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Sunday, June 20, 2021

चयन वेतनमान निर्धारण करने की लंबित समस्या के शीघ्र निस्तारण हेतु सांसद व शिक्षक विधायक ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र

चयन वेतनमान निर्धारण करने की लंबित समस्या के शीघ्र निस्तारण हेतु सांसद व शिक्षक विधायक ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र







यूपी : जानिए कब से शुरू होंगी राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, जारी हुआ कार्यक्रम

यूपी : जानिए कब से शुरू होंगी राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, जारी हुआ कार्यक्रम


16 राज्य विश्वविद्यालयों ने जारी किया परीक्षा कार्यक्रम


लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की स्नातक स्तर की परीक्षाएं 2 से 12 अगस्त तक होगी। वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या की स्नातक एवं स्नातकोतर परीक्षाएं 21 जुलाई से 13 अगस्त तक होंगी। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के आधार पर प्रदेश के 15 राज्य विश्वविद्यालयों ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में

लखनऊ विवि की परीक्षाएं 2 से 12 अगस्त तक होगी

स्नातक स्तर की परीक्षाएं विषयवार प्रश्न पत्रों को संकलित कर वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र के आधार पर कराई जाएगी। स्नातक स्तर की परीक्षा 2 से 12 अगस्त तक होगी। कला, वाणिज्य, विज्ञान शिक्षा एवं ललित कला संकाय की प्रथम सेमेस्टर दिसंबर 2020 की परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है। प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को उनके आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जाएगा।



CBSE : मूल्यांकन से असंतुष्ट होने पर परीक्षा 15 सितंबर से पूर्व, मुख्य विषयों की परीक्षा कराने की बनाई जा रही है योजना

CBSE : मूल्यांकन से असंतुष्ट होने पर परीक्षा 15 सितंबर से पूर्व, मुख्य विषयों की परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है।

कंपार्टमेंट परीक्षा का परिणाम भी शीघ्र निकाला जाएगा



नई दिल्ली : ऐसे छात्र जो सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली से खुश नहीं हैं, उनके लिए बोर्ड 15 सितंबर से पहले परीक्षा आयोजित करेगा।

सीबीएसई ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि जो लोग परीक्षा देना चाहते हैं, उनके लिए और कंपार्टमेंट वाले छात्रों को 15 सितंबरके पहले परीक्षा आयोजित की जाएगी ।

डॉ. संयम ने बताया कि कंपार्टमेंट के के कुछ मुख्य विषयों की परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है, उनका परीक्षा परिणाम भी शीघ्र निकाल दिया जाएगा, ताकि उनको किसी तरह की परेशानी न हो। यदि वह किसी विश्वविद्यालय में दाखिला लेना चाहते हैं तो ले सकें। छात्र यदि 33 फीसदी अंक थ्योरी में नहीं अर्जित कर पाए तो वह कंपार्टमेंट में रखे जाएंगे।

Saturday, June 19, 2021

CTET जुलाई 2021 परीक्षा : सीबीएसई 20 जून तक जारी कर सकती है अधिसूचना

CTET जुलाई 2021 परीक्षा : सीबीएसई 20 जून तक जारी कर सकती है अधिसूचना


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  20 जून तक केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में अधिसूचना जारी कर सकता है।


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के संबंध में अधिसूचना जारी कर सकता है। बताया जा रहा है कि सीबीएसई 20 जून तक सीटीईटी परीक्षा को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सीटीईटी परीक्षा 2021 को लेकर किसी भी तरह के नए अपडेट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर नजर बनाए रखें। ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि कोरोना वायरस महामारी के बीच सीटीईटी परीक्षा स्थगित हो सकती है।


बता दें कि जैसे ही इस परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी होगी वैसे ही आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। पिछले साल सीटीईटी परीक्षा का आयोजन 4 जुलाई को होना था, लेकिन कोरोना के कारण उस वक्त इस परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था जो कि बाद में इस साल 31 जनवरी को आयोजित हुआ था। यह परीक्षा 31 जनवरी को 135 शहरों में आयोजित की गई थी। इस बार भी कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति के कारण यह परीक्षा स्थगित हो सकती है।

TGT - PGT - मेधा से चयन, नियुक्ति DIOS की ‘कृपा’ पर अटकी

TGT - PGT - मेधा से चयन, नियुक्ति DIOS की ‘कृपा’ पर अटकी

★ विडंबना
■ माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनितों को नहीं मिल रही नियुक्ति
■ जिला विद्यालय निरीक्षकों की संस्तुति पर जैसे-तैसे समायोजन


अजीब विडंबना है, जिला विद्यालय निरीक्षक ही एडेड माध्यमिक कालेजों में रिक्त पदों का अधियाचन भेजते हैं, लेकिन चयन बोर्ड से उन पदों के लिए चयनित अभ्यर्थी को जब संबंधित कालेज में कार्यभार ग्रहण करने भेजा जाता है तो उसे पद खाली नहीं कहकर वापस लौटाया जा रहा है। 2016 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक व प्रवक्ता (टीजीटी-पीजीटी) भर्ती में ही ऐसे चयनितों की तादाद 300 से अधिक है, जो मेधा के दम पर चयनित होकर भी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। उनकी नियुक्ति अब डीआइओएस की ‘कृपा’ पर निर्भर है।


माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों का चयन करता आ रहा है। 2016 टीजीटी-पीजीटी भर्ती के अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा फरवरी व मार्च 2019 में कराई गई। साक्षात्कार के बाद सफल अभ्यर्थियों को संबंधित कालेजों में नियुक्ति के लिए भेजा गया। विभिन्न जिलों में पहुंचे 322 अभ्यर्थियों को कालेजों ने यह कहकर लौटा दिया कि संबंधित पद खाली नहीं है।


 इन अभ्यर्थियों ने चयन बोर्ड में प्रत्यावेदन सौंपकर दूसरे कालेजों में खाली पदों पर समायोजित करने की मुहिम शुरू की। चयन बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से समायोजन के विकल्प मांगकर दो दिन पहले 72 चयनितों को उसी जिले के दूसरे कालेज आवंटित कर दिया है। करीब 250 से अधिक चयनित नियुक्ति मिलने की राह देख रहे हैं। उनका समायोजन कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक संस्तुति नहीं भेज रहे हैं। यह हाल तब है, जब कालेजों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। 


जिला विद्यालय निरीक्षकों की दलील है कि वे रिक्त पदों का ब्योरा 2021 टीजीटी-पीजीटी चयन के लिए भेज चुके हैं, उन पदों पर नियुक्ति देंगे तो फिर यही समस्या आने वाले चयनित के सामने खड़ी हो जाएगी। चयन बोर्ड ने विज्ञप्ति जारी करके स्पष्ट किया है कि उन्हीं को समायोजित करेगा, जिनका प्रस्ताव जिला विद्यालय निरीक्षक भेजेंगे। नियमावली 1998 के नियम 13 (5) में यह व्यवस्था है कि जहां बोर्ड की ओर से चयनित अभ्यर्थी रिक्ति की अनुपलब्धता या किसी अन्य कारण से आवंटित संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं, वहां जिला विद्यालय निरीक्षक ऐसे अभ्यर्थी के समायोजन के लिए बोर्ड को संस्तुति करेंगे। संस्तुति मिलने पर बोर्ड अभ्यर्थी को दूसरी संस्था आवंटित करेगा।

परिषदीय स्कूलों में सरल एप से हर 15 दिन में हो सकेगा बच्चों की पढ़ाई का मूल्यांकन

परिषदीय स्कूलों में सरल एप से हर 15 दिन में हो सकेगा बच्चों की पढ़ाई का मूल्यांकन

परिषदीय स्कूलों के छात्रों की शैक्षिक दक्षता अब रियल टाइम में परखी जा सकेगी, समय व संसाधन की होगी बचत


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का अब नियमित तौर पर मूल्यांकन करने की तैयारी है। इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग इसके लिए सरल एप का इस्तेमाल करेगा। अभी परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आकलन अर्ध वार्षिक और वार्षिक परीक्षा के माध्यम से साल में दो बार करने की व्यवस्था है।


परीक्षा के बाद बच्चों की आंसर शीट इकट्ठा कर ब्लाक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती है। वहां उनका मूल्यांकन होता है। फिर बच्चों के रिजल्ट की डाटा फी¨डग होती है। इन परीक्षाओं के आयोजन में काफी समय लगता है। बच्चों के सीखने समझने के स्तर का मूल्यांकन अब एसेसमेंट टेस्ट के जरिये हर 15 दिन में किया जा सके, बेसिक शिक्षा विभाग इसकी योजना बना रहा है। इस काम में आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सरल मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा।

69000 भर्ती में रिक्त पद भरने के लिए तीसरे चरण की तैयारी, 68500 शिक्षक भर्ती के 103 अभ्यर्थियों की सुध अब तक नहीं

69000 भर्ती में रिक्त पद भरने के लिए तीसरे चरण की तैयारी,  68500 शिक्षक भर्ती के 103 अभ्यर्थियों की सुध अब तक नहीं


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सितंबर, 2020 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद देख रहे राह
शिक्षक भर्ती के पुनमरूल्यांकन में हुए थे उत्तीर्ण


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में रिक्त पद भरने के लिए तीसरे चरण की काउंसिलिंग कराने की तैयारी में है। वहीं, इसके पहले हुई 68,500 शिक्षक भर्ती के उन अभ्यर्थियों की सुधि नहीं ली जा रही, जो पुनमरूल्यांकन में उत्तीर्ण हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र देने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक नौ माह बीत चुके हैं। अभ्यर्थी परिषद मुख्यालय से लेकर बेसिक शिक्षा के अफसरों का चक्कर काट रहे हैं।


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के लिए 2018 में 68500 भर्ती की लिखित परीक्षा कराई गई थी। उस समय परीक्षा उत्तीर्ण करने व दोबारा मूल्यांकन में उत्तीर्ण होने वालों को नियुक्ति दी जा चुकी है, लेकिन पुनर्मूल्यांकन में उत्तीर्ण 103 उत्तीर्ण अभ्यर्थी अब तक राह देख रहे हैं। इस बाबत नरेंद्र कुमार चतुर्वेदी बनाम अन्य के संबंध में हाईकोर्ट से 18 सितंबर 2020 को आदेश हुआ। इसमें कहा गया था रिजल्ट देने के चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र दिया जाना चाहिए। सरकार ने इसमें हलफनामा भी दिया था कि एक बार फिर से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने के बाद परिणाम के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।


अभ्यर्थियों का दावा है कि इस मामले में शीर्ष कोर्ट तक गुहार लगाई गई और सुप्रीम कोर्ट राधा देवी कीयाचिका में आए निर्णय की रिव्यू याचिका भी खारिज कर चुका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार साथियों से जूनियर होते जा रहे हैं। अभ्यर्थी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से नियुक्ति के लिए मुहिम भी चला रहे हैं।

शिक्षकों के 51112 पदों पर भर्ती शुरू करने की अभ्यर्थियों ने की मांग

शिक्षकों के 51112 पदों पर भर्ती शुरू करने की अभ्यर्थियों ने की मांग

प्रयागराज : डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा की शुक्रवार को हुई ऑनलाइन बैठक में | परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त 51112 पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग उठी। प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले 4 वर्षों से कोई नई भर्ती नहीं हुई है। जो 68500 और 69000 शिक्षक भर्ती हुई है वह | शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द होने की वजह से हुई थी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में | हलफनामा देकर स्वीकारा है कि शिक्षकों के 51112 पद खाली है। इस पर भर्ती शुरू होनी चाहिए ताकि लगभग 10 लाख प्रशिक्षु डीएलएड, बीटीसी, शिक्षामित्र, बीएड बेरोजगारों को अवसर मिल सके। बैठक में विक्रांत प्रताप सिंह, बृजेश यादव, अश्विनी तिवारी, विशु यादव, सौरभ मनोज यादव, विनीत आदि रहे।

12वीं बोर्ड के नतीजे : मूल्यांकन में जुड़ेंगे प्रायोगिक परीक्षा के पूरे अंक

12वीं बोर्ड के नतीजे : मूल्यांकन में जुड़ेंगे प्रायोगिक परीक्षा के पूरे अंक

■ कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल अंकों को नहीं बनाया जाएगा आधार
■ 12वीं में विषय बदलने पर 11वीं के विषय को बनाया जाएगा मूल्यांकन का आधार
■ 12वीं के आंतरिक परीक्षाओं में शामिल न होने वाले छात्रों से नहीं ली जाएगी परीक्षा


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के नए फॉर्मूले के तहत 12वीं कक्षा के छात्रों को प्रैक्टिकल अंकों में राहत मिलेगी। बोर्ड ने 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल अंकों से नए फॉर्मूले को बाहर रखा है। इससे हिसाब से जितने नंबर का प्रैक्टिकल है उसके पूरे नंबर ही जोड़ जाएंगे जबकि कक्षा 10वीं और 11वीं की थ्योरी में 30-30 फीसदी और 12वीं में यह फॉर्मूला 40 फीसदी पर तय किया गया है। इससे उन छात्रों को अंक बढ़ोत्तरी का बेहतर अवसर मिलेगा, जिन्हें विषयों की थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिल की भी अच्छी समझ होगी। 


बोर्ड ने नए फॉर्मूले के तहत 30-30-40 फीसदी का प्रावधान किया है। यानि यदि थ्योरी 80 नंबर की है तो प्रैक्टिकल अंक 20 नंबर के रहेंगे। लेकिन, 30 फीसदी के मुताबिक 10वीं और 11वीं में छात्र को थ्योरी के 24-24 अंक और 12वीं में 32 अंकों में से मूल्यांकन किया जाएगा। दूसरी ओर प्रैक्टिकल के 20 अंक पूरी तरह से जोड़े जाएंगे और 20 अंकों में से छात्र को उसके प्रैक्टिकल में प्रदर्शन के आधार पर अंक मिलेंगे। वहीं, यदि थ्योरी के लिए 70 अंक निर्धारित हैं तो 10वीं और 11वीं में 21-21 अंक और 12वीं में 28 अंकों में से अंकों का मूल्यांकन होगा। लेकिन, प्रैक्टिल के कुल अंक 30 ही रहेंगे।  


कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल के अंकों का नहीं बनाया जाएगा आधार
सीबीएसई ने नए फॉर्मूले के तहत कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल अंकों को आधार नहीं बनाने का निर्णय लिया है। केवल थ्योरी को ही तवज्जों देते हुए 30 फीसदी अंकों के साथ मूल्यांकन होगा। दूसरी ओर कक्षा 10वीं में भी प्रैक्टिकल विषय न होने के कारण इसे नए फॉर्मूले से दूर रखा गया है। यानि इससे उन छात्रों को सीधा लाभ पहुंचेगा जिन्होंने कक्षा 11वीं के प्रैक्टिकल में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन कक्षा 12वीं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंक हासिल किए होंगे। 

12वीं में विषय बदलने पर 11वीं के विषय को बनाया जाएगा मूल्यांकन का आधार
कई ऐसे छात्र भी होते हैं जो 11वीं में विषय पसंद न आने पर 12वीं कक्षा में पहुंच विषय बदल लेते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें बोर्ड से भी मंजूरी लेनी होती है। ऐसे छात्रों के मूल्यांकन के लिए भी बोर्ड ने प्रावधान किया है। बोर्ड के मुताबिक, जिन छात्रों ने कक्षा 12वीं में विषय बदला होगा उनके लिए कक्षा 11वीं में बेस्ट तीन विषयों का मूल्यांकन के तहत उसी विषय को 12वीं के लिए भी जोड़ लिया जाएगा। इससे एक ही विषय के अंक दूसरी कक्षा में भी जुड़ सकेंगे। 

दूसरे राज्यों के बोर्ड से पढ़े 10वीं के छात्रों के अपलोड करने होंगे अंक
सीबीएसई ने स्कूल कमेटियों को उन छात्रों के लिए सुविधा दी है जो सीबीएसई से 10वीं तक पढ़े हुए हैं। ऐसे छात्रों के लिए स्कूलों को अलग से पोर्टल पर अंक अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, सीबीएसई के पास पहले से ही ऐसे छात्रों के अंक उपलब्ध होंगे। हालांकि, ऐसे छात्रों की संख्या भी अधिक है जो यूपी बोर्ड, एमपी बोर्ड व अन्य राज्यों से 10वीं कक्षा पढ़े हुए होते हैं। ऐसे छात्रों के लिए सीबीएसई पोर्टल पर लिंक उपलब्ध कराएगा। इस लिंक पर अंकों को अपलोड करना होगा। वहीं, यदि छात्रों के अंक मूल्याकंन फॉर्मूला का पालन नहीं कर रहे हैं तो स्कूल कमेटी की जिम्मेदारी उन्हें ठीक करने की होगी। 


12वीं के आंतरिक परीक्षाओं में शामिल न होने वाले छात्रों से नहीं ली जाएगी परीक्षा
कक्षा के 12वीं के जो छात्र किसी कारणवश पूरे वर्ष स्कूल में आंतिरक मूल्यांकन के लिए किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके हैं। ऐसे छात्रों को दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, सीबीएसई ऐसे छात्रों का कक्षा 10वीं और 11वीं के आधार पर ही मूल्यांकन करेगा। इसके लिए बोर्ड बहुविकल्पिय मूल्यांकन का तरीका अपनाएगा।

प्रैक्टिकल अंक सूची
थ्योरी        10वीं            11वीं            12वीं                12वीं
        (30फीसदी)  (30फीसदी)     (40फीसदी)        (प्रैक्टिकल)
80       24                24                 32                  20
70       21                 21                 28                  30
60       18                  18                24                  40
50        15                 15                 20                 50
30        09                  09                12                  70


माध्यमिक विद्यालयों में तबादले को जुलाई में होंगे ऑनलाइन आवेदन, चार दशक में पहली बार होगा ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर

राजकीय महाविद्यालय में ऑनलाइन होगा स्थानांतरण - डॉ. दिनेश शर्मा

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रवक्ताओं के लिए पारदर्शी ऑनलाइन स्थानांतरण नीति लागू की गई है। वर्तमान स्थानांतरण सत्र के लिए वास्तविक उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष ऑनलाइन आवेदन में विकल्प प्राप्त करने की अंतिम तिथि 28 जून 2021 निर्धारित की गई है।


डॉ. शर्मा ने बताया कि स्थानांतरण नीति में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उपयुक्त प्राचार्यों एवं प्रवक्ताओं को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के राजकीय महाविद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। स्थानांतरित प्राचार्यों एवं प्रवक्ताओं को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाएगा और वे अपने लॉगिन अकाउंट से स्थानांतरण आदेश प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कार्य संतुष्टि को अधिकतम करने तथा स्थानांतरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय के लिए यह स्थानांतरण नीति लागू की गई है।


माध्यमिक विद्यालयों में तबादले को जुलाई में होंगे ऑनलाइन आवेदन, चार दशक में पहली बार होगा ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर

प्रयागराज : प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के तबादले के लिए जुलाई के पहले सप्ताह • सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में ऑनलाइन आवेदन लेने की तैयारी है। के शिक्षकों को इंतजार शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने आवेदन के लिए तैयार सॉफ्टवेयर का डेमो देखा है। उसमें कुछ कमियां हैं जिसे दूर करते हुए जुलाई प्रथम सप्ताह से आवेदन लिए जाएंगे।


पहली बार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन तो दो महीने पहले ही लेने की योजना थी लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण टालना पड़ गया। अब शासन से स्थानान्तरण की अनुमति मिलने के बाद फिर से सक्रियता बढ़ी है। इसी के साथ स्थानांतरण की पिछले चार दशकों से चली आ रही 9 चरणों वाली जटिल और भ्रष्ट व्यवस्था से शिक्षकों को छुटकारा मिल जाएगा।

पुरानी व्यवस्था में स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षक को अपने पसंद के जिले में खाली पद को खुद ढूंढना पड़ता था। उसके बाद शिक्षक को दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक, दोनों जिलों के डीआईओएस, फिर दोनों मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय से अनापत्ति लेते हुए अपर निदेशक माध्यमिक कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था। इस में कदम कदम पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रहती थीं।


राजकीय शिक्षकों का भी होगा ऑनलाइन ट्रांसफर

प्रयागराज : अपर शिक्षा निदेशक राजकीय ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के स्वीकृत कार्यरत एवं रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को बुधवार को भेजे पत्र में लिखा है कि 15 जुलाई से पहले स्थानान्तरण पूरे हो जाने हैं। ट्रांसफर ऑनलाइन मेरिट आधारित प्रणाली से होंगे।


CBSE Class XII Result 2021 : 12वीं परीक्षा परिणाम की तैयारियों को लेकर सीबीएसई ने स्कूलों को भेजा लेटर, दिए ये निर्देश

CBSE Class XII Result 2021 : 12वीं परीक्षा परिणाम की तैयारियों को लेकर सीबीएसई ने स्कूलों को भेजा लेटर, दिए ये निर्देश

CBSE Class XII Result 2021: सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 12 के परिणाम जारी करने की तैयारियों को लेकर स्कूल प्रधानाचार्यों/प्रमुखों को लेटर भेजा है। बोर्ड ने अपने लेटर में कहा है कि निर्धारित टैबुलेशन ऑफ मार्क्स पॉलिसी के अनुसार, बोर्ड परीक्षा 2021 का रिजल्ट तैयार करने को लेकर 17 जून 2021 को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसी सबंध में सीबीएसई ने स्कूलों व रिजल्ट कमिटी की मदद करने का फैसला किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक आईटी सिस्टम (Portal) विकसित किया गया है जो मार्क्स कैल्कुलेशन में मदद करेगा। यह सिस्टम सभी स्कूलों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह सिस्टम 10वीं कक्षा का रिजल्ट भी तैयार करेगा। 


किसी भी स्कूल को रिजल्ट से जुड़ी कोई दिक्क्त न हो इसके लिए लगातार सीबीएसई स्कूलों के संपर्क में रहेगा। 10वीं, 12वीं का रिजल्ट तैयार करने में जुटे  स्कूलों की मदद के लिए हेल्पडेस्क भी बनाई जाएगी। सीबीएसई के इसके अलावा स्कूलों के लिए कुछ जरूरी निर्देश भी दिए हैं।

12वीं रिजल्ट को लेकर स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश:

1 - जिन छात्रों ने 10वीं की परीक्षा दूसरे बोर्ड से पास की हैं उनके लिए 10वीं में सिर्फ थ्योरी के मार्क्स जोड़े जाएंगे। स्कूलों को एक मार्क्स साफ्ट कॉपी/डिजिटल फॉर्मेट में पहले सही रेडी रखना होगा।
2 - कक्षा 11 फाइनल के मार्क्स की शॉफ्ट कॉपी भी रेडी रखनी होगी।
3- इसी प्रकार से कक्षा 12 के प्रस्तावित यूनिट टेस्ट, मिट टर्म और प्री बोर्ड पर आधारित फाइनल थ्योरी मार्क्स भी डिजिटल फॉम में रखने होंगे।
4- एक पोर्टल स्कूलों को उपलब्ध कराया जाएगा में जिसमें जिसमें छात्रों के रोल नंबर, बोर्ड, साल आदि से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। यह पोर्टल 21-06-2021 से स्कूलों को मिल जाएगा।

Friday, June 18, 2021

BEd Distance and Online : डिस्टेंस एजुकेशन से करना चाहते हैं बीएड तो जानें विस्तार से

BEd Distance and Online : डिस्टेंस एजुकेशन से करना चाहते हैं बीएड तो जानें विस्तार से

शिक्षक की नौकरी पाने के लिए बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) की डिग्री जरूरी


BEd Distance and Online एक शिक्षक के रूप में नौकरी पाने के लिए आपके पास बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) की डिग्री होनी चाहिए। बीएड की डिग्री आपके लिए टीचिंग जॉब के द्वार खोलती है। वहीं भारत में डिस्टेंस एजुकेशन से बीएड कोर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।


BEd Distance and Online: भारत में सबसे सम्मानजनक और सुरक्षित नौकरियों में से एक शिक्षण कार्य को माना जाता है। एक शिक्षक के रूप में नौकरी पाने के लिए आपके पास बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) की डिग्री होनी चाहिए। बीएड की डिग्री आपके लिए टीचिंग जॉब के द्वार खोलती है। वहीं, भारत में डिस्टेंस एजुकेशन से बीएड कोर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि बहुत से युवा जॉब करते हुए बीएड डिग्री हासिल करना चाहते हैं।


बैचलर्स ऑफ एजुकेशन दो वर्ष का एक कोर्स है, हालांकि कुछ यूनिवर्सिटी 1 साल का बीएड डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स भी पूरा कराती हैं। बता दें कि बीएड एक ऐसा पाठ्यक्रम है, जो आपको नैतिक मूल्यों से लेकर संवेदनशीलता और जिम्मेदारियों के बारे में वह सब कुछ सिखाता है जो एक शिक्षक को जानने की जरूरत होती है। वर्तमान में, विभिन्न यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट बीएड के लिए डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन कोर्स की पेशकश करते हैं, लेकिन आपको अपनी पसंद का कॉलेज चुनना चाहिए और अपनी पसंद की स्ट्रीम लेनी चाहिए।


डिस्टेंस एजुकेशन से बीएड कोर्स की पेशकश करने वाले ये हैं शीर्ष विश्वविद्यालय/संस्थान

● इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी

● स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी

● मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी

● जामिया मिलिया इस्लामिया

● अन्नामलई यूनिवर्सिटी

● नेशनल करेस्पॉन्डेंस कॉलेज

● महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी

● यूपी राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी

● रबिन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी

● मध्य प्रदेश भोज ओपन यूनिवर्सिटी

● जेएस यूनिवर्सिटी

● डायरेक्टरेट ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन, यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू

● डायरेक्टरेट ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी


ये होनी चाहिए बीएड के लिए योग्यता

बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स को न्यूनतम 50 प्रतिशत मार्क्स के साथ स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए।


ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के भी हैं विकल्प

यदि आप ऑनलाइन मोड में शार्ट टर्म टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते हैं, तो भी आपके लिए विकल्प हैं। बता दें कि विभिन्न एजुकेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी, वेबसाइट या ओपन ऑनलाइन कोर्स प्रोवाइडर हैं, जो शॉर्ट टर्म के लिए ऑनलाइन टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्स कराते हैं। इनमें से प्रसिद्ध नाम, Coursera, edX, Alison, AcademicEarth, Udemy, FutureLearn आदि शामिल हैं। कोर्स के अनुसार, विस्तृत जानकारी संबंधित प्रोवाइडर की वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकेंगे।

12वीं के लिए 30-30-40 का फार्मूला, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी CBSE-ICSE 31 जुलाई तक घोषित करेंगे परिणाम

12वीं के लिए 30-30-40 का फार्मूला, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी CBSE-ICSE 31 जुलाई तक घोषित करेंगे परिणाम



12वीं की बोर्ड परीक्षा रद होने के बाद सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और आइसीएसई (इंडियन सर्टिफिकेट आफ सेकेंडरी एजुकेशन) ने गुरुवार को इसके आकलन का फामरूला भी जारी कर दिया। इसके तहत 12वीं का रिजल्ट 10वीं, 11वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड तक के प्रदर्शन को आधार बनाकर तैयार किया जाएगा। इनमें 10वीं और 11वीं के 30-30 फीसद और 12वीं के 40 फीसद अंक शामिल किए जाएंगे। 12वीं का रिजल्ट 31 जुलाई को घोषित हो जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सीबीएसई और आइसीएसई ने 12वीं के आकलन का यह फामरूला पेश किया। कोर्ट ने भी अपनी सहमति जताई। साथ ही स्थिति सामान्य होने पर परीक्षा के विकल्प देने का निर्देश दिया। इस बीच, कोर्ट ने अभिभावकों की ओर से परीक्षा कराने को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई छात्र घोषित किए गए अंतिम परिणाम में संशोधन कराना चाहे तो ऐसे मामलों में विवाद के समाधान का भी इसमें प्रविधान किया जाना चाहिए। बताया जाए कि वैकल्पिक परीक्षा की समय सारिणी कब घोषित की जाएगी। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रों का 12वीं का अंतिम परिणाम परीक्षा में अर्जित अंकों को ही माना जाएगा।


10वीं, 11वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड को आधार बनाकर रिजल्ट तैयार होगा। ं 10वीं और 11वीं के 30-30 फीसद और 12वीं के 40 फीसद अंक होंगे। 12वीं के आकलन में यूनिट टेस्ट, मिड-टर्म और प्री-बोर्ड को आधार बनाया जाएगा। जबकि 11वीं की फाइनल परीक्षा के थ्योरी के और 10वीं के पांच विषयों में से किन्ही तीन विषयों के थ्योरी के प्रदर्शन के औसत को शामिल किया जाएगा। सीबीएसई ने आकलन का आधार तीन कक्षाओं के प्रदर्शन पर रखा है, तो आइसीएसई ने पिछले छह साल के प्रदर्शन को इसमें शामिल किया है।


12वीं के छात्रों के नतीजे तैयार करने के लिए सीबीएसई की नीति और प्रक्रिया की सिफारिश करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद! व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस नीति को अपनाया है जो छात्रों के हित में है। - रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री


’>>इसी फामरूले के आधार पर 10वीं, 11वीं और 12वीं के अंक किए जाएंगे शामिल

’>>स्थिति सामान्य होने पर इच्छुक छात्र परीक्षा दे सकेंगे, तब यह परिणाम अंतिम होगा

अब PhD, NET, SET क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढना होगा आसान, UGC ने शुरू किया जॉब पोर्टल

अब PhD, NET, SET क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढना होगा आसान, UGC ने शुरू किया जॉब पोर्टल

विवि की नौकरियों के लिए नहीं भटकना होगा


नई दिल्ली: नौकरी की तलाश में जुटे छात्रों के साथ विश्वविद्यालयों की भी मदद के लिए अब यूजीसी आगे आया है। यूजीसी ने फिलहाल इसे लेकर एक ऐसा जॉब पोर्टल तैयार किया है। इसमें छात्रों को विश्वविद्यालयों से जुड़े सभी खाली पदों का ब्योरा मिलेगा।।

 इसकी मदद से वह संबंधित विश्वविद्यालयों में आसानी से आवेदन कर सकेगा। यूजीसी ने इसके साथ ही पहले से संचालित एकेडमिक जॉब पोर्टल को भी इसे जोड़ने का फैसला भी लिया है।

यूजीसी ने यह पहल ऐसे समय की है, जब विश्वविद्यालयों में टीचिंग और नान- टीचिंग पदों के बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जॉब पोर्टल किया लाॅन्च
अब पीएचडी नेट और एसईटी परीक्षा क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।अब यूजीसी ने युवाओं के लिए एक नया अकादमिक जॉब पोर्टल स्थापित किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पीएचडी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) राज्य पात्रता परीक्षा (एसईटी) जॉब पोर्टल लॉन्च किया है

अब पीएचडी, नेट और एसईटी परीक्षा क्वालिफाई उम्मीदवारों को नौकरी ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब यूजीसी ने युवाओं के लिए एक नया अकादमिक जॉब पोर्टल स्थापित किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पीएचडी, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) राज्य पात्रता परीक्षा (एसईटी) जॉब पोर्टल लॉन्च किया है, जिस पर प्रोफाइनल बनाने के बाद उम्मीदवारों को विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों का ब्योरा मिल सकेगा। इसके बाद अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। 


यूजीसी के मुताबिक इस पोर्टल पर योग्य उम्मीदवारों को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उपलब्ध टीचिंग जॉब के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपना प्रोफाइल बनाने होगी। इसके बाद वह सर्च कर सकते हैं। वहीं पोर्टल के माध्यम से शिक्षण संस्थान उपलब्ध उम्मीदवारों की खोज कर सकते हैं और उम्मीदवार भी नौकरी की रिक्तियों को देखकर अप्लाई कर सकते हैं।इसके अलावा आयोग का इरादा उपलब्ध जॉब्स को अपग्रेड करना और नॉन टीचिंग जॉब को भी पोस्ट करना है। नॉन टीचिंग जॉब में प्रशासनिक भूमिकाओं वाली जॉब्स होंगी, जैसे कि अकाउंट्स, सिक्योरिटी, हेल्थ, पुस्तकालय सहित अन्य विभाग हैं, जिनकी जॉब पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। ऐसे में नेट, पीएचडी सहित अन्य परीक्षाओं में पास होने वाले युवाओं को सलाह दी जाती हे कि, वे जॉब की लेटेस्ट अपडेट के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करते रहें। 

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

उम्मीदवारों को यूजीसी के पोर्टल ugc.ac.in पर जाना होगा। यहां पर रजिस्ट्रेशन का विकल्प मिलेगा। इसपर क्लिक कर मांगी गई डिटेल्स भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसमें छात्रों को अपना नाम, ई-मेल एड्रेस, फोन नंबर, पासवर्ड आदि की औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेगी।

इसके अलावा हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (university Grants Commission UGC), यूजीसी ने देश भर की 38 यूनिवर्सिटीज को ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रमों को मंजूरी दी है। सूची जारी होने के बाद अब ये विश्वविद्यालय यूजीसी की अनुमति के बिना भी फुलफ्लेज ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं। यूजीसी की ओर से जारी की सूची के मुताबिक ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रमों की पेशकश करने वाले कुल विश्वविद्यालयों में से 15 डीम्ड विश्वविद्यालय हैं, 13 राज्य विश्वविद्यालय और तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा इससे संबंधित ज्यादा डिटेल चेक करने के लिए छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। 

प्रतापगढ़ : आंगनबाड़ी के रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध विज्ञप्ति जारी

प्रतापगढ़ : आंगनबाड़ी के रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध विज्ञप्ति जारी



उत्तर प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय / महाविद्यालयों में संचालित विषयों का संकाय निर्धारण किये जाने के सम्बंध में

उत्तर प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय / महाविद्यालयों में संचालित विषयों का संकाय निर्धारण किये जाने के सम्बंध में


प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में महिला संवर्ग के अधीन कार्यरत प्रवक्ता / प्रधानाध्यापिका के रिक्त पदो की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।

प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में महिला संवर्ग के अधीन कार्यरत प्रवक्ता / प्रधानाध्यापिका के रिक्त पदो की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।



माह जुलाई 2021 में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कार्यवाही कराये जाने के सम्बन्ध में

माह जुलाई 2021 में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कार्यवाही कराये जाने के सम्बन्ध में













UPTET 2020 : अब यूपीटेट के आवेदन का इंतजार

UPTET 2020 : अब यूपीटेट के आवेदन का इंतजार
 


प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2020 का आवेदन अब शुरू होने का इंतजार है। वजह, शासन ने यूपीटीईटी के प्रमाणपत्र को आजीवन मान्य कर दिया है लेकिन, नए विज्ञापन के संबंध में अभी निर्देश नहीं दिया है। ज्ञात हो कि कोरोना संकट की वजह से परीक्षा संस्था ने 11 मई को को विज्ञापन जारी नहीं किया था। यूपीटीईटी प्रक्रिया शुरू कराने के लिए शासन के अनुमोदन का इंतजार है।


बेसिक शिक्षा विभाग ने 15 मार्च को यूपीटीईटी-2020 के आयोजन की समयसारिणी तय करते हुए शासनादेश जारी किया था। इसके लिए 11 मई को विज्ञापन प्रकाशित करने व आनलाइन आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन 18 मई की दोपहर से शुरू होकर अंतिम तारीख एक जून तय थी। उस समय कोरोना का संक्रमण बढ़ने से कोरोना कफ्यरू की समय सीमा निरंतर बढ़ रही थी उससे विज्ञापन स्थगित कर दिया गया। शासन ने बुधवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपीटीईटी के प्रमाणपत्र को आजीवन मान्य करने का आदेश जारी कर दिया है, यूपीटीईटी 2020 के विज्ञापन व आवेदन लेने की प्रक्रिया पर चुप्पी साध रखी है। नए अभ्यर्थी इसका इंतजार कर रहे हैं।

यूपी बोर्ड : 12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला तय, हाईस्कूल में 50-50 के आधार पर जारी होगा परिणाम

UPMSP UP Board 10th 12th Exam result 2021: CBSE के बाद यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों की निगाहें सरकार पर टिकी, इस फार्मूले पर बनी सहमति

सीबीएसई की ओर से बारहवीं का रिजल्ट तैयार करने का फार्मूला जारी करने के बाद यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों की निगाहें राज्य सरकार पर हैं। फार्मूला इसी हफ्ते जारी होने की उम्मीद है। यूपी में इंटरमीडिएट में हाईस्कूल का 50 फीसदी, 11वीं का 40 फीसदी व 12वीं के प्री बोर्ड/ प्रैक्टिकल के 10 फीसदी अंक के साथ रिजल्ट जारी करने पर कमेटी ने सहमति दी है। लेकिन मुख्यमंत्री ने अभी इसे अनुमति नहीं दी है। यूपी बोर्ड के लगभग 56 लाख विद्यार्थियों का भविष्य इससे तय होगा। 



वहीं हाईस्कूल में 50-50 फीसदी नवीं व दसवीं कक्षा के प्री बोर्ड परीक्षा के अंक लेकर रिजल्ट तैयार होगा। मुख्यमंत्री की अनुमति मिलने के बाद यूपी बोर्ड रिजल्ट की तैयारियां करेगा। रिजल्ट निकालने से पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद को इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 में भी संशोधन करना होगा। इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के अधीन लिखित परीक्षा के माध्यम से ही रिजल्ट तैयार होने का नियम है। इस नियम को संशोधित करने और अधिसूचित करने के बाद ही रिजल्ट जारी किया जाएगा ताकि कोई कानूनी अड़चन न हो।
सीबीएसई ने 10 वीं और 11वीं के अंकों को 60 फीसदी का भारांक दिया है जबकि 12वीं की परीक्षाओं व प्री बोर्ड आदि को 40 फीसदी का। वहीं आईसीएसई के फार्मूले में इसके अलावा स्कूल का पिछले छह वर्षों का रिजल्ट भी देखा जाएगा। परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी को लगभग चार हजार सुझाव मिले थे।  

ये भी सुझाए गए फार्मूले-  
-हाईस्कूल में नवीं कक्षा का रिजल्ट व 10वीं के आंतरिक परीक्षा के अंक
- इंटरमीडिएट में 40 फीसदी हाईस्कूल,  60 फीसदी में 11वीं व प्री बोर्ड के अंकों को मिला कर 
-व्यक्तिगत परीक्षार्थी के यदि नंबर नहीं है तो केवल पास का प्रमाणपत्र, यदि अंक हैं तो उनके आधार पर रिजल्ट तैयार होगा

यूपी बोर्ड : 12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला तय, हाईस्कूल में 50-50 के आधार पर जारी होगा परिणाम

परीक्षा परिणाम का फार्मूला तय करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विभिन्न स्तर से रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया है।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को कक्षा 9वीं के 50 प्रतिशत और कक्षा 10वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। वहीं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत और 12वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के दस प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विभिन्न स्तर से रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया है।


प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को रद्द किया गया है। प्रदेश सरकार ने हाई स्कूल के 29,94,312 और इंटरमीडिएट के 26,10.316 परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण करने का निर्णय किया है। हाई स्कूल और इंटरमीडिए बोर्ड परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए एसीएस आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटीृ को 3910 सुझाव मिले हैं। प्रदेश के विधायकों, शिक्षा विदें, अभिभावकों, शिक्षकों ने इसमें सुझाव दिए हैं। सभी सुझावों का अध्ययन कर समिति ने विद्यार्थियों के हित में समिति रिपोर्ट तैयार की है।


इसलिए अलग है यूपी का फॉर्मूला

सीबीएसई में पठन पाठन की प्रक्रिया अलग है। यूपी बोर्ड में पठन-पाठन अलग है। यूपी बोर्ड में पहली बार प्री-बोर्ड परीक्षा हुई है जबकि सीबीएसई में पिछले लंबे समय से प्री-बोर्ड हो रहा है। कृषि, शारीरिक शिक्षा के लिए अलग-अलग फार्मूला होगा। समिति की ओर से तैयार ड्राफ्ट का 20 जून तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद उसे लागू किया जाएगा।

फीस वापस नहीं होगी

बताया जाता है कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड में बिना परीक्षा के उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को आगामी समय में होने वाली बोर्ड परीक्षा में अंक सुधार का मौका दिया जाएगा। परीक्षार्थी एक विषय या सभी विषय में परीक्षा देकर अपना परिणाम सुधार सकेंगे। उस समय उनसे परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए परीक्षार्थियों से लिया गया परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

ऐसा होगा निर्णय

हाई स्कूल
1. यदि किसी विद्यार्थी ने कक्षा 9 में अंग्रेजी विषय में 100 में से 80 नंबर प्राप्त किए थे। तो 50 प्रतिशत अंक के आधार पर 9वीं कक्षा के 40 अंक दिए जाएंगे। कक्षा 10 की प्री-बोर्ड में अंग्रेजी विषय में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए हैं तो 50 प्रतिशत के आधार पर प्री-बोड 4 के 30 अंक लिए जाएंगे। इस तरह हाई स्कूल में परीक्षार्थी को अंग्रेजी विषय में 100 में से 70 अंक दिए जाएंगे।

इंटरमीडिएट
यदि किसी विद्यार्थी ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा में हिन्दी विषय में 100 में से 70 अंक प्राप्त किए थे तो 50 प्रतिशत के आधार पर 10वीं कक्षा के 35 अंक लिए जाएंगे। 11वीं कक्षा में विद्यार्थी ने हिन्दी में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए थे तो 40 प्रतिशत के आधार पर 11वीं कक्षा के 24 अंक लिए जाएंगे। 12वीं की प्री-बोर्ड में हिन्दी में 100 में से 60 अंक प्राप्त किए हैं तो दस प्रतिशत के आधार पर प्री-बोर्ड के 6 अंक लिए जाएंगे। इस प्रकार परीक्षार्थी को इंटरमीडिएट में हिन्दी विषय में 65 प्रतिशत अंक दिए जाएंगे।

Thursday, June 17, 2021

शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की नहीं हो रही ईपीएफ कटौती

शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की नहीं हो रही ईपीएफ कटौती


प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत लगभग 1.60 लाख शिक्षामित्रों और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे 30 हजार अंशकालिक अनुदेशकों की ईपीएफ कटौती क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त के आदेश के सवा साल भी शुरू नहीं हो सकी है। यदि यह कटौती हो रही होती तो कोरोना काल में असमय मौत के मुंह में समाने वाले शिक्षकों को ईपीएफओ की ओर से मिलने वाले 2.5 से 7 सात लाख रुपये तक का बीमा मिल जाता। जो लोग बीमार है, उनका इलाज हो सकता था।


कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में काम करने वाले संविदा शिक्षकों व कर्मचारियों की ईपीएफ कटौती का आदेश जारी कर दिया गया, जबकि वह भी 11 माह का मानदेय पाते हैं। वर्तमान में प्रदेश के 75 में से 16 जिलों कानपुर नगर, महोबा, ललितपुर, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, बस्ती, देवरिया, कानपुर देहात, आजमगढ़, चंदौली, जौनपुर, वाराणसी, मुरादाबाद और फैजाबाद में धनराशि का निर्धारण भी किया जा चुका है लेकिन कटौती शुरू नहीं हो सकी है। गौरतलब है कि क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने 28 फरवरी 2020 को एक अप्रैल 2015 से कटौती का आदेश दिया था।


सरकार एक तरफ कोर्ट में कह रही है कि हम ईपीएफ दे रहे हैं लेकिन आज तक एक रुपये की कटौती नहीं हुई। कटौती होती तो जो लोग मर गए उनके परिजनों को अनुकंपा राशि मिलती और जो बीमार हैं उनको इलाज का पैसा मिलता। लेकिन अधिकारियों ने एक भी न सुनी। - त्रिभुवन सिंह, उपाध्यक्ष

वार्षिक स्थानांतरण हेतु प्रदेश के समस्त राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्नातक वेतनक्रम के शिक्षक/ शिक्षिकाओं के विषयवार स्वीकृत कार्यरत रिक्त पदों का वितरण उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।

वार्षिक स्थानांतरण हेतु प्रदेश के समस्त राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्नातक वेतनक्रम के शिक्षक/ शिक्षिकाओं के विषयवार स्वीकृत कार्यरत रिक्त पदों का वितरण उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।


प्रयागराज । अपर शिक्षा निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल ने प्रदेश के सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों से प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्नातक वेतनक्रम (एलटी ग्रेड) के शिक्षक, शिक्षिकाओं के विषयवार स्वीकृत, कार्यरत, खाली पदों का विवरण मांगा है। प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति जारी होने के बाद 15 जुलाई तक इसे पूरे किए जाने का निर्देश दिया है। अपर निदेशक ने तीन दिन के भीतर उनके मेल आईडी पर जानकारी भेजने का निर्देश दिया है।