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Tuesday, February 23, 2021

क्या यूपी में शिक्षामित्रों का बढ़ेगा मानदेय? इस सवाल पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने दिया ये जवाब

क्या यूपी में शिक्षामित्रों का बढ़ेगा मानदेय? इस सवाल पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने दिया ये जवाब


विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री ने बसपा के श्याम सुंदर शर्मा के सवाल पर कहा कि शित्रामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर सरकार फिलहाल कोई विचार नहीं कर रही। 


हुआ यूं कि प्रश्नकाल के दौरान बसपा के श्याम सुंदर शर्मा ने सवाल के जरिये जानना चाहा कि क्या सरकार शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 रुपये तक किया गया था। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया। फिलहाल, शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर कोई विचार नहीं हो रहा है।


इस पर श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी कोई सीमा तय नहीं की है कि मानदेय न बढ़ाया जाए। सरकार चाहे तो दस हजार रुपये से बढ़ा भी सकती है। शिक्षा मित्रों के मुद्दे पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाना चाहिए। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सदस्य बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। ऐसा किसी खास वजह से किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने  टिप्पणी करते हुए कुछ ऐसा कहा जिस पर बसपा सदस्यों ने आपत्ति कर दी।


इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मंत्री के लिखित जवाब में स्पष्ट है कि मानदेय बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। इस पर भी बसपा सदस्यों ने आपत्ति जारी रखी तो बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने अपने स्थान पर खड़े होकर कहा कि उनका ऐसा कोई आशय नहीं था। अगर उनकी बात से किसी को ठेंस लगी है तो वह क्षमा प्रार्थी है और अपने  शब्द वापस लेते हैं। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।

Monday, February 15, 2021

शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और 10 लाख के सामूहिक बीमा के साथ मानदेय प्रतिमाह 30 हजार करने की मांग

शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और 10 लाख के सामूहिक बीमा के साथ मानदेय प्रतिमाह 30 हजार करने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने सरकार से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है। रविवार को दारुलशफा स्थित कार्यालय में आयोजित संघ की प्रांतीय बैठक में शिक्षकों और शिक्षा मित्रों की समस्याओं पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए अनिल यादव ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की जिले के अंदर स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होनी चाहिए। परिषदीय शिक्षकों, एवं अनुदेशकों का 10 लाख का सामूहिक बीमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा से एनजीओ का दखल खत्म किया जाना चाहिए । उन्होंने शिक्षामित्रों के लिए बैठक में नई नियमावली बनाकर मानदेय 30 हजार रुपये करने, 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराकर उनका वेतन भुगतान कराने की भी मांग की। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों का भी 31 मार्च तक परिचय पत्र जारी करने और डायरी उपलब्ध कराने की मांग की।


उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट को भी सरकार जल्द लागू करे। संघ के प्रदेश महामंत्री धर्मेंद्र कुमार, संदीप दत्त, रश्मिकांत द्विवेदी, दिनेश यादव, पवन विद्या वर्मा, विद्या निवास यादव, फारूख अहमद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Monday, January 25, 2021

इसी हफ्ते जारी होगा शिक्षामित्रों का दो महीने का बकाया मानदेय

इसी हफ्ते जारी होगा शिक्षामित्रों का दो महीने का बकाया मानदेय


लखनऊ. प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को दो महीने से मानदेय नहीं मिला है. राज्य सरकार ने नवम्बर और दिसम्बर का भुगतान रोककर रखा है. ऊपर से अब धीरे धीरे जनवरी भी समाप्ति की ओर है. ऐसे में शिक्षा मित्रों और उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है लेकिन, खुशखबरी की बात ये है कि इसी हफ्ते बकाये मानदेय का भुगतान हो सकता है. डीजी स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद ने न्यूज़18 को बताया कि हर हाल में इस हफ्ते शिक्षामित्रों के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा. किसी भी सूरत में कोई भी विलंब की संभावना नहीं है.


बता दें कि बजट का आवंटन न हो पाने के कारण शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया जा सका है. अब बजट से संबंधित फाइल चल रही है और इसके जल्द ही जारी होने की संभावना बढ़ी है. उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते के आखिर तक हर हाल में बजट जारी हो जायेगा और बकाये मानदेय का भुगतान बेसिक शिक्षा विभाग कर देगा. बता दें कि मानदेय न मिलने के कारण शिक्षामित्रों का नया साल सूखा-सूखा ही रहा. हालांकि शिक्षामित्रों के नेता अनिल यादव (अध्यक्ष, यूपी दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ) ने कहा कि उन्होंने कई दिन पहले विभागीय अफसरों से भेंट करके भुगतान की मांग की थी लेकिन, अभी तक सिर्फ आश्वासन मिला है.


बजट का आवंटन न हो पाने के कारण शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया जा सका है. अब बजट से संबंधित फाइल चल रही है और इसके जल्द ही जारी होने की संभावना बढ़ी है. उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते के आखिर तक हर हाल में बजट जारी हो जायेगा।

इतना मिलता है मासिक मानदेय
प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में तैनात डेढ़ लाख शिक्षा मित्रों को 10 हजार रूपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है. इनके मानदेय में 60 फीसदी केन्द्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार का अंशदान होता है. इसी वजह से अक्सर बजट जारी होने में दिक्कत होती है और मानदेय का भुगतान लटक जाता है. प्रदेश में दो तरह के शिक्षा मित्र प्राइमरी स्कूलों में तैनात हैं. 1 लाख 35 हजार सर्व शिक्षा अभियान के तहत जबकि लगभग 15 हजार बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत.

Friday, January 8, 2021

सूबे के शिक्षामित्रों को दो माह से नहीं मिला मानदेय

सूबे के  शिक्षामित्रों को दो माह से नहीं मिला मानदेय


प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्य लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को नवंबर व दिसंबर का मानदेय अभी तक नहीं मिला है, जिसके चलते कोरोना काल में वे अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पा रहे हैं।



शासन की ओर से अभी तक पिछले दो माह का मानदेय भुगतान का बजट जिलों को नहीं भेजा गया है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्र वैसे ही अवसाद ग्रस्त हैं, अब दो माह से मानदेय न मिलने से आधिक रूप से संकट से जूझ रहे हैं।

Tuesday, December 8, 2020

69000 भर्ती : शिक्षामित्र से अध्यापक तो बन गए पर तैनाती के लिए इंतजार

69000 भर्ती : शिक्षामित्र से अध्यापक तो बन गए पर तैनाती के लिए इंतजार


शिक्षामित्रों की मुश्किलें अध्यापक बनने के बाद भी खत्म नहीं हुई हैं। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत चयन के बाद भी उन्हें तैनाती नहीं मिल पाई है। गोरखपुर-बस्ती मंडल में ऐसे 39 शिक्षामित्र हैं, जिनका स्कूल आवंटन रोका गया है। इनके विषय में जिला स्तरीय समिति फैसला लेगी। अन्य वजहों से रोके गए नियुक्ति पत्र या आवंटन की बाबत भी गाइडलाइन जारी कर दी गई है।


बस्ती-गोरखपुर मंडल में शिक्षामित्रों के साथ ही करीब दो सौ से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका है। इनमें आवेदन और प्रमाणपत्रों में विसंगति बड़ी वजह रही। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी कर कहा है कि इन अभ्यर्थियों की 9 से 11 दिसम्बर तक काउंसलिंग होगी। 12 को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसमें उन अभ्यर्थियों को भी शामिल होने का मौका दिया गया है, जो पहली दो काउंसलिंग में किसी कारण से शामिल नहीं हो पाए। वहीं दोनों मंडल के कुल 39 शिक्षामित्रों के मामले में जिला चयन समिति फैसला लेगी। इनमें सर्वाधिक 20 देवरिया के हैं, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में कोई केस नहीं है।


शिक्षामित्रों के मामले में इस तरह होगा निर्णय

सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित ऐसे शिक्षामित्र, जिन्होंने सेवारत रहते हुए संस्थागत स्नातक किया है, उनके प्रकरण में केस-टू-केस निर्णय जिला स्तरीय चयन समिति लेगी। दस वर्ष से कम अनुभव होने संबंधी प्रकरण में महानिदेशक शासन को प्रस्ताव देंगे। सेवारत रहते हुए व्यक्तिगत स्नातक करने वालों को काउंसलिंग में मौका मिलेगा। जिन्होंने श्रेणी (शिक्षामित्र भारांक) अंकित नहीं किया है लेकिन मेरिट में उनका चयन हो गया है, ऐसे शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।

काउंसलिंग में इनको मिलेगा मौका

अपर मुख्य सचिव के आदेश के अनुसार जिन अर्भ्यिथयों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, प्रशिक्षण या टीईटी के अंकपत्र या प्रमाणपत्र में अंकित अभ्यर्थी के नाम, क्रमांक या माता-पिता के नाम में वर्तनी की गलती है, उन्हें नियुक्ति पत्र देने के साथ यह शर्त होगी कि अपने शैक्षिक अभिलेखों में छह महीने के अंदर संशोधन करवाकर बीएसए कार्यालय में जमा करें। यदि माता की जगह पिता या पिता की जगह माता का नाम है तो चयन किया जाएगा। यदि अंकपत्र या प्रमाणपत्र गायब हो गया है और अभ्यर्थी के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं तो उसे तीन महीने का समय दिया जाएगा। अंकपत्र या प्रमाणपत्र देने पर ही नियुक्ति पत्र होगा जारी। संदिग्ध दिव्यांग अर्भ्यिथयों की जांच अनिवार्य रूप से एक महीने के अंदर जिला चिकित्सा बोर्ड करेगा, इसके बाद ही नियुक्ति पत्र मिलेगा। इसके साथ ही अन्य भी कई मामलों में मौका देते हुए नियुक्ति पत्र देने की बात आदेश में कही गई है।

इन अभ्यर्थियों का निरस्त होगा चयन

काउंसलिंग संग नियुक्ति पत्र देने के साथ ही यह भी आदेश में साफ किया गया है कि किन दशा में नियुक्ति निरस्त कर दी जाएगी। इसके अनुसार अगर आवेदन पत्र में वास्तविक अंक से अधिक प्राप्तांक भरे हैं या प्रमाणपत्रों और आवेदन पत्र के नाम अलग-अलग होंगे। मेरिट प्रभावित होने की दशा के साथ ही पुरुष की जगह महिला या महिला की जगह पुरुष अंकित करने वालों का आवेदन निरस्त होगा। श्रेणी भरने में गलती व सीटेट में अंकों की भिन्नता भी इस दायरे में आएगी। जिन महिलाओं ने अपने पति के जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ लेते हुए चयन प्राप्त किया है, उनका चयन निरस्त होगा।

गोरखपुर-बस्ती मंडल के शिक्षामित्रों का विवरण

● देवरिया 20
● महराजगंज 09
● गोरखपुर 04
● बस्ती 03
● कुशीनगर 00
● सिद्धार्थनगर 00

अपर मुख्य सचिव के आदेश पर 9 से 11 दिसंबर के बीच काउंसलिंग की जाएगी। इसके जरिये अभ्यर्थियों को खामियां दूर करने का मौका मिलेगा। शिक्षामित्रों के प्रकरण में जिला स्तरीय चयन समिति 9 से 11 दिसंबर के बीच केस-टू-केस स्टडी कर निर्णय लेगी।

Monday, November 23, 2020

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र


लखनऊ । प्रदेश के 1.60 लाख शिक्षामित्र 25 नवंबर को मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट लागू करने को मांग करेंगे।


उप्र. दूरस्थ शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने एक साल पहले अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, लेकिन सरकार ने इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। 


शिक्षा मित्र सवा दो साल से मात्र 10 हजार रुपये के मानदेय पर काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा मित्रों से सहायक अध्यापकों के समान ही कार्य कराया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की नीतियों के कारण शिक्षा मित्र तनाव में रहते हैं।

Wednesday, November 18, 2020

महराजगंज : 31277 पद पर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों में चयनित शिक्षामित्रों का मानव संपदा पोर्टल पर EHRMS कोड आबंटित कर विवरण अपलोड करने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी

महराजगंज : 69000 पदों के सापेक्ष 31277 पद पर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों में चयनित शिक्षामित्रों को मानव संपदा पोर्टल पर EHRMS कोड आबंटित करते हुए विवरण अपलोड करने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी।



Monday, November 16, 2020

गोरखपुर के 86 शिक्षामित्रों को देना होगा इस्तीफा, जानिए क्या है बड़ी वजह

गोरखपुर के 86 शिक्षामित्रों को देना होगा इस्तीफा, जानिए क्या है बड़ी वजह

◾सार◾
◾नवनियुक्त शिक्षकों के रूप में दोबारा मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कराना होगा सर्विस रिकार्ड

◾बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का ब्यौरा जल्द जल्द पोर्टल पर अपलोड करने का दिया निर्देश

◾विस्तार◾
परिषदीय विद्यालयों में हुई 31277 शिक्षकों की भर्ती के तहत नियुक्ति हासिल करने वाले 86 शिक्षकों को अपना ब्यौरा दोबारा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। पोर्टल पर डाटा अपडेट होने की सुविधा न होने की वजह से पहले सभी शिक्षामित्रों को इस्तीफा की जानकारी अपडेट करनी होगी। इसके बाद इनके ब्यौरा को पोर्टल से हटाकर सहायक अध्यापक के रूप में अपडेट किया जाएगा। इसे लेकर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा सचिव का आदेश गोरखपुर के बीएसए दफ्तर पहुंच गया है।

आदेश के मुताबिक जिले में नियुक्ति हासिल करने वाले 517 शिक्षकों का ब्यौरा प्राथमिकता के आधार पर मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का ब्यौरा अपलोड होने में आने वाली परेशानी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को राहत दी है।

इस्तीफा देने वाले शिक्षकों को इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी से सत्यापित भी कराना होगा। तत्पश्चात इन शिक्षकों को ईएचआरएमएस कोड आवंटित करते हुए मानव संपदा पोर्टल पर पुरानी प्रक्रिया के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा।

बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड होने में परेशानी आ रही थी। क्योकिं इन शिक्षकों ने शिक्षामित्र के रूप में पूर्व में ही पंजीकरण कराया है। अब इनसे इस्तीफा लेकर पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर पुरानी जानकारी को हटाया जाएगा। उसके बाद इनके सहायक अध्यापक के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

Tuesday, November 3, 2020

31277 शिक्षक भर्ती में आंशिक त्रुटियों के कारण रोके गये नियुक्ति पत्र / स्कूल आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा मित्र संघ ने सौंपा ज्ञापन

31277 शिक्षक भर्ती में आंशिक त्रुटियों के कारण रोके गये नियुक्ति पत्र / स्कूल आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा मित्र संघ ने सौंपा ज्ञापन।





Sunday, October 4, 2020

शिक्षामित्रों की मांगों से जुड़ी दिनेश शर्मा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

शिक्षामित्रों की मांगों से जुड़ी दिनेश शर्मा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

 
बहराइच। शिक्षामित्र प्रदेश सरकार की उपेक्षा के शिकार है। दिनेश शर्मा कॉमेडी की रिपोर्ट को डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी अब तक जारी नहीं किया गया है। सरकार की इस उपेक्षा से त्रस्त शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिव श्याम मिश्र के निर्देश पर संगठन के जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश चन्द श्रीवास्तव व जिला प्रवक्ता अनवारूल रहमान खान के नेतृत्व में शुक्रवार को जिले के शिक्षा मित्र कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए प्रदर्शन के दौरान जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश चन्द श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय में विगत 19 वर्षों से सेवा देते आ रहे हैं शिक्षामित्रों की स्थिति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय आने के बाद बहुत ही दयनीय हो गई है। 


इतने अल्प मानदेय में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। भविष्य की चिंता को लेकर मन बहुत ही व्यथित एवं सशंकित रहता है। इसी सदमे से प्रदेश भर में अब तक लगभग 3000 से अधिक शिक्षामित्रों की असामयिक अवसाद के कारण मौत हो चुकी हैं। यह सिलसिला अभी भी जारी है। जिला प्रवक्ता अनवारुल रहमान खान ने सरकार से शिक्षामित्रों को नवजीवन प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2018 को माननीय उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा जी की अध्यक्षता में शीर्ष स्तर पर गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट से अवगत कराते हुए लागू किया जाए।

Wednesday, September 30, 2020

प्रतापगढ़ : फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनने वालों से होगी 6.24 करोड़ की वूसली, बगैर शिक्षामित्र बने हासिल कर ली थी सहायक अध्यापक की नौकरी

प्रतापगढ़  : फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनने वालों से होगी 6.24 करोड़ की वूसली, बगैर शिक्षामित्र बने हासिल कर ली थी सहायक अध्यापक की नौकरी


प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा कर सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने के बाद 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन लेने वाले 17 बर्खास्त शिक्षकों से 6.24 करोड़ रुपये की बिक्री होगी। विभाग ने बर्खास्त शिक्षकों के घर बिक्री के लिए नोटिस भेजा है। अगर बर्खास्त शिक्षक अदायगी नहीं करते हैं तो राजस्व के रूप में इनसे वसूली होगी। 


बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते 17 ऐसे लोगों ने सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी, जो पूर्व में शिक्षामित्र ही नहीं थे। सुप्रीम कोर्ट ने जो शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक की नौकरी के लिए अयोग्य करार दिया तो शिक्षामित्रों को पुनः उनके तैनाती वाले मूल स्कूलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई। विभाग ने इस दौरान 17 ऐसे लोगों को चिह्नित किया जो शिक्षामित्र नहीं थे और अध्यापक बनकर 40-40 हजार रुपये वेतन उठा रहे थे।



फर्जीवाड़ा सामने आने पर इन अध्यापकों को बर्खास्त कर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। विभाग अब इन लोगों द्वारा वेतन के रूप में ली गई धनराशि की रिकवरी में लगा है। बर्खास्त शिक्षकों के घर नोटिस भेजकर वेतन के रूप में भुगतान की गई रकम को अविलंब विभाग में जमा करने को कहा गया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बर्खास्त शिक्षकों को नोटिस दिया गया है। अगर धनराशि नहीं जमा करते हैं तो रिकवरी के लिए राजस्व विभाग को वसूली की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।

Tuesday, September 15, 2020

हाथरस : आरोग्य सेतु एप इनस्टॉल कराने वाले शिक्षामित्रों को प्रशस्ति पत्र एवं रुचि न लेने वाले शिक्षामित्रों का स्पष्टीकरण निर्गत करने के सम्बन्ध में

हाथरस : आरोग्य सेतु एप इनस्टॉल कराने वाले शिक्षामित्रों को प्रशस्ति पत्र एवं रुचि न लेने वाले शिक्षामित्रों का स्पष्टीकरण निर्गत करने के सम्बन्ध में



Friday, September 11, 2020

69000 शिक्षक भर्ती: शिक्षामित्र के आवेदन फार्म में त्रुटि सुधार कराने का आदेश

69000 शिक्षक भर्ती: शिक्षामित्र के आवेदन फार्म में त्रुटि सुधार कराने का आदेश


69000 शिक्षक भर्ती: आवेदन की छोटी गलती सुधारने की अनुमति देने का निर्देश
 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती 2019 में शामिल शिक्षामित्र को उनके आवेदन फार्म में की गई मामूली त्रुटि सुधारने का अवसर देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची अपना प्रत्यावंदन संबंधित प्राधिकारी को दें। कामेंद्र सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया। याची के अधिवक्ता अग्निहांत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि याची आवेदन फार्म में अपने शिक्षामित्र के अनुभव वाला कालम भरना भूल गया है। 


इस संबंध में उसने ब्रेसिक शिक्षा विभाग का प्रत्यावेदन देकर त्रुटि सुधार का अनुरोध किया था। लेकिन, उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। अधिवक्ता का कहना था कि साप्रीम कार्ट ने मामूली त्रुटियों को सुधारन का मौका देने का आदेश दिया है, इसलिए याची को भी सुधार का मौका दिया जाय। कोर्ट ने याची को दो सप्ताह के भीतर अपना प्रत्यावेदन बेसिक शिक्षा विभाग को देने का निर्देश दिया है.


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के आवेदन फार्म में सर्टिफिकेट व अंकपत्र नंबर की गलती को छोटी गलती मानते हुए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी व सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को गलती सुधारने की अनुमति देने का आदेश दिया है। 


यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने धर्मेन्द्र कुमार व अन्य की याचिका पर अधिवक्ता सत्येन्द्र चंद्र त्रिपाठी को सुनकर दिया है।  याचिका में ऐसे ही कुछ मामलों में न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए गलती सुधारने की अनुमति देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसी अनुमति देने से चयन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ता है।

Saturday, September 5, 2020

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट, जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट,  जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

 

प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के दौरान शिक्षामित्रों का नया रूप सामने आया है। वह केवल छात्र-छात्रओं की पढ़ाई ही नहीं करा रहे, बल्कि लोग स्वस्थ रहें इसका भी जतन कर रहे हैं। कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को तीन माह का मानदेय नहीं मिल सका है। इससे जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। उन्हें जून माह का मानदेय भुगतान होगा भी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


प्रदेश में करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षामित्र तैनात हैं। अधिकांश जिलों में डीएम के आदेश पर शिक्षामित्रों को जून माह में सरकारी राशन की दुकानों पर नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया। पिछले वर्ष तक सरकार शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं दे रही है। ज्ञात हो कि शीर्ष कोर्ट के आदेश पर सरकार अगस्त 2018 से शिक्षामित्रों को संविदाकर्मी के रूप में 11 माह तक दस हजार रुपये प्रति माह देती रही है, जबकि पहले समायोजित शिक्षामित्रों को करीब 40 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था।


इधर, शिक्षामित्रों को नए तरीके से मानदेय भुगतान होना है। इससे उन्हें जून, जुलाई व अगस्त माह का मानदेय नहीं मिल सका है, हालांकि सरकार ने जुलाई माह का भुगतान करने के लिए धन जारी कर दिया है लेकिन, तकनीक तैयार न होने से उन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं, जून माह के भुगतान पर असमंजस बना है। प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 20 वर्षो से एक शिक्षक के समान शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों व उनके परिजनों की जिंदगी बदहाल है। वजह केवल तीन माह से मानदेय न मिलना ही नहीं है। बल्कि शिक्षामित्रों को समय पर मानदेय न मिलना आम बात है।


वादे के बाद भी भुगतान नहीं

शिक्षामित्र संघ उप्र के संयोजक शिवपूजन सिंह ने जून माह के मानदेय की मांग प्रदेश सरकार से किया था। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया, किंतु शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं मिला है।

Friday, August 28, 2020

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का विवरण ऑनलाइन गूगल सीट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का विवरण ऑनलाइन गूगल सीट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में।





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Saturday, August 22, 2020

शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व अन्य संविदा कर्मियों का काम नहीं करेंगे लिपिक, जिला समन्वयक देखेंगे कामकाज

अब जिला समन्वयक देखेंगे संविदा कर्मियों का कामकाज।

बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों का कामकाज देखने वाले लिपिक द्वारा शासनादेश का उल्लंघन कर उन्हें सेवाओं से बाहर किया जा रहा है।

प्रयागराज :  मंडल के प्रतापगढ़ जनपद में अब शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व अन्य संविदा कर्मियों का कामकाज अब बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक नहीं बल्कि जिला समन्वयक देखेंगे। यह निर्देश महानिदेशक शिक्षा ने जारी किया है। इस बदलाव काम काज में सुधार का व्‍यापक बदलाव देखने को मिलेगा।


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उच्च प्राथमिक अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा था पत्र

इस संबंध में उच्च प्राथमिक अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने महानिदेशक को पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में कहा था की बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों का कामकाज देखने वाले लिपिक द्वारा शासनादेश का उल्लंघन कर उन्हें सेवाओं से बाहर किया जा रहा है। वह उनके साथ भेदभाव करते हैं। ऐसे में उनको जिम्मेदारी से हटाया जाना चाहिए। इस पर विचार करने के बाद नई व्यवस्था में अब सेवा विस्तार सहित तमाम कार्यो को जिला समन्वयक में करेंगे। इस बारे में महानिदेशक ने बहुत साफ-साफ चेतावनी दी है कि कामों में आई खामियां भविष्य में नहीं दिखनी चाहिए। अनुदेशकों और संविदा पर काम करने वाले कर्मियों का हर साल रिन्यूअल होता है, इसके साथ ही शिक्षामित्रों से जुड़े तमाम कामों को बेसिक शिक्षा में लिपिक निपटाते आए हैं। सालों साल की व्यवस्था में विराम लगा दिया गया है। कई कई पटल लिपिक संभाल रहे हैं।

बदलाव का व्‍यापक असर कामकाज पर दिखेगा

शिक्षा महानिदेशक द्वारा किए गए बदलाव का व्यापक असर कामकाज पर देखने को मिलेगा। काम में पारदर्शिता भी आएगी। अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने स्वागत किया है। प्रतापगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा महानिदेशक के निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा। उसी के अनुरूप ड्यूटी तय की जाएगी। स्टाफ की बैठक करके इस बारे में पूरा प्लान तैयार करेंगे। इस बारे में आला अफसरों से बात भी की जाएगी।

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फतेहपुर : शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का काम नहीं करेंगे लिपिक, जिला समन्वयक (डीसी) को दिया गया कामकाज का जिम्मा।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों और शिक्षामित्रों तथा अनुबंध पर काम करने वाले संविदा कर्मियों की सेवाओं का कामकाज लिपिक नहीं करेंगे। इन कर्मियों के कामकाज का जिम्मा अब जिला समन्वयक (डीसी) को दिया गया है। सेवा विस्तार सहित तमाम नामों का संपादन डीसी करेंगे साथ ही महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि कामों में आई खामियां भविष्य में नहीं दिखनी चाहिए।





अनुदेशकों और संविदा पर काम करने वाले कर्मियों का हर साल रिन्यूअल होता है, इसके साथ ही शिक्षामित्रों से जुड़े तमाम कामों को बेसिक शिक्षा में लिपिक निपटाते आए हैं। सालों साल की व्यवस्था में विराम लगा दिया गया है। अब यह सारा काम जिला समन्वयक से बेसिक शिक्षा अधिकारी कराएंगे। विभाग में लिपिकों की भारी कमी है। कई कई पटल लिपिक संभाल रहे हैं। जिससे निर्धारित अवधि में काम न होने से परेशानी होती है। शिक्षा महानिदेशक द्वारा बदलाव किया गया है। जिसका अनुपालन कराया जाएगा । जिससे कि शासन की मंशा साकार हो सके और समयबद्ध तरीके से काम का संपादन हो सके। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


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Wednesday, August 5, 2020

शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान


शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान

शिक्षामित्रों को अब पीएफएमएस से होगा मानदेय भुगतान 
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश के बाद जिले में तैयारियां शुरू 


मैनपुरी जिले में कार्यरत शिक्षामित्रों को मानदेय भुगतान के लिए अब नई प्रणाली शुरू की जाएगी । शासन ने शिक्षामित्रों को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) से मानदेय भुगतान के निर्देश दिए हैं। 


परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद जिले में पीएफएमएस को प्रभावी बनाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है । नई प्रणाली के कारण जिले के सभी 1950 शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए इंतजार करना होगा। 


जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के तहत मानदेय का भुगतान किया जाता था लेकिन जुलाई से उनके मानदेय के भुगतान के लिए शासन ने पीएफएमएस व्यवस्था की है। 

Monday, August 3, 2020

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी पुलिस
 

आगरा : बाह क्षेत्र में चित्राहाट के नगला सुरई गांव में रविवार की सुबह शिक्षामित्र सत्यवान सिंह (42) का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिला। कमरे का दरवाजा खुला था। साथियों का मानना है कि शिक्षक पद से समायोजन निरस्त होने के अवसाद में यह आत्मघाती कदम उठाया है। हालांकि परिजनों ने हत्या का अंदेशा भी जताया है। शिक्षामित्र संघ से जुड़े लोगों ने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। 


चित्राहाट के नगला सुरई गांव निवासी सत्यवान पुत्र साहब सिंह पारना गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थे। साथी शिक्षामित्रों और परिजनों ने बताया कि सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद से सत्यवान गुमशुम रहने लगे थे।
शनिवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। रविवार की सुबह फंदे पर शव लटका मिला। कमरे का दरवाजा खुला देख घरवाले हत्या की आशंका जता रहे हैं। सूचना पर पहुंची चित्राहाट पुलिस ने छानबीन करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।   


एसओ चित्राहाट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिक्षामित्र संगठन के अजय भदौरिया, शैलेंद्र भदौरिया, अनिल शर्मा, पंकज बौहरे , पीतम गुर्जर, नेवर सिंह आदि ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है।


पत्नी भी है शिक्षामित्र, मायके गई थी 
मृतक शिक्षामित्र सत्यवान की पत्नी ऊषा देवी भी नगला सुरई के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र है। उनके दो बच्चे अभिनव (12), गीतांजलि (7) वर्ष हैं। दो दिन पहले ही सत्यवान ऊषा देवी को रक्षाबंधन पर मायके इटावा गई थी। सत्यवान खुद छोड़ने गए थे। मौत की खबर लगते ही वह रोते-बिलखते घर लौटी।  

Tuesday, July 21, 2020

महराजगंज : अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से किये जाने हेतु बीएसए ने निश्चित प्रारूप में मांगी सूचना

महराजगंज : अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से किये जाने हेतु बीएसए ने निश्चित प्रारूप में मांगी सूचना।

Friday, July 17, 2020

फतेहपुर : शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों का सेवा विवरण मानव सम्पदा पोर्टल पर अपलोड करने, डाटा सत्यापन, अभिलेखों एवं आधार का सत्यापन किए जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों का सेवा विवरण मानव सम्पदा पोर्टल पर अपलोड करने, डाटा सत्यापन, अभिलेखों एवं आधार का सत्यापन किए जाने के सम्बन्ध में।





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