आधा घंटा तक विलंब से पहुंचे परीक्षार्थी को अनुमति दे सकेंगे केंद्र व्यवस्थापक, सचिव ने केंद्र व्यवस्थापकों एवं कक्ष निरीक्षकों के लिए जारी किए निर्देश
प्रयागराजः यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा शुचितापूर्ण संपन्न कराने के लिए केंद्र व्यवस्थापकों एवं कक्ष निरीक्षकों के लिए यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि किसी प्रश्नपत्र के लिए अधिकतम आधा घंटा तक देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकेंगे। इससे ज्यादा देर वालों को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका पर मुद्रित क्रमांक को उपस्थिति पत्रक पर परीक्षार्थियों द्वारा अंकित किया जाना अनिवार्य है। इसे कक्ष निरीक्षक सुनिश्चित कराएंगे।
परीक्षा 18 फरवरी से आरंभ होकर 12 मार्च तक चलेगी। प्रश्न पत्रों की परीक्षा अवधि 3.15 घंटे निर्धारित है, जिसमें से शुरू के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ्ने के लिए है। दिव्यांग तथा दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए निर्धारित अवधि के अतिरिक्त 20 मिनट प्रति घंटे के हिसाब से अतिरिक्त देय होगा। इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केंद्रों में कम से कम 50 प्रतिशत स्टाफ बाह्य विद्यालयों से नियुक्त किए जाएंगे।
स्ववित्तपोषित विद्यालयों में यथासंभव राजकीय एवं अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के 50 प्रतिशत स्टाफ नियुक्त किए जाएंगे। रिजर्व सेट से संबंधित अलमारी लाक करने और आकस्मिक स्थिति में उसे खोलने की कार्यवाही माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव से निर्देश प्राप्त करने के बाद ही जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कराई जाएगी, उस समय केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं संबंधित थानाध्यक्ष अथवा नामित इंस्पेक्टर की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। इसके अलावा कक्ष निरीक्षकों का यह व्यक्तिगत उत्तरदायित्व होगा कि हर परीक्षार्थी से उत्तरपुस्तिका के प्रत्येक पृष्ठ पर उनका अनुक्रमांक एवं उत्तरपुस्तिका क्रमांक अनिवार्य रूप से लिखवाएं।
प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक अनिवार्य
हर परीक्षा कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य होगी। कक्ष निरीक्षकों के पास उनका परिचय पत्र, आधार कार्ड रहना केंद्र व्यवस्थापक सुनिश्चित कराएंगे। सचल दल में महिला निरीक्षणकर्ता का होना अनिवार्य है। बालिका परीक्षार्थी वाले केंद्र पर सचल/निरीक्षण दल के पुरुष सदस्य तलाशी नहीं ले सकेंगे। सभी कक्ष निरीक्षकों/कर्मचारियों के लिए फोटो युक्त परिचय पत्र अनिवार्य है। जीआइसी व एडेड विद्यालयों के शिक्षकों को न्यूनतम 20 पाली में कक्ष निरीक्षण अनिवार्य रहेगा।
यूपी बोर्ड: 20 पाली का कक्ष निरीक्षण अनिवार्य, सरकारी शिक्षकों को हाईस्कूल, इंटर परीक्षा में करनी होगी ड्यूटी
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों को कम से कम 20 पाली का कक्ष निरीक्षण अनिवार्य रूप से करना होगा। परीक्षा केंद्र बने वित्तविहीन विद्यालयों में राजकीय और एडेड कॉलेज के 50 प्रतिशत स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने तथा परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिनकी केंद्र व्यवस्थापक तथा कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई गई है उनके स्तर से लापरवाही या जानबूझकर अनुपस्थित होने पर अनुशासनात्मक एवं विधिक कार्रवाई की जाए। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
स्ट्रांग रूम में रखनी होगी लोहे की चार आलमारी : परीक्षा केंद्र पर स्ट्रांग रूम में पालीवार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव, अवशेष प्रश्नपत्रों तथा बंडल स्लिप को रखने के लिए कुल चार लोहे की डबल लॉकयुक्त आलमारी की व्यवस्था की जाएगी। दोनों पालियों के मुख्य प्रश्नपत्र सेट के सुरक्षित रखरखाव के लिए दो आलमारी रहेगी। तीसरी आलमारी में बचे हुए प्रश्नपत्र रखे जाएंगे जबकि चौथी आलमारी में रिजर्व सेट के प्रश्नपत्रों के पैकेट रखने होंगे।
परीक्षा शुरू होने से एक सप्ताह पूर्व पोर्टल पर जारी किए जाएंगे निरीक्षकों के परिचय पत्र, यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति को लेकर जारी किए निर्देश
सचिव भगवती सिंह की ओर से सभी डीआईओएस को भेजा गया पत्र
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के सुचारु, पारदर्शी और नकलविहीन संचालन के लिए कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति को लेकर सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सचिव ने निर्देश दिया है कि । कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाते ए समय उनके संपूर्ण विवरण की न भलीभांति जांच की जाए। किसी विद्यालय से संबंधित परीक्षा केंद्र रे पर कितने कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता होगी, इसका पूरा 5 विवरण डीआईओएस स्तर से ही निर्गत किया जाएगा। कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर परीक्षा प्रारंभ होने से एक सप्ताह पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा डाउनलोड किए जाएंगे।
परिचय पत्र पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कक्ष निरीक्षक को आवंटित परीक्षा केंद्र का विवरण अंकित कर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य को हस्तगत कराया जाएगा। कक्ष निरीक्षण कार्य में लगाए गए अध्यापकों को परीक्षा प्रारंभ होने की तिथि से तीन दिवस पूर्व 15 फरवरी को अपने आवंटित परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होकर केंद्र व्यवस्थापक को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
डीआईओएस द्वारा जनपद में बनाए गए सभी परीक्षा केंद्रों के लिए केंद्रवार कक्ष निरीक्षकों की सूची तैयार कर अपने कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक परीक्षा कक्ष में न्यूनतम दो कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें से एक कक्ष निरीक्षक का बाह्य विद्यालय से होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पांच कक्षों पर एक मोचक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिला विद्यालय निरीक्षक यह सुनिश्चित करें कि कक्ष निरीक्षण कार्य में लगाए गए अध्यापक माध्यमिक शिक्षा परिषद के पारिश्रमिक कार्यों से डिबार न किए गए हों। परीक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, जिन परीक्षा केंद्रों पर बालिका परीक्षार्थी परीक्षा दे रही हों, वहां महिला कक्ष निरीक्षकों की अनिवार्य रूप से नियुक्ति की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक कक्ष में 40 परीक्षार्थियों पर दो तथा 41 से 60 परीक्षार्थियों पर तीन कक्ष निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वकेंद्र पर छात्राओं के परीक्षा कक्षों में उसी विद्यालय के अध्यापकों की कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
परीक्षा कक्ष में छात्राओं के रहने पर महिला निरीक्षक की लगेगी ड्यूटी, बोर्ड परीक्षा की 30 दिन तक रखनी होगी रिकॉर्डिंग
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जारी किया आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। राजधानी के 120 केंद्रों पर परीक्षा को सुचारू और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए परिषद के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने आदेश जारी किए हैं। इसके अनुसार परीक्षा कक्ष में छात्राओं के रहने पर महिला कक्ष की ड्यूटी लगाना जरूरी है। तलाशी की भी उन्हीं को अनुमति होगी।
परिषद की ओर से जारी आदेश में सख्त निर्देश दिए गए हैं। परिसर के अंदर छात्र-छात्राओं के साथ ही कक्ष निरीक्षकों को भी मोबाइल फोन, कैलकुलेटर व अन्य इलेक्ट्रिॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। स्ट्रांग रूम, परीक्षा कक्ष व अन्य जगहों पर लगने वाले सीसीटीवी कैमरे में आवाज की भी रिकॉर्डिंग होनी जरूरी है। साथ ही इसका डाटा परीक्षा खत्म होने के 30 दिनों तक रखना अनिवार्य है।
परिषद के अनुसार, प्रत्येक विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पेज पर अनुक्रमांक अनिवार्य रूप से लिखेंगे। कक्ष बोर्ड पर किसी स्तर से कुछ भी लिखने की अनुमति नहीं होगी।
परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र और उस पर लगने वाली फोटो का सही तरीके से मिलान जरूरी है। परीक्षा के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक होगी। ऐसा पाए जाने पर विभागीय व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
यूपी बोर्ड की परीक्षा में जूते मोजे उतरवाने पर प्रतिबंध, रोज कैमरों और वायस रिकॉर्डर की होगी जांच, एक माह तक सुरक्षित रखनी होगी रिकॉर्डिंग
लखनऊ । राज्य सरकार ने यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा लेने पर रोक लगा दी है। केंद्र के मुख्य द्वार पर ही परीक्षार्थियों की पूरी जांच होगी। केंद्रों पर लगे कैमरों और वायस रिकॉर्ड की जांच होगी। खराब होने पर सूचना तुरंत डीआईओएस के साथ कंट्रोल रूम को देनी होगी और अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शासनादेश जारी करते हुए मंडलायुक्तों जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिया है। इसमें कहा है कि किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं करेंगे। केंद्र पर जिस विषय का पेपर है, उसके शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगेगी। परीक्षार्थियों से अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे।
बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर रोल नंबर और उत्तर पुस्तिका क्रमांक लिखना होगा। केंद्र पर फोटोग्राफी और प्रेस, मीडिया को ब्रीफिंग नहीं होगी। सीसीटीवी कैमरे, वायस रिकार्डर के बिना किसी भी कीमत पर परीक्षा नहीं होगी। कैमरे, वायस रिकार्डर के डीवीआर की रिकार्डिंग 30 दिन सुरक्षित रखनी होगी। केंद्रों के निरीक्षण की रिपोर्ट रोज सेक्टर, स्टैटिक मजिस्ट्रेट डीएम, डीआईओएस को देंगे। केंद्रों पर प्रवेश पत्र के साथ कक्ष निरीक्षकों, ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के परिचय पत्र की भी जांच होगी। निरीक्षकों के मोबाइल और गैजेट बाहर जमा कराए जाएंगे।
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यूपी बोर्ड के अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ करेगी निगरानी, नकल में संलिप्त बाहरी व्यक्तियों पर अंकुश के लिए एलआइयू रहेगी सक्रिय
थानाध्यक्षों को निर्देश, केंद्र व्यवस्थापक व निरीक्षक माने जाएंगे लोकसेवक
प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा नकलविहीन और शुचितापूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, एडीजी, डीएम, पुलिस आयुक्त/एसएससी व एसपी को शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि नकल में संलिप्त बाह्य व्यक्तियों पर अंकुश लगाने के लिए एलआइयू व अन्य स्त्रोतों से सूचना एकत्र कर परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर आवश्यकतानुसार एसटीएफ को तैनात किया जाए।
परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूमों के बाहर पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस अनुरूप व्यवस्था बनाने के निर्देश यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों (जेडी)/ जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण व व्यवस्थापन कार्य करने वाले अध्यापकों व केंद्राध्यक्षों को लोक सेवक माना जाएगा। ऐसे में इन पर हमला आदि दुर्घटनाओं के मामले में संज्ञेय अपराध के अंतर्गत एफआइआर दर्ज की जाएगी।
परीक्षा केंद्र से सामूहिक नकल अथवा परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र लीक की सूचना मिलने/संदेह होने पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसमें आजीवन कारावास तक तथा एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है। जनपद को जोन सेक्टर में बांटकर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे। यह दायित्व एसडीएम/नगर मजिस्ट्रेट/कार्यकारी मजिस्ट्रेट को दिया जाएगा।
निरीक्षण व्यवस्था इस तरह बनाई जाए कि प्रत्येक सेक्टर में परीक्षा केंद्रों की संख्या 10 से अधिक न हो। यथासंभव प्रधानाचार्य पद के समानांतर या उच्च पदधारक कार्मिक अधिकारी को ही स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाएगा। स्टैटिक मजिस्ट्रेट प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर नियुक्त किए जाएंगे। परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च तक 8033 केंद्रों पर कराई जाएगी।
बोर्ड परीक्षा वर्ष 2026 के प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव हेतु परीक्षा केन्द्रों पर स्ट्रांग रूम की स्थापना व उसमें रखी डबल लॉक आलमारी की सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रश्नपत्रों के वितरण के सम्बन्ध में।