DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, August 22, 2119

अब तक की सभी खबरें एक साथ एक जगह : प्राइमरी का मास्टर ● इन के साथ सभी जनपद स्तरीय अपडेट्स पढ़ें


 📢 प्राइमरी का मास्टर PKM
      अधिकृत WhatsApp चैनल


व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ टुडे
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी 
  • प्राइमरी का मास्टर कॉम
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर खबरें faizabad, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com fatehpur, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर 2019
  • प्राइमरी का मास्टर अवकाश तालिका 2019
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़ इन हिंदी लैंग्वेज
  • primary ka master 69000 
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master latest news 2018 
  • primary ka master 69000 
  • news.primarykamaster.com 2019 
  • news.primarykamaster.com 2020   
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master transfer news 2019 
  • primary ka master app 
  • primary ka master transfer news 2018-19 
  • primary ka master todays latest news regarding 69000 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master mutual transfer 
  • up primary teacher transfer latest news 
  • primary teacher ka transfer



स्क्रॉल करते जाएं और पढ़ते जाएं सभी खबरें एक ही जगह। जिस खबर को आप पूरा पढ़ना चाहें उसे क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

    Wednesday, February 21, 2024

    CBSE : साल में दो बार 10वीं 12वीं परीक्षा वाला नियम इस साल से नहीं, जानिये कब से लागू होगा यह नियम

    CBSE : साल में दो बार 10वीं 12वीं परीक्षा वाला नियम इस साल से नहीं, जानिये कब से लागू होगा यह नियम

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा  है कि छात्रों के पास शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा दो बार देने का विकल्प होगा। 


     राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्र की योजना पर प्रकाश डालते हुए प्रधान ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों को कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में दो बार उपस्थित होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण छात्रों को तनाव मुक्त रखना, उन्हें गुणवत्ता से समृद्ध करना, संस्कृति से जोड़े रखना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है तथा यही 2047 तक भारत को  विकसित देश बनाने का सूत्र है।


    आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा था कि इसी साल से दो बार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था लागू की जाएगी। अकादमिक सत्र 2024-25 पहला बैच होगा, जिसके विद्यार्थियों को साल में दो बार बोर्ड परीक्षाओं में बैठने का मौका मिलेगा।


    इससे पहले अक्टूबर 2023 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी बताया था कि 2024 से 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो मर्तबा हुआ करेंगी। लेकिन अब शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि यह नया नियम 2024 से नहीं 2025 से आएगा। 


    एक बार अवसर मिलने के डर से होने वाले तनाव को घटाने के लिए यह विकल्प पेश किया जा रहा है। अगर कोई छात्र पहली बार की परीक्षा के स्कोर से संतुष्ट नहीं है तो वह अगली बार फिर से परीक्षा में बैठ सकता है। साल की दोनों बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों का बेस्ट स्कोर ही लिया जाएगा। बेस्ट स्कोर के आधार पर रिजल्ट की मेरिट बनेगी। 


    नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत सभी कक्षाओं की नए पाठ्यक्रम की किताबें मुहैया कराएगी। 

    सेवा बहाली के लिए लखनऊ में पैदल यात्रा करेंगे तदर्थ शिक्षक, 24 को गोरक्षपीठ धाम, 27 को बाबा विश्वनाथ धाम में लगाएंगे अर्जी

    सेवा बहाली के लिए लखनऊ में पैदल यात्रा करेंगे तदर्थ शिक्षक, 24 को गोरक्षपीठ धाम, 27 को बाबा विश्वनाथ धाम में लगाएंगे अर्जी


    लखनऊ। प्रदेश में माध्यमिक के एडेड कॉलेजों के तदर्थ शिक्षक सेवा बहाली के लिए एक बार फिर आंदोलन करेंगे। इसके लिए जहां 22 फरवरी को वह राजधानी में पैदल यात्रा निकालकर ज्ञापन देंगे। 


     तीन मार्च से फिर से के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर का अनिश्चितकालीन धरना देंगे। यह नी निर्णय माध्यमिक तदर्थ संघर्ष समिति के की मंगलवार को हुई बैठक में लिया ड, गया। संरक्षक रमेश प्रताप सिंह और नी रवीन्द्र सिंह की अध्यक्षता में की लखनऊ पब्लिक स्कूल, तेलीबाग में में बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 न्त फरवरी को रॉयल होटल से सभी निदेशालय तक "सेवा बहाली पैदल यात्रा" निकालेंगे।


    माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव को ज्ञापन देकर लखनऊ, जौनपुर, बहराइच का वेतन जारी करवाने और सेवा बहाली का प्रत्यावेदन देंगे। इसी क्रम में 24 फरवरी को गोरक्षपीठ धाम गोरखपुर, 27 फरवरी को काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी में मुख्यमंत्री को संबोधित सेवा बहाली की अर्जी मंदिर के मुख्य पुजारी को देंगे। 28 फरवरी को तदर्थ शिक्षक अपने जिले के भाजपा जिलाध्यक्षों के माध्यम से सीएम को संबोधित सेवा बहाली का प्रत्यावेदन देंगे। 

    एक मार्च को प्रदेश भाजपा कार्यालय लखनऊ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सम्बोधित प्रत्यावेदन देंगे। इसके बाद भी सेवा बहाली नहीं की जाती है तो तीन मार्च से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। 

    बैठक में राकेश सिंह, प्रभात कुमार त्रिपाठी, इंद्रनील सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, अभिमन्यु सिंह, आशीष सिंह, मनोज सिंह, सुशील सिंह, प्रत्यूष सिंह, आसाराम वर्मा आदि उपस्थित थे। 

    ढाई वर्ष से अटकी एडेड जूनियर शिक्षक भर्ती पूरी करने को निदेशालय पर प्रदर्शन

    ढाई वर्ष से अटकी एडेड जूनियर शिक्षक भर्ती पूरी करने को निदेशालय पर प्रदर्शन

    प्रयागराजः परीक्षा के करीब ढाई वर्ष बाद भी जूनियर हाईस्कूल के 1894 पदों की भर्ती पूरी नहीं हो सकी है। इस भर्ती को लेकर लगाई याचिका हाई कोर्ट से निस्तारित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती जल्द पूरी किए जाने की मांग को लेकर निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक बेसिक के कार्यालय के गेट पर बैनर लगाकर घेराव कर प्रदर्शन किया। 

    यह भर्ती ढाई वर्ष से अटकी है, इसलिए इस अवधि में रिक्त हुए अन्य पदों को इसमें शामिल कर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। यह भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) की ओर से 17 अक्टूबर 2021 को कराई गई थी। इसका परिणाम 15 नवंबर 2021 को आया, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने कम अंक मिलने को लेकर शिकायत की। 

    जांच में आरोप सही मिलने पर पुनर्मूल्यांकन के आधार पर संशोधित परिणाम छह सितंबर 2022 को घोषित किया गया। पहले घोषित परिणाम में सफल कई अभ्यर्थी संशोधित परिणाम में असफल हो गए। याचिका पर सुनवाई के चलते हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। अब 15 फरवरी को कोर्ट में याचिकाएं खारिज हो गईं, जिससे भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

     ऐसे में जूनियर शिक्षक संघर्ष समिति के अध्यक्ष नागेंद्र पाण्डेय की अगुवाई में अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उप शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने बताया कि स्थगन हटने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


    जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती में पदों को बढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों ने दिया धरना, हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू


    प्रयागराज। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने और पदों की संख्या में वृद्धि करने के लिए सोमवार को अपर शिक्षा निदेशक बेसिक के कार्यालय के सामने धरना दिया। 


    जूनियर एडेड विद्यालयों में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक के 1897 पदों के लिए साल 2,021 में परीक्षा कराई गई थी। सहायक अध्यापक के 1507 और प्रधानाध्यापक के 390 पदों पर निकाली गई भर्ती का परिणाम दो साल पहले ही आ गया था। परिणाम को प्रयागराज हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 


    बीती 15 फरवरी को हाईकोर्ट ने निर्णय देते हुए भर्ती का रास्ता साफ कर दिया | है। इसके बाद अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के लिए धरना दिया और पदों में वृद्धि की मांग भी की।


     जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती संघर्ष समिति के अध्यक्ष नागेंद्र पांडेय ने बताया कि विद्यालयों में रिक्त पड़े छह हजार पदों को भी इस भर्ती में जोड़ा जाए। साथ ही हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मेरिट जारी कर शीघ्र ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए।


    अभ्यर्थियों की पद बढ़ाने की मांग को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेरिट जारी करके शीघ्र ही भर्ती पूरी की जाएगी। संजय यादव, अपर शिक्षा निदेशक बेसिक, प्रयागराज उप्र

    यूपी बोर्ड : तकनीक के सहारे नकलविहीन परीक्षा की तैयारी, प्रश्नपत्र हल कर प्रसारित करना हुआ गैर जमानती अपराध

    यूपी बोर्ड : तकनीक के सहारे नकलविहीन परीक्षा की तैयारी, प्रश्नपत्र हल कर प्रसारित करना हुआ गैर जमानती अपराध

    सूबे में 8,265 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 55 लाख, 25 हजार, 308 परीक्षार्थी

    परीक्षा में बाधा डालने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर


    प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसके लिए बोर्ड की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

    परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए केंद्रों से लेकर कक्ष निरीक्षकों और उत्तर पुस्तिकाओं तक में इस बार तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 55 लाख 25 हजार 308 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए सूबे में 8,265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

    माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि 8,265 केंद्रों में 566 राजकीय विद्यालय, 3,479 सहायता प्राप्त और 4,220 वित्तवहीन विद्यालय शामिल हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर कुल दो लाख 99 हजार 121 कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के लिए कुल 1,297 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 430 जोनल मजिस्ट्रेट, 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक और 416 सचल दल का गठन किया गया है। इसके साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर एक-एक केंद्र व्यवस्थाक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।

     परीक्षा केंद्रों और स्ट्रांग रूम पर रखी जाएगी 24 घंटे नजर नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए केंद्रों के एक लाख 35 हजार परीक्षा कक्षों और परिसर में लगभग तीन लाख वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

    इसके लिए प्रत्येक जिले, पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों और माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुख्यालय में कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, जहां से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। साथ ही कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र में क्यूआर कोड लगाया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं में भी अदला-बदली रोकने के लिए क्यूआर कोड लगाया गया है। साथ ही पहली बार उत्तर पुस्तिका के सभी पृष्ठों पर क्रमांक संख्या अंकित की गई है।


    16 जिले अतिसंवेदनशील : मथुरा, बागपत, अलीगढ़, मैनपुरी, एटा, हरदोई, आजमगढ़, बलिया, मऊ, प्रयागराज, कौशाम्बी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा


    सोशल मीडिया और व्हाट्सएप या किसी अन्य माध्यम से पर किसी विषय की परीक्षा समाप्त होने से पहले यदि उस विषय का प्रश्न पत्र या उसका कोई भाग या उसके हल को सार्वजनिक करने का प्रयास किया जाता है तो ऐसा करने वाले के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और यह अपराध गैर जमानती होगा। परीक्षाओं में नकल या किसी भी गड़बड़ी की शिकायत टोल फ्री नंबरों 18001805310 और 18001805312 पर की जा सकती है।


    स्टेट कंट्रोल रूम से होगी यूपी बोर्ड परीक्षा की आनलाइन निगरानी, 22 फरवरी से नौ मार्च तक परीक्षाओं हेतु बने 8265 परीक्षा केंद्र


    लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षा की आनलाइन निगरानी सीधे स्टेट कंट्रोल रूम से होगी। बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए प्रत्येक परीक्षा केंद्र के हर कक्ष की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे, वायस रिकार्डर तथा राउटर स्थापित किए गए हैं, जिसके माध्यम से लाइव मानीटरिंग वेबकास्टिंग जाएगी।

     माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी फरवरी से नौ मार्च तक होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के आनलाइन निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने शिविर कार्यालय, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) लखनऊ में नवीनीकृत सभागार का लोकार्पण भी किया।

    मंत्री ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 8265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 275 परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील एवं 466 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील परीक्षा केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है। नकल विहीन परीक्षा के लिए संपूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मानीटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी।



    यूपी बोर्ड में प्रथम पाली की परीक्षा का समय बढ़ा, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर  18001806607 और 18001806608 जारी


    लखनऊ  । प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने रविवार को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के लखनऊ स्थित शिविर कार्यालय में हाईस्कूल एवं इंटर की परीक्षाओं की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। इसमें टोल फ्री नंबर- 18001806607 और 18001806608 होंगे। 


    और इस मौके पर मंत्री ने कहा कि छात्र- छाआओं की सुविधा के लिए इस वर्ष प्रथम बार पहली पाली की परीक्षा का समय सुबह आठ बजे 11.15 बजे के स्थान पर सुबह 8.30 से 11.45 बजे किया गया है। द्वितीय पाली का समय पूर्ववत अपराह्न दो बजे से शाम 5.15 बजे तक है।


    मंत्री ने शिविर कार्यालय में नवीनीकृत सभागार का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी से नौ मार्च तक होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेश में कुल 8265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 275 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील एवं 466 परीक्षा केन्द्रों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है।



    छात्र यहां करें संपर्क

    माध्यमिक शिक्षा परिषद् प्रयागराज में भी टोल फ्री नंबर होगा जिसका नंबर 18001805310 व 18001805312 है। ईमेल upboardexams2024@gmail.com, व्हाट्सएप नम्बर 9235071514 आदि पर भी संपर्क किया जा सकता है।

    Tuesday, February 20, 2024

    नियुक्ति के लिए 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन, चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग

    नियुक्ति के लिए 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन, चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग


    लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से मुलाकात और 6800 सूची के चयनितों को नियुक्ति देने की मांग उठाई।


     सोमवार को  अचानक पहुंचे अभ्यर्थियों ने निदेशालय के अंदर धरना-प्रदर्शन शुरू कर किया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने गेट बंद करा दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि 6800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। अभ्यर्थी लगातार एक साल से आंदोलन कर रहे हैं। 


    बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह आदि से मुलाकात के बाद भी इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। दोपहर बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन। वर्मा से एक प्रतिनिधिमंडल की पुलिस ने मुलाकात कराई। 


    अभ्यर्थियों ने बताया कि महानिदेशक ने बताया कि इस मामले को न्याय विभाग परामर्श के लिए भेजा गया है। जल्द ही वहां से जवाब आ जाएगा। अभ्यर्थियों के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। प्रदर्शन में अमरेंद्र पटेल, धनंजय गुप्ता, वीरेंद्र, विक्रम यादव, अनू पटेल, अर्चना शर्मा, यशवंत, भोलानाथ अंबेडकर आदि शामिल थे। 

    मांग : 'बेसिक शिक्षकों के जल्द किए जाएं अंतर्जनपदीय परस्पर तबादले', PSPSA ने भेजा ज्ञापन

    मांग : 'बेसिक शिक्षकों के जल्द किए जाएं अंतर्जनपदीय परस्पर तबादले', PSPSA ने भेजा ज्ञापन 


    लखनऊ। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने सोमवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम को शिक्षकों के एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले को लेकर ज्ञापन भेजा है।


    एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में चार हजार परिषदीय शिक्षकों के परस्पर तबादले आठ महीने बाद भी पूरे नहीं हुए। विभागीय आदेश के अनुसार, सामान्य और परस्पर तबादले की प्रक्रिया गर्मी की छुट्टी में समानांतर चलनी थी। इनमें सामान्य तबादले तो 25 दिन में ही हो गए, लेकिन परस्पर तबादलों का मामला फंस गया। 

    प्रांतीय महामंत्री आशुतोष मिश्रा ने कहा कि कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया है। फिर भी चार हजार शिक्षक भटकने को मजबूर हैं।

    स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख रुपये घूस लेते लिपिक गिरफ्तार, एडी बेसिक पर भी केस दर्ज

    एक लाख घूस लेते बाबू बंदी,  एडी बेसिक पर भी मुकदमा,

    बलिया के स्कूल संचालक से मांगी थी रिश्वत जूनियर हाईस्कूल की मान्यता देने का मामला

    आजमगढ़ । एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षा निदेशक कार्यालय के लिपिक को एक लाख रुपये घूस लेते दबोच लिया। वह बलिया के एक विद्यालय संचालक से मान्यता दिलाने के नाम पर घूस ले रहा था। एंटी करप्शन की टीम ने एडी बेसिक और लिपिक पर मुकदमा दर्ज कराया है।

    बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र के महरो निवासी राजीव कुमार सिंह ने जूनियर हाईस्कूल की मान्यता के लिए आवेदन किया था। कई माह से फाइल एडी बेसिक कार्यालय में लटकी थी। 

    आरोप है कि एडी कार्यालय के लिपिक मनोज कुमार श्रीवास्तव निवासी घोरठ, जाफरपुर ने फाइल बढ़ाने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। राजीव ने एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। 

    जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए केमिकल लगाकर एक लाख रुपये राजीव को दे दिया। जैसे ही राजीव ने लिपिक मनोज को रुपये दिये उसे टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

    एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक हरिवंश कुमार शुक्ल ने बताया कि मामले में डीआईओएस व एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्र की संलिप्तता भी मिली है।


    स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख रुपये घूस लेते लिपिक गिरफ्तार, एडी बेसिक पर भी केस दर्ज 


    आजमगढ़। एडी बेसिक व डीआईओएस मनोज कुमार मिश्रा के लिपिक मनोज श्रीवास्तव को सोमवार को एक लाख रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कहा कि वह एडी बेसिक के कहने पर घूस ले रहा था। एंटी करप्शन टीम ने एडी बेसिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है।


    बलिया के सिकंदरपुर थानाक्षेत्र के महरो गांव निवासी राजीव कुमार सिंह स्कूल चलाते हैं। कक्षा छह से आठ तक की मान्यता के लिए वह एडी बेसिक कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। उनके अनुसार, कार्यालय के लिपिक मनोज ने इसके लिए एक लाख की मांग की।


     इस पर राजीव ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम ने योजना बनाई और सोमवार को डीएम से मिलकर दो गवाहों के साथ एडी बेसिक कार्यालय पहुंची। यहां राजीव ने एक लाख रुपये लिपिक मनोज को दिए और टीम ने रंगे हाथों उसे पकड़ लिया। 


    एडी बेसिक कार्यालय के लिपिक मनोज श्रीवास्तव को एक लाख रुपये घूस लेते पकड़ा गया है। उसने बताया कि एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा के कहने पर उसने पैसा लिया था। लिपिक व एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। - शैलेंद्र कुमार सिंह, विवेचक एंटी करप्शन टीम

    सीतापुर अव्वल, अन्य जिले करें सुधार : बेसिक शिक्षा विभाग का डिजिटाइजेशन को लेकर निर्देश

    सीतापुर अव्वल, अन्य जिले करें सुधार : बेसिक शिक्षा विभाग का डिजिटाइजेशन को लेकर निर्देश 


    बेसिक शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी से सभी प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की रियल टाइम उपस्थिति अपडेट करने के निर्देश दिए हैं, इसमें सीतापुर अव्वल रहा है।


     जबकि फतेहपुर, महाराजगंज, जालौन, बहराइच, वाराणसी, शाहजहांपुर, आजमगढ़, बांदा, बदायूं, मेरठ की प्रगति न्यूनतम रही है। 


    विभाग ने फिसड्डी जिलों से नाराजगी जताई है। विभाग ने सभी बीएसए व बीईओ को निर्देश दिया है कि छात्र उपस्थिति पंजिका व एमडीएम को प्रतिदिन डिजिटल तरीके से अपडेट करना सुनिश्चित करें।


    15 फ़रवरी से छात्र उपस्थिति एवं मध्याह्न भोजन पंजिका का डिजिटल रूप ही मान्य किये जाने के सम्बन्ध में जनपदवार प्रगति जारी

    👉 जनपद – फ़तेहपुर, महाराजगंज, जालौन, बहराइच, वाराणसी, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, बाँदा, बदायूँ, मेरठ की प्रगति न्यूनतम

    👉 जनपद सीतापुर का आरम्भिक प्रयास को DGSE ने बताया सराहनीय


    आप अवगत हैं कि शासनादेश दिनांक 20 जुलाई, 2023 के अनुपालन में दिनांक 15 फ़रवरी, 2024 से समस्त जनपदों के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्र उपस्थिति पंजिका एवं मध्याह्न भोजन पंजिका का डिजिटल रूप ही मान्य किये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है।


    खेद का विषय है कि राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक-13483, दिनाँक 09 फ़रवरी 2024 द्वारा निर्देशित किए जाने के उपरांत भी प्रगति अत्यंत निराशाजनक है । 


    Monday, February 19, 2024

    पीएम उषा योजना अभियान के तहत उप्र को 740 करोड़ अनुदान





    पीएम उषा योजना में यूपी के छह विश्वविद्यालयों को मिले 100-100 करोड़

    शोध की गुणवत्ता बढ़ाने तथा जर्जर भवनों के सुंदरीकरण पर अनुदान का होगा प्रयोग

    छह अन्य राज्य विश्वविद्यालयों को भी 20-20 करोड़, दो अन्य को भी राशि स्वीकृत


    लखनऊ। केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के तहत उत्तर प्रदेश को देश में सर्वाधिक अनुदान मिला है। विभिन्न मदों में लगभग 740 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके तहत जहां राजधानी के लविवि समेत छह विवि को 100-100 करोड़ मिला है, वहीं छह अन्य को 20-20 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।


    इस अनुदान से विश्वविद्यालयों में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने, जर्जर हो चुके पुराने भवनों के सुंदरीकरण, लैब सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। 


    इस योजना के तहत प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों लखनऊ विवि लखनऊ, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि अयोध्या, महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखण्ड विवि बरेली, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि गोरखपुर, बुंदेलखण्ड विवि झांसी, चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ को 100-100 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।


     इसी तरह विश्वविद्यालयों के सुंदरीकरण के अंतर्गत प्रदेश के चार विश्वविद्यालयों डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि आगरा, छत्रपति शाहू जी महाराज विवि कानपुर, मां शाकुम्भरी विवि सहारनपुर और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी को 20-20 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।


    वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विवि जौनपुर को 19.99 करोड़, प्रो राजेन्द्र सिंह (रज्जू भईया) विवि प्रयागराज को 19.99 करोड़, जननायक चन्द्रशेखर विवि बलिया को 13.38 करोड़ और सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु को 6.53 करोड़ स्वीकृत हुआ है। 


    प्रदेश में इस अनुदान का प्रयोग डिजिटल शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने, नई लैब बनाने, पुरानी लैब व क्लास के निर्माण, हॉस्टल निर्माण, पुराने भवनों के रिनोवेशन आदि मूलभूत जरूरत के लिए किया जाएगा। 


    पीएम उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत उप्र को 740 करोड़ अनुदान

    लखनऊ : केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत उत्तर प्रदेश को देश में सर्वाधिक अनुदान स्वीकृत किया गया है। प्रदेश को विभिन्न मदों में लगभग 740 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया है। स्वीकृत अनुदान का उपयोग विश्वविद्यालयों में शोध की गुणवत्ता को बढ़ाने तथा जर्जर हो चुके पुराने भवनों के जीर्णोद्धार पर किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत चिह्नित न्यूनतम सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) के क्रम में असेवित क्षेत्रों में नए राजकीय माडल महाविद्यालयों के लिए अनुदान प्रदान किया गया है। इस केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 के अंत तक सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को 35 प्रतिशत तक बढ़ाना है। बहु-विषयक शिक्षा और अनुसंधान की सुविधा विकसित करने के लिए प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों को अनुदान दिया गया है। 

    इनमें अयोध्या के डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, बरेली के महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को मिले 100 करोड़ रुपये कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय को 20 करोड़ रुपये विश्वविद्यालय, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय 100-100 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है।

     इसी तरह विश्वविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत पूरे देश में चिह्नित 52 विश्वविद्यालयों में से उत्तर प्रदेश के आठ विश्वविद्यालयों को अनुदान दिया गया। इनमें आगरा के डा. भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, सहारनपुर के मां शाकम्भरी विश्वविद्यालय और वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को 20-20 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को 19.99 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।

    यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2024 हेतु सामान्य निर्देश जारी

    यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2024 हेतु सामान्य निर्देश जारी


    यूपी बोर्ड परीक्षा में अब टॉपर भी बन सकेंगे दिव्यांग परीक्षार्थियों के सहायक

    यूपी बोर्ड परीक्षा में अब टॉपर भी बन सकेंगे दिव्यांग परीक्षार्थियों के सहायक


    प्रयागराज। अब टॉपर भी दिव्यांग परीक्षार्थियों के सहायक बन सकेंगे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो रही हैं। सामान्य परीक्षार्थियों के साथ- साथ दिव्यांग भी परीक्षा में शामिल होते हैं। बोर्ड ने दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए चले आ रहे परीक्षा के नियमों में संशोधन किया है। 


    माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने आदेश जारी कर दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को सहायक के रूप में मिलने वाले श्रुति लेखक की योग्यता में परिवर्तन करते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने दृष्टि बाधित परीक्षार्थियों के लिए श्रुति लेखक रखने के नियमों में दी ढील दिव्यांगों को बड़ी राहत दी है।


    साल 2,001 में परिषद ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को सुविधा देते हुए आदेश पारित किया था कि कक्षा 10 और कक्षा 12 के परीक्षार्थियों को श्रुति लेखक की सहायता दी जाएगी। इस आदेश के तहत नियम बनाया गया था कि श्रुति लेखक सहायता करने वाले विद्यार्थी से एक कक्षा पीछे का हो और उसने अपनी कक्षा में अधिकतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। अब इस अंकों के प्रतिशत की सीमा को समाप्त कर दिया गया है।


    अयोध्या स्थित दृष्टि बाधित, दिव्यांग समिति के राष्ट्रीय महासचिव विवेकमणि त्रिपाठी ने बताया कि हमारी समिति पिछले 10 वर्षों से इसके लिए संघर्ष कर रही थी। श्रुति लेखक के अधिकतम 45 प्रतिशत अंक वाले नियम की वजह से हर वर्ष बहुत से दृष्टिबाधित परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो जाते थे। 

    Sunday, February 18, 2024

    उत्तर प्रदेश में बेटी पैदा होने पर 25 हजार रूपए देगी योगी सरकार, अब तक दिए जा रहे थे 15 हजार

    उत्तर प्रदेश में बेटी पैदा होने पर 25 हजार रूपए देगी योगी सरकार, अब तक दिए जा रहे थे 15 हजार


     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब उत्तर प्रदेश में लडक़ी पैदा होने पर उत्तर प्रदेश सरकार 25 हजार रूपए लडक़ी के माता-पिता को देगी।

     उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में अब तक 15 हजार रूपए दिए जा रहे थे। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 हजार रूपए को बढ़ाकर 25 हजार रूपए करने का फैसला कर लिया है। इस फैसले की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक शिशिर सिंह ने कहा है कि कन्या सुमंगल योजना में बड़े बदलाव किए गए हैं।


    क्या है उत्तर प्रदेश की कन्या सुमंगला योजना
    आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की सरकार में कन्या यानि बेटी पैदा होने पर नगद धनराशि देती है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना है। इस योजना की शुरूआत वर्ष-2019 में पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ की गई थी। इस योजना के तहत बेटी पैदा होने से लेकर 12वीं कक्षा पास करने तक बेटी के लालन-पालन में मदद करने के लिए सरकार नगद राशि देती है। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी तारीफ कर चुके हैं।


    अब बढ़ाई गई है राशि
    उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बेटी के जन्म के समय 2 हजार रूपए नगद देने का प्रावधान था। अब इस राशि को बढ़ाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 हजार रूपए कर दिया है। इसी प्रकार बेटी की उम्र 1 वर्ष पूरी हो जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार 1 हजार रूपये दे रही थी। अप्रैल महीने से 2 हजार रूपए दिये जाएंगे। कक्षा-1 में प्रवेश लेने पर बेटी को 2 हजार रूपए देने का प्रावधान था। इस प्रावधान को बढ़ाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 हजार रूपये कर दिया है। जब बेटी कक्षा-6 में प्रवेश लेगी उसे उत्तर प्रदेश की सरकार 2 हजार रूपये दे रही थी। उसे भी बढ़ाकर 3 हजार रूपये कर दिया गया है। कक्षा-9 में प्रवेश लेने पर बेटी को 3 हजार रूपये दिये जा रहे थे अब 5 हजार रूपये दिये जाएंगे। 12वीं कक्षा पास करने के बाद स्नातक में प्रवेश लेते समय अब उत्तर प्रदेश सरकार बेटी को 5 हजार रूपये के बजाए 7 हजार रूपये देगी।

    इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को 25 हजार रूपये नकद देगी। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना की प्रधानमंत्री समेत अनेक प्रदेशों के मुख्यमंत्री तारीफ कर चुके हैं। 



    बेटी के जन्म पर अब दो की जगह मिलेंगे पांच हजार रुपये, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में राशि 15 हजार से बढ़कर हुई 25 हजार, बढ़ी धनराशि एक अप्रैल से होगी लागू

    लखनऊ। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में मिलने वाली राशि 15 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 25 हजार रुपये कर दी गई है। अभी जन्म के समय कन्या को दो हजार रुपये मिलते हैं, एक अप्रैल से बढ़कर ये पांच हजार रुपये हो जाएगी।


     25 हजार रुपये की बढ़ी धनराशि एक अप्रैल 2024 से प्रभावी होगी। महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग ने अप्रैल 2019 में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 15 हजार रुपये दिए जाते हैं। 


    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब इस राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है। मालूम रहे कि इस योजना के तहत छह अलग-अलग श्रेणियों में धनराशि दी जाती है।


    Saturday, February 17, 2024

    उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह-क एवं ख उच्चतर के अधिकारियों के विवरण के सम्बन्ध में।

    उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह-क एवं ख उच्चतर के अधिकारियों के विवरण के सम्बन्ध में।


    मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आगामी माहों में समूह 'क' एवं 'ख' के अधिकारियों/कार्मिकों के सेवा सम्बन्धी समस्त सूचनाएं / प्रक्रियाएं (यथा-वेतन भुगतान, अवशेष भुगतान, गोपनीय आख्या एवं स्थानान्तरण प्रकिया आदि) ऑनलाइन किये जाने के सम्‍बन्‍ध में।

    मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आगामी माहों में समूह 'क' एवं 'ख' के अधिकारियों/कार्मिकों के सेवा सम्बन्धी समस्त सूचनाएं / प्रक्रियाएं (यथा-वेतन भुगतान, अवशेष भुगतान, गोपनीय आख्या एवं स्थानान्तरण प्रकिया आदि) ऑनलाइन किये जाने के सम्‍बन्‍ध में।

    नैक में ग्रेडिंग खत्म, रुकेगा शिक्षण संस्थानों का फर्जीवाड़ा मिलेगा एक्रीडिएटेड और नॉन एक्रीडिएटेड का दर्जा

    नैक में ग्रेडिंग खत्म, रुकेगा शिक्षण संस्थानों का फर्जीवाड़ा मिलेगा एक्रीडिएटेड और नॉन एक्रीडिएटेड का दर्जा


    लखनऊ। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) में अच्छी ग्रेडिंग के लिए शिक्षण संस्थानों की ओर से गलत डाटा देने का फर्जीवाड़ा अब नहीं चलेगा। इसे रोकने के लिए ग्रडिंग सिस्टम को समाप्त कर दिया है। इसकी जगह पर बाइनेरी सिस्टम लागू होगा।


    संस्थाओं को एक्रीडिएटेड और नॉन एक्रीडिएटेड का दर्जा मिलेगा। इसमें उन्हें पांच लेवल तक की उपाधि मिलेगी। यह जानकारी राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम में दी। 


    उन्होंने बताया कि एक्रीडिएशन लेने वाली संस्थाओं को एक से पांच लेवल तक में बांटा जाएगा। लेवल पांच उन्हें मिलेगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों से टक्कर ले सकते हों। इसमें आवेदन के लिए मानक पूरे करने होंगे।


     उन्होंने बताया कि एक्रीडिएशन की नई व्यवस्था तीन महीने में लागू हो जाएगी। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों व विशेषज्ञता वाले संस्थानों के मानक अलग होंगे। वर्तमान में जिन संस्थानों के पास ग्रेडिंग की व्यवस्था है, उनमें बदलाव नहीं होगा। 

    अब इग्नू के 40 लाख छात्रों की डिग्री, अंकपत्र, क्रेडिट बस एक क्लिक दूर, दस्तावेज पाने को छात्रों को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

    अब इग्नू के 40 लाख छात्रों की डिग्री, अंकपत्र, क्रेडिट बस एक क्लिक दूर,  दस्तावेज पाने को छात्रों को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर


    नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी इग्नू के 40 लाख छात्रों की डिग्री, मार्कशीट यानी अंकपत्र और क्रेडिट की जानकारी अब एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 37 सालों के छात्रों के सभी शैक्षणिक दस्तावेज नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) पर अपलोड किए जा रहे हैं। 


    जबकि ग्रेड या क्रेडिट अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) से जोड़े गए हैं। अब छात्रों को पढ़ाई, नौकरी, वीजा समेत दूसरी जरूरतों के लिए अपने दस्तावेज लेने को क्षेत्रीय केंद्र के चक्कर नहीं काटने होंगे। कंपनी नौकरी के लिए भारत समेत विदेश से कहीं से भी डिजिलॉकर से उनके ऑनलाइन शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच कर सकेगी।


    इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रोफेसर विद्या भगत नेगी ने बताया कि विश्वविद्यालय से डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले सभी छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेज को नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी पर अपलोड करने का काम जारी है। 


    शैक्षणिक दस्तावेज डिजिलॉकर पर ऑनलाइन दस्तावेज भंडारण सुविधा में जुड़ चुके हैं। डिग्री प्रोग्राम में कोर्स की पढ़ाई से प्राप्त ग्रेड या क्रेडिट को अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) से जुड़ गए हैं।


    उपराष्ट्रपति 20 को देंगे डिग्री

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 20 फरवरी को इग्नू के 37वें दीक्षांत समारोह में तीन लाख आठ हजार 605 छात्रों को यूजी, पीजी, पीएचडी, एमफिल, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट देंगे। इग्नू मुख्यालय में उपराष्ट्रपति गोल्ड मेडल पाने वाले छात्रों को सम्मानित करेंगे।

    Friday, February 16, 2024

    राज्य सूचना आयोग ने बीएसए पर लगाया 25-25 हजार का जुर्माना

    राज्य सूचना आयोग ने बीएसए पर लगाया 25-25 हजार का जुर्माना


    औरैया : सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत दो अलग-अलग मामलों में मांगी गई सूचना न देने पर राज्य सूचना आयोग ने बीएसए पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कहा कि वेतन से अर्थदंड की कटौती नियमानुसार ही की जाए। 


    कंपोजिट विद्यालय जैतपुर में सहायक अध्यापक कुलदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उन्होंने 2020 में बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी), लेखा अधिकारी, बीआरसी (ब्लाक संसाधन केंद्र) कार्यालय के अधिकारियों व सभी कर्मचारियों का नाम, पता, संपर्क सूत्र व अधिकार समेत अन्य जानकारी मांगी थी।


     इसके बाद 2022 में विभाग ने उनका वेतन वृद्धि रोक दिया था। इसमें कहा गया था कि ग्रामीणों ने उनके खिलाफ स्कूल न आने की शिकायत की है। जबकि ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि कोई शिकायत नहीं की है। इस पर सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी किन-किन ग्रामीणों ने शिकायत के साथ शपथ पत्र दिया है। यह दोनों सूचनाएं बीएसए ने नहीं दीं।


     इस पर राज्य सूचना आयोग ने 18 दिसंबर 2023 को दोनों मामले में 25-25 हजार का जुर्माना लगाया है। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि यह मामला 2022 का है। सूचना दी गई है । खंड शिक्षा अधिकारी भी आयोग में मौजूद थे। अपील कर दी गई है।

    परिषदीय छात्रों की आनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था पहले दिन ही फेल, शिक्षकों और संगठनों के विरोध के दम पर शुरू नहीं हो सकी प्रक्रिया

    • विभागीय कार्यों के लिए अपने नाम से नहीं खरीद रहे सिम कार्ड

    • गुरुवार से लागू हुई इस व्यवस्था का शिक्षकों ने किया विरोध

    परिषदीय छात्रों की आनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था पहले दिन ही फेल, शिक्षकों और संगठनों के विरोध के दम पर शुरू नहीं हो सकी प्रक्रिया


    लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में छात्रों की - आनलाइन उपस्थिति को शिक्षकों ने ठेंगा दिखा - दिया। उपस्थिति के साथ-साथ मिड डे मील खाने - वाले विद्यार्थियों का आनलाइन ब्योरा भी नहीं - भेजा गया। 12 तरह के रजिस्टर को डिजिटल किए जाने का शिक्षकों ने विरोध किया। वह - विभागीय कार्यों के लिए अपने नाम से सिम कार्ड - खरीदने का विरोध कर रहे हैं। परिषदीय स्कूलों - को कंपोजिट ग्रांट के रूप में 1,500 रुपये दिए - गए थे लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षकों ने संगठनों के विरोध के साथ खड़े होकर सिम कार्ड नहीं खरीदा।


    उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश = अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि विभाग - की ओर से सिम कार्ड उपलब्ध कराया जाना - चाहिए। पहले चरण में 2.09 लाख टैबलेट स्कूलों को भेजे गए थे। 1.34 लाख परिषदीय स्कूलों को दो-दो टैबलेट दिए जा रहे हैं। अभी - परिषदीय स्कूलों व कंपोजिट स्कूलों के अलावा - बड़ी संख्या में पूर्व माध्यमिक स्कूलों में दो-दो टैबलेट भी नहीं भेजे गए हैं। 


    शिक्षकों को प्रेरणा एप पर उपस्थिति माड्यूल के उपयोग करने का भी प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। गुरुवार से लागू की गई यह व्यवस्था पहले ही दिन ध्वस्त हो गई। न ही आनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई और न ही आफलाइन।


    शिक्षकों का कहना है कि पहले उन्हें इसके संचालन की ट्रेनिंग दी जाए और विभाग खुद सिम कार्ड खरीदकर दे तभी वे टैबलेट का उपयोग करेंगे। 


    उधर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में इस व्यवस्था को सख्ती के साथ लागू कराया जाए लेकिन शिक्षाधिकारी इसे लागू कराने में पहले ही दिन असफल रहे। अब विभागीय अधिकारी इसकी समीक्षा में जुटे हैं।

    केन्द्रीय विद्यालयों के छात्र अब गूगल-पे, फोन-पे से भी जमा कर सकेंगे फीस, KVS ने फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम का भी दिया विकल्प

    केन्द्रीय  विद्यालयों के छात्र अब गूगल-पे, फोन-पे से भी जमा कर सकेंगे फीस, KVS  ने फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम का भी दिया विकल्प


    नई दिल्ली : केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 14 लाख से अधिक छात्रों को केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस ) ने बड़ी राहत दी है। वे अब अपनी फीस का भुगतान भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जुड़े फोन-पे, गूगल-पे और अमेजन पे सहित करीब चार सौ अलग-अलग प्लेटफार्मों से भी कर सकेंगे। 


    अभी तक वह अपनी फीस को अलग- अलग बैंकों या फिर एनबीएफसी (नान बैकिंग फाइनेंस कंपनी) के जरिये ही आनलाइन जमा कर सकते थे। ऐसे में इस फैसले को छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत देने वाला अहम कदम माना जा रहा है। 


    केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह कदम अभिभावकों की दिक्कतों के साथ ही रिजर्व बैंक की सलाह को ध्यान में रखते हुए उठाया है। जिसमें रिजर्व बैंक ने संस्थानों से ईज आफ डूइंग बिजनेस और डिजिटल इंडिया की पहल के जरिये सभी तरह के पेमेंट सिस्टम को आसान बनाने का सुझाव दिया था। 


    हालांकि, इस सिस्टम को शुरू करने के पहले केवीएस ने जनवरी महीने में इसे लेकर एक ट्रायल भी किया। जिसमें सफल पाए जाने के बाद इसे अब छात्रों के लिए खोल दिया गया है। इसके तहत अब फोन-पे, गूगल-पे और अमेजन-पे सहित भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जुड़े लगभग 400 एप के जरिये फीस का भुगतान किया जा सकेगा। 


    गौरतलब है कि केंद्रीय विद्यालयों में 2013-14 तक फीस को कक्षा शिक्षकों के जरिये जमा कराने की व्यवस्था थी। जिसे 2014-15 में मोदी सरकार के आने के बाद आनलाइन किया गया। जो अलग-अलग बैंकों के जरिये ही जमा कराई जाती थी।

    ओएमआर शीट की गलती पर सहायक शिक्षक भर्ती के परिणाम पर दखल नहीं – हाईकोर्ट

    सहायक अध्यापक भर्ती 2021 के संशोधित परिणाम पर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप से इन्कार


    प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता में दिशा-निर्देश का पालन भी शामिल है। यदि निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है और कंप्यूटर ने विषय शिफ्ट के आधार पर ओएमआर शीट की जांच नहीं की है तो यह विधिक गलती नहीं है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती के घोषित परिणाम की जांच कर नया परिणाम घोषित करने तथा पुराना परिणाम निरस्त करने संबंधी सचिव पीएनपी के आदेश की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया है।

    यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने रंजीत कुमार यादव सहित 177 अभ्यर्थियों की याचिका खारिज करते हुए दिया है। 19 फरवरी 2021 के शासनादेश के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई। परीक्षा परिणाम 15 नवंबर 2021 को घोषित किया गया। याची सफल घोषित किए गए, किंतु छह सितंबर 2022 को संशोधित परिणाम घोषित किया गया। इसमें याचियों को शामिल नहीं किया गया। 

     इनका कहना था कि ओएमआर भरने में कोई गलती नहीं की गई है। सरकार की तरफ से कहा गया कि ओएमआर शीट गलत तरीके से भरी गई है। विषय पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं। इससे कंप्यूटर ने ओएमआर शीट की जांच नहीं की।


    ओएमआर शीट की गलती पर सहायक शिक्षक भर्ती के परिणाम पर दखल नहीं – हाईकोर्ट 

    प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती 2021 के घोषित परिणाम की जांच के बाद संशोधित परिणाम घोषित कर पुराना परिणाम निरस्त करने के मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दखल देने से मना कर दिया है।


    कोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता में दिशा-निर्देश का पालन भी शामिल हैं। यदि निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है और कम्प्यूटर ने विषय शिफ्टिंग के आधार पर ओएमआर शीट की जांच नहीं की तो यह विधिक गलती नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने रंजीत कुमार यादव सहित 177 अभ्यर्थियों की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया है।

    मामले के तथ्यों के अनुसार 19 फरवरी 2021 के शासनादेश के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई। 15 नवंबर 2021 को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। सभी याची सफल घोषित किए गए लेकिन बाद में संशोधित परिणाम घोषित किया गया। जिसमें याचियों को शामिल नहीं किया गया। इसे चुनौती दी गई।


    मामले में 19 फरवरी 21 के शासनादेश के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई। 15 नवंबर 21 को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। सभी याची सफल घोषित किए गए। किंतु, छह सितंबर 22 को घोषित संशोधित परिणाम में याचियों को शामिल नहीं किया गया। 


    याचियों ने चुनौती देते हुए कहा कि ओएमआर भरने में कोई कोई ग़लती नही की गई है। । यह जांच में भी पाया गया। सरकार की ओर से कहा गया कि अगर ओएमआर शीट गलत तरीके से भरी गई है, विषय पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं। इससे कंप्यूटर ने ओएमआर सीट की जांच नहीं की। याचियों ने विषय सही नहीं भरा। इसकी सफाई देने में भी विफल रहे। 

    Thursday, February 15, 2024

    जनवरी 2024 को आयोजित हुई केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (CTET) का परिणाम जारी, एक क्लिक में देखें रिजल्ट

    CTET जनवरी 2024 के परिणाम के विषय में प्रेस विज्ञप्ति देखें 





    जनवरी 2024 को आयोजित हुई केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (CTET) का परिणाम जारी, एक क्लिक में देखें रिजल्ट





    🔴 क्लिक करके देखें अपना सीटेट परिणाम 



    CBSE : X (ट्विटर) पर छात्रों को गुमराह कर रहे 30 फर्जी हैंडल, बोर्ड ने लिस्ट जारी कर किया सचेत

    CBSE : X (ट्विटर) पर छात्रों को गुमराह कर रहे 30 फर्जी हैंडल, बोर्ड ने लिस्ट जारी कर किया सचेत 


    केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) के नाम और उसके लोगो के साथ सोशल साइट पर बड़ी संख्या में भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। बोर्ड परीक्षा से पहले प्रश्न प्रश्न पत्र उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे शरारती तत्वों को लेकर बोर्ड ने अभिभावक और छात्र-छात्राओं को सचेत करते हुए झांसे में न आने की सलाह दी है।

    सीबीएसई 10वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रहे हैं और उससे पहले ही सोशल साइट पर भ्रामक सूचना, फर्जी प्रश्न पत्र के नाम पर पैसा वसूलने वाले सक्रिय हो गए है। बोर्ड ने सभी विद्यालयों, परीक्षा केन्द्रों को सर्कुलर जारी कर एक्स, टेलीग्राम, यू-ट्यूब पर सीबीएसई नाम वाले फर्जी हैण्डल से प्रसारित होने वाली सूचनाओं के मकड़जाल से बचने की अपील की है। साथ ही बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर ऐसे 30 हैण्डल की सूची जारी की है, जो सीबीएसई के नाम और लोगो को इस्तेमाल कर गलत तथ्य और सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं। बोर्ड ने ऐसे हैण्डल और अफवाह फैलाने वाले अन्य लोगों पर पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। एक्स पर बोर्ड का अधिकारिक हैण्डल सिर्फ सीबीएसई इंडिया 29 है। सिर्फ इसी पर प्रसारित सूचनाओं को सही माने।


    इन हैण्डल पर कार्रवाई
    सीबीएसई एचक्यू, सीबीएसई, सीबीएसई बोर्ड इंडिया, सीबीएसई न्यूज, सीबीएसई वर्ल्ड, सीबीएसई अपडेट्स, सीबीएसई रिजल्ट, सीबीएसई लाइब्रेरी, सीबीएसई पोर्टल, सीबीएसई रिजल्टस, सीबीएसई गाइड, सीबीएसई (सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेण्डरी एजुकेशन) सीबीएर्सई क्वायरीज आर साल्वड, सीबीएर्सई न्यूज, सीबीएसई अपडेट्स, सीबीएर्सई एग्जाम टाइम टेबल, सीबीएर्सई बोर्ड रिजल्ट, सीबीएसई एग्जाम रिपोर्ट, सीबीएसई कैम्पस, सीबीएसई न्यूज अलर्ट, सीबीएसई, सीबीएसईएग्जाम, सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट, सीबीएसई इंडिया, सीबीएसई जोन, सीबीएसई यूजीसी नेट, सीटेट सीबीएसई, ऑनलाइन सीबीएसई, सीबीएसई रिजल्ट, सीबीएसई


    प्रश्न पत्र मौजूद होने का करते हैं दावा
    बोर्ड ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व प्रश्न पत्र तक पहुंच का दावा करते हैं। उसे यूटयूब, फेसबुक, टेलीग्राम आदि पर वायरल कर भ्रम पैदा करते हैं। नमूना प्रश्न पेपर का फर्जी लिंक जारी कर दावा करते हैं कि यहीं से सवाल पूछे जाएंगे। शरारती तत्वों द्वारा नकली तस्वीरें और वीडियो प्रसारित कर दावा किया जाता है कि उनके पास बोर्ड एग्जाम के प्रश्न पत्र मौजूद हैं। इनके झांसे में न आएं।


    सीबीएसई ने फर्जी सूचनाओं, प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने जैसी बात करने वाले सोशल साइट हैंडल की सूची जारी की है। छात्र-छात्राओं को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी खबर की पुष्टि के लिए अधिकारिक वेबसाइट या हैण्डल पर भरोसा करें। इधर-उधर न भटकें। –जावेद आलम खान, सिटी को-आर्डिनेटर सीबीएसई

    CBSE: 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज से, सुबह 10 बजे के बाद नहीं मिलेंगी प्रवेश की अनुमति, समय से पहुंचने का निर्देश

    CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों को दी विशेष सलाह 






    CBSE: 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज से, सुबह 10 बजे के बाद नहीं मिलेंगी प्रवेश की अनुमति, समय से पहुंचने का निर्देश 


    नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं बृहस्पतिवार से शुरू हो रही हैं। इसमें भारत समेत 26 देशों में 39 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए 72 सौ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें से दिल्ली में 877 केंद्रों में 5,80,192 छात्र परीक्षा देंगे। 


    सुबह 10 बजे के बाद परीक्षा केंद्रों में छात्रों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दूसरी ओर, सीबीएसई ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि किसान आंदोलन के कारण दिल्ली में यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। इससे जाम लग रहा है। ऐसे में विद्यार्थी समय से पहले घर से निकलें। आवागमन के लिए मेट्रो का इस्तेमाल बेहतर रहेगा। 

    नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार बदलाव की तैयारी, हाईस्कूल में अब सात विषयों की देनी होगी बोर्ड परीक्षा

    नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार बदलाव की तैयारी, हाईस्कूल में अब सात विषयों की देनी होगी बोर्ड परीक्षा


    यूपी बोर्ड : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) 2023 या राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के तहत हाईस्कूल में छात्रों को अब सात विषयों की देनी होगी परीक्षा


    प्रयागराज : यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में अध्ययनरत हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं को अब सात विषयों की बोर्ड परीक्षा देनी होगी।


    वर्तमान में छह विषय की ही बोर्ड परीक्षा होती है जिसमें पांच अनिवार्य होते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) 2023 या राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के तहत हाईस्कूल के शैक्षणिक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की तैयारी है जिसकी शुरुआत कक्षा नौ से होगी। इसके लिए बोर्ड मुख्यालय में विषय विशेषज्ञों की कार्यशालाएं चल रही हैं। प्रस्तावित संशोधन का मसौदा बनाकर शासन को भेजा जाएगा और मंजूरी के बाद उसे लागू करेंगे। फिलहाल विभिन्न विषयों को वर्गीकृत किया जा रहा है। विद्यार्थियों को भाषा के तहत अनिवार्य रूप से तीन भाषा पढ़नी होगी। हिन्दी, अंग्रेजी के अलावा संस्कृत, उर्दू, बांग्ला आदि भाषा में से कोई एक लेनी होगी। तीनों भाषा का अलग-अलग पेपर होगा। इसके अलावा चौथा पेपर मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटेशनल थिंकिंग, पांचवां पेपर विज्ञान और छठवां प्रश्नपत्र सामाजिक विज्ञान का रहेगा। सातवां पेपर पर्यावरण शिक्षा का जोड़ा जा रहा है।


    तीन अतिरिक्त विषयों का स्कूल स्तर पर मूल्यांकन

    पाठ्यक्रम में संशोधन के बाद सात विषयों की बोर्ड परीक्षा होगी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को तीन अतिरिक्त विषयों आर्ट एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन एंड वेल बीईंग और वोकेशनल एजुकेशन भी पढ़ना होगा। इनका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा लेकिन परीक्षकों को दूसरे स्कूल से बुलाना होगा। आर्ट एजुकेशन के तहत गायन, वादन, चित्रकला एवं रंजनकला, फिजिकल एजुकेशन एंड वेल बीईंग में शारीरिक शिक्षा एवं योग आदि को रखा गया है जबकि वोकेशनल कोर्स में मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल, रिटेल ट्रेडिंग आदि में से कोई एक विकल्प मिलेगा।

    मदरसा बोर्ड में कड़ाई से दो दिन में 60 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ दी परीक्षा

    मदरसा बोर्ड में कड़ाई से दो दिन में 60 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ दी परीक्षा


    लखनऊ। मदरसा बोर्ड की मुंशी- मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल की परीक्षाओं में दो दिनों में 60,521 परीक्षार्थी शामिल नहीं हुए। नकल और अव्यवस्थाओं पर नकेल के लिए प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर वेबकास्टिंग के जरिये कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है।


     मदरसा बोर्ड की सेकेंडरी (मुंशी-मौलवी), सीनियर सेकेंडरी (आलिम), कामिल और फाजिल की परीक्षाओं में प्रदेश भर से करीब 1,41115 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था।


     मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार ने बताया कि परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को प्रदेश भर से प्रथम पाली में 20247 परीक्षार्थी व द्वितीय पाली में 4942 परीक्षार्थी शामिल नहीं हुए। संवाद

    हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से ठीक से पैरवी न होने का आरोप लगाते हुए 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन

    हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से ठीक से पैरवी न होने का आरोप लगाते हुए  69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने फिर किया प्रदर्शन


    लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की नाराजगी कम नहीं हो रही है। हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से ठीक से पैरवी न होने का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने बुधवार को गोल्फ क्लब चौराहे पर प्रदर्शन किया।


     कुछ देर चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को बस में बैठाकर ईको गार्डेन पहुंचा दिया। प्रदर्शन कर रहीं कुछ महिला अभ्यर्थी छोटे बच्चे भी लेकर आई थीं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में ठीक से पैरवी न करके उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। 


    14 फरवरी 2024
    अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर किया प्रदर्शन

    लखनऊः परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों को पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बस में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया।

    धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने मांग थी कि सरकार ने पांच जनवरी 2022 को इस भर्ती में 6,800 सीट पर आरक्षण घोटाला होना स्वीकार किया। इसकी एक लिस्ट निकाली गई, लेकिन उसे लखनऊ हाई कोर्ट सिंगल बेंच ने 13 मार्च 2023 को पूरी तरह से रद कर दिया। अब वह ऐसी स्थिति में उस रद हुई लिस्ट पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। 

    अभ्यर्थी आठ दिन पहले भी बेसिक शिक्षा मंत्री से मिले थे। उन्हें आश्वासन मिला था कि अधिकारियों के साथ उनकी वार्ता कराई जाएगी, इस दिशा में बात आगे नहीं बढ़ी तो वह दोबारा से मंत्री के आवास पर पहुंचे, लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी का कहना है कि इस भर्ती में बेसिक शिक्षा नियमावली और आरक्षण नियमावली का उल्लंघन हुआ है।


    69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का मंत्री आवास पर प्रदर्शन, हाइकोर्ट में शिक्षक भर्ती की चल रही सुनवाई में ठीक से पैरवी नहीं करने का लगाया आरोप 
     
    69 हजार शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस के नोक झोंक भी हुई।

    लखनऊ : 69 हजार शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने सरकार पर हाइकोर्ट में लचर पैरवी करने का आरोप लगाया। 6800 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने ताली बजाते हुए जोरदार नारेबाजी की। शिक्षा मंत्री से मुलाकात कराए जाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोक भी हुई।


    माल एवेन्यू स्थित बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस लगातार उन पर वहां से हटाने का दबाव बनाती रही। अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री से मुलाकात की बात पर अड़े रहे तो पुलिस ने उन्हे हटाने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया। 

    अभ्यर्थियों को जबरन खींच-खींच कर , हाथ और पैर से पकड़ कर गाडियों में भरा गया। महिला अभ्यर्थियों को जबरन खींचने के दौरान भी खूब नोकझोक हुई। लेकिन पुलिस ने उन्हें भी जबरदस्ती वहां से उठाकर गाड़ियों में भर कर ईको गार्डेन भेज दिया। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों ने उनके साथ पुलिस द्वारा अभद्रता किए जाने का आरोप भी लगाया। 

    आरक्षित वर्ग के शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। आरोप लगाया कि हाइकोर्ट में शिक्षक भर्ती की चल रही सुनवाई में सरकारी वकील ढंग से पैरवी न करके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि चयन सूची जारी हुए दो वर्ष होने को हैं लेकिन सरकार ने नियुक्ति नहीं दी।


    लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों ने फिर घेरा बेसिक शिक्षा मंत्री का आवास, पुलिस ने भेजा ईको गार्डन 

    यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती से वंचित रह गए 6800 अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया. हालांकि पुलिस ने सभी को बसों में भरकर ईको गार्डन भेज दिया. 

    लखनऊ : शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधित विसंगतियों को लेकर बीते 606 दिनों से प्रदर्शन कर रहे 6800 शिक्षक अभ्यर्थी मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंच गए. इस दौरान अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर खूब नारेबाजी की. इसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर धरना स्थल ईको गार्डन भेज दिया.

    अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की सरकार की तरफ से अनदेखी की गई. इसको लेकर वह बीते लगातार दो साल से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. अभी एक फरवरी को ही बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया था. पर अभी तक इस पर कोई प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है. प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा. बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे हैं अभ्यर्थियों को बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया.

    मंत्री आवास पर भारी पुलिस बल तैनात : प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण में हुई विसंगतियों के कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी है. बीते एक फरवरी को मंत्री के साथ हुई वार्ता में जल्द ही मुख्यमंत्री से वार्ता कर इन विसंगतियों को दूर कर नियुक्ति करने का आश्वासन दिया गया था. करीब दो हफ्ता बीतने के बाद भी इस पर कोई प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है. प्रदर्शन कर रहे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि 23 दिसंबर 2021 को पांच मेंबर के डेलिगेशन की मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी. मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत भी कराया था.

    डिजिटल पंजिका व डिजिटल उपस्थिति किये जाने सम्बन्धी आदेश/निर्देश को बिना संसाधन के व निजता का हनन होने की दृष्टि से उक्त जारी निर्देशों पर रोक लगाए जाने के सम्बंध में प्राथमिक शिक्षक संघ का ज्ञापन

    डिजिटल पंजिका व डिजिटल उपस्थिति किये जाने सम्बन्धी आदेश/निर्देश को बिना संसाधन के व निजता का हनन होने की दृष्टि से उक्त जारी निर्देशों पर रोक लगाए जाने के सम्बंध में प्राथमिक शिक्षक संघ का ज्ञापन

    Wednesday, February 14, 2024

    नकल विरोधी कानून पर राष्ट्रपति की मुहर, कानून के तहत अपराध संज्ञेय व गैर-जमानती

    नकल विरोधी कानून पर राष्ट्रपति की मुहर, कानून के तहत अपराध संज्ञेय व गैर-जमानती


    नई दिल्ली। भर्ती परीक्षाओं में नकल पर सख्ती का कानून लागू हो गया है। परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों को तीन से पांच साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक-2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। 


    इस कानून का मकसद सरकारी प्रवेश व भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता व विश्वसनीयता लाना है। परीक्षा में सेवाप्रदाता की गड़बड़ी पर अब तीन साल से लेकर 10 साल तक की सजा और एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। कानून के तहत सभी अपराध संज्ञेय व गैर-जमानती होंगे।



    परीक्षाओं में गड़बड़ी से सख्ती से निपटने वाले लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक में इन 15 गड़बड़ियों को माना जाएगा अपराध

    07 फरवरी 2024
    • किसी परीक्षा का क्वेश्चन पेपर या आंसर की लीक करना।

    • क्वेश्चन पेपर या आंसर की लीक करने में किसी के साथ शामिल होना।

    • बिना अनुमति क्वेश्चन पेपर या OMR शीट अपने पास रखना।

    • परीक्षा के दौरान किसी से जवाब लिखने के लिए मदद लेना।

    • परीक्षा दे रहे कैंडिडेट को डायरेक्ट या इंडायरेक्ट तरीके से मदद करना।

    • एग्जाम आंसर शीट या OMR शीट के साथ छेड़छाड़ करना।

    • कॉपियों के मूल्यांकन में बिना अनुमति छेड़छाड़ करना।

    • सरकारी एजेंसी द्वारा तय परीक्षा के मानकों का उल्लंघन करना।

    • मेरिट के लिए तय डॉक्यूमेंट्स में किसी तरह की छेड़छाड़ करना।

    • पब्लिक एग्जाम के लिए तय सिक्योरिटी मानकों का उल्लंघन करना।

    • किसी एग्जाम कम्प्यूटर सिस्टम या नेटवर्क में छेड़छाड़ करना।

    • कैंडिडेट्स की सीट अरेंजमेंट, एग्जाम डेट या शिफ्ट में छेड़छाड़ करना।

    • किसी एग्जामिनेशन अथॉरिटी को धमकाना या काम करने से रोकना।

    • परीक्षा या एग्जाम अथॉरिटी से जुड़ी नकली वेबसाइट बनाना।

    • नकली एडमिट कार्ड जारी करना या नकली एग्जाम कराना।



    परीक्षा में धांधली पर होगी 10 वर्ष की जेल, एक करोड़ जुर्माना

    नई दिल्ली । सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से सख्ती से निपटने के प्रावधान वाला लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया। विधेयक में परीक्षाओं में अनियमितताओं से संबंधित अपराध के लिए तीन से पांच साल तक जेल और 10 लाख तक जुर्माना लगेगा। संगठित अपराध के मामलों में अधिकतम 10 साल तक की जेल और अधिकतम एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। 


    केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को सदन में इस विधेयक को पेश किया। विधेयक में एक उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति के गठन का भी प्रस्ताव है, जो कम्प्यूटर के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सिफारिशें करेगी। यह एक केंद्रीय कानून होगा और इसके दायरे में संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाएं भी आएंगी।



    नकल माफिया पर कसेगी नकेल, लोकसभा में आज पेश हुआ बिल
     दस साल सजा, एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण बिल पेश करेगी। इसमें ऐसे आरोपियों, संस्था व माफिया के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत दस साल की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा है। इस कदम से नकल माफिया पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।


    प्रतिभाओं को संरक्षण देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया था। प्रस्तावित कानून का सारा जोर व्यक्तियों, संगठित माफिया व पेपर लीक, पेपर हल करने, प्रतिरूपण, कंप्यूटर संसाधनों की हैकिंग में लगी संस्थानों पर नकेल कसना है। बिल में पर्चा लीक करने, दूसरे की जगह परीक्षा देने,


    संस्थाओं को भुगतनी होगी लागत

    धांधली के कारण अगर परीक्षा रद्द हुई तो इसका खर्चा दोषी पाए गए सेवा प्रदाताओं और संस्थाओं को भुगतना होगा। इसके अलावा शीर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय मानक भी तैयार किए जाएंगे।

    प्रश्न पत्र हल करने या इसमें मदद करने, परीक्षा केंद्र की जगह अन्य जगह पर परीक्षा कराने, परीक्षा में गड़बड़ी की रिपोर्ट नहीं करने पर तीन से पांच साल की जेल की सजा और दस लाख रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है। कंप्यूटर आधारित केंद्रों पर परीक्षा का संचालन करने वालों को कदाचार साबित होने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। ब्यूरो

    सूबे के इंटर कॉलेजों में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में कॅरिअर की दी जाएगी जानकारी

    सूबे के इंटर कॉलेजों में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में कॅरिअर की दी जाएगी जानकारी


    लखनऊ। प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी इंटरमीडिएट कॉलेजों के विज्ञान वर्ग के छात्रों को नर्सिंग एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में कॅरिअर की संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी। इस क्षेत्र में कॅरिअर काउंसिलिंग सत्र का आयोजन का आयोजन करने के बाद फीडबैक फार्म भरा जाएगा। इसे उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी को भेजना होगा। सभी कॉलेजों को यह कार्य 29 फरवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। 


    उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी के सचिव डॉ. आलोक कुमार ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल प्रशिक्षण केंद्र संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने आसपास स्थिति इंटरमीडिएट कॉलेजों में टीम भेजकर कॅरिअर काउंसिलिंग सत्र का आयोजन कराएं। इसका वीडियो भी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाए।

    स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिले के लिए 22 व 23 फरवरी को होगी प्रारंभिक परीक्षा, ऑनलाइन करना होगा आवेदन चयनित बच्चे ही मुख्य परीक्षा में हो सकेंगे शामिल

    स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिले के लिए 22 व 23 फरवरी को होगी प्रारंभिक परीक्षाऑनलाइन करना होगा आवेदन चयनित बच्चे ही मुख्य परीक्षा में हो सकेंगे शामिल


    14 फरवरी 2024
    प्रयागराज। प्रदेश के तीनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली प्रारंभिक चयन परीक्षा की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। प्रयागराज मंडल की प्रारंभिक चयन परीक्षा 22 व 23 फरवरी को होगी। इसमें सफल होने वाले ही बच्चे कॉलेजों की मुख्य प्रवेश परीक्षा में हिस्सा ले सकेंगे। 


    उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेजेस सोसायटी लखनऊ की ओर से संचालित होने वाले तीनों कॉलेज गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ, वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर और मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई (इटावा) में विभिन्न खेलों में कक्षा छह में प्रवेश होंगे। प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले खिलाड़ियों की उम्र नौ से 12 वर्ष निर्धारित की गई है।


    प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए पहली बार केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार्य किए जाएंगे। आवेदन करने वाले खिलाड़ी पहले मंडल स्तर पर मुख्यालय में प्रारंभिक परीक्षा में बैठेंगे। इस परीक्षा में सफल होने के बाद उन्हें लखनऊ में होने वाली अंतिम चयन परीक्षा में शामिल होना होगा। संभवतः अंतिम चयन परीक्षा मार्च में होगी।

    प्रयागराज मंडल में 22 फरवरी को वॉलीवॉल व बैडमिटंन (बालक/बालिका), क्रिकेट व फुटबॉल (बालक) और जूडो (बालिका) की परीक्षा होगी। वहीं, 23 फरवरी को एथलेटिक्स, कबड्डी व तैराकी (बालक), हॉकी, जिम्नास्टिक व कुश्ती (बालक/बालिका) की परीक्षा कराई जाएगी। इनमें बैडमिंटन की परीक्षा अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में व अन्य खेलों की परीक्षा मदन मोहन मालवीय परिसर में आयोजित की जाएंगी। परीक्षा में शामिल होने को इच्छुक खिलाड़ी परीक्षा से एक दिन पहले शाम के पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद के आवेदन स्वीकार्य नहीं होंगे।


    खिलाड़ियों को विभाग की वेबसाइट sportscollegelko.in या http://khelsathi.in पर जाकर अपना आवेदन करना होगा। इसके बाद इसी आवेदन का प्रिंटआउट लेकर परीक्षा स्थल पर पहुंचना होगा। खिलाड़ियों को अपने साथ जरूरी प्रमाण पत्र जैसे कि आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और फोटो भी परीक्षा स्थल पर लेकर जाना होगा।



    स्पोर्ट्स कॉलेज : नए सत्र की चयन प्रक्रिया में व्यापक बदलाव की तैयारीपहली बार जैविक प्रमाणपत्र अनिवार्य, टीसी के सत्यापन के बिना प्रवेश नहीं 

    06 फरवरी 2024
    लखनऊ। पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा, तभी शुरू होगी चयन प्रक्रिया। बात हो रही है प्रदेश के तीनों स्पोर्ट्स कॉलेज (लखनऊ, गोरखपुर और सैफई) के नए सत्र में प्रवेश की, जिसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बीते सालों की तुलना में इस बार चयन प्रक्रिया में खासे बदलाव किए गए हैं। इसके अंतर्गत खिलाड़ियों को काउंसिलिंग में अपना जैविक प्रमाण पत्र लाना होगा। साथ ही टीसी के सत्यापन के बगैर किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया में शामिल खिलाड़ी का यू-डायस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना भी अनिवार्य किया गया है।


    तीनों कॉलेजों की चयन प्रक्रिया इस माह मध्य से शुरू होगी। इसमें खिलाड़ी को सबसे पहले khelsathi.in वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद उसे अपने आधार कार्ड के साथ कक्षा पांच का प्रमाणपत्र व अन्य जानकारियां दर्ज करानी होगी। 200 रुपये के भुगतान के बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से खिलाड़ी का आई कार्ड जारी होगा, जिसमें उनका रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। साथ ही कॉलेज प्रबंधन की ओर से मंडल स्तर की ट्रायल की जानकारी भी दी जाएगी।


     मंडल स्तरीय ट्रायल में सफल होने के बाद उसे लखनऊ, गोरखपुर और सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में राज्य स्तरीय ट्रायल का हिस्सा बनना होगा। यहां सफल खिलाड़ियों को तीनों कॉलजों की काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा। काउंसिलिंग के लिए चयनित खिलाड़ियों को अपने जिले के सीएमओ से हस्ताक्षरित जैविक प्रमाणपत्र के अलावा टीसी का सत्यापन भी कराकर लाना होगा। अप्रैल प्रथम सप्ताह से तीनों कॉलेज का खेल सत्र एक साथ शुरू करने की योजना हैं।


    टेबलेट / शिक्षकों के निजी स्मार्टफ़ोन के द्वारा विद्यालय पंजिकाओं के डिजिटाईजेशन एवं छात्रों / शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति लिए जाने के सम्बन्ध में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ द्वारा DGSE को ज्ञापन

    टेबलेट / शिक्षकों के निजी स्मार्टफ़ोन के द्वारा विद्यालय पंजिकाओं के डिजिटाईजेशन एवं छात्रों / शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति लिए जाने के सम्बन्ध में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ द्वारा DGSE को ज्ञापन