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Tuesday, August 22, 2119

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    Thursday, August 5, 2021

    कक्षा 1 से 8 तक के एसटी छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति, ऑनलाइन मांगे गए आवेदन

    कक्षा 1 से 8 तक के एसटी छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति, ऑनलाइन मांगे गए आवेदन

    लखनऊ : योगी सरकार कक्षा 1 से 8 तक के अनुसूचित जनजाति (एसटी) के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देगी। इसके लिए मान्यता प्राप्त विद्यालयों से छात्रवृत्ति पोर्टल पर मास्टर डाटा में अपना नाम शामिल करवाने के लिए 15 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।


    के. रवींद्र नायक, प्रमुख सचिव, समाज कल्याण ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2021-22 में मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत थारू व अन्य जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां 15 अगस्त तक सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इस अवधि के दौरान सभी जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) मास्टर डाटा में सूचना भरकर और अपलोड कर डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित कर लें। संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक 16 अगस्त से 8 सितंबर तक सभी विद्यालयों में स्वीकृत सीटों की संख्या का शत-प्रतिशत ऑनलाइन सत्यापन कर लें। नायक ने निर्देश दिए हैं कि जनजाति के पूर्व दशम छात्रवृत्ति कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन 23 अगस्त तक विद्यालय स्तर पर नामित नोडल अध्यापक के माध्यम से किए जाएं।

    Wednesday, August 4, 2021

    UP B.Ed : बीएड प्रवेश परीक्षा के तीन केंद्रों में बदलाव, कहीं आपका केंद्र तो नहीं?

    UP B.Ed : बीएड प्रवेश परीक्षा के तीन केंद्रों में बदलाव, कहीं आपका केंद्र तो नहीं?


    प्रदेश भर में 6 अगस्त को होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड 2021-22 के अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक खबर है। लखनऊ विश्‍वविद्यायल प्रशासन ने किन्ही कारणों से कुछ जनपदों के परीक्षा केंद्रों में बदलाव किया है।



    ■ पुराना परीक्षा केंद्र-

    ● कर्म क्षेत्र महाविद्यालय इटावा ब्लॉक ए आगरा रोड, इटावा
    ●कर्म क्षेत्र महाविद्यालय इटावा ब्लॉक बी आगरा रोड, इटावा
    ● इलाहाबाद डिग्री कॉलेज कीडगंज रोड कृष्ण नगर प्रयागराज

    ■ परिवर्तित परीक्षा केंद्र

    ● जनता महाविद्यालय (ब्लॉक ए),बकेवार इटावा
    ● जनता महाविद्यालय (ब्लॉक बी), बकेवार इटावा
    ● डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिन, यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद, चैथम लाइन्स, प्रयागराज


    राज्य समंवयक प्रो अमिता बाजपेयी ने बताया कि सभी संबंधित अभ्यर्थियों को ई-मेल और मोबाइल मैसेज के द्वारा परीक्षा केंद्रों के इस परिवर्तन से अवगत करा दिया गया है। अभ्यर्थी संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड का अपना नया प्रवेश पत्र वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।


    प्रवेश-परीक्षा को लेकर तैयारी पुरी कर ली गई है।अभ्‍यर्थियों को कोई असुविधा न हो इसके लिए शासन, जिला-प्रशासन व लखनऊ विश्वविद्यालय स्तर पर कोरोना से सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक परीक्षा-केंद्र पर कोविड-19 को प्रोटोकॉल एवं निर्देशों का पूर्ण पालन कराया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक परीक्षार्थी की थर्मल-स्क्रीनिंग, सभी परीक्षा-कक्षों एवं फर्नीचर आदि को सैनिटाइज कराने की पूरी व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा व सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए बीएड 2021&23 में शामिल हों।

    गौरतलब है कि परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा राज्य के 75 जिलों में आयोजित होगी। परीक्षा आयोजित करने के लिए 14 नोडल केंद्र बनाए गए हैं। कुल 591305 अभ्यर्थियों को इस प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लेना है। प्रवेश परीक्षा के परिणाम 27 अगस्त, 2021 को घोषित किए जाने की संभावना है। वहीं, ऑनलाइन काउंसलिंग 1 सितंबर, 2021 से शुरू की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

    बेसिक शिक्षा विभाग को फिर कोर्ट की लताड़ : शिक्षा सत्र बदलाव से मिले सत्रलाभ के बकाया भुगतान का निर्देश

    बेसिक शिक्षा विभाग को फिर कोर्ट की लताड़: शिक्षा सत्र बदलाव से मिले सत्र लाभ के बकाया भुगतान का निर्देश


    प्रयागराज: हाई कोर्ट ने सीनियर बेसिक स्कूल टिकर, जालौन के सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक को शिक्षा सत्र में बदलाव से मिले सत्र लाभ के बकाया वेतन भुगतान का निर्देश दिया है। 


    कोर्ट ने कहा है कि याची 30 जून 2015 से दोबारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि 22 अक्टूबर 2015 तक का बकाया वेतन पाने का हकदार है। आदेश न्यायमूíत सरल श्रीवास्तव ने घनश्याम विश्वकर्मा की याचिका पर दिया है। 


    याचिका पर अधिवक्ता अनुराग शुक्ल ने बहस की। उनका कहना था कि याची को जून 2015 में सेवानिवृत्त होना था। शिक्षा सत्र में बदलाव किया। जुलाई बजाए अप्रैल से सत्र शुरू करने की घोषणा की।

    सभी स्कूलों में मिलेगा एनसीसी का प्रशिक्षण, फिलहाल केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों से होगी शुरुआत

    सभी स्कूलों में मिलेगा एनसीसी का प्रशिक्षण, फिलहाल केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों से होगी शुरुआत


    नई दिल्ली: युवाओं में सेना और दूसरे सुरक्षा बलों के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार अब सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों को अनिवार्य एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) प्रशिक्षण से जोड़ने की तैयारी में है। इस दिशा में काम शुरू हो गया है। फिलहाल इसकी शुरुआत सभी केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों से होगी। इस दौरान आदिवासी बहुल क्षेत्रों को प्राथमिकता से शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।


    स्कूलों में एनसीसी ¨वग के विस्तार की यह योजना नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिश के बाद बनाई गई है, जिसमें रक्षा मंत्रलय की मदद से राज्य सरकारों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया है कि इससे छात्रों की प्रतिभा की पहचान में मदद मिलेगी।

    इससे वह सेना और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर अपने करियर को भी संवार सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्रलय ने इस योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में देशभर के सभी केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों में इस प्रशिक्षण को शुरू किया जाएगा।

    इसके साथ ही राज्यों को भी इसकी तैयारी करने को कहा है। फिलहाल ऐसे सभी केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की जानकारी जुटाई जा रही है, जहां मौजूदा समय में एनसीसी प्रशिक्षण की सुविधा नहीं है। माना जा रहा है कि इस जानकारी के मिलने के बाद सरकार जल्द ही रक्षा मंत्रलय के साथ मिलकर इसे मंजूरी ले सकती है।

    ’>>राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिश के बाद शिक्षा मंत्रलय और रक्षा मंत्रलय ने बनाई योजना

    ’>>आदिवासी बहुल क्षेत्रों में होगा विशेष फोकस, केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों से होगी शुरुआत

    अंकों की बारिश ने बिगाड़ दिया आईटीआई में प्रवेश का गणित

    अंकों की बारिश ने बिगाड़ दिया आईटीआई में प्रवेश का गणित


    लखनऊ: बिना परीक्षा के हाईस्कूल में अंकों की बारिश ने आइटीआइ में प्रवेश का गणित बिगाड़ दिया है। बुधवार से होने वाली प्रवेश प्रक्रिया में मेरिट पर दाखिले को लेकर मंगलवार को मंथन किया गया। मेरिट अधिक होने से प्रवेश को लेकर मारामारी तय है।


    ग्रामीण इलाकों के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की तैयारी है। इसको लेकर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (जीआइटीआइ) में प्रवेश में ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों को ब्लाक स्तर पर 25 फीसद आरक्षण देने की व्यवस्था की है। व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की ओर से हर वर्ष आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के आधार पर सूबे की 305 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में और तीन हजार निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश होता है। हर वर्ष करीब पांच लाख से अधिक छात्र प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होते हैं और करीब एक लाख सीटों पर प्रवेश होता है।


    महानिदेशक सेवायोजन एवं प्रशिक्षण ने हाईस्कूल को आधार मानकर प्रवेश करने का निर्णय लिया है। मेरिट प्रदेश, जिला व ब्लाक स्तर पर बनेगी। व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की ओर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेरिट अधिक होने से इस बार उच्चतम मेरिट प्रवेश का आधार बनेगा।

    हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर प्रवेश लेने और आनलाइन आवेदन भरे जाने का प्रस्ताव है। आरक्षण और मेरिट सहित कुछ ¨बदुओं पर अंतिम मुहर लग गई है। बुधवार से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। -  एससी तिवारी,संयुक्त निदेशक व्यावसायिक शिक्षा

    69000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी और एससी के मामले का निस्तारण होगा सात दिन में

    69000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी और एससी के मामले का निस्तारण होगा सात दिन में


    लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में 69,000 शिक्षक भर्ती पूरी हो चुकी है, वहीं प्रतियोगी चयन में ओबीसी व एससी अभ्यर्थियों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को खुद पहल करके प्रतियोगियों को बुलाकर समस्या सुनी थी। सीएम के निर्देश पर मंगलवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार प्रतियोगियों से मिले और उनकी समस्या सुनीं। प्रमुख सचिव ने कहा है कि एक सप्ताह में प्रकरण का निस्तारण कर देंगे।


    शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों का एक वर्ग गड़बड़ी होने का आरोप लगा रहा है, इसकी पुष्टि के लिए प्रतियोगी राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अनंतिम रिपोर्ट को पेश कर रहे हैं। प्रतियोगी उसके बाद से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। राजधानी में मंत्रियों का आवास व भाजपा कार्यालय तक का घेराव हो चुका है। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान ही सीएम ने प्रतियोगियों को बुलाकर आश्वस्त किया था कि वे धैर्य रखें उनकी समस्या निस्तारित होगी।


    मंगलवार सुबह अमरेंद्र सिंह पटेल की अगुवाई में प्रतियोगी निदेशक बेसिक शिक्षा डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह से मिले थे। दोपहर में प्रतियोगी प्रमुख सचिव से मिले।


    प्रमुख सचिव ने अभ्यर्थियों से कहा कि मुख्यमंत्री का निर्देश है कि सात दिन में मामले का निस्तारण हो जाए, इसलिए सभी नि¨श्चत रहें। अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि मंडल में विजय यादव, मनोज प्रजापति, आशीष यादव, मनोज चौरसिया, लोहा सिंह पटेल आदि मौजूद रहे

    डीएलएड से अभ्यर्थियों का मोहभंग, सीटें भरना होगा बहुत मुश्किल

    डीएलएड से अभ्यर्थियों का मोहभंग, सीटें भरना होगा बहुत मुश्किल


    प्रयागराज : दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों के आवेदन करने की रफ्तार बेहद धीमी है। 20 जुलाई से आवेदन लिए जा रहे हैं और अब तक मुश्किल से 50 हजार का आकड़ा पार हो सका है। प्रदेश में करीब 2,40,200 सीटों के लिए 10 अगस्त तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।


    इस तरह शेष बचे करीब एक सप्ताह में सीटों के मुताबिक आवेदन आना मुश्किल है। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते प्रवेश नहीं हुआ था। उसके पहले के दो वर्षो की भी स्थिति चिंताजनक ही रही है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय उपाध्याय का मानना है कि इसका प्रमुख कारण कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालयों का रिजल्ट प्रभावित होना है।

    बस्ती : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों हेतु भर्ती की विज्ञप्ति जारी

    बस्ती : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों हेतु भर्ती की विज्ञप्ति जारी



    महराजगंज : छह ब्लाकों में बीईओ के स्थानांतरण/पदस्थापन संबंधी बीएसए ने जारी किया आदेश

    महराजगंज : छह ब्लाकों में बीईओ के स्थानांतरण/पदस्थापन संबंधी बीएसए ने जारी किया आदेश।


    Tuesday, August 3, 2021

    केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन को लेकर बड़ा फैसला, सांसदों के अलावा बाकी सिफारिशी कोटा खत्म

    केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन को लेकर बड़ा फैसला, सांसदों के अलावा बाकी सिफारिशी कोटा खत्म



    ● केंद्र सरकार ने केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन को लेकर बड़ा फैसला किया है
    ● अब शिक्षा मंत्रालय से अंधाधुंध सिफारिशी पत्र जारी नहीं हो पाएंगे
    ● सभी सांसदों को अपने-अपने लोकसभा क्षेत्र में 10-10 सिफारिश करने की अनुमति होगी
    ● केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी अपनी सिफारिश पर सिर्फ 10 एडमिशन ही दिला पाएंगे


    नई दिल्ली
    केंद्रीय विद्यालयों में अब सांसदों के 10 कोटे के इतर किसी नेता या मंत्री की सिफारिश पर बच्चों के एडमिशन नहीं हो पाएंगे। केंद्र सरकार ने केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षा मंत्रालय का कोटा खत्म करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, अब सिर्फ सांसदों के पास ही अपने क्षेत्र में 10 एडमिशन कराने का अधिकार बचा है।

     यूपीए सरकार में कपिल सिब्बल के शिक्षा मंत्री रहते हुए उस वक्त भी ऐसा ही फैसला लिया गया था लेकिन तब विरोध के बाद यह फैसला वापस ले लिया गया था। अब केंद्र सरकार ने केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन में सांसदों के अलावा बाकी सब कोटा खत्म करने का फैसला किया है। यानी, अब केंद्रीय शिक्षा मंंत्री के पास भी बतौर सांसद ही 10 कोटा बचेगा, उनके मंत्रालय को मिला भारी-भरकम कोटा छीन लिया गया है।


    एक सांसद 10 एडमिशन की ही कर सकेंगे सिफारिश
    सूत्रों के मुताबिक इस फैसले की जानकारी सांसदों को दी जा रही है ताकि वह 10 बच्चों के अलावा और किसी एडमिशन के लिए शिक्षा मंत्रालय में सिफारिश ना भेजें। लोकसभा के सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र में आने वाले केंद्रीय विद्यालयों में अधिकतम 10 बच्चों के एडमिशन की सिफारिश कर सकते हैं। 

    इसी तरह राज्यसभा सांसद अपने राज्य के किसी भी केंद्रीय विद्यालय में अधिकतम 10 बच्चों का एडमिशन करा सकते हैं। पहले सांसदों का यह कोट छह एडमिशन का ही होता था जिसे 2016-17 में बढ़ाकर 10 कर दिया गया। इस कोटे के अलावा एजुकेशन मिनिस्टर 450 एडमिशन की सिफारिश कर सकते थे। ये सिफारिशें भी वही होती थी जो किसी नेता या सांसद के जरिए मंत्रालय तक आती थी।


    अब नहीं रहेगा यह कोटा
    वैसे यह 450 की लिमिट कभी रही नहीं और हर सत्र में इससे कहीं ज्यादा एडमिशन मंत्रालय की सिफारिश पर केंद्रीय विद्यालयों में होते रहे। 2018-19 में 8 हजार से ज्यादा एडमिशन मंत्रालय की सिफारिश पर किए गए। इन सिफारिशों में ज्यादातर गरीब और जरूरतमंद बच्चे ही शामिल होते थे जिनका केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन के लिए स्थानीय नेता या सांसद मंत्रालय में सिफारिश करते थे। अब यह कोटा नहीं रहेगा।


    2010 में यूपीए-2 सरकार में जब कपिल सिब्बल एचआरडी मिनिस्टर थे उस वक्त उन्होंने एडमिशन में मिनिस्टर का कोटा और सांसदों का कोटा भी खत्म कर दिया था। जिसके बाद संसद के अंदर और बाहर सांसदों ने विरोध किया। दो महीने के भीतर ही यह फैसला वापस लेना पड़ा। तब सांसदों का कोटा तो बहाल कर दिया गया लेकिन मिनिस्टर का कोटा बहाल नहीं किया गया। जब 2014 में एनडीए सरकार आई और स्मृति इरानी एचआरडी मिनिस्टर बनीं तब उन्होंने केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन के लिए मिनिस्टर का कोटा बहाल किया।

    School Reopen : तीसरी लहर के मुहाने पर नौ राज्यों ने खोले स्कूल, यूपी में 16 अगस्त से खोलने की तैयारी

    School Reopen : तीसरी लहर के मुहाने पर नौ राज्यों ने खोले स्कूल, यूपी में 16 अगस्त से खोलने की तैयारी


    देश कोरोना की तीसरी लहर के मुहाने पर खड़ा है। इस बीच नौ राज्यों ने स्कूल खोल दिए हैं। तीन राज्यों ने सोमवार से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की हैं। दूसरी ओर, महाराष्ट्र में दोबारा स्कूल खुलने के बाद से 613 बच्चे संक्रमित मिल चुके हैं। योगी सरकार ने सोमवार को कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय से बंद स्कूलों (माध्यमिक और इंटरमीडिएट) को 16 अगस्त से आधी क्षमता के साथ खोलने और उच्च शिक्षण संस्थानों को एक सितंबर से खोलने की तैयारी किये जाने के निर्देश दिये हैं।


    महाराष्ट्र : सोलापुर में 613 स्कूली बच्चे संक्रमित
    दूसरी लहर के बाद महाराष्ट्र ने सबसे पहले 15 जुलाई से उन इलाकों में कक्षा आठवीं से 12वीं तक के स्कूल खोले थे जहां संक्रमण के नए मामले नहीं आ रहे थे। इसके बावजूद सोलापुर जिले में अब तक 613 बच्चे संक्रमित पाए जा चुके हैं। इसके बाद भी राज्य में स्कूल बंदी की कोई सूचना नहीं है।

    हरियाणा : सभी स्कूल खुले, अब तक 6 पॉजटिव
    फतेहाबाद के दो सरकारी स्कूलों के छह बच्चों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इन बच्चों को अलग रखा गया है। राज्य में 16 जुलाई से नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं और 23 जुलाई से छठी से आठवीं तक की कक्षाएं खोल दी गई हैं।


    7 राज्यों में स्कूल शुरू 

    गुजरात : आधी क्षमता के साथ यहां नौवीं से 12वीं की कक्षाएं 25 जुलाई से चल रही हैं। 15 जुलाई को कॉलेज खोले गए थे।

    ओडिशा : 10वीं और 12वीं के लिए 25 जुलाई से कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्र के स्कूल खोले गए।

    पंजाब : कक्षा 10, 11 और 12 के लिए 25 जुलाई से स्कूल खुले। प्री प्राइमरी से नौवीं तक के लिए सोमवार से स्कूल शुरू हुए।

    बिहार : 12 जुलाई से यहां कक्षा 11वीं और 12वीं की कक्षाओं से लेकर कॉलेज व विश्वविद्यालय भी खोल दिए गए हैं। 

    मध्य प्रदेश : यहां 12वीं कक्षा के लिए स्कूल खोल दिए गए। हालांकि, निजी स्कूल 5 अगस्त तक ऑफलाइन कक्षाएं ही चलाएंगे।

    छत्तीसगढ़ : 2 अगस्त से दसवीं और 12वीं के लिए कक्षाएं शुरू हो गईं।

    राजस्थान : 2 अगस्त से स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों को खोल दिया गया।


    3 राज्यों में जल्द स्कूल खुलेंगे 

    आंध्र प्रदेश : 16 अगस्त से यहां आधी क्षमता के साथ प्राथमिक से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं के स्कूल दोबारा शुरू हो जाएंगे।

    गोवा : मुख्यमंत्री ने कहा है कि 10वीं-12वीं कक्षाओं के लिए 15 अगस्त से कक्षाएं शुरू हो सकती हैं।

    जम्मू-कश्मीर : इस केंद्रशासित प्रदेश में 31 जुलाई के बाद बड़ी कक्षाओं के शिक्षण व कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को खोला जाएगा।


    UP : योगी सरकार ने सोमवार को कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय से बंद स्कूलों (माध्यमिक और इंटरमीडिएट) को 16 अगस्त से आधी क्षमता के साथ खोलने और उच्च शिक्षण संस्थानों को एक सितंबर से खोलने की तैयारी किये जाने के निर्देश दिये हैं।

    सतर्कता : बच्चे चपेट में आए तो पुडुचेरी ने फैसला टाला
    यहां 16 जुलाई से कक्षा नौवीं से 12वीं के लिए स्कूल खोले जाने थे लेकिन केंद्रशासित प्रदेश में 16 बच्चों के संक्रमित हो जाने के बाद सरकार ने फैसला टाल दिया।


    पहले प्राथमिक स्कूल खोलना बेहतर होगा : आईसीएमआर
    देश के चौथे सीरो सर्वे से पता चला है कि बड़ी तादाद में बच्चों के अंदर एंटीबॉडीज पैदा हो गई हैं। इसके आधार पर 20 जुलाई को आईसीएमआर के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव ने स्कूल खोलने के राज्यों के फैसलों का समर्थन किया। उनका कहना था कि बड़ी कक्षाओं की जगह प्राथमिक कक्षाओं के लिए स्कूल खोलना बेहतर होगा, क्योंकि वयस्कों के मुकाबले बच्चों का शरीर संक्रमण से ज्यादा अच्छी तरह लड़ सकता है। हालांकि, ज्यादातर राज्यों ने बड़ी कक्षाओं को पहले खोला। 


    देश के 48 फीसदी अभिभावक राजी नहीं 
    स्थानीय सर्वेक्षण से पता चला है कि देश के 48 फीसदी अभिभावक नहीं चाहते कि वे अभी बच्चों को स्कूल भेजें। जबकि 21 फीसदी अभिभावकों ने कहा कि जब स्कूल खुलेंगे, वे बच्चों को भेजना शुरू कर देंगे। ज्यादातर अभिभावक अभी बच्चों के टीकाकरण का इंतजार करना चाहते हैं।

    सीबीएसई 10वीं के नतीजे घोषित, ऐसे करें रिजल्ट चेक

    सीबीएसई 10वीं के नतीजे घोषित, ऐसे करें रिजल्ट चेक

    सीबीएसई 10वीं में 99% से ज्यादा उत्तीर्ण, मंजूषा एप से डाउनलोड करें प्रमाणपत्र


    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को 10वीं के परिणाम घोषित कर दिए। बिना परीक्षाओं के केवल आंतरिक परीक्षाओं के आधार पर ही छात्रों ने बेहतर अंक प्राप्त किए हैं। परीक्षा के लिए इस साल 21 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था। 20 लाख से अधिक छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। उत्तीर्ण प्रतिशत 99.04 रहा। वहीं, बीते साल उत्तीर्ण प्रतिशत 91.46 था। बीते साल की तरह इस साल भी त्रिवेंद्रम जोन टाप पर रहा। त्रिवेंद्रम जोन का पास फीसद 99.99 रहा। दूसरे स्थान पर बेंगलुरू और तीसरे पर चेन्नई रहा।

    10वीं के परिणाम में लड़कियों और लड़कों दोनों ने बेहतर अंक प्राप्त किए हैं। बीते साल के मुकाबले लड़कियों के परिणाम में छह फीसद और लड़कों के परिणाम में आठ फीसद तक का सुधार हुआ है। इस साल कुल 99.24 फीसद लड़कियां और 98.89 फीसद लड़के पास हुए हैं। इस साल भी लड़कियों ने लड़कों के मुकाबले बाजी मारी है। ट्रांसजेंडरों के परिणाम में भी छह फीसद का सुधार हुआ है। इस साल 100 फीसद ट्रांसजेंडर पास हुए हैं। बीते साल 94.74 फीसद पास हुए थे।

    10वीं बोर्ड की परीक्षा में इस साल कंपार्टमेंट छात्रों की संख्या घटी है। इस साल कुल 17,636 छात्रों की कंपार्टमेंट आई है। कंपार्टमेंट छात्रों का फीसद 0.84 रहा। 2020 में एक लाख से अधिक छात्रों की कंपार्टमेंट आई थी। संबंधित सामग्री 4

    ■ आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली के जरिये तैयार किया गया रिजल्ट

    ■ 99.24 फीसद लड़कियां और 98.89 फीसद लड़के पास हुए


    एप से डाउनलोड करें प्रमाणपत्र

    छात्र अपने सभी संबंधित सर्टिफिकेट मंजूषा एप के जरिये डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं, डिजिलाकर पर भी सभी सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की सुविधा है। इस बार विदेशी छात्रों को भी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा दी जा रही है। सीबीएसई की तरफ से इस साल भी न मेरिट सूची और न ही विषयवार मेरिट सूची जारी हुई।

    सीबीएसई बोर्ड ने अपनी पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुसार 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। नतीजे जारी होते ही 10वीं के 18 लाख स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म हो चुका है। परीक्षार्थी सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in या cbse.gov.in पर जाकर रिजल्ट ( CBSE Class 10 Result 2021 ) चेक कर सकते हैं।  

    ★ सीबीएसई 10वीं रिजल्ट चेक करने के लिए डायरेक्ट रिजल्ट लिंक्स पर करें क्लिक 





    📌 CBSE रोल नम्बर फाइंडर : नहीं पता अपना रोल नम्बर तो क्लिक करके जाने। 


    सीबीएसई ने मार्किंग करने का बेसिक ब्रेक-अप स्कूल्स को भेजा था। इसके अनुसार कक्षा दसवीं का परिणाम यूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री बोर्ड में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार किया गया है।

     इंटरनल असेसमेंट के लिए 20 अंक होंगे। 10 अंक पीरियॉडिक व यूनिट टेस्ट के होंगे। 30 अंक अर्धवार्षिक/मिड-टर्म परीक्षा एग्जाम के लिए आवंटित किये गये हैं। शेष 40 अंक प्री-बोर्ड परीक्षा के होंगे। उपरोक्त परीक्षाओं में स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस के आधार पर ही उन्हें मार्क्स दिये गए हैं और उनका फाइनल रिजल्ट बनाया गया है।

    जो छात्र आब्जेक्टिव मानदंडों के आधार पर जारी रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होंगे वे कोरोना संकट खत्म होने के बाद परीक्षा में भाग ले सकेंगे। 


    प्राइवेट छात्रों की परीक्षा 16 अगस्त से कराएगा सीबीएसई

    सीबीएसई 10वीं 12वीं कक्षा के प्राइवेट कैटिगरी के छात्रों की परीक्षाएं 16 अगस्त से 15 सितंबर के बीच आयोजित करेगा।  बोर्ड ने कहा है कि प्राइवेट अभ्यर्थियों का परिणाम बिना परीक्षा के तैयार नहीं किया जा सकता क्योंकि ना तो स्कूलों के पास उनके मूल्यांकन के लिए रिकॉर्ड है और ना ही बोर्ड के पास। बोर्ड ने कहा कि परीक्षा संपन्न होने के बाद बेहद कम समय में इन छात्रों का रिजल्ट जारी किया जाएगा ताकि इन्हें उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने में कोई दिक्कत न आए। इस संबंध में जल्द ही नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा।

     

    यूपी बोर्ड के रिजल्ट पर पहले दिन हजार से ज्यादा शिकायतें

    यूपी बोर्ड के रिजल्ट पर पहले दिन हजार से ज्यादा शिकायतें





    प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाई स्कूल और इंटर का परिणाम घोषित करने के बाद असंतुष्ट छात्र-छात्रओं से अंकों में त्रुटि व अन्य समस्या के लिए उनसे शिकायतें मांगी हैं। इसके लिए यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव विनय कुमार गिल ने सोमवार को मीटिंग करके ग्रीवांस सेल की व्यवस्था देखी। पहले दिन 1050 शिकायतें आनलाइन मिलीं। इसके साथ ही 26 शिकायतें आफलाइन दर्ज कराई गईं।


    यूपी बोर्ड को मिलीं शिकायतों में छात्रों को अपेक्षा से कम अंक मिलने, किसी विषय में अंक न चढ़े होने और नाम में गड़बड़ी होने की बातें प्रमुख हैं। अपर सचिव ने बताया कि इन शिकायतों की जांच कराई जाएगी। इनमें कम अंक दिए जाने के मामलों की जांच के लिए शिकायतों को संबंधित स्कूलों में भेजा जाएगा। परिणाम घोषित करने के लिए तय फामरूला में प्री-बोर्ड के अंक भी जोड़े हैं। उसी आधार पर अंक दिए गए हैं। उन्होंने ग्रीवांस सेल की बैठक करके शिकायतों की स्क्रीनिंग करने के भी निर्देश कर्मचारियों को दिए, ताकि समस्या के स्तर के मुताबिक निस्तारण को भेज सकें।

    ग्रीवांस सेल में पहले दिन आनलाइन शिकायतों की संख्या ज्यादा रही, किसी को अंक कम तो किसी को अंक नहीं चढ़ने की शिकायत

    घेरा भाजपा कार्यालय, प्राइमरी स्कूलों में 97 हजार पदों की नई भर्ती घोषित करने की मांग

    घेरा भाजपा कार्यालय, प्राइमरी स्कूलों में 97 हजार पदों की नई भर्ती घोषित करने की मांग



    लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 97 हजार पदों की नई भर्ती घोषित करने के लिए प्रतियोगियों ने सोमवार को भाजपा कार्यालय का घेराव किया। पुलिस ने सभी को जबरन बस में बैठा लिया। प्रतियोगियों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी पिटाई करके बस में बैठाया और इको गार्डेन के पास ले जाकर छोड़ दिया। 


    परिषदीय विद्यालयों में नई भर्ती घोषित करने के लिए प्रतियोगी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। एससीईआरटी कार्यालय के सामने कई बार धरना दिया जा चुका है। सोमवार को भी बड़ी संख्या में प्रतियोगी जुटे थे। मांग की अनसुनी होने पर सभी ने निर्णय लिया कि भाजपा कार्यालय का घेराव किया जाए।


     प्रतियोगी दोपहर में पार्टी कार्यालय के सामने पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने प्रतियोगियों को समझाकर लौटाने का प्रयास किया लेकिन, न मानने पर उन्हें बसों में जबरन बैठाया गया, प्रतियोगियों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी अनायास पिटाई की। पुलिस की ओर से इससे इन्कार करते हुए कहा गया कि सभी को इको गार्डन के छोड़ दिया गया, गिरफ्तारी नहीं हुई।

    शिक्षक भर्ती : अभ्यर्थियों की सीएम से वार्ता, मांगों पर विचार का मिला आश्वासन

    शिक्षक भर्ती : अभ्यर्थियों की सीएम से वार्ता, मांगों पर विचार का मिला आश्वासन


    मुख्यमंत्री ने सुनी 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की समस्या,निस्तारण के दिए निर्देश
     

    ■ 69000 सहायक शिक्षक भर्ती नियम से ओबीसी व एससी अभ्यर्थी असहमत

    ■ परिषद सचिव ने सुनी पीड़ा, आज प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से मिलेंगे


    लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी का आरोप लगाने वाले अभ्यर्थी सोमवार को उस समय हैरान रह गए, जब उन्हें यकायक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुला लिया। सीएम ने उनकी समस्या सुनी, मांग पत्र लिया और निस्तारण का भरोसा दिया।

    शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले अभ्यर्थी एससीईआरटी, डिप्टी सीएम, विभागीय मंत्री व भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर चुके हैं। सोमवार को फिर सभी एकजुट होकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव करने पहुंचे थे। अभ्यर्थी डिप्टी सीएम से मिलने को प्रयासरत थे, उसी समय मुख्यमंत्री जनता दर्शन कर रहे थे और उनकी निगाह युवाओं पर पड़ी। सीएम ने स्टाफ भेजकर उन्हें बुलवाया, समस्या सुनी और मांगपत्र लिया। सीएम ने कहा कि उन्हें धरना प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है, प्रमुख सचिव उनसे बैठकर वार्ता करके प्रकरण का निस्तारण करेंगे।

    मुख्यमंत्री की पहल से गदगद अभ्यर्थी वापस लौट ही रहे थे, तभी मुख्यमंत्री कार्यालय से उनके पास फोन भी आ गया, उन्हें बताया गया कि जल्द बैठक होगी। शाम को अभ्यर्थियों से बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल मिले और समस्या सुनी। अमरेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार उनकी समस्या सुनेंगे। आरक्षण की अनदेखी का आरोप लगाने वाले ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यर्थी आश्वस्त हैं कि अब उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।


    लखनऊ। 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण की गड़बड़ी का आरोप लगाकर आंदोलन कर रहे ओबीसी तथा एससी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की। 


    मुख्यमंत्री ने दो सदस्यों से मुलाकात की। अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में जितने भी शिकायतकर्ता हैं और हाईकोर्ट में जितने भी इस मामले के याची हैं उन सभी को समायोजित करने की मांग की।

    अटेवा ने पुरानी पेंशन के लिए राजनीतिक दलों को लिखा पत्र, पुरानी पेंशन व निजीकरण के मुद्दे पर अपना मत स्पष्ट करने की मांग

    अटेवा ने पुरानी पेंशन के लिए राजनीतिक दलों को लिखा पत्र, पुरानी पेंशन व निजीकरण के मुद्दे पर अपना मत स्पष्ट करने की मांग


    लखनऊ। अटेवा और एनएमओपीएस के प्रतिनिधियों ने पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण रोकने की मांग को लेकर भाजपा कांग्रेस, सपा, बसपा, आप, टीएमसी सहित कई राजनीतिक दलों को सोमवार को रजिस्टर्ड पत्र भेजा। पत्र में राजनीतिक दलों से पुरानी पेंशन व निजीकरण के मुद्दे पर अपना मत स्पष्ट करने की मांग की गई है।


    ऑल टीचर्स इंप्लाइज एसोसिएशन ( अटेवा) और नेशनल मूवमेंट फॉर पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस पत्र का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने बतौर सांसद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पुरानी पेंशन बहाली के लिए पत्र लिखा था। इसलिए सरकार तत्काल पुरानी पेंशन बहाली करे ।


    मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव है, वहां यह मुद्दा चुनाव को बहुत प्रभावित करेगा। यदि सरकारों ने पुरानी पेंशन की मांग को अनसुना किया तो परिणाम भी भुगतना पड़ेगा। प्रदेश महामंत्री नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि तमाम दलों के लोगों ने पत्र भी लिखे हैं, वादे भी किए हैं, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं किया गया है। 

    प्रबंधकों ने रोक दिया गुरुजी की घर वापसी का रास्ता, अनुमोदन न मिलने के कारण तबादले से वंचित

    प्रबंधकों ने रोक दिया गुरुजी की घर वापसी का रास्ता, अनुमोदन न मिलने के कारण तबादले से वंचित


    केस-1
    अमरोहा के एक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक ने तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन प्रबंधक ने फॉरवर्ड नहीं किया। शिक्षक ने | डीआईओएस से गुहार लगाई। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य को निर्देशित किया। ये बात प्रबंधक तक पहुंची तो उन्होंने प्रधानाचार्य शिक्षक और क्लर्क को घर बुला लिया शिक्षक से जबरिया लिखवाकर ले लिया कि उन्हें तबादला नहीं चाहिए।

    केस-2
    काल्पी जालौन के एक एडेड कॉलेज के शिक्षक ने स्थानान्तरण के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरा था। प्रबंधक को जानकारी हुई तो फॉरवर्ड करना तो दूर शिक्षक को नोटिस जारी कर दी।


    यह दो मामले तो सिर्फ उदाहरण मात्र हैं। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों के पारदर्शी तबादले की सरकार की मंशा स्कूलों के प्रबंधकों को रास नहीं आई। यही कारण है कि पहली बार ऑनलाइन आवेदन करने वाले आधे से अधिक शिक्षकों की घर वापसी का सपना टूट गया। प्रबंधकों ने सरकारी आदेश को दरकिनार करते हुए आवेदन अनुमोदित करना तो दूर शिक्षकों का शोषण शुरू कर दिया।


    तबादले के आवेदन 12 जुलाई से शुरू हुए थे। प्रदेशभर से 2294 शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों ने आवेदन किया। इनमें से तकरीबन 850 तबादले ही अनुमोदित हो सके। अन्य 1400 से अधिक आवेदन पत्रों पर प्रबंधकों की मंजूरी नहीं मिल सकी। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. महेन्द्र देव ने प्रबंधकों को कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी, पर उसका कोई असर नहीं पड़ा। 

    कोर्ट पहुंचे शिक्षकः ऑनलाइन तबादले में नियम बदलने पर कुछ शिक्षक हाईकोर्ट भी पहुंच गए हैं। पूर्व में स्थानीय निकाय, नगर निकाय एवं जिला पंचायत के अधीन संचालित स्कूलों के शिक्षकों के तबादले पर कोई रोक नहीं थी, लेकिन 19 जुलाई को डॉ. महेन्द्र देव ने पत्र जारी कर इनके तबादले पर रोक लगा दी थी।

    CBSE Class 10 Result 2021: इसी सप्ताह जारी होंगे सीबीएसई 10वीं के नतीजे, जल्द घोषित हो सकती है रिजल्ट डेट

    CBSE Class 10 Result 2021: इसी सप्ताह जारी होंगे सीबीएसई 10वीं के नतीजे, जल्द घोषित हो सकती है रिजल्ट डेट


    CBSE Class 10 Result 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं के नतीजे इसी सप्ताह जारी होंगे। 10वीं रिजल्ट डेट का ऐलान जल्द किया जा सकता है। सीबीएसई 10वीं के रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र बोर्ड की ऑफिशयल वेबसाइट cbseresults.nic.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। 30 जुलाई 2021 को सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा करते हुए सीबीएसई बोर्ड ने बताया था कि सीबीएसई कक्षा 10 के रिजल्ट अगस्त के पहले सप्ताह में जारी किए जाएंगे। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया था कि 10वीं के छात्रों के रिजल्ट अगले सप्ताह यानी अगस्त के पहले सप्ताह में किसी भी दिन जारी किए जा सकते हैं। ऐसे में उम्मीद है कि एक-दो दिन में सीबीएसई 10वीं रिजल्ट की डेट का ऐलान हो सकता है।



    18 लाख छात्रों को रिजल्ट का इंतजार-
    आपको बता दें कि सीबीएसई कक्षा 10 की परीक्षा 2021 के लिए देशभर के करीब 18 लाख छात्र-छात्राओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट घोषित होने के बाद अब इन छात्रों को अपने रिजल्ट का इंतजार है। कोरोना के कारण दूसरी साल सीबीएसई की परीक्षाएं रद्द हो गई थीं जिसके कारण रिजल्ट आंतरिक मूल्यांकन से तैयार किया गया है।

    सीबीएसई 12वीं 99.37 फीसदी छात्र सफल-
    इस साल सीबीएसई 12वीं परीक्षा में कुल 99.37 फीसदी छात्रों को सफल घोषित किया गया है। 30 जुलाई को जारी किए रिजल्ट में दिल्ली (NCR) क्षेत्र के 99.84 फीसदी छात्र सफल हुए हैं। सीबीएसई के टॉप स्कोर करने वाले छात्रों की बात करें तो इस साल डेढ़ लाख से ज्यादा (150152) छात्रों ने 90% से ज्यादा स्कोर किया है।

    Monday, August 2, 2021

    कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डो के कक्षा 9 से 12 तक के समस्त विद्यालयों को पठन-पाठन हेतु भौतिक रूप खोले जाने के संबंध में आदेश जारी

    कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डो के कक्षा 9 से 12 तक के समस्त विद्यालयों को पठन-पाठन हेतु भौतिक रूप खोले जाने के संबंध में ।

    माध्यमिक कालेजों में सप्ताह में पांच दिन दो पालियों में होगी पढ़ाई

    ● पहली 8 से 12 व दूसरी 12.30 से 4.30 पाली में होगी

    ● पाली खत्म होने और शनिवार को परिसर का हो सैनिटाइजेशन

    माध्यमिक स्कूलों में 16 से पढ़ाई, परिषदीय स्कूलों पर निर्णय बाद में

    लखनऊ : प्रदेश के माध्यमिक कालेजों में 16 अगस्त से दो पालियों में पढ़ाई होगी। कोविड-19 की वजह से दोनों पालियों में 50-50 फीसद विद्यार्थी आएंगे, ताकि उनके बीच शारीरिक दूरी बनी रहे। कालेजों में पांच दिन सोमवार से शुक्रवार तक पढ़ाई होगी। शनिवार को कालेज परिसर सैनिटाइज किए जाने से विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी। कालेज खुलने व पाली खत्म होने पर कक्षाएं सैनिटाइज की जाएंगी।

    उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि सभी बोडरें के कक्षा नौ से 12 तक के माध्यमिक कालेजों में 15 अगस्त को विद्यार्थी आएंगे। 16 अगस्त से शिक्षण कार्य शुरू होगा। पांच अगस्त से कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए विद्यार्थियों व शिक्षकों का स्वास्थ्य सवरेपरि है। 

    छात्रहित में सत्र नियमित किए जाने के लिए कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए पढ़ाई कराई जाएगी। दो पालियों पहली 8 से 12 व दूसरी 12.30 से 4.30 में 50-50 फीसद विद्यार्थी आएंगे। कालेजों में हैंडवाश, सैनिटाइजर, थर्मलस्कैनिंग व पल्स आक्सीमीटर की व्यवस्था भी की जाएगी। शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थियों को मास्क पहनकर आना अनिवार्य होगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने विस्तृत निर्देश जिलाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अफसरों को भेजा है।






    माध्यमिक स्कूलों में 16 से पढ़ाई, परिषदीय स्कूलों पर निर्णय बाद में

    लखनऊ: कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप थमते ही योगी सरकार ने स्कूल-कालेजों में पढ़ाई शुरू कराने का फैसला कर लिया है। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए कक्षा की पचास फीसद क्षमता के साथ 15 अगस्त से माध्यमिक शिक्षा के स्कूल खोले जाएंगे और 16 अगस्त से पढ़ाई शुरू होगी। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी एक सितंबर से कक्षाएं शुरू करने का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है।


    मुख्यमंत्री ने सोमवार को लोकभवन में टीम-9 के साथ कोरोना संक्रमण के हालात की समीक्षा की। इसमें विचार-मंथन हुआ कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब काबू में है, इसलिए स्कूल-कालेजों में पढ़ाई शुरू की जानी चाहिए। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षण संस्थानों में नए सत्र की शुरुआत कोविड प्रोटोकाल के साथ की जाए।

     पहले चरण में 50 फीसद छात्र संख्या के साथ कक्षाएं शुरू की जाएंगी। स्नातक स्तर पर दाखिले की प्रक्रिया पांच अगस्त से शुरू की जाएगी। माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में भी जिन छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया गया है, उनके प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। माध्यमिक शिक्षा (कक्षा नौ से बारह) के छात्रों को 15 अगस्त से बुलाया जाएगा। 

    वे पहले दिन स्वाधीनता दिवस पर आयोजित स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 16 अगस्त से आधी क्षमता के साथ पढ़ाई शुरू होगी। इसी तरह उच्च शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं एक सितंबर से शुरू की जाएंगी। शिक्षण संस्थानों में सैनिटाइजर, इंफ्रारेड थर्मामीटर, मास्क आदि की समुचित व्यवस्था के निर्देश सीएम योगी ने दिए हैं। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई शुरू करने की तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी के लिए कह दिया गया है। 


    ■ कोविड प्रोटोकाल के पालन का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

    ■ सभी कक्षाएं 50 फीसद क्षमता के साथ चलेंगी

    लगेंगे विशेष टीकाकरण शिविर

    पढ़ाई शुरू करने के साथ ही सरकार को छात्र-छात्रओं के स्वास्थ्य की भी चिंता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि शिक्षण संस्थानों के शुरू होने के साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों के टीकाकरण के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं।

    कक्षा 8 तक के विद्यालयों में बच्चों को बुलाने पर लगी रहेगी रोक- डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का बयान




    यूपी में स्कूल खोलने की कार्ययोजना बनाने का सीएम योगी का निर्देश

    यूपी में स्कूल खोलने की कार्ययोजना बनाने का सीएम योगी का निर्देश


    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की सुधरती स्थिति को देखते हुए बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को टीम 9 की बैठक में यह निर्देश दिए।


    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की सुधरती स्थिति को देखते हुए बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

    मुख्यमंत्री ने शनिवार को टीम 9 की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। उत्तर प्रदेश में हर दिन ढाई लाख से तीन लाख टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 फीसदी तक आ सैम्पल की जांच की जा चुकी है। अलीगढ़, अमरोहा, एटा, कासगंज, कौशाम्बी, महोबा, मुरादाबाद और श्रावस्ती में अब कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जिले कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। 55 जिलों संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका देखते हुए सभी जरूरी प्रयास यथाशीघ्र पूरी की जाए।

    यूपी : गांधी जयंती पर छात्रों को मिलेगी शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि, 31 अगस्त तक करना होगा आवेदन

    यूपी : गांधी जयंती पर छात्रों को मिलेगी शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि,  31 अगस्त तक करना होगा आवेदन


    लखनऊ : आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों को शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की जानकारी नहीं हो पाती जिससे वे लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसके लिए अब दो अक्टूबर और 26 जनवरी को हर जिले में समारोह आयोजित करके जागरूक करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला स्तरीय आयोजन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और जिले के समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों को दी गई है। मंगलवार को होने वाली विभागीय बैठक में समारोह के प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है।


    पहली बार होने वाले अपनी तरह के इस पहले आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिला प्रशासन को सभी जिलों के विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाने और प्रभारी मंत्रियों और जन प्रतिनिधियों का बुलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। 31 अगस्त तक आवेदन करने वाले सभी छात्रों (नवीनीकरण कराने वाले विद्यार्थी) को दो अक्टूबर को शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा। एक जिले में 200 से 300 छात्रों को समारोह में शरीरिक दूरी व कोरोना नियमों के तहत बुलाया जाएगा, लेकिन आवेदन करने वाले पात्र सभी छात्रों के खाते में आनलाइन भुगतान कर दिया जाएगा। पहली बार नए आवेदन करने वाले छात्रों को 26 जनवरी को दुबारा होने वाले समारोह के साथ भुगतान सीधे खाते में भेजा जाएगा। पहली बार होने वाले समारोह को सफल बनाने के लिए हर जिले को विभाग की ओर से एक लाख रुपये का अतिरिक्त बजट भी दिया जाएगा।

    पांच लाख छात्रों को मिलेगा लाभ: 

    दो अक्टूबर को राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों में होने वाले समारोह के साथ ही पांच लाख विद्यार्थियों के खाते में शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान कर दिया जाएगा। 31 अगस्त के बाद बढ़ी आवेदन तिथियों (30 सितंबर और 10 अक्टूबर) तक आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान सीधे उनके खाते में किया जाएगा। नई नियमावली के अनुसार 26 जनवरी तक भुगतान प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान किया गया है।

    समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक, पीके त्रिपाठी ने बताया कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के प्रति छात्रों को जागरूक करने के लिए पहली बार समारोह आयोजित किया जा रहा है। दो अक्टूबर और 26 जनवरी को होने वाले समारोह का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंगलवार को होने वाले विभागीय बैठक में इस पर मुहर लगने की संभावना है। कोरोना संक्रमण के चलते सीमित संख्या में ही लोग शामिल होंगे।

    यूपी बोर्ड : उत्तीर्ण फार्मूला में संबंधित कक्षाओं का जिक्र, लेकिन कक्षावार कितने प्रतिशत अंकों से रिजल्ट बना ये जानकारी नहीं

    यूपी बोर्ड : उत्तीर्ण फार्मूला में  संबंधित कक्षाओं का जिक्र, लेकिन कक्षावार कितने प्रतिशत अंकों से रिजल्ट बना ये जानकारी नहीं


    लखनऊ : माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2021 की परीक्षा के बिना हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के रिजल्ट जारी करने के लिए फॉर्मूला तय हुआ। फॉर्मूला उस समय सार्वजनिक भी हुआ जब पंजीकृत छात्र-छात्रओं के पिछली परीक्षाओं के अधिकांश अंक वेबसाइट पर अपलोड हो गए थे। विभाग के अफसर यह भी दावा कर रहे हैं कि उनके फॉर्मूला को सीबीएसई सहित कई अन्य बोर्ड्स ने भी अपनाया। लेकिन, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शनिवार को जारी रिजल्ट में उस फॉर्मूला के तहत कक्षावार कितने प्रतिशत अंक शामिल किए, यह नहीं बताया है।


    यूपी बोर्ड से संबद्ध कालेजों का 10वीं व 12वीं का रिजल्ट इस बार बिल्कुल अलग है, क्योंकि परिणाम विद्यार्थियों के पिछले प्रदर्शन पर आधारित है। इसे तैयार करने के लिए विभाग को खूब जूझना पड़ा, क्योंकि बोर्ड मुख्यालय पर हाईस्कूल, इंटर की पिछली परीक्षाओं के अलावा इस वर्ष की प्रायोगिक व आंतरिक परीक्षाओं के ही अंक उपलब्ध थे। 9वीं, 11वीं की वार्षिक, अर्धवार्षिक व प्रीबोर्ड के अंक कालेजों से मंगाए गए थे। वेबसाइट शुरू करके कम समय में यह कार्य पूरा हुआ। इसी के बाद रिजल्ट का फॉर्मूला बना। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तय फॉर्मूला को खूब प्रचारित किया।


    दोनों परीक्षाओं का रिजल्ट देते समय संबंधित कक्षाओं का जिक्र है लेकिन, कितने प्रतिशत अंकों से रिजल्ट बना ये गायब हो गया है। इसकी वजह यह है कि रिजल्ट के बाद यदि विवाद होता है तो अफसर बचे रहें। इसीलिए सुरक्षित रास्ता चुना गया है।


    यहां तक कि परिणाम की घोषणा करने के लिए अफसर मीडिया के सामने नहीं आए, सिर्फ चंद आंकड़े दे दिए गए। इतना ही नहीं, यूपी बोर्ड के माध्यमिक कालेजों में विद्यार्थियों को किस तरह आंख मूंदकर प्रवेश दिया जाता है, रिजल्ट ने उसे भी सामने ला दिया। हाईस्कूल का अंकपत्र बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का त्रुटिपूर्ण और फर्जी मिला है, इसीलिए उसका रिजल्ट प्रतिशत कम है।

    ये फॉर्मूला बना था

    ■ 10वीं के लिए 9वीं के 50 प्रतिशत व 10वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक शामिल करना।

    ■ 12वीं के लिए 10वीं के 50 प्रतिशत, 11वीं के 40 व 12वीं प्री-बोर्ड परीक्षा के 10 प्रतिशत अंक शामिल करना।


    परिणाम में ये रहा

    ■ 10वीं के लिए 9वीं की वार्षिक परीक्षा व 10वीं की प्रीबोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक से।

    ■ 12वीं के लिए 10वीं की बोर्ड परीक्षा, 11वीं वार्षिक या अर्धवार्षिक परीक्षा, 12वीं प्रीबोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक से।

    माध्यमिक शिक्षा स्तर पर निष्ठा कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षकों के ऑनलाइन क्षमता संवर्द्धन के सम्बन्ध में

    माध्यमिक शिक्षा स्तर पर निष्ठा कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षकों के ऑनलाइन क्षमता संवर्द्धन के सम्बन्ध में।





    मदरसा बोर्ड : ऑनलाइन क्लास करने वाले छात्रों को मिलेंगे ज्यादा नंबर

    मदरसा बोर्ड : ऑनलाइन क्लास करने वाले छात्रों को मिलेंगे ज्यादा नंबर


    ● 15 अगस्त से पहले घोषित हो सकता है मदरसा बोर्ड का परिणाम

    ● विद्यार्थियों का डाटा फीड करने में जुटा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग


    गोरखपुर : सीबीएसई और यूपी बोर्ड की तर्ज पर मदरसा बोर्ड भी सेकेंड्री (मुंशी, मौलवी ), आलिम (इंटर), कामिल (स्नातक) एवं फाजिल (स्नातकोत्तर) का परिणाम घोषित करने की तैयारी कर रहा है। 15 अगस्त से पहले परिणाम घोषित किया जा सकता है। बोर्ड के निर्देश पर सभी जिलों से सत्रंक अंक की फी¨डग कराई जा रही है। बोर्ड परीक्षा के लिए जिले से करीब दो हजार छात्रों ने फार्म भरा था।


    परीक्षा परिणाम पिछली परीक्षाओं के अंकों के आधार पर घोषित किया जाएगा। इसके लिए यूपी बोर्ड को आधार माना जाएगा। किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाएगा। मदरसा अंजुमन इस्लामियां के शिक्षक मोहम्मद अजीम फारुकी ने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा सेकेंड्री, आलिम, कामिल एवं फाजिल के विद्यार्थियों का डाटा मांगा गया था जो उपलब्ध करा दिया गया है।


    इस फॉर्मूले पर मिलेगा नंबर: मदरसा बोर्ड ने नंबर को लेकर मानक नहीं बताए हैं, लेकिन यह माना जा रहा है कि मूल्यांकन का आधार पिछली कक्षा में मिले अंक को बनाया जाएगा। साथ ही आनलाइन क्लास में उपस्थिति और प्रोजेक्ट जमा करने पर अंक दिए जाएंगे।


    जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि आनलाइन कक्षा में उपस्थित रहने वाले छात्र-छात्रओं का डाटा फीड किया जा रहा है। नियमित आनलाइन क्लास करने वालों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे, लेकिन कितने अंक दिए जाएंगे यह बोर्ड तय करेगा।

    हाथरस : बीइओ ने निरीक्षण में खुले स्कूलों को पोर्टल पर दर्शाया बन्द, बीएसए के पत्र के जवाब में गलती की स्वीकार

    हाथरस : बीइओ ने निरीक्षण में खुले स्कूलों को पोर्टल पर दर्शाया बन्द, बीएसए के पत्र के जवाब में गलती की स्वीकार

     बेसिक शिक्षा विभाग के ज्यादातर कार्य प्रेरणा पोर्टल पर हो रहे हैं, जिसमें बच्चों को पढ़ाना हो या फिर स्कूल व बच्चों से संबंधित जानकारी की बात हो सब कुछ प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड हो रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण व निरीक्षण आख्या भी प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इस पोर्टल पर सहपऊ के छह स्कूलों को निरीक्षण में बंद दर्शा दिय जबकि स्कूल खुले हुए थे। इस बात को लेकर संबंधित स्कूलों के स्टाफ को नोटिस भी जारी हो गया, लेकिन जैसे ही यह पता चला कि बीईओ द्वारा गलती से प्रेरणा पोर्टल पर छह स्कूल बंद दर्शा दिए गए हैं तो संबंधित बीईओ ने अपनी भूल का सुधार करते हुए इस संबंध में बीएसए को भी पत्र लिखकर जानकारी दी है। 30 जुलाई को बीएसए ने पत्र जारी कर छह स्कूलों के पूरे स्टाफ से सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा था, क्योंकि बीईओ सहपऊ बीएन देपुरिया ने प्रेरणा निरीक्षण पोर्टल पर जुलाई 2021 में छह

    स्कूलों को बंद दर्शा दिया था। जबकि ये स्कूल बंद नहीं थे। पत्र जारी होने के बाद संबंधित स्कूलों के शिक्षक शिक्षिका परेशान हो गए। इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उन्होंने स्कूल बंद न होने की बात कही तो बीईओ देपुरिया को भी इस बात का अहसास हुआ और फिर अपनी गलती को स्वीकार करते हुए बीएसए को बीईओ ने पत्र लिखा है। जिसमें बीईओ वीएन देपुरिया ने कहा है कि यह सभी निरीक्षण प्रेरणा निरीक्षण पोर्टल पर किए गए, जिसमें टीचिंग स्टोपेड पैटर्न का प्रयोग किया गया। विद्यालय खुले थे और स्टाफ कार्य कर रहा था।
    उनकी एक रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके निरीक्षण के वक्त स्कूल खुले थे। प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करते वक्त कहीं कोई गलती हुई है। इसमें बीईओ सहपऊ की गलती थी। शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी





    यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं के परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए यूपीएमएसपी ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

    यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं के परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए यूपीएमएसपी ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर



    यूपी बोर्ड : परीक्षाफल से समस्या है तो करें ईमेल





    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कक्षाओं के परिणाम से असंतुष्ट छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रयागराज समेत मेरठ, बरेली, वाराणसी व गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों में सोमवार से हेल्प डेस्क शुरू की जा रही है जहां छात्र-छात्राएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा रहेगी।


    बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक छात्र की समस्या का नियम संगत तरीके से समाधान किया जाएगा। घोषित परीक्षाफल के संबंध में कोई समस्या होने पर छात्र छात्राएं लिखित प्रार्थना पत्र अपने नाम, कक्षा, अनुक्रमांक, जिले का नाम आदि के साथ ई-मेल पर या हेल्प डेस्क पर दे सकते हैं। उनकी शिकायत पर क्या प्रगति हुई इसकी जानकारी ई मेल या फोन से की जा सकती है।


    ● क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज
    ई-मेल roprgresult2021helpdesk@gmail.com
    0532-2423265

    ● क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी
    ई-मेल rovnsresult2021helpdesk@gmail.com
    0542-2509990

    ● क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ
    ई-मेल romrtresult2021helpdesk@gmail.com
    0121-2660742

    ● क्षेत्रीय कार्यालय बरेली
    ई-मेल roblyresult2021helpdesk@gmail.com
    0581-2576494

    ● क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर
    ई-मेल rogkpresult2021helpdesk@gmail.com
    0551-2205271

    ● मुख्यालय प्रयागराज
    ई-मेल mspresult2021helpdesk@gmail.com
    0532-2622767

    किस क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन कौन से जिले

    प्रयागराज कार्यालय: लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, झांसी, बांदा, महोबा, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर व प्रतापगढ़

    वाराणसी कार्यालय: सुल्तानपुर, फैजाबाद, बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, अमेठी, आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर व सोनभद्र

    मेरठ कार्यालय: आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, एटा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर व शामली

    बरेली कार्यालय: मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर, संभल, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर व पीलीभीत

    गोरखपुर कार्यालय: बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, संत कबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया व कुशीनगर

    Sunday, August 1, 2021

    हाथरस : जू0हा0शि0संघ द्वारा बीईओ सहपऊ के विरुद्ध अवैध संबद्धिकरण/कथित नोटिस जारी करने/निर्माण कार्य मे कमीशन वसूली आदि आरोप लगाते हुए की गई शिकायत

    हाथरस : जू0हा0शि0संघ द्वारा बीईओ सहपऊ के विरुद्ध अवैध संबद्धिकरण/कथित नोटिस जारी करने/निर्माण कार्य मे कमीशन वसूली आदि आरोप लगाते हुए की गई शिकायत


    हाथरस। उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक सहपऊ के अध्यक्ष रविंद्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री से लेकर जिला अधिकारी व बीएसए से खंड शिक्षा अधिकारी सहपऊ की शिकायत की है। शिकायत में बीईओ पर विभिन्न आरोप लगाए गए हैं।

    विकास खंड सहपऊ के बीईओ विद्यानंद देपुरिया पर नियम विरुद्ध कार्य किए जाने के आरोप लग रहे हैं। इसे लेकर 11 बिंदुओं की शिकायत बीएसए, डीएम और मुख्यमंत्री से की गई है। इस संबंध में संबंध में जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह की अध्यक्षता में जनपदीय कार्यकारिणी ने शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की और खंड शिक्षा अधिकारी पर विभिन्न आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र बीएसए को सौंपा। इसमें अवैध संबद्ध अनगिनत कथित नोटिस देकर शिक्षकों का उत्पीड़न करना, नोटिसों की प्रति उच्च अधिकारियों को प्रेषित न करना, निरीक्षण में बंद विद्यालय व अनुपस्थित अध्यापकों पर दबाव बनाना, अपने पद का दुरुपयोग कर

    सरकारी अभिलेख (डिस्पेच रजिस्टर) में पिछली तारीख के आदेश जारी करना, नवीन भवन निर्माण में भवन प्रभारियों पर दबाव बनाकर डेढ़ से दो लाख रुपये कमीशन वसूल करना, शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश निरस्त कर उसी दिन विद्यालयों का निरीक्षण कर अनुपस्थित दर्शाना, तीन वर्ष पूर्व नियुक्त अध्यापकों की कार्यभार ग्रहण आख्या उपलब्ध न कराना, बीआरसी पर सामान क्रय व कायाकल्प में गोलमाल करना, अपने एजेंटों द्वारा वसूली कराया जाना, शासनादेश के विपरीत मुख्यालय पर निवास न करना और आय से अधिक संपत्ति एकत्रित करना आदि शिकायतें की हैं। संगठन द्वारा शिकायती पत्र पर उच्च स्तरीय जांच कराकर बीईओ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
    विभागीय आदेशानुसार अनुमति के बाद कार्य कराए गए हैं। जो निर्माण कार्य कराए गए हैं, वह डीसी निर्माण की देखरेख में कराए गए हैं। किसी भी शिक्षक व शिक्षिका का उत्पीड़न नहीं किया गया धन वसूली के जो आरोप लगाए गए हैं, वो पूरी तरह निराधार व असत्य हैं। -वीएन देपुरिया, खंड शिक्षा अधिकारी सहपऊ

    शिक्षक संगठन ने बीईओ सहपऊ पर लगाए आरोप
    संस उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सहपऊ में तैनात रहे बीईओ व एन देपुरिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पदाधिकारियों ने शनिवार को इस बाबत बीएसए के पास शिकायत की। वहीं पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री के पास भेजी है।

    पिछले दिनों डीएम के अनुमोदन के बाद बीईओ के कार्य क्षेत्र में बदलाव कर दिया गया। सहपऊ में तैनात रहे बीईओ वी एन देपुरिया को हसायन भेजा गया। बीईओ विद्यानंद देपुरिया पर नियम विरुद्ध कार्य किए। जाने के आरोप लग रहे हैं। इसे लेकर शिकायत बीएसए, डीएम और मुख्यमंत्री से की गई है। इस संबंध में संघ के जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह की अध्यक्षता में जनपदीय कार्यकारिणी ने शनिवार को बीएसए शाहीन से मुलाकात की और खंड शिक्षा अधिकारी पर विभिन्न आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत में अवैध संबद्धीकरण, अनगिनत कथित नोटिस देकर शिक्षकों का उत्पीड़न करना, नोटिसों की प्रति उच्च अधिकारियों को प्रेषित न करना, निरीक्षण में बंद विद्यालय व अनुपस्थित अध्यापकों पर दबाव बनाना, अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी अभिलेख (डिस्पेच रजिस्टर) में पिछली तारीख के आदेश जारी करना नवीन भवन निर्माण में भवन प्रभारियों पर दबाव बना कर डेढ से वे लाख रुपये कमीशन वसूल करना जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उच्च स्तरीय जांच कराकर बीईओ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

    UP : महिला शिक्षक संघ ने 03 दिन के माहवारी अवकाश की उठाई मांग

    UP : महिला शिक्षक संघ ने 03 दिन के माहवारी अवकाश की उठाई मांग


    उत्तर प्रदेश में महिला शिक्षकों ने महीने में तीन दिनों की छुट्टी की मांग की है। हाल में ही बने यूपी महिला शिक्षक एसोसिएशन ने यह मांग सरकार के सामने रखी है। महिला शिक्षकों का कहना है कि पीरियड के वक्त उन्हें परेशानी होती है, क्योंकि सरकारी स्कूलों के टॉयलेट की स्थिति अच्छी नहीं है। महिला शिक्षक इस मुद्दे को लेकर अभियान चला रहीं हैं। उन्होंने यूपी सरकार के कई मंत्रियों से भी मुलाकात की है और अपनी मांग सामने रखी है। इस मामले में महिला शिक्षक लोगों का सहयोग चाहती है इसलिए उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के लोगों के साथ भी संपर्क किया है।


    महिला शिक्षकों ने अब इसे अभियान बनाने का मन बना लिया है। महिला शिक्षकों का यह एसोसिएशन छह महीने पहले ही बना है और राज्य के 75 में से 50 जिलों में मौजूद है। यह संगठन तेजी से अपना विस्तार कर रहा है। एसोसिएशन की अध्यक्ष सुलोचना मौर्य ने कहा, "ज्यादातर सरकारी स्कूलों में महिला शिक्षकों को 200 से 400 बच्चों के साथ टॉयलेट साझा करना पड़ता है। यहां साफ सफाई की कमी भी होती है। ऐसे में ज्यादातर महिला शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।"


    पानी पीने से बचती हैं महिला शिक्षक

    एसोसिएशन की अध्यक्ष ने कहा "कई बार महिला शिक्षक पानी नहीं पीती ताकि उन्हें बार-बार शौचालय ना जाना पड़े। इस वजह से उन्हें यूरेनरी इंफेक्शन का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को परेशानी तब ज्यादा बढ़ जाती है जब उन्हें पीरियड होता है। क्योंकि कई महिला शिक्षकों को 30 से 40 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाना पड़ता है। महिला शिक्षकों की चिंता के लिए यह एसोसिएशन बना है क्योंकि ज्यादातर शिक्षक एसोसिएशन पुरुष चलाते हैं, जिनमें महिला की समस्याओं पर चर्चा नहीं होती।"


    क्यों जरूरी था यह एसोसिएशन

    एक एसोसिएशन बनाने की आवश्यकता पर बाराबंकी जिले के एक प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक मौर्य ने कहा कि “प्राथमिक विद्यालयों में 60 से 70 प्रतिशत से अधिक शिक्षक महिलाएं हैं। जबकि हमें शिक्षक संघों में सांकेतिक पद दिए जाते हैं, इन पर आमतौर पर पुरुषों का वर्चस्व होता है और वो पीरियड जैसे मुद्दों को नहीं उठाते हैं। लेकिन हम महिलाओं के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है।"


    कागजों पर बेहतर हैं हालात

    कागज पर यूपी के स्कूलों के हालात बहुत बेहतर हैं। 2017-18 के डीआईएसई के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 95.9 प्रतिशत स्कूलों में लड़कियों के लिए एक अलग शौचालय है, जो कि राष्ट्रीय औसत 93.6 प्रतिशत से बहुत अधिक है। बरेली के एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाली एक शिक्षक रुची सैनी जो अब एसोसिएशन के जिला संभाग की प्रमुख भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की 'काया-कल्पा' परियोजना शुरू करने के बाद से शौचालयों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अधिकांश स्कूलों में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालय हैं। हालांकि शौचालय अधिक उपयोग से गंदे हैं और शायद ही कभी साफ किए जाते हैं।


    मुख्यमंत्री को भी सौंपा ज्ञापन

    सैनी ने बताया कि सोशल मीडिया कैंपेन के अलावा उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी मांग रखनी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा “हमारे सोशल मीडिया अभियान की सफलता के बाद हमने राजनीतिक नेताओं से मिलना शुरू कर दिया है। हम पहले ही उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी और स्वामी प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित अन्य मंत्रियों को एक आवेदन सौंप चुके हैं। इसके बाद, हम अपने क्षेत्रों के विधायकों से संपर्क करेंगे और उन्हें हमारे लिए बोलने के लिए कहेंगे। हम अभी तक सीएम से नहीं मिल पाए हैं, लेकिन हमने डाक से एक ज्ञापन सौंपा है।”


    पुरुष शिक्षकों ने भी किया समर्थन
    इस अभियान में कई पुरुष शिक्षकों ने भी महिलाओं का समर्थन किया, विशेष रूप से जिनकी पत्नियों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। उन लोगों ने आगे आकर महिला शिक्षकों की मदद की है। सैनी ने आगे कहा कि मासिक धर्म की छुट्टी एसोसिएशन के पहले कुछ अभियानों में से एक है, वे जल्द ही महिला शिक्षकों की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को उठाएंगी क्योंकि उन्हें ग्रामीण स्कूलों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

    कन्नौज : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें


    कन्नौज : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें


    बीएड प्रवेश परीक्षा 6 अगस्त को, तैयारियां पूरी

    बीएड प्रवेश परीक्षा 6 अगस्त को, तैयारियां पूरी


    उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के दिन परीक्षा केंद्र व उसके 500 मीटर की परिधि में सभी फोटो कॉपी आदि की दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। परीक्षा केंद्र के अंदर भी किसी कार्य के लिए फोटोकॉपी मशीन आदि का प्रयोग नहीं किया जायेगा। यह जानकारी प्रवेश परीक्षा की राज्य समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेई ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी नोडल समन्वयक, नोडल अधिकारियों व अन्य संबंधितों की ऑनलाइन बैठक में दी।


    उन्होंने बताया कि 06 अगस्त को होने वाली संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए परीक्षा निर्देश पुस्तिका, पैकिंग सामग्री, कोरोना सुरक्षा किट व केंद्र आधारित गोपनीय परीक्षा सामग्री सभी नोडल केंद्रों पर पहुंच चुकी हैं। इनकी पूरी गोपनीयता बरकरार रखी जाए। उन्होंने परीक्षा के सुचारू संचालन से जुड़ी जानकारी व उनके दायित्वों और कर्तव्यों की जानकारी भी दी।


    इसके साथ ही सदस्यों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों के शंका समाधान के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन में लगातार अभ्यर्थियों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है। परीक्षा केंद्र पर भी विद्यार्थियों की सुविधाओं व व्यवस्थाओं का ध्यान रखा जाए और इसकी बेहतर व्यवस्था की जाए।

    यूपी बोर्ड परीक्षा : बिना परीक्षा कराए यूपी बोर्ड ने रचा इतिहास, बोर्ड के 100 वर्षों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ रहा हाईस्कूल, इंटरमीडिएट का परिणाम

    यूपी बोर्ड परीक्षा : बिना परीक्षा कराए यूपी बोर्ड ने रचा इतिहास, बोर्ड के 100 वर्षों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ रहा हाईस्कूल, इंटरमीडिएट का परिणाम

    पिछले साल के मुकाबले हाईस्कूल में घटी और इंटर में बढ़ी परीक्षार्थियों की संख्या





    यूपी बोर्ड ने इस बार बिना परीक्षा कराए इतिहास रच दिया। बोर्ड के 100 वर्षों के इतिहास में इस बार सर्वाधिक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में सर्वाधिक छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार हाईस्कूल का परिणाम 16.22 और इंटरमीडिएट का परिणाम 23.25 फीसदी अधिक रहा। यूपी बोर्ड के इतिहास में किन्हीं भी दो वर्षों के अंतराल में सफलता का ग्राफ इतनी तेजी से कभी नहीं बढ़ा। 

    यूपी बोर्ड शताब्दी वर्ष मना रहा है। शताब्दी समारोह को लेकर व्यापक पैमाने पर तैयारी की गई थी, लेकिन कोविड के कारण सबकुछ स्थगित कर दिया गया। शताब्दी वर्ष अब सिर्फ इसलिए याद रखा जाएगा कि यूपी बोर्ड ने बिना परीक्षा लाखों छात्रों का रिजल्ट जारी कर दिया और बोर्ड के इतिहास में पहली बार तकरीबन शत-प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इससे पूर्व वर्ष 1992 के रिजल्ट ने इतिहास रचा था, जब हाईस्कूल में महज 14.70 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए थे और इंटमीडिएट का परिणाम भी केवल 30.30 फीसदी था।

    पिछले साल से तुलना करें तो वर्ष 2020 में हाईस्कूल का रिजल्ट 83.31 फीसदी और इंटरमीडिएट का 74.63 फीसदी था, जो इस बार बढक़र क्रमश: 99.53 फीसदी और 97.88 फीसदी हो गया। वहीं, पिछले साल की तुलना में हाईस्कूल में पंजीकृत छात्रों की संख्या कम हुई है और इंटरमीडिएट में बढ़ी है। वर्ष 2020 में हाईस्कूल में तीस लाख 24 हजार 480 परीक्षार्थी और इस वर्ष 29 लाख 96 हजार 31 विद्यार्थी पंजीकृत थे। वहीं, इंटरमीडिएट में वर्ष 2020 में 25 लाख 86 हजार 339 और इस वर्ष 26 लाख 10 हजार 247 विद्यार्थी पंजीकृत थे।

    इस वर्ष पंजीकृत विद्यार्थियों में तकरीबन सभी उत्तीर्ण घोषित कर दिए जाएंगे,ख्यह पहले से ही स्पष्ट हो चुका था और यह भी तय था कि बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के रिजल्ट को इतिहास रचने जा रहा है। बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि रिजल्ट कुछ दिनों पहले ही तैयार कर लिया गया था, लेकिन बोर्ड के अधिकारी सीबीएसई के  परिणाम का इंतजार कर रहे थे। इससे पहले भी सीबीएसई ने जब परीक्षा निरस्त की थी तो उसके बारद यूपी बोर्ड ने परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया था। 

    छात्र-छात्राओं के बीच घटा सफलता का फासला
    यूपी बोर्ड के वर्ष 2021 के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के परिणाम में छात्र-छात्राओं के बीच सफलता का फसला काफी कम हो गया। हाईस्कूल में छात्राओं को उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों के मुकाबले 0.03 और इंटरमीडिएट में 0.93 अधिक रहा। वहीं, पिछले वर्ष हुई परीक्षा में यह फासला अधिक था। वर्ष 2020 में हाईस्कूल में छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों की तुलना में 7.41 और इंटरमीडिएट में 13.08 अधिक था।

    70 हजार परीक्षार्थियों केरिजल्ट में फंस गया था पेच
    यूपी बोर्ड का रिजल्ट तैयार होने के बाद तकनीकी गड़बड़ी के कारण तकरीबन 70 हजार परीक्षार्थियों केरिजल्ट में पेच फंस गया था। सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी गड़बड़ी की वजह से इन अभ्यर्थियों को पूर्णांक से अधिक अंक मिल गए थे। मामला सामने आने पर संशोधन केबाद रिजल्ट जारी किया गया। हालांकि इस बारे में यूपी बोर्ड केअफसर कुछ बोलने से इंकार कर रहे हैं।

    Saturday, July 31, 2021

    स्कूल, कालेज खोलने पर केंद्र जल्द लेगा फैसला, राज्यों के साथ चर्चा के बाद जारी हो सकती है गाइडलाइन

    स्कूल, कालेज खोलने पर केंद्र जल्द लेगा फैसला, राज्यों के साथ चर्चा के बाद जारी हो सकती है गाइडलाइन


    कोरोना संक्रमण में पहले के मुकाबले भारी कमी दर्ज होते ही स्कूल-कालेजों सहित दूसरे सभी शैक्षणिक संस्थानों को खोलने का सिलसिला फिर चल पड़ा है। मध्य प्रदेश, बिहार व हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों ने नौवीं से 12वीं तक के स्कूलों को अपनी सहूलियत के आधार पर खोल दिए हैं। हालांकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य अभी इसको लेकर असमंजस में हैं। ऐसी स्थिति में केंद्र ने राज्यों के असमंजस को खत्म करने को लेकर रुचि दिखाई है। साथ ही संकेत दिया है कि राज्यों के साथ चर्चा करके जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा। जरूरत पड़ी तो स्टैंडर्ड गाइडलाइन भी जारी की जाएगी।


    कुछ राज्य अभी कोई निर्णय नहीं ले पाए
    शिक्षा मंत्रालय ने शैक्षणिक संस्थानों को खोलने पर यह दिलचस्पी उस समय दिखाई है, जब संक्रमण में कमी आने पर कई राज्यों ने अपने स्कूल खोल दिए हैं, जबकि कुछ राज्य अभी कोई निर्णय नहीं ले पाए हैं। यह स्थिति तब है, जब कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्कूल-कालेज खोलने और बंद करने का अधिकार दिया गया था। फिलहाल अभिभावकों और छात्रों की ओर से इस पर उठाए जा रहे सवालों को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों के साथ इस पर चर्चा करने का फैसला लिया है।


    अगले हफ्ते राज्यों के साथ इस मसले पर हो सकती है चर्चा
    सूत्रों के अनुसार, अगले हफ्ते राज्यों के साथ इस मसले पर चर्चा हो सकती है। इस चर्चा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी मौजूद रह सकते हैं। शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने को लेकर सवाल इसलिए भी उठाए जा रहे हैं, क्योंकि कोरोना संक्रमण में कमी के बाद बाजार, माल, क्लब, सिनेमा आदि पहले जैसी सामान्य स्थिति में बहाल कर दिए गए हैं। ट्रेनों और बसों में भी सामान्य आवाजाही शुरू हो गई है। वैसे भी 12वीं का रिजल्ट आने के बाद से उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिला शुरू होने वाला है। आने वाले दिनों में नीट जैसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा भी होने वाली है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखा गया तो समस्याएं और बढ़ सकती हैं।


    वैक्सीनेशन की मांगी रिपोर्ट
    शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों से शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के वैक्सीनेशन की भी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सीबीएसई और यूजीसी को भी निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में अब तक हुए वैक्सीनेशन की पूरी जानकारी जुटाएं और यह सुनिश्चित करें कि शिक्षण संस्थानों से जुड़े सभी कर्मचारी वैक्सीन की डोज लगवा लें। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद मंत्रालय निर्णय लेने की स्थिति में होगा।

    CBSE रिजल्ट 2021: परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए बोर्ड जारी करेगा दिशा-निर्देश

    CBSE रिजल्ट 2021: परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए बोर्ड जारी करेगा दिशा-निर्देश


    सीबीएसई के 12वीं के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए जल्द ही सीबीएसई दिशा निर्देश जारी करेगा। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डा.संयम भारद्वाज ने बताया कि जो छात्र अपने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट हैं उनके लिए आवेदन प्रक्रिया सहित अन्य जानकारियां जल्द ही जारी की जाएंगी। उस निर्देश के अनुसार उनको आवेदन करना होगा।


    ऐसे हुआ है मूल्यांकन
    सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डा.संयम भारद्वाज कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए परीक्षा रद्द होने के बाद बोर्ड ने वैकल्पिक मूल्यांकन नीति के आधार पर परिणामों की घोषणा की है।


     बोर्ड द्वारा गठित 13 सदस्यीय समिति के फैसले के मुताबिक 30 फीसदी अंक दसवीं बोर्ड परीक्षा के आधार पर, अगले 30 फीसदी अंक 11वीं कक्षा के और 40 फीसदी अंक 12वीं कक्षा के यूनिट, अर्द्धवार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर दिए गए हैं। अंक नीति को सफलतापूर्वक और निश्चित समय सीमा में लागू करने के लिए, शिक्षकों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को महत्वपूर्ण माना गया था। इसलिए, स्कूलों की सुविधा के लिए और परिणामों के संकलन में उनकी सहायता करने व किसी भी त्रुटि से बचने के लिए सीबीएसई की आईटी टीम द्वारा एक व्यापक और सुविधा संपन्न प्रणाली विकसित की गई थी। भारद्वाज ने कहा कि लगभग एक लाख छात्र सीबीएसई के अलावा अन्य बोर्ड से थे।

    बेसिक स्कूलों में अगस्त तक सभी विद्यार्थियों को मिल जाएंगी पाठ्य पुस्तकें

    बेसिक स्कूलों में अगस्त तक सभी विद्यार्थियों को मिल जाएंगी पाठ्य पुस्तकें


    लखनऊ । बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अगस्त महीने में पाठ्यपुस्तकें वितरित हो जाएंगी। परिषदीय स्कूलों के 1.85 लाख विद्यार्थियों को अब तक 65 प्रतिशत किताबें का वितरण हो गया है। हालांकि पाठ्यपुस्तक वितरण में टेंडर प्रक्रिया के चलते तीन महीने का विलंब हो गया है। 

    बेसिक शिक्षा विभाग के पाठ्य पुस्तक अधिकारी श्याम किशोर तिवारी के अनुसार शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा 1 से 8 तक के 1 करोड़ 85 लाख से अधिक छात्रों को पुस्तकों का वितरण किया जाना है। 65 प्रतिशत कितबें प्रकाशित कराकर स्कूलों को भेज दी गई है। जबकि शेष 35 प्रतिशत किताबें अगस्त तक स्कूलों में पह्यंच जाएँगी. उन्होंने बताया कि में शिक्षण कार्य बंद होने के कारण शिक्षकों को विद्यार्थियों के घर तक पाठ्यपुस्तकें पहुंचाने की जिम्मेदारी दी है।

    Friday, July 30, 2021

    यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का परिणाम घोषित

    यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का परिणाम घोषित


    ■   upmsp.edu.in,    upresults.nic.in पर करें चेक


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    10वीं में 99.52 फीसदी और 12वीं में 97.88 फीसदी बच्चे पास हुए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण यूपी बोर्ड ने बिना परीक्षा के पहली बार रिजल्ट निकाला है। इस साल राज्य में कक्षा 10वीं, 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए 56,06,278 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 29,96,031 कक्षा 10वीं के और 26,10,247 कक्षा 12वीं के विद्यार्थी थे। 





    Up Board 10th-12th Result : यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट की तिथि की घोषणा हो गई है। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट साथ-साथ एक ही दिन जारी किया जाएगा।  31 जुलाई, शनिवार को 3:30 बजे यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए जाएंगे।


    नतीजों की घोषणा के बाद स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in और upmsp.edu.in पर भी चेक कर सकेंगे। इस साल राज्य में कक्षा 10वीं, 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए 56,03,813 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 29,94,312 कक्षा 12वीं के छात्र हैं और 26,09,501 कक्षा 10वीं के छात्र हैं।


    गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष 10वीं 12वीं बोर्ड की परीक्षा नहीं आयोजित हो पाई। वहीं परीक्षार्थियों को स्क्रूटनी का विकल्प भी इस बार नहीं मिलेगा। बोर्ड परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए माध्यमिक बोर्ड की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की भी दी गई है। ये परीक्षार्थी परिणाम घोषित होने के बाद संबंधित विद्यालय के माध्यम से आवेदन करेंगे। हालात सामान्य पर इनकी परीक्षा कराई जाएगी।


    UPMSP UP Board 10th 12th Result 2021: यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का परिणाम आज घोषित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के अध्यक्ष व शिक्षा निदेशक विनय कुमार पाण्डेय की ओर से शुक्रवार को देर शाम इस संबंध में सूचना जारी की गई। सूचना के अनुसार दोपहर 3:30 बजे परीक्षा परिणाम जारी किए जाएंगे। 


    इस साल कोरोना वायरस की वजह से परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया गया था। वहीं परीक्षार्थियों को स्क्रूटनी का विकल्प भी इस बार नहीं मिलेगा। इस साल राज्य में कक्षा 10वीं, 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए 56,03,813 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 29,94,312 कक्षा 12वीं के छात्र हैं और 26,09,501 कक्षा 10वीं के छात्र हैं।


    ■  इस फॅार्मेूले से तैयार किया गया है रिजल्ट

    ● - इस वर्ष हाईस्कूल (10वीं) का रिजल्ट 9वीं के 50% अंकों, 10वीं की प्री बोर्ड लिखित परीक्षा के 50% अंकों और 30% के आंतरिक मूल्यांकन में मिले वास्तविक अंकों को जोड़कर तैयार किया जाएगा। 

    ● - 12वीं का रिजल्ट हाईस्कूल के कुल अंकों के औसत का 50%, 11वीं के 40% और 12वीं प्री बोर्ड के 10% को जोड़कर तैयार किया जाएगा। 10वीं में आंतरिक मूल्यांकन व 12वीं में प्रैक्टिकल के वास्तविक अंक जोड़े जाएंगे।

    ● इस साल परीक्षार्थियों की मेरिट सूची नहीं जारी होगी। किसी परीक्षार्थी को लिखित परीक्षा में न्यूनतम पासिंग मार्क नहीं मिल पाए हैं लेकिन आंतरिक मूल्यांकन या प्रैक्टिकल में पास है तो उसे बिना किसी अंक के प्रमोट कर दिया जाएगा।