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Tuesday, August 22, 2119

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    Monday, June 21, 2021

    जुलाई से खुल सकते हैं विवि और कालेज, छात्रों को बुलाने पर फैसला बाद में

    जुलाई से खुल सकते हैं विवि और कालेज, छात्रों को बुलाने पर फैसला बाद में

    यूपी में एक जुलाई से खुल सकते हैं स्कूल, छात्रों को स्कूल बुलाने पर संशय


    नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार होते देख देश भर में अनलाक की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। ज्यादातर राज्यों में बाजार, माल, रेस्तरां, पार्क आदि को खोल दिया गया है, लेकिन स्कूल, कालेज समेत सभी शैक्षणिक संस्थान अभी बंद हैं। इन्हें जल्द खोलने की तैयारी है। माना जा रहा है कि जुलाई में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के बाद शैक्षणिक संस्थानों को दाखिले और परीक्षा इत्यादि के लिए खोलने की अनुमति दी जा सकती है। फिलहाल राज्यों से इस संबंध में राय ली जा रही है।


    इस बीच, शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और दूसरे कर्मचारियों के वैक्सीनेशन पर जोर दिया गया है। सभी राज्यों को इस संबंध में जरूरी पहल करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी कक्षाएं लगाने यानी छात्रों को बुलाने पर फैसला नहीं लिया जाएगा।


    राज्यों से ली जा रही राय

    राज्यों को भी स्थिति देखकर निर्णय लेने की छूट दी गई है। यह पहल इसलिए भी तेज की गई है, क्योंकि जुलाई और अगस्त में इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए जेईई मेन की लंबित दो परीक्षाओं और मेडिकल में दाखिले से जुड़ी नीट परीक्षा कराने की तैयारी है। इसके ज्यादातर परीक्षा केंद्र शैक्षणिक संस्थान ही होते हैं। यह पहल उस समय शुरू की गई है, जब तेलंगाना और बिहार समेत कई राज्यों ने जुलाई से शिक्षण संस्थानों को खोलने का एलान किया है। इस बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय संगठन जिस योजना पर काम कर रहे हैं, उनमें पहले नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को बुलाया जाएगा। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित दूसरे उच्च शिक्षण संस्थान में अंतिम वर्ष और शोध से जुड़े छात्रों को बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरे की आशंका जताई जा रही है।


    यूपी में एक जुलाई से खुल सकते हैं स्कूल, छात्रों को स्कूल बुलाने पर संशय

    अभी तक यूपी सरकार ने राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने की घोषणा नहीं की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि 20 मई से सभी राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे और छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखी जाएंगी। ऑफलाइन शिक्षण के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। राज्य सरकार ने अपने नए दिशा- निर्देशों में कहा कि विभाग के आदेश के अनुसार ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। शैक्षणिक संस्थान केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए खुलेंगे। सरकार ने कहा, बेसिक, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है।


    इस बारे में प्रदेश के शिक्षा विभाग के अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि प्रदेश में स्कूल एक जुलाई से खुल सकते हैं, लेकिन अभी बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जायेगा। शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा सकता है। शिक्षक स्कूल से ऑनलाइन कक्षाएं लेंगे। इसके अलावा 10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के निर्धारण में ये शिक्षक अपनी भूमिका निभा सकते हैं। सरकार के आदेश पर ही स्कूल 30 जून तक के लिए बंद हैं और उनके आदेश पर ही आगे खुलेंगे।

    परिषदीय विद्यालयों में खत्म होगा नगरीय और ग्रामीण कैडर- बेसिक शिक्षा मंत्री, जानिए इस बदलाव के क्या होंगे परिणाम?

    परिषदीय विद्यालयों में खत्म होगा नगरीय और ग्रामीण कैडर- बेसिक शिक्षा मंत्री, जानिए क्या होंगे परिणाम? 


    ■ बेसिक शिक्षामंत्री बोले विसंगति दूर करने के लिए एक करने की तैयारी

    ■ कैडर एक होने से शिक्षकों के स्थानांतरण का रास्ता होगा साफ

    ■ नगर के विद्यालयों में दूर होगी छात्रों के अनुपात में अध्यापकों की कमी

    वाराणसी : बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि नगर व ग्रामीण के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर दशकों से चली आ रही विसंगति जल्द ही दूर की जाएगी। इसके लिए सरकार नगर व ग्रामीण का विभाजन खत्म करने जा रही है। शिक्षकों के नगरीय व ग्रामीण कैडर को खत्म कर एक करने की योजना है। एक कैडर होते ही ग्रामीण क्षेत्रों से नगर में शिक्षकों के स्थानांतरण का रास्ता साफ हो जाएगा। ऐसे में नगर के विद्यालयों में अध्यापकों की कमी जल्द दूर होने वाली है।


    बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित नगर के विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा बना हुआ है। वाराणसी में ही नगर के 101 विद्यालयों में से 26 विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। बनारस ही नहीं सूबे के अन्य जनपदों की भी स्थिति कुछ इसी प्रकार है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक है। इसके पीछे पिछले डेढ़ दशकों से नगर के विद्यालयों में अध्यापकों की नियुक्ति न होना मुख्य कारण है। हाल में ही सूबे में 69000 शिक्षकों की भर्ती हुई। इसमें बनारस में 203 शिक्षक नियुक्त हुए।


    नवनियुक्त शिक्षकों की तैनाती ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में ही हुई। करीब डेढ़ दशक पहले ग्रामीण से नगर के विद्यालयों में शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ था। इसके बावजूद नगर व ग्रामीण में शिक्षकों के अनुपात में काफी अंतर बना हुआ है। नए परिसीमन में ग्रामीण क्षेत्रों के 60 विद्यालय नगर में शामिल हुए हैं। हालांकि इन विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का भी स्थानांतरण नहीं हो सका है। बहरहाल कैडर एक कर देने से नगर में शिक्षकों की कमी दूर होना तय है।

    शिक्षामित्रों को फिर बनाया जाए शिक्षक, बड़े आंदोलन करने की तैयारी में शिक्षामित्र

    शिक्षामित्रों को फिर बनाया जाए शिक्षक, बड़े आंदोलन करने की तैयारी में शिक्षामित्र


    लखनऊ: उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने मांग की है कि सरकार शिक्षक नियमावली में संशोधन करके शिक्षामित्रों को फिर शिक्षक के पद पर समायोजित करे। इससे 21 वर्ष से प्राथमिक स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षामित्र व उनका परिवार सम्मान के साथ गुजारा कर सकेगा।


    दारुलशफा में हुई कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि 10 हजार रुपये के मानदेय में परिवार का भरण पोषण संभव नहीं है । कोविड काल में सरकार के नियमों का पालन करते हुए शिक्षामित्रों ने लाखों पत्रों व सोशल मीडिया संदेशों के जरिए सरकार तक बात पहुंचाई लेकिन जिम्मेदार को तैयार नहीं है। 


    इसलिए अब 21 से 30 जून तक पूरे प्रदेश में शिक्षामित्र मंत्री, सांसद, विधायक व बीजेपी जिला अध्यक्षों को मांगपत्र सौंप वादा याद दिलाएंगे। 31 जुलाई तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षामित्र सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।


     बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मिकांत द्विवेदी, हृदेश दुबे, महामंत्री धर्मेंद्र कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष संदीप दत्त ने मांग की कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी में जान गंवाने वाले शिक्षामित्रों के परिवारों को जल्द ही अनुग्रह राशि व नौकरी दी जाए

    मानदेय वृद्धि व तबादले की आस लगाए बैठे हैं जूनियर विद्यालयों में पदस्थापित अनुदेशक

    मानदेय वृद्धि व तबादले की आस लगाए बैठे हैं जूनियर विद्यालयों में पदस्थापित अनुदेशक


    बहराइच :  परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात अंशकालिक अनुदेशकों का वर्षों से मानदेय नहीं बढ़ा है। यही नहीं दूर दराज के विद्यालयों में तैनाती मिलने से सैकड़ों अनुदेशकों को अल्प मानदेय में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसको देखते हुए अनुदेशकों ने एक पखवाड़े तक ट्विटर अभियान चलाकर सरकार से मानदेय वृद्धि व गृह ब्लॉक में तबादले की मांग की है। अनुदेशकों ने बताया कि पिछले 5 सालों से सरकार से लगातार ज्ञापन, धरना प्रदर्शन व ट्विटर अभियान आदि के माध्यम से मांग कर रहे हैं।


    उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य को मजबूती प्रदान करने के लिए वर्ष 2013 में सपा सरकार की ओर से अंशकालिक अनुदेशकों की तैनाती की गई थी। जिसके तहत इन्हें काफी दूर अलग-अलग ब्लॉकों में तैनाती मिली थी, लेकिन अब घर से काफी दूर और कम वेतन अनुदेशकों के लिए मुसीबत बन गया है। कोरोना संक्रमण के बाद 1 जुलाई से एक बार फिर से स्कूल खुल रहे हैं, और अनुदेशकों को शिक्षण कार्य शुरु करना है।


    60 किमी दूर मिहींपुरवा में हैं में तैनात अनुदेशक

    बहराइच मटेरा, रिसिया, नवाबगंज, नानपारा, शिवपुर क्षेत्र के रहने वाले अनुदेशकों को मिहींपुरवा ब्लॉक के वन क्षेत्रों में स्थापित विद्यालयों गिरजापुरी, पारसपुरवा, रमपुरवा मटेही, कोहली, सेमरीमलमला, आंबा, बर्दिया, मिल्कियत व सुजौली क्षेत्र में तैनाती मिली है। जिसके चलते कई अनुदेशकों को 60 किलोमीटर से भी अधिक लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं मिहींपुरवा क्षेत्र के निवासी अनुदेशकों को हुजूरपुर, पयागपुर, चित्तौरा व फखरपुर में तैनाती मिली है। जिसके चलते इन्हें भी काफी लंबा समय तय करना पड़ रहा है। अनुदेशकों का कहना है कि उनके धन व समय दोनों की बर्बादी हो रही है।

    CBSE Class 12 compartment 2021 : परीक्षा रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कंपार्टमेंट व प्राइवेट छात्र

    CBSE Class 12 compartment 2021 : परीक्षा रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कंपार्टमेंट व प्राइवेट छात्र

    CBSE Class 12 compartment 2021: सीबीएसई बोर्ड 12वीं कंपार्टमेंट के 1152 छात्र परीक्षा रद्द कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं। सभी छात्रों ने ज्वॉइंट पिटीशन दाखिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को निर्देश दें कि सीबीएसई 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा को रद्द कर दे। साथ ही उन्हें नियमित छात्र के तौर पर मान्यता दी जाए।


    दरअसल प्राइवेट और सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा के छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में भौतिक रूप से परीक्षाएं रद्द कराने के निर्देश मांगे हैं। छात्रों की मांग है कि उनका रिजल्ट भी आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाए जो फॉर्मूला सीबीएसई ने अपनाया है उसी के जरिए उन्हें भी पास किया जाए।

    सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस याचिका पर सोमवार यानी 21 जून कोई सुनवाई की जा सकती है।

    1152 छात्रों की ओर से याचिक दायर करते हुए वकील अभिषेक चौधरी और मंजू जेटली ने बताया कि पहले से दायर की गई याचिका पर सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड परीक्षाएं रद्द कराने को लेकर सर्वोच्च अदालत का निर्देश चाहते हैं। 


    समाचार एजेंसी को याचिका की कॉपी मिली है जिसके अनुसार 12वीं प्राइवेट और कंपार्टमेंट परीक्षा वाले छात्रों ने परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है।

    UP Board Exam Results 2021: कोई छात्र फेल नहीं होगा, ऐसे समझें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट रिजल्ट फार्मूले का गणित

    UP Board Exam Results 2021: कोई छात्र फेल नहीं होगा, ऐसे समझें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट रिजल्ट फार्मूले का गणित

    यूपी बोर्ड : 12वीं का नतीजा 50-40-10 के फॉर्मूले से, हाई स्कूल में 50-50 फीसदी के आधार पर मिलेंगे अंक

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी प्रमोशन फॉर्मूला को मंजूरी, शीघ्र जारी होगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट



    UPMSP UP Board 10th, 12th Exam Results 2021 : इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के विद्यार्थियों का परीक्षाफल जारी करने का फार्मूला जारी कर दिया गया है। इंटरमीडिएट का रिजल्ट तय करने के लिए 50 फीसदी अंक हाईस्कूल, कक्षा 11 की वार्षिक या अर्धवार्षिक परीक्षा के 40 फीसदी अंक और कक्षा 12 की प्री-बोर्ड परीक्षा के 10% अंक शामिल किए जाएंगे। इसी तरह हाईस्कूल के रिजल्ट के लिए कक्षा-9 की लिखित परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक, कक्षा 10 की प्री-बोर्ड परीक्षा के 50 फीसदी अंक समेत स्कूल स्तर पर हुई आंतरिक परीक्षा में मिले अंक शामिल किए जाएंगे। रविववार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने यूपी बोर्ड के परीक्षाफल निर्धारण का यह फार्मूला जारी किया है।


    कोई छात्र फेल नहीं होगा
    हर विषय के अंक इसी फार्मूले से निकाल कर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। वर्ष 2021 के पंजीकृत परीक्षार्थी यदि अपने अंकों में सुधार चाहते हैं तो उन्हें अगली बोर्ड परीक्षा में एक या एक से अधिक विषयों में बिना शुल्क दिए शामिल होने का मौका दिया जाएगा। इस वर्ष कोई भी परीक्षार्थी फेल नहीं होगा।


    UP Board हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा रिजल्ट का फॉर्मूला जारी
    जारी फार्मूले में सभी वर्गों व संस्थागत, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का ध्यान रखा गया है। इंटरमीडिएट में मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि व व्यावसायिक वर्गों में परीक्षाएं होती हैं। इन विषय-वर्गों में कई विषय ऐसे हैं, जिनमें प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी होती हैं और कुछ में आंतरिक मूल्यांकन। इसके लिए स्केलिंग की व्यवस्था लागू की गई है।

    ऐसे तैयार होगा इंटरमीडिएट का रिजल्ट
    इंटरमीडिएट 2021 के रिजल्ट के लिए यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर सम्बन्धित परीक्षार्थियों के कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा, कक्षा-11 की वार्षिक/ अर्धवार्षिक परीक्षा, कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा व प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक उपलब्ध हैं।


    जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं नही होती हैं, जिनका पूर्णांक 100 अंकों का होता है-
    -कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा के कुल प्राप्तांक के औसत का 50 फीसदी। औसत की गणना कक्षा-10 के सभी विषयों के कुल प्राप्तांक को कुल विषयों की संख्या अर्थात 6 से विभाजित करके आंका जाएगा।

    -कक्षा-11 की वार्षिक परीक्षा में संबंधित विषय विशेष में पूर्णांक 100 अंक में मिले प्राप्तांक का 40 प्रतिशत अंक
    -कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा में संबंधित विषय विशेष में पूर्णांक 100 अंक में मिले प्राप्तांक का 10 प्रतिशत अंक
    इन तीनों अंकों को जोड़कर संबंधित परीक्षार्थी के विषयवार अंकों का निर्धारण किया जाएगा।
    -प्रयोगात्मक विषयों के लिए 70 अंकों पर स्केल करके लिखित परीक्षा के नंबर और आंतरिक मूल्यांकन के वास्तविक अंक जोड़े जाएंगे।

    इसे ऐसे समझें
    कमल को कक्षा-10 की वार्षिक परीक्षा में 600 में से 300 अंक मिले, इसका औसत होगा 300/6 = 50 अंक। इसका 50 फीसदी 25 अंक होगा।
    कमल को कक्षा-11 में गणित में 100 में से 60 अंक मिले तो इसका 40 फीसदी 24 अंक होगा।


    कमल को कक्षा-12 की प्रीबोर्ड परीक्षा में गणित में 50 अंक मिले हैं तो इसका 10 फीसदी 5 अंक होंगे।
    इंटरमीडिएट में कमल के गणित में 25+24+5=54 अंक होंगे।

    -पांचों विषय के अंक इसी फार्मूले से निकाले जाएंगे और इसी के आधार पर पूरा रिजल्ट तैयार होगा।

    हाईस्कूल का रिजल्ट निर्धारण
    हाईस्कूल में 70 अंकों की लिखित परीक्षा और 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होता है। वर्ष 2021 के आन्तरिक मूल्यांकन के अंक वेबसाइट पर हैं। कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा और कक्षा-10 की लिखित प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक बोर्ड की वेबसाईट पर अपलोड है। ये 70-70 अंकों की हैं।

    ये रहा फार्मूला-
    -कक्षा-9 की 70 अंकों की वार्षिक विषयवार लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के 50 प्रतिशत अंक ।
    -कक्षा-10 की 70 अंकों की प्री-बोर्ड विषयवार लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के 50 प्रतिशत अंक ।
    -वर्ष 2021 में स्कूल स्तर पर सम्पादित 30 अंकों की आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा के अंक।
    तीनों को जोड़कर सम्बन्धित परीक्षार्थी के विषयवार अंकों का निर्धारण किया जाएगा।

    इसे ऐसे समझें
    -निशा को कक्षा-9 की सामाजिक विज्ञान की वार्षिक परीक्षा में 70 में 60 अंक मिले तो इसका 50 फीसदी हुआ 30
    -कक्षा-10 की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा में 70 अंकों में 40 अंक मिले तो इसका 50 फीसदी हुआ 20
    -आंतरिक मूल्यांकन में 30 में से 28 अंक हासिल किए
    ये रहे सामाजिक विज्ञान में निशा के अंक- 30+20+28=78 अंक।

    # छह विषय के अंक इसी फार्मूले से निकाले जाएंगे और इसी के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा।

    खास-खास
    2021 की परीक्षा में कुल पंजीकृत परीक्षार्थी- 56,04,628
    -हाईस्कूल में 29,94,312 परीक्षार्थी पंजीकृत (संस्थागत - 29,74,487 (99.34 प्रतिशत) व व्यक्तिगत 19,825 (0.66 प्रतिशत)
    -इण्टरमीडिएट में कुल 26,10,316 परीक्षार्थी पंजीकृत, (संस्थागत परीक्षार्थी 25,17,658 (96.45 प्रतिशत) व व्यक्तिगत परीक्षार्थी 92,658 (3.55 प्रतिशत)

    अन्य फार्मूले

    -इण्टरमीडिएट के व्यक्तिगत/संस्थागत विद्यार्थी के यदि कक्षा-11 की दोनों परीक्षाओं (वार्षिक परीक्षा व अर्धवार्षिक) या कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा या हाईस्कूल के (व्यक्तिगत/संस्थागत) परीक्षार्थी के कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा या कक्षा-10 की प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें बिना अंकों के सामान्य रूप से प्रोन्नत किया जाएगा।

    - जिस परीक्षार्थी के वार्षिक, अर्धवार्षिक, प्री-बोर्ड परीक्षा के अधिकतम तीन विषयों तक अंक नहीं होंगे तो उस परीक्षा के शेष विषयों के प्राप्तांक का औसत उन तीन विषयों में दिया जाएगा।

    - यदि परीक्षार्थियों के कक्षा-12 की प्रयोगात्मक परीक्षा/कक्षा-10 के आंतरिक मूल्यांकन के अंक उपलब्ध नहीं हैं तो परीक्षार्थी को उस विषय विशेष में लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित प्रक्रिया से प्राप्त अंक को उस विषय विशेष के पूर्णांक के आधार पर स्केल करके प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दिए जाएंगे।

    -लिखित परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक प्राप्त नहीं होने लेकिन आंतरिक मूल्यांकन/ प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्तीर्ण होने की स्थिति में परीक्षार्थी को बिना अंक के सामान्य प्रोन्नति दी जाएगी।

    -प्रयोगात्मक विषयों में कक्षा 9/10/11/12 के उपलब्ध अंकों को बोर्ड की लिखित परीक्षा के निर्धारित अंकों पर स्केल करके प्रयोगात्मक/ आंतरिक मूल्यांकन के अंक (जो भी लागू होते हैं) से जोड़ा जाएगा।

    -अन्य बोर्डों के परीक्षार्थियों (जिनके पूर्णांक माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 प्रयागराज के संगत विषयों से भिन्न हैं) के प्राप्तांक का आगणन माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्णांक के सापेक्ष स्केल करके किया जाएगा।
    -प्रयोगात्मक विषयों में कक्षा 9/10/11/12 के उपलब्ध अंकों को बोर्ड की लिखित परीक्षा के निर्धारित अंकों पर स्केल करके प्रयोगात्मक/ आंतरिक मूल्यांकन के अंक (जो भी लागू होते हैं) से जोड़ा जायेगा।


    यूपी बोर्ड : 12वीं का नतीजा 50-40-10 के फॉर्मूले से, हाई स्कूल में 50-50 फीसदी के आधार पर मिलेंगे अंक

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रविवार को यह फॉर्मूला जारी किया।

    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की नतीजों का फॉर्मूला तय हो गया है। हाईस्कूल का नतीजा 50-50 व इंटर का 50-40-10 के फॉर्मूले के आधार पर आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रविवार को यह फॉर्मूला जारी किया।


    हाईस्कूूल का नतीजा 9वीं की वार्षिक परीक्षा एवं 10वीं प्री-बोर्ड परीक्षा के 50-50 फीसदी अंक देकर घोषित होगा। वहीं, इंटर के परिक्षार्थियों को 10वीं बोर्ड के 50 फीसदी, 11वीं के 40 फीसदी व 12वीं प्री-बोर्ड के 10 फीसदी अंक के आधार पर अंक दिए जाएंगे।

    नहीं जारी होगी मेरिट
    यूपी बोर्ड में इस बार मेरिट जारी नहीं की जाएगी। जो भी परीक्षार्थी एक या एक से अधिक विषयों में अंक सुधार के लिए परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा में बिना परीक्षा शुल्क के परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। 

    जल्द जारी होगा यूपी बोर्ड का नतीजा
    फॉर्मूला तय होने के बाद यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा का नतीजा जल्द जारी किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रविवार को बताया कि  माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा, कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन, कक्षा 11 की वार्षिक व अर्द्ध वार्षिक परीक्षा, कक्षा 12 की बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा, कक्षा 10 व 12 प्री बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंक निर्धारण का फॉर्मूला भी वेबसाइट पर उपलब्ध है। हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में 29,94,312 और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 26,10,316 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। 

    ऐसे तय होगा इंटरमीडिएट का परिणाम
    - कक्षा-10 बोर्ड परीक्षा के कुल प्राप्तांक के औसत का 50 प्रतिशत। औसत का आगणन कक्षा-10 के संपूर्ण विषयों के कुल प्राप्तांक को कुल विषयों की संख्या अर्थात 6 से विभाजित करके आगणित किया जाएगा।
    - कक्षा-11 की वार्षिक परीक्षा में संबंधित विषय के 100 अंक के पूर्णांक का 40 प्रतिशत अंक।
    - कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा में संबंधित विषय के 100 अंक के पूर्णांक का 10 प्रतिशत अंक।

    ऐसे समझें : यदि परीक्षार्थी ने कक्षा-10 की वार्षिक लिखित परीक्षा में 600 में से 300 अंक प्राप्त किए हैं। तो उसका औसत अंक 300/6= 50 अंक होगा। इसमें से 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसे 25 अंक दिए जाएंगे।  कक्षा-11 में किसी विषय विशेष में यदि उसे 100 अंक में से 60 अंक मिले हैं तो उसका 40 प्रतिशत 24 अंक होगा। इसी प्रकार प्री-बोर्ड परीक्षा से कक्षा-12 में उस विषय में उसे 50 अंक मिले हैं तब उसका 10 प्रतिशत 5 अंक होगा। इस प्रकार उसके कुल अंक 25+24+5=54 अंक होंगे।

    हाई स्कूल के परिणाम का फॉर्मूला
    - कक्षा-9 की 70 अंको की वार्षिक विषयवार लिखित परीक्षा का 50 प्रतिशत अंक।
    -  कक्षा-10 की 70 अंको की प्री-बोर्ड विषयवार लिखित परीक्षा का 50 प्रतिशत अंक।
    - वर्ष 2021 में विद्यालय स्तर पर आयोजित 30 अंको की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के अंक।
    - कक्षा 9वीं, 10वीं प्री-बोर्ड और आंतरिक मूल्यांकन में प्राप्त अंकों को जोड़कर परीक्षार्थी के विषयवार अंकों का निर्धारण किया जाएगा।

    ऐसे समझें : यदि परीक्षार्थी ने कक्षा-9 की वार्षिक लिखित परीक्षा में 70 अंको में से 60 अंक प्राप्त किए हैं तो 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसे 30 अंक दिए जाएंगे। कक्षा-10 की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा में 70 अंको में से 40 अंक प्राप्त किए हैं तो 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसे 20 अंक दिए जाएंगे। आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में यदि 30 में से 28 अंक प्राप्त किए हैं तो संबंधित परीक्षार्थी को उस विषय में कुल अंक 30+20+28=78 अंक प्राप्त होंगे।

    व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का फॉर्मूला अलग होगा
    - यदि परीक्षार्थियों के कक्षा-12 की प्रयोगात्मक परीक्षा/कक्षा-10 के आंतरिक मूल्यांकन के अंक उपलब्ध नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में प्रत्येक परीक्षार्थी को उस विषय विशेष के लिए लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित प्रक्रिया से प्राप्त अंक को उस विषय विशेष के पूर्णांक के आधार पर समानुपातिक रूप से निर्धारण कर  प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक प्रदान किए जाएंगे।

    - इंटरमीडिएट में जिस किसी भी परीक्षार्थी (व्यक्तिगत/संस्थागत) के कक्षा-11 की दोनों परीक्षाओं (वार्षिक परीक्षा व अर्धवार्षिक) अथवा कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा,  हाईस्कूल के जिस किसी भी परीक्षार्थी (व्यक्तिगत/संस्थागत) के कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा एवं/ कक्षा-10 की प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं होंगे उन्हें बिना अंको के सामान्य रूप से प्रोन्नत कर दिया जाएगा।

    - किसी परीक्षार्थी के वार्षिक, अर्धवार्षिक, प्री-बोर्ड परीक्षा के अधिकतम 3 विषयों तक अंक अप्राप्त होने पर उस परीक्षा के शेष विषयों के प्राप्तांक का औसत उन तीन विषयों में दिया जाएगा।

    -  लिखित परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक प्राप्त नहीं होने, लेकिन आंतरिक मूल्यांकन प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्तीर्ण होने की स्थिति में परीक्षार्थी को बिना अंक के सामान्य प्रोन्नति प्रदान की जाएगी।

    - प्रयोगात्मक विषयों में कक्षा 9/10/11/12 के उपलब्ध अंकों को बोर्ड की लिखित परीक्षा के निर्धारित अंकों पर स्केल करके प्रयोगात्मक/आंतरिक मूल्यांकन के अंक (जो भी लागू होते हैं) से जोड़ा जाएगा।
    - अन्य बोर्डों के परीक्षार्थियों, जिनके पूर्णांक माध्यमिक शिक्षा परिषद के विषयों से भिन्न हैं उनके  प्राप्तांक का आगणन माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्णांक के सापेक्ष स्केल करके किया जाएगा।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी प्रमोशन फॉर्मूला को मंजूरी, शीघ्र जारी होगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी प्रमोशन फॉर्मूला को मंजूरी, शीघ्र जारी होगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट

    उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल तथा इंटीमीडिएट परीक्षा 2021 का परिणाम अब शीघ्र ही जारी कर दिया जाएगा। 56 लाख से अधिक विद्यार्थियों का इंजतार सीएम योगी आदित्यनाथ की हरी झंडी के बाद अब समाप्त होने वाला है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर के 56 लाख विद्यार्थियों के प्रोन्नति का फार्मूला घोषित किया गया।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के बाद छात्रों को प्रमोट करने और परिणाम घोषित करने के फॉर्मूले की मंजूरी दे दी। उपमुख्यमंत्री तथा प्रदेश के माध्यमिक व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि कुल 29 श्रेणियों के फॉर्मूला तय किया गया है, जिसके तहत अब रिजल्ट बनने हैं। सभी फॉर्मेट पर काम चल रहा है, इसी कारण अब विलंब नहीं होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद अब यह गति पकड़ लेगा।

    हाईस्कूल में प्रमोट करने के लिए छात्र-छात्रा के कक्षा नौ के 50 प्रतिशत तथा कक्षा दस के प्री-बोर्ड के 50 प्रतिशत नम्बर को जोड़कर प्रमोशन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। इसी प्रकार से इंटरमीडिएट में प्रमोशन के लिए छात्र-छात्रा के हाईस्कूल के 50 प्रतिशत, कक्षा 11 के 40 प्रतिशत और कक्षा 12 के प्री-बोर्ड के 10 प्रतिशत नम्बर का औसत निकालकर प्रमोशन किया जाएगा।

    उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इस बार कक्षा दस तथा 12वीं की परीक्षाओं को रद किया गया था। अब फॉमूला निकाल लिया गया है। इसके तहत कुल 29 श्रेणियों के अलग-अलग फॉर्मूला तय किया गया है। इंटर के परीक्षा परिणाम के लिए हाईस्कूल के 50 प्रतिशत, कक्षा 11 की वाॢषक परीक्षा के 40 प्रतिशत और कक्षा 12 के प्री बोर्ड के 10 प्रतिशत मार्क्स को आधार बनाकर रिजल्ट घोषित किया जाएगा।


    डॉ. शर्मा ने बताया कि इस फॉर्मूला को तय करने में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधि, शिक्षाविदों, प्रधानाचार्य परिषद, माध्यमिक शिक्षक संघों, अभिभावक संघों तथा समस्त हित धारकों की राय के साथ ही साथ विशिष्ट ई-मेल आईडी पर सामान्य जन तथा छात्र/छात्राओं से मिले सुझाव पर विचार किया गया। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने परिणाम का ड्राफ्ट तैयार किया है। परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए गठित कमेटी को प्रदेश भर से 3910 सुझाव मिले थे। इस दौरान जब परिस्थितियां सामान्य होंगी तो इच्छुक परीक्षार्थी परीक्षा देकर अपना परिणाम सुधार सकेंगे। परीक्षार्थियों से लिया गया परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।



    हाईस्कूल के लिए कक्षा नौ के 50 प्रतिशत और हाईस्कूल की प्री-बोर्ड परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक को आधार बनाकर रिजलट घोषित होगा। डिप्टी सीएम शर्मा ने बताया कि जो भी छात्र इससे संतुष्ट नहीं होंगे वो बाद में परीक्षा देकर अंक में सुधार करा सकेंगे। इस बार परीक्षा नहीं हुई है इसलिए इस बार कोई मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाएगी। जुलाई में अंक तालिकाएं जारी की जाएगी। उच्च शिक्षण संस्थाओं में एडमिश मिल पाए इसके लिए 24 जून को सभी कुलपतियों के साथ वर्चुअल माध्यम बैठक होगी। जिसमें सरकार की तरफ से उन्हेंं निर्देश दिए जाएंगे।


    इंटर परीक्षाफल का फॉर्मूला 

    इटरमीडिएट परीक्षा में पांच विषय वर्ग मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि तथा व्यवसायिक वर्ग में परीक्षाएं सम्पादित होती हैं। इन विषय वर्ग में कई विषय ऐसे हैं जिनमें प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी सम्पादित होती हैं। 2021 की परीक्षा के अंको के निर्धारण के लिए बोर्ड की वेबसाईट पर परीक्षार्थियों के कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा, कक्षा-11 की वार्षिक या अर्धवार्षिक परीक्षा तथा कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा एवं प्रयोगात्मक विषयों के अंक उपलब्ध हैं। इन अंको आधार पर वर्ष 2021 की इंटर परीक्षा के परीक्षार्थियों के अंकों के निर्धारण का फार्मूला बना है। गैर प्रयोगात्मक विषय (अर्थात जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं नही होती है) जिनका पूर्णांक 100 अंको का होता है।



    1-कक्षा-10 बोर्ड परीक्षा के कुल प्राप्तांक के औसत का 50 प्रतिशत। औसत का आगणन कक्षा-10 के सम्पूर्ण विषयों के कुल प्राप्तांक को कुल विषयों की संख्या अर्थात 6 से विभाजित करके आगणित किया जायेगा।
    2-कक्षा-11 की वार्षिक परीक्षा में सम्बंधित विषय विशेष के 100 अंक के पूर्णांक का 40 प्रतिशत अंक।
    3-कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा में संबंधित विषय विशेष के 100 अंक के पूर्णांक का 10 प्रतिशत अंक।
    इन सभी के अनुसार प्राप्त तीनो अंको को जोड़कर संबंधित परीक्षार्थी के विषयवार अंको का निर्धारण किया जायेगा। उदाहरण के लिए यदि परीक्षार्थी ने कक्षा-10 की वार्षिक लिखित परीक्षा में 600 में से 300 अंक प्राप्त किये हैं तब उसका औसत अंक 300/6=50 अंक होगा। इसमें से 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसे 25 अंक देय होगा। कक्षा-11 में किसी विषय विशेष में यदि उसे 100 अंक में से 60 अंक मिले हैं तब उसका 40 प्रतिशत 24 अंक होगा। इसी प्रकार प्रीबोर्ड परीक्षा से कक्षा-12 में उस विषय में उसे 50 अंक मिले हैं तब उसका 10 प्रतिशत 5 अंक होगा। इस प्रकार उसके कुल अंक 100 में 25+24+5=54 होगे।



    हाईस्कूल परीक्षाफल का फॉर्मूला

    कक्षा दस के लिए - कक्षा 9 के 50 प्रतिशत तथा कक्षा 10 प्री-बोर्ड के 50 प्रतिशत अंक निर्धारित होंगे। हाईस्कूल परीक्षा में 70 अंको की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा कुल 100 अंकों की सम्पादित होती है। वर्ष 2021 की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के अंक बोर्ड की वेबसाईट पर अपलोड हैं। इसके साथ ही कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा के अन्तर्गत सम्पादित 70 अंको की लिखित परीक्षा तथा कक्षा-10 की 70 अंक की लिखित प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक बोर्ड की वेबसाईट पर अपलोड है। जिनके आधार पर वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा के परीक्षार्थियों के अंकों का निर्धारण का फार्मूला निम्नवत है।

    1-कक्षा-9 की 70 अंकों की वार्षिक विषयवार लिखित परीक्षा का 50 प्रतिशत अंक।
    2-कक्षा-10 की 70 अंक की प्री-बोर्ड विषयवार लिखित परीक्षा का 50 प्रतिशत अंक।
    3-वर्ष 2021 में विद्यालय स्तर पर सम्पादित 30 अंक की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के अंक। इन सभी के औसत के पश्चात प्राप्त तीनों अंकों को जोड़कर संबंधित परीक्षार्थी के विषयवार अंको का निर्धारण होग। उदाहरणार्थ- यदि परीक्षार्थी को कक्षा-9 की वार्षिक लिखित परीक्षा में 70 में से 60 अंक मिले हैं तो 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसके 30 अंक लिए जायेंगे। कक्षा-10 की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा में 70 में से 40 अंक पाए हैं तब 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसके 20 अंक लिए जायेंगे। आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा में यदि उसने 30 में से 28 अंक पायें हैं तब सम्बंधित परीक्षार्थी को कुल अंक 100 में से 30+20+28=78 अंक प्राप्त होंगे।

    Sunday, June 20, 2021

    चयन वेतनमान निर्धारण करने की लंबित समस्या के शीघ्र निस्तारण हेतु सांसद व शिक्षक विधायक ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र

    चयन वेतनमान निर्धारण करने की लंबित समस्या के शीघ्र निस्तारण हेतु सांसद व शिक्षक विधायक ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र







    यूपी : जानिए कब से शुरू होंगी राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, जारी हुआ कार्यक्रम

    यूपी : जानिए कब से शुरू होंगी राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, जारी हुआ कार्यक्रम


    16 राज्य विश्वविद्यालयों ने जारी किया परीक्षा कार्यक्रम


    लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की स्नातक स्तर की परीक्षाएं 2 से 12 अगस्त तक होगी। वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या की स्नातक एवं स्नातकोतर परीक्षाएं 21 जुलाई से 13 अगस्त तक होंगी। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के आधार पर प्रदेश के 15 राज्य विश्वविद्यालयों ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में

    लखनऊ विवि की परीक्षाएं 2 से 12 अगस्त तक होगी

    स्नातक स्तर की परीक्षाएं विषयवार प्रश्न पत्रों को संकलित कर वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र के आधार पर कराई जाएगी। स्नातक स्तर की परीक्षा 2 से 12 अगस्त तक होगी। कला, वाणिज्य, विज्ञान शिक्षा एवं ललित कला संकाय की प्रथम सेमेस्टर दिसंबर 2020 की परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है। प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को उनके आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जाएगा।



    CBSE : मूल्यांकन से असंतुष्ट होने पर परीक्षा 15 सितंबर से पूर्व, मुख्य विषयों की परीक्षा कराने की बनाई जा रही है योजना

    CBSE : मूल्यांकन से असंतुष्ट होने पर परीक्षा 15 सितंबर से पूर्व, मुख्य विषयों की परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है।

    कंपार्टमेंट परीक्षा का परिणाम भी शीघ्र निकाला जाएगा



    नई दिल्ली : ऐसे छात्र जो सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली से खुश नहीं हैं, उनके लिए बोर्ड 15 सितंबर से पहले परीक्षा आयोजित करेगा।

    सीबीएसई ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि जो लोग परीक्षा देना चाहते हैं, उनके लिए और कंपार्टमेंट वाले छात्रों को 15 सितंबरके पहले परीक्षा आयोजित की जाएगी ।

    डॉ. संयम ने बताया कि कंपार्टमेंट के के कुछ मुख्य विषयों की परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है, उनका परीक्षा परिणाम भी शीघ्र निकाल दिया जाएगा, ताकि उनको किसी तरह की परेशानी न हो। यदि वह किसी विश्वविद्यालय में दाखिला लेना चाहते हैं तो ले सकें। छात्र यदि 33 फीसदी अंक थ्योरी में नहीं अर्जित कर पाए तो वह कंपार्टमेंट में रखे जाएंगे।

    Saturday, June 19, 2021

    CTET जुलाई 2021 परीक्षा : सीबीएसई 20 जून तक जारी कर सकती है अधिसूचना

    CTET जुलाई 2021 परीक्षा : सीबीएसई 20 जून तक जारी कर सकती है अधिसूचना


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  20 जून तक केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में अधिसूचना जारी कर सकता है।


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के संबंध में अधिसूचना जारी कर सकता है। बताया जा रहा है कि सीबीएसई 20 जून तक सीटीईटी परीक्षा को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सीटीईटी परीक्षा 2021 को लेकर किसी भी तरह के नए अपडेट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर नजर बनाए रखें। ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि कोरोना वायरस महामारी के बीच सीटीईटी परीक्षा स्थगित हो सकती है।


    बता दें कि जैसे ही इस परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी होगी वैसे ही आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। पिछले साल सीटीईटी परीक्षा का आयोजन 4 जुलाई को होना था, लेकिन कोरोना के कारण उस वक्त इस परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था जो कि बाद में इस साल 31 जनवरी को आयोजित हुआ था। यह परीक्षा 31 जनवरी को 135 शहरों में आयोजित की गई थी। इस बार भी कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति के कारण यह परीक्षा स्थगित हो सकती है।

    TGT - PGT - मेधा से चयन, नियुक्ति DIOS की ‘कृपा’ पर अटकी

    TGT - PGT - मेधा से चयन, नियुक्ति DIOS की ‘कृपा’ पर अटकी

    ★ विडंबना
    ■ माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनितों को नहीं मिल रही नियुक्ति
    ■ जिला विद्यालय निरीक्षकों की संस्तुति पर जैसे-तैसे समायोजन


    अजीब विडंबना है, जिला विद्यालय निरीक्षक ही एडेड माध्यमिक कालेजों में रिक्त पदों का अधियाचन भेजते हैं, लेकिन चयन बोर्ड से उन पदों के लिए चयनित अभ्यर्थी को जब संबंधित कालेज में कार्यभार ग्रहण करने भेजा जाता है तो उसे पद खाली नहीं कहकर वापस लौटाया जा रहा है। 2016 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक व प्रवक्ता (टीजीटी-पीजीटी) भर्ती में ही ऐसे चयनितों की तादाद 300 से अधिक है, जो मेधा के दम पर चयनित होकर भी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। उनकी नियुक्ति अब डीआइओएस की ‘कृपा’ पर निर्भर है।


    माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों का चयन करता आ रहा है। 2016 टीजीटी-पीजीटी भर्ती के अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा फरवरी व मार्च 2019 में कराई गई। साक्षात्कार के बाद सफल अभ्यर्थियों को संबंधित कालेजों में नियुक्ति के लिए भेजा गया। विभिन्न जिलों में पहुंचे 322 अभ्यर्थियों को कालेजों ने यह कहकर लौटा दिया कि संबंधित पद खाली नहीं है।


     इन अभ्यर्थियों ने चयन बोर्ड में प्रत्यावेदन सौंपकर दूसरे कालेजों में खाली पदों पर समायोजित करने की मुहिम शुरू की। चयन बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से समायोजन के विकल्प मांगकर दो दिन पहले 72 चयनितों को उसी जिले के दूसरे कालेज आवंटित कर दिया है। करीब 250 से अधिक चयनित नियुक्ति मिलने की राह देख रहे हैं। उनका समायोजन कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक संस्तुति नहीं भेज रहे हैं। यह हाल तब है, जब कालेजों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। 


    जिला विद्यालय निरीक्षकों की दलील है कि वे रिक्त पदों का ब्योरा 2021 टीजीटी-पीजीटी चयन के लिए भेज चुके हैं, उन पदों पर नियुक्ति देंगे तो फिर यही समस्या आने वाले चयनित के सामने खड़ी हो जाएगी। चयन बोर्ड ने विज्ञप्ति जारी करके स्पष्ट किया है कि उन्हीं को समायोजित करेगा, जिनका प्रस्ताव जिला विद्यालय निरीक्षक भेजेंगे। नियमावली 1998 के नियम 13 (5) में यह व्यवस्था है कि जहां बोर्ड की ओर से चयनित अभ्यर्थी रिक्ति की अनुपलब्धता या किसी अन्य कारण से आवंटित संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं, वहां जिला विद्यालय निरीक्षक ऐसे अभ्यर्थी के समायोजन के लिए बोर्ड को संस्तुति करेंगे। संस्तुति मिलने पर बोर्ड अभ्यर्थी को दूसरी संस्था आवंटित करेगा।

    परिषदीय स्कूलों में सरल एप से हर 15 दिन में हो सकेगा बच्चों की पढ़ाई का मूल्यांकन

    परिषदीय स्कूलों में सरल एप से हर 15 दिन में हो सकेगा बच्चों की पढ़ाई का मूल्यांकन

    परिषदीय स्कूलों के छात्रों की शैक्षिक दक्षता अब रियल टाइम में परखी जा सकेगी, समय व संसाधन की होगी बचत


    लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का अब नियमित तौर पर मूल्यांकन करने की तैयारी है। इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग इसके लिए सरल एप का इस्तेमाल करेगा। अभी परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आकलन अर्ध वार्षिक और वार्षिक परीक्षा के माध्यम से साल में दो बार करने की व्यवस्था है।


    परीक्षा के बाद बच्चों की आंसर शीट इकट्ठा कर ब्लाक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती है। वहां उनका मूल्यांकन होता है। फिर बच्चों के रिजल्ट की डाटा फी¨डग होती है। इन परीक्षाओं के आयोजन में काफी समय लगता है। बच्चों के सीखने समझने के स्तर का मूल्यांकन अब एसेसमेंट टेस्ट के जरिये हर 15 दिन में किया जा सके, बेसिक शिक्षा विभाग इसकी योजना बना रहा है। इस काम में आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सरल मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा।

    69000 भर्ती में रिक्त पद भरने के लिए तीसरे चरण की तैयारी, 68500 शिक्षक भर्ती के 103 अभ्यर्थियों की सुध अब तक नहीं

    69000 भर्ती में रिक्त पद भरने के लिए तीसरे चरण की तैयारी,  68500 शिक्षक भर्ती के 103 अभ्यर्थियों की सुध अब तक नहीं


    ■ यह भी देखें : 


    सितंबर, 2020 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद देख रहे राह
    शिक्षक भर्ती के पुनमरूल्यांकन में हुए थे उत्तीर्ण


    प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में रिक्त पद भरने के लिए तीसरे चरण की काउंसिलिंग कराने की तैयारी में है। वहीं, इसके पहले हुई 68,500 शिक्षक भर्ती के उन अभ्यर्थियों की सुधि नहीं ली जा रही, जो पुनमरूल्यांकन में उत्तीर्ण हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र देने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक नौ माह बीत चुके हैं। अभ्यर्थी परिषद मुख्यालय से लेकर बेसिक शिक्षा के अफसरों का चक्कर काट रहे हैं।


    परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के लिए 2018 में 68500 भर्ती की लिखित परीक्षा कराई गई थी। उस समय परीक्षा उत्तीर्ण करने व दोबारा मूल्यांकन में उत्तीर्ण होने वालों को नियुक्ति दी जा चुकी है, लेकिन पुनर्मूल्यांकन में उत्तीर्ण 103 उत्तीर्ण अभ्यर्थी अब तक राह देख रहे हैं। इस बाबत नरेंद्र कुमार चतुर्वेदी बनाम अन्य के संबंध में हाईकोर्ट से 18 सितंबर 2020 को आदेश हुआ। इसमें कहा गया था रिजल्ट देने के चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र दिया जाना चाहिए। सरकार ने इसमें हलफनामा भी दिया था कि एक बार फिर से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने के बाद परिणाम के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।


    अभ्यर्थियों का दावा है कि इस मामले में शीर्ष कोर्ट तक गुहार लगाई गई और सुप्रीम कोर्ट राधा देवी कीयाचिका में आए निर्णय की रिव्यू याचिका भी खारिज कर चुका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार साथियों से जूनियर होते जा रहे हैं। अभ्यर्थी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से नियुक्ति के लिए मुहिम भी चला रहे हैं।

    शिक्षकों के 51112 पदों पर भर्ती शुरू करने की अभ्यर्थियों ने की मांग

    शिक्षकों के 51112 पदों पर भर्ती शुरू करने की अभ्यर्थियों ने की मांग

    प्रयागराज : डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा की शुक्रवार को हुई ऑनलाइन बैठक में | परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त 51112 पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग उठी। प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले 4 वर्षों से कोई नई भर्ती नहीं हुई है। जो 68500 और 69000 शिक्षक भर्ती हुई है वह | शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द होने की वजह से हुई थी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में | हलफनामा देकर स्वीकारा है कि शिक्षकों के 51112 पद खाली है। इस पर भर्ती शुरू होनी चाहिए ताकि लगभग 10 लाख प्रशिक्षु डीएलएड, बीटीसी, शिक्षामित्र, बीएड बेरोजगारों को अवसर मिल सके। बैठक में विक्रांत प्रताप सिंह, बृजेश यादव, अश्विनी तिवारी, विशु यादव, सौरभ मनोज यादव, विनीत आदि रहे।

    12वीं बोर्ड के नतीजे : मूल्यांकन में जुड़ेंगे प्रायोगिक परीक्षा के पूरे अंक

    12वीं बोर्ड के नतीजे : मूल्यांकन में जुड़ेंगे प्रायोगिक परीक्षा के पूरे अंक

    ■ कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल अंकों को नहीं बनाया जाएगा आधार
    ■ 12वीं में विषय बदलने पर 11वीं के विषय को बनाया जाएगा मूल्यांकन का आधार
    ■ 12वीं के आंतरिक परीक्षाओं में शामिल न होने वाले छात्रों से नहीं ली जाएगी परीक्षा


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के नए फॉर्मूले के तहत 12वीं कक्षा के छात्रों को प्रैक्टिकल अंकों में राहत मिलेगी। बोर्ड ने 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल अंकों से नए फॉर्मूले को बाहर रखा है। इससे हिसाब से जितने नंबर का प्रैक्टिकल है उसके पूरे नंबर ही जोड़ जाएंगे जबकि कक्षा 10वीं और 11वीं की थ्योरी में 30-30 फीसदी और 12वीं में यह फॉर्मूला 40 फीसदी पर तय किया गया है। इससे उन छात्रों को अंक बढ़ोत्तरी का बेहतर अवसर मिलेगा, जिन्हें विषयों की थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिल की भी अच्छी समझ होगी। 


    बोर्ड ने नए फॉर्मूले के तहत 30-30-40 फीसदी का प्रावधान किया है। यानि यदि थ्योरी 80 नंबर की है तो प्रैक्टिकल अंक 20 नंबर के रहेंगे। लेकिन, 30 फीसदी के मुताबिक 10वीं और 11वीं में छात्र को थ्योरी के 24-24 अंक और 12वीं में 32 अंकों में से मूल्यांकन किया जाएगा। दूसरी ओर प्रैक्टिकल के 20 अंक पूरी तरह से जोड़े जाएंगे और 20 अंकों में से छात्र को उसके प्रैक्टिकल में प्रदर्शन के आधार पर अंक मिलेंगे। वहीं, यदि थ्योरी के लिए 70 अंक निर्धारित हैं तो 10वीं और 11वीं में 21-21 अंक और 12वीं में 28 अंकों में से अंकों का मूल्यांकन होगा। लेकिन, प्रैक्टिल के कुल अंक 30 ही रहेंगे।  


    कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल के अंकों का नहीं बनाया जाएगा आधार
    सीबीएसई ने नए फॉर्मूले के तहत कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल अंकों को आधार नहीं बनाने का निर्णय लिया है। केवल थ्योरी को ही तवज्जों देते हुए 30 फीसदी अंकों के साथ मूल्यांकन होगा। दूसरी ओर कक्षा 10वीं में भी प्रैक्टिकल विषय न होने के कारण इसे नए फॉर्मूले से दूर रखा गया है। यानि इससे उन छात्रों को सीधा लाभ पहुंचेगा जिन्होंने कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन कक्षा 12वीं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंक हासिल किए होंगे। 

    12वीं में विषय बदलने पर 11वीं के विषय को बनाया जाएगा मूल्यांकन का आधार
    कई ऐसे छात्र भी होते हैं जो 11वीं में विषय पसंद न आने पर 12वीं कक्षा में पहुंच विषय बदल लेते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें बोर्ड से भी मंजूरी लेनी होती है। ऐसे छात्रों के मूल्यांकन के लिए भी बोर्ड ने प्रावधान किया है। बोर्ड के मुताबिक, जिन छात्रों ने कक्षा 12वीं में विषय बदला होगा उनके लिए कक्षा 11वीं में बेस्ट तीन विषयों का मूल्यांकन के तहत उसी विषय को 12वीं के लिए भी जोड़ लिया जाएगा। इससे एक ही विषय के अंक दूसरी कक्षा में भी जुड़ सकेंगे। 

    दूसरे राज्यों के बोर्ड से पढ़े 10वीं के छात्रों के अपलोड करने होंगे अंक
    सीबीएसई ने स्कूल कमेटियों को उन छात्रों के लिए सुविधा दी है जो सीबीएसई से 10वीं तक पढ़े हुए हैं। ऐसे छात्रों के लिए स्कूलों को अलग से पोर्टल पर अंक अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, सीबीएसई के पास पहले से ही ऐसे छात्रों के अंक उपलब्ध होंगे। हालांकि, ऐसे छात्रों की संख्या भी अधिक है जो यूपी बोर्ड, एमपी बोर्ड व अन्य राज्यों से 10वीं कक्षा पढ़े हुए होते हैं। ऐसे छात्रों के लिए सीबीएसई पोर्टल पर लिंक उपलब्ध कराएगा। इस लिंक पर अंकों को अपलोड करना होगा। वहीं, यदि छात्रों के अंक मूल्याकंन फॉर्मूला का पालन नहीं कर रहे हैं तो स्कूल कमेटी की जिम्मेदारी उन्हें ठीक करने की होगी। 


    12वीं के आंतरिक परीक्षाओं में शामिल न होने वाले छात्रों से नहीं ली जाएगी परीक्षा
    कक्षा के 12वीं के जो छात्र किसी कारणवश पूरे वर्ष स्कूल में आंतिरक मूल्यांकन के लिए किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके हैं। ऐसे छात्रों को दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, सीबीएसई ऐसे छात्रों का कक्षा 10वीं और 11वीं के आधार पर ही मूल्यांकन करेगा। इसके लिए बोर्ड बहुविकल्पिय मूल्यांकन का तरीका अपनाएगा।

    प्रैक्टिकल अंक सूची
    थ्योरी        10वीं            11वीं            12वीं                12वीं
            (30फीसदी)  (30फीसदी)     (40फीसदी)        (प्रैक्टिकल)
    80       24                24                 32                  20
    70       21                 21                 28                  30
    60       18                  18                24                  40
    50        15                 15                 20                 50
    30        09                  09                12                  70


    माध्यमिक विद्यालयों में तबादले को जुलाई में होंगे ऑनलाइन आवेदन, चार दशक में पहली बार होगा ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर

    राजकीय महाविद्यालय में ऑनलाइन होगा स्थानांतरण - डॉ. दिनेश शर्मा

    उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रवक्ताओं के लिए पारदर्शी ऑनलाइन स्थानांतरण नीति लागू की गई है। वर्तमान स्थानांतरण सत्र के लिए वास्तविक उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष ऑनलाइन आवेदन में विकल्प प्राप्त करने की अंतिम तिथि 28 जून 2021 निर्धारित की गई है।


    डॉ. शर्मा ने बताया कि स्थानांतरण नीति में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उपयुक्त प्राचार्यों एवं प्रवक्ताओं को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के राजकीय महाविद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। स्थानांतरित प्राचार्यों एवं प्रवक्ताओं को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाएगा और वे अपने लॉगिन अकाउंट से स्थानांतरण आदेश प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कार्य संतुष्टि को अधिकतम करने तथा स्थानांतरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय के लिए यह स्थानांतरण नीति लागू की गई है।


    माध्यमिक विद्यालयों में तबादले को जुलाई में होंगे ऑनलाइन आवेदन, चार दशक में पहली बार होगा ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर

    प्रयागराज : प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के तबादले के लिए जुलाई के पहले सप्ताह • सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में ऑनलाइन आवेदन लेने की तैयारी है। के शिक्षकों को इंतजार शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने आवेदन के लिए तैयार सॉफ्टवेयर का डेमो देखा है। उसमें कुछ कमियां हैं जिसे दूर करते हुए जुलाई प्रथम सप्ताह से आवेदन लिए जाएंगे।


    पहली बार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन तो दो महीने पहले ही लेने की योजना थी लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण टालना पड़ गया। अब शासन से स्थानान्तरण की अनुमति मिलने के बाद फिर से सक्रियता बढ़ी है। इसी के साथ स्थानांतरण की पिछले चार दशकों से चली आ रही 9 चरणों वाली जटिल और भ्रष्ट व्यवस्था से शिक्षकों को छुटकारा मिल जाएगा।

    पुरानी व्यवस्था में स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षक को अपने पसंद के जिले में खाली पद को खुद ढूंढना पड़ता था। उसके बाद शिक्षक को दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक, दोनों जिलों के डीआईओएस, फिर दोनों मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय से अनापत्ति लेते हुए अपर निदेशक माध्यमिक कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था। इस में कदम कदम पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रहती थीं।


    राजकीय शिक्षकों का भी होगा ऑनलाइन ट्रांसफर

    प्रयागराज : अपर शिक्षा निदेशक राजकीय ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के स्वीकृत कार्यरत एवं रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को बुधवार को भेजे पत्र में लिखा है कि 15 जुलाई से पहले स्थानान्तरण पूरे हो जाने हैं। ट्रांसफर ऑनलाइन मेरिट आधारित प्रणाली से होंगे।


    CBSE Class XII Result 2021 : 12वीं परीक्षा परिणाम की तैयारियों को लेकर सीबीएसई ने स्कूलों को भेजा लेटर, दिए ये निर्देश

    CBSE Class XII Result 2021 : 12वीं परीक्षा परिणाम की तैयारियों को लेकर सीबीएसई ने स्कूलों को भेजा लेटर, दिए ये निर्देश

    CBSE Class XII Result 2021: सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 12 के परिणाम जारी करने की तैयारियों को लेकर स्कूल प्रधानाचार्यों/प्रमुखों को लेटर भेजा है। बोर्ड ने अपने लेटर में कहा है कि निर्धारित टैबुलेशन ऑफ मार्क्स पॉलिसी के अनुसार, बोर्ड परीक्षा 2021 का रिजल्ट तैयार करने को लेकर 17 जून 2021 को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसी सबंध में सीबीएसई ने स्कूलों व रिजल्ट कमिटी की मदद करने का फैसला किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक आईटी सिस्टम (Portal) विकसित किया गया है जो मार्क्स कैल्कुलेशन में मदद करेगा। यह सिस्टम सभी स्कूलों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह सिस्टम 10वीं कक्षा का रिजल्ट भी तैयार करेगा। 


    किसी भी स्कूल को रिजल्ट से जुड़ी कोई दिक्क्त न हो इसके लिए लगातार सीबीएसई स्कूलों के संपर्क में रहेगा। 10वीं, 12वीं का रिजल्ट तैयार करने में जुटे  स्कूलों की मदद के लिए हेल्पडेस्क भी बनाई जाएगी। सीबीएसई के इसके अलावा स्कूलों के लिए कुछ जरूरी निर्देश भी दिए हैं।

    12वीं रिजल्ट को लेकर स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश:

    1 - जिन छात्रों ने 10वीं की परीक्षा दूसरे बोर्ड से पास की हैं उनके लिए 10वीं में सिर्फ थ्योरी के मार्क्स जोड़े जाएंगे। स्कूलों को एक मार्क्स साफ्ट कॉपी/डिजिटल फॉर्मेट में पहले सही रेडी रखना होगा।
    2 - कक्षा 11 फाइनल के मार्क्स की शॉफ्ट कॉपी भी रेडी रखनी होगी।
    3- इसी प्रकार से कक्षा 12 के प्रस्तावित यूनिट टेस्ट, मिट टर्म और प्री बोर्ड पर आधारित फाइनल थ्योरी मार्क्स भी डिजिटल फॉम में रखने होंगे।
    4- एक पोर्टल स्कूलों को उपलब्ध कराया जाएगा में जिसमें जिसमें छात्रों के रोल नंबर, बोर्ड, साल आदि से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। यह पोर्टल 21-06-2021 से स्कूलों को मिल जाएगा।

    Friday, June 18, 2021

    BEd Distance and Online : डिस्टेंस एजुकेशन से करना चाहते हैं बीएड तो जानें विस्तार से

    BEd Distance and Online : डिस्टेंस एजुकेशन से करना चाहते हैं बीएड तो जानें विस्तार से

    शिक्षक की नौकरी पाने के लिए बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) की डिग्री जरूरी


    BEd Distance and Online एक शिक्षक के रूप में नौकरी पाने के लिए आपके पास बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) की डिग्री होनी चाहिए। बीएड की डिग्री आपके लिए टीचिंग जॉब के द्वार खोलती है। वहीं भारत में डिस्टेंस एजुकेशन से बीएड कोर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।


    BEd Distance and Online: भारत में सबसे सम्मानजनक और सुरक्षित नौकरियों में से एक शिक्षण कार्य को माना जाता है। एक शिक्षक के रूप में नौकरी पाने के लिए आपके पास बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) की डिग्री होनी चाहिए। बीएड की डिग्री आपके लिए टीचिंग जॉब के द्वार खोलती है। वहीं, भारत में डिस्टेंस एजुकेशन से बीएड कोर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि बहुत से युवा जॉब करते हुए बीएड डिग्री हासिल करना चाहते हैं।


    बैचलर्स ऑफ एजुकेशन दो वर्ष का एक कोर्स है, हालांकि कुछ यूनिवर्सिटी 1 साल का बीएड डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स भी पूरा कराती हैं। बता दें कि बीएड एक ऐसा पाठ्यक्रम है, जो आपको नैतिक मूल्यों से लेकर संवेदनशीलता और जिम्मेदारियों के बारे में वह सब कुछ सिखाता है जो एक शिक्षक को जानने की जरूरत होती है। वर्तमान में, विभिन्न यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट बीएड के लिए डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन कोर्स की पेशकश करते हैं, लेकिन आपको अपनी पसंद का कॉलेज चुनना चाहिए और अपनी पसंद की स्ट्रीम लेनी चाहिए।


    डिस्टेंस एजुकेशन से बीएड कोर्स की पेशकश करने वाले ये हैं शीर्ष विश्वविद्यालय/संस्थान

    ● इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी

    ● स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी

    ● मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी

    ● जामिया मिलिया इस्लामिया

    ● अन्नामलई यूनिवर्सिटी

    ● नेशनल करेस्पॉन्डेंस कॉलेज

    ● महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी

    ● यूपी राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी

    ● रबिन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी

    ● मध्य प्रदेश भोज ओपन यूनिवर्सिटी

    ● जेएस यूनिवर्सिटी

    ● डायरेक्टरेट ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन, यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू

    ● डायरेक्टरेट ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी


    ये होनी चाहिए बीएड के लिए योग्यता

    बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स को न्यूनतम 50 प्रतिशत मार्क्स के साथ स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए।


    ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के भी हैं विकल्प

    यदि आप ऑनलाइन मोड में शार्ट टर्म टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते हैं, तो भी आपके लिए विकल्प हैं। बता दें कि विभिन्न एजुकेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी, वेबसाइट या ओपन ऑनलाइन कोर्स प्रोवाइडर हैं, जो शॉर्ट टर्म के लिए ऑनलाइन टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्स कराते हैं। इनमें से प्रसिद्ध नाम, Coursera, edX, Alison, AcademicEarth, Udemy, FutureLearn आदि शामिल हैं। कोर्स के अनुसार, विस्तृत जानकारी संबंधित प्रोवाइडर की वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकेंगे।

    12वीं के लिए 30-30-40 का फार्मूला, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी CBSE-ICSE 31 जुलाई तक घोषित करेंगे परिणाम

    12वीं के लिए 30-30-40 का फार्मूला, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी CBSE-ICSE 31 जुलाई तक घोषित करेंगे परिणाम



    12वीं की बोर्ड परीक्षा रद होने के बाद सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और आइसीएसई (इंडियन सर्टिफिकेट आफ सेकेंडरी एजुकेशन) ने गुरुवार को इसके आकलन का फामरूला भी जारी कर दिया। इसके तहत 12वीं का रिजल्ट 10वीं, 11वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड तक के प्रदर्शन को आधार बनाकर तैयार किया जाएगा। इनमें 10वीं और 11वीं के 30-30 फीसद और 12वीं के 40 फीसद अंक शामिल किए जाएंगे। 12वीं का रिजल्ट 31 जुलाई को घोषित हो जाएगा।


    सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सीबीएसई और आइसीएसई ने 12वीं के आकलन का यह फामरूला पेश किया। कोर्ट ने भी अपनी सहमति जताई। साथ ही स्थिति सामान्य होने पर परीक्षा के विकल्प देने का निर्देश दिया। इस बीच, कोर्ट ने अभिभावकों की ओर से परीक्षा कराने को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई छात्र घोषित किए गए अंतिम परिणाम में संशोधन कराना चाहे तो ऐसे मामलों में विवाद के समाधान का भी इसमें प्रविधान किया जाना चाहिए। बताया जाए कि वैकल्पिक परीक्षा की समय सारिणी कब घोषित की जाएगी। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रों का 12वीं का अंतिम परिणाम परीक्षा में अर्जित अंकों को ही माना जाएगा।


    10वीं, 11वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड को आधार बनाकर रिजल्ट तैयार होगा। ं 10वीं और 11वीं के 30-30 फीसद और 12वीं के 40 फीसद अंक होंगे। 12वीं के आकलन में यूनिट टेस्ट, मिड-टर्म और प्री-बोर्ड को आधार बनाया जाएगा। जबकि 11वीं की फाइनल परीक्षा के थ्योरी के और 10वीं के पांच विषयों में से किन्ही तीन विषयों के थ्योरी के प्रदर्शन के औसत को शामिल किया जाएगा। सीबीएसई ने आकलन का आधार तीन कक्षाओं के प्रदर्शन पर रखा है, तो आइसीएसई ने पिछले छह साल के प्रदर्शन को इसमें शामिल किया है।


    12वीं के छात्रों के नतीजे तैयार करने के लिए सीबीएसई की नीति और प्रक्रिया की सिफारिश करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद! व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस नीति को अपनाया है जो छात्रों के हित में है। - रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री


    ’>>इसी फामरूले के आधार पर 10वीं, 11वीं और 12वीं के अंक किए जाएंगे शामिल

    ’>>स्थिति सामान्य होने पर इच्छुक छात्र परीक्षा दे सकेंगे, तब यह परिणाम अंतिम होगा

    अब PhD, NET, SET क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढना होगा आसान, UGC ने शुरू किया जॉब पोर्टल

    अब PhD, NET, SET क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढना होगा आसान, UGC ने शुरू किया जॉब पोर्टल

    विवि की नौकरियों के लिए नहीं भटकना होगा


    नई दिल्ली: नौकरी की तलाश में जुटे छात्रों के साथ विश्वविद्यालयों की भी मदद के लिए अब यूजीसी आगे आया है। यूजीसी ने फिलहाल इसे लेकर एक ऐसा जॉब पोर्टल तैयार किया है। इसमें छात्रों को विश्वविद्यालयों से जुड़े सभी खाली पदों का ब्योरा मिलेगा।।

     इसकी मदद से वह संबंधित विश्वविद्यालयों में आसानी से आवेदन कर सकेगा। यूजीसी ने इसके साथ ही पहले से संचालित एकेडमिक जॉब पोर्टल को भी इसे जोड़ने का फैसला भी लिया है।

    यूजीसी ने यह पहल ऐसे समय की है, जब विश्वविद्यालयों में टीचिंग और नान- टीचिंग पदों के बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।


    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जॉब पोर्टल किया लाॅन्च
    अब पीएचडी नेट और एसईटी परीक्षा क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।अब यूजीसी ने युवाओं के लिए एक नया अकादमिक जॉब पोर्टल स्थापित किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पीएचडी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) राज्य पात्रता परीक्षा (एसईटी) जॉब पोर्टल लॉन्च किया है

    अब पीएचडी, नेट और एसईटी परीक्षा क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब यूजीसी ने युवाओं के लिए एक नया अकादमिक जॉब पोर्टल स्थापित किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पीएचडी, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) राज्य पात्रता परीक्षा (एसईटी) जॉब पोर्टल लॉन्च किया है, जिस पर प्रोफाइनल बनाने के बाद उम्मीदवारों को विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों का ब्योरा मिल सकेगा। इसके बाद अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। 


    यूजीसी के मुताबिक इस पोर्टल पर योग्य उम्मीदवारों को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उपलब्ध टीचिंग जॉब के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपना प्रोफाइल बनाने होगी। इसके बाद वह सर्च कर सकते हैं। वहीं पोर्टल के माध्यम से शिक्षण संस्थान उपलब्ध उम्मीदवारों की खोज कर सकते हैं और उम्मीदवार भी नौकरी की रिक्तियों को देखकर अप्लाई कर सकते हैं।इसके अलावा आयोग का इरादा उपलब्ध जॉब्स को अपग्रेड करना और नॉन टीचिंग जॉब को भी पोस्ट करना है। नॉन टीचिंग जॉब में प्रशासनिक भूमिकाओं वाली जॉब्स होंगी, जैसे कि अकाउंट्स, सिक्योरिटी, हेल्थ, पुस्तकालय सहित अन्य विभाग हैं, जिनकी जॉब पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। ऐसे में नेट, पीएचडी सहित अन्य परीक्षाओं में पास होने वाले युवाओं को सलाह दी जाती हे कि, वे जॉब की लेटेस्ट अपडेट के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करते रहें। 

    ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

    उम्मीदवारों को यूजीसी के पोर्टल ugc.ac.in पर जाना होगा। यहां पर रजिस्ट्रेशन का विकल्प मिलेगा। इसपर क्लिक कर मांगी गई डिटेल्स भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसमें छात्रों को अपना नाम, ई-मेल एड्रेस, फोन नंबर, पासवर्ड आदि की औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेगी।

    इसके अलावा हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (university Grants Commission UGC), यूजीसी ने देश भर की 38 यूनिवर्सिटीज को ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रमों को मंजूरी दी है। सूची जारी होने के बाद अब ये विश्वविद्यालय यूजीसी की अनुमति के बिना भी फुलफ्लेज ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं। यूजीसी की ओर से जारी की सूची के मुताबिक ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रमों की पेशकश करने वाले कुल विश्वविद्यालयों में से 15 डीम्ड विश्वविद्यालय हैं, 13 राज्य विश्वविद्यालय और तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा इससे संबंधित ज्यादा डिटेल चेक करने के लिए छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। 

    प्रतापगढ़ : आंगनबाड़ी के रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध विज्ञप्ति जारी

    प्रतापगढ़ : आंगनबाड़ी के रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध विज्ञप्ति जारी



    उत्तर प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय / महाविद्यालयों में संचालित विषयों का संकाय निर्धारण किये जाने के सम्बंध में

    उत्तर प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय / महाविद्यालयों में संचालित विषयों का संकाय निर्धारण किये जाने के सम्बंध में


    प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में महिला संवर्ग के अधीन कार्यरत प्रवक्ता / प्रधानाध्यापिका के रिक्त पदो की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।

    प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में महिला संवर्ग के अधीन कार्यरत प्रवक्ता / प्रधानाध्यापिका के रिक्त पदो की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।



    माह जुलाई 2021 में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कार्यवाही कराये जाने के सम्बन्ध में

    माह जुलाई 2021 में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कार्यवाही कराये जाने के सम्बन्ध में