CBSE : 12वीं में चार लाख से अधिक आए पुनर्मूल्यांकन आवेदन, 11 लाख से अधिक स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं मांगी गईं, पोर्टल दोबारा खोलने पर हो सकता है विचार
27 मई 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के चलते पुनर्मूल्यांकन के लिए रिकॉर्ड चार लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। सीबीएसई के इतिहास में पहली बार किसी परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन के आवेदन आए हैं।
मंगलवार को शाम साढ़े चार बजे - तक 4,04,319 विद्यार्थी आवेदन कर चुके थे, जबकि गिनती अभी जारी है। वहीं, हजारों विद्यार्थियों को आंसर-शीट मिल ही नहीं पाई, इस कारण वे फिर से मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। खास बात यह है कि 11,31,961 स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं मांगी गई हैं। इसमें से अभी तक 8,98,214 उत्तर पुस्तिकाएं दी जा चुकी हैं।
अधिकारी भी मानते हैं कि 12वीं के नतीजे आने के 14 दिन बीतने के बाद अभी तक विद्यार्थी परेशान हैं। विद्यार्थियों की दिक्कतों को देखते हुए सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन के लिए विंडो फिर खोलने पर विचार कर सकता है। यदि विंडो खुलती है, तो चार लाख का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। उत्तर पुस्तिका की प्रति नहीं मिलने से आवेदन से वंचित रह गए विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक स्कैन कॉपी नहीं मिलेगी, तब तक कैसे पता चलेगा कि उन्हें कम नंबर क्यों मिले हैं?
सीबीएसई 12वीं के विद्यार्थियों को लौटाएगा पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में ली गई अतिरिक्त राशि, अब आज रात तक कर सकेंगे आवेदन
कम नहीं हो रहीं समस्याएं : पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ियां
24 मई 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कहा कि 12वीं के नतीजे के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों से जिन विद्यार्थियों से अधिक शुल्क वसूला गया, उन्हें अतिरिक्त राशि लौटाई जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने पुनर्मूल्यांकन के दौरान बच्चों व अभिभावकों की तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतों पर सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
सीबीएसई ने रविवार को बताया कि 21-22 मई को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय तकनीकी समस्याओं के चलते कुछ मामलों में अधिक राशि वसूली गई, जबकि कुछ में कम शुल्क लिया गया। जिन मामलों में अधिक भुगतान लिया गया, उनमें अतिरिक्त राशि उसी भुगतान माध्यम में वापस की जाएगी, जिससे शुल्क जमा किया गया था। जिन मामलों में कम शुल्क लिया गया है, उनमें जरूरी होने पर विद्यार्थियों को शेष राशि जमा करने के बारे में अलग से सूचित किया जाएगा।
बोर्ड ने यह भी बताया कि ऐसे सभी मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने सर्वर डाउन होने, पेमेंट गेटवे में गड़बड़ी और प्रक्रिया के दौरान सामने आई अन्य तकनीकी खामियों पर संज्ञान लिया था।
अब आज रात तक कर सकेंगे आवेदन
सीबीएसई ने 12वीं की उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति हासिल करने के लिए आवेदन की तिथि एक दिन और बढ़ा दी है। अब 25 मई को रात 11:59 तक आवेदन किए जा सकेंगे।
डिजिटल मूल्यांकन का आकलन जारी डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर व्यापक विरोध व विद्यार्थियों की बढ़ती चिंता के बीच शिक्षा मंत्रालय 12वीं के नतीजों पर सतर्कता से नजर बनाए हुए है। सीबीएसई को इसमें प्रशासनिक निगरानी भी मुहैया करा रहा है। इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के बाद सामने आईं विसंगतियों और पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियों के बाद मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया है।
दाखिले में दिक्कत न आए प्रशासनिक निगरानी का मकसद सुनिश्चित करना है कि तकनीकी बाधाओं के कारण कॉलेज में दाखिले के दौरान विद्यार्थियों को असुविधा न हो।
CBSE उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कापी लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि हुई 24 मई
23 मई 2026
नई दिल्लीः सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर पुस्तिका की स्कैन कापी लेने की अंतिम तारीख एक दिन के लिए और बढ़ा दी है। पहले अंतिम तिथि 23 मई थी, लेकिन अब विद्यार्थी 24 मई तक इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। वेबसाइट पर आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण यह निर्णय लिया गया है।
बोर्ड ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक और कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण कई विद्यार्थियों को आवेदन करने में परेशानी हो रही थी। इस कारण वे समय पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है। वहीं, विद्यार्थियों का दावा है कि वेबसाइट हैक हो गई थी, जिस कारण फीस के मूल्य में बदलाव देखने को मिल रहा था।
सीबीएसई के अनुसार, वेबसाइट पर बढ़े लोड के साथ कुछ तकनीकी हस्तक्षेप के प्रयासों के कारण भी सिस्टम पर असर पड़ा है, जिससे आवेदन प्रक्रिया बाधित हुई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अब सभी प्रभावित विद्यार्थी अतिरिक्त एक दिन के भीतर आवेदन कर सकते हैं। स्कैन कापी प्राप्त करने के बाद छात्रों को आगे की प्रक्रिया यानी वेरिफिकेशन आफ इश्यूज आब्जर्व्ह और रि-इवैल्यूएशन के लिए भी दो दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, ताकि वे अपनी उत्तरपुस्तिका को ठीक से देखकर निर्णय ले सकें। बोर्ड ने कहा कि अन्य सभी नियम और शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में कम नंबरों के बाद अब सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल की परेशानी, विद्यार्थियों ने पोर्टल पर लागिन नहीं कर पाने का लगाया आरोप
कभी वेबसाइट पर ब्लैंक पेज दिखने तो कभी कैप्चा कोड नहीं आने की भी शिकायत
20 मई 2026
नई दिल्लीः सीबीएसई की ओर से 12 वीं में कापियों की जांच के लिए आन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम से परिणाम में उम्मीद से कम अंक मिलने की शिकायतें मिली हैं। इसके बाद अब री-इवैल्यूएशन और स्कैन कापी हासिल करने के
लिए खोले गए पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों से विद्यार्थियों की चिंता और बढ़ गई है। कई विद्यार्थियों का आरोप है कि वे न तो पोर्टल पर लागिन कर पा रहे हैं और न ही आवेदन प्रक्रिया पूरी हो रही है।
मंगलवार को सीबीएसई ने पोस्ट रिजल्ट (परिणाम के बाद) सुविधा शुरू की है। इसमें विद्यार्थी अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कापी लेकर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन पोर्टल खुलते ही इंटरनेट मीडिया पर शिकायतों की संख्या बढ़ने लगी है।
विद्यार्थियों का कहना है कि कभी वेबसाइट ब्लैंक पेज दिखा रही है, कभी कैप्चा कोड नहीं आ रहा। कई मामलों में भुगतान कटने के बाद भी आवेदन पूरा नहीं हो रहा है। एक छात्र ने बताया कि कई बार कोशिश के बाद भी वह पंजीकरण नहीं कर पाया, क्योंकि बार-बार वेब साइट हैंग हो रही है। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी छात्रों ने स्क्रीनशाट साझा करते हुए बोर्ड की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। एक छात्र ने कहा कि कि रुपये कट गए पर वेरिफिकेशन फेल हो गया। सिस्टम अपग्रेड नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था ही फेल है। हालांकि, इस मामले में सीबीएसई ने किसी बड़ी तकनीकी विफलता से इन्कार किया है।
बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि उन्हें सुबह कुछ छात्रों के फोन आए थे, जो लागिन नहीं कर पा रहे थे। वैसे इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। उनके अनुसार कई बार पुराना सेव पेज खुल जाता है, जिसे कंप्यूटर रीस्टार्ट करने से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को कुछ देर बाद दोबारा से लागिन करने की सलाह दी है। बोर्ड ने कहा कि री-इवैल्यूएशन पोर्टल सही तरीके से काम कर रहा है। वैसे इस बार स्कैन कापी और री-इवैल्यूएशन की फीस भी कम की गई है। स्कैन कापी शुल्क 700 से 100 रुपये, री-इवैल्यूएशन फीस 500 से 100 रुपये और प्रति प्रश्न जांच शुल्क 100 से 25 रुपये किया गया है।