DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, August 22, 2119

अब तक की सभी खबरें एक साथ एक जगह : प्राइमरी का मास्टर ● इन के साथ सभी जनपद स्तरीय अपडेट्स पढ़ें


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ टुडे
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी
  • प्राइमरी का मास्टर कॉम
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर खबरें faizabad, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com fatehpur, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर 2019
  • प्राइमरी का मास्टर अवकाश तालिका 2019
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़ इन हिंदी लैंग्वेज
  • primary ka master 69000 
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master latest news 2018 
  • primary ka master 69000 
  • news.primarykamaster.com 2019 
  • news.primarykamaster.com 2020   
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master transfer news 2019 
  • primary ka master app 
  • primary ka master transfer news 2018-19 
  • primary ka master todays latest news regarding 69000 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master mutual transfer 
  • up primary teacher transfer latest news 
  • primary teacher ka transfer



स्क्रॉल करते जाएं और पढ़ते जाएं सभी खबरें एक ही जगह। जिस खबर को आप पूरा पढ़ना चाहें उसे क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

    Saturday, December 5, 2020

    69000 शिक्षक भर्ती में संशोधन की मंजूरी से अभ्यर्थियों में कहीं खुशी तो कहीं गम

    69000 शिक्षक भर्ती में संशोधन की मंजूरी से अभ्यर्थियों में कहीं खुशी तो कहीं गम


    प्रदेश सरकार की ओर से 69000 शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों की ओर से ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की मंजूरी देने के बाद उनमें खुशी की लहर दौड़ गई। सरकार की ओर से आवेदन में कुछ शर्तों के आधार पर संशोधन को मंजूरी के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों में खुशी है तो वहीं दूसरी ओर कुछ अभ्यर्थियों के हाथ निराशा हाथ लगी है।


    सरकार ने उन अभ्यर्थियों को संशोधन की मंजूरी नहीं दी है, जिन्होंने अपने प्राप्तांक बढ़ा दिए हैं। पुरुष वर्ग के अभ्यर्थियों ने महिला वर्ग भरा है, उन्हें संशोधन का मौका नहीं दिया गया है। सामान्य वर्ग के लोगों ने एससी, एसटी, ओबीसी भर दिया था। ऐसे व्यक्तियों को भी बाहर जाना होगा जिन्होंने दिव्यांग कोटे की सीट ली है।


    शासन की ओर से त्रुटि संशोधन के लिए जारी दिशा निर्देश में कम पूर्णांक, प्राप्तांक भरा है उनका चयन मान्य होगा। बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के चयन के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश के तहत बाहरी राज्य के अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। 

    नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के डिग्री व डिप्लोमा कोर्सों की कक्षाएं शुरू कराने के निर्णय के बाद यूपी सरकार अब एमबीबीएस एवं बीडीएस की कक्षाएं भी शुरू कराने की तैयारी में

    नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के डिग्री व डिप्लोमा कोर्सों की कक्षाएं शुरू कराने के निर्णय के बाद यूपी सरकार अब एमबीबीएस एवं बीडीएस की कक्षाएं भी शुरू कराने की तैयारी में


    नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के डिग्री व डिप्लोमा कोर्सों की कक्षाएं शुरू कराने के निर्णय के बाद राज्य सरकार अब एमबीबीएस एवं बीडीएस की कक्षाएं भी शुरू कराने की तैयारी में लग गई है। इसके तहत अगले महीने के पहले सप्ताह से एमबीबीएस व बीडीएस की कक्षाएं कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए शुरू की जाएंगी।  राज्य सरकार ने इसके लिए प्रदेश के सभी मेडिकल एवं डेंटल कालेजों से कोविड 19 से बचाव की तैयारियों की जानकारी मांगी है।


    साथ ही हॉस्टल, लाइब्रेरी व लेबोरेटरी आदि में सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़ी गाइड लाइन की तैयारियों के बारे में भी सभी मेडिकल एवं डेंटल कालेजों से सूचनाएं मांगी गई है। इन जरूरी तैयारियों का जायजा लेने के बाद कक्षाओं के शुरू करने की तिथि तय की जा सके। बताया जाता है कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल की भांति एमबीबीएस एवं बीडीएस की कक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को भी कक्षा में शामिल होने के लिए अपने माता-पिता या अभिभावक की सहमति पत्र लाना भी अनिवार्य होगा। 


    साथ ही मेडिकल कालेजों को कक्षाएं शुरू होने से पहले सभी कक्षाओं को पूरी तरह से सेनिटाइज करना अनिवार्य होगा जबकि शिक्षकों के साथ-साथ हर छात्र-छात्राओं को हॉस्टल, लैबोरेटरी तथा एकेडिमिक ब्लाकों में सेशोल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा। प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था एवं छात्रों को आरोग्य सेतु ऐप को मोबाइल में डाउन लोड करना भी जरूरी होगा।सरकार ने बुधवार को नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के डिग्री व डिप्लोमा कोर्सों की कक्षाएं कुछ शर्तों के साथ शुरू करने की अनुमति दे दी है।


    इसके तहत प्रदेश में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं की ऑफलाइन कक्षाएं निर्धरित की गई तिथियों से शुरू की जाएंगी। इसमें बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं तथा पैरामेडिकल डिग्री प्रशिक्षण 8 दिसम्बर से शुरू होंगे जबकि एमएससी नर्सिंग की कक्षाएं एवं पैरामेडिकल डिप्लोमा प्रशिक्षण (फार्मेसी सहित) 11 दिसम्बर से शुरू होंगी। वहीं पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं 14 दिसम्बर से प्रारम्भ होंगी जबकि जीएनएम तथा एएनएम की कक्षाएं 17 दिसम्बर से प्रारम्भ की जाएंगी।

    Friday, December 4, 2020

    अहम सवाल -बिना टैबलेट कैसे चेक होंगे अवकाश आवेदन? हेडमास्टरों का विरोध शुरू

    अहम सवाल -बिना टैबलेट कैसे चेक होंगे अवकाश आवेदन?  हेडमास्टरों का विरोध शुरू



    लखनऊ। अवकाश के नियमों के स्पष्टीकरण के बाद हेडमास्टरों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि प्रधानाध्यापकों को अभी तक टैबलेट नहीं दिए गए हैं। ऐसे में वे रोज कहां देखेंगे कि किसी शिक्षक ने आवेदन किया है या नहीं? आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। सरकार ने शिक्षकों के चार आकस्मिक अवकाश को मंजूर नामंजूर करने की जिम्मेदारी हेडमास्टरों को सौंपी है। विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष तिवारी का कहना है कि प्रधानाध्यापकों के पास एंड्रायड फोन या लैपटॉप नहीं है।

    69000 शिक्षक भर्ती आवेदन में त्रुटि संशोधन के लिए धरने पर बैठे अभ्यर्थी सचिव के आश्वासन पर माने

    69000 शिक्षक भर्ती आवेदन में त्रुटि संशोधन के लिए धरने पर बैठे अभ्यर्थी सचिव के आश्वासन पर माने


    69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन की गलती को संशोधित करने के लिए दो दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थी बृहस्पतिवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से वार्ता एवं उनके आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिए।


    इन अभ्यर्थियों ने बताया कि सचिव ने आश्वस्त किया है कि आवेदन में गलती करने वाले परेशान न हों, उनके संबंध में शासन स्तर से जल्द ही कोई आदेश आ जाएगा। इन अभ्यर्थियों के आवेदन एवं मूल प्रमाण पत्रों में अंतर होने के बाद जनपदीय समिति ने काउंसलिंग के बाद प्रमाण पत्रों की जांच में उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया था।

    Thursday, December 3, 2020

    बेसिक शिक्षा की तर्ज पर अब राजकीय इंटर कॉलेज के नवनियुक्त शिक्षकों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण

    बेसिक शिक्षा की तर्ज पर अब राजकीय इंटर कॉलेज के नवनियुक्त शिक्षकों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण


    बेसिक शिक्षा की तर्ज पर अब माध्यमिक शिक्षा विभाग भी अपने नए नियुक्त होने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा। इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को विभाग के ढांचे  के साथ कक्षा प्रबंधन और नवाचार समेत कई विषयों पर जानकारी दी जाएगी।


    यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम 3 दिवसीय होगा। 3317 एलटी ग्रेड शिक्षकों को अभी हाल ही में नियुक्तिपत्र दिए गए हैं। प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में दिया जाएगा। इसके लिए राजकीय या सहायताप्राप्त इंटर कॉलेजों के उत्कृष्ट प्रधानाचार्यों, डायट के प्रवक्ता या ख्यातिप्राप्त शिक्षाविदों को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त शिक्षकों की जिज्ञासाओं और पूछे गए प्रश्नों को भी नोट किया जाएगा और उन्हें विभाग भेजा जाएगा। अभी तक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के बाद कोई भी ऐसा प्रशिक्षण नहीं दिया जाता जिसमें उन्हें आधिकारिक तौर पर विभाग संबंधी या स्कूल संबंधी जानकारियां दी जाएं। 


    प्रशिक्षण के दौरान विभाग के ढांचे और संरचना संबधित जानकारी, अवकाश, परीक्षा प्रणाली, कक्षा प्रबंधन, शिक्षण पद्धतियां, आईटी का इस्तेमाल, नवाचार, खेलकूद, बाल मनोविज्ञान समेत कई विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई नीति के बाद आने वाले बदलावों पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा स्कूल स्तर पर गृह परीक्षा, छात्र उपस्थिति पंजिका, छात्र निधि व अन्य कागजों के रखरखाव की भी जानकारी दी जाएगी।

    CBSE : लिखित होंगी बोर्ड परीक्षाएं, प्रैक्टिकल परीक्षाओं का तलाशा जाएगा विकल्प

    CBSE : लिखित होंगी बोर्ड परीक्षाएं, प्रैक्टिकल परीक्षाओं का तलाशा जाएगा विकल्प

    कोरोना काल में जारी शैक्षणिक बंदी के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्थितियां स्पष्ट की हैं। बोर्ड परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन संबंधी अटकलों को खारिज करते हुए सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाएं लिखित ( परीक्षा केंद्रों ) ही आयोजित की जाएंगी। 


    बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों पर अभी फैसला नहीं : सीबीएसई ने बुधवार को बयान जारी कर कहा है कि बोर्ड परीक्षा के आयोजन की तारीखों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस संबंध में सभी हितधारकों के साथ परामर्श की प्रक्रिया अभी जारी है। परीक्षा जब और जैसे ही आयोजित की जाएगी, वह कोरोना प्रोटोकाल के साथ लिखित आयोजित होंगी। ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाएगा।


    प्रैक्टिकल परीक्षाओं का विकल्प तलाशा जाएगा

    सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के साथ ही प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर भी स्थितियां स्पष्ट की हैं। सीबीएसई ने कहा है कि यदि छात्र बोर्ड परीक्षा से पहले कक्षाओं में प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं दे पा रहे हैं, तो प्रैक्टिकल परीक्षाओं के विकल्पों को तलाशा जाएगा। हालांकि सीबीएसई ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रैक्टिकल परीक्षाओं का विकल्प क्या हो सकता है।


    CBSE Board Exam 2021: ऑनलाइन नहीं, लिखित ही होगी परीक्षाएं, प्रैक्टिकल के लिए हो सकते हैं ‘अल्टरनेटिव्स’, बोर्ड ने दी ये जानकारी


    नई दिल्ली : CBSE Board Class 10 & 12 Exam 2021: सोशल मीडिया पर सीबीएसई की सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं की तिथियों, फॉर्मेट, प्रैक्टिकल एग्जाम, आदि को लेकर लगायी जा रही अटकलों को बोर्ड ने समाप्त कर दिया है। सीबीएसई बोर्ड द्वारा बुधवार, 2 दिसंबर 2020 को बोर्ड एग्जाम 2021 के सम्बन्ध में पहली आधिकारिक सूचना दी गयी। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट किया कि 10वीं और 12वीं के एग्जाम ‘जब और जैसे’ भी आयोजित किये जाएंगे, वे परंपरागत लिखित फॉर्मेट में ही होंगे, न कि ऑनलाइन मोड में। हालांकि, बोर्ड की तरफ से सीबीएसई डेटशीट 2021 को लेकर कहा गया कि अभी तक 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए टाइम-टेबल फाइनल नहीं किया गया है।


    वर्ष 2021 में होने वाली सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को लेकर समाचार एजेंसी पीटीआई को सीबीएसई बोर्ड के डॉ. जोसेफ ईमैनुअल, डायरेक्टर (एकेडेमिक्स) ने कहा, “परीक्षाओं की तिथियों को लेकर कोई भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसके लिए सभी स्टेकहोल्र्डर्स से परामर्श की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। परीक्षाएं जब भी आयोजित होंगी, वे ऑफलाइन मोड में ही होंगी। साथ ही, परीक्षाओं के दौरान कोविड-19 महामारी से सम्बन्धित नियमों का पालन करना होगा।“

    प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए हो सकते हैं ‘अल्टरनेटिव्स

    डॉ. ईमैनुअल ने सीबीएसई प्रैक्टिकल एग्जाम 2021 को लेकर जानकारी दी कि यदि स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षाओं से पहले प्रैक्टिकल के लिए स्कूल में उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो हमें प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए ‘अल्टरनेटिव्स’ यानि वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तलाश करनी होगी।

    ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित 30 फीसदी छात्र

    कोविड-19 महामारी के बीच घर से ऑनलाइन कक्षाएं लेने को मजूबर स्टूडेंट्स के बारे में डॉ. ईमैनुअल ने कहा कि सीबीएसई से सम्बद्ध लगभग 90 फीसदी स्कूल ऑनलाइन माध्यमों से जुड़े हुए हैं और इसलिए वे ऑनलाइन क्लासेस संचालित करने में सक्षम हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि कुल पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 30 फीसदी ऑनलाइन कक्षाएं नहीं ले पा रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सीबीएसई बोर्ड की तरफ से ऐसे स्टूडेंट्स पर विशेष ध्यान देने, आसान व संक्षिप्त नोट्स उपलब्ध कराने और फोन पर उनके डाउट्स को क्लीयर करने के निर्देश दिये गये हैं। बोर्ड द्वारा स्कूलों में ‘पीयर लर्निंग’ को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सीनियर कक्षाओं के छात्र जूनियर स्टूडेंट्स को लर्निंग में मदद कर रहे हैं।

    स्कूलों में नए शिक्षकों की तैनाती में खेल, यूं की गईं गड़बड़ियां

    Irregularities In Appointment Of New Teachers In Schools Of Basic Siksha Parishad

    स्कूलों में नए शिक्षकों की तैनाती में खेल, यूं की गईं गड़बड़ियां


    शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नए टीचरों की तैनाती में खेल किया गया है। शासन ने जो मानक व नियम तय किए थे, उसके अनुसार शिक्षक नहीं तैनात किए गए हैं। जिन विद्यालयों में आवश्यकता नहीं थी, वहां पर भी शिक्षकों की तैनाती दे दी गई है, जबकि ऐसे स्कूल जहां शिक्षकों की ज्यादा जरूरत थी, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया है।


    काफी समय बाद जिले के परिषदीय विद्यालयों को 141 शिक्षक मिले थे। इनमें से 137 को विद्यालयों में तैनाती दे दी गई। बचे चार शिक्षकों के प्रमाणपत्र जमा किए गए मूल प्रमाणपत्र से मेल नहीं खा रहे थे। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  शासन की ओर से जारी नियम, मानक अनुसार छात्रों और शिक्षकों की संख्या के आधार पर तैनाती के लिए स्कूलों की सूची बनाई जाती है।


    इसमें पहले उन विद्यालय को रखा जाता है जहां एक भी शिक्षक नहीं है। इनमें तैनात शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की गिनती नहीं की जाती है। इसके बाद सूची में एकल विद्यालयों को रखा जाता है, जहां एक शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहे हों।


    फिर दो, तीन और इससे ज्यादा शिक्षकों वाले विद्यालयों की बारी आती है। विद्यालयों के शिक्षकों के अनुसार तैनाती में इसलिए गड़बड़ी की जाती है, ताकि बाद में शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया में वसूली की जा सके। जहां पहले से ज्यादा शिक्षक हैं, उनमें गए नए शिक्षकों को बाद में समायोजन की प्रक्रिया में डाल दिया जाता है।


    दो दर्जन विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं
    गोसाईगंज में 35 एकल विद्यालय हैं। यहां 13 स्कूलों में ही शिक्षकों को तैनाती दी गई। माल के 60 एकल विद्यालयों में से 20 में ही तैनाती दी गई। वहीं, 13 शिक्षकों को यहां के दूसरे विद्यालयों में तैनाती दे दी गई। मोहनलालगंज के 23 एकल विद्यालयों में से 11 में तैनाती दी गई और 10 शिक्षकों को यहां के दूसरे स्कूलों में भेज दिया गया।


    सरोजनीनगर के 25 एकल विद्यालयों में से नौ में ही शिक्षकों की तैनाती दी गई और छह को दूसरे स्कूल भेज दिया गया। बीकेटी में आठ एकल स्कूल हैं। यहां एकल विद्यालयों में तैनाती के साथ छह शिक्षकों को भी अन्य स्कूलों में तैनाती दी गई। नगर क्षेत्र में करीब दो दर्जन ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है।


    बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से जो सूचनाएं होती हैं वह यू डायस पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अनुसार ही तैनाती की जाती है। यह उनकी जिम्मेदारी है कि सही व सटीक सूचनाएं उपलब्ध कराएं। - पीएन सिंह, एडी बेसिक, लखनऊ मंडल


    नवनियुक्त शिक्षकों को सबसे पहले बंद और एकल विद्यालयों में भेजा जाना था। आज भी बहुत से एकल विद्यालयों में नए शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई। वहीं, कई जगह जहां शिक्षकों की जरूरत नहीं थी, ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती कर दी गई, जो ठीक नहीं है। - विनय कुमार सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश 

    यूपी बोर्ड परीक्षा-2021 के पाठ्यक्रम में फिर होगी कटौती, 10 से 15 प्रतिशत कम करने पर चल रहा विचार।

    यूपी बोर्ड परीक्षा-2021 के पाठ्यक्रम में फिर होगी कटौती, 10 से 15 प्रतिशत कम करने पर चल रहा विचार।


    10 से 15 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम करने पर चल रहा विचार

    कोरोना के चलते जुलाई में भी 30 प्रतिशत की हुई थी कटौती

    मार्च से अप्रैल के बीच परीक्षा

    डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा-2021 मार्च से अप्रैल के बीच कराई जाएगी। परीक्षा काकार्यक्रम इसी महीने घोषित किया जाएगा।

    लखनऊ : माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा-2021 का पाठ्यक्रम एक बार फिर 10 से 15 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। इसको लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है बोर्ड परीक्षा में 45 लाख से अधिक विद्यार्थी बैठेंगे।


    कोरोना संक्रमण के कारण राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूलों में करीब सात महीने पठन-पाठन बंद रहा। 19 अक्तूबर से शिक्षण कार्य शुरू होने के बाद भी कक्षाएं पूर्व की भांति नहीं चल रही हैं। हालांकि विभाग ने जुलाई में परीक्षा का पाठ्यक्रम 30 प्रतिशत कम किया था, लेकिन ऑनलाइन क्लास तक हर बच्चे की पहुंच नहीं होने से एक बार फिर पाठ्यक्रम कम किया जाएगा सूत्रों के मुताबिक परीक्षा की तारीख व पाठ्यक्रम पर विभाग की नजर सीबीएसई के निर्णय पर है। इसके बाद ही यूपी की परिस्थितियों के अनुरूप अंतिम निर्णय किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि पाठ्यक्रम कम करने पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

    बीएड- बीटीसी छात्रों की शुल्क भरपाई पर लगी रोक, गड़बड़ियां मिलने पर फैसला, सम्बन्धित विभागों को निर्देश जारी

    बीएड- बीटीसी छात्रों की शुल्क भरपाई पर लगी रोक, गड़बड़ियां मिलने पर फैसला, सम्बन्धित विभागों को निर्देश जारी।

    लखनऊ :  प्रदेश में बीएड व बीटीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई पर रोक लगा दी गई है। योजना में लगातार मिल रहीं गड़बड़ियों पर शासन ने यह फैसला किया है। समाज कल्याण समेत सभी संबंधित विभागों को इसके निर्देश दे दिए गए हैं। बीएड व बीटीसी संस्थानों को इस मद में किए गए भुगतान की जांच कराई जा रही है। इसमें लखनऊ के टीडीएल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सिटी कॉलेज, विकट इंस्टीट्यूट और कानपुर के श्री शक्ति डिग्री कॉलेज में गड़बड़ियां मिलीं। लखनऊ के तीनों संस्थानों में किसी भी शिक्षक के वेतन संबंधी बैंक साक्ष्य नहीं मिले। 

    जबकि, यह अनिवार्य है। जिला प्रशासन की जांच टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि ये संस्थान केवल प्रवेश लेने व परीक्षा कराने तक सीमित हैं। कानपुर के संस्थान में 17 शिक्षकों में से 10 ही परीक्षा नियामक प्राधिकारी के यहां से अनुमोदित मिले। अभी अन्य जिलों की रिपोर्ट नहीं आई है, मगर वहां भी गड़बड़ियों की आशंका है। इसी आधार पर शासन ने बीएड व बीटीसी पाठयक्रम के लिए दी जाने वाली राशि जारी करने की अनुमति नहीं दी है।

    Wednesday, December 2, 2020

    बिना प्रवेश परीक्षा, फिर भी 1.34 लाख सीटें खाली, पॉलीटेक्निक के प्रवेश पर कोरोना का ग्रहण।

    बिना प्रवेश परीक्षा, फिर भी 1.34 लाख सीटें खाली, पॉलीटेक्निक के प्रवेश पर कोरोना का ग्रहण।

    अंतिम चरण की काउंसिलिंग शुरू

    प्राविधिक शिक्षा विभाग ने गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का निर्णय लिया तो संस्थावार 10 फीसद सीटें बढ़ा दी गई। सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी संस्थानों में आरक्षण देने के लिए भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने सीटें बढ़ाने की हरी झंडी भी दे दी, पर उन्हें क्या पता कि पहले से मौजूद सीटों को ही भरना चुनौती हो जाएगी। नौ चरण पूरे होने के बावजूद अभी भी 1.34 लाख सीटें खाली हैं।


    कोरोना संक्रमण का ऐसा असर रहा कि निजी संस्थानों में अंतिम चरण तक एक लाख से अधिक सीटों पर प्रवेश का इंतजार है। सरकारी संस्थानों में भी दो हजार से अधिक सीटों पर अभी प्रवेश होने हैं। पांच दिसंबर तक प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो रही है। ऐसे में सीटों को भर पाने में मुश्किलें होंगी।

    पहली बार परीक्षा से वंचित डेढ़ लाख आवेदकों को प्रवेश का मौका दिया गया। संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर प्रवेश के प्रावधानों के बावजूद कोरोना संक्रमण के चलते ऐसा किया गया। काउंसिलिंग के तीन अतिरिक्त चरण हुए, फिर भी सीटें नहीं भर सकी हैं। परिषद के साथ ही संस्थानों के प्रधानाचार्य भी हैरान हैं।


    रिक्त सीटों पर एक नजर

    * 150 सरकारी संस्थानों में रिक्त सीटें 8019 हैं। इनमें सवर्णों के लिए आरक्षित रिक्त सीटें-2547 हैं।

    *19 अनुदानित संस्थानों में रिक्त सीटें 2958 हैं। इनमें सवर्णों के लिए आरक्षित रिक्त सीटें-717 हैं।

    *1202 निजी संस्थानों में रिक्त सीटें 123682 है, इनमें सवर्णों के लिए आरक्षित रिक्त सीटें 15836 हैं।

    31 दिसंबर तक नहीं खुलेंगे कक्षा आठ तक के स्कूल

    31 दिसंबर तक नहीं खुलेंगे कक्षा आठ तक के स्कूल


    प्रतापगढ़ । जिले में कक्षा एक से आठ तक के स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए शासन के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है।


    दिल्‍ली और महाराष्ट्र में कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए शासन ने कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शासन ने 31 दिसंबर तक कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों को बंद रखने को कहा है।


    परिषदीय शिक्षकों को मनचाहे बैंक में वेतन खाता खुलवाने व बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाने व सेविंग एकाउंट के स्थान पर सैलेरी एकाउंट में संचालन का अधिकार दिए जाने की PSPSA ने उठाई मांग।

    परिषदीय शिक्षकों को मनचाहे बैंक में वेतन खाता खुलवाने व बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाने व सेविंग एकाउंट के स्थान पर सैलेरी एकाउंट में संचालन का अधिकार दिए जाने की PSPSA ने उठाई मांग। 

    Haryana Online Education: हरियाणा सरकार कक्षा 8 से 12 तक के Students को फ्री में बांटेगी Tablet

    Haryana Online Education: हरियाणा सरकार कक्षा 8 से 12 तक के Students को फ्री में बांटेगी Tablet


    हरियाणा सरकार (Haryana Government) के छात्र-छात्राओं को मुफ्त में टैबलेट (Free Tablets for Students) देने के फैसले से ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) में बाधा नहीं आएगी. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के स्टूडेंट भी अब हरियाणा सरकार द्वारा दिए जा रहे फ्री टैबलेट (Free Tablet) के माध्यम से अपनी ऑनलाइन क्लास जारी रख सकेंगे.


    नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की वजह से लागू हुए लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों के कारण स्कूलों की पढ़ाई बाधित हो गई. इस दौरान ऑनलाइन क्लास के जरिए शिक्षक छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं. आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। लेकिन बहुत सारे अभिभावक अपने बच्चों की ऑनलाइन क्लास के लिए टैबलेट, लैपटॉप या स्मार्टफोन नहीं खरीद सकते हैं.


    इस समस्या को देखते हुए हरियाणा की बीजेपी सरकार ने कक्षा 8 से 12 तक के सभी छात्र-छात्राओं को फ्री में टैबलेट (Free Tablets for Students) देने का फैसला किया है. जिससे ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) में बाधा ना आए.


    स्टूडेंट्स को मिलेगा फ्री टैबलेट
    हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से ट्वीट किया गया, 'हरियाणा सरकार ने Covid-19 के मद्देनजर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा आठवीं से बाहरवीं के सभी वर्गों जैसे सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग के साथ अल्पसंख्यक वर्गों के छात्र एवं छात्राओं को डिजिटल एजुकेशन की सुविधा देने हेतु नि:शुल्क टैबलेट देने की योजना बनाई है.'


    टैबलेट में होगा प्री-लोडेट कंटेट स्टडी मैटेरियल
    हरियाणा के सीएमओ ने अगले ट्वीट में लिखा कि इस योजना के अंतर्गत बाहरवीं पास करने पर विद्यार्थियों को यह टैबलेट स्कूल को वापिस लौटाना होगा. इसमें प्री-लोडेड कंटेंट के तौर पर डिजिटल पुस्तकों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के टेस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री भी रहेगी, जो सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रमों के अनुसार व कक्षावार होगी.


    गौरतलब है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2020-21 के नए शैक्षिक सत्र में भी ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा सकती है. ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) के लिए सभी छात्र-छात्राओं के पास टैबलेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन होना जरूरी है. लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक ये सारी सुविधाएं अपने बच्चों को उपलब्ध करवाने में सक्षम नहीं हैं.


    ऐसे में अब हरियाणा सरकार (Haryana Government) के छात्र-छात्राओं को मुफ्त में टैबलेट (Free Tablets for Students) देने के फैसले से ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) में बाधा नहीं आएगी. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के स्टूडेंट भी अब हरियाणा (Haryana) सरकार द्वारा दिए जा रहे फ्री टैबलेट (Free Tablet) के माध्यम से अपनी ऑनलाइन क्लास जारी रख सकेंगे.


    आपको बता दें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा आधिकारिक सूचना दी गई कि ऑनलाइन एजुकेशन के लिए सामान्य वर्ग, आरक्षित वर्ग और अल्पसंख्यक वर्गों के सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त में टैबलेट दिया जाएगा.

    बिहार : इम्तिहान में 50% से कम अंक आए तो जाएगी गुरुजी की नौकरी! शिक्षक संघ ने सरकार पर किया पलटवार

    बिहार : इम्तिहान में 50% से कम अंक आए तो जाएगी गुरुजी की नौकरी!  शिक्षक संघ ने सरकार पर किया पलटवार


    शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए बिहार शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) एक नया प्रयोग करने का मन बनाया है. इस नियम के तहत शिक्षकों को प्रोन्नति के बदले अब इम्तिहान देना होगा और 50 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले शिक्षक को नौकरी से निकाला जा सकता है.


    पटना. बिहार में लगातार शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल के बाद एक बार फिर शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) नया प्रयोग करने जा रहा है. इस बार बिहार में नया प्रयोग शिक्षकों की प्रोन्नति के नाम पर होगा, जिसमें 8 वर्ष सेवा दे चुके शिक्षकों को प्रोन्नति के बदले अब इम्तिहान देना होगा. आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।    शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार (Sanjay Kumar) की मानें तो जल्द ही नए नियम के तहत शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी और इस परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक वालों को प्रोन्नति मिलेगी. जबकि 50 से 75 प्रतिशत लाने वालों को दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा. इसके अलावा 50 प्रतिशत से नीचे अंक लाने वालों को सेवा से हटाने पर विचार होगा.


     हालांकि शिक्षा विभाग ने इन नियमों पर अभी मुहर नहीं लगाई है, लेकिन विश्वस्त सूत्रों की मानें तो गुणवत्ता शिक्षा को लेकर दिसम्बर के अंतिम सप्ताह तक इस तरह के नियम बनाये जा सकते हैं.


    सरकार के निशाने पर हैं नियोजित शिक्षक

    आपको बता दें कि राज्य के पौने 4 लाख नियोजित शिक्षक एक बार फिर नीतीश सरकार के सीधे रडार पर हैं, जिनके वेतनमान को लेकर कई वर्षों से चल रही लड़ाई अब तक खत्म नहीं हो सकी है. इस बीच, प्रोन्नति की आस में बैठे शिक्षकों को इस नए नियम के बाद बड़ा झटका भी लग सकता है. हालांकि मेधावी शिक्षकों को इससे फायदा होगा. जबकि सिर्फ डिग्री और नम्बर के आधार पर बहाल शिक्षकों को न तो प्रोन्नति मिलेगी बल्कि नौकरी जाने का भी डर बना रहेगा. यह नियम अगर लागू होता है तो प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक के शिक्षकों के लिए होगा.


    शिक्षक संघ ने कही ये बात
    शिक्षा विभाग के इस नए नियमों को लेकर शिक्षक संघ के कई नेताओं आनंद कौशल और शिक्षक नेता मार्कण्डेय पाठक, अश्विनी पाण्डेय, आनंद मिश्रा ने इसे शिक्षक विरोधी नियम बताया है. उन्‍होंने कहा कि अगर यह शिक्षकों के लिए लागू होता है तो क्यों नहीं इसे हर विभाग में भी लागू किया जाए, जहां कम काबिल और निकम्मे अधिकारी से लेकर कर्मचारी भी सरकार से मोटी रकम लेकर लगातार चूना लगा रहे हैं.

    खबर स्त्रोत : लिंक

    Tuesday, December 1, 2020

    हाथरस : बीएसए की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के चलते 2 सप्ताह तक प्रभार बीईओ मुख्यालय को सौंपे जाने के सम्बन्ध में

    हाथरस : बीएसए की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के चलते 2 सप्ताह तक प्रभार बीईओ मुख्यालय को सौंपे जाने के सम्बन्ध में



    हाथरस : सेवारत प्रशिक्षण के अंतर्गत ऑनलाइन कोर्स हेतु ब्लॉकवार चयनित शिक्षकों की सूची जारी, कोर्स शेड्यूल एवं सूची देखें

    हाथरस : सेवारत प्रशिक्षण के अंतर्गत ऑनलाइन कोर्स हेतु ब्लॉकवार चयनित शिक्षकों की सूची जारी, कोर्स शेड्यूल एवं सूची देखें

    प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्बन्धी SCERT का आदेश एवं कोर्स के लिंक देखने हेतु यहां क्लिक करें।






















     

    Monday, November 30, 2020

    अखिल भारतीय अभिभावक संघ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को दिया मई में CBSE बोर्ड परीक्षा कराने का सुझाव

    अखिल भारतीय अभिभावक संघ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री  को दिया मई में CBSE बोर्ड परीक्षा कराने का सुझाव


    अखिल भारतीय अभिभावक संघ(आइपा) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को सुझाव दिया है कि सीबीएसई की कक्षा 10 व 12 वीं की बोर्ड परीक्षा 2021 की तारीख मई में तय की जाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों से इस संबंध में सुझाव मांगे थे कि अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा कब और कैसे आयोजित की जाएं। 


    आइपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजे गए अपने सुझाव में कहा है कि कोरोनोवायरस के चलते  स्कूल बंद होने के कारण बाधित हुई पढ़ाई को देखते हुए 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को मई 2021में कराया जाए। अन्य कक्षाओं के छात्रों को बिना किसी घरेलू बोर्ड परीक्षा के अगली कक्षा में प्रोन्नति कर दिया जाए। आईपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री व चेयरमैन सीबीएसई को पत्र लिखकर कहा है कि इससे छात्रों को परीक्षाओं की तैयारी के लिए और अधिक समय मिल जाएगा। इसके  अलावा अन्य कक्षाओं के छात्रों को जिन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई की है या नहीं उन सभी को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाए। आईपा ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि आगामी शिक्षा सत्र जुलाई 2021 से शुरू किया जाए।


    आईपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश शर्मा व आईपा हरियाणा के प्रदेश महासचिव डॉ मनोज शर्मा ने कहा है कि कोरोना वायरस के चलते देश भर के स्कूल मार्च 2020 से ही बंद हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई तो चल रही है लेकिन उससे छात्रों को कोई विशेष फायदा नहीं हो रहा है। संसाधनों की कमी के चलते काफी छात्र ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं ले पा रहे हैं। अत: सभी छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों को आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है।


    कैलाश शर्मा ने कहा है कि अधिकांश छात्रों को कोर्स व प्रश्नपत्रों में किए गए बदलावों की जानकारी नहीं है अत: बोर्ड परीक्षाएं कराने से पहले कोर्स व बोर्ड परीक्षा पैटर्न में किए गए बदलाव के बारे में सभी छात्रों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। बढ़ते कोरोना को चलते स्कूलों को बंद कर दिया गया है आगे भी हालात सही नहीं रहने की भविष्यवाणी की गई है  अत: बोर्ड परीक्षाओं की तारीख बदलनी बहुत जरूरी है। मई में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाए और आगामी शिक्षा सत्र जुलाई 2021 से शुरू किया जाए।

    दूरदर्शन उत्तर प्रदेश (DD UP) चैनल पर यूपी बोर्ड की कक्षा- 10 व 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण के पंद्रहवें चरण की समय सारिणी

     दूरदर्शन उत्तर प्रदेश (DD UP) चैनल पर यूपी बोर्ड की कक्षा- 10 व 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण के पंद्रहवें चरण की समय सारिणी



    लॉकडाउन में फीस वसूलने पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, महाराजगंज बीएसए से मांगा जवाब

    लॉकडाउन में फीस वसूलने पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, महाराजगंज बीएसए से मांगा जवाब



    नो क्लास-नो फीस को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने महराजगंज के बीएसए को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। उनसे 2 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है। बीएसए ने हाईकोर्ट के नोटिस का संज्ञान लेते हुए नौतनवा क्षेत्र के नौ निजी स्कूल संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे नौतनवा क्षेत्र के निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।अभिभावक संघ नौतनवा के अध्यक्ष वसीम खान ने 16 अक्तूबर को उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर लॉकडाउन के दौरान कस्बे में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा स्कूल बंद होने के बावजूद मनमाने तरीके से फीस वसूलने का शिकायत की थी।


    वसीम समेत 12 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस गोविंद माथुर व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की बेंच ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए निर्देश जारी किया कि याचिकाकर्ता द्वारा पार्टी बनाए गए 9 विद्यालय की फीस वसूलने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान बंद विद्यालय किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूल सकते हैं। उच्च न्यायालय ने 2 दिसंबर तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जवाब-तलब किया है। 

    बीएसए ने नौ स्कूलों से मांगा स्पष्टीकरण 
    उच्च न्यायालय के नोटिस का अनुपालन कराते हुए बीएसए ने 24 नवंबर 2020 को नौतनवा कस्बे के सभी नौ स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए ओम प्रकाश यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर नौ स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। यदि स्कूलों ने मनमानी से फीस वसूली की होगी तो कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

    Sunday, November 29, 2020

    फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षक/शिक्षिकाओं के अभिमुखीकरण के सम्बन्ध में डायट प्राचार्य का आदेश जारी

    फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षक/शिक्षिकाओं के अभिमुखीकरण के सम्बन्ध में डायट प्राचार्य का आदेश जारी।









    फतेहपुर : जनपद को मिले नए शिक्षकों की लगी क्लास, दिया गया प्रशिक्षण।

    प्रशिक्षण : राजकीय माध्यमिक 81 तो परिषदीय स्कूलों में 471 शिक्षक हुए हैं तैनात, माध्यमिक के लिए जीआईसी में तो बेसिक के लिए डायट में दिया गया शिक्षकों को प्रशिक्षण

    फतेहपुर : जिले में चल रही शिक्षकों की कमी को देखते हुए शासन द्वारा बीते दिनों राजकीय माध्यमिक विद्यालयों समेत परिषदीय विद्यालयों में भारी संख्या में नए शिक्षकों की तैनाती की गई है। अब इन्हें अपने दायित्वों को निष्ठा के साथ निर्वहन कराने के लिए इनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है । माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नवनियुक्त 81 शिक्षकों को शहर के राजकीय इंटर कालेज में तो परिषदीय विद्यालयों के 471 शिक्षक शिक्षिकाओं को डायट परिसर में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया | जिसमें वक्ताओं ने उन्हें कई बिंदुओं पर जानकारी दी।


    परिषदीय शिक्षकों को भी पढ़ाया गया पाठः बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती पाए 471 शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए डायट प्रशासन द्वारा परिसर में एक दिन में 50 के बैच में 25- 25 शिक्षकों को बुलाकर प्रशिक्षण दिया गया। डायट प्राचार्य नजरुददीन अंसारी के नेतृत्व में डायट प्रवक्ताओं ने कई बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया गया। प्रथम बैच में डायट प्रवक्ता विनय कुमार मिश्र एवं द्वितीय में कुलदीप पाण्डेय द्वारा शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचा, गुणवत्ता संवर्धन, ऑपरेशन कायाकल्प आदि बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी।



    जीआईसी में तीन दिवसीय उन्मुखी प्रशिक्षण

    जिले के राजकीय इंटर कालेज एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नई तैनाती पाए 81 शिक्षकों के लिए बुधवार से तीन दिवसीय उन्मुखी प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। शहर के राजकीय इंटर कालेज में आयोजित कार्यशाला में पहले दिन डीआईओएस महेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य उदय प्रभात एवं प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष प्रभूदत्त दीक्षित समेत अन्य के द्वारा नए शिक्षकों को कई बिंदुओं पर जानकारी देते हुए उन्हें निष्ठापूर्वक कार्य किए जाने की नसीहत दी गई।

    फतेहपुर : नवनियुक्त शिक्षकों का आज से दो दिन का प्रशिक्षण शुरू, 25-25 के समूहों में दोनों पालियों में होगा प्रशिक्षण।

    फतेहपुर : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बुधवार से नवनियुक्त शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देने जा रहा है। दो पालियों में होने वाले प्रशिक्षण में 25-25 के समूह में शिक्षक शामिल होंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

    डायट प्राचार्य नजरुद्दीन अंसारी ने बताया कि नवनियुक्त 471 शिक्षकों को नई तकनीकि से पठन पाठन का तरीका समझाने के लिए इस प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण 28 दिसंबर तक चलेगा। डायट प्राचार्य ने बताया कि परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में प्रायः देखा जा रहा है कि कक्षा पांच के बच्चे हिंदी भाषा और 100 तक की गिनती तक नहीं पढ़ पाते हैं। कक्षा आठ तक फेल न करने की व्यवस्था होने के कारण इन बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नति करना स्कूलों की मजबूरी है। इसके पीछे कारण है कि शिक्षकों के पढ़ाने के तौर तरीके बच्चों की समझ से परे हैं। यही कारण है कि शिक्षक जो भी पढ़ाते हैं, वह उनके समझ में नहीं आता है। ऐसे में डायट ने इसके लिए जिले नवनियुक्त 471 सहायक अध्यापकों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। दो दिनी प्रशिक्षण 25-25 के समूह में दो पालियों में कराया जाएगा।

    बताया कि बुधवार से डायट में सुबह 9.30 बजे से प्रशिक्षण का शुभारंभ होगा। इन शिक्षकों को पठन पाठन के नए तरीके बताए जाएंगे, जिससे वह बच्चों को प्रेरणा एप, मिशन कायाकल्प के माध्य से पढ़ाकर आधारभूत सांचा मजबूत कर सकें।