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Friday, May 14, 2021

कोरोना से मृत शिक्षामित्रों के परिवारों की मदद के लिए हाईकोर्ट से गुहार

कोरोना से मृत शिक्षामित्रों के परिवारों की मदद के लिए हाईकोर्ट से गुहार


प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षामित्रों की मदद के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई गई है। शिक्षामित्र नेताओं का दावा है कि प्रदेश भर में 125 से अधिक शिक्षामित्रों का निधन चुनाव ड्यूटी के बाद कोरोना से हो गया है लेकिन उनके परिवारों को अभी तक अनुग्रह राशि नहीं मिली।

अधिकांश परिजनों को नियम कानून का हवाला देकर जिले के अधिकारी अपना पीछा छुड़ा रहे हैं। तमाम लोग जब हॉस्पिटल में गए तो उनको बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला और न ही उनकी जांच कराई गई। ऐसी स्थिति में कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों ने या तो रास्ते में या फिर अस्पताल की चौखट पर दम तोड़ दिया। ऐसे कर्मियों को कैसे और किस प्रकार से लाभ मिलेगा यह एक चिंता का विषय है।


 उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, रजिस्ट्रार के साथ ही गृह विभाग को पत्र लिखकर शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं अन्य संविदा कर्मियों को 50 लाख से अधिक मुआवजा और परिवार के सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग की है।

शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और मिड डे मिल के रसोइयों के साथ भेदभाव का बड़ा आरोप

शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और मिड डे मिल के रसोइयों के साथ भेदभाव का बड़ा आरोप


लखनऊ। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने सरकार पर शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और मिड डे मिल के रसोइयों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान करीब आठ सौ शिक्षकों के साथ करीब 200 शिक्षा मित्रों, 97 अनुदेशकों और 100 रसोइयों की भी कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग में केवल मृतक शिक्षकों और कर्मचारियों को मानदेय देने का प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।


अनिल यादव का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में मिड डे मील के रसोइयों की ड्यूटी मतदान दलों के भोजन की व्यवस्था के लिए लगाई गई थी। इनमें से सौ से अधिक रसोइयों की कोरोना संक्रमित होने के कारण मृत्यु हो गई। प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक मृतक शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के आश्रितों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने के संबंध में कोई पहल नहीं की गई है।

Wednesday, May 12, 2021

शिक्षामित्रों की हालत को लेकर सरकार पर बेरुखी और वादे न पूरे करने का आरोप

शिक्षामित्रों की हालत को लेकर सरकार पर बेरुखी और वादे न पूरे करने का आरोप

 


लखनऊ। उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के चार साल के कार्यकाल के बाद भी शिक्षामित्रों की हालत जस की तस है। संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को समस्याओं के निस्तारण पर ध्यान नहीं दे रही है। 


उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षामित्रों से किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया है। इससे शिक्षामित्र हताश हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने से करीब दो सौ शिक्षामित्रों की मृत्यु हुई है। 


उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों के आश्रितों को भी 50 लाख रुपये मुआबजा और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। सरकार को प्रदेश के विभिन्‍न अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित शिक्षामित्रों के भी इलाज का उचित प्रबंध करना चाहिए।

Monday, April 26, 2021

चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षामित्रों के परिवार को 50 लाख की सहायता की मांग

चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षामित्रों के परिवार को 50 लाख की सहायता की मांग


लखनऊ। यूपी प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने प्रदेश सरकार से चुनाव प्रशिक्षण व ड्यूटी के बाद मृतक शिक्षा मित्रों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। साथ ही पंचायत चुनाव तत्काल स्थगित करने का आग्रह किया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ल व सदस्य प्रदेश कार्यसमिति अवधेश मणि मिश्र ने संयुक्त रूप से बताया है कि त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के दो चरण के चुनाव के बाद सैकड़ों शिक्षा मित्र साथी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। दर्जनों की जान चली गई है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान कोविड 19 के गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा चुनाव में लगे शिक्षकों, शिक्षा मित्रों व अन्य कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। 


चुनाव प्रशिक्षण से चुनाव संपन्न होने तक हर जिले में सैकड़ों शिक्षामित्र कोविड 19 से संक्रमित हुए हैं। संघ पदाधिकारियों ने सरकार से मृतक शिक्षकों शिक्षा मित्रों व कर्मचारियों के परिवार को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहयोग देने की मांग की है।

Sunday, March 28, 2021

शिक्षामित्रों को नहीं मिल पाया मानदेय, होली हुई बेरंग

शिक्षामित्रों को नहीं मिल पाया मानदेय, होली हुई बेरंग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षामित्र इस बार दो महीने से मानदेय न मिलने से परेशान हैं। सरकार ने सभी कर्मचारियों को होली से पहले वेतन, मानदेय देने का निर्देश दिया था किंतु विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण लगभग एक लाख तीस हजार शिक्षामित्रों को फरवरी और मार्च माह का मानदेय नहीं मिल सका है। जिसके कारण शिक्षामित्रों के परिवार में होली का त्यौहार सूना है।


 उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष लखनऊ सुशील कुमार यादव ने बताया की मुख्यमंत्री ने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किया था की होली के त्यौहार से पहले सबको वेतन व मानदेय मिल जाना चाहिए, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शिक्षामित्रों को फरवरी एवं मार्च माह का मानदेय नहीं मिल पाया है। जिसके कारण सभी शिक्षामित्रों के परिवार में होली का त्यौहार सूना है। 



संघ मुख्यमंत्री से मांग करता है कि होली से पहले मानदेय जारी न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। जिससे भविष्य में ऐसा दोबारा ना हो।

Friday, March 26, 2021

दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी से किया इनकार


दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी से किया इनकार


उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने कहा है कि सरकार की उपेक्षा से शिक्षामित्र त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी नहीं करेंगे। संघ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में भी शिक्षामित्र ड्यूटी नहीं करेंगे। 



उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। अल्प वेतन में शिक्षामित्रों से शिक्षण कार्य के साथ चुनाव ड्यूटी का कार्य भी कराया जा रहा है। संघ ने निर्णय लिया है कि यदि शिक्षामित्रों की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे शिक्षण कार्य के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे।

Saturday, March 20, 2021

यूपी : शिक्षामित्र इस साल नहीं मनाएंगे होली, सरकार की वादाखिलाफी से नाराज

यूपी : शिक्षामित्र इस साल नहीं मनाएंगे होली, सरकार की वादाखिलाफी से नाराज


लखनऊ। उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी से नाराज शिक्षामित्र इस बार होली नहीं मनाएंगे। प्रदेश के 1.68 लाख शिक्षामित्रों को सरकार से बहुत उम्मीद थी।


लेकिन सरकार के चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में भी सीएम ने शिक्षामित्रों के लिए कोई घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा मित्रों में मायूसी छा गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को श्रमिकों से भी कम मानदेय मिल रहा है। आर्थिक तंगी से शिक्षामित्र न माता- पिता का इलाज करा पा रहे हैं और न परिवार का पालन-पोषण ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।

Monday, March 15, 2021

मांग : 'शिक्षामित्रों को स्थायी करे सरकार'

मांग : 'शिक्षामित्रों को स्थायी करे सरकार'


लखनऊ। उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने कहा कि प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन शिक्षामित्रों की समस्याएं जस की तस है। संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने मांग की कि सरकार शिक्षामित्रों को नई शिक्षा नीति में आवश्यक समाधान करते हुए स्थायी कर्मचारी या शिक्षक का दर्जा दे।


 अनिल ने रविवार को जारी बयान में कहा कि अल्प मानदेय से शिक्षामित्रों का जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। सरकार शिक्षामित्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करती है तो इस साल भी होली फीकी ही रहेगी। भाजपा सरकार ने 2017 के विधानसभा चुनाव में शिक्षामित्रों से किए वादे को पूरा नहीं किया है।

डीएम आदेश का पालन करें या पूर्व डीएम के साथ हाजिर हों, शिक्षामित्र को कार्यभार न सौंपने पर हाईकोर्ट ने दिया आदेश

कानपुर देहात :  डीएम आदेश का पालन करें या पूर्व डीएम के साथ हाजिर हों, शिक्षामित्र को कार्यभार न सौंपने पर हाईकोर्ट ने दिया आदेश


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह को आदेश के पालन के लिए एक सप्ताह का समय दिया है और अनुपालन न करने पर पूर्व जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र के साथ 25 मार्च को हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति वीके बिड़ला ने अर्चना मिश्रा की अवमानना याचिका पर दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार कानपुर देहात के जिलाधिकारी ने शिक्षामित्र याची को शिक्षा समिति के प्रस्ताव के बगैर हटा दिया। हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया। फिर भी याची को कार्यभार नहीं सौंपा गया।


आदेश का पालन न करने पर दाखिल हुई अवमानना याचिका को निस्तारित करते हुए कोर्ट ने आदेश पालन के लिए दो माह का समय दिया। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया तो दोबारा यह अवमानना याचिका दाखिल हुई। कोर्ट ने डीएम को आदेश का पालन करने या हाजिर होने का आदेश दिया तो कहा गया कि उनका तबादला हो गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि तबादला होने के आधार पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना का अधिकार नहीं मिल जाता। साथ ही नए जिलाधिकारी को पक्षकार बनाते हुए आदेश पालन के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।

Friday, March 5, 2021

मांग : शिक्षामित्रों का मानदेय दोगुना करे प्रदेश सरकार

मांग : शिक्षामित्रों का मानदेय दोगुना करे प्रदेश सरकार

उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने की मांग

लखनऊ। उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने प्रदेश सरकार से शिक्षामित्रों का मानदेय दोगुना करने की मांग की - है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में मात्र दस हजार मानदेय में जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की रिपोर्ट को सरकार ने अब तक लागू नहीं किया है। यही नहीं सालभर में शिक्षामित्रों को सिर्फ 11 महीने का मानदेय दिया जा रहा है।


 उन्होंने कहा कि सरकार ने सदन में माना है कि शिक्षामित्र और अनुदेशक भी कई स्कूलों में एकल शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद शिक्षामित्रों का मानदेय नहीं बढ़ाया जाना दुखद है। उन्होंने सरकार से शिक्षामित्रों को वरीयता का एक और मौका देने के लिए सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग की है।

Tuesday, February 23, 2021

क्या यूपी में शिक्षामित्रों का बढ़ेगा मानदेय? इस सवाल पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने दिया ये जवाब

क्या यूपी में शिक्षामित्रों का बढ़ेगा मानदेय? इस सवाल पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने दिया ये जवाब


विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री ने बसपा के श्याम सुंदर शर्मा के सवाल पर कहा कि शित्रामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर सरकार फिलहाल कोई विचार नहीं कर रही। 


हुआ यूं कि प्रश्नकाल के दौरान बसपा के श्याम सुंदर शर्मा ने सवाल के जरिये जानना चाहा कि क्या सरकार शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 रुपये तक किया गया था। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया। फिलहाल, शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर कोई विचार नहीं हो रहा है।


इस पर श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी कोई सीमा तय नहीं की है कि मानदेय न बढ़ाया जाए। सरकार चाहे तो दस हजार रुपये से बढ़ा भी सकती है। शिक्षा मित्रों के मुद्दे पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाना चाहिए। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सदस्य बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। ऐसा किसी खास वजह से किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने  टिप्पणी करते हुए कुछ ऐसा कहा जिस पर बसपा सदस्यों ने आपत्ति कर दी।


इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मंत्री के लिखित जवाब में स्पष्ट है कि मानदेय बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। इस पर भी बसपा सदस्यों ने आपत्ति जारी रखी तो बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने अपने स्थान पर खड़े होकर कहा कि उनका ऐसा कोई आशय नहीं था। अगर उनकी बात से किसी को ठेंस लगी है तो वह क्षमा प्रार्थी है और अपने  शब्द वापस लेते हैं। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।

Monday, February 15, 2021

शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और 10 लाख के सामूहिक बीमा के साथ मानदेय प्रतिमाह 30 हजार करने की मांग

शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और 10 लाख के सामूहिक बीमा के साथ मानदेय प्रतिमाह 30 हजार करने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने सरकार से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है। रविवार को दारुलशफा स्थित कार्यालय में आयोजित संघ की प्रांतीय बैठक में शिक्षकों और शिक्षा मित्रों की समस्याओं पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए अनिल यादव ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की जिले के अंदर स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होनी चाहिए। परिषदीय शिक्षकों, एवं अनुदेशकों का 10 लाख का सामूहिक बीमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा से एनजीओ का दखल खत्म किया जाना चाहिए । उन्होंने शिक्षामित्रों के लिए बैठक में नई नियमावली बनाकर मानदेय 30 हजार रुपये करने, 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराकर उनका वेतन भुगतान कराने की भी मांग की। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों का भी 31 मार्च तक परिचय पत्र जारी करने और डायरी उपलब्ध कराने की मांग की।


उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट को भी सरकार जल्द लागू करे। संघ के प्रदेश महामंत्री धर्मेंद्र कुमार, संदीप दत्त, रश्मिकांत द्विवेदी, दिनेश यादव, पवन विद्या वर्मा, विद्या निवास यादव, फारूख अहमद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Monday, January 25, 2021

इसी हफ्ते जारी होगा शिक्षामित्रों का दो महीने का बकाया मानदेय

इसी हफ्ते जारी होगा शिक्षामित्रों का दो महीने का बकाया मानदेय


लखनऊ. प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को दो महीने से मानदेय नहीं मिला है. राज्य सरकार ने नवम्बर और दिसम्बर का भुगतान रोककर रखा है. ऊपर से अब धीरे धीरे जनवरी भी समाप्ति की ओर है. ऐसे में शिक्षा मित्रों और उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है लेकिन, खुशखबरी की बात ये है कि इसी हफ्ते बकाये मानदेय का भुगतान हो सकता है. डीजी स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद ने न्यूज़18 को बताया कि हर हाल में इस हफ्ते शिक्षामित्रों के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा. किसी भी सूरत में कोई भी विलंब की संभावना नहीं है.


बता दें कि बजट का आवंटन न हो पाने के कारण शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया जा सका है. अब बजट से संबंधित फाइल चल रही है और इसके जल्द ही जारी होने की संभावना बढ़ी है. उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते के आखिर तक हर हाल में बजट जारी हो जायेगा और बकाये मानदेय का भुगतान बेसिक शिक्षा विभाग कर देगा. बता दें कि मानदेय न मिलने के कारण शिक्षामित्रों का नया साल सूखा-सूखा ही रहा. हालांकि शिक्षामित्रों के नेता अनिल यादव (अध्यक्ष, यूपी दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ) ने कहा कि उन्होंने कई दिन पहले विभागीय अफसरों से भेंट करके भुगतान की मांग की थी लेकिन, अभी तक सिर्फ आश्वासन मिला है.


बजट का आवंटन न हो पाने के कारण शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया जा सका है. अब बजट से संबंधित फाइल चल रही है और इसके जल्द ही जारी होने की संभावना बढ़ी है. उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते के आखिर तक हर हाल में बजट जारी हो जायेगा।

इतना मिलता है मासिक मानदेय
प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में तैनात डेढ़ लाख शिक्षा मित्रों को 10 हजार रूपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है. इनके मानदेय में 60 फीसदी केन्द्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार का अंशदान होता है. इसी वजह से अक्सर बजट जारी होने में दिक्कत होती है और मानदेय का भुगतान लटक जाता है. प्रदेश में दो तरह के शिक्षा मित्र प्राइमरी स्कूलों में तैनात हैं. 1 लाख 35 हजार सर्व शिक्षा अभियान के तहत जबकि लगभग 15 हजार बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत.

Friday, January 8, 2021

सूबे के शिक्षामित्रों को दो माह से नहीं मिला मानदेय

सूबे के  शिक्षामित्रों को दो माह से नहीं मिला मानदेय


प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्य लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को नवंबर व दिसंबर का मानदेय अभी तक नहीं मिला है, जिसके चलते कोरोना काल में वे अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पा रहे हैं।



शासन की ओर से अभी तक पिछले दो माह का मानदेय भुगतान का बजट जिलों को नहीं भेजा गया है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्र वैसे ही अवसाद ग्रस्त हैं, अब दो माह से मानदेय न मिलने से आधिक रूप से संकट से जूझ रहे हैं।

Tuesday, December 8, 2020

69000 भर्ती : शिक्षामित्र से अध्यापक तो बन गए पर तैनाती के लिए इंतजार

69000 भर्ती : शिक्षामित्र से अध्यापक तो बन गए पर तैनाती के लिए इंतजार


शिक्षामित्रों की मुश्किलें अध्यापक बनने के बाद भी खत्म नहीं हुई हैं। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत चयन के बाद भी उन्हें तैनाती नहीं मिल पाई है। गोरखपुर-बस्ती मंडल में ऐसे 39 शिक्षामित्र हैं, जिनका स्कूल आवंटन रोका गया है। इनके विषय में जिला स्तरीय समिति फैसला लेगी। अन्य वजहों से रोके गए नियुक्ति पत्र या आवंटन की बाबत भी गाइडलाइन जारी कर दी गई है।


बस्ती-गोरखपुर मंडल में शिक्षामित्रों के साथ ही करीब दो सौ से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका है। इनमें आवेदन और प्रमाणपत्रों में विसंगति बड़ी वजह रही। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी कर कहा है कि इन अभ्यर्थियों की 9 से 11 दिसम्बर तक काउंसलिंग होगी। 12 को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसमें उन अभ्यर्थियों को भी शामिल होने का मौका दिया गया है, जो पहली दो काउंसलिंग में किसी कारण से शामिल नहीं हो पाए। वहीं दोनों मंडल के कुल 39 शिक्षामित्रों के मामले में जिला चयन समिति फैसला लेगी। इनमें सर्वाधिक 20 देवरिया के हैं, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में कोई केस नहीं है।


शिक्षामित्रों के मामले में इस तरह होगा निर्णय

सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित ऐसे शिक्षामित्र, जिन्होंने सेवारत रहते हुए संस्थागत स्नातक किया है, उनके प्रकरण में केस-टू-केस निर्णय जिला स्तरीय चयन समिति लेगी। दस वर्ष से कम अनुभव होने संबंधी प्रकरण में महानिदेशक शासन को प्रस्ताव देंगे। सेवारत रहते हुए व्यक्तिगत स्नातक करने वालों को काउंसलिंग में मौका मिलेगा। जिन्होंने श्रेणी (शिक्षामित्र भारांक) अंकित नहीं किया है लेकिन मेरिट में उनका चयन हो गया है, ऐसे शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।

काउंसलिंग में इनको मिलेगा मौका

अपर मुख्य सचिव के आदेश के अनुसार जिन अर्भ्यिथयों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, प्रशिक्षण या टीईटी के अंकपत्र या प्रमाणपत्र में अंकित अभ्यर्थी के नाम, क्रमांक या माता-पिता के नाम में वर्तनी की गलती है, उन्हें नियुक्ति पत्र देने के साथ यह शर्त होगी कि अपने शैक्षिक अभिलेखों में छह महीने के अंदर संशोधन करवाकर बीएसए कार्यालय में जमा करें। यदि माता की जगह पिता या पिता की जगह माता का नाम है तो चयन किया जाएगा। यदि अंकपत्र या प्रमाणपत्र गायब हो गया है और अभ्यर्थी के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं तो उसे तीन महीने का समय दिया जाएगा। अंकपत्र या प्रमाणपत्र देने पर ही नियुक्ति पत्र होगा जारी। संदिग्ध दिव्यांग अर्भ्यिथयों की जांच अनिवार्य रूप से एक महीने के अंदर जिला चिकित्सा बोर्ड करेगा, इसके बाद ही नियुक्ति पत्र मिलेगा। इसके साथ ही अन्य भी कई मामलों में मौका देते हुए नियुक्ति पत्र देने की बात आदेश में कही गई है।

इन अभ्यर्थियों का निरस्त होगा चयन

काउंसलिंग संग नियुक्ति पत्र देने के साथ ही यह भी आदेश में साफ किया गया है कि किन दशा में नियुक्ति निरस्त कर दी जाएगी। इसके अनुसार अगर आवेदन पत्र में वास्तविक अंक से अधिक प्राप्तांक भरे हैं या प्रमाणपत्रों और आवेदन पत्र के नाम अलग-अलग होंगे। मेरिट प्रभावित होने की दशा के साथ ही पुरुष की जगह महिला या महिला की जगह पुरुष अंकित करने वालों का आवेदन निरस्त होगा। श्रेणी भरने में गलती व सीटेट में अंकों की भिन्नता भी इस दायरे में आएगी। जिन महिलाओं ने अपने पति के जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ लेते हुए चयन प्राप्त किया है, उनका चयन निरस्त होगा।

गोरखपुर-बस्ती मंडल के शिक्षामित्रों का विवरण

● देवरिया 20
● महराजगंज 09
● गोरखपुर 04
● बस्ती 03
● कुशीनगर 00
● सिद्धार्थनगर 00

अपर मुख्य सचिव के आदेश पर 9 से 11 दिसंबर के बीच काउंसलिंग की जाएगी। इसके जरिये अभ्यर्थियों को खामियां दूर करने का मौका मिलेगा। शिक्षामित्रों के प्रकरण में जिला स्तरीय चयन समिति 9 से 11 दिसंबर के बीच केस-टू-केस स्टडी कर निर्णय लेगी।

Monday, November 23, 2020

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र


लखनऊ । प्रदेश के 1.60 लाख शिक्षामित्र 25 नवंबर को मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट लागू करने को मांग करेंगे।


उप्र. दूरस्थ शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने एक साल पहले अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, लेकिन सरकार ने इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। 


शिक्षा मित्र सवा दो साल से मात्र 10 हजार रुपये के मानदेय पर काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा मित्रों से सहायक अध्यापकों के समान ही कार्य कराया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की नीतियों के कारण शिक्षा मित्र तनाव में रहते हैं।

Wednesday, November 18, 2020

महराजगंज : 31277 पद पर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों में चयनित शिक्षामित्रों का मानव संपदा पोर्टल पर EHRMS कोड आबंटित कर विवरण अपलोड करने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी

महराजगंज : 69000 पदों के सापेक्ष 31277 पद पर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों में चयनित शिक्षामित्रों को मानव संपदा पोर्टल पर EHRMS कोड आबंटित करते हुए विवरण अपलोड करने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी।



Monday, November 16, 2020

गोरखपुर के 86 शिक्षामित्रों को देना होगा इस्तीफा, जानिए क्या है बड़ी वजह

गोरखपुर के 86 शिक्षामित्रों को देना होगा इस्तीफा, जानिए क्या है बड़ी वजह

◾सार◾
◾नवनियुक्त शिक्षकों के रूप में दोबारा मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कराना होगा सर्विस रिकार्ड

◾बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का ब्यौरा जल्द जल्द पोर्टल पर अपलोड करने का दिया निर्देश

◾विस्तार◾
परिषदीय विद्यालयों में हुई 31277 शिक्षकों की भर्ती के तहत नियुक्ति हासिल करने वाले 86 शिक्षकों को अपना ब्यौरा दोबारा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। पोर्टल पर डाटा अपडेट होने की सुविधा न होने की वजह से पहले सभी शिक्षामित्रों को इस्तीफा की जानकारी अपडेट करनी होगी। इसके बाद इनके ब्यौरा को पोर्टल से हटाकर सहायक अध्यापक के रूप में अपडेट किया जाएगा। इसे लेकर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा सचिव का आदेश गोरखपुर के बीएसए दफ्तर पहुंच गया है।

आदेश के मुताबिक जिले में नियुक्ति हासिल करने वाले 517 शिक्षकों का ब्यौरा प्राथमिकता के आधार पर मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का ब्यौरा अपलोड होने में आने वाली परेशानी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को राहत दी है।

इस्तीफा देने वाले शिक्षकों को इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी से सत्यापित भी कराना होगा। तत्पश्चात इन शिक्षकों को ईएचआरएमएस कोड आवंटित करते हुए मानव संपदा पोर्टल पर पुरानी प्रक्रिया के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा।

बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड होने में परेशानी आ रही थी। क्योकिं इन शिक्षकों ने शिक्षामित्र के रूप में पूर्व में ही पंजीकरण कराया है। अब इनसे इस्तीफा लेकर पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर पुरानी जानकारी को हटाया जाएगा। उसके बाद इनके सहायक अध्यापक के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

Tuesday, November 3, 2020

31277 शिक्षक भर्ती में आंशिक त्रुटियों के कारण रोके गये नियुक्ति पत्र / स्कूल आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा मित्र संघ ने सौंपा ज्ञापन

31277 शिक्षक भर्ती में आंशिक त्रुटियों के कारण रोके गये नियुक्ति पत्र / स्कूल आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा मित्र संघ ने सौंपा ज्ञापन।





Sunday, October 4, 2020

शिक्षामित्रों की मांगों से जुड़ी दिनेश शर्मा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

शिक्षामित्रों की मांगों से जुड़ी दिनेश शर्मा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

 
बहराइच। शिक्षामित्र प्रदेश सरकार की उपेक्षा के शिकार है। दिनेश शर्मा कॉमेडी की रिपोर्ट को डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी अब तक जारी नहीं किया गया है। सरकार की इस उपेक्षा से त्रस्त शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिव श्याम मिश्र के निर्देश पर संगठन के जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश चन्द श्रीवास्तव व जिला प्रवक्ता अनवारूल रहमान खान के नेतृत्व में शुक्रवार को जिले के शिक्षा मित्र कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए प्रदर्शन के दौरान जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश चन्द श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय में विगत 19 वर्षों से सेवा देते आ रहे हैं शिक्षामित्रों की स्थिति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय आने के बाद बहुत ही दयनीय हो गई है। 


इतने अल्प मानदेय में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। भविष्य की चिंता को लेकर मन बहुत ही व्यथित एवं सशंकित रहता है। इसी सदमे से प्रदेश भर में अब तक लगभग 3000 से अधिक शिक्षामित्रों की असामयिक अवसाद के कारण मौत हो चुकी हैं। यह सिलसिला अभी भी जारी है। जिला प्रवक्ता अनवारुल रहमान खान ने सरकार से शिक्षामित्रों को नवजीवन प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2018 को माननीय उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा जी की अध्यक्षता में शीर्ष स्तर पर गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट से अवगत कराते हुए लागू किया जाए।