DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, August 22, 2119

अब तक की सभी खबरें एक साथ एक जगह : प्राइमरी का मास्टर ● इन के साथ सभी जनपद स्तरीय अपडेट्स पढ़ें


व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ टुडे
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी
  • प्राइमरी का मास्टर कॉम
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर खबरें faizabad, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com fatehpur, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर 2019
  • प्राइमरी का मास्टर अवकाश तालिका 2019
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़ इन हिंदी लैंग्वेज
  • primary ka master 69000 
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master latest news 2018 
  • primary ka master 69000 
  • news.primarykamaster.com 2019 
  • news.primarykamaster.com 2020   
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master transfer news 2019 
  • primary ka master app 
  • primary ka master transfer news 2018-19 
  • primary ka master todays latest news regarding 69000 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master mutual transfer 
  • up primary teacher transfer latest news 
  • primary teacher ka transfer



स्क्रॉल करते जाएं और पढ़ते जाएं सभी खबरें एक ही जगह। जिस खबर को आप पूरा पढ़ना चाहें उसे क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

    Tuesday, December 7, 2021

    शिक्षामित्र की चुनाव ड्यूटी में कोरोना से मौत पर मुआवजे पर विचार का हाईकोर्ट का निर्देश

    शिक्षामित्र की चुनाव ड्यूटी में कोरोना से मौत पर मुआवजे पर विचार का हाईकोर्ट का निर्देश



    प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी बिजनौर को सरकारी शासनादेश के तहत सभी पहलुओं पर विचार करके एक माह में याची को मुआवजे के भुगतान पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। याची की पत्नी शिक्षामित्र थी। जिसे पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर भेजा गया था। कोरोना के कारण उसकी मौत हो गई। 



    यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीङ्क्षतकर दिवाकर व न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने गिरीश कुमार की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना है कि एक जून 2021 के शासनादेश के तहत उसने जिलाधिकारी को प्रत्यावेदन देकर मुआवजे की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर हाई कोर्ट की शरण ली है। शासनादेश में चुनाव ड्यूटी पर कोरोना से मौत पर सरकारी सहायता दिये जाने का उपबंध किया गया है।

    UPTET इसी माह - तारीख जल्द घोषित होगी, बेसिक शिक्षा मंत्री ने किया दावा

    UPTET  इसी माह - तारीख जल्द घोषित होगी,  बेसिक शिक्षा मंत्री ने किया दावा


    लखनऊ। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने सोमवार को कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी- 2021) दिसंबर में ही आयोजित की जाएगी। जल्द ही नई तिथि घोषित की जाएगी।



    भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि घोषणा के मुताबिक प्रश्न पत्र लीक होने के (28 नवंबर) एक महीने की अवधि में ही दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। प्रश्न पत्र लीक मामले में प्रथम दृष्टया दोषी सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय को निलंबित किया है। एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार भी किया है। जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


    प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एल०टी० ग्रेड के रिक्त पदों पर चयन हेतु अधियाचन लोक सेवा आयोग को प्रेषित किये जाने हेतु सूचना प्रेषित करने विषयक

    प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एल०टी० ग्रेड के रिक्त पदों पर चयन हेतु अधियाचन लोक सेवा आयोग को प्रेषित किये जाने हेतु सूचना प्रेषित करने विषयक।

    एलटी ग्रेड शिक्षकों के रिक्त पदों का मांगा ब्योरा, भर्ती शीघ्र



    प्रयागराज राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शीघ्र ही एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने प्रदेश के सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को पत्र जारी कर उनके यहां रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। विद्यालयों में आरक्षणवार सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है कि कितने सामान्य, ओबीसी, एससी, विकलांग पुरुष और महिला शिक्षकों के पद रिक्त हैं। 


    सूची मिलने के बाद विभाग भर्ती के लिए लोकसेवा आयोग को अधियाचन भेजेगा। निदेशक ने कहा कि पूर्व में रिक्त पदों का ब्योरा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया था, जिस पर कई बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए आयोग ने अधियाचन वापस कर दिया था। इसके बाद पुनः सभी बिंदुओं को सम्मिलित करते हुए समेकित अधियाचन तत्काल आयोग को भेजा जाना है। इसके मद्देनजर अपने मंडल के रिक्त पदों की सूचना नियमानुसार आरक्षण के साथ तत्काल विवरण भेजने का निर्देश जारी किया गया है। 


    IGNOU PhD Admission: इग्नू में पीएचडी एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ये रहा पूरा विवरण

    IGNOU PhD Admission: इग्नू में पीएचडी एडमिशन के लिए  रजिस्ट्रेशन शुरू, ये रहा पूरा विवरण


    IGNOU PhD Admission 2021: इग्नू पीएचडी एडमिशन के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं।

    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की पीएचडी एंट्रेंस परीक्षा के लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर एप्लीकेशन फॉर्म उपलब्ध हैं और जो छात्र पीएचडी में एडमिशन लेना चाहते हैं वे इस वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उम्मीदवार 22 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। परीक्षा 16 जनवरी, 2022 को आयोजित की जाएगी।


    क्रेडिट/डेबिट कार्ड/नेट बैंकिंग/यूपीआई के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने की आखिरी तारीख 23 दिसंबर है। परीक्षा 180 मिनट की अवधि की होगी और सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की जाएगी।


    योग्यता

    परीक्षा में उपस्थित होने के लिए आवश्यक पात्रता शर्त के बारे में, इग्नू का कहना है कि उन उम्मीदवारों को इस परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है, जिनके पास यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में कम से कम 55% अंकों (सामान्य श्रेणी के लिए) या इसके समकक्ष ग्रेड 'बी' के साथ मास्टर डिग्री है।


    इंटरव्यू के लिए ये उम्मीदवार होंगे शॉर्टलिस्ट
    विश्वविद्यालय के मुताबिक जो छात्र एंट्रेंस परीक्षा में कम से कम 50% अंक प्राप्त करते हैं (एससी / एसटी / ओबीसी (गैर क्रीमी लेयर) / अलग-अलग विकलांग व्यक्तियों के मामले में 45%) वे इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए जाएंगे। इंटरव्यू के लिए चयनित उम्मीदवारों को विषय विशिष्ट डॉक्टरेट अनुसंधान समिति के समक्ष सिनोपसिस की प्रजेंटेशन के लिए बुलाया जाएगा।


    IGNOU PhD Entrance Exam के लिए इन स्टेप्स से करें रजिस्ट्रेशन

    स्टेप 1: सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ignou.nta.ac.in पर जाएं।
    स्टेप 2: अब वेबसाइट पर दिए गए IGNOU PhD Registration 2021 के लिंक पर क्लिक करें।
    स्टेप 3: अब New Registration पर क्लिक करें और मांगी गई हर जानकारी सबमिट कर अपना लॉग इन जनरेट कर लें।

    स्टेप 4: इसके बाद एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें।
    स्टेप 6: अब अपना एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
    स्टेप 7: फोटो और साइन अपलोड करें।
    स्टेप 8: आवेदन फीस जमा करें।
    स्टेप 9: सभी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद एप्लीकेशन का प्रिंट ले लें।


    पेपर लीक न होता तो भी मुश्किल था यूपी-टीईटी कराना, जानिए क्यों? पेपर लीक के शोर में सारी अनियमितताएं दबी रह गई।

    पेपर लीक न होता तो भी मुश्किल था यूपी-टीईटी कराना, जानिए क्यों? पेपर लीक के शोर में सारी अनियमितताएं दबी रह गई।


    उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) का पेपर 28 नवंबर को लीक न होता तो भी परीक्षा सकुशल संपन्न कराना मुश्किल होता। पहली बार यूपी-टीईटी के प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट (उत्तरपत्रक) छापने वाले बदरपुर नई दिल्ली के प्रिंटिंग प्रेस आरएसएम फिरसर्व लिमिटेड ने इतनी गड़बड़ियां की थी की परीक्षा के लिए पेपर बंटने के बाद ही केंद्र व्यवस्थापकों और अफसरों के हाथ-पांव फूल गए थे।


    सबसे बड़ी गड़बड़ी हुई कि कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या से कम प्रश्नपत्र भेजे गए थे। नियमत: प्रत्येक केंद्र पर परीक्षार्थियों की संख्या से 10 प्रतिशत अधिक प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं ताकि पेपर डैमेज हो तो उसे बदला जा सके। लेकिन प्रयागराज के ही एक केंद्र पर आवंटित 450 अभ्यर्थियों के लिए 408 प्रश्नपत्र ही पैकेट में निकले थे।

    पेपर पैकिंग में यह चूक कई अन्य जिलों में हुई थी और परीक्षा शुरू होने के बाद कई जिलों के जिलाधिकारियों ने शासन को फोन करके यह बात बताई थी। इसके अलावा ओएमआर शीट पर ए, बी, सी, डी सीरीज भी नहीं लिखी थी। प्रयागराज में पेपर जिस ट्रक से भेजा गया उसे लेकर आने वाला व्यक्ति अनुभवहीन था। वह अफसरों के सामने ही प्रिंटिंग प्रेस का नाम बताने लगा।
    जबकि प्रिंटिंग प्रेस का नाम किसी को कभी नहीं बताया जाता। 


    पेपर जिन गत्ते के डिब्बों (कर्टन) में पैक करके भेजे गए थे वे भी बहुत सुरक्षित नहीं थे। सूत्रों के अनुसार पेपर का ट्रक लेकर आने वाले व्यक्ति के पास रिसीविंग नहीं थी। अफसरों ने उसे प्रिंटिंग प्रेस से मंगवाने को कहा तो व्हाट्सएप पर मंगाकर दिखाने लगा।
    इसके बाद उसे ई-मेल से रिसीविंग परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय और वहां से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भेजने को कहा गया। इसमें चार घंटे लग गए और पेपर का ट्रक कलेक्ट्रेट में बाहर खड़ा रहा। हालांकि पेपर लीक के शोर में सारी अनियमितताएं दबी रह गई।

    उधार के ऑफिस से यूपीटीईटी करा रहा परीक्षा नियामक कार्यालय, डेढ़ दर्जन से ज्यादा परीक्षाएं कराने वाला PNP कार्यालय 1872 से एक ही ढर्रे पर चल रहा

    उधार के ऑफिस से यूपीटीईटी करा रहा परीक्षा नियामक कार्यालय,  डेढ़ दर्जन से ज्यादा परीक्षाएं कराने वाला PNP कार्यालय 1872 से एक ही ढर्रे पर चल रहा


    उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) पेपर लीक के बाद से चर्चा में आया परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय उधार के ऑफिस से कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं करा रहा है। 150 साल पुराने कार्यालय में बैठने की जगह तक नहीं है। यही कारण है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव और रजिस्ट्रार समेत 75 फीसदी स्टाफ राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में बैठता है और वहीं से तकरीबन डेढ़ दर्जन परीक्षाएं संचालित की जाती हैं।



    पूर्व में रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएं के नाम से चर्चित इस संस्था के पुराने कार्यालय में पूरे स्टाफ के बैठने की जगह नहीं है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने अपनी वेबसाइट पर जिस कार्यालय की फोटो लगाई है वह भी राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान की है। चूंकि राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान के निदेशक के पास ही सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी का अतिरिक्त प्रभार होता है।


    इसलिए परीक्षा नियामक का काम विज्ञान शिक्षा संस्थान से होता है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से कई बार शासन को एक अलग से कार्यालय आवंटित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। कुछ समय पहले जिला विद्यालय निरीक्षक के पुराने कार्यालय को परीक्षा नियामक के लिए आवंटित भी किया लेकिन शिफ्टिंग नहीं हो सकी।


    अब जबकि इस कार्यालय को यूपी-टीईटी समेत बेसिक शिक्षा परिषद और सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल की शिक्षक भर्ती जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा जिम्मा मिल चुका है, उसके बावजूद सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है।



    1872 से एक ही ढर्रे पर चल रहा पीएनपी कार्यालय

    प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता में निरन्तर सुधार करने के उद्देश्य से इस विभाग की स्थापना रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएं, उत्तर प्रदेश के नाम से 1872 के आस-पास हुई थी। वर्ष 1921 में माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के गठन से पूर्व प्रदेश की सभी शैक्षिक परीक्षाओं का उत्तरदायित्व इस विभाग का था। हालांकि इतना लंबा समय बीतने और जिम्मेदारी में कई गुना इजाफा होने के बावजूद कार्यालय पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। विभाग के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी कई बार शासन को भेजा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। अधिकारी, स्टाफ और सुविधाएं न बढ़ने के कारण परीक्षाएं कराना मुश्किल होता जा रहा है।


    डेढ़ दर्जन परीक्षाएं कराता है पीएनपी

    परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कार्यालय डेढ़ दर्जन से अधिक परीक्षाएं कराता है। यूपी-टीईटी, शिक्षक भर्ती परीक्षा के अलावा बीटीसी (डीएलएड), विशिष्ट बीटीसी, मृतक आश्रित बीटीसी, उर्दू बीटीसी प्रशिक्षण परीक्षा, शिक्षामित्रों की पत्राचार प्रशिक्षण परीक्षा, सीटी नर्सरी व डीपीएड प्रवेश व प्रशिक्षण परीक्षा, डिप्लोमा इन गाइडेन्स साइकोलॉजी, आंग्लभाषा डिप्लोमा, पुस्तकालय विज्ञान प्रमाणपत्र, जूनियर हाईस्कूल व हाईस्कूल स्तरीय उर्दू प्रवीणता, एकीकृत छात्रवृत्ति, राज्य स्तरीय राष्ट्रीय प्रतिभा खोज (प्रथम चरण) और राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा कराता है।

    Monday, December 6, 2021

    शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने की बेसिक शिक्षा मंत्री आवास के घेराव की कोशिश, दिया धरना

    शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने की बेसिक शिक्षा मंत्री आवास के घेराव की कोशिश, दिया धरना


    लखनऊ। परिषदीय स्कूलों में 69 हजार शिक्षक भर्ती में 22 हजार सीटों को जोड़कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने रविवार को डालीबाग स्थित बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी के आवास के घेराव की कोशिश की।



    अभ्यर्थी मंत्री आवास परिसर में जैसे ही घुसे पुलिस ने उन्हें बाहर निकाल कर मुख्य गेट बंद कर दिया। इससे नाराज अभ्यर्थी गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ राम राज्य का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ युवाओं को रोजगार देने के बजाय लाठियों से पीटा जा रहा है। अभ्यर्थियों ने काफी देर तक नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने सभी को वाहन से ईको गार्डन ले जाकर छोड़ दिया।

    निजी स्कूलों में जन सूचना अधिकारी तैनात करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

    निजी स्कूलों में जन सूचना अधिकारी तैनात करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक


    लखनऊ । इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश निजी स्कूलों में जन सूचना अधिकारी तैनात करने के राज्य सूचना आयोग के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इससे पहले गत 6 सितंबर को कोर्ट ने एक गैर सहायता प्राप्त स्कूल के मामले लगा दी थी। इसी आधार पर यूपी प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने याचिका दाखिल कर आदेश का लाभ प्रदान करने की गुजारिश की थी। इस पर कोर्ट ने कहा है कि प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन भी पूर्व में पारित आदेश का लाभ पाने का हकदार है। इससे निजी स्कूलों में जन सूचना अधिकारी तैनात करने के सूचना आयोग के आदेश पर फिलहाल रोक लग गई है।


    न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने यह आदेश यूपी प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल कुमार व एक अन्य व्यक्ति की याचिका पर दिया। याची एसोसिएशन का कहना था कि निजी स्कूल राज्य या किसी स्थानीय प्राधिकरण से कोई अनुदान या सहायता नहीं ले रहे हैं। ऐसे में ये स्कूल आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत परिभाषित लोक प्राधिकरण के तहत नहीं आते। लिहाजा आयोग राज्य सरकार को ऐसा कोई सामान्य निर्देश नहीं दे सकता कि सभी प्राइवेट स्कूलों में भी जन सूचना अधिकारी तैनात किए जाएं।



    हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयोग के आदेश पर रोक लगाई

    लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी के आदेश पर रोक लगा दी है। राज्य सूचना आयोग ने मुख्य सचिव को यूपी राज्य में संचालित सभी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देशित करने का निर्देश दिया था कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत किसी के द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के लिए अपने-अपने स्कूल में जन सूचना अधिकारी की नियुक्ति करें। यह आदेश न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति मोहम्मद की पीठ द्वारा पारित किया गया था।

    शमीम अहमद ने अध्यक्ष अतुल कुमार के माध्यम से गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के संघ, उत्तर प्रदेश प्राइवेट स्कूल एसोसियेशन द्वारा दायर एक रिट याचिका पर तर्क दिया कि निजी स्कूल किसी भी राज्य या स्थानीय प्राधिकरण से कोई अनुदान सहायता प्राप्त नहीं कर रहे हैं। अतः आरटीआई अधिनियम, 2005 के तहत परिभाषित ‘लोक प्राधिकरण’ की परिभाषा के तहत नहीं आते हैं।

    रिट याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता रवि प्रकाश गुप्ता ने रिट याचिका में तर्क दिया है कि धारा 18 के तहत अपने मूल अधिकार क्षेत्र में शक्ति का प्रयोग करते हुए, मुख्य सचिव को धारा 19(8)(ए)(पप) के तहत ऐसा कोई सामान्य निर्देश नहीं दिया जा सकता है। इसी प्रकार, राज्य सूचना आयोग द्वारा किया गया ऐसा निर्देश भी उसके सलाहकार क्षेत्राधिकार से संबंधित धारा 25(5) के तहत नहीं दिया जा सकता है।

    श्री गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति सुरेश कुमार गुप्ता की एक समन्वय पीठ ने 14 जुलाई, 2021 को एक गैर सहायता प्राप्त स्कूल सिटी मोंटेसरी द्वारा दायर मामले में राज्य सूचना आयोग के इस आदेश के संचालन पर पहले ही रोक लगा दी है। स्कूल जो रिट याचिकाकर्ता संघ के सदस्यों के लिए भी लागू किया जा सकता है, क्योंकि राज्य आयोग के इस आदेश का उन पर भी प्रभाव पड़ेगा। उत्तर प्रदेश राज्य में याचिकाकर्ता संघ के सदस्य होने पर इस स्थगन आदेश के संचालन का विस्तार करते हुए, न्यायालय ने आरटीआई कार्यकर्ता और अन्य को नोटिस जारी किया और यूपी और राज्य सूचना आयोग रिट याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए आदेश पारित किया है।

    रिट याचिका में यह तर्क दिया गया था कि राज्य सूचना आयोग ने गलती से देखा कि वंचित समूहों के छात्रों को 25 प्रतिशत मुफ्त प्रवेश के एवज में बच्चों के निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 की धारा 12(2) के तहत निजी स्कूलों की प्रतिपूर्ति राशि राज्य द्वारा सहायता अनुदान के लिए जिसे ‘वित्तपोषित’ माना जा सकता है, ऐसे स्कूल को आरटीआई अधिनियम, 2009 की धारा 2 (एच) के तहत ‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ के दायरे में लाया जा सकता है। यह स्पष्ट किया कि केवल सहायक, अनुदान, छूट, विशेषाधिकार आदि प्रदान करना, जैसे कि पर्याप्त मात्रा में धन उपलब्ध कराना नहीं कहा जा सकता है, जब तक रिकार्ड नहीं दिखाता है कि फंडिंग उस निकाय के लिए इतनी बड़ी थी, जो व्यावहारिक रूप से इस तरह के फंडिंग से चलती है और लेकिन इस तरह के फंडिंग के लिए, यह अस्तित्व के लिए संघर्ष करेगा।

    याचिकाकर्ता द्वारा यह तर्क दिया गया था कि एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत मुफ्त प्रवेश की वैधता की जांच करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि आरक्षण (93वें संवैधानिक संशोधन के तहत संवैधानिक रूप से अनुमत) छात्रों के पक्ष में है। निजी स्कूलों में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को संविधान के अनुच्छेद 15 में खंड (5) डालने से गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को सहायता प्राप्त स्कूलों के बराबर नहीं लाया जाएगा। मुफ्त प्रवेश के बदले इस तरह की प्रतिपूर्ति गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को सहायता प्राप्त स्कूलों के बराबर नहीं बना देगी।

    CTET 2021: एडमिट कार्ड होने वाले हैं जारी, जानें उत्तर प्रदेश के इन शहरों में होगा CTET परीक्षा का आयोजन

    CTET 2021:  एडमिट कार्ड होने वाले हैं जारी, जानें उत्तर प्रदेश के इन शहरों में होगा CTET परीक्षा का आयोजन


    CTET 2021 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किया जाएगा। इस बार इसका आयोजन 16 दिसंबर 2021 से 13 जनवरी 2022 के बीच किया जाना है।


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 16 दिसंबर से आयोजित की जाने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2021 के लिए अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किया जा सकता है। साल में 2 बार आयोजित की जाने वाली यह परीक्षा कोरोना महामारी की वजह से इस बार थोड़े देर से आयोजित हो रही है। गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2021 से शुरू होकर यह परीक्षा 13 जनवरी 2022 तक चलेगी। CTET 2021 के लिए अभ्यर्थियों से 19 सितंबर से 25 अक्टूबर के बीच आवेदन मांगे गए थे। 

    जल्द ही जारी होगा एडमिट कार्ड : 

    16 दिसंबर से शुरू होने वाली CTET 2021 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड का इंतजार जल्द ही समाप्त होने वाला है। दरअसल विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CBSE, CTET 2021 के लिए एडमिट कार्ड इसी सप्ताह में जारी कर सकता है। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद अभ्यर्थी उसे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

    उत्तर प्रदेश के इन शहरों में बनेंगे परीक्षा केंद्र :

    केंद्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली CTET 2021 के सफल आयोजन के लिए देश भर के 300 से भी अधिक शहरों में परीक्षा केंद्र बनेंगे। नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के मुताबिक इन परीक्षा केंद्रों में से 22 उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। उत्तर प्रदेश में CTET के परीक्षा केंद्र आगरा, अलीगढ़, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बिलासपुर, फैजाबाद (अयोध्या), फिरोजाबाद, गाज़ियाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, नोएडा (ग्रेटर नोएडा), प्रयागराज (इलाहाबाद), सीतापुर तथा वाराणसी शहर में बनेंगे। अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्र की जानकारी एडमिट कार्ड के माध्यम से दी जाएगी।

    PhD की तैयारी में जुटे छात्रों को जोर का झटका, प्रवेश के लिए NET अनिवार्य होगा

    PhD की तैयारी में जुटे छात्रों को जोर का झटका,  प्रवेश के लिए NET अनिवार्य होगा



    अब पीएचडी में प्रवेश तथा उच्च शिक्षा के तहत प्राध्यापक की नौकरी आसान नहीं रही। यूजीसी की ओर से नए सत्र से पीएचडी में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) को अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में जहां पीएचडी में प्रवेश लेना कठिन होगा, वहीं बगैर नेट उत्तीर्ण पीएचडी कर रहे शोधार्थियों के लिए मुश्किलें भी बढ़ेंगी। हालांकि, यूजीसी के इस फैसले से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के आसार जताये जा रहे हैं।


    उच्च शिक्षा में किसी भी विषय पर पीएचडी करने के लिए अब तक सिर्फ संबंधित विवि की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी अनिवार्य थी। जिसके बाद विवि प्रबंधन की ओर से सीटों के सापेक्ष काउंसिलिंग के बाद संबंधित शोधार्थी को रिक्त सीट आवंटित की जाती थी। हालांकि नेट और जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को इसका लाभ अधिमान अंकों के तौर पर सिर्फ नौकरी में मिलता था। यही कारण था, कि उच्च शिक्षा में लगातार युवाओं ने पीएचडी में प्रवेश लेना शुरू कर दिया।


    प्रवेश परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों को मेरिट के तहत प्रवेशित कर लिया जाता था। लेकिन एकाएक पीएचडी धारकों की संख्या में इजाफा होने तथा शोध परिणाम शून्य होने की दशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से नया नियम लागू कर दिया गया है। नए रेगुलेशन एक्ट के तहत अब पीएचडी में प्रवेश के लिए नेट परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। ऐसे में कहा जा सकता है, कि नींव मजबूत होगी तो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। यूजीसी के इस फैसले को उच्च शिक्षा के पक्ष में बेहतर कहा जा सकता है। 


    नए सत्र से सभी केंद्रीय विवि में संयुक्त प्रवेश परीक्षा से दाखिला

    नए सत्र से सभी केंद्रीय विवि में संयुक्त प्रवेश परीक्षा से दाखिला



    नई दिल्‍ली : देशभर के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने की योजना इस साल भले ही पूरी नहीं हो पाई, लेकिन सरकार ने आने वाले नए शैक्षणिक सत्र में इसे पूरी तरह से लागू करने के लिए कम कस ली है। फिलहाल इसकी तैयारी तेजी से चल रही है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों से इस संबंध में सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। साथ ही पाठ्यक्रमों आदि का ब्यौरा भी जुटाया जा रहा है। 


    विद्यार्थियों के लिहाज से यह कदम काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अभी उन्हें किसी कोर्स में दाखिले के लिए कई विश्वविद्यालयों में आवेदन करना पड़ता है। साथ ही सभी जगह प्रवेश परीक्षा में भी शामिल होना होता है। इस दौरान जिस विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया पहले शुरू होती है, उनमें वह दाखिला ले लेता है, लेकिन बाद में पसंद के विश्वविद्यालय में दाखिला मिलने पर वह वहां चला जाता है। ऐसे में आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से गुजरना होता है।

    Sunday, December 5, 2021

    यूपी में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, अब दस जनवरी तक हो सकेंगे आवेदन

    वित्तीय वर्ष /शैक्षणिक सत्र 2021-22 मैं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति कक्षा 11-12 एवं अन्य दशमोत्तर कक्षाओं से संबंधित छात्रों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने और छात्रवृत्ति वितरण तथा अन्य कार्यों से तृतीय चरण की समय सारणी निर्मित किए जाने के संबंध में

    यूपी में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, अब दस जनवरी तक हो सकेंगे आवेदन


    छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन से वंचित छात्र-छात्राओं के लिए एक मौका और मिला है। शासन की मंजूरी के बाद समाज कल्याण विभाग ने तृतीय चरण की प्रक्रिया शुरू कराई है। जिसके मुताबिक अब छात्र-छात्राओं के फार्म दस जनवरी तक भरे जा सकेंगे।


     शासन ने शैक्षिक सत्र 2021-22 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति कक्षा 11 व 12 एवं अन्य दशमोत्तर कक्षाओं से संबंधित छात्रों को छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने एवं छात्रवृत्ति वितरण तथा अन्य कार्यों हेतु तृतीय चरण की समय-सारणी के अंतर्गत कार्रवाई पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। दस जनवरी तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया जा सकता है।


     जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर से लॉक डाटा के आधार पर बैंक, कोषागार के ई-पेमेंट के तहत पीएफएमएस से छात्र-छात्राओं के आधार लिंक बैंक खातों में सीधे धनराशि अंतरित की जाएगी।




    बेसिक शिक्षा में रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाल रहे 69000 शिक्ष‍क भर्ती के अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज

    बेसिक शिक्षा में रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाल रहे 69000 शिक्ष‍क भर्ती के अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज 


    लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा में रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर शनिवार को कैंडल मार्च निकाल रहे 69 हजार सहायक शिक्ष‍क भर्ती के अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मिली जानकरी के अनुसार 1090 चौराहा से मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे अभ्यार्थियों को पुलिस ने रास्ते में दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटा। लाठीचार्ज में कई अभ्‍यर्थियों को चोटें आयीं हैं।


    बताया जा रहा है कि कल शाम जब सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्‍य‍र्थी 1090 चौराहे से मुख्यमंत्री आवास तक शांति पूर्ण ढंग से अपना कैंडिल मार्च निकाल रहे थे। तभी मुख्यमंत्री आवास के करीब चौराहे के पास पुलिस ने उन्हें रोक लिया।  रोके जाने को लेकर अभ्यर्थियों की पुलिसबल से नोक-झोंक हुई।


    अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांति पूर्ण ढंग से कैंडिल मार्च निकाला रहे हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री चौराहे की तरफ बढ़ने ही नहीं दिया। वहीं अभ्यर्थियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने अभ्‍यर्थियों पर लाठी  भांजना शुरू कर दिया। फिर पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है।


    वहीं पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि अपनी मांगों को लेकर कई जिलों से आये ये 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी करीब साढ़े पांच महीनों से लखनऊ में धरना दे रहे हैं, लेकिन इनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। 


    इन अभ्यर्थियों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक लाख 37 हजार शिक्षकों की भर्ती पूर्ण की जाए। इसके साथ इनकी यह मांग है कि 68 हजार 500 शिक्षक भर्ती की रिक्त 22 हजार सीटों को 69 हजार भर्ती से जोड़ा जाए। अभ्‍यर्थी शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले किए जाने की बात भी उठा रहें हैं।

    गोण्डा के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति का निलंबन वापस

    गोण्डा के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति का निलंबन वापस


    लखनऊ. गोण्डा के निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को बहाल कर दिया गया है. दरअसल, फरवरी 2021 में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को निलंबित कर दिया गया था. बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को अध्यापकों से हुई अवैध धनराशि की वसूली में शामिल होने के आरोप में निलंबित किया गया था.


    इस आरोप के बाद तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को निलंबित कर दिया गया था. उसके बाद इस पूरे मामले की जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने की थी. लेकिन आरोपी बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो पाया. जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोप साबित नहीं के बाद उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई को समाप्त करते हुए सेवा में बहाल कर दिया गया है.


    गौरतलब है कि फरवरी 2021 में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को अध्यापकों से हुई अवैध धनराशि की वसूली में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. उसके बाद मामले की जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने की थी. लेकिन आरोपी बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला. जिसके बाद प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई को समाप्त करते हुए सेवा में बहाल कर दिया गया है. 


    बताते चलें कि गोण्डा के निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को बहाल कर दिया गया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति को अध्यापकों से हुई अवैध धनराशि की वसूली में शामिल होने के आरोप में फरवरी 2021 में निलंबित किया गया था.

    शिक्षामित्रों,अनुदेशकों का तीसरे माह भी नहीं बढ़ा मानदेय, पुरानी दरों पर ही जारी हुआ नवम्बर माह का मानदेय बजट

    शिक्षामित्रों,अनुदेशकों का तीसरे माह भी नहीं बढ़ा मानदेय, पुरानी दरों पर ही जारी हुआ नवम्बर माह का मानदेय बजट


    लखनऊ: बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत डेढ़ लाख शिक्षामित्रों और करीब 30000 अनुदेशकों का मानदेय अनुपूरक बजट में पारित होने के 3 महीने बाद भी नहीं बढ़ा है।



    महानिदेशक स्कूली शिक्षा अनामिका सिंह में शिक्षामित्रों की नवंबर महीने का मानदेय ₹10000 और अनुदेशकों का ₹7000 मासिक की दर से करने का आदेश जारी किया है।


     प्रदेश सरकार की ओर से अगस्त में प्रस्तुत अनुपूरक बजट में शिक्षा मित्रों का मानदेय करीब ₹1000 बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। मनरेगा कें संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाने का भी प्रस्ताव पारित हुआ था।

    Saturday, December 4, 2021

    गौतमबुद्धनगर : अवकाश अवधि में कार्य के बदले प्रतिकर अवकाश दिए जाने हेतु नवीन आदेश जारी

    गौतमबुद्धनगर : अवकाश अवधि में कार्य के बदले प्रतिकर अवकाश दिए जाने हेतु नवीन आदेश जारी



    UPTET Latest News : दिसम्बर में मुश्किल - जनवरी में होने के आसार, एक महीने में नहीं हो सकेगी पुनर्परीक्षा की तैयारी

    UPTET Latest News :  दिसम्बर में मुश्किल - जनवरी में होने के आसार, एक महीने में नहीं हो सकेगी पुनर्परीक्षा की तैयारी


    लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी ने यूपीटीईटी की रद परीक्षा एक माह के अंदर कराने का एलान किया है, ये अवधि 28 दिसंबर को पूरी हो रही है। पेपर लीक मामले में परीक्षा संस्था के सचिव व प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी मालिक की गिरफ्तारी व कार्रवाई के चलते बदली परिस्थिति में नए सिरे से प्रश्नपत्र ही नहीं, प्रश्नपत्र छापने की नई एजेंसी का भी चयन होगा। परीक्षा की नई तारीख 10 जनवरी के आसपास हो सकती है। यूपीटीईटी 28 नवंबर को प्रस्तावित थी।


     परीक्षा के एक दिन पहले ही प्रश्नपत्र लीक हुआ, सरकार ने पहली पाली की परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही दोनों पालियों का इम्तिहान रद कर दिया था। टीईटी जल्द कराने के लिए सरकार ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव के पद पर अनिल भूषण चतुर्वेदी व परीक्षा नियंत्रक मनोज कुमार अहिरवार को भेजा है। बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने बताया कि यूपीटीईटी की परीक्षा के लिए विभाग तेजी से जुटा है।



    प्रयागराज |  पेपर लीक के बाद निरस्त शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) एक महीने में होने के आसार नहीं हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को टीईटी कराने में कम से कम दो महीने लगने का अनुमान है। पेपर लीक से सरकारी की काफी किरकिरी हो चुकी है।


    ऐसे में शुचितापूर्वक परीक्षा कराना सबसे बड़ी चुनौती है।दोबारा कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता। नए सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी को विश्वासपात्र प्रिंटिंग प्रेस चुनने के साथ प्रश्नपत्र सेट कराना, मॉडरेशन और छपाई कराना है। अन्य तैयारी भी करनी पड़ती है। पेपर जल्दी छप भी जाए तो केंद्रों तक उसे सुरक्षित पहुंचाना बड़ा काम है। सूत्रों के अनुसार टीईटी जनवरी अंत तक दोबारा हो सकता है।

    एडेड जूनियर की शिक्षक भर्ती में फंसा आरक्षण का पेच, अफसर ले रहे विधिक राय

    एडेड जूनियर की शिक्षक भर्ती में फंसा आरक्षण का पेच,  अफसर ले रहे विधिक राय

     अधिकारी तय नहीं कर पा रहे कि कुल विज्ञापित 1894 पदों पर आरक्षण लागू होगा या विद्यालयवार 


    प्रयागराज |  सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में 1504 सहायक अध्यापक और 390 प्रधानाध्यापकों की भर्ती में आरक्षण का पेच फंस गया है। दिसंबर 2019 में जारी उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल) नियमावली-1978 (अध्यापकों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें) में आरक्षण व्यवस्था की स्थिति साफ नहीं है। इन स्कूलों में भर्ती के लिए पहली बार लिखित परीक्षा कराई गई थी।




    सरकार ने नियमावली में संशोधन कर टीईटी/सीटीईटी और लिखित परीक्षा का प्रावधान किया। लेकिन संशोधन में आरक्षण पर स्थिति साफ नहीं हो सकी। अब अधिकारी तय नहीं कर पा रहे कि कुल विज्ञापित 1894 पदों पर आरक्षण लागू होगा या विद्यालयवार दिया जाएगा। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर विधिक राय ले रहे हैं। ताकि भर्ती होने पर कानूनी अड़चन सामने न आए। सूत्रों के अनुसार भर्ती दिसंबर अंत तक पूरी होनी है। ऑनलाइन विकल्प लेने के लिए एनआईसी से बातचीत भी हो चुकी है। आरक्षण का मुद्दा फाइनल न होने से प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है।

    Friday, December 3, 2021

    अलीगढ़ : अवकाश अवधि में कार्य के बदले प्रतिकर अवकाश दिए जाने हेतु नवीन आदेश जारी

    अलीगढ़ : अवकाश अवधि में कार्य के बदले प्रतिकर अवकाश दिए जाने हेतु नवीन आदेश जारी



    NCERT गणित और विज्ञान की द्विभाषी किताबें तैयार करने पर कर रहा विचार

    NCERT गणित और  विज्ञान  की द्विभाषी किताबें तैयार करने पर कर रहा विचार


    नई दिल्ली: ज्ञानार्जन को सुखद एवं आकर्षक बनाने के लिये राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आने वाले समय में विज्ञान एवं गणित में ‘द्विभाषी पाठ्य पुस्तकें’ तैयार करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा.


    स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने शिक्षा, महिला, बाल एवं युवा मामलों से संबंधित संसद की स्थायी समिति को यह जानकारी दी. समिति की रिपोर्ट मंगलवार को संसद में पेश की गई थी. विभाग ने कहा कि शोधकर्ताओं ने यह बताया है कि जिस भाषा में बच्चा सबसे अधिक सहज रहता है, उसका उपयोग करने से बच्चे के पठन पाठन के परिणामों में सुधार होता है और इसी के अनुरूप नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय सामग्री के साथ पाठ्य पुस्तकों की सिफारिश की गई.


    रिपोर्ट के अनसार, क्षेत्रीय भाषाओं में सरल उदाहरण एवं श्रेणीबद्ध सामग्री के साथ पुस्तक उपलब्ध कराना ज्ञानार्जन को सुखद और आकर्षक बनाता है. विभाग ने बताया कि वर्तमान में एनसीईआरटी हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू माध्यम में पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन करती है तथा अन्य विषयों की पाठ्यपुस्तकें राज्यों द्वारा उनकी आवश्यकता के अनुसार तैयार की जाती हैं.


    इसमें कहा गया है, ‘विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (एनसीएफ) की सिफारिशों के आधार पर एनसीईआरटी आने वाले समय में विज्ञान और गणित विषय में ‘द्विभाषी पाठ्यपुस्तकें’ तैयार करने पर विचार करेगा. ’  शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी के रणनीति दस्तावेज के अनुसार, मध्यमिक शिक्षा पर राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (एनसीएफएसई) को नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तर्ज पर साल 2023 तक विकसित किया जायेगा. यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुरूप राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा से विषयों एवं सुझाव को लेगा.


    रिपोर्ट के अनुसार, एनसीईआरटी के निदेशक ने समिति को बताया कि इतिहास की पाठ्य पुस्तकों सहित सामाजिक विज्ञान की पाठ्य पुस्तकों पर भी चर्चा प्रारंभ कर दी गई है. उन्होंने बताया कि सभी पाठ्य पुस्तकें दृष्टांतों, तस्वीरों, मानचित्रों आदि से भरपूर होंगी तथा चित्र एवं गतिविधियां आयु/वर्ग के उपयुक्त होंगी.


    एनसीईआरटी के निदेशक ने समिति को बताया कि सभी पाठ्य पुस्तके प्रिंट और डिजिटल प्रारूप में भी उपलब्ध होंगी जिसमें अतिरिक्त डिजिटल सामग्री के साथ त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड शामिल होंगे.

    ललितपुर : प्रा0शि0संघ के ज्ञापन के क्रम में परिषदीय शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश दिए जाने का आदेश जारी

    ललितपुर : प्रा0शि0संघ के ज्ञापन  के क्रम में परिषदीय शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश दिए जाने का आदेश जारी





     

    यूपी के राजकीय माध्यमिक कालेजों को जल्द मिलेंगे शिक्षक, चयनितों को विद्यालय नियुक्ति /पदस्थापन हेतु करना होगा आवेदन

    यूपी के राजकीय माध्यमिक कालेजों को जल्द मिलेंगे शिक्षक, चयनितों को विद्यालय नियुक्ति /पदस्थापन हेतु करना होगा आवेदन


    राजकीय माध्यमिक कालेजों को 210 शिक्षक जल्द मिलेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग में शुक्रवार से आनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। प्रवक्ता पद के आनलाइन पदस्थापन के लिए नौ दिसंबर तक, जबकि सहायक अध्यापक के लिए 10 से 16 दिसंबर तक आवेदन हो सकेंगे। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने पिछले दिनों 210 अभ्यर्थियों का चयन किया है। प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों को अब इन रिक्त पदों के सापेक्ष नियुक्ति दी जानी है।


    उप शिक्षा निदेशक विकास श्रीवास्तव ने बताया कि आवेदन पत्र आनलाइन ही स्वीकार होगा, किसी अन्य माध्यम से भेजा गया आवेदन रद किया जाएगा। आनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया में जो अभ्यर्थी प्रतिभाग नहीं करेंगे उन्हें अन्य अवसर नहीं दिया जाएगा व विभाग का निर्णय अंतिम होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए विभाग एनआइसी के माध्यम से वेबसाइट seceduonlineposting.up.gov.in पर अभ्यर्थियों से आवेदन ले रहा है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए ई-मेल seceduonlineposting@gmail.com व हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 6387219859 पर वाट्सएप  व इसी नंबर पर कार्यदिवस में उपलब्ध रहेगा, जिस पर वे अपनी समस्या का निराकरण करा सकते हैं।


    इन विषयों के अभ्यर्थी करेंगे आवेदन : पुरुष शाखा के प्रवक्ता पद के लिए इतिहास, कृषि, तर्कशास्त्र, संस्कृत,नागरिक शास्त्र, भौतिक विज्ञान, जीवविज्ञान, अंग्रेजी, गणित, फारसी, शिक्षाशास्त्र, उर्दू, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, शारीरिक अनुदेशक व हि‍ंदी। इसी तरह सहायक अध्यापक (पुरुष/महिला) शाखा के लिए हि‍ंदी, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, जीवविज्ञान, कला, गृह विज्ञान, अंग्रेजी व गणित विषय।

    माध्यमिक : नई शिक्षक भर्ती के लिए मांगी रिक्त पदों की जानकारी, 12 दिसंबर तक रिक्त पदों की संख्या पोर्टल पर करना होगा अपलोड, देखें आदेश

    दिनांक 01 दिसम्बर 2021 से उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज द्वारा विकसित अधियाचन पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2022 के अधियाचन भेजने विषयक।


    माध्यमिक : नई शिक्षक भर्ती के लिए मांगी रिक्त पदों की जानकारी, 12 दिसंबर तक रिक्त पदों की संख्या पोर्टल पर करना होगा अपलोड, देखें आदेश


    प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक, प्रवक्ता और प्रधानाचार्यों की एक और भर्ती शुरू होने जा रही है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखकर तीन से 12 दिसंबर तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रिक्त पदों की जानकारी (अधियाचन) अपलोड करने का निर्देश दिया है।


    अधियाचन भेजने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 8468007598 भी जारी किया गया है। खास तौर से सलाह दी गई है कि ध्यानपूर्वक परीक्षण के बाद सत्यापित अधियाचन ही भेजा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित कर लें कि जनपद से भेजे गए रिक्त पदों के अलावा कोई और पद रिक्त नहीं है। इस बाबत एक प्रमाण पत्र भी चयन बोर्ड को देना होगा। ताकि आगे चलकर अगर कोई जानकारी गलत निकलती है तो उसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ही जिम्मेदार हों।



    कायाकल्प : तकनीक व डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल, बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्ययोजना तैयार कर विश्व बैंक से ऋण लेंगे

    कायाकल्प : तकनीक व डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल, बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्ययोजना तैयार कर विश्व बैंक से ऋण लेंगे


    लखनऊ। प्रदेश सरकार प्री-प्राइमरी से माध्यमिक शिक्षा तक के स्कूलों के कायाकल्प की तैयारी में है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालयों को तकनीकी व डिजिटल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए विश्व बैंक से ऋण लेने का फैसला किया गया है। संबंधित प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन सैद्धांतिक सहमति दी गई है।


    प्रदेश के प्री-प्राइमरी, प्राइमरी व माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में तकनीकी उच्चीकरण व डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने के लिए आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना है।इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्ययोजना तैयार कर विश्व बैंक से ऋण लेंगे। प्रदेश कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांति सहमति दे दी है। अब विभाग डीपीआर तैयार कर विश्व बैंक भेजने की कार्यवाही करेंगे।

    UPTET में सेंध : आखिर प्रिंटिंग प्रेस बदलने की कौन सी रही मजबूरी या दबाव?

    UPTET में सेंध : आखिर प्रिंटिंग प्रेस बदलने की कौन सी रही मजबूरी या दबाव?


    प्रयागराज : टीईटी पेपर लीक प्रकरण में प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि गिरफ्तार सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय के ऊपर आखिरकार पुराने प्रेस को बदलने की ऐसी कौन सी मजबूरी या दबाव था। एसटीएफ की पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि पेपर छापने का काम बदरपुर नई दिल्ली की कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड को परीक्षा से एक महीने पहले 26 अक्तूबर को दिया गया था।


    उसने चार अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छपवाए और पेपर लीक का यही मुख्य वजह बनी। चर्चा है कि क्या संजय कुमार उपाध्याय ने निजी हितों के लिए ऐसी फर्म को प्रश्नपत्र छापने का ठेका दे दिया जिसके पास इतने गोपनीय काम का कोई अनुभव नहीं था या फिर किसी दबाव में यह निर्णय लेना पड़ा। ऐसा इसलिए क्योंकि संजय कुमार उपाध्याय के सचिव पद पर आने से पहले भी यहां तैनात रहे अफसरों पर प्रश्नपत्र छापने के लिए निजी प्रिंटिंग प्रेस और रिजल्ट बनाने के लिए प्राइवेट कम्प्यूटर फर्म के चुनाव के दबाव की सुगबुगाहट सुनने में आती रही है।


    चर्चा है कि रसूखदार लोग खुद मोटी कमाई या अपने खास लोगों को अनुचित लाभ दिलाने के लिए पसंदीदा प्रिंटिंग प्रेस और कम्प्यूटर फर्म को काम दिलवाने का दबाव अफसरों पर बनाते हैं। रसूखवालों के चहेतों को छपाई या रिजल्ट का काम न देने पर अफसरों को निलंबन और दूसरी कार्रवाई की धमकी भी मिलती रही है। लेकिन ये बातें कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आईं।

    हजारों छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फंसी, बीएचयू समेत 67 संस्थानों के पास केवल 24 घंटे का समय

    हजारों छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फंसी, बीएचयू समेत 67 संस्थानों के पास केवल 24 घंटे का समय

    उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा परीक्षा परिणाम छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपलोड न किए जाने से वित्तीय वर्ष 2021-22 में पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से वंचित होना पड़ सकता है। समाज कल्याण निदेशालय ने शुक्रवार तक परीक्षा परिणाम अपलोड करने की समय सीमा तय कर दी है। यानी अगले 24 घंटे में लोड नहीं किया गया तो छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।



    निदेशालय ने प्रदेश के केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों व स्वायत्तशासी संस्थानों समेत कुल 67 संस्थानों को इस संबंध में पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि यदि तीन दिसंबर 2021 तक परीक्षा परिणाम अपलोड नहीं किया जाता है तो संस्थानों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल पाएगी, जिसके लिए संबंधित विश्वविद्यालय एवं संबद्ध एजेंसी जिम्मेदार होगी। निदेशालय ने कहा है कि सभी विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध एजेंसियों को परीक्षा परिणाम घोषित होते ही तत्काल छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है लेकिन अभी तक परीक्षा परिणाम अपलोड नहीं किया गया है। 

    निदेशालय ने जिन 67 संस्थानों की सूची जारी की है, उन्होंने एक भी परीक्षा परिणाम अपलोड नहीं किया है। इसमें बीएचयू, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ, लखनऊ विश्वविद्यालय, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी लखनऊ, भातखंडे संगीत सम विश्वविद्यालय लखनऊ, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ, यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी लखनऊ, यूपी होम्योपैथिक चिकित्सा बोर्ड लखनऊ, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर, नरेन्द्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर जैसे संस्थान भी शामिल हैं।

    Thursday, December 2, 2021

    NISHTHA FLN 3.0 : निष्ठा प्रशिक्षण के दिसंबर माह के कोर्स माड्यूल 05 और 06 के दीक्षा प्रशिक्षण लिंक जारी, करें एक क्लिक में जॉइन

    NISHTHA FLN 3.0  : निष्ठा प्रशिक्षण के दिसंबर माह के कोर्स माड्यूल 05 और 06 के दीक्षा प्रशिक्षण लिंक जारी, करें एक क्लिक में जॉइन


    निष्ठा FLN प्रशिक्षण 2021, उत्तर प्रदेश

    Module 05 & 06 Launch

    Start Date : 01 December 2021

    End Date: 31 December 2021



    आप अवगत है कि, निष्ठा FLN प्रशिक्षण प्रदेश में 15 October 2021 से दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शुरू किया गया है ।


    इसी क्रम मे Module 05 एवं 06, 1 December 2021 से Live किये जा रहें हैं, प्रशिक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ निम्नवत है।


    🔵 Module 5

    👉 (दीक्षा Link)UP_‘विद्या प्रवेश’ एवं ‘बालवाटिका’ की समझ (निष्ठा FLN)👉 https://diksha.gov.in/learn/course/do_31342092885229568012347



    🔵 Module 6 

    👉 (दीक्षा Link)UP_बुनियादी भाषा और साक्षरता (निष्ठा FLN) :👉 https://diksha.gov.in/learn/course/do_31342093148966092812490



    Important Note

    1. प्रशिक्षण से पहले सभी users अपना दीक्षा ऐप playstore से अनिवार्य रूप से update कर लें ।

    2. अपनी दीक्षा प्रोफाइल में district, block, school का चयन कर update कर लें। ( https://youtu.be/8sHuHUrkBxQ  वीडियो लिंक का प्रयोग कर प्रोफाइल अपडेट करने की प्रक्रिया को समझ सकते हैं)

    3.मोड्यूल 5 एवं 6 का डैशबोर्ड 5 December 2021 से live किया जाएगा।


    📌 Nishtha FLN 2021 क्या है और इसको कैसे करें:

    Video Link: https://youtu.be/6dz6izD0R1Y

    IGNOU ने आवेदन करने की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ाई

    IGNOU ने आवेदन करने की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ाई


    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने एक बार फिर जुलाई 2021-22 सत्र के लिए आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। यह आवेदन स्नातक और परास्नातक के लिए ओपन डिस्टेंस लर्निंग माध्यम के हैं। अब इसके लिए अभ्यर्थी 7 दिसंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं। 


    इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि नवंबर माह के आखिर में थी। इग्नू ने इससे पहले पांच बार आवेदन तिथि बढ़ाई है। अभ्यर्थी दाखिला पोर्टल https://ignouadmission.samarth.edu.in/ और https://ignouadmission.samarth.edu.in/index.php/site/programmes पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इग्नू ने यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी छात्र को आवेदन संबंधी परेशानी है तो ssc@ignou.ac.in पर मेल कर सकता है या 011-29572513 और 011 29572514 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन संबंधी किसी तरह की परेशानी होने पर छात्र csrc@ignou.ac.in पर भी मेल कर सकते हैं।

    देश भर के स्कूलों के लिए बने के एक कामन पाठ्यक्रम, संसदीय समिति की अहम सिफारिश

    देश भर के स्कूलों के लिए बने के एक कामन पाठ्यक्रम, संसदीय समिति की अहम सिफारिश



    नई दिल्ली : सीबीएसई आइसीएससी और राज्य शिक्षा बोडर्डों में बंटी स्कूली शिक्षा को एक जैसा स्वरूप देने के लिए संसद की स्थायी समिति ने देश भर के स्कूलों के लिए एक समान (कामन) पाठ्यक्रम विकसित करने का सुझाव दिया है। साथ ही शिक्षा मंत्रालय से कहा है कि वह इससे जुड़ी संभावनाओं पर काम करें। स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले सभी विषयों को इसमें शामिल किया जाना चाहिए। 


    समिति का कहना है कि इससे स्कूली शिक्षा में एकरूपता आएगी और देश भर के सभी स्कूली छात्रों का एक ही शैक्षणिक स्टैंडर्ड होगा।


    भाजपा सांसद डा विनय सहस्त्रबुद्धे की अगुवाई वाली शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने स्कूली शिक्षा को लेकर यह अहम सिफारिश उस समय की है, जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल का काम तेजी से चल रहा है। इसके तहत स्कूलों के लिए नए पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकें भी तैयार होनी हैं। 


    हालांकि इससे पहले ही समिति की स्कूली पाठ्यपुस्तकों की विषयवस्तु और डिजाइन में सुधार के संबंध में यह सिफारिश इसलिए भी अहम है, क्योंकि मौजूदा समय में देश अलग-अलग शिक्षा बोर्डों से संबंद्ध स्कूल है। ऐसे में इन स्कूलों में अभी एक जैसा पाठ्यक्रम नहीं है। 


    समिति से जुड़े सदस्यों की मानें तो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जब स्कूलों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार ही होना है, तो फिर इन सिफारिशों पर भी विचार किया जा सकता है। संसदीय समिति ने इसके साथ ही स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली इतिहास से जुड़ी विषयवस्तु तैयार करने में पूरी सतर्कता से काम करने की जरूरत पर जोर दिया है। समिति ने अपनी सिफारिश में करीब 25 बिंदु शामिल किए हैं।

    साठ लाख बच्चों के अभिभावकों को DBT के जरिये धनराशि मिलने का अभी भी इंतजार

    साठ लाख बच्चों के अभिभावकों को DBT के जरिये धनराशि मिलने का अभी भी  इंतजार



    लखनऊ : प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 60 लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये नहीं पहुंचे हैं। सत्यापन पूरा न होने के कारण दूसरे चरण में करीब 60 लाख अभिभावकों को धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक व अधिकारी इस समय मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में लगे हैं इसलिए सत्यापन में विलंब हो रहा है। बच्चों के स्वेटर व यूनीफार्म के लिए धनराशि न मिलने से ठंड में बच्चों को परेशानी हो रही है।


    प्रदेश सरकार पहली बार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेज रही है, वे बच्चों को यूनीफार्म, स्कूल बैग, जूता मोजा व स्वेटर आदि खरीदकर दे सकें।


     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना का शुभारंभ किया और उसके कुछ दिन बाद ही करीब एक करोड़ 20 लाख बच्चों के अभिभावकों को तय धनराशि भेजी जा सकी। जिनके बैंक खाते अपडेट थे उनमें तत्काल धन पहुंचा अन्य में निरंतर पहुंच रहा है। दूसरे चरण में करीब 60 लाख बच्चों के अभिभावकों का जिलों में सत्यापन चल रहा है। इसमें शिक्षक, प्रधानाध्यापक, खंड शिक्षा अधिकारी, वित्त अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी को इसका सत्यापन करना है। शिक्षक से लेकर अधिकारी तक निर्वाचन कार्य में लगे होने से सत्यापन का कार्य पूरा होने में समय लग रहा है। अब कुछ हजार सत्यापन बचे हैं।


    प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार ने 30 नवंबर तक सभी के खाते में धन भेजने का निर्देश दिया था, विभागीय अफसरों का कहना है कि यह कार्य जल्द पूरा हो जाएगा।

    बेसिक शिक्षकों के शीतकालीन अवकाश पर FLN का ग्रहण!

    बेसिक शिक्षकों के शीतकालीन अवकाश पर FLN  का ग्रहण!


    चालू शैक्षिक सत्र में ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में 15 दिन की कटौती कर उनके बदले घोषित किए गए शीतकालीन अवकाश पर शिक्षक प्रशिक्षण का ग्रहण लगने की संभावना जताई जा रही है। विभाग द्वारा जारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार इस बात की प्रबल संभावना है कि शीतकालीन अवधि में ही तमाम शिक्षकों को चार दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभाग करना पड़ सकता है। इस कारण उनके पूर्व निर्धारित योजनाएं चौपट हो सकती हैं।


    महानिदेशक बेसिक शिक्षा ने फाउण्डेशन लिट्रेसी एवं न्यूमरेशी ट्रेनिंग का कार्यक्रम जारी कर उसकी अवधि निश्चित कर दी है। जारी कार्यक्रम के मुताबिक शिक्षकों का प्रशिक्षण 13 दिसंबर से 31 जनवरी के मध्य किया जाएगा। इस चार दिवसीय प्रशिक्षण को ब्लॉक स्तर पर चालीस शिक्षकों के दो बेचों में सम्पन्न कराया जाएगा। 

    शीतलकालीन अवकाश की अवधि 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक है। ब्लॉकों में शिक्षकों की संख्या देखते हुए बताया जा रहा है कि शीतकालीन अवधि में भी प्रशिक्षण कराया जाएगा ताकि निर्धारित की गई समयावधि में प्रशिक्षण पूर्ण कराया जा सके। शिक्षकों ने शीतकालीन अवकाश पर ट्रेनिंग के काले साये की भनक लगते ही प्रशिक्षण के समय पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।



    प्रशिक्षण अवधि में किया जाए परिवर्तन

    शिक्षकों की मांग है कि विभाग को प्रशिक्षण की डेडलाइन में बदलाव करना चाहिए। उनका कहना है कि जिन शिक्षकों ने परिवार के साथ शीतकालीन अवकाश में योजनाएं बनाई हैं, सब धरी रह जाएंगी। इसके अलावा शिक्षकों को अवकाश का लाभ बराबरी  से नहीं मिल पाएगा। जिन शिक्षकों का प्रशिक्षण 31 दिसंबर से पहले हो जाएगा या फिर 15 जनवरी के बाद होगा, उन्हें अवकाश का लाभ मिलेगा लेकिन जिन शिक्षकों का प्रशिक्षण शीतकालीन अवकाश अवधि में होगा, उनके साथ अन्याय होगा।


    ऑनलाइन भी हो रही है ट्रेनिंग
     बताया जा रहा है कि एफएलएन के विभिन्न माड्यूलों की ट्रेनिंग आनलाइन मोड में दीक्षा प्लेटफार्म के माध्यम से भी हो रही है। इन दिनों माड्यूल 5 व 6 के लिंक भी जारी कर दिए गए हैं। अब एफएलएन की आफलाइन ट्रेनिंग का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है।




    क्या प्रशिक्षण की भेंट चढ़ेगी गुरुजी की छुट्टी? 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक घोषित है शीतकालीन अवकाश


    प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में पठन पाठन का स्तर सुधारने और शिक्षकों का अध्यापन कौशल बढ़ाने के लिए शासन की तरफ से स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। 


    पहले चरण में मास्टर ट्रेनर तैयार किए में गए। अब मास्टर ट्रेनरों को भौतिक रूप से शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। अब तक यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। शासन ने इस पर नाराजगी जताते हुए जल्द प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है। इस आदेश से अध्यापकों का शीतकालीन अवकाश खटाई में पड़ता दिख रहा है।


    शिक्षक नेता ब्रजेंद्र सिंह, डा. एसपी सिंह का कहना है कि फाउंडेशन लिट्रेसी एंड न्यूमरेशी ट्रेनिंग शीतकाल में कराना ठीक नहीं है। बेसिक शिक्षा विभाग प्रयागराज की ओर से जारी अवकाश तालिका में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित है। 


    दूसरी तरफ महानिदेशक बेसिक शिक्षा की ओर से जो आदेश जारी है उसमें फाउंडेशन लिट्रेसी एंड न्यूमरेशी ट्रेनिंग की तारीख 13 दिसंबर से 31 जनवरी प्रस्तावित है। यह प्रशिक्षण ब्लाक स्तर पर आफलाइन मोड में होना है। इसकी वजह से अध्यापकों का अवकाश प्रभावित होगा। इससे पूर्व गीष्मकालीन अवकाश भी कोरोना ड्यूटी की भेंट चढ़ चुका है। इसके बदले में शिक्षकों को किसी तरह का अन्य लाभ भी नहीं दिया गया।

    जिले के अंदर तबादले, पदोन्नति आदि पर समिति की रिपोर्ट जल्द, िशिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित कमेटी से रिपोर्ट तलब

    जिले के अंदर तबादले, पदोन्नति आदि पर समिति की रिपोर्ट जल्द

    शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित कमेटी से रिपोर्ट तलब



    लखनऊ। बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी की अध्यक्षता में गठित कमेटी को मुख्य सचिव आरके तिवारी ने जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।


     इससे उम्मीद है कि शिक्षकों की वाजिब समस्याओं का समाधान जल्द होगा। दरअसल, शिक्षकों की पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने, जिले के अंदर तबादले, पारस्परिक तबादले, पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षकों के आश्रितों को लिपिक के पद पर नियुक्ति सहित अन्य मामले लंबित हैं। 


    इन्हीं मांगों को पूरा कराने के लिए शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले मंगलवार को राजधानी में हुई महारैली में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए थे। महारैली के बाद मुख्य सचिव ने शिक्षकों व कर्मचारियों से जुड़े मामलों की समीक्षा में कमेटी को जल्द रिपोर्ट जल्द पेश करने के निर्देश दिए हैं। अवस्थी ने बताया कि कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। शिक्षक संगठनों के प्रत्यावेदन पर विभागों से बात की जा रही है।

    PNP : नए अफसरों ने संभाला परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का कार्यभार, यूपीटीईटी परीक्षा सकुशल संपन्न कराने की है चुनौती

    PNP : नए अफसरों ने संभाला परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का कार्यभार,  यूपीटीईटी परीक्षा सकुशल संपन्न कराने की है चुनौती


    🆕 update 4 दिसम्बर 2021
    नए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने शुक्रवार को पदभार संभाल लिया है। अभी तक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) लखनऊ में संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण के पद पर कार्यरत रहे। टीईटी पेपर आउट मामले में तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद अनिल भूषण को दोबारा यहां तैनाती मिली है। वहीं मनोज कुमार अहिरवार ने दोपहर बाद रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएं के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।


    28 नवंबर को यूपी-टीईटी का पेपर लीक होने के कारण तत्कालीन सचिव पीएनपी संजय कुमार उपाध्याय को पहले निलंबित किया और फिर गिरफ्तार कर किया गया। इसके बाद उनके स्थान पर अनिल भूषण चतुर्वेदी को भेजा गया है। अनिल भूषण इससे पहले सितंबर 2018 से जून 2021 तक सचिव पीएनपी के पद पर रह चुके हैं और 69000 भर्ती के साथ ही 2018 व 2019 की टीईटी इनके कार्यकाल में सकुशल संपन्न हुई थी। अनिल भूषण ने बताया कि टीईटी की परीक्षा शुचितापूर्ण ढंग से सकुशल संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है।


    दिसंबर में टीईटी परीक्षा सकुशल संपन्न कराने की है चुनौती

    पेपर लीक होने के बाद मुख्यमंत्री ने एक माह के भीतर दोबारा टीईटी परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया था। लेकिन दिसंबर महीने में परीक्षा आयोजित कराना नए सचिव के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। नए सिरे से तिथि और केंद्र का निर्धारण इतनी जल्दी कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह परीक्षा जनवरी महीने में ही आयोजित हो सकती है। टीईटी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 13.52 लाख और टीईटी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 8.93 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।


    प्रशिक्षितों ने नए सचिव को सौंपा ज्ञापन

    यूपीटीईटी परीक्षा की नई तिथि घोषित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को डीएलएड प्रशिक्षितों ने नए सचिव अनिल भूषण को ज्ञापन दिया। अभ्यर्थियों ने मांग किया है कि टीईटी परीक्षा की तिथि शीघ्र घोषित की जाए। टीईटी परीक्षा का परिणाम जारी होने के एक सप्ताह के भीतर सुपर टेट का आवेदन लिया जाए। ताकि चुनाव से पूर्व शिक्षक बनने का सपना संजाए प्रशिक्षितों के साथ न्याय हो सके। ज्ञापन देने वालों में पंकज मिश्र, राहुल यादव, अभिषेक तिवारी, विनीत, मनीष आदि मौजूद रहे।

    इसी महीने दोबारा हो सकती है परीक्षा

    पेपर लीक होने के बाद सीएम योगी ने एक महीने के अंदर दोबारा ये परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया था। माना जा रहा है इसी महीने दोबारा ये परीक्षा आयोजित की जा सकती है। गौरतलब है कि 28 नवंबर को टीईटी 2021 परीक्षा रविवार को दो पालियों में होनी थी। प्रदेश भर में प्रथम पाली में दस से साढ़े बारह बजे तक 2554 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन किया जाना था और द्वितीय पाली में 2:30 से पांच बजे तक 1754 केंद्रों पर उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन होना था।


    उल्लेखनीय है कि टीईटी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 13.52 लाख और टीईटी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 8.93 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इससे पहले 2019 में आयोजित हुई यूपीटेट में 16 लाख और 2018 में आयोजित हुई इस परीक्षा में तकरीबन 11 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। टीईटी परीक्षा में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भाग लेने जा रहे थे। इस मामले में एसटीफ ने प्रदेश भर में कई जगह छापेमारी की है। कई लोग हिरासत में लिए गए हैं।




    सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी और रजिस्ट्रार आज करेंगे ज्वाइन 


    सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी शुक्रवार को पदभार ग्रहण करेंगे। वह टीईटी पेपर आउट आउट मामले में गिरफ्तार सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय की जगह लेंगे। मनोज कुमार अहिरवार भी शुक्रवार को ही रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएं का पदभार ग्रहण करेंगे। 

    शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 का पेपर आउट होने के मामले में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय को निलंबित करने के साथ गिरफ्तार किया गया है। अब उनकी जगह संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण) एससीईआरटी रहे अनिल भूषण चतुर्वेदी को निदेशक राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान के साथ सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    अनिल भूषण इससे पहले 2018 से जून 2021 तक सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में दो शिक्षक पात्रता परीक्षा और एक शिक्षक भर्ती परीक्षा सकुशल संपन्न हुई थी। इसके चलते उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी दी गई। वहीं, मनोज कुमार अहिरवार भी शुक्रवार को रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएं का पदभार ग्रहण करेंगे। वह अभी तक उप प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सीतापुर के पद पर तैनात रहे।



    नए PNP सचिव के सामने एक माह में यूपीटीईटी कराने की बड़ी चुनौती

    प्रयागराज  : परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी के सामने एक माह में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का दोबारा आयोजन कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि शासन ने उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दोबारा सौंपी है।

     वह बृहस्पतिवार को ज्वाइन कर सकते हैं। इससे पहले भी पूर्व सचिव सुत्ता सिंह के निलंबन के बाद उन्हें इस पद की जिम्मेदारी अचानक सौंप दी गई थी। उन्हें टीईटी के आयोजन का अनुभव है। पेपर छपवाने, एजेंसी के चयन, मॉडरेशन आदि की जिम्मेदारी अब उन्हीं पर होगी। सरकार पहले ही घोषणा कर दी है कि एक माह में टीईटी का आयोजन दोबारा करा दिया जाएगा।



    अनिल भूषण को फिर  परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव का जिम्मा, रजिस्ट्रार पद में भी बदलाव, देखें आदेश


     लखनऊ: परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव पद पर फिर अनिल भूषण चतुर्वेदी की तैनाती की गई है। वे इस समय राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) लखनऊ में संयुक्त शिक्षा निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। पांच माह पहले चतुर्वेदी के तबादले के बाद ही संजय उपाध्याय को परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव बनाया गया था। 


    ये भी संयोग है कि 68 हजार, 500 शिक्षक भर्ती में कापी बदलने और मूल्यांकन में गड़बड़ी होने पर तत्कालीन सचिव सुत्ता सिंह को निलंबित किए जाने के बाद भी अनिल भूषण को ही विपरीत परिस्थितियों में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब फिर पेपर लीक होने पर उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएं मनोज कुमार अहिरवार बनाए गए हैं। वे इस समय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सीतापुर में उप प्राचार्य हैं। दोनों पदों पर तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

    Wednesday, December 1, 2021

    UPTET पेपर लीक केस में योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, निलंबन के बाद पीएनपी सचिव संजय उपाध्याय गिरफ्तार

    प्रयागराज में हुई थी पेपर छापने का ठेका लेने वाली कंपनी के लोगों से डील


    प्रयागराज : सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय ने नई दिल्ली की जिस आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड को यूपीटीईटी परीक्षा का पेपर छापने का ठेका दिया था, उसके अधिकारियों से पूरी डील शहर में ही हुई थी। सचिव ने प्रिंटिंग प्रेस की जांच के बिना ही कंपनी को काम दे दिया था। कंपनी ने चार अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छपवाए, जिससे छपाई के बाद ही पेपर लीक हो गया था।


    यूपीटीईटी परीक्षा के लिए सचिव ने 26 अक्तूबर को आरएसएम फिनसर्व कंपनी को प्रश्नप्रत्र की छपाई के लिए वर्कआर्डर दिया था। कंपनी के लोग सचिव से काफी पहले से ही सेटिंग में लगे थे। कंपनी के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहर में किसी स्थान पर संजय उपाध्याय से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ही कंपनी को पेपर छापने का ठेका मिल गया।


    इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा का प्रश्नपत्र कहां छपेगा, सचिव ने न तो इसकी कोई जांच कराई न ही कंपनी से इस तरह के काम का कोई अनुभव प्रमाणपत्र मांगा। कंपनी के पास सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस था ही नहीं। कंपनी ने चार अलग प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छपवाए। हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक संजय उपाध्याय ने एक ऐसी कंपनी को बिना जांच के ही काम दे दिया, जोकि प्रश्नपत्र मुद्रित करने में सक्षम ही नहीं थी।


    संजय ने पूछताछ के दौरान अपनी इस गलती को स्वीकार कर लिया। संजय के खिलाफ धारा 420, 409 और 120 बी के तहत नोएडा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर किस डील के तहत कंपनी को इतना बड़ा वर्कआर्डर दे दिया गया। संभावना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी की जा सकती है। 



    यूपी टीईटी पेपर लीक केस में योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, निलंबन के बाद पीएनपी सचिव संजय उपाध्याय गिरफ्तार


    UPTET Paper Leak Case यूपी टीईटी 2021 पेपर लीक केस में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय के निलंबन के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके पहले प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी के निदेशक राय अनूप प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था। यूपी टीईटी 2021 पेपर लीक केस में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है।


    लखनऊ । उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 का प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद एसटीएफ ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली की चहेती कंपनी को नियमों को दरकिनार कर प्रश्नपत्र छापने का काम देने के दोषी पाए गए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) के निलंबित सचिव संजय उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रश्नपत्र छापने का ठेका लेने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद से पूछताछ में संजय उपाध्याय की संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। शासन ने संजय उपाध्याय को मंगलवार को निलंबित किया था। एसटीएफ की नजर अब कई और आरोपितों पर टिकी है। पेपर लीक करने वालों से लेकर साल्वर गिरोह के कई सदस्यों की तलाश चल रही है। जल्द कई और आरोपितों की गिरफ्तारी हो सकती है।


    एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि संजय उपाध्याय और राय अनूप प्रसाद पहले से एक-दूसरे को जानते थे। अनूप की कंपनी के पास सिक्योरिटी प्रिंटिंग की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसकी जानकारी होने के बाद भी संजय ने अनूप की कंपनी को बिना कोई गोपनीय जांच कराए ही वर्क आर्डर दिया और उसकी प्रिंटिंग प्रेस का निरीक्षण तक नहीं किया गया। एसटीएफ की जांच में संजय उपाध्याय को सरकारी धन का दुरुपयोग करने का भी दोषी पाया गया है। सिक्योरिटी प्रिंटिंग में एक प्रश्नपत्र के मुद्रण में 50 रुपये तक खर्च आता है। जो साधारण प्रिंटिंग की तुलना में काफी अधिक होता है। इन सभी तथ्यों की जानकारी होने के बाद भी एक ऐसी कंपनी को मुद्रण का काम दिया गया, जो एक भी मानक को पूरा नहीं करती थी।


    आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड ने चार अलग-अलग साधारण प्रिंटिंग प्रेस में प्रश्नपत्र छपवाए थे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण प्रश्नपत्र लीक हो गया था। इन तथ्यों के सामने आने के बाद संजय उपाध्याय को एसटीएफ मुख्यालय बुलाकर लंबी पूछताछ की गई थी, जिसमें वह चहेती कंपनी को वर्क आर्डर देने को लेकर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश का कहना है कि एसटीएफ की प्रयागराज और नोएडा यूनिट सहित थाना सूरजपुर पुलिस की संयुक्त पूछताछ में पेपर लीक मामले में संजय की संलिप्तता पाई गई। मूलरूप से गाजीपुर के ग्राम चकिया निवासी संजय उपाध्याय को गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाने में राय अनूप प्रसाद व अन्य के विरुद्ध दर्ज कराए गए मुकदमे के तहत गिरफ्तार किया गया है। एडीजी का कहना है कि संजय उपाध्याय के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य हैं।


    उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 नवंबर को आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो गया था, जिसके कारण परीक्षा रद कर दी गई थी। इसमें 21.65 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे। इस पूरे प्रकरण को राज्य सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। सरकार ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इंटरनेट मीडिया पर पेपर लीक करने सहित साल्वर गिरोह के करीब तीन दर्जन आरोपितों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पीएनपी सचिव संजय उपाध्याय के बाद अब जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ों की गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।


    यूपी के एडीजी ला एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि टीईटी पेपर लीक केस में शुरुआत में ही स्‍पष्‍ट कर दिया गया था कि सख्‍त एक्‍शन लिया जाएगा। कोई भी दोषी बख्‍शा नहीं जाएगा। उनके अनुसार पूछताछ के बाद यूपी एसटीएफ की टीम ने पीएनपी सचिव संजय उपाध्याय गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद पुलिस उन्‍हें रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेगी। उन्‍होंने कहा कि पीएनपी सचिव संजय उपाध्‍याय के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्‍त साक्ष्‍य हैं। इसी आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। सरकार पहले ही उन्‍हें निलंबित कर चुकी है। इससे पहले प्रश्न पत्र छापने वाली कंपनी के निदेशक अनूप प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। पेपर लीक के लिए दोनों जिम्मेदार पाए गए हैं।


    आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड का निदेशक भी हो चुका है गिरफ्तार : टीईटी पेपर लीक केस में एटीएफ ने एक दिन पूर्व ही आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद को गिरफ्तार किया था और उसके तीन साथियों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ पेपर लीक मामले में प्रयागराज, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, अयोध्या, कौशांबी, बागपत और शामली में 10 मुकदमे दर्ज कराकर 45 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें सबसे अधिक 18 आरोपित प्रयागराज में गिरफ्तार किए गए हैं।


    योगी सरकार में पीएनपी के दूसरे सचिव पर कार्रवाई : योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) के स्तर पर गड़बड़ी होने के मामले में दूसरी बार सचिव पर बड़ी कार्रवाई की है। इसके पहले वर्ष 2018 में 68500 शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप में इससे भी बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें तत्कालीन सचिव सुत्ता सिंह सहित कई अफसरों को निलंबित कर दिया गया था। अब यूपीटीईटी में गोपनीयता के उच्चस्तरीय मानदंडों का पालन नहीं करने के आरोप में परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय कुमार उपाध्याय को निलंबित कर गिरफ्तार भी कर लिया गया है। यह इस पद पर छह महीने भी नहीं रह पाए।


    कई बड़ों की भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें : एसटीएफ की जांच का दायरा जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसमें जल्द कुछ और बड़ों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से परीक्षा संचालित कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि किस-किस स्तर पर लापरवाही बरती गई और नियमों की अनदेखी की गई। अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से भी जल्द पूछताछ हो सकती है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद) का एक अंग है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर एसटीएफ आगे की छानबीन कर रही है।