : 69000 शिक्षक भर्ती प्रथम व द्वितीय चरण के अभ्यर्थियों हेतु सत्यापन संबधी महत्वपूर्ण सूचना

    फिरोजाबाद : 69000 शिक्षक भर्ती प्रथम व द्वितीय चरण के अभ्यर्थियों हेतु सत्यापन संबधी महत्वपूर्ण सूचना।


    पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ का धरना व उपवास

    पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ का धरना व उपवास


    लखनऊ। पुरानी पेंशन की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों, व्यावसायिक अनुदेशकों एवं कम्प्यूटर शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, वंचित तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किए जाने, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना देकर उपवास रखेगा।


    संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ आरपी मिश्र ने बताया कि प्रदेश व्यापी संघर्ष कार्यक्रम के अंतर्गत उपवास रखकर प्रदर्शन किया जाएगा।

    सांसदों व विधायकों के रिश्तेदारों को मिल सकती है मनचाहे जिले में तैनाती, आज के अखबार की खबर

    सांसदों व विधायकों के रिश्तेदारों को मिल सकती है मनचाहे जिले में तैनाती, आज के अखबार की खबर


    लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के वे सहायक अध्यापक जो सत्तारूढ़ दल के सांसद, विधायक या पार्टी पदाधिकारी के करीबी रिश्तेदार हैं, उन्हें मनचाही तैनाती का तोहफा मिल सकता है। चुनावी वर्ष में जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों को संतुष्ट करने के लिए तबादले शासनादेश से करने की कवायद शुरू की गई है। सूत्रों के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में इस पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।


    तबादले की अर्जी लेकर सचिवालय पहुंच रहे सत्ता और संगठन के लोगों को ताकीद किया जा रहा है कि सिर्फ अपने करीबी रिश्तेदार या परिवार के सदस्य के तबादले की ही अर्जी दें। इसके बाद तैयार लिस्ट की छंटनी कर शासनादेश का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री की मंजूरी ली जाएगी। सीएम की हरी झंडी मिलते ही तबादलों के आदेश जारी किए जाएंगे। 


    गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने 2019 में तबादलों के लिए आवेदन मांगे थे। 54 हजार तबादलों की मंजूरी के बावजूद 21 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों के ही अंतर्जनपदीय तबादले किए गए हैं। हर विस क्षेत्र में बड़ी संख्या में सहायक अध्यापक तबादले से बंचित रहे हैं।

    (साभार -  दैनिक अमर उजाला)

    खोले जाएं कक्षा 06 से 08 तक के विद्यालय, प्राइवेट स्कूल संचालकों की मांग

    खोले जाएं कक्षा 06 से 08 तक के विद्यालय, अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मांग

    अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मांग, कहा- विद्यालय खुलने पर कोविड प्रोटोकॉल का होगा पालन


    लखनऊ: कोरोना की वैक्सीन आ चुकी है। संक्रमण की दर कम हो रही है। ऐसे में लंबे समय से बंद चल रहे कक्षा छह से आठ तक के स्कूल खोले जाएं। यह कहना है अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का।


    शुक्रवार को हजरतगंज स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल में आयोजित प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के स्टेट प्रेसिडेंट अनिल अग्रवाल ने कहा कि 19 अक्टूबर 2020 को नौ से 12 तक की कक्षाएं तीन घंटे तक चलाने के आदेश दिए गए थे। सरकार ने इसे बढ़ाकर पांच घंटे तक स्कूल खोलने की मंजूरी दे दी है। अब स्कूल में भोजनावकाश भी होगा। स्कूल अपने स्तर पर कोविड से निपटने के इंतजाम सुनिश्चित कर चुके हैं। ऐसे में छह से आठ तक के स्कूलों को खोलने की भी अनुमति दी जाए।


    बच्चों को किया जाएगा प्रमोट: एसोसिएशन का कहना है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी बच्चों को प्रमोट किया जायेगा। मगर इसके लिए उन्हें परीक्षा देना अनिवार्य है।


    फीस वृद्धि के सवाल से किनारा: एसोसिएशन का कहना है कि करीब 22 प्रतिशत अभिभावकों ने इस बार फीस नहीं जमा की है। अगले सत्र में निजी स्कूलों की फीस में कितने प्रतिशत वृद्धि होगी, इस सवाल पर पदाधिकारी किनारा काटते रहे। उनका कहना है कि इस बात की घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस मौके पर एसोसिएशन की सचिव माला मेहरा, पायनियर मांटेसरी स्कूल के प्रबंधक बृजेंद्र सिंह, सेंट फ्रांसिस के फादर ऑलविन मौरिष मौजूद रहे।

    UP : पंचायत चुनावों से पहले प्राइमरी स्‍कूलों तक बिजली पहुंचाने की कवायद

    UP : पंचायत चुनावों से पहले प्राइमरी स्‍कूलों तक बिजली पहुंचाने की कवायद, गोरखपुर में सवा करोड़ की दरकार 


    गोरखपुर : यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव से पहले जिले के विभिन्न ब्लाकों के 772 प्राथमिक स्कूलों में बिजली निगम को कनेक्शन देना है। ये सभी स्कूल बिजली सुविधा सें वंचित है। शासन के निर्देश पर बिजली निगम ने सर्वे कराकर इन स्कूलों तक बिजली पहुचाने के लिए सवा करोड़ का इस्टीमेट बनाकर बीएसए को भेजा है। बजट की प्रत्याशा में बिजली निगम ने टेण्डर की प्रक्रिया भी पूरी कर दी है। अब काम शुरु करने के लिए निगम को सवा करोड़ मिलने का इंतजार है। एसई का कहना है कि शासन से जल्द ही बजट मुहैया हो जाएगा।


    शासन ने दिसम्बर में बिजली निगम को पत्र भेजकर कहा था कि बिजली सुविधा से वंचित जिले के प्राथमिक स्कूलों का सर्वे कर पंचायत चुनाव से पहले खम्भा, तार व ट्रांसफॉर्मर लगाकर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराए। इसके बाद ग्रामीण वितरण मण्डल द्वितीय के अभियंताओं व प्रशासन की टीम ने विभिन्न ब्लाकों के प्राथमिक स्कूलों का सर्वे की। इस दौरान 772 स्कूल बिजली सुविधा से वंचित मिले। रिपोर्ट मिलने के बाद वितरण मण्डल के एसई ने रिपोर्ट से शासन को अवगत कराया दिया। क्षेत्र के अवर अभियंताओं ने स्कूलों तक एचटी लाइन बनाने व ट्रांसफॉर्मर लगाने में होने वाले खर्च का आकलन कर इस्टीमेट तैयार किया। चिन्हित स्कूलों तक एचटी लाइन बनाने व ट्रांसफॉर्मर लगाने में 1.20 करोड़ खर्च का इस्टीमेट बना। ग्रामीण वितरण मण्डल के एसई ने बीएसए को टीसी भेजकर पैसा जल्द से जल्द जमा करने को कहा है। शासन से बजट अवमुक्त होते ही कार्यदायी फर्म काम शुरू कर देगी। यह काम पंचायत चुनाव से पहले पूरा होना है।


    इन ब्लाकों के प्राथमिक स्कूलों में लगने हैं कनेक्शन
    भटहट-36, चरगांवा-9, नगर क्षेत्र-15, पिपराइच-47, ब्रम्हपुर-70, खोराबार-13, सरदानगर-35, कैम्पियरगंज-38, जगंल कौड़िया-67, खजनी-29, पाली-33, पिपरौली-22, सहजनवा-51, बांसगांव-54, बड़हलगंज-55, गगहा-57, कौड़ीराम-48, बेलघाट-18, गोला- 46, ऊरुवा-31 स्कूल


    शासन के निर्देश पर प्रशासन व बिजली निगम की टीम के सर्वे में जिले के विभिन्न ब्लाकों में 772 स्कूल बिना बिजली सुविधा के मिले। इन स्कूलों तक एचटी लाइन बनाकर, 25 केवीए ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली कनेक्शन पंचायत चुनाव से पहले दिया जाना है। इसमें करीब 1.20 करोड़ रुपये खर्च होने है। इसके लिए बीएसए को टीसी भेजी गई है। काम कराने के लिए टेण्डर प्रक्रिया भी फाइलन कर दी गई है। बजट मिलते ही काम शुरु करा दिया जाएगा। ई. राजीव चतुर्वेदी, एसई, ग्रामीण वितरण मण्डल प्रथम

    यूपी : प्रमोट हुए छात्र, तब भी मिलेगा रिपोर्ट कार्ड, इन छात्रों को प्रमोट करने की शासन स्तर पर चल रही तैयारी

    यूपी : प्रमोट हुए छात्र, तब भी मिलेगा रिपोर्ट कार्ड, इन छात्रों को प्रमोट करने की शासन स्तर पर चल रही तैयारी


    कोरोना के चलते पिछले वर्ष की तरह इस साल भी प्राइमरी व अपर प्राइमरी तक के छात्रों को प्रमोट करने की तैयारी शासन स्तर पर चल रही है। हालांकि, इस बार प्रमोट छात्रों को रिपोर्ट कार्ड भी मिलेगा। गत वर्ष लॉकडाउन से अधिकतर स्कूलों में छात्रों को बिना रिपोर्ट कार्ड दिए ही प्रमोट कर दिया गया था। 


    लॉकडाउन में स्कूल बंद होने से पहले कुछ स्कूल ही ऐसे थे जिन्होंने गृह परीक्षाएं करा ली थीं वहीं ज्यादातर स्कूलों में गृह परीक्षाएं चल रही थीं तो कई स्कूल परीक्षा शुरू करने वाले थे। लॉकडाउन लंबा खिंचने से छात्रों को प्रमोट तो कर दिया गया। 


    लेकिन जिन स्कूलों में परीक्षाएं नहीं हो पाई यहां के छात्रों को रिपोर्ट कार्ड नहीं दिया गया। इस बार भी प्राइमरी और अपर प्राइमरी के छात्रों को प्रमोट करने की तैयारी में हैं। लेकिन इस बार सभी छात्रों को रिपोर्ट कार्ड मिलेगा, ताकि अभिभावक बच्चों की स्थिति जान सकें।  

    छात्रों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट ऑनलाइन पढ़ाई और टेस्ट के आधार पर तैयार की जाएगी। निजी स्कूल हो या बेसिक के परिषदीय विद्यालय, सभी जगह छात्रों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा।  
    ऑनलाइन उपस्थिति दर्शाई जाएगी


    रिपोर्ट कार्ड में यह दिखाया जाएगा कि साल भर ऑनलाइन कक्षा में छात्र की कितने प्रतिशत उपस्थित रही। केवी गोमतीनगर के प्रधानाचार्य डॉ. सीबीपी वर्मा ने बताया कि उपस्थिति भले हो अनिवार्य न हो, लेकिन ऑनलाइन उपस्थिति की मानिटरिंग होगी।


    ऑनलाइन यूनिट टेस्ट और परीक्षा के आधार पर मूल्यांकन 
    छात्रों की साल भर की परफॉर्मेंस ऑनलाइन यूनिट टेस्ट व परीक्षा के आधार पर आंकी जाएगी। प्राइमरी और अपर प्राइमरी छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं चलने से सबसे ज्यादा ऑनलाइन टेस्ट करा रहे हैं। छात्रों की परफॉर्मेंस इसी आधार तय की जाएगी।


    पायनियर मॉन्टेसरी इंट कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. शर्मिला सिंह ने बताया कि हर महीने ऑनलाइन यूनिट टेस्ट होते हैं। रिपोर्ट कार्ड साल भर की परफॉरमेंस पर तैयार किया जाएगा। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने बताया कि रिपोर्ट कार्ड भी आनलाइन देने की व्यस्था है।

    Friday, January 15, 2021

    नई शिक्षा नीति के तहत अब सीबीएसई देगा स्कूलों को सम्बद्धता, आवेदन 31 मार्च 2021 तक

    नई शिक्षा नीति के तहत अब सीबीएसई देगा स्कूलों को सम्बद्धता, आवेदन 31 मार्च तक

    आवेदन के लिए महत्वपूर्ण तिथियां
    नई मान्यता के लिए आवेदन-      एक से 31 मार्च 2021, एक से 30 जून 2021, एक से 30 सितंबर 2021
    मान्यता अपग्रेड करने के लिए आवेदन-  एक स 31 मार्च तक 2021, एक से 31 मार्च 2021, एक से 30 सितंबर 2021
    मान्यता आगे बढ़ाने लिए आवेदन-    एक मार्च से 31 मई 2021 तक
    स्कूल में अतिरिक्त विषय, सेक्शन बढ़ाने के लिए आवेदन-    एक मार्च 2021 से पूरे साल
    स्कूल का नाम बदले जाने के लिए आवेदन- एक मार्च 2021 से


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों को अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मान्यता देगा। बोर्ड ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।बोर्ड की ओर से आवेदन के लिए एक मार्च की तिथि तय की गई है। जिस स्कूल को पहली बार मान्यता लेनी हो, वह भी एक से 31 मार्च तक आवेदन करें। बोर्ड ने स्कूलों को मान्यता अपग्रेड करने के लिए साल में तीन बार आवेदन का मौका दिया है।

    आवेदन के लिए 31 मार्च को खुलेगा सीबीएसई का विंडो
    सीबीएसई सम्बद्धता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक मार्च 2021 से विंडो खोलेगा। नई मान्यता के साथ पहले चल रहे स्कूल 12 वीं तक स्कूल अपग्रेड करना चाहते हैं तो पुराने स्कूल भी आवेदन कर सकते हैं। सीबीएसई की ओर से नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए पहली बार साल में तीन बार आवेदन का मौका देगा। पहली बार आवेदन एक से 31 मार्च के बीच लिए जाएंगे। दूसरी बार एक से 30 जून के बीच सीबीएसई आवेदन का मौका देगा जबकि मान्यता के लिए तीसरी बार आवेदन प्रक्रिया एक से 30 सितंबर लिए जाएंगे।

    नई शिक्षा नीति के तहत साल भर में सभी स्कूल अपग्रेड होंगे
    सीबीएसई की ओर से नई शिक्षा नीति के तहत सभी स्कूलों को 12 वीं तक अपग्रेड कर दिया जाएगा। स्कूल तीन बार आवेदन कर अपने को अपग्रेड कर सकते हैं। अपग्रेड के अलावा स्कूल संबद्धता की समय सीमा को बढ़ाने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। संबद्धता की समय सीमा बढ़ाने के लिए एक मार्च से 31 मई तक आवेदन लिया जाएगा।


    फतेहपुर : SMC/ VEC एवं BRC में अप्रयुक्त अंतिम अवशेष 31.03.2019 की धनराशि जनपद के नवीन खाते में स्थानांतरित हेतु आहूत बैठक के सम्बन्ध में

    फतेहपुर : SMC/ VEC एवं BRC में अप्रयुक्त अंतिम अवशेष 31.03.2019 की धनराशि जनपद के नवीन खाते में स्थानांतरित हेतु आहूत बैठक के सम्बन्ध में।

    आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को दाल की जगह मिलेगा काला चना


    आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को दाल की जगह मिलेगा काला चना,  इन 38 जिलों में बंटेगा काला चना


    बिना तैयारी शुरू की गई पोषाहार वितरण की नई व्यवस्था चार माह बाद भी पटरी पर नहीं आ पाई है। पोषाहार के लिए तय मीनू के मुताबिक आहार का वितरण नहीं हो पा रहा है। अब तक लाभार्थियों को न दाल मिल रही है और न ही घी की  आपूर्ति शुरू हो पाई है। ऐसे में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) निदेशालय ने फिर पोषाहार आपूर्ति व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया है।


    आंशिक बदलाव के बाद अब शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाली गर्भवती, धात्री व किशोरियों को पोषाहार के रूप में दाल की जगह काला चना दिया जाएगा। जबकि छह माह से लेकर 6 साल के बच्चों व अति कुपोषित बच्चों को दाल ही दी जाएगी। फिलहाल यह व्यवस्था लखनऊ व अमेठी समेत 38 जिलों में शुरू की जाएगी। निदेशक आईसीडीएस डॉ. सारिका मोहन ने नैफेड के प्रबंध निदेशक को 38 जिलों के शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए काला चना उपलब्ध कराने का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश एक महीने की आपूर्ति के लिए जारी किया गया है।


    बता दें कि नई व्यवस्था में पोषाहार के मीनू में मोटे अनाज के साथ ही दाल और देशी घी देने का प्रावधान किया गया था। घी की आपूर्ति पीसीडीएफ को करना था और खाद्य एवं रसद विभाग को दाल उपलब्ध कराना था। लेकिन प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) ने घी की आपूर्ति करने से मना कर दिया है। जबकि दाल खरीदने के लिए सरकार के स्तर से 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर निर्धारित की गई है। जबकि बाजार में दाल की कीमत काफी अधिक है। इससे जिला कार्यक्रम अधिकारी दाल की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। इन्हीं दिक्कतों से आपूर्ति व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया गया है।
     

    इन जिलों में बंटेगा काला चना
    लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सीतापुर, वाराणसी, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, प्रतापगढ़, आजमगढ़, मऊ, बहराइच, बांदा, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, जालौन, झांसी, कानपुर नगर, कासगंज, कुशीनगर, औरैया, अलीगढ़, मैनपुरी, पीलीभीत, फतेहपुर, बदायूं, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ व हमीरपुर।

    डॉ.अमित भारद्वाज बने पूर्णकालिक उच्च शिक्षा निदेशक

    डॉ.अमित भारद्वाज बने पूर्णकालिक उच्च शिक्षा निदेशक।

    उच्च शिक्षा निदेशक के पद पर डॉ. अमित की स्थायी नियुक्ति


    प्रयागराज। उच्च शिक्षा के कार्यवाहक निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज को शासन ने स्थायी निदेशक के पद पर नियुक्त कर दिया है। 30 सितंबर 2020 को तत्कालीन उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा के सेवानिवृत्त होने पर डॉ. अमित भारद्वाज को कार्यवाहक निदेशक के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

    शुक्रवार को डॉ. अमित ने स्थायी पूर्णकालिक निदेशक का पदभार ग्रहणा किया। इससे पूर्व कार्यवाहक निदेशक रहते हुए उन्होंने उच्च शिक्षा निदेशालय में कई ऐसे कर्मचारियों और अफसरों के पटल बदल दिए, जो लंबे समय से एक ही जगह पर जमे हुए थे। इसके साथ ही उन्होंने

    साढ़े तीन माह से उच्च शिक्षा के कार्यवाहक निदेशक पद पर थी तैनाती

    विज्ञापन संख्या 47 के तहत कई विषयों की प्रतीक्षा सूची एवं मुख्य सूची के चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराकर उन्हें नियुक्ति पत्र भी वितरित कर दिए। डॉ. अमित अपने सेवाकाल के शुरुआती दिनों में कई कॉलेजों में तैनात रहे। 18 जुलाई 2018 को उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यभार संभाला। डॉ. अमित की प्राथमिकता है कि कॉलेजों में पठन पाठन सुचारु हो, अनुशासन बना रहे और सभी चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराकर उन्हें समय से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं।



    लखनऊ : डॉ.अमित भारद्वाज को उच्च शिक्षा निदेशक बनाया गया है। वह अभी तक कार्यवाहक निदेशक के तौर पर कार्यभार संभाल रहे थे, लेकिन अब उन्हें पूर्णकालिक निदेशक बना दिया गया है।

    हाईस्कूल पास भी कर सकेंगे प्राथमिक चिकित्सा में पढ़ाई

    हाईस्कूल पास भी कर सकेंगे प्राथमिक चिकित्सा में पढ़ाई


    लखनऊ : अब हाईस्कूल पास छात्र-छात्राएं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय लखनऊ से प्राथमिक चिकित्सा में सर्टिफिकेट कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगे। इसमें थ्योरी के साथ-साथ एसजीपीजीआइ में प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा। इसमें एससी-एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को फ्री प्रवेश मिलेगा।


    यह जानकारी गुरुवार को के इग्नू सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने दी। वह इग्नू की ओर से सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। 'रोड सेफ्टी : अट टुडे, अलाईव टुमारो' विषय पर हुई कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि होमगार्ड विभाग के डिप्टी कमांडेंट रंजीत सिंह मौजूद रहे। 


    इग्नू की निदेशक डॉ. मनोरमा सिंह ने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा के नए कोर्स के माध्यम से विद्यार्थी सड़क दुघर्टना में प्राथमिक उपचार देने के तरीके सीख सकेंगे। एडीशनल डीसीपी पुर्नेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को यातायात के नियमों का पालन करने की सलाह दी। शिक्षाविद् आनंद शेखर, उप्र आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता मौजूद रहे।

    कोरोना टीकाकरण के चलते पोलियो रविवार कार्यक्रम अब 31 जनवरी को

    कोरोना टीकाकरण के चलते पोलियो रविवार कार्यक्रम अब 31 जनवरी को


    नई दिल्ली :  राष्ट्रीय पोलियो कार्यक्रम अब 31 जनवरी को होगा। पहले यह राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस 17 जनवरी को निर्धारित था। इस कार्यक्रम के तहत देशभर में 0-5 वर्ष | उम्र वर्ग के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।


    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्यक्रम में बदलाव के बारे में बताया है कि 16 जनवरी को प्रधानमंत्री कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। इसलिए मंत्रालय ने राष्ट्रपति कार्यालय से विमर्श के बाद पोलियो टीकाकरण के कार्यक्रम में बदलाव किया है। 


    राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस या पोलियो रविवार 31 जनवरी को होगा। राष्ट्रपति 30 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में सुबह 11.45 बजे कुछ बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान की शुरुआत करेंगे। कोरोना प्रबंधन एवं टीकाकरण तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय किया है।

    बिना किसी नियम के अदालत विशेषज्ञों का फैसला नहीं कर सकती खारिज - हाईकोर्ट

    पुनर्मूल्यांकन के बाद नियम न होने पर हस्तक्षेप उचित नहीं

    बिना किसी नियम के अदालत विशेषज्ञों का फैसला नहीं कर सकती खारिज - हाईकोर्ट


    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि किसी व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विषय में पुनर्मूल्यांकन एक बार विशेषज्ञों द्वारा करने के बाद न्यायालय को इस संबंध में कोई नियम न होने पर हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। न्यायालय विशेषज्ञों के फैसले को अपने निर्णय से बदल नहीं सकता है। कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञों की राय पर भरोसा करना ही होगा।


    यह निर्णय न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने केडी डेंटल कॉलेज मथुरा के डेंटल सर्जरी के छात्र विश्व वैभव की याचिका खारिज करते हुए दिया है। याची का कहना था कि उसने अपनी पढ़ाई में बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया लेकिन अंतिम परीक्षा में दो पेपर में उसे फेल कर दिया गया। उसने पुनर्मूल्यांकन का आवेदन किया। पुनर्मूल्यांकन में उसे मिले अंकों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। याची को पूरा भरोसा है कि उसकी उत्तर पुस्तिका सही तरीके से जांची नहीं गई है इसलिए एक ‌बार फिर से मूल्यांकन का आदेश दिया जाए। 


    जबकि कॉलेज की ओर से कहा गया कि एक बार पुनर्मूल्यांकन हो गया तो बिना किसी नियम के दोबारा पुनर्मूल्यांकन नहीं कराया जा सकता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याची कोई ऐसा नियम नहीं बता सका कि एक बार पुनर्मूल्यांकन हो जाने के बाद दोबारा भी पुनर्मूल्यांकन कराया जा सकता है। यह मामला मेडसिन की विशेषज्ञ शाखा से जुड़ा है। 


    इस न्यायालय के पास ऐसी कोई विशेषज्ञता नहीं है, जिससे वह यह निर्धारित कर सके कि याची सही है या पुनर्मूल्यांकन करने वाले विशेषज्ञ। न्यायालय के लिए यह उचित नहीं होगा कि वह खुद को विशेषज्ञ मानते हुए विशेषज्ञों के किए काम को फिर से करने का आदेश दे। इस स्थिति में विशेषज्ञों की राय पर ही भरोसा करना होगा।

    प्रवासी कामगारों के बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं बीएसए : महानिदेशक स्कूल शिक्षा

    प्रवासी कामगारों के बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं बीएसए : महानिदेशक स्कूल शिक्षा


    प्रयागराज। कोरोना संक्रमण के दौरान प्रवासी कामगार अपने घरों को लौट आए थे। इन कामगारों के करीब डेढ़ लाख बच्चों की शिक्षा को लेकर प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में क्या हो रहा है, इस बारे में महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से भेजी गई बच्चों की संख्या को उन्होंने राहत आयुक्त की उपलब्ध कराई गई संख्या से अलग बताया है। 


    ऐसे में सवाल उठता है कि जिलों में इन बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है। उन्होंने दो दिन के भीतर बीएसए से सही जानकारी तलब की है। महानिदेशक विजय किरन आनंद ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि नवंबर में प्रदेश के सभी बीएसए से प्रवासी कामगारों के छह से 14 बर्ष की आयु के बच्चों के बारे में मांगी गई रिपोर्ट में उन्होंने सही आंकड़े नहीं भेजे। प्रदेश के अधिकांश बीएसए की ओर से भेजी गई जानकारी पर उन्होंने सबालिया निशान लगाया है।

    UP Board Scholarship : कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के खातों में इस तारीख से आएगी छात्रवृत्ति

    UP Board Scholarship : कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के खातों में इस तारीख से आएगी छात्रवृत्ति 

    यूपी के समाज कल्याण विभाग की ओर से कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के गरीब व जरूरतमंद आवेदक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि मिलने का इंतजार जल्द ही खत्म होगा। विभाग ने 26 जनवरी से इन छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि भेजने की तैयारी कर ली है।


    विभाग के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र ने बताया कि 5 नवम्बर तक जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन किये थे और इनमें से जांच के बाद जिनके आवेदन सही पाए गए उनके बैंक खातों में 26 जनवरी से छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि भेजने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 
    वैसे इसकी औपचारिक शुरुआत 24 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित अवध शिल्पग्राम में होने वाले यूपी दिवस के उद्घाटन के अवसर पर प्रतीक स्वरूप तीन छात्र-छात्राओं को छात्रवृ़त्ति व फीस भरपाई के चेक प्रदान करके करेंगे।

     मुख्यमंत्री आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जरूरतमंद गरीब छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करने की योजना की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम में इस पूरी योजना की कार्ययोजना पेश की जाएगी जिसके लिए शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग मिलकर तैयारी कर रहे हैं।