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Tuesday, August 22, 2119

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    Saturday, October 16, 2021

    हाथरस : म्यूच्यूअल अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों का विद्यालय आवंटन आदेश जारी, देखें

    हाथरस : म्यूच्यूअल अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों का विद्यालय आवंटन आदेश जारी, देखें







    UPTET 2021: रजिस्ट्रेशन प्रोसेस इस तारीख को होगा बंद, जल्द करें अप्लाई

    UPTET 2021: रजिस्ट्रेशन प्रोसेस इस तारीख को होगा बंद, जल्द करें अप्लाई

    ऑनलाइन आवेदन के पंजीकरण की अंतिम तिथि: 25 अक्टूबर, 2021



    UPTET 2021 28 नवंबर को दो शिफ्ट्स में आयोजित किया जाएगा. पहली शिफ्ट सुबह 10.00 बजे से दोपहर 12.30 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2.30 से शाम 5.00 बजे तक होगी.


    नई दिल्ली. UPTET 2021: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET 2021) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. UPTET 2021 के लिए रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर, 2021 है.


    UPTET 2021 28 नवंबर को दो शिफ्ट्स में आयोजित किया जाएगा. पहली शिफ्ट सुबह 10.00 बजे से दोपहर 12.30 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2.30 से शाम 5.00 बजे तक होगी. UPTET एडमिट कार्ड 17 नवंबर को जारी किया जाएगा. UPTET का आयोजन कक्षा I-V और कक्षा VI-VIII के लिए शिक्षकों का चयन करने के लिए किया जा रहा है.


    UPTET 2021 आवेदन शुल्क: परीक्षा शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग / एसबीआई I कलेक्ट / एसबीआई ई चालान के माध्यम से किसी भी एसबीआई शाखा में शुल्क जमा करें.

    CBSE : वर्ष 1975 से 2004 तक की बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट एक क्लिक पर मिलेगी, डिजिटल होने जा रहे दस्तावेज

    सीबीएसई : वर्ष 1975 से 2004 तक की बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट एक क्लिक पर मिलेगी, डिजिटल होने जा रहे दस्तावेज


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से वर्ष 2004 से पहले दसवीं व बारहवीं की परीक्षा दे चुके पूर्व छात्रों को अब उनकी मार्क शीट, माइग्रेेशन सर्टिफिकेट व पास सर्टिफिकेट के लिए बोर्ड के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऐसे लोगों को यह सब अब एक क्लिक पर ही घर बैठे प्राप्त हो जाएगा।



    सीबीएसई वर्ष 1975 से 2004 तक के रिकॉर्ड को डिजिटल करने जा रहा
    सीबीएसई जल्द ही वर्ष 1975 से 2004 तक के परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल करने जा रहा है। अभी तक वर्ष 2004 से 2021 तक का दसवीं-बारहवीं का रिजल्ट डाटा ऑनलाइन उपलब्ध है।


    अंक पत्र और दस्तावेज प्राप्त करने में समय की होगी बचत
    सीबीएसई से परीक्षा पास कर चुके पूर्व छात्रों के साथ अक्सर ऐसा होता है कि उन्हें नौकरी या अन्य किसी कार्य के लिए दस्तावेज की जरूरत होती है, लेकिन खो जाने के कारण वह दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। ऐसे में उन्हें बोर्ड से डुप्लीकेट दस्तावेज निकलवानेे पड़ते हैं। डुप्लीकेट दस्तावेेज प्राप्त करने में समय अधिक लगता है।


    ऐसे मेें बोर्ड ने छात्रों के हित में 1975 से 2004 तक के परीक्षा संबंधी दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह सब डिजिलॉकर में उपलब्ध करा दिए जाएंगे। साथ ही परीक्षा परिणाम संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रहें, इसके लिए बोर्ड की ओर से एकेडेमिक ब्लॉक चेन तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।


    सीबीएसई के आईटी व प्रोजेक्ट निदेशक अंतरिक्ष जौहरी के मुताबिक 2004 से 2021 तक का रिजल्ट का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध का दिया गया है। अब 2004 से पहले के डेटा को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। जल्द सेे जल्द यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। वर्ष 1975 के रिकॉर्ड डिजिलॉकर में उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

    Friday, October 15, 2021

    NISHTHA FLN 3.0 TRAINING LINK : निष्ठा FLN 3.0 प्रशिक्षण के माड्यूल 1और 2 के प्रशिक्षण लिंक जारी, एक क्लिक में करें जॉइन

    NISHTHA FLN 3.0 TRAINING LINK : निष्ठा FLN 3.0  प्रशिक्षण के माड्यूल 1और 2 के प्रशिक्षण लिंक जारी, एक क्लिक में करें जॉइन
     
     



    जैसा की आप अवगत है कि, निष्ठा FLN प्रशिक्षण प्रदेश में 15 October 2021 से दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शुरू किया जा रहा है । 

    इसी क्रम मे Module 01 एवं 02, 15 October 2021 से Live किये जा रहें हैं, सभी BSA, DIET प्राचार्य, BEO, SRG, KRP, ARP, DIET मेंटर एवं निष्ठा एडमिन/कोऑर्डिनेटर इस अनिवार्य प्रशिक्षण से सभी प्राथमिक विद्यालयों एवं कंपोज़िट विद्यालयों के कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों को जोड़ना सुनिश्चित करें.

    ● Module 01, 02 Launch 
    ● Start Date : 15 October 2021    
    ● End Date: 31 October 2021

    प्रशिक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ निम्वत है-


    ✍️ Module 1 (दीक्षा Link):- UP_बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान मिशन का परिचय (निष्ठा FLN):



    ✍️  Module 2 (दीक्षा Link):- UP_दक्षता आधारित शि‍क्षा की ओर बढ़ना (निष्ठा FLN):



    महत्वपूर्ण-

     1. प्रशिक्षण से पहले सभी user अपना दीक्षा ऐप playstore से अनिवार्य रूप से update कर लें।

     2. अपनी दीक्षा प्रोफाइल में district, block, school का चयन कर update कर लें।

    NIOS से DElEd करने वाले डेढ़ लाख अभ्यर्थियों को बड़ा झटका, UPTET में नहीं हो सकेंगे शामिल

    शिक्षक बनने की पहली पायदान पर अटके NIOS - डीएलएड, UPTET की राह में अटके

    NIOS से DElEd करने वाले डेढ़ लाख अभ्यर्थियों को बड़ा झटका, UPTET में नहीं हो सकेंगे शामिल


    ✍️ यह भी पढ़ें- 


    लखनऊ : शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद संजोए करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी पहली ही पायदान पर अटक गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) से डीएलएड करने वालों को मान्य नहीं किया गया है, जबकि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने जनवरी में ही इस पाठ्यक्रम को मान्य करने के लिए सरकारों को पत्र लिखा था। अब सरकार के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकीं हैं।


    बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं, जो केंद्र या राज्य की टीईटी उत्तीर्ण हों। एनआइओएस से डीएलएड कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को अब तक यह मौका नहीं मिल सका है, जबकि इस परीक्षा में उन शिक्षामित्रों को अवसर दिया जा चुका है, जो पत्रचार के माध्यम से डीएलएड कर चुके थे, इसकी वजह एनसीटीई की नियमावली रही है। 

    इसी आधार पर बिहार राज्य की सरकार ने भी कुछ एनआइओएस से डीएलएड करने वालों के आवेदन निरस्त कर दिए थे। वे अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे और न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। इसी के बाद एनसीटीई के उप सचिव टी प्रीतम सिंह ने छह जनवरी को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा, इसमें कहा गया कि वे एनआइओएस डीएलएड को मान्य कर सकते हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने यूपीटीईटी की नियमावली को चुनौती दी तो कोर्ट ने याचियों को शामिल करने का निर्देश दिया है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने शासन को प्रस्ताव भेजा है कि याचियों को यूपीटीईटी में शामिल करने का निर्देश दिया जाए।


    प्रकरण नीतिगत करेंगे विचार : बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश कुमार द्विवेदी ने कहा है कि प्रकरण नीतिगत है। इस पर विचार करेंगे कि न्यायालय, एनसीटीई व परीक्षा संस्था ने क्या आदेश व सुझाव दिए हैं। सरकार उचित निर्णय करेगी।

    17 अक्टूबर को प्रदेश के 697 केंद्रों पर सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा

    17 अक्टूबर को प्रदेश के 697 केंद्रों पर सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा

    आवेदन निरस्त से होने से परेशान अभ्यर्थी पीएनपी पर जुटे


    जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा 2021 रविवार को सूबे के 697 केंद्रों पर होगी। परीक्षा सूबे के मंडल मुख्यालय वाले जनपदों में बनाए केंद्रों पर आयोजित होगी। पहली पाली में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में प्रधानाध्यापक के दूसरे प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी। पहली पाली की परीक्षा में कुल 3,36,371 परीक्षार्थी है जबकि दूसरी पाली में 19,559 अभ्यर्थी हैं। 


    सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जूनियर हाईस्कूलों सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा 2021 के लिए आवेदन लिया गया था। इसकी परीक्षा 17 अक्तूबर को सूबे के मंडल मुख्यालय वाले जिलों में आयोजित होगी। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली में सुबह दस से दोपहर साढ़े 12 बजे तक सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक की पहले प्रश्न पत्र की परीक्षा होगी। जबकि दूसरी पाली में प्रधानाध्यापक के द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा दोपहर दो बजे से तीन बजे के बीच संपन्न होगी। जिले में यह परीक्षा 107 केंद्रों पर होगी। परीक्षा को लेकर परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 


     सहायक अध्यापक की परीक्षा एक ही पाली में संपन्न होगी। वहीं हाईकोर्ट के आदेश पर स्नातक में पचास प्रतिशत से कम अंक वाले अभ्यर्थियों को सात अक्तूबर को ऑफलाइन मोड में आवेदन का मौका दिया गया था। उनके प्रवेश पत्र भी आज से पीएनपी के वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। 


    आवेदन निरस्त से होने से परेशान अभ्यर्थी पीएनपी पर जुटे 

    जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा 2021 में तमाम अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं कुछ अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं हो रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर जानकारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। पीएनपी ने आवेदन निरस्त करने की वजह से संबंधित नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में आवेदन निरस्त करने के लिए जिन बिंदुओं को आधार बनाया है, वह लिखा है।


    पीएनपी ने ऐसे अभ्यर्थियों का आवेदन निरस्त किया है, जिनका उच्च प्राथमिक स्तर का सीटेट प्रमाणपत्र 2014 से पहले का है। इसके अलावा कुल 12 बिंदु नोटिस में हैं, जिनके आधार पर आवेदन निरस्त किए गए हैं। पीएनपी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह नोटिस उनके लिए है, जिन्होंने कोर्ट के आदेश पर ऑफलाइन आवेदन किया है। क्योंकि कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को ही आवेदन की अनुमति दी है। 

    यूपी बीएड : साढ़े पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी, फिर भी सीटें खाली

    यूपी बीएड : साढ़े पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी, फिर भी सीटें खाली

    बीएड : चार चरण में काउंसलिंग होने के बाद भी 90 हजार से ज्यादा सीटें बच गईं

    बीएड : 22 से पूल काउंसलिंग शुरू, ज्यादातर प्राइवेट कॉलेजों को सीधे प्रवेश का ही सहारा


    लखनऊ : लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश स्तर पर कराए जा रहे बीएड दाखिले की प्रक्रिया में काउंसलिंग के चार राउंड पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब भी सीटें खाली बची हुई हैं। चार चरणों में एक लाख 31 हजार सीटें अभ्यर्थियों को एलॉट की गई हैं, जबकि अभ्यर्थी कुल पांच लाख 91 हजार हैं। वहीं कुल सीटें दो लाख 25 हजार हैं।


    बीएड में सरकारी कॉलेजों की सीटें केवल 7-8 हजार ही हैं। बाकी सहायता प्राप्त या फिर प्राइवेट कॉलेजों की हैं। सरकारी कॉलेजों की सारी सीटें तो पहले ही राउंड में भर गईं और सहायता प्राप्त भी लगभग फुल हो चुकी हैं। बची सीटें प्राइवेट कॉलेजों की हैं, जहां मनमाने तरीके से फीस वसूली जाती है। इसीलिए इन कॉलेजों में दाखिला लेने से अभ्यर्थी कतराते हैं। उधर कॉलेजों की बात करें तो कई ऐसे भी हैं, जहां काउंसलिंग के चार राउंड होने के बाद भी एक भी सीट किसी अभ्यर्थी को एलॉट नहीं हुई है। इन कॉलेजों को अब सीधे प्रवेश का ही सहारा है, क्योंकि इनके मुताबिक पूल काउंसलिंग से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ने वाला।


    22 से शुरू होनी है पूल काउंसलिंग

    राज्य बीएड प्रवेश समन्यवक प्रो. अमिता बाजपेई के अनुसार, चार राउंड में जिन अभ्यर्थियों को सीट एलॉट की गई है, यदि वे बैलेंस फीस जमा नहीं करते हैं तो उनका एलॉटमेंट रद्द हो जाएगा। ऐसे में पूरी संभावना है कि जितनी सीटें अभी तक एलॉट हो चुकी हैं, उनमें से भी कुछ बच जाएं, क्योंकि कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने काउंसलिंग तो करवा ली लेकिन दाखिला नहीं ले रहे हैं।

    कब कितनी सीटें एलॉट हुईं

    पहले चरण में- 30031
    दूसरे चरण में- 41563
    तीसरे चरण में- 38841
    चौथे चरण में- 21406
    कुल- 131,841


    कुल अभ्यर्थी- पांच लाख 91 हजार
    कुल सीट- दो लाख 25 हजार
    कितनी सीटें एलॉट हुईं: 131,841
    बचीं सीटें- 93159


    टॉपर ने ही नहीं लिया दाखिला

    बीएड प्रवेश परीक्षा-2021 में टॉप करने वाले लखनऊ के आशू राणा ने ही बीएड में दाखिला नहीं लिया है। दरअसल आशू को आईआईएम बंगलुरु में एक फेलोशिप मिली है, जिसके तहत वह दो साल तक वहां रहकर पढ़ाई व ट्रेनिंग करेंगे, उसके बाद ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों के लिए काम करेंगे। आशू कहते हैं कि वह हमेशा से ग्रामीण इलाकों के लिए कुछ करना चाहते थे, इसीलिए बीएड प्रवेश परीक्षा दी थी, ताकि शिक्षक बनकर वहां के बच्चों को पढ़ सकें। 

    उनका कहना है कि अब जब गांवों में काम करने के लिए बीएड से अच्छा मौका उन्हें मिल गया है तो बीएड क्यों करना। सीटें खाली रह जाने का एक कारण यह भी है कि कई अभ्यर्थियों ने दूसरे विकल्प भी खुले रखे थे, इसलिए जिसे बेहतर मौका मिला, उसने बीएड छोड़ दिया।

    IGNOU : इग्नू ने यूजी, पीजी पाठ्यक्रमों में नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाई, 25 अक्तूबर तक भर सकते हैं फॉर्म

    IGNOU : इग्नू ने यूजी, पीजी पाठ्यक्रमों में नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाई, 25 अक्तूबर तक भर सकते हैं फॉर्म

    ignou admission last date 2021 : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि ने जुलाई 2021 सत्र में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में नामांकन की अंतिम तिथि आगे बढ़ा दी है। छात्र 25 अक्तूबर तक जुलाई सत्र में प्रवेश के लिए नामांकन करा सकेंगे। इग्नू समन्वयक डॉ. पीए जोय के अनुसार समर्थ पोर्टल के माध्यम से आनलाइन नामांकन फॉर्म जमा करने की तिथि बढ़ाई गई है। सार्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा को छोडकर छात्र-छात्राएं इग्नू की वेबसाइट पर जाकर सभी कार्यक्रमों में विषयों का चयन कर ऑनलाइन नामांकन करवा सकते हैं। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को बीएजी, बीकॉमजी, बीएसीजी में निःशुल्क प्रवेश दिये जाने की व्यवस्था कर दी है।

    Thursday, October 14, 2021

    CBSE Term 1 Exam : 18 अक्तूबर को आएगी डेट शीट, 24 नवंबर से होगी मुख्य विषयों की परीक्षा, बोर्ड ने जारी किए दिशा-निर्देश, पढ़िए

    CBSE Term 1 Exam : 18 अक्तूबर को आएगी डेट शीट, 24 नवंबर से होगी मुख्य विषयों की परीक्षा, बोर्ड ने जारी किए दिशा-निर्देश, पढ़िए।

    CBSE Board: 90 मिनट की ऑफलाइन मोड में होगी सीबीएसई टर्म वन की परीक्षाएं, 18 अक्टूबर को जारी होगा डेट शीट


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) टर्म वन परीक्षा के संबंध में एक बड़ा फैसला लिया है। इसके मुताबिक टर्म वन की परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की जाएंगी। वहीं कक्षा 10, 12वीं की डेट शीट 18 अक्टूबर को जारी की जाएगी। बोर्ड ने कहा कि पहले माइनर विषयों की परीक्षा होगी, उसके बाद प्रमुख विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने कहा है कि सभी परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी। वहीं इस संबंध में पीटीआई ने एक ट्वीट करके भी जानकारी दी है। इसके मुताबिक, कक्षा 10, 12 के लिए टर्म -1 बोर्ड परीक्षा ऑफ़लाइन आयोजित की जाएगी। वहीं सीबीएसई18 अक्टूबर को डेटशीट जारी करेगा।


    Term-1 board exams for Classes 10, 12 to be conducted offline; date-sheet to be announced on October 18: CBSE
    — Press Trust of India (@PTI_News) October 14, 2021

    परीक्षा 90 मिनट की अवधि की होगी। बोर्ड ने कहा है कि शीतकालीन सत्र को ध्यान में रखते हुए परीक्षा सुबह 10.30 बजे के बजाय 11.30 बजे शुरू होगी। वहीं सभी श्रेणियों के स्टूडेंट्स के लिए पढ़ने का समय 15 मिनट के बजाय 20 मिनट होगा। प्रैक्टिकल परीक्षाएं टर्म परीक्षा समाप्त होने से पहले आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा कक्षा 10, 12वीं का परिणाम दूसरे सत्र की परीक्षा के बाद घोषित किया जाएगा।

    इस वर्ष, सीबीएसई बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र को दो भागों में विभाजित किया है। वहीं प्रत्येक सत्र में लगभग 50% पाठ्यक्रम पूछा जाएगा। दरअसल, कोविड-19 महामारी के चलते पिछले साल 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी थी। ऐसे में बोर्ड ने इस बार महामारी की तीसरी लहर की आंशकों को देखते हुए बोर्ड ने जुलाई में कहा था कि बोर्ड द्वारा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा आयोजित करने की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए कोर्स को दो भागों में विभाजित करके परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला लिया था।



    CBSE Date Sheet 2022 Term 1: सीबीएसई 2022 टर्म 1 का शेड्यूल cbse.gov.in पर 18 अक्तूबर को जारी किया जाएगा। बोर्ड के ताजा अपडेट में पता चला है कि कौशल परीक्षा 15 नवंबर से शुरू होगी जबकि मुख्य विषयों की परीक्षा 24 नवंबर से शुरू होंगी। 


    सीबीएसई कक्षा 10वीं-12वीं की परीक्षाएं नवंबर के मध्य से ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं के विस्तृत विवरण के साथ सीबीएसई की ओर से डेट शीट 18 अक्तूबर, 2021 को जारी की जाएगी। कक्षा 10 और 12वीं के लिए टर्म -1 बोर्ड परीक्षा 90 मिनट की अवधि के वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा होगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा से पहले स्कूलों के लिए दिशा-निर्देशों की एक सूची जारी की है। कोविड -19 प्रोटोकॉल के कारण एक कक्षा में केवल 20 छात्रों के साथ परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    सीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं टर्म परीक्षा प्रोटोकॉल
    1. कौशल विषयों की परीक्षा दिनांक 15 नवंबर से शुरू होंगी, वहीं मुख्य विषयों की परीक्षाएं 24 नवंबर से आयोजित की जाएंगी।
    2. ओएमआर शीट क्लाउड पर उपलब्ध होगी और वहां से डाउनलोड की जाएगी।
    3. एन्क्रिप्टेड प्रश्न पत्र सुबह स्कूल/परीक्षा केंद्र पर भेजे जाएंगे।
    4. परीक्षा की अवधि 90 मिनट की होगी।
    5. कक्षा 10वीं और 12वीं को छोड़कर कक्षा शिक्षण कार्य प्रातः 08:00 बजे से 11:00 बजे या 11:30 बजे के बीच किया जाएगा।

    6. परीक्षा नियंत्रण कक्ष में दोपहर 01:30 बजे तक ओएमआर शीट जमा करानी होगी।
    7. मूल्यांकन दोपहर 01:30 बजे से शुरू होगा और शाम 05:00 बजे तक चलेगा।
    8. कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक कमरे में 12 छात्रों के बैठने की व्यवस्था की जानी है।
    9. एक केंद्र में 500 छात्रों के लिए एक पर्यवेक्षक होना चाहिए। यदि 500 से अधिक छात्र हैं तो दो पर्यवेक्षक रहेंगे।
    10. नगर समन्वयक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेगा और आवश्यकता/अनुरोध के अनुसार बीच-बीच में पर्यवेक्षकों को बदलेगा।
    11. उत्तर कुंजी दोपहर 01:30 बजे तक उपलब्ध होगी। किसी भी विषय के शिक्षक ओएमआर शीट चेक कर सकते हैं।

    12. मूल्यांकनकर्ता को सही उत्तरों की संख्या अपलोड करनी होगी।
    13. हस्तलिखित उत्तर अंतिम होगा यदि यह एक काले घेरे से मेल नहीं खाता है।
    14. निरीक्षक और मूल्यांकन के लिए अलग-अलग पारिश्रमिक।
    15. केंद्र में मूल्यांकन किया जाएगा और ओएमआर शीट उसी दिन आरओ सीबीएसई को शाम 05:00 बजे तक भेजी जानी है।
    16. एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द ही दी जाएगी।
    17. सीबीएसई द्वारा आयोजित की जा रही टर्म-1 परीक्षा में 10वीं और 12वीं के छात्रों को शामिल होना अनिवार्य है। सीबीएसई कक्षा दसवीं और बारहवीं के अंतिम परिणाम की घोषणा के समय सीबीएसई द्वारा इस परीक्षा के अंकों भी जोड़े जाएंगे।
    18. टर्म- I में छात्रों को MCQ प्रकार के प्रश्न दिए जाएंगे।
    19. टर्म-I के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा उम्मीदवारों के स्कूलों द्वारा आयोजित की जाएगी, लेकिन टर्म- II के लिए व्यावहारिक परीक्षा हमेशा की तरह सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाएगी।
    20. सीबीएसई ने कक्षा -10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को दो भागों में विभाजित किया है: टर्म- I (15 नवंबर, 2021) और टर्म- II (मार्च/अप्रैल, 2022)।
    21. उम्मीदवार के अंकों के अंतिम अंक की गणना उसके टर्म- I और टर्म- II दोनों में प्रदर्शन के आधार पर की जाएगी।
    22. प्रत्येक प्रश्न के समान अंक होंगे और उम्मीदवारों को विकल्प मिलेंगे।

    यूपी के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नियुक्त होंगे मास्टर ट्रेनर, स्टूडेंट्स को देंगे ये खास ट्रेनिंग

    यूपी के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नियुक्त होंगे मास्टर ट्रेनर, स्टूडेंट्स को देंगे ये खास ट्रेनिंग

    छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी प्रकार के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एक-एक मास्टर ट्रेनर नामित किए जाएंगे। इन्हें परिवहन विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। 


    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर शासन ने प्रदेश के सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा राजकीय, सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर एक मास्टर ट्रेनर नामित करने को कहा है। परिवहन विभाग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये मास्टर ट्रेनर छात्र-छात्राओं को इस संबंध में प्रशिक्षण देंगे। 

    उच्च शिक्षा विभाग के सहायक नोडल अधिकारी (सड़क सुरक्षा) की तरफ से भेजे गए पत्र में संस्थानों से कहा गया है कि जो छात्र-छात्राएं दो पहिया वाहन से विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में आते हैं उनके द्वारा हेलमेट अवश्य पहना जाए। यदि वे चार पहिया वाहन से आते हैं तो सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। शासन ने कहा है कि छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में बैठकों का आयोजन किया जाए और विभिन्न यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के नारों का प्रदर्शन कराया जाए।

    DBT के जरिये बच्चों को यूनिफार्म-स्वेटर, व जूते-मोजे के लिए मिलेगा धन, बच्चों के अभिभावकों के आधार नंबर हासिल करने पर जोर

    DBT के जरिये बच्चों को यूनिफार्म-स्वेटर, व जूते-मोजे के लिए मिलेगा धन,  बच्चों के अभिभावकों के आधार नंबर हासिल करने पर जोर



    लखनऊ : परिषदीय और अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी बच्चों को यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा और स्कूल बैग देने की बजाय योगी सरकार इन वस्तुओं को खरीदने के लिए बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि भेजेगी।


    हर बच्चे के लिए अभिभावक के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत 1100 रुपये भेजे जाएंगे। सभी बच्चों के अभिभावकों को यह धनराशि उपलब्ध कराने पर कुल 1811 करोड़ रुपये खर्च आएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर होने के बाद जल्द ही कार्यक्रम आयोजित कर मुख्यमंत्री के हाथों यह धनराशि अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी।


    बच्चों को दो जोड़ी यूनिफार्म मुहैया कराने के लिए प्रति जोड़ी 300 रुपये की दर से 600 रुपये, एक स्वेटर के लिए 200 रुपये एक जोड़ी जूता व दो जोड़ी मोजे के लिए 125 रुपये और एक स्कूल 1100 रुपये की रकम हर बच्चे के अभिभावक के बैंक खाते में भेजी जाएगी। अभी तक बच्चों को प्रत्येक सत्र में यह चीजें विभाग की ओर से मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती थीं। इसमें भ्रष्टाचार के अलावा इन सामानों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलती थीं। अब धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने पर भ्रष्टाचार पर अंकुश तो लगेगा ही, अभिभावक अपनी संतुष्टि के अनुसार यह चीजें खरीद सकेंगे।


    शैक्षिक सत्र 2021-22 में परिषदीय विद्यालयों में नामांकित 1.57 करोड़ बच्चों का ब्योरा प्रेरणा पोर्टल पर मौजूद है। वर्तमान में कक्षा एक और छह में बच्चों का नामांकन कराया जा रहा है। इससे परिषदीय स्कूलों के बच्चों की संख्या 20 से 25 लाख बढ़ने बैंक खाता भी उपलब्ध है जिसके सापेक्ष 1.31 करोड़ बच्चे कवर हो चुके हैं।


    1.09 करोड़ से अधिक बच्चों के अभिभावकों के आधार नंबर हासिल


    बेसिक शिक्षा विभाग को अब तक 1.09 करोड़ से अधिक बच्चों के अभिभावकों के आधार नंबर भी हासिल हो चुके हैं। बाकी बच्चों के अभिभावकों के आधार नंबर प्राप्त किये जा रहे हैं। स्कूल स्तर पर इकट्टा किये गए आधार नंबर को प्रेरणा डीबीटी मोबाइल एप के माध्यम से शिक्षकों से प्रमाणित कराया जाएगा। प्रमाणित आधार नंबर से संबंधित डाटा को पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर अपलोड कर सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद बैंक खातों से सीडिंग वाले आधार नंबरों का डाटा प्राप्त कर उसके सापेक्ष धनराशि खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

    वेतन न मिलने से शिक्षकों का त्योहार फीका, आक्रोश

    शासन से ग्रांट जारी नहीं होने से त्योहार पर परिषदीय शिक्षकों को वेतन के लाले


    लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के करीब चार लाख शिक्षकों को सितंबर महीने का वेतन का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। बेसिक शिक्षा निदेशालय के प्रयास के बावजूद बुधवार को भी शासन से वेतन की की ग्रांट जारी नहीं हो सकी। त्यौहार की सीजन में शिक्षकों को वेतन ना मिलने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।


    आमतौर पर परिषदीय शिक्षकों को हर महीने की एक तारीख तक वेतन का भुगतान हो जाता है। अक्तूबर माह में मिलने वाले वेतन के लिए शासन तक लेटलतीफी के चलते वेतन की ग्रांट मंजूर नहीं हो सकी है। लिहाजा 13 अक्तूबर तक शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। शासन से बुधवार शाम तक वेतन की ग्रांट जारी नहीं हुई थी। 


    वेतन न मिलने से शिक्षकों का त्योहार फीका, आक्रोश


    शिक्षकों का कहना है कि 13 अक्टूबर हो गया और रामनवमी व दशहरा के अवकाश शुरू हो रहे हैं लेकिन अभी तक  शिक्षकों को वेतन नहीं मिला। रामनवमी व दशहरा एक अति महत्वपूर्ण पर्व है। इतने महत्वपूर्ण पर्व पर भी वेतन न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। जबकि शिक्षक कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डाल कर ड्यूटी करने से लेकर शासन व सरकार के समस्त उच्च प्राथमिकता के कार्य मनोयोग से करते हुए शिक्षण कार्य भी करता रहा है।

    बड़ा सवाल : कब और कैसे करेंगे बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन?

    बड़ा सवाल : कब और कैसे करेंगे बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन? 
     

    पिछले दिनों शासन ने प्रत्येक विभाग में 31 अक्टूबर तक पदोन्नति की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश तो दे दिए हैं लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों की पदोन्नति कैसे और कब करेगा, इस पर सभी की निगाहें हैं। जनपद में प्रमोशन को लेकर अब तक कोई कवायद शुरू नहीं की गई है जबकि आधा अक्टूबर बीतने को है।


    पिछले दस सालों से पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों को शासनादेश में उम्मीद की किरण तो दिखी लेकिन कई सवाल भी पैदा हो गए। शिक्षकों का तर्क है कि अब तक विभाग न्यायालय में लंबित केसों का हवाला देकर पदोन्नति नहीं कर रहा था। अब तक इन केसों का निस्तारण भी नहीं हो सका है। इस स्थिति में विभाग शिक्षकों को तय समय सीमा में किस तरह पदोन्नति देगा, यह लाख टके का सवाल है।



    अब तक नहीं हुआ आदेश

    शासनादेश के क्रम में विभाग व बेसिक शिक्षा परिषद ने अब तक शिक्षकों की पदोन्नति किए जाने का आदेश जारी नहीं किया है। हालांकि कई जिलों में बीएसए ने बीईओ से वरिष्ठता सूची तलब की है। शिक्षक तर्क दे रहे हैं कि पहले भी कई बार वरिष्ठता सूची बनाई जा चुकी है।


    कोर्ट में करनी चाहिए विभाग को पैरवी

    शिक्षकों ने कहा विभाग शिक्षकों की पदोन्नति के लिए वास्तव में गंभीर है तो उसे सबसे पहले पदोन्नति में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करना होगा। कोर्ट में लंबित मामलों में पैरवी कर उन्हें जल्द निस्तारित कराना होगा वरना शासनादेश का लाभ फिर से शिक्षकों को नहीं मिल सकेगा।

    अवशेष शिक्षकों का विद्यालय आवंटन अगले सप्ताह, तकनीकी अड़चनों के बीच सभी जिलों में प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों को स्कूल आवंटित

    अवशेष रह गए शिक्षकों का विद्यालय आवंटन अगले सप्ताह, तकनीकी अड़चनों के बीच सभी जिलों में प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों को स्कूल आवंटित 


     

    प्रयागराज : पारस्परिक तबादले से आए परिषदीय शिक्षकों का ऑनलाइन स्कूल आवंटन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। तमाम तकनीकी अड़चनों के बीच सभी जिलों में प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों को स्कूल आवंटित कर दिए गए। 


    उच्च प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों व प्रधानाध्यापकों का स्कूल आवंटन दशहरे की छुट्टी के बाद अगले सप्ताह मंगलवार को संभावित है। अम्बेडकर नगर, रायबरेली, गाजीपुर, अमेठी, औरैया, अयोध्या, देवरिया, फर्रुखाबाद, मऊ, फतेहपुर व ललितपुर का डाटा त्रुटिपूर्ण इम्पोर्ट होने के कारण वेबसाइट नहीं खुल सकी थी। डाटा रीसेट करने के बाद शाम को इन जिलों में भी ऑनलाइन स्कूल आवंटन कराया गया। गुरुवार से अवकाश के कारण उ. प्रा. स्कूल के शिक्षकों का विद्यालय आवंटन अगले सप्ताह के लिए टाल दिया गया।



    प्रयागराज में देर शाम तक जारी हुए तैनाती के आदेश

    प्रयागराज। 17 फरवरी के आदेश से पारस्परिक तबादला लेकर पहुंचे परिषद प्राथमिक शिक्षकों को आठ महीने इंतजार के बाद बुधवार को स्कूल आवंटित कर दिया गया। शाम को वेबसाइट खुलने के बाद सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय मम्फोर्डगंज में ऑनलाइन विकल्प लिए गए और बीएसए प्रवीण तिवारी ने पदस्थापन आदेश जारी कर दिया। प्रयागराज आए 109 शिक्षकों में से अधिकांश प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापक हैं। मिड-डे-मील के जिला समन्वयक राजीव त्रिपाठी ने बताया कि 9:45 बजे तक 87 शिक्षकों को तैनाती आदेश दे दिया गया था।

    12 वर्ष बाद हुई डीपीसी, राजकीय विद्यालयों के 794 एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक बने प्रवक्ता

    12 वर्ष बाद हुई डीपीसी, राजकीय विद्यालयों के 794 एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक बने प्रवक्ता 


     राजकीय विद्यालयों में तैनात एलटी ग्रेड सहायक अध्यापकों के लिए अच्छी खबर हैं। सैकड़ों की संख्या में सहायक अध्यापकों को प्रवक्ता के पदों पर प्रोन्नत कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में मंगलवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में प्रमोशन पर अंतिम मुहर लगाई गई। प्रमोशन के लिए डीपीसी 12 साल बाद हुई है। ऐसे में शिक्षकों को प्रमोशन के लिए एक दशक से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।


    डीपीसी की बैठक में प्रमोशन पर मुहर लगने के बाद राजकीय विद्यालयों में तैनात 794 एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक अब प्रवक्ता बन गए हैं। पदोन्नति के लिए चार बार डीपीसी की तिथि निर्धारित की गई, लेकिन कुछ कारणों से बैठक नहीं हो सकी। मंगलवार को हुई डीपीसी की बैठक में दस विषयों के 794 सहायक अध्यापकों को प्रवक्ता पद पर प्रोन्नत किया।


    डीपीसी की बैठक में आयोग के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश मिश्रा, अनुभाग अधिकारी शिखा पांडे, शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडे ,अपर शिक्षा निदेशक राजकीय अंजना गोयल एवं प्रवक्ता अनुभाग के वरिष्ठ सहायक मौजूद रहे।


    राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री रामेश्वर पांडेय ने प्रवक्ता के पद पर प्रोन्नत सभी शिक्षकों को बधाई दी है। शिक्षकों के प्रमोशन के लिए जारी संघर्ष में संघ के राजनाथ यादव, रामफल भारती, रवि प्रकाश त्रिपाठी एवं संगठन की अध्यक्ष छाया शुक्ला और सत्य शंकर मिश्रा का भी विशेष योगदान रहा।

    जूनियर हाईस्कूल स्कूल शिक्षक भर्ती-2021 में ऑफलाइन अभ्यर्थिंयों के लिए बने पांच नए परीक्षा केंद्र

    जूनियर हाईस्कूल स्कूल शिक्षक भर्ती-2021 में ऑफलाइन अभ्यर्थिंयों के लिए बने पांच नए परीक्षा केंद्र

     
    प्रयागराज : जूनियर हाईस्कूल स्कूल शिक्षक भर्ती-2021 में हाई कोर्ट के आदेश पर स्नातक में 50 फीसद से कम अंक वालों को शामिल करने पर परीक्षा तैयारी में परिवर्तन करना पड़ा। हाई कोर्ट का आदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) सचिव को मिलने के पहले आनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र निर्धारित कर प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए थे। आदेश के अनुपालन में नए अभ्यर्थियों से आफलाइन आवेदन लेने के बाद उनके लिए प्रयागराज में अलग से पांच केंद्र बनाए गए हैं। इस तरह अब कुल 697 केंद्रों पर 17 अक्टूबर को दो पालियों में परीक्षा होगी। 


    परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय कुमार उपाध्याय के अनुसार आनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ 692 परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिए गए थे। अब आफलाइन आवेदन के माध्यम से शामिल किए गए अभ्यर्थियों के लिए पांच केंद्र नए बढ़ाए गए हैं। यह बढ़े केंद्र प्रयागराज में बनाए गए हैं। इन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। 


    परीक्षा दो पालियों में प्रदेश के मंडल मुख्यालय के जिलों में होगी। सुबह 10 से 12:30 बजे की पहली पाली में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक पद के अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा सिर्फ एक घंटे की होगी, जिसमें सिर्फ प्रधानाध्यापक पद के अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसमें विद्यालय प्रबंधन का प्रश्नपत्र होगा। परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।



    जूनियर हाईस्कूल एडेड भर्ती में ऑफलाइन आवेदन वाले  आज से डाउनलोड कर सकेंगे प्रवेश पत्र

    जूनियर एडेड हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक व शिक्षक भर्ती में ऑफलाइन आवेदन वाले 350 से अधिक आवेदन निरस्त


    जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा-2021 में हाईकोर्ट के आदेश पर ऑफलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थी प्रवेश पत्र गुरुवार दोपहर से डाउनलोड कर सकेंगे। भर्ती परीक्षा 17 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को किसी अन्य माध्यम से प्रवेश पत्र प्रेषित नहीं किया जाएगा। 


    पीएनपी के रजिस्ट्रार राजशेखर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यर्थियों को प्रवेशपत्र के साथ आवेदन में अंकित फोटो युक्त पहचान पत्र की मूल प्रति के अलावा प्रशिक्षण योग्यता का मूल प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण योग्यता के अंतिम सेमेस्टर की निर्गत अंक पत्र की मूलप्रति और यूपीटीईटी या सीटीईटी प्रमाण पत्र में कोई एक प्रमाण पत्र साथ लाना होगा। गौरतलब है कि परीक्षा प्राधिकारी की ओर से सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे।


    इसमें स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक वाले अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका नहीं दिया गया था। इस पर कई अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट के आदेश पर सात अक्तूबर को पीएनपी ने ऐसे अभ्यर्थियों को ऑफलाइन आवेदन के लिए एक दिन का मौका दिया था।


    जूनियर एडेड हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक व शिक्षक भर्ती में ऑफलाइन आवेदन वाले 350 से अधिक आवेदन निरस्त


    प्रयागराज : जूनियर एडेड हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के 1894 पदों के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर ऑफलाइन आवेदन करने वाले 350 से अधिक अभ्यर्थियों के फॉर्म निरस्त कर दिए गए हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से इन अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड गुरुवार दोपहर बाद वेबसाइट www.btcexam.in पर जारी कर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए प्रयागराज में पांच अतिरिक्त परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।


    हाईकोर्ट के आदेश पर स्नातक में 50 प्रतिशत से कम पाने वाले बीएड योग्यताधारी 2223 अभ्यर्थियों ने सात अक्तूबर की रात 12 बजे तक ऑफलाइन जमा किया था। इनमें से 1850 के आसपास अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं। जिन अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त किए गए हैं उनमें अधिकांश ऐसे हैं जिन्होंने नये सिरे से आवेदन किया है। यानि सभी अर्हता होने के बावजूद वे पूर्व में ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सके थे।


    हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में परीक्षा में शामिल होना चाह रहे थे। कुछ अभ्यर्थियों के अन्य कारणों से भी आवेदन पत्र निरस्त किए गए हैं। रजिस्ट्रार परीक्षा नियामक राजशेखर सिंह ने साफ किया है कि अभ्यर्थियों को किसी अन्य माध्यम से प्रवेश पत्र नहीं भेजा जाएगा।


    सैकड़ों अभ्यर्थियों को नहीं मिला प्रवेश पत्र

    जूनियर एडेड हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक भर्ती के लिए पूर्व में ऑनलाइन आवेदन करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं हो रहे। इन अभ्यर्थियों ने निर्धारित वेबसाइट पर आवेदन किया और फीस भी जमा कर दी। जब प्रवेश पत्र डाउनलोड करने गए तो निराशा हाथ लगी। कार्यालय में पता करने पर बताया कि फोटो, हस्ताक्षर या घोषणापत्र देते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं करने के कारण आवेदन निरस्त हो गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आवेदन पत्र निरस्त करने से पहले इसकी सूचना उन्हें ई-मेल पर देनी चाहिए थी ताकि आवश्यक कार्रवाई कर लेते।

    Wednesday, October 13, 2021

    सैनिक स्कूलों के साथ संबद्ध होंगे 100 स्कूल, कक्षा छह में 5000 छात्रों को मिलेगा प्रवेश का मौका।

    सैनिक स्कूलों के साथ संबद्ध होंगे 100 स्कूल, कक्षा छह में 5000 छात्रों को मिलेगा प्रवेश का मौका।


     
    नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 100 स्कूलों को सैनिक स्कूल सोसायटी से संबद्ध कर चलाने की मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इन स्कूलों में भी सैनिक स्कूलों की भांति शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे देश के लिए योग्य सैन्य अफसर तैयार कर किए जा सकेंगे।

    देश में अभी 33 सैनिक स्कूल संचालित हैं लेकिन लगातार और स्कूल खोले जाने की मांग चल रही है। इसके मद्देनजर कुछ समय पूर्व सरकार ने ऐलान किया था कि सरकारी, निजी और गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित स्कूलों में से 100 स्कूलों का चयन कर उन्हें सैनिक स्कूल सोसायटी से संबद्ध किया जाएगा। इसी कड़ी में कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी है। केंद्र ने कहा इन स्कूलों के 2022-23 सत्र से शुरू होने की संभावना है तथा इनमें कक्षा छह में 5000 छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा।

    DBT माध्यम से धन भेजने की प्रक्रिया से दूर अभी 24163 स्कूल, देखें सूची

    DBT माध्यम से धन भेजने की प्रक्रिया से दूर अभी 24163 स्कूल, देखें सूची




    लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक में पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं को इस बार यूनीफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग व जूता-मोजा के लिए खाते में धन भेजा जाना है। शासन के निर्देश पर सभी विद्यालयों में डेटा दर्ज करके परीक्षण किया जाना है। प्रदेश में 24163 ऐसे विद्यालय हैं, जिन्होंने यह प्रक्रिया शुरू तक नहीं की है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने समीक्षा के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारियों को लिखा है कि कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं है


    परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अभी तक बेसिक विभाग विभाग संबंधित एजेंसियों से खरीदकर निशुल्क वितरित कराता रहा है। लगभग हर बार यूनीफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा व बैग की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। इससे बचने के लिए विभाग ने चारों की रकम अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने बच्चों व अभिभावकों का आधार सत्यापन व बैंक खाता आदि हासिल किया। विभाग ने इसके लिए एप भी जारी किया है, उस पर अभिभावकों से संबंधित सूचनाएं भरकर उनका परीक्षण भी किया जा रहा है।


    विभाग नियमित अंतराल पर इस कार्य की समीक्षा भी कर रहा है। इसमें सामने आया कि 24163 विद्यालयों ने अब तक एक भी डेटा दर्ज नहीं किया है, यानी इन स्कूलों में कार्य शुरू ही नहीं हो सका है।


    लाभ पाने वाले बच्चों की कुल संख्या एक करोड़ 82 लाख 41 हजार 26 है। उनमें से शिक्षकों ने 96 लाख 66 हजार 714 का सत्यापन कर लिया है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारियों ने महज 30 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का सत्यापन किया है और 66 लाख 59 हजार 165 का सत्यापन किया जाना शेष है। शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। लिखा है कि यह कार्य समय पर पूरा कराना है। निर्देश दिया है कि वे नियमित जिलों की समीक्षा करें, जिन जिलों में प्रगति धीमी है, वहां जाकर बीएसए व खंड शिक्षाधिकारी के साथ बैठक करें।


    बीएड प्रवेश : काउंसिलिंग के चौथे चरण के सीट आवंटन का परिणाम जारी, 21,406 और अभ्यर्थियों को सीट आवंटन

    बीएड प्रवेश : काउंसिलिंग के चौथे चरण के सीट आवंटन का परिणाम जारी, 21,406 और अभ्यर्थियों को सीट आवंटन



    लखनऊ विश्वविद्यालय ने मंगलवार को संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2021-23 की काउंसिलिंग के चौथे चरण के सीट आवंटन का परिणाम जारी कर दिया। इसमें 31,315 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण किया था, जिनमें से 27,061 अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के विकल्प लाक किए। 21,406 अभ्यर्थियों को सीट आवंटन किया गया। वहीं, 4,254 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण किया, लेकिन विकल्प लाक नहीं किए।



    जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित की गई हैं, उन्हें 16 अक्टूबर तक सीट कंफर्मेशन शुल्क जमा करना होगा। वहीं, जिन अभ्यर्थियों की आवंटित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय फीस पांच हजार रुपये से कम है, उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लागइन कर आवंटन पुष्टिपत्र डाउनलोड करना होगा।


    ..तो होगा सीट आवंटन निरस्त

    महाविद्यालय शुल्क राशि जमा करने में असफल रहने वाले अभ्यर्थियों का सीट आवंटन स्वत: निरस्त हो जाएगा। अभ्यर्थियों को अपने आवंटन पत्र तथा मूल प्रमाणपत्रों के साथ आवंटित विश्वविद्यालय एवं कालेज में तत्काल संपर्क करने के लिए कहा गया है।


    छूटे अभ्यर्थियों का मौका

    जो अभ्यर्थी पहली काउंसिलिंग के पूर्व के किसी भी चरण में सीट आवंटित होने के बाद भी किसी वजह से अपना सीट कंफर्मेशन शुल्क अब तक जमा नहीं कर पाए हैं, उन्हें 16 अक्टूबर तक शुल्क जमा करने का मौका दिया गया है। पहली काउंसिलिंग के चौथे चरण के बाद 22 अक्टूबर से पूल काउंसलिंग के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।

    Tuesday, October 12, 2021

    मदरसों में गणित, विज्ञान, इतिहास और नागरिक शास्त्र भी अनिवार्य, पास हुए कई प्रमुख प्रस्ताव

    मदरसों में गणित, विज्ञान, इतिहास और नागरिक शास्त्र भी अनिवार्य, पास हुए कई प्रमुख प्रस्ताव


    लखनऊ : उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद में अब इतिहास, नागरिक शास्त्र, प्रारंभिक गणित व प्रारंभिक विज्ञान की भी अनिवार्य पढ़ाई होगी। कक्षा एक से 12 तक की सभी कक्षाओं में इन विषयों को अनिवार्य कर दिया गया है। आगामी शैक्षिक सत्र से इसे लागू किया जाएगा। अभी तक उर्दू, हंिदूी व अंग्रेजी ही अनिवार्य विषय होते थे। अब कुल सात विषय अनिवार्य होंगे। मदरसा बोर्ड सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार एनसीईआरटी की किताबों से इनकी पढ़ाई करवाएगा।


    नवगठित उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की मंगलवार को हुई पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग गई। डा. इफ्तिखार अहमद जावेद की अध्यक्षता में हुई मदरसा बोर्ड की बैठक में तय किया गया कि तहतानिया (प्राइमरी), फौकानिया (जूनियर हाईस्कूल), मुंशी/मौलवी (हाईस्कूल) एवं आलिम (इंटरमीडिएट) में भारत का इतिहास, नागरिक शास्त्र, प्रारंभिक विज्ञान व प्रारंभिक गणित विषय अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाए। 


    अभी तक मदरसों में यह विषय वैकल्पिक थे। बैठक में कामिल (स्नातक) व फाजिल (परास्नातक) की परीक्षाएं 25 से 30 अक्टूबर के बीच आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने बताया कि बोर्ड बैठक में तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्सिंग से करने का निर्णय लिया गया। तृतीय श्रेणी के पद नियमित नियुक्ति होने तक आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएंगे। पासपोर्ट बनवाने के लिए डिग्री के सत्यापन का काम भी तेज गति से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।


    गठित होगा आइटी सेल, बहुत सारे काम होंगे आनलाइन

    मदरसा बोर्ड की कार्यप्रणाली अब और अधिक पारदर्शी व आधुनिक होने जा रही है। बोर्ड के सारे काम-काज आनलाइन करने के लिए जल्द ही एक आइटी सेल का गठन होने जा रहा है। यहां मदरसा बोर्ड के पुराने रिकार्ड भी डिजिटाइज किए जाएंगे। छोटे-मोटे कामों के लिए मदरसा बोर्ड के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मदरसा बोर्ड भी अपने कार्यों की निगरानी ठीक ढंग से कर सकेगा। इससे भविष्य में ई-आफिस की भी राह खुलेगी।


    बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। अभी तक मदरसा बोर्ड अपनी परीक्षा व परिणाम का सारा काम एनआइसी की मदद से करता था। आइटी सेल के गठन से बोर्ड को काम-काज में काफी आसानी हो जाएगी।


    मदरसा शिक्षक भर्ती में खत्म होगी उर्दू की अनिवार्यता


     लखनऊ : प्रदेश सरकार अनुदानित मदरसों में वैकल्पिक विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती में अब उर्दू की अनिवार्यता खत्म करने जा रही है। यह नियम हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि वैकल्पिक विषयों के शिक्षकों पर लागू होगा। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन भेज दिया है। 


    सरकार जल्द ही मदरसा नियमावली में संशोधन करने जा रही है। अभी अनुदानित मदरसों में वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती में उर्दू की अनिवार्यता है। इस कारण कई बार मदरसों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले योग्य शिक्षक नहीं मिल पाते हैं। इसलिए बोर्ड ऐसे शिक्षकों की भर्ती में उर्दू की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया है। 


    अनुदानित मदरसों में 14 शिक्षकों में वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले दो शिक्षक रखे जाते हैं। प्रदेश में 558 अनुदानित मदरसे हैं। नवगठित मदरसा शिक्षा परिषद की बैठक आज : नवगठित मदरसा शिक्षा परिषद की मंगलवार को पहली बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इसमें कामिल (स्नातक) व फाजिल (परास्नातक) की मान्यता ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि से देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।

    ग्रेच्युटी मामले पर टालमटोल पर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पर हाईकोर्ट ने ठोका 50 हजार रुपये का हर्जाना

    ग्रेच्युटी मामले पर टालमटोल पर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पर हाईकोर्ट ने ठोका 50 हजार रुपये का हर्जाना



    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला पर याची को परेशान करने व कोर्ट का समय बर्बाद करने पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है और कहा है कि छह हफ्ते में हर्जाना हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति में जमा किया जाए।


    कोर्ट ने महानिबंधक को आदेश का पालन कराने का निर्देश दिया है और कहा है कि यदि हर्जाना जमा नहीं किया गया तो राजस्व वसूली से जमा कराया जाए। यह आदेश  न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने बुलंदशहर की सरस्वती गुप्ता की याचिका पर दिया है। याची के पति की ग्रेच्युटी का भुगतान यह कहते हुए नहीं किया गया कि पति ने 60 साल में सेवानिवृत्त होने का विकल्प नहीं भरा था।


    कोर्ट ने कहा कि कई फैसले हैं, जिनमें साफ कहा गया है कि सेवानिवृत्त होने से पहले यदि मृत्यु हो जाती है तो विकल्प न भरने के कारण ग्रेच्युटी का भुगतान करने से इनकार नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने डीआईओएस को नए सिरे से आदेश देने का निर्देश दिया, किंतु भुगतान करने से शासनादेश का हवाला देते हुए मना कर दिया गया तो कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।


    कोई जवाब न मिलने पर कोर्ट ने जमानती वारंट जारी कर तलब किया। इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर बताया कि ग्रेच्युटी जारी कर दी गई है। कोर्ट में न पेश होने पर कहा कि उन्हें वायरल फीवर है। जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि वारंट जारी होने पर बिना आपत्ति के भुगतान कर दिया गया। याची को बेवजह परेशान किया गया, जिसपर हर्जाना लगाया गया है।

    मिड-डे मील अब हुई पीएम पोषण मिशन योजना, अमलीजामा पहनाने में में जुटा शिक्षा विभाग

    मिड-डे मील अब हुई पीएम पोषण मिशन योजना, अमलीजामा पहनाने में में जुटा शिक्षा विभाग


    वाराणसी। सभी परिषदीय स्कूलों में बच्चों को दोपहर भोजन देने के लिए संचालित मध्याहन भोजन योजना (मिड-डे-मील) का नाम बदलने की योजना है। शासन से प्रस्तावित योजना के मुताबिक मिड-डे मील अब प्रधानमंत्री पोषण मिशन शक्ति योजना के रूप में यह जाना जाएगा। हालांकि शासन की तरफ से अभी तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं आया है। लेकिन जल्द ही सरकार की ओर से आदेश आने की संभावना है।



    दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 30 सितंबर को सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को तक पका भोजन उपलब्ध कराने को लेकर प्रधानमंत्री पोषण योजना स्कीम लॉन्च किया। पीएम ने बताया था  कि अगले पांच सालों में इस पर 1 लाख 30 हजार 795 रुपये का खर्च आयेगा। 


    इस योजना को मौजूद मिड-डे मील के बदले लाया गया है। जिसमें सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले सभी स्कूली बच्चों को इसमे शामिल किया जायेगा। जिसके बाद से ही शिक्षा विभाग इसे लेकर अमलीजामा पहनाने में जुट गया है। इसके साथ ही विभाग की ओर से सप्ताहवार दिए जाने वाले भोजन के मेन्यू व मानक को लेकर भी एडवाइजरी जारी की गई है।


     प्रधानाध्यापकों को हिदायत दी गई है कि मेन्यू व मानक के अनुरूप ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन दिया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही न की जाए। उधर, नाम बदलने के प्रस्ताव के साथ योजना में कई अन्य बदलाव होने के संकेत भी मिले हैं। माना जा रहा है कि अब बच्चों को और गुणवत्तापूर्ण भोजन देने की व्यवस्था होगी। इसका लाभ बच्चों को मिलेगा।

    आदेश : अपर मुख्य सचिव माध्यमिक पर हाईकोर्ट ने लगाया 50 हजार का हर्जाना

    आदेश : अपर मुख्य सचिव माध्यमिक पर हाईकोर्ट ने लगाया 50 हजार का हर्जाना

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला पर याची को परेशान करने व कोर्ट का समय बर्बाद करने पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है और कहा है कि छह हफ्ते में हर्जाना हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति में जमा किया जाए।


    कोर्ट ने महानिबंधक को आदेश का पालन कराने का निर्देश दिया है और कहा है कि यदि हर्जाना जमा नहीं किया गया तो राजस्व वसूली से जमा कराया जाए। यह आदेश  न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने बुलंदशहर की सरस्वती गुप्ता की याचिका पर दिया है। याची के पति की ग्रेच्युटी का भुगतान यह कहते हुए नहीं किया गया कि पति ने 60 साल में सेवानिवृत्त होने का विकल्प नहीं भरा था।

    कोर्ट ने कहा कि कई फैसले हैं, जिनमें साफ कहा गया है कि सेवानिवृत्त होने से पहले यदि मृत्यु हो जाती है तो विकल्प न भरने के कारण ग्रेच्युटी का भुगतान करने से इनकार नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने डीआईओएस को नए सिरे से आदेश देने का निर्देश दिया, किंतु भुगतान करने से शासनादेश का हवाला देते हुए मना कर दिया गया तो कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

    कोई जवाब न मिलने पर कोर्ट ने जमानती वारंट जारी कर तलब किया। इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर बताया कि ग्रेच्युटी जारी कर दी गई है। कोर्ट में न पेश होने पर कहा कि उन्हें वायरल फीवर है। जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि वारंट जारी होने पर बिना आपत्ति के भुगतान कर दिया गया। याची को बेवजह परेशान किया गया, जिसपर हर्जाना लगाया गया है।

    यूपी : मदरसों में शिक्षकों की भर्ती में खत्म होगी उर्दू की अनिवार्यता

    यूपी : मदरसों में शिक्षकों की भर्ती में खत्म होगी उर्दू की अनिवार्यता

    उत्तर प्रदेश के अनुदानित मदरसों में शिक्षकों की भर्ती में उर्दू की अनिवार्यता खत्म की जाएगी। इस बारे में एक प्रस्ताव उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यह जानकारी परिषद के रजिस्ट्रार आर पी सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि राज्य के अनुदानित मदरसों में वैकल्पिक विषय हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती की योग्यता में उर्दू की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।



    अभी तक इन वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती में उर्दू की अनिवार्यता की व्यवस्था है। मगर हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों उर्दू अनिवार्यता के कारण दिक्कतें पेश आ रही हैं। इन वैकल्पिक विषयों को पढ़ाने के लिए हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि के विशेषज्ञ शिक्षक आसानी से नहीं मिल पाते। यही नहीं इन वैकल्पिक विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए उर्दू की अनिवार्यता का कोई औचित्य भी नहीं बनता है।

    प्रदेश में 560 अनुदानित मदरसे हैं और ऐसे हर मदरसे में वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले दो शिक्षक होते हैं जिनका वेतन अन्य सरकारी शिक्षण संस्थानों की तरह प्रदेश सरकार की तरफ से दिया जाता है। उधर, मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डा. इफ्तिखार जावेद ने बताया कि नवगठित मदरसा शिक्षा परिषद की मंगलवार को पहली बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की जाएगी।

    इस बैठक में आल इडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस-ए-अरबिया द्वारा उठाये गये कुछ मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।  संगठन के राष्ट्रीय महासचिव वहीदुल्लाह खान ने बताया कि उन्होंने अपने संगठन की ओर से मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में कामिल यानि स्नातक और फाजिल यानि स्नातकोत्तर स्तर के मदरसों को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से डा. सम्पूर्णानंद संस्कृति वि.वि.वाराणसी के 1956 में बने एक्ट के समान सम्बद्धता प्रदान की जाए।

    छात्रवृत्ति डाटा फीडिंग का काम तेज करें : मुख्य सचिव

    छात्रवृत्ति डाटा फीडिंग का काम तेज करें : मुख्य सचिव

    UP Scholarship 2021: मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने पूर्वदशम तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना का क्रियान्वयन तय समय के अनुसार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि छात्रृत्ति के लिए डाटा फीडिंग के काम को तेजी से किया जाए। जिलाधिकारी अभियान चलाकर जल्द से जल्द डाटा अपलोड कराएं। संबंधित विभाग प्रतिदिन इसकी मानीटरिंग करे।


    मुख्य सचिव ने सोमवार को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की समीक्षा की। प्रमुख सचिव समाज कल्याण के. रविन्द्र नायक ने बताया कि पूर्वदशम में संस्था स्तर पर छात्रों को ऑनलाइन आवेदन की कार्यवाही 12 अक्तूबर तक तथा संस्था द्वारा ऑनलाइन अग्रसारण के लिए 21 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए संस्था स्तर पर छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए 21 अक्तूबर तक आवेदन करने तथा 28 अक्तूबर तक संस्था स्तर से ऑनलाइन आवेदन का अग्रसारण किया जाना है। 2021-22 में 51 लाख छात्रों को करीब 4260 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    विश्वविद्यालय टॉपरों के नाम पर भी बनेगा गौरव पथ : डॉ. दिनेश शर्मा

    विश्वविद्यालय टॉपरों के नाम पर भी बनेगा गौरव पथ : डॉ. दिनेश शर्मा

    उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सोमवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय लखनऊ के नवनिर्मित पीजी ब्लॉक का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में संस्कृत विषय के अध्ययन-अध्यापन में आने वाली सभी बाधाएं प्राथमिकता पर दूर की जाएंगी। शीघ्र ही विश्वविद्यालय टॉपरों के नाम पर भी गौरव पथ का निर्माण कराया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय राजधानी का एक महत्वपूर्ण शिक्षण केंद्र है। यहां अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती हैं। पीजी ब्लॉक न होने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता था। आज प्रदेश में विद्यार्थियों के अंदर स्वच्छ प्रतियोगिता बढ़ी है। प्रदेश में कमजोर वर्ग के स्टूडेंट भी टॉप कर रहे हैं। नगर निगम के विद्यालयों में भी छात्रों की संख्या बढ़ी है। प्रयास है कि सरकारी क्षेत्र के विद्यालयों में भी निजी क्षेत्र के विद्यालयों वाली सभी सुविधाएं छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जाएं। ब्यायज डिग्री कॉलेजों में बालिकाओं के प्रवेश की अनुमति प्रदेश सरकार द्वारा दे दी गई है।

    डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान में अभ्युदय योजना के तहत मुफ्त कोचिंग प्रदेश में मंडल स्तर पर उपलब्ध है जिसे आगे विस्तारित करते हुए जिले स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में प्रथम दस स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रदेश सरकार द्वारा एक-एक लाख रुपये व टैबलेट प्रदान करने के साथ ही उनके नाम से एक सड़क का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसे गौरव पथ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस योजना को विस्तारित करते हुए शीघ्र ही उच्च शिक्षा में यूनिवर्सिटी स्तर पर भी लाया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक नीरज बोरा के अलावा सुरेश अवस्थी व गीता अवस्थी के अलावा महाविद्यालय की प्राचार्य अनुराधा तिवारी भी मौजूद थीं।

    Monday, October 11, 2021

    हाथरस : पारस्परिक अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के पश्चात कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षकों की विद्यालय आवंटन हेतु काउंसिलिंग के सम्बन्ध में

    हाथरस : पारस्परिक अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के पश्चात कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षकों की विद्यालय आवंटन हेतु काउंसिलिंग के सम्बन्ध में



    शिक्षामित्रों की उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास जारी : महंत राजू दास

    शिक्षामित्रों की उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास जारी : महंत राजू दास


    अयोध्या। उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास जारी है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से कई बार मुलाकात कर उनसे शिक्षामित्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने की अपील की है। जल्द ही शिक्षामित्रों का भविष्य उज्जवल होने की संभावना है। इसके लिए उनका प्रयास जारी हैं।


    यह बातें अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत बाबा राजू दास ने शिक्षामित्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए कुमारगंज बाजार में कहीं। बाबा राजू दास ने कहा कि उन्होंने शिक्षामित्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए मुख्यमंत्री जी से कई बार मुलाकात की है। साथ ही उन्होंने प्रदेश संगठन के नेताओं से भी बात की है। जल्द ही शिक्षामित्रों को खुशखबरी मिलने वाली है। 


    इससे पहले दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मपाल यादव ने अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत बाबा राजू दास से मुलाकात की और उन्हें शिक्षामित्रों की समस्याओं से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष श्री यादव ने उन्हें बताया कि शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 20 वर्षों से काम कर रहे हैं। उन्हें मानदेय के रूप में मात्र दस हजार प्राप्त हो रहा है, जो महंगाई के दौर में नाकाफी है। जिलाध्यक्ष श्री यादव ने उन्हें अवगत कराया कि शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों की रीढ़ हैं और पिछले 20 वर्षों से वे प्राथमिक विद्यालय में मेहनत और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। 


    अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत बाबा राजू दास प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बहुत ही करीबी हैं। वे रविवार को मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुमारगंज बाजार में बब्बन काम्पेप्लस के उद्घाटन अवसर पर आए हुए थे जहां दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मपाल यादव ने अपने साथियों से उनसे मुलाकात की और उनसे शिक्षामित्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने का लिए प्रयास करने की अपील की।

    14 हजार छात्रों को 9 माह तक उद्योगों में छात्रों को प्रशिक्षण दिलाएगी आईटीआई

    14 हजार छात्रों को 9 माह तक उद्योगों में छात्रों को प्रशिक्षण दिलाएगी आईटीआई 


    लखनऊ : प्रदेश के राजकीय औद्योगिक संस्थान (आइटीआइ) में पढ़ने वाले छात्र अब क्लास रूम तक सीमित नहीं रहेंगे। उनके कौशल को निखारने के लिए प्रदेश सरकार विशेष प्रशिक्षण देगी। पढ़ाई के साथ इन छात्रों को 1560 घंटे यानी लगभग नौ माह तक उद्योगों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी तक विभिन्न कोर्सों के लगभग 250 छात्रों को ही इस सुविधा का लाभ मिल पा रहा था, अब 14 हजार से अधिक छात्रों को उद्योगों की सहभागिता से चलाए जा रहे ड्यूल



    सिस्टम आफ ट्रेनिंग (डीएसटी) के तहत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी है। आइटीआइ में पढ़ने वाले छात्रों को फिजिकल ट्रेनिंग के जरिए हुनरमंद बनाया जाएगा। आइटीआइ ड्यूल सिस्टम आफ ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए इस साल 14 हजार छात्रों को उद्योगों से जोड़कर उनको प्रशिक्षण दिलाएगी। 


    संस्थान के अनुसार इससे छात्रों को करीब से उद्योग को समझने का मौका मिलेगा। वहां किस तरह से काम होता है, इसकी जानकारी हासिल होगी। यही नहीं, हुनरमंद बनने के बाद छात्रों को उद्योग में ही रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेगी। कौशल विकास विभाग के कुणाल सिल्कू ने बताया कि ड्यूअल सिस्टम आफ ट्रेनिंग योजना के जरिए पढ़ाई के छात्रों को 1560 घंटे इंडस्ट्री में ट्रेनिंग कराया जाएगा। करीब नौ महीने की ट्रेनिंग के दौरान छात्र बेहतर तरीके से इंडस्ट्री को समझ सकेंगे। इसके अलावा एक वर्षीय कोर्स करने वाले छात्रों को पांच महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों को इंडस्ट्री से जोड़कर ट्रेनिंग दी जाएगी।

    यूपी में 41 नए हाईस्कूल व 12 इंटरमीडिएट होंगे अपग्रेड, 47 करोड़ रुपए का बजट मंजूर

    यूपी में 41 नए हाईस्कूल व 12 इंटरमीडिएट होंगे अपग्रेड, 47 करोड़ रुपए का बजट मंजूर

    प्रदेश में अब 41 और सरकारी हाईस्कूल होंगे। वहीं 12 हाई स्कूलों को इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा। इसके लिए केन्द्र सरकार ने 47 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।



    41 उच्च प्राइमरी स्कूलों को हाईस्कूल में अपग्रेड किया जाएगा। वहीं 41 हाईस्कूलों में इंटरमीडिएट के दो-दो सेक्शन खोल कर उन्हें इंटरमीडिएट कॉलेजों के रूप संचालित किया जाएगा। इनमें विज्ञान वर्ग की कक्षाएं भी संचालित होंगी। हाईस्कूल में भी दो-दो सेक्शन खोले जाएंगे। हाईस्कूल के लिए 77.56 लाख रुपये प्रति यूनिट और इंटरमीडिएट के लिए 16.38 करोड़ रुपये प्रति यूनिट की दर से केन्द्र सरकार ने बजट मंजूर किया है। स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है।

    यूपी में 30 हजार स्कूल माध्यमिक स्तर के हैं। इनमें केवल आठ फीसदी स्कूल ही सरकारी हैं। यूपी में 2395 सरकारी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्कूल हैं। बाकी चार हजार स्कूल सहायता प्राप्त और बाकी के निजी स्कूल हैं। बुनियादी शिक्षा के स्कूलों को ही अपग्रेड करके हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेज खोले जा रहे हैं। पिछले सालों में खोले गए छह इंटरमीडिएट कॉलेजों में भी इस बार पढ़ाई शुरू होगी।

    स्मार्ट क्लास के लिए भी मिला बजट
    वहीं इस वर्ष 543 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूप भी दिए जाएंगे। इसके लिए 2.40 लाख रुपये प्रति यूनिट यानी कुल 13 करोड़ रुपए का बजट दिया जा रहा है। इसके लिए जेम पोर्टल से सामान खरीदा जाएगा और निष्ठा व दीक्षा पेार्टल की मदद से स्मार्ट क्लास के लिए पठन-पाठन की सामग्री मिलेगी।

    Sunday, October 10, 2021

    बीएड : अब 12 अक्टूबर तक जमा कर सकेंगे सीट कंफर्मेशन शुल्क

    बीएड : अब 12 अक्टूबर तक जमा कर सकेंगे सीट कंफर्मेशन शुल्क



    लखनऊ। लखनऊ विवि द्वारा आयोजित की जा रही बीएड प्रवेश काउंसिलिंग के चौथे चरण के अभ्यर्थियों को 09 व 10 अक्तूबर को बैंक बंद होने के कारण सीट कंफर्मेशन शुल्क जमा करने की तिथि 12 अक्तूबर तक बढ़ा गई है।



    संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा की राज्य समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेयी ने बताया कि ऐसे अभ्यर्थी लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लॉगिन कर बचा हुआ शुल्क जमाकर आवंटन पत्र अवश्य डाउनलोड कर लें, अन्यथा उनका सीट आवंटन निरस्त हो जाएगा। जो अभ्यर्थी किन्हीं कारणवश सीट कंफर्मेशन शुल्क अब तक जमा नहीं कर पाए हैं, उनके लिए सीट कंफर्मेशन शुल्क जमा करने की तिथि 12 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है।

    बीएलएड प्रशिक्षुओं ने की टीईटी में आवेदन का मौका देने की मांग

    बीएलएड प्रशिक्षुओं ने की टीईटी में आवेदन का मौका देने की मांग



    प्रयागराज | उत्तर प्रदेश आदर्श बीएलएड प्रशिक्षु शिक्षक कल्याण समिति की ओर से सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को पत्र भेजकर मांग की है कि, जिन बीएलएड अभ्यर्थियों की जन्मतिथि 2001 से है, उनको भी यूपी टीईटी में आवेदन करने का मौका मिले। अन्यथा उनका भविष्य अधर में लटक जायेगा । 2001 जन्मतिथि के हजारों छात्र बीएलएड के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं।



     उन्होंने मांग की है कि उनको शासनादेश के अनुसार टीईटी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित कुमार वर्मा ने बताया कि ऐसे कई साथी पात्र होते हुआ भी आवेदन से वंचित हो जा रहे हैं। मांगों पर विचार न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। संवाद

    कम छात्रों वाले माध्यमिक स्कूलों में एक पाली में कक्षाएं

    कम छात्रों वाले माध्यमिक स्कूलों में एक पाली में कक्षाएं

    कोविड-19 के संक्रमण की वर्तमान स्थिति के दृष्टिगत छात्रहित में प्रदेश में जिन विद्यालयों में कम छात्र संख्या है को एक पाली में तथा जिन विद्यालयों में छात्र संख्या अधिक है उन्हें दो पालियों में सोशल डिसटेन्सिग का पालन करते हुए संचालित किए जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी।


    लखनउ : माध्यमिक स्कूल जहां पर छात्रों की संख्या कम है, वहां अब एक पाली में ही कक्षाएं लगेंगी। कोरोना का संक्रमण घटने के कारण यूपी बोर्ड, सीबीएसई व सीआइएससीई बोर्ड के माध्यमिक स्कूलों को यह छूट दी गई है।


    वहीं ऐसे स्कूल जहां पर छात्र संख्या ज्यादा है और कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कर कक्षाओं में विद्यार्थियों को बैठा पाना मुश्किल है, वहां पहले की तरह दो पालियों में ही कक्षाएं लगेंगी। अपर मुख्य सचिव, शिक्षा आराधना शुक्ला की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।

    यूपी बोर्ड : अंकसुधार परीक्षा का मूल्यांकन शुरू, परिणाम इसी महीने घोषित होने की उम्मीद

    यूपी बोर्ड : अंकसुधार परीक्षा का मूल्यांकन शुरू, परिणाम इसी महीने घोषित होने की उम्मीद



    प्रयागराज। यूपी बोर्ड की अंकसुधार परीक्षा का मूल्यांकन शनिवार से शुरू हो गया। मूल्यांकन प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर जिलों में बनाए गए 15 केंद्रों पर कराया जा रहा है।


    प्रयागराज में राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस और सीएवी इंटर कॉलेज में कराया जा रहा है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन 12 अक्तूबर तक होगा। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या डॉ. इन्दु सिंह ने बताया कि 294 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षकों को स्टेप मार्किंग के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड के सूत्रों की मानें तो परिणाम इसी महीने घोषित होने की उम्मीद है।

    जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती :ऑनलाइन आवेदन न लेने से हजारों अभ्यर्थी फार्म भरने से वंचित, उपजा आक्रोश

    जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती :ऑनलाइन आवेदन न लेने से हजारों अभ्यर्थी फार्म भरने से वंचित, उपजा आक्रोश


    प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बीते दिनों जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती के लिए स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले प्रतियोगियों को भी शामिल करने का मौका देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सात अक्टूबर तक आनलाइन अथवा आफलाइन आवेदन देने का निर्देश दिया। इसके बाद प्राधिकारी ने सात अक्टूबर को रात 12 बजे तक आफलाइन आवेदन लिया।


    प्रतियोगियों का आरोप है कि कोर्ट ने पांच अक्टूबर को आदेश दिया। छह अक्टूबर को उसके अनुरूप कार्रवाई शुरू हुई, परंतु अधिकतर प्रतियोगियों को इसकी सूचना नहीं मिली। इससे मेरठ, गाजियाबाद सहित दूर-दराज के हजारों अभ्यर्थी प्रयागराज पहुंचकर आवेदन नहीं कर सके। प्रतियोगियों का कहना है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने हाई कोर्ट के आदेशानुसार काम नहीं किया, सिर्फ खानापूर्ति की है। मांग किया कि वेबसाइट खोलकर आनलाइन आवेदन लिया जाय। इससे जो जहां है वहीं से आवेदन कर सकेगा। 


    इसके विरोध में परीक्षा नियामक प्राधिकारी मुख्यालय पर रविवार को प्रतियोगियों का प्रदर्शन जारी रहा। प्रतियोगियों ने संगम तक मार्च निकालने की घोषणा की थी, लेकिन प्रदर्शन स्थल पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती कर दी गई। इससे मार्च नहीं निकला। युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद पीएनपी ने न तो मीडिया में कोई सूचना दिया, न ही वेबसाइट पर पुन: आवेदन करने की कोई जानकारी दी। कोर्ट के आदेश का क्रियांवयन आनलाइन आवेदन लेने से ही होता, पंरतु वैसा नहीं किया गया है।





    कोर्ट के आदेश पर जूनियर शिक्षक भर्ती परीक्षा में ऑफलाइन आवेदन न कर पाने वाले बैठे धरने पर



    शिक्षक भर्ती में स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक वालों को शामिल करने के हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद समय की कमी से आवेदन न कर पाने वाले प्रतियोगी धरने पर बैठे हैं। बागपत से आई रागिनी, अल्का सुषमा, प्रतिमा, विक्रम सिंह, राजू, मेरठ से नंदिनी वर्मा, अंतिका पालीवाल, अयुद्ध सैनी, विवेक पाठक, अलीगढ़ से हनी देवी, पुष्पा देवी, अरुण आहूजा, हाथरस के अभिनव, करन जौहर आदि ने कहा कि आवेदन का मौका मिलने की जानकारी इंटरनेट मीडिया से मिलने पर वह अपने जिलों से यहां परीक्षा नियामक कार्यालय पहुंचे तो आवेदन के लिए बच्चे कुछ घंटों का समय खत्म हो गया था।


    धरने की अगुवाई कर रहे युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि आवेदन के लिए अगर आनलाइन का विकल्प दिया गया तो सभी आवेदन कर पाते। आफलाइन का विकल्प दिए जाने से तमाम पात्र अभ्यर्थी छह-सात सौ किमी दूरी तय कर समय पर नहीं पहुंच सके।

    उत्तर प्रदेश शैक्षिक सेवा समूह-ख के उच्चतर पदों पर निर्धारित पदोन्नति कोटा संशोधन हेतु बैठक में नहीं बन सकी सहमति, BEO के मामले को लेकर आपत्ति

    उत्तर प्रदेश शैक्षिक सेवा समूह-ख के उच्चतर पदों पर निर्धारित पदोन्नति कोटा संशोधन हेतु बैठक में नहीं बन सकी सहमति, BEO के मामले को लेकर आपत्ति


    प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह-ख के उच्चतर पदों पर निर्धारित पदोन्नति कोटा संशोधन के संबंध में हुई बैठक में माध्यमिक व बेसिक संघों में सहमति नहीं बन सकी। माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के संघों के मत पदोन्नति कोटा निर्धारण के संबंध में भिन्न-भिन्न रहे। ऐसे में निर्णय लिया गया कि शिक्षा अधिकारी, शिक्षक संघों से वार्ता करके समन्वय स्थापित करें और उसकी आख्या उपलब्ध कराएं, ताकि नियमानुसार कार्यवाही की जा सके।


    बेसिक शिक्षा के सहायक अध्यापक से खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) तक और माध्यमिक के एलटी एवं प्रवक्ता पद तक अलग- अलग कैडर हैं। इसके ऊपर के पदों पर बेसिक और माध्यमिक में घालमेल है। पदोन्नति कोटा संशोधन से समूह 'ग' के खंड शिक्षाधिकारी समूह 'ख' के उच्चतर पढ़ों पर पदोन्नति पाने की कोशिश में हैं। 


    राजकीय शिक्षक संघ भड़ाना गुट के प्रांतीय महामंत्री डा. रविभूषण बताते हैं कि बीईओ जिस कैडर की मांग कर रहे हैं, वह उस कैडर में सीधे जाने की अर्हता नहीं रखते। नियमावली के अनुसार पहले उन्हें अधीनस्थ राजपत्रित समूह 'ख' अर्थात उप बेसिक शिक्षाधिकारी (डीआई) का पद प्राप्त करना चाहिए। 


    उन्होंने नियमावली में बिना संशोधन के, सिर्फ राजाज्ञा के माध्यम से पदों में घालमेल कर पूरे पदों को खंड शिक्षाधिकारी बना लिया, जो नियमावली के विपरीत है। इधर, समूह 'ख' के पद वर्तमान में 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से तथा 50 प्रतिशत राजपत्रित शिक्षण पुरुष / महिला शाखा और निरीक्षण शाखा में कार्यरत क्रमशः 61, 11 और 17 प्रतिशत के अनुपात में पदोन्नति कर लोक सेवा आयोग भरता है।


     नियमानुसार समूह 'ख' के उच्चतर के प्रधानाचार्य पदों के लिए तीन साल का शिक्षण अनुभव होना चाहिए, जो कि बीईओ के पास नहीं है। समूह 'ख' के उच्चतर पदों पर पदोन्नति दी जाए। अब आगे की राह समन्वय पर सहमति या असहमति पर तय होगी ।

    राजकीय माध्यमिक विद्यालय में नवनियुक्त अध्यापकों का दिनांक 18 अक्टूबर से 15 दिवसीय ऑनलाइन उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम : समय सारणी व निर्देश देखें।

    राजकीय माध्यमिक विद्यालय में नवनियुक्त अध्यापकों का दिनांक 18 अक्टूबर से 15 दिवसीय ऑनलाइन उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम : समय सारणी व निर्देश देखें।

    शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण 18 अक्तूबर से

    प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से चयन के बाद राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पदभार ग्रहण कर चुके शिक्षकों का 15 दिवसीय ऑनलाइन उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 अक्तूबर से शुरू होगा। 11 अक्तूबर को इसका डेमो सत्र आयोजित होगा। शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने इस बाबत सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखा है।

    ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम से पूर्व सोमवार को प्रतिभागी शिक्षकों के लिए एक डेमो सत्र सुबह 11 से 5 बजे तक चलेगा। प्रश्नगत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 18 अक्तूबर को उपमुख्यमंत्री/ राज्यमंत्री माध्यमिक शिक्षा करेंगे। इसमें अपर मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अफसर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन करेंगे। इसमें सभी नवनियुक्त अध्यापकों का प्रतिभाग करना आवश्यक है।





    पढ़ाना-लिखाना छोड़ डीबीटी में उलझे बेसिक शिक्षक

    पढ़ाना-लिखाना छोड़ डीबीटी में उलझे बेसिक शिक्षक


    परिषदीय स्कूलों के शिक्षक इन दिनों बच्चों को पढ़ाना-लिखाना छोड़ डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) में उलझकर रह गए हैं। बच्चों को स्वेटर, स्कूल बैग, यूनीफार्म व जूता- मोजा का पैसा 1056 रुपये खाता में भेजने के लिए डीबीटी एप पर बच्चों का ब्योरा भरा जा रहा है। जिसके चलते शिक्षकों का पूरा दिन उसी में गुजर रहा है। तकनीकी परेशानी हो रही है सो अलग। 


    ऐसे में स्कूल खुलने के बाद भी पहले की तरह बच्चों की पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पा रही है। कुछ अभिभावकों के आधार बैंक खाता से लिंक न होने की समस्या आ रही है, तो वहीं कुछ के आधार व बैंक खाते में नाम के अक्षरों में अंतर मिल रहा है।  जिससे अभी तक उनका ब्योरा डीबीटी एप पर अपलोड नहीं हो सका है। 


    सर्वर से सांसत में शिक्षकः कंप्यूटर की अनुपलब्धता की वजह से शिक्षकों को छात्रों का ब्योरा मोबाइल से डीबीटी एप पर अपलोड करना पड़ रहा है। इसमें तमाम तरह की व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। खासतौर पर नेटवर्क व सर्वर की समस्या जबकि डीबीटी में अभिभावकों के आधार को बैंक खाता के साथ प्रमाणित करना है। यह प्रकिया तीन चरणों में पूरी करनी है। प्रत्येक चरण में नेटवर्क व सर्वर की समस्या बाधक बन रही है। सर्वर के कारण नए पंजीकरण के साथ ही कुछ स्कूलों में सत्यापन में भी समस्या आ रही है। यदि किसी स्कूल में पांच शिक्षक हैं तो तीन या चार या एक ही का लाग-इन पोर्टल पर शी हो रहा है। जब तक एक प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही तब तक आगे का चरण बाधित रह रहा है।


    नहीं मिल रहा होमवर्क, अभिभावक कर रहे फोन: डीबीटी का कार्य पूरा करने के चक्कर में शिक्षक इन दिनों बच्चों को होमवर्क तक नहीं दे पा रहे हैं, जिससे कई अभिभावक शिक्षकों को फोन कर होमवर्क को लेकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं।

    देश को ‘गुरुमंत्र’ देगी यूपी की शिक्षा प्रणाली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने की सराहना

    देश को ‘गुरुमंत्र’ देगी यूपी की शिक्षा प्रणाली,  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने की सराहना



    लखनऊ : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को यूपी की शिक्षा व्यवस्था की नब्ज टटोली। उन्होंने नई शिक्षा नीति को बेहतर ढंग से लागू करने पर यूपी की पीठ थपथपाई। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना भी की।


    उन्होंने मेधावी छात्रों के नाम पर गौरव पथ बनाए जाने को प्रोत्साहन देने की श्रेष्ठ योजना बताते हुए, उसे अन्य राज्यों में भी लागू कराने की बात कही। यही नहीं जल्द यूपी के शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दिल्ली में प्रस्तुतीकरण कराया जाएगा, ताकि दूसरे राज्य भी इससे लाभान्वित हो सकें। 


    राजधानी में योजना भवन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा विभाग की समीक्षा की। सभी विभागों ने अपने कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश के 15 से 18 प्रतिशत विद्यार्थी यूपी के हैं। करीब पांच करोड़ विद्यार्थी यहां हैं, इतनी तो कई देशों की आबादी भी नहीं होगी। ऐसे में अगर यूपी में सुशासन होगा, तभी देश में सुशासन लागू हो सकेगा। 


    एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को लागू कर सस्ती व अच्छी किताबें विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे उल्लेखनीय कार्यों को दूसरे राज्य भी लागू करें, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी भी मौजूद रहे।


    संस्कृत बोर्ड को दिलाएंगे एनआइओएस से मान्यता : उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के छात्रों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) द्वारा मान्यता न दिए जाने का सवाल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसकी जांच कराएंगे और इसे जल्द मान्यता दिलाएंगे। टीचर्स को अच्छी ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाएगी। यूपी में ढाई से तीन लाख खाली पदों को भरा गया है। बाकी पद भी जल्द भरे जाएंगे।


    यूपी बोर्ड में पढ़ाए जा रहे विज्ञान के पाठ्यक्रम और एनसीईआरटी की किताबों में संक्षेप में जानकारी दिए जाने के सवाल पर उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने सफाई दी। वह बोले एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम जरूरत के अनुसार लागू किया गया है। विज्ञान का पाठ्यक्रम ठीक है। जो अच्छे पाठ पहले से पढ़ाए जा रहे थे उन्हें हटाया नहीं गया।