स्नातक पास 50 हजार बेटियों को स्कूटी, टॉप पांच फीसदी मेधावी छात्राओं को मिलेगा इनाम, यूपी कैबिनेट की मंजूरी
22 जुलाई 2026
लखनऊ। उच्च शिक्षा के प्रति छात्राओं का रुझान बढ़ाने और उनकी पढ़ाई की राह आसान करने के लिए प्रदेश सरकार स्नातक पास 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देगी। योजना का लाभ सत्र 2025-26 में स्नातक पास करने वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मेरिट के आधार पर मिलेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की नियमावली को हरी झंडी दी गई। इस पर इस वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम हो। उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हो और राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों तथा राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी मिलेगी। स्कूटी के साथ ही पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, हेलमेट, 5 लीटर पेट्रोल तथा सभी आवश्यक एक्सेसरीज भी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य छात्राओं की ड्रॉपआउट दर कम करना, उच्च शिक्षा में उपस्थिति बढ़ाना, उच्च शिक्षण संस्थानों तक उनका आवागमन सुविधाजनक करना और सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि करना है। स्कूटी मिलने से विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचने में आसानी होगी। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल से की जाएगी।
शहीद परिवार दिव्यांग, निराश्रितों को मेरिट में छूट
योजना में दिव्यांग, निराश्रित (जिनके माता-पिता नहीं हैं) और शहीद परिवार की बेटियों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। उन्हें मेरिट में छूट दी जाएगी। उनके लिए केवल स्नातक उत्तीर्ण होना ही अनिवार्य होगा।
राज्यपाल की नाराजगी के बाद संशोधित हुए नियम
उच्च शिक्षा विभाग ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की नाराजगी के बाद नियमों में संशोधन किया है। राज्यपाल ने अलीगढ़ में दीक्षांत समारोह के दौरान उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्कूटी देने के लिए 90 से 80 फीसदी अंक पाने की शर्त पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि शहरी क्षेत्र में तो छात्राएं इतने अंक पा सकेंगी लेकिन क्या ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं इसमें शामिल हो पाएंगी। विभाग को अपने नियम की समीक्षा करनी चाहिए। इसके बाद विभाग ने नियमों में संशोधन करते हुए स्नातक की टॉप पांच फीसदी छात्राओं को स्कूटी देने का निर्णय लिया है।
ऐसे मिलेगा लाभ... विश्वविद्यालय तैयार करेंगे सूची, पोर्टल पर होगी अपलोड
लखनऊ। रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के लिए उच्च शिक्षा विभाग जल्द पोर्टल तैयार करेगा। राज्य विश्वविद्यालयों व उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में पंजीकृत छात्राओं की पात्रता सूची विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर से सूची प्रमाणित व सत्यापित की जाएगी। इस सूची को विश्वविद्यालयों द्वारा संबंधित डीएम, निदेशक उच्च शिक्षा को विभाग की ओर से तैयार पोर्टल पर भेजी जाएगी। पोर्टल पर जिलावार सूची दिखाई जाएगी। इसका सत्यापन डीएम द्वारा कराया जाएगा। सत्यापन के बाद पोर्टल पर ही चयनित वेंडर के माध्यम से छात्राओं को स्कूटी का आवंटन भी डीएम द्वारा कराया जाएगा। हर जिले में समारोह आयोजित कर मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी। हर जिले में एक सर्विस सेंटर भी बनाया जाएगा और एक शिकायत निवारण पोर्टल भी होगा।
राज्यपाल की नाराजगी के बाद मेधावी व जरूरतमंद छात्राओं को भी स्कूटी मिले, इसके लिए स्कूटी योजना के लिए प्रस्ताव में होगा संशोधन
17 जुलाई 2026
लखनऊ। प्रदेश के विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में मेधावी व जरूरतमंद छात्राओं को भी स्कूटी मिले, इसके लिए कुछ संशोधन किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 80 से 90 प्रतिशत अंक पाने वाली छात्राओं को स्कूटी देने का जो प्रस्ताव तैयार किया गया था, अब उसमें संशोधन किया जा रहा है। परिवार की वार्षिक आय की सीमा को भी कम किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया था, उस पर बीते दिनों अलीगढ़ में एक दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि गांव व कस्बों की जरूरतमंद छात्राओं को स्कूटी मिले इस तरह नियम तैयार किए जाएं। ऐसे में 80 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक और गरीब परिवार की छात्राओं को स्कूटी मिले, इसके हिसाब से नियम तैयार किए जा रहे हैं।
मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की नियमावली तैयार, 85% से अधिक अंक पाने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ
6 जुलाई 2026
लखनऊ। राज्य विवि व महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रही मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के तहत स्कूटी वितरण की तैयारी तेज हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इसकी नियमावली तैयार कर ली गई है। जल्द ही इसको कैबिनेट से मंजूरी दिलाई जाएगी।
विभाग स्नातक अंतिम वर्ष की मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी में है। 85% से अधिक अंक पाने वाली छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। विभाग एनआईसी के सहयोग से इसके लिए सॉफ्टवेयर भी तैयार करा रहा है। जिसकी मदद से विवि व कॉलेजों के रिजल्ट के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। 10 से 12 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार की मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी।
बता दें, इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का प्रावधान पहले ही कर चुकी है। इससे लगभग 50 हजार मेधावी छात्राओं को पहले चरण में स्कूटी देने की तैयारी है। स्कूटी वितरण से जुड़ी तैयारियां आखिरी चरण में है। कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद इसकी बाकी औपचारिकता पूरी की जाएगी।
परिवार की आय 12 लाख रुपये से कम होने पर ही मिलेगी स्कूटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर उच्च शिक्षा विभाग की तैयारी तेज
उच्च शिक्षा मंत्री बोले- छात्राओं को दी जाएगी पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी
16 जून 2026
लखनऊ। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पढ़ने वाली लगभग 50 हजार छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्कूटी देने की कवायद तेज हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि जिन छात्राओं के परिवार की सालाना आय 10 से 12 लाख रुपये से कम होगी, उनको स्कूटी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने स्कूटी देने की कवायद तैयारी तेज कर दी है। विभाग ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों से 80, 85 व 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाली पहले वर्ष की छात्राओं का डाटा लिया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि स्कूटी वितरण के लिए नियमावली तैयार हो रही है।
स्नातक प्रथम वर्ष में 80 फीसदी से अधिक नंबर लाने वाली छात्राओं को इसमें शामिल किया जाएगा। इसमें सालाना आय सीमा का भी प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए सालाना 10 से 12 लाख रुपये की आय सीमा तय की जा रही है। उन्होंने बताया कि छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी दी जाएगी।
उच्च शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत यूपी की 70 हजार छात्राओं को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी
15 मई 2026
प्रयागराज। उच्च शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्राओं को स्कूटी देने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को विधानसभा चुनाव से पहले धरातल की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से घोषित रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए पात्र छात्राओं की सूची बनाई जा रही है।
खास बात यह है कि छात्राओं को ईंधन पर खर्च खत्म करने और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी वितरित की जाएगी। एक स्कूटी लगभग 55 हजार रुपये की पड़ रही है।
इस लिहाज से 400 करोड़ में 72,727 स्कूटी पड़ रही है। कुछ बजट आयोजन वगैरह पर भी पड़ेगा। इसलिए 70 हजार से अधिक छात्राओं को वाहन मिलने की उम्मीद है। हालांकि अभी लाभार्थियों की संख्या का निर्धारण नहीं हो सका है। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुति भी दे दी है। माना जा रहा है कि छह महीने के अंदर स्कूटी का वितरण हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भी महिला दिवस (आठ मार्च) को जल्द स्कूटी वितरित करने की बात कही थी। सरकार ने 20 फरवरी 2025 को इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया के साथ ही स्कूटी की विशिष्टताएं निर्धारित करने के लिए 11 मार्च 2025 को दो अलग-अलग कमेटियां गठित की गई थी।
हालांकि पिछले साल कोई ठोस पहल नहीं हो सकी थी। शिक्षा निदेशालय के अफसरों ने विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों एवं अन्य संस्थाओं से पिछले साल स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष पास करने वाली छात्राओं की सूची मांगी है। स्कूटी वितरण में सभी वर्ग का भी ध्यान रखा जाएगा। जिस प्रकार नौकरी में अनारक्षित, ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिलता है उसी प्रकार स्कूटी वितरण में भी सभी वर्ग की छात्राओं को लाभ दिया जाएगा।
योजना से ग्रामीण इलाके की छात्राओं को लाभ
इस महत्वाकांक्षी योजना का सर्वाधिक लाभ ग्रामीण इलाके की छात्राओं को होगा। अमूमन छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर कॉलेज जाना पड़ता है, विशेषकर ग्रामीण इलाके की छात्राओं को रोजाना कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्कूटी की सहायता से छात्राओं को घर से कॉलेज आने-जाने में आसानी होगी और समय भी बचेगा, जिससे वह अन्य कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।