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Friday, September 11, 2020

69000 शिक्षक भर्ती: शिक्षामित्र के आवेदन फार्म में त्रुटि सुधार कराने का आदेश

69000 शिक्षक भर्ती: शिक्षामित्र के आवेदन फार्म में त्रुटि सुधार कराने का आदेश


69000 शिक्षक भर्ती: आवेदन की छोटी गलती सुधारने की अनुमति देने का निर्देश
 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती 2019 में शामिल शिक्षामित्र को उनके आवेदन फार्म में की गई मामूली त्रुटि सुधारने का अवसर देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची अपना प्रत्यावंदन संबंधित प्राधिकारी को दें। कामेंद्र सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया। याची के अधिवक्ता अग्निहांत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि याची आवेदन फार्म में अपने शिक्षामित्र के अनुभव वाला कालम भरना भूल गया है। 


इस संबंध में उसने ब्रेसिक शिक्षा विभाग का प्रत्यावेदन देकर त्रुटि सुधार का अनुरोध किया था। लेकिन, उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। अधिवक्ता का कहना था कि साप्रीम कार्ट ने मामूली त्रुटियों को सुधारन का मौका देने का आदेश दिया है, इसलिए याची को भी सुधार का मौका दिया जाय। कोर्ट ने याची को दो सप्ताह के भीतर अपना प्रत्यावेदन बेसिक शिक्षा विभाग को देने का निर्देश दिया है.


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के आवेदन फार्म में सर्टिफिकेट व अंकपत्र नंबर की गलती को छोटी गलती मानते हुए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी व सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को गलती सुधारने की अनुमति देने का आदेश दिया है। 


यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने धर्मेन्द्र कुमार व अन्य की याचिका पर अधिवक्ता सत्येन्द्र चंद्र त्रिपाठी को सुनकर दिया है।  याचिका में ऐसे ही कुछ मामलों में न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए गलती सुधारने की अनुमति देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसी अनुमति देने से चयन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ता है।

Saturday, September 5, 2020

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट, जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट,  जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

 

प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के दौरान शिक्षामित्रों का नया रूप सामने आया है। वह केवल छात्र-छात्रओं की पढ़ाई ही नहीं करा रहे, बल्कि लोग स्वस्थ रहें इसका भी जतन कर रहे हैं। कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को तीन माह का मानदेय नहीं मिल सका है। इससे जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। उन्हें जून माह का मानदेय भुगतान होगा भी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


प्रदेश में करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षामित्र तैनात हैं। अधिकांश जिलों में डीएम के आदेश पर शिक्षामित्रों को जून माह में सरकारी राशन की दुकानों पर नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया। पिछले वर्ष तक सरकार शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं दे रही है। ज्ञात हो कि शीर्ष कोर्ट के आदेश पर सरकार अगस्त 2018 से शिक्षामित्रों को संविदाकर्मी के रूप में 11 माह तक दस हजार रुपये प्रति माह देती रही है, जबकि पहले समायोजित शिक्षामित्रों को करीब 40 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था।


इधर, शिक्षामित्रों को नए तरीके से मानदेय भुगतान होना है। इससे उन्हें जून, जुलाई व अगस्त माह का मानदेय नहीं मिल सका है, हालांकि सरकार ने जुलाई माह का भुगतान करने के लिए धन जारी कर दिया है लेकिन, तकनीक तैयार न होने से उन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं, जून माह के भुगतान पर असमंजस बना है। प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 20 वर्षो से एक शिक्षक के समान शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों व उनके परिजनों की जिंदगी बदहाल है। वजह केवल तीन माह से मानदेय न मिलना ही नहीं है। बल्कि शिक्षामित्रों को समय पर मानदेय न मिलना आम बात है।


वादे के बाद भी भुगतान नहीं

शिक्षामित्र संघ उप्र के संयोजक शिवपूजन सिंह ने जून माह के मानदेय की मांग प्रदेश सरकार से किया था। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया, किंतु शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं मिला है।

Friday, August 28, 2020

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का विवरण ऑनलाइन गूगल सीट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का विवरण ऑनलाइन गूगल सीट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में।





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Saturday, August 22, 2020

शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व अन्य संविदा कर्मियों का काम नहीं करेंगे लिपिक, जिला समन्वयक देखेंगे कामकाज

अब जिला समन्वयक देखेंगे संविदा कर्मियों का कामकाज।

बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों का कामकाज देखने वाले लिपिक द्वारा शासनादेश का उल्लंघन कर उन्हें सेवाओं से बाहर किया जा रहा है।

प्रयागराज :  मंडल के प्रतापगढ़ जनपद में अब शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व अन्य संविदा कर्मियों का कामकाज अब बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक नहीं बल्कि जिला समन्वयक देखेंगे। यह निर्देश महानिदेशक शिक्षा ने जारी किया है। इस बदलाव काम काज में सुधार का व्‍यापक बदलाव देखने को मिलेगा।


▪️👉🏻  क्लिक करके देखें राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी आदेश 👈🏻▪️






उच्च प्राथमिक अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा था पत्र

इस संबंध में उच्च प्राथमिक अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने महानिदेशक को पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में कहा था की बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों का कामकाज देखने वाले लिपिक द्वारा शासनादेश का उल्लंघन कर उन्हें सेवाओं से बाहर किया जा रहा है। वह उनके साथ भेदभाव करते हैं। ऐसे में उनको जिम्मेदारी से हटाया जाना चाहिए। इस पर विचार करने के बाद नई व्यवस्था में अब सेवा विस्तार सहित तमाम कार्यो को जिला समन्वयक में करेंगे। इस बारे में महानिदेशक ने बहुत साफ-साफ चेतावनी दी है कि कामों में आई खामियां भविष्य में नहीं दिखनी चाहिए। अनुदेशकों और संविदा पर काम करने वाले कर्मियों का हर साल रिन्यूअल होता है, इसके साथ ही शिक्षामित्रों से जुड़े तमाम कामों को बेसिक शिक्षा में लिपिक निपटाते आए हैं। सालों साल की व्यवस्था में विराम लगा दिया गया है। कई कई पटल लिपिक संभाल रहे हैं।

बदलाव का व्‍यापक असर कामकाज पर दिखेगा

शिक्षा महानिदेशक द्वारा किए गए बदलाव का व्यापक असर कामकाज पर देखने को मिलेगा। काम में पारदर्शिता भी आएगी। अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने स्वागत किया है। प्रतापगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा महानिदेशक के निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा। उसी के अनुरूप ड्यूटी तय की जाएगी। स्टाफ की बैठक करके इस बारे में पूरा प्लान तैयार करेंगे। इस बारे में आला अफसरों से बात भी की जाएगी।

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फतेहपुर : शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का काम नहीं करेंगे लिपिक, जिला समन्वयक (डीसी) को दिया गया कामकाज का जिम्मा।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों और शिक्षामित्रों तथा अनुबंध पर काम करने वाले संविदा कर्मियों की सेवाओं का कामकाज लिपिक नहीं करेंगे। इन कर्मियों के कामकाज का जिम्मा अब जिला समन्वयक (डीसी) को दिया गया है। सेवा विस्तार सहित तमाम नामों का संपादन डीसी करेंगे साथ ही महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि कामों में आई खामियां भविष्य में नहीं दिखनी चाहिए।





अनुदेशकों और संविदा पर काम करने वाले कर्मियों का हर साल रिन्यूअल होता है, इसके साथ ही शिक्षामित्रों से जुड़े तमाम कामों को बेसिक शिक्षा में लिपिक निपटाते आए हैं। सालों साल की व्यवस्था में विराम लगा दिया गया है। अब यह सारा काम जिला समन्वयक से बेसिक शिक्षा अधिकारी कराएंगे। विभाग में लिपिकों की भारी कमी है। कई कई पटल लिपिक संभाल रहे हैं। जिससे निर्धारित अवधि में काम न होने से परेशानी होती है। शिक्षा महानिदेशक द्वारा बदलाव किया गया है। जिसका अनुपालन कराया जाएगा । जिससे कि शासन की मंशा साकार हो सके और समयबद्ध तरीके से काम का संपादन हो सके। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


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Wednesday, August 5, 2020

शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान


शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान

शिक्षामित्रों को अब पीएफएमएस से होगा मानदेय भुगतान 
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश के बाद जिले में तैयारियां शुरू 


मैनपुरी जिले में कार्यरत शिक्षामित्रों को मानदेय भुगतान के लिए अब नई प्रणाली शुरू की जाएगी । शासन ने शिक्षामित्रों को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) से मानदेय भुगतान के निर्देश दिए हैं। 


परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद जिले में पीएफएमएस को प्रभावी बनाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है । नई प्रणाली के कारण जिले के सभी 1950 शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए इंतजार करना होगा। 


जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के तहत मानदेय का भुगतान किया जाता था लेकिन जुलाई से उनके मानदेय के भुगतान के लिए शासन ने पीएफएमएस व्यवस्था की है। 

Monday, August 3, 2020

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी पुलिस
 

आगरा : बाह क्षेत्र में चित्राहाट के नगला सुरई गांव में रविवार की सुबह शिक्षामित्र सत्यवान सिंह (42) का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिला। कमरे का दरवाजा खुला था। साथियों का मानना है कि शिक्षक पद से समायोजन निरस्त होने के अवसाद में यह आत्मघाती कदम उठाया है। हालांकि परिजनों ने हत्या का अंदेशा भी जताया है। शिक्षामित्र संघ से जुड़े लोगों ने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। 


चित्राहाट के नगला सुरई गांव निवासी सत्यवान पुत्र साहब सिंह पारना गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थे। साथी शिक्षामित्रों और परिजनों ने बताया कि सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद से सत्यवान गुमशुम रहने लगे थे।
शनिवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। रविवार की सुबह फंदे पर शव लटका मिला। कमरे का दरवाजा खुला देख घरवाले हत्या की आशंका जता रहे हैं। सूचना पर पहुंची चित्राहाट पुलिस ने छानबीन करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।   


एसओ चित्राहाट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिक्षामित्र संगठन के अजय भदौरिया, शैलेंद्र भदौरिया, अनिल शर्मा, पंकज बौहरे , पीतम गुर्जर, नेवर सिंह आदि ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है।


पत्नी भी है शिक्षामित्र, मायके गई थी 
मृतक शिक्षामित्र सत्यवान की पत्नी ऊषा देवी भी नगला सुरई के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र है। उनके दो बच्चे अभिनव (12), गीतांजलि (7) वर्ष हैं। दो दिन पहले ही सत्यवान ऊषा देवी को रक्षाबंधन पर मायके इटावा गई थी। सत्यवान खुद छोड़ने गए थे। मौत की खबर लगते ही वह रोते-बिलखते घर लौटी।  

Tuesday, July 21, 2020

महराजगंज : अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से किये जाने हेतु बीएसए ने निश्चित प्रारूप में मांगी सूचना

महराजगंज : अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से किये जाने हेतु बीएसए ने निश्चित प्रारूप में मांगी सूचना।

Friday, July 17, 2020

फतेहपुर : शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों का सेवा विवरण मानव सम्पदा पोर्टल पर अपलोड करने, डाटा सत्यापन, अभिलेखों एवं आधार का सत्यापन किए जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों का सेवा विवरण मानव सम्पदा पोर्टल पर अपलोड करने, डाटा सत्यापन, अभिलेखों एवं आधार का सत्यापन किए जाने के सम्बन्ध में।





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Wednesday, July 15, 2020

फतेहपुर : मॉड्यूल (ध्यानाकर्षण, आधारशिला एवं शिक्षण संग्रह) पर आधारित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण के सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश जारी, देखें

फतेहपुर : मॉड्यूल (ध्यानाकर्षण, आधारशिला एवं शिक्षण संग्रह) पर आधारित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण के सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश जारी, देखें।





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Sunday, July 12, 2020

प्रतापगढ़ : पोर्टल से जुड़ेंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक, PFMS पोर्टल से मानदेय भेजने की हो रही तैयारी, अब तक RTGS से खाते में भेजा जाता था पैसा

प्रतापगढ़ : पोर्टल से जुड़ेंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक, PFMS पोर्टल से मानदेय भेजने की हो रही तैयारी, अब तक RTGS से खाते में भेजा जाता था पैसा।


प्रतापगढ़ : फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को मानदेय राज्य मुख्यालय से दिया जाएगा। इससे न सिर्फ उन्हें समय से मानदेय मिलेगा बल्कि अन्य जिलों में एक ही प्रमाण पत्रों पर तैनात संविदा शिक्षकों की पकड़ भी हो पाएगी। पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर सबको लाने की तैयारी शुरू हो गई है। सितंबर से मानदेय इसी प्रणाली से दिए जाने की योजना है। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कुल 2851 शिक्षामित्र व 437 अनुदेशकों की तैनाती है। अभी तक इन्हें मानदेय आरटीजीएस के माध्यम से ऑनलाइन खाते में भेजा जाता था। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने 25 जून को सूबे के सभी बीएसए को पत्र भेज कर प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के मानदेय की बैंक इनवॉइस मांगी थी, जिससे इन्हें पोर्टल पर पंजीकृत किया जा सके। पोर्टल पर पंजीकृत करने के बाद शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को मानदेय राज्य स्तर से दिया जाएगा। इससे उन्हें समय से मानदेय मिलेगा बल्कि अन्य जिलों में एक ही प्रमाणपत्रों पर तैनात संविदा शिक्षकों की पकड़ भी हो पाएगी। पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर इन सबको लाने की तैयारी शुरू हो गई है। सितंबर से मानदेय इसी प्रणाली से देने की योजना है। उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने शासन के निर्देश पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब अनुदेशकों को समय से मानदेय मिल सकेगा। दो जगह होने पर होगी पकड़ : पहले चरण में जिलों से ही इसके जरिए मानदेय भेजा जाएगा। दूसरे चरण में सितंबर तक इसे राज्य स्तर तक लागू किया जा सकता है। पब्लिक मैनेजमेंट फाइनेंशियल सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिए मानदेय भेजने पर पता चल सकेगा कि एक ही प्रमाणपत्र पर कितने शिक्षामित्र या अनुदेशक तैनात हैं। यानी केजीबीवी के अनामिका प्रकरण जैसे मामले पकड़ में आ सकेंगे, क्योंकि राज्य स्तरीय डाटा इस पर रहेगा। वहीं अब मानदेय भी बजट आते ही दिया जा सकेगा। किसी भी वित्तीय शिकायत पर तुरंत जांच हो सकेगी।





ये होंगे फायदे ::  बेसिक शिक्षा विभाग में चरणबद्ध तरीके से सभी खातों को पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम ( पीएफएमएस) पर लाया जा रहा है, ताकि फंड ट्रांसफर के साथ पारदर्शिता बनी रहे। यहां तक कि स्कूल प्रबंधन समितियों के खाते भी इस पर पंजीकृत किए गए हैं।

""पैसे से जुड़े सारे मामले पोर्टल से जुड़ेंगे, राज्य परियोजना के अकाउंट, कस्तूरबा विद्यालयों के अकाउंट, विद्यालयों के अकाउंट, शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के अकाउंट सभी पोर्टल से जोड़े जाएंगे। अब बैंक किसी के पैसे को अपने यहां नहीं रोक सकेगा। शासन से सीधे पीएफएमएस पोर्टल के जरिए पैसा खाते में भेजा जाएगा। अशोक कुमार सिंह, बीएसए


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Monday, July 6, 2020

शिक्षामित्रों व अनुदेशकों पर नजर, मांगा जा रहा रिकार्ड, मानव संपदा पोर्टल से खंगाली जा रही डिटेल


शिक्षामित्रों व अनुदेशकों पर नजर, मांगा जा रहा रिकार्ड, मानव संपदा पोर्टल से खंगाली जा रही डिटेल



चंदौली : अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद शासन अलर्ट है। शिक्षकों के बाद अब शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाबत बीएसए को पत्र प्राप्त हो चुका है। शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के सत्यापन की प्रक्रिया इसी सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी। उनके शैक्षिक अभिलेखों व नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल होगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ गाज गिरनी तय मानी जा रही है।


कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका के पद पर अनामिका शुक्ला की नियुक्ति में धांधली का मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग सचेत हो गया है। कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्त वार्डेन, शिक्षिकाओं, परिचारक, रसोइया का सत्यापन कराया गया। यहां तक स्कूलों में नियुक्त महिला सुरक्षाकर्मियों के भी रिकार्ड खंगाले गए। हालांकि जिले में कर्मियों की नियुक्ति में कोई धांधली सामने नहीं आई। शासन ने अब प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का भी सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। इसके बाबत बीएसए को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है। 


जिले में करीब 2200 शिक्षामित्र और 700 से अधिक अनुदेशक हैं। विभाग की ओर से शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। उनके शैक्षिक अभिलेखों की जांच के साथ ही बैंक डिटेल व नियुक्ति के अभिलेखों की भी पड़ताल कराई जाएगी। इसके लिए बीएसए की ओर से जल्द ही बीईओ के नेतृत्व में टीमें गठित की जाएगी। सत्यापन के दौरान यदि किसी तरह की अनियमितता मिली तो संबंधित के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग मुकदमा भी दर्ज कराएगा।


मानव संपदा पोर्टल से खंगाली जा रही डिटेल

बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए मानव संपदा पोर्टल पर डिटेल अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। शिक्षकों को अपना, नाम, पता, बैंक, आधार व सेवा काल से संबंधित समस्त सूचनाएं आनलाइन अपलोड करनी पड़ रही हैं। पोर्टल पर हर माह रिपोर्ट अपलोड होने के बाद ही शिक्षकों को वेतन का भुगतान किया जा रहा है। शासन मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड होने वाली डिटेल पर नजर बनाए हुए हैं। इसके जरिए बैंकिग दस्तावेजों में फेरबदल करने वाले व समान नाम, जन्मतिथि वाले शिक्षकों का डाटा बीएसए को भेजकर जांच कराई जा रही है। जिले में नियुक्ति के बाद पैन कार्ड बदलने वाले आठ शिक्षकों का डाटा बीएसए को भेजकर सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है।

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'शासन ने शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए जल्द टीम गठित की जाएगी। शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का रिकार्ड खंगाले जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

Wednesday, June 10, 2020

69000 शिक्षक भर्ती में शामिल करने के लिए शिक्षामित्रों ने लगाई गुहार, सीएम को लिखा पत्र

69000 शिक्षक भर्ती में शामिल करने के लिए शिक्षामित्रों ने लगाई गुहार, सीएम को लिखा पत्र।


भर्ती में शामिल करने के लिए शिक्षामित्रों ने लगाई गुहार

लखनऊ : प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में विशिष्ट बीटीसी, बीएड धारक टीईटी समेत लिखित परीक्षा में शामिल शिक्षामित्रों को भी शामिल किए जाने की मांग उठाई है। इसे लेकर संगठन ने एक पत्र भी मुख्यमंत्री को लिखा है।




संगठन का कहना है कि संगठन ने दो वर्षीय दूरस्थ बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त टीईटी एवं लिखित परीक्षा उर्तीण शिक्षामित्र जो कि गलती से 69000 शिक्षक भर्ती में आवेदन करते समय शिक्षामित्र वाला कालम भरना भूल गये हैं। उन शिक्षामित्रों को आवेदन में संशोधन का मौका दिया जाए। जिससे उनका भला हो सके।


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Thursday, June 4, 2020

संशोधन की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले शिक्षामित्रों पर लॉकडाउन का उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का मुकदमा

संशोधन की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले शिक्षामित्रों पर लॉकडाउन का उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का मुकदमा


प्रयागराज 
सिविल लाइंस पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने के आरोप में शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 


चौकी इंचार्ज विमलेश त्रिपाठी ने एफआईआर दर्ज कराई है कि मंगलवार को वह शिक्षा निदेशालय स्कूल के सामने से सरोजनी नायडू मार्ग कार्यालय में मौजूद थे। उसी समय सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में मेरिट में चयन होने वाले शिक्षामित्रों को अन्य व्यक्तियों द्वारा करीब 20 की संख्या में कॉपियों में संशोधन की मांग कर रहे थे। 


इन लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया था। जब इन से नाम पूछा गया तो हट गए। पुलिस ने बताया कि फोटो और वीडियो से पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, June 3, 2020

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल, 5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल,  5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक


प्रयागराज | 03 Jun 2020
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए सोमवार को जारी जिला आवंटन लिस्ट में कुछ शिक्षामित्र ऐसे भी पास हुए हैं, जो अब रिटायरमेंट के करीब हैं। नाती-पोते खिलाने की उम्र में पहले टीईटी और फिर इतनी कठिन शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर इन ‘चिरयुवाओं' ने साबित कर दिया है कि आसमान में सुराख करना नामुमकिन नहीं है। जिला आवंटन की सूची में शामिल 67,867 अभ्यर्थियों में से चार शिक्षामित्र ऐसे हैं जिन्होंने 57 साल की उम्र में सफलता पाई है। ये अलग बात है कि सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष होने के कारण इन्हें पांच साल ही शिक्षण का मौका मिलेगा।


वैसे तो सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए अधिकतम आयुसीमा 40 वर्ष है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों को इससे छूट मिली है। सबसे उम्रदराज शिव कुमार (जन्मतिथि 20 फरवरी 1963) को अयोध्या जिला आवंटित हुआ है। बाबू राम (जन्मतिथि 15 जून 1963) को पीलीभीत, सुधीश सिंह (जन्मतिथि 1 जुलाई 1963) को फर्रुखाबाद और सुरेश चन्द्र (जन्मतिथि 7 जुलाई 1963) को रायबरेली जिला आवंटित हुआ है।


3-3 शिक्षामित्र 56 व 55 साल में हुए सफल 
 शिक्षक भर्ती में तीन-तीन शिक्षामित्र 56 व 55 साल की उम्र में जबकि 11 शिक्षामित्रों ने 54 साल की अवस्था में सफलता हासिल की है। ईश कुमार फिरोजाबाद, राजेन्द्र प्रसाद यादव प्रयागराज और शिव कुमार अमेठी ने 56 साल जबकि मो. फारूक आलम सीतापुर, हरेन्द्र सिंह फिरोजाबाद और मो. सलाहुद्दीन प्रयागराज 55 वर्ष की उम्र में शिक्षक बनने का गौरव हासिल करेंगे।


23 साल में पाई नौकरी, 39 साल पढ़ाएंगे
 यह भर्ती चयनितों के अंतर के लिहाज से भी याद की जाएगी। जहां 57 साल में शिक्षामित्रों का चयन हुआ वह 23 साल के सैकड़ों नौजवान भी लिस्ट में हैं। सेवानिवृत्ति आयु 62 साल होने इन्हें 39 साल पढ़ाने का अवसर मिलेगा।


केबीसी में 25 लाख जीतने वाली उषा बनेंगी मिर्जापुर में शिक्षक
प्रयागराज के मेजा तहसील के रामनगर की रहने वाली व केबीसी में 25 लाख की विजेता उषा यादव भी प्राथमिक शिक्षक बनने की कतार में शामिल हैं। शिक्षक भर्ती में उन्हें मिर्जापुर जिला अलॉट हुआ है।

Sunday, April 12, 2020

कोरोना आपदा के समय काम करने वाले शिक्षामित्रों को भी सरकारी कर्मचारियों की तरह मिल सकेगी राहत

कोरोना आपदा के समय काम करने वाले शिक्षामित्रों को भी सरकारी कर्मचारियों की तरह मिल सकेगी राहत।






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Thursday, February 27, 2020

शिक्षामित्रों के समान कार्य समान वेतन व पुनः शिक्षक पद पर समायोजन की सदन में उठी मांग, पूरा व्यक्तव्य देखें

शिक्षामित्रों के समान कार्य समान वेतन व पुनः शिक्षक पद पर समायोजन की सदन में  उठी मांग, पूरा व्यक्तव्य देखें


Sunday, January 12, 2020

बेसिक शिक्षा मंत्री व महानिदेशक स्कूली शिक्षा से मिले प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षक संघ के आंदोलन में शामिल नही होंगे शिक्षामित्र

बेसिक शिक्षा मंत्री व महानिदेशक स्कूली शिक्षा से मिले प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षक संघ के आंदोलन में शामिल नही होंगे शिक्षामित्र

Friday, January 10, 2020

जौनपुर : सॉल्वर बैठाने में शिक्षामित्र बर्खास्त, शिक्षक निलंबित, टीईटी में धांधली के आरोप में भेजे गए जेल

जौनपुर : सॉल्वर बैठाने में शिक्षामित्र बर्खास्त, शिक्षक निलंबित, टीईटी में धांधली के आरोप में भेजे गए जेल।





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Tuesday, December 17, 2019

मैनपुरी : रसोइया की सेवा समाप्त, शिक्षामित्र व अनुदेशक को सेवा समाप्ति का नोटिस, जातीय भेदभाव व छात्रों से एमडीएम बनवाने का मामला

मैनपुरी : रसोइया की सेवा समाप्त, शिक्षामित्र व अनुदेशक को सेवा समाप्ति का नोटिस, जातीय भेदभाव व छात्रों से एमडीएम बनवाने का मामला।





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Thursday, December 5, 2019

फतेहपुर : निरीक्षण में गैरहाजिर रहने पर बीएसए ने की शिक्षामित्र की सेवा समाप्त, दो प्रधानाध्यापकों की वेतनवृद्धि पर लगाई रोक

फतेहपुर : निरीक्षण में गैरहाजिर रहने पर बीएसए ने की शिक्षामित्र की सेवा समाप्त, दो प्रधानाध्यापकों की वेतनवृद्धि पर लगाई रोक।

दो प्रधानाध्यापकों की वेतनवृद्धि रोकी, शिक्षामित्र को नोटिस

  • December 05, 2019

जागरण संवाददाता, फतेहपुर: बीएसए ने बुधवार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। विद्यालयों की दशा और साफ सफाई तथा शासन की मंशा की पड़ताल की। खामियां को पाते ही जिम्मेदारों पर जमकर गुस्सा निकाला। एक शिक्षामित्र के लगातार तीन बार अनुपस्थित पाए जाने पर सेवा समाप्ति की नोटिस थमा दी। वहीं खामियां पाए जाने पर दो प्रधानाध्यापकों की अस्थाई वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी कर दिया। बीएसए के निरीक्षण को लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं में हड़कंप रहा। पल पल की रिपोर्ट एक दूसरे से लेते रहे।
प्राथमिक विद्यालय कोढ़ई के निरीक्षण में शिक्षामित्र जितेंद्र प्रताप सिंह तीसरी बार अनुपस्थित पाए गए। जिस पर उन्हें सेवा समाप्ति के नोटिस जारी कर दिया गया। इसी तरह उच्च प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 69 बच्चों के सापेक्ष 43 बच्चों की उपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। सभी अध्यापकों को कठोर चेतावनी देते हुए उपस्थिति बढ़ाने के आदेश दिए। प्राथमिक विद्यालय जखनी के निरीक्षण में 74 के सापेक्ष 51 बच्चे मौजूद पाए, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक नहीं हुई पाई, जन पहल रेडियो कार्यक्रम नहीं सुना गया तथा मेन्यू के अनुसार भोजन न बनाए जाने पर प्रधानाध्यापक अरुण कुमार शर्मा की एक अस्थाई वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए। प्राथमिक विद्यालय हरवंशपुर में 55 नामांकन के सापेक्ष 42 की उपस्थिति, प्रबंध समिति की बैठक न होना, जन पहल कार्यक्रम का न सुना जाना, परिषर अव्यवस्थित पाया जाने पर प्रधानाध्यापिका माधुरी देवी की एक अस्थाई वेतनवृद्धि रोक दी गई। उच्च प्राथमिक विद्यालय उम्मेदपुर के निरीक्षण में 55 नामांकित बच्चों में 42 हाजिर मिले, प्रबंध समिति की बैठक नहीं हुई पाई, दो अध्यापकों को मेडिकल अवकाश पर पाया। प्रधानाध्यापक श्रीमती उमारानी को कठोर चेतावनी दी गई।

’>>बीएसए ने परिषदीय विद्यालयों का किया सघन निरीक्षण
’>>निरीक्षण से शिक्षकों में मचा रहा हड़कंप, लेते रहे रिपोर्ट











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