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Tuesday, September 15, 2020

फतेहपुर : ग्राम सभा करेंगी स्कूलों के बिजली बिलों का भुगतान

फतेहपुर : ग्राम सभा करेंगी स्कूलों के बिजली बिलों का भुगतान।

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों को ग्राम पंचायतों की संपत्ति मानकर उनके बिजली के बिलों का भुगतान करना होगा। शासन ने पंचायतराज विभाग की ओर से इसके क्रियान्यवन के निर्देश दिए हैं। नए नियम से जहां बेसिक शिक्षा विभाग को राहत मिलेगी वहीं ग्राम पंचायतों पर खर्च का बोझ बढ़ेगा।



बेसिक शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद 2129 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनका भुगतान अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा किया जाता रहा है। विभाग पर करीब चार करोड़ का बिजली का बिल बकाया चल रहा है। इसको अदा करने के लिए अब शासन ने नया तरीका निकाला है। शिक्षा महानिदेशक ने इस अदायगी को ग्राम पंचायतों से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बिजली के बिल की अदायगी के लिए शासन से पंचायतीराज विभाग को पत्र भेजा गया है। विभाग में इस मद में अब धन नहीं मिलेगा।

संविलियन के बाद विद्यालय कम, कनेक्शन ज्यादा

पहले जिले में 2650 विद्यालय संचालित थे। संविलियन के बाद इनकी संख्या 2129 रह गई है। ऐसी स्थिति में एक कैंपस में दो-दो बिजली के कनेक्शन कागजों पर चल रहे हैं। विभाग के लिए यह चिता का विषय बना हैं। असल में तमाम विद्यालय ऐसे हैं जिनमें कनेक्शन ही नहीं हैं, लेकिन बिजली का बिल आ रहा है। उनकी देनदारी बढ़ती जा रही है।


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Monday, August 31, 2020

फतेहपुर : सौ परिषदीय स्कूलों में लगेंगे सोलर प्लांट, बिजली के साथ पीने के लिए मिलेगा शुद्ध पानी

फतेहपुर : सौ परिषदीय स्कूलों में लगेंगे सोलर प्लांट, बिजली के साथ पीने के लिए मिलेगा शुद्ध पानी।

फतेहपुर। जिले के 100 परिषदीय स्कूलों में शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था में तीन करोड़ खर्च किया जाएगा। इसके लिए सोलर एनर्जी प्लांट लगाए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में करीब तीन लाख की लागत से सोलर एनर्जी प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है।




जिले के 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मिलाकर कुल 100 परिषदीय विद्यालय सुविधा के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। प्रत्येक स्कूल में तीन बड़े पैनल, पांच पंखे, ओवरहेड टैंक और सबमर्सिबल पंप लगाए जाने का प्रावधान है। सोलर एनर्जी प्लांट लगने के बाद इन स्कूलों में दिन के समय बिजली आपूर्ति मिलेगी। इसी के साथ आरओ का शुद्ध पीने का पानी मिलेगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन ने सोलर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए सीधे नेडा को बजट दे दिया है। कार्यदायी संस्था ने प्लांट लगाने  का काम प्रारंभ कर दिया है। यह काम अगले महीने तक पूरा हो जाएगा।




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Wednesday, August 12, 2020

फतेहपुर : 65 और उत्कृष्ट विद्यालयों का होगा चयन, विद्यालय के बेहतर शिक्षक को मिलेगा सम्मान

फतेहपुर : 65 और उत्कृष्ट विद्यालयों का होगा चयन, विद्यालय के बेहतर शिक्षक को मिलेगा सम्मान।

सभी 13 ब्लॉकों से पांच-पांच स्कूलों का होगा चयन

उत्कृष्ट स्कूल के बेहतर शिक्षक को मिलेगा सम्मान


फतेहपुर :  बेसिक शिक्षा विभाग जिले में 65 और उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन करेगा। इन स्कूलों के सर्वाधिक क्रियाशील एक शिक्षक को पांच सितंबर को डीएम सम्मानित करेंगे। इससे पहले जिले में 357 उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन हो चुका है। उत्कृष्ट विद्यालयों के चयन के लिए बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने-अपने ब्लाक से पांच-पांच स्कूलों की सूची मांगी है। चयनित विद्यालयों की पत्रावली 14 अगस्त को बीएसए कार्यालय में जमा करना होगा।



उत्कृष्ट विद्यालयों के चयन की व्यवस्था 2017-18 से लागू हुई है। इस सत्र में कुल 93 उत्कृष्ट विद्यालय चयनित हुए थे। 2018 19 में 264 उत्कृष्ट विद्यालय का चयन किया गया था। इस तरह से वर्तमान समय में जिले में कुल 357 उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। चालू सत्र में प्रति ब्लाक पांच उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन किया जाना है। इसके लिए बीएसए ने सभी बीईओ को मंगलवार को पत्र जारी कर दिया है।

उत्कृष्ट विद्यालय के मानकों में पौधरोपण भी  :: 2018-19 और 2019-20 के नामांकन में वृद्धि के प्रतिशत के से दिसंबर तक वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक के साथ फर्नीचर आदि। नवाचार एवं साथ छह से 14 वर्ष के बच्चों की कुल जनसंख्या के सापेक्ष विद्यालयों में अधिकतम नामांकन। नामांकन के सापेक्ष अक्तूबर उपस्थिति में वृद्धि का तुलनात्मक विवरण प्रतिशत में। पिछले सत्र की परिणाम सीट। भौतिक वातावरण में विद्यालय का परिवेश जैसे रंगाई पुताई, पेयजल, टाइल्स, पौधरोपण, आईसीटी विधि से बच्चों की पढ़ाई। यह सभी मानक पूरे करने वाले स्कूल उत्कृष्ट विद्यालयों की श्रेणी में शामिल होंगे।


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Thursday, August 6, 2020

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त करने हेतु "ऑपरेशन कायाकल्प" के अंतर्गत खेल का मैदान के विकास, किचेन वाटिका की फेन्सिंग आदि का निर्माण कराए जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त करने हेतु "ऑपरेशन कायाकल्प" के अंतर्गत खेल का मैदान के विकास, किचेन वाटिका की फेन्सिंग आदि का निर्माण कराए जाने के सम्बन्ध में।


फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प करेगी पालिका।


फतेहपुर : ग्राम पंचायतों की तर्ज पर नगर पालिका परिषद नगरीय क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प करेगी। 14वें वित्त से विद्यालय की बाउंड्रीवाल, शौचालय समेत भवनों को कायाकल्प ऑपरेशन के तहत सुसज्जित कराया जाएगा। नगर पालिका ने आपरेशन कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही इन विद्यालयों का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प योजना के तहत सुंदरीकरण के साथ बाउड्रीवॉल व अतिरिक्त कक्षाओ का निर्माण भी कराया जाएगा। छात्र छात्राओ के लिए उनकी संख्या के अनुसार अलग शौचालय एवं रनिंग वाटर की व्यवस्था भी की जाएगी। स्वच्छ रनिंग वाटर की सुविधा के साथ साथ जलनिकासी का कार्य भी कराया जाएगा। विद्यालय की फर्श दीवारों की छत तथा दीवारों की खिड़की आदि का मरम्मतीकरण कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए है। कक्ष एवं शौचालय में टाइल्स का कार्य, विद्युतीकरण व किचन सेट का जीर्णोद्धार के साथ सुसज्जीकरण फर्नीचर का कार्य भी कराया जाएगा। जिस किसी विद्यालय में चहारदीवारी नहीं है, वहां चहारदीवारी एवं गेट का निर्माण भी कराया जाएगा। शासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि नगरीय परिसंपत्तियो के रूप में नगर क्षेत्र के विद्यालयों में कराए जाने वाले कार्यो की तकनीकी एवं अन्य जानकारी व ऑपरेशन कायाकल्प के सहयोग में बेसिक शिक्षा विभाग आवश्यकता के हिसाब से रखरखाव भी कराएगी।


शासन द्वारा गाइडलाइन जारी की गई है। चौदहवें वित्त से ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयो का सुंदरीकरण कराए जाने के निर्देश तो दिए गए है पर धन का अभाव है। अभी इस सम्बन्ध में विचार विमर्श किया जा रहा है।

निरूपमा प्रताप, नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी






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Tuesday, July 28, 2020

बांदा : 1868 स्कूलों का नहीं हो पाया कायाकल्प, समन्वयक ने उजागर किए कायाकल्प के अधूरे कार्य

बांदा : 1868 स्कूलों का नहीं हो पाया कायाकल्प, समन्वयक ने उजागर किए कायाकल्प के अधूरे कार्य।

बांदा ::  नए शिक्षा सत्र में जिले के 1868 विद्यालयों के बच्चों को बुनियादी सुविधाओं से जूझना पड़ेगा। कहीं पीने का नहीं तो कहीं शौचालय नदारद हैं। तमाम स्कूलों में रसोईघर और बिजली कनेक्शन का अभाव है। विभागीय जिला समन्वयक द्वारा उप निदेशक (बेसिक) को भेजी गई रिपोर्ट में ये खामियां उजागर हुई हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 124 स्कूल सभी सुविधाओं से संतृप्त और लैस हैं। शासन ने मार्च 2019 में परिषदीय स्कूलों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी 'ऑपरेशन कायाकल्प के तहत ग्राम पंचायतों को दी थीं, लेकिन ग्राम पंचायतों ने सभी स्कूलों के बुनियादी सुविधाओं से लैस नहीं किया। स्कूलों की ताजा हालत सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक (निर्माण) द्वारा दो दिन पूर्व बेसिक शिक्षा उप निदेशक को भेजी गई रिपोर्ट से उजागर हुई है।


समन्वयक की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले के 1992 परिषदीय स्कूलों में मात्र 124 स्कूलों में ही 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत कार्य कराए गए हैं। 1868 स्कूल आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1992 परिषदीय विद्यालयों में 620 में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। 844 स्कूलों में बालक व बालिकाओं के अलग-अलग शौचालय नहीं हैं। 692 स्कूलों में रसोईघर, 1925 स्कूलों में हैंडवाशिंग यूनिट, 1217 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन और बाउंड्रीवाल नहीं है। 1947 स्कूलों में दिव्यांगों के लिए शौचालय व रैप नहीं बने हैं। 120 विद्यालयों में श्यामपट्ट (ब्लैक बोर्ड) नहीं हैं। 1198 स्कूलों की कक्षाओं में फर्श या टायल्स नहीं हैं।





पहले शौचालय और पंचायत भवन बनेंगे : जिला समन्वयक ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि जिला पंचायत राज विभाग का कहना है कि ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवनों के निर्माण को शासन के निर्देशानुसार पहले कराया जा रहा है।

शासन ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों में 14 बिंदुओं पर संतृप्त करने का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा है। उन्हें ही सभी स्कूलों में यह कार्य कराना है। अधूरे कार्यों के बारे में शासन को पत्राचार किया गया है। -हरिश्चंद्र नाथ, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा।

शासन ने 125 दिनों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय और पंचायत घर बनाए जाने के आदेश दिए हैं। इसलिए पहले ये दोनों कार्य कराए जा रहे हैं। इसी के बाद ऑपरेशन कायाकल्प' से स्कूलों में काम होंगे। -संजय यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी बांदा।


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Monday, July 27, 2020

फतेहपुर : अब परिषदीय शिक्षकों को भी घोषित करें "कोरोना वारियर्स", सोशल मीडिया पर शिक्षकों ने बुलंद की मांग

फतेहपुर : अब परिषदीय शिक्षकों को भी घोषित करें "कोरोना वारियर्स", सोशल मीडिया पर शिक्षकों ने बुलंद की मांग।

फतेहपुर : कोरोना काल में राष्ट्रनिर्माण में योगदान दे रहे परिषदीय शिक्षकों ने भी खुद को कोरोना वायरस का दर्जा दिए जाने की मांग की है। उनका तर्क है कि कोरोना के प्रकोप के दौर में वह अपने परिवार को खतरे में डालकर समाज के बीच रहकर काम कर रहे हैं इसलिए उन्हें भी बीमा कौरव कोरोना से मृत्यु होने पर परिजनों को आर्थिक मदद का भरोसा मिलना चाहिए। शिक्षक अपने संघों से इस मांग को शासन के समक्ष रखने की आवाज उठा रहे हैं।

गत एक जुलाई से परिषदीय स्कूलों के शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार व प्रकोप के बीच शिक्षकों को अपने व परिवार की चिंता सताने लगी है। इसके लिए सोशल मीडिया व शिक्षकों के समूहों में जबरदस्त चर्चा जारी है।

शिक्षकों की मांग है कि जिस तरह सरकार ने पुलिस, डॉक्टर व सफाईकर्मियों को कोरोना योद्धा का दर्जा देकर उनके परिजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है उसी तरह की सुरक्षा उनके परिवारीजनों को भी मिलनी चाहिए। इसके पीछे वह तर्क देते हैं कि अन्य विभागों के कर्मचारी व अधिकारी तो अपने दफ्तरों में रहकर ही काम करते हैं लेकिन परिषदीय शिक्षक लगातार समाज के बीच रहकर काम कर रहा है। वह अभिभावकों के स्मार्टफोन में दीक्षा ऐप डाउनलोड कराने से लेकर राशन, ड्रेस व पुस्तक वितरण के साथ मिड डे मील की फीडिंग के लिए भी भटक रहा है।




मांग : परिषदीय शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर बुलंद की अपनी मांग स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस की तरह कर रहे समाज के लिए काम

खतरों से खेलकर राष्ट्र निर्माण : 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों का कहना है कि हमारे पास न तो पुरानी पेंशन है और न ही फंड, इसलिए हमारे परिवार की सुरक्षा आवश्यक है। कहते हैं कि यदि दुर्भाग्य से कोरोना के कारण उनकी मौत होती है तो उनके परिजनों की आर्थिक सुरक्षा कैसे हो पाएगी। हम भी तो समाज के बीच रहकर विपत्ति की इस घड़ी में राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।



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Tuesday, July 14, 2020

फतेहपुर : वर्षा जल संचयन भी सिखाएंगे परिषदीय विद्यालय, रेन वाटर हार्वेस्टिंग से विद्यालय भवनों की छतों का पानी भूगर्भ में होगा संरक्षित

फतेहपुर : वर्षा जल संचयन भी सिखाएंगे परिषदीय विद्यालय, रेन वाटर हार्वेस्टिंग से विद्यालय भवनों की छतों का पानी भूगर्भ में होगा संरक्षित।


फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा के पानी को भूगर्भ में संरक्षित किया जाएगा ) योजना का मॉडल बनाने की तैयारी है। शासन ने बीएसएफ को निर्देशित किया है कि परिषदीय विद्यालयों की छतों पर एकत्र होने वाले बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग बनाया जाए। इसमें खर्च होने वाले धन का भी प्रबंध किया जाएगा। गिरते भूगर्भ जल स्तर को लेकर संरक्षण पर काम हो रहे हैं। सरकारी इमारतों में पहले से ही जल संरक्षण को लेकर काम हुए हैं। परिषदीय स्कूलों में अभी तक यह काम नहीं हुआ है। शासन ने परिषदीय विद्यालयों को जल संरक्षण से जोड़ा है। बेसिक शिक्षा विभाग ऐसा है जिसमें सबसे ज्यादा वन हैं। ढाई हजार से ऊपर सरकारी भवनों में जल संरक्षण का काम होगा तो जल स्तर भी बढ़ेगा।




नई सरकारी इमारतों में है अनिवार्य :: शासन अब जो भी सरकारी इमारतें बनाता है उसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। बनाई जाने वाली सरकारी इमारतों के नक्शे में वाटर हार्वेस्टिंग का काम दर्ज होता है। नगर पालिका के निर्माण विभाग के अभियंता अमित कुमार जायसवाल कहते हैं कि बीते पांच सालों से इस अनिवार्यता पर काम हो रहा है। बिना वाटर हार्वेस्टिंग के डिजाइन ही पास नहीं होती है। मरम्मत का कार्य भी होगा :: 54 परिषदीय विद्यालयों में पहले से बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग बदहाल स्थिति में हैं उनकी मरम्मत की जाएगी।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम कुछ विद्यालयों में अभी तक हुआ है। शासन के निर्देश पर दिन रेन वाटर हार्वेस्टिंग वाले विद्यालयों की सूची बनाई जा रही है। करीब ढाई हजार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


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Wednesday, July 8, 2020

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में डंप साढ़े 11 करोड़ की राशि मंगाई जाएगी वापस, अब जिले में सर्व शिक्षा अभियान का खोला जाएगा नया खाता

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में डंप साढ़े 11 करोड़ की राशि मंगाई जाएगी वापस, अब जिले में सर्व शिक्षा अभियान का खोला जाएगा नया खाता।


फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चलाई जा रही योजनाओं और विद्यालयों के कायाकल्प के लिए शासन समय-समय पर धन भेजता है। धनराशि का उपयोग शासन की गाइड लाइन के अनुसार विद्यालय करते हैं। बीते दो सालों से जिले के 2650 प्राथमिक विद्यालयों में साढ़े 11 करोड़ की डंप धनराशि को वापस मंगाया जाएगा, सर्व शिक्षा अभियान का नवा खाता खुलेगा इसका संचालन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी संयुक्त रूम से करेंगे। परिषदीय विद्यालयों में विद्यालय के कायाकल्प, यूनिफार्म, एमडीएम आदि के लिए ग्राम शिक्षा समिति और विद्यालय प्रबंध समिति का खाता खोला गया है जिसका संचालन प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने इस धन को जिले में वापसी कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में 11 करोड़ 51 लाख 35 हजार 690 रुपये डंप हैं।





प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चालू सत्र से लेकर बीते सत्रों में जो धन दोनों खतों में है। उसे वापस लिया जाएगा इसके लिए जिले में सर्व शिक्षा अभियान के तहत खाता खोला गया है। जिसमें डंप राशि को विद्यालयों से भेजा जाएगा। इस खते का संचालन शासन के दिशा निर्देश पर वित्त एवं लेखाधिकारी तथा तीसी के संयुक्त हस्ताक्षरों से होगा। जिले में 11 करोड़ 51 लाख 35 हजार 690 रुपये है।- शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी









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Tuesday, June 30, 2020

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को 01 जुलाई 2020 से खोलने से पूर्व सेनेटाइज किए जाने एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के सम्बन्ध में डीएम ने जारी किया आदेश

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को 01 जुलाई 2020 से खोलने से पूर्व सेनेटाइज किए जाने एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के सम्बन्ध में डीएम ने जारी किया आदेश।






फतेहपुर : मनरेगा से स्कूलों में कराएं जाए कार्य, डीएम ने आपरेशन कायाकल्प समेत कई बिंदुओं पर लिए अहम फैसले।

फतेहपुर : रविवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प समेत कई बिन्दुओं पर अहम फैसले लिए गए। डीएम ने साफ कर दिया कि ऑपरेशन कायाकल्प में गंभीरता दिखाई जाए और निर्धारित समय में कार्य को पूरा किया जाए। मनरेगा के अन्तर्गत भी अनेक कार्य विद्यालयों में कराए जा सकते हैं। इसके अलावा पेयजल, वृक्षारोपण समेत अन्य बिन्दुओं पर भी मंथन किया गया। डीएम संजीव सिंह ने बैठक के दौरान कहा कि परिषदीय स्कूलों में मनरेगा के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग, बाउन्ड्री वाल, शौचालय व मिट्टी की पुराई जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। प्रवासी मजदूरों कोशामिल करते हुए यह कार्य शीघ्र ही कराए जाएं। जिससे मानसून के दौरान स्कूलों में जलभराव की समस्या न हो तथा जल संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में अवैध कब्जे हैं उनकी शिकायत एंटी भू माफिया पोर्टल में की जाए। जिससे इनका संज्ञान लेकर परावर्तन की कार्रवाई कराई जा सके। कहा गया कि ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के साथ समन्वय स्थापित कर पेयजल, रनिंग वाटर, शौचालय, फ्लोर टाइल्स, टाइलिंग इन टॉयलेट, हैंड वाशिंग यूनिट, इलेक्ट्रिक फिटिंग, इलेक्ट्रिक कनेक्शन, पेटिंग, रैम्प जैसे अनेक कार्य कराए जाएं। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि नवीन कामों में प्रत्येक कक्षा कक्ष में रैम्प होना अनिवार्य किया गया है। इसे देखते हुए स्कूलों में हर कमरे के सामने रैम्प निर्मित कराया जाए।


ठेकेदार का नाम नोट किया जाए :  अफसरों ने कहा कि जिन स्कूलों में हैंडपंप रिबोर किए गए हैं या होने वाले हैं, उसकी सूचना विद्यालय की पत्र व्यवहार पंजिका में ठेकेदार के नाम पता, मोबाइल नंबर व तिथि के साथ अंकित की जाए। जिससे रिबोर करने वाले ठेकेदार को कमी आने पर बुलाया जा सके।




फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को कराया जाएगा सेनेटाइज, डीएम ने दिए निर्देश।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन स्थापित किए गए परिषदीय स्कूलों को सेनेटाइज कराया जाएगा। रविवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक के दौरान डीएम ने यह निर्देश दिए। स्कूलों को ब्लीचिंग पाउडर के घोलसे सेनेटाइज कराया जाएगा जिससे स्कूल परिसर सुरक्षित व स्वच्छ हो सकें।







 इससे पहले प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों को सेनेटाइज कराने की मांग की थी। प्रवासी मजदूरों के जिले में आगमन के दौरान परिषदीय स्कूलों को क्वारंटीन सेण्टर के रूप में प्रयोग किए जाने से संघ अपने शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित था। शिक्षकों का कहना था कि चंकी अधिकांश स्थानों को सेनेटाइज कराया गया है इसलिए परिषदीय स्कूलों को भी सेनेटाइज कराया जाए। इन दिनों विभागीय कार्य से शिक्षकों को अपने स्कूल जाना पड़ता है। सेनेटाइजेशन न होने के कारण शिक्षकों में भय बना रहता है। शिक्षकों व संघ की मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने तय किया है कि जिन स्कूलों में क्वारंटीन सेण्टर बनाए गए थे उन्हें अनिवार्य रूप से सेनेटाइज कराया जाएगा। सेनेटाइज कराने के बाद ही शिक्षण कार्य कराया जाएगा।



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Tuesday, June 16, 2020

महराजगंज : प्रवासी श्रमिकों/कामगारों को ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दृष्टिगत 'आपरेशन कायाकल्प' अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों के अवस्थापन सुविधाओं सम्बन्धी बीएसए ने मांगी सूचना

महराजगंज : गांवों में वापस आये प्रवासी श्रमिकों/कामगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दृष्टिगत 'आपरेशन कायाकल्प' अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों के अवस्थापन सुविधाओं सम्बन्धी बीएसए ने मांगी सूचना।



Saturday, June 13, 2020

फतेहपुर : बिना विद्युतीकरण वाले स्कूलों पर सरकार की टिकी निगाहें

फतेहपुर : बिना विद्युतीकरण वाले स्कूलों पर सरकार की टिकी निगाहें।


फतेहपुर : बिना विद्युतीकरण वाले स्कूलों पर सरकार की टिकी निगाहें।


फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों को विद्युतीकरण की सुविधा का लाभ दिए जाने की योजना यूं तो 10 साल से चल रही है, लेकिन सभी स्कूलों को संतृप्त नहीं किया जा सका है। योजना के तहत मिले शासन के धन को देने के बाद कनेक्शन नहीं हुए तो तमाम स्कूलों को अभी तक धन भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इन बिना विद्युतीकरण वाले स्कूलों पर नजर टिका दी हैं। बेसिक शिक्षा महानिदेशक उप्र से रिपोर्ट तलब की है। इस रिपोर्ट को बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को लगा दिया गय है। जिले में 2650 प्राथमिक स्कूल हैं। जिनमें विद्युतीकरण का काम किया जाना है। अभी तक विभिन्न शिक्षा सत्रों में विद्युतीकरण का काम केवल 1247 विद्यालयों में किया जा सका है जबकि 1403 विद्यालयों में बिजली के करंट की सुविधा नहीं है। विद्युतीकरण वाले स्कूलों में भी तमाम स्कूल ऐसे हैं जहां पर केबल आदि चोरी चले गए हैं। जिससे स्कूलों में इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।




प्रेरणा पोर्टल पर भेजी जाएगी सूचना :

मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक रिपोर्ट पहुंचाने के लिए हर ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी को यह सूचना प्रेरणा पोर्टल पर अपडेट कराना होगा। जिसमें बिंदुवार ब्योरा होगा मसलन 40 मीटर दूरी पर खंभा, 40 मीटर के अंदर बिजली का खंभा, विद्यालय की स्थापना, पूर्व में विद्युतीकरण की स्थिति, कब हुआ था विद्युतीकरण, बिजली विभाग को धन देने के बाद कनेक्शन न होने वाले विद्यालयों का ब्यौरा, विद्युतीकरण वाले स्कूलों की स्थिति आदि तमाम जानकारी देनी होंगी।


कुल परिषदीय स्कूल- 2650 विद्युतीकरण हुआ - 1247
बिना विद्युतीकरण- 1403

परिषदीय विद्यालयों की विद्युतीकरण योजना वर्ष 2009 से संचालित है। शिक्षा सत्रों में स्कूलों का चयन करके शासन द्वारा धन भेजा जाता रहा है। शिक्षा महानिदेशक के आदेश पर प्रेरणा पोर्टल पर विद्युतीकरण की सूचनाएं खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा तैयार करवाई जा रही हैं। ब्लाक वार स्कूलों का विस्तृत ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज होगा। केंद्र सरकार की मंशा है कि हर विद्यालय को विद्युतीकरण योजना से लैस किया जाए। शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी


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Friday, May 29, 2020

फतेहपुर : लॉकडाउन से परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या होगी प्रभावित

फतेहपुर : लॉकडाउन से परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या होगी प्रभावित।


फतेहपुर : लॉकडाउन से परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या होगी प्रभावित।

फतेहपुर : कोरोना वायरस के संकट के चलते परिषदीय स्कूलों में तालाबंदी कर दी गई है। इन तमाम स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। तालाबंदी के चलते नए सत्र में शुरू होने वाली प्रवेश प्रक्रिया ठप चल रही है। इसका असर चालू सत्र में छात्र संख्या में दिखाई देगा। जिसको लेकर शासन स्तर से चिंता जताई गई है। जिले में 1903 प्राथमिक और 747 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। लॉकडाउन के चलते जागरूक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने 18 परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है लेकिन रोजी रोटी का जुगाड़ न हो पाने से गरीब श्रेणी के अभिभावक इसमें रुचि नहीं ले ह हैं तो प्रवेश संख्या नहीं बढ़ पा रही है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया कागजों तक में सीमित होकर ह गई है। बीते सत्रों में प्रवेशित छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान, जागरूकता अभियान, समाज में प्रधान, बीडीसी जैसे प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाता रहा है। इस दफा यह काम पूरी तरह से ठप है। जिसका असर कुल छात्र संख्या में पड़ेगा। बीते सत्र में 2, 43,679 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। कक्षा 8 के 10 हजार बच्चे उत्तीर्ण होकर बाहर हो चुके हैं। इनकी भरपाई हो पाना मुश्किल साबित हो रही है। विभागीय जानकार बताते हैं कि बीते दिन शासन स्तर की बैठक में इस पर चिंता जताई जा चुकी है। वहीं निजी स्कूल गांवों और शहरी आबादी में भ्रमण करके बच्चों के प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्कूल के लिए बच्चों का मिल पाना टेढ़ी खीर साबित होगा। नए सत्र में विद्यालयों के संविलियन प्रक्रिया में शासन ने आदेश जारी किया है कि अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में दूसरे विद्यालयों का विलय होगा। वित्तीय अधिकार सहित तमाम कामकाजों को मुखिया बनकर निपटान अधिक छात्र संख्या वाले स्कूल के प्रधानाध्यापक ही करेंगे। तमाम स्कूल ऐसे हैं जो कि एक ही कैंपस में प्रथम और द्वितीय नामों में चल रहे हैं। छात्र संख्या भी थोड़ी कम ज्यादा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह, मौजूदा समय में छात्र संख्या किस तरह से बढ़ाई जाए इसको लेकर रणनीति बनाई जा ही है। शासन की जो गाइड लाइन है उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। बीते साल की तुलना में इस वर्ष भी छात्र संख्या को उसके आगे ले जाने में पूरी ऊर्जा खपाई जाएगी।






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Friday, May 8, 2020

फतेहपुर : कोविड- 19 के आलोक में समस्त परिषदीय विद्यालयों को आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त किए जाने के सम्बन्ध में

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Friday, April 17, 2020

बच्चों और अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं, कैसे ऑनलाइन पढ़ेंगे परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी

बच्चों और अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं, कैसे ऑनलाइन पढ़ेंगे परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी।















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Friday, February 14, 2020

प्रतापगढ़ : सभी परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की कवायद

प्रतापगढ़ : सभी परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की कवायद।





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Thursday, January 2, 2020

लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में शुरू होंगी स्मार्ट क्लास, इस वर्ष विद्यालयों का होगा डिजिटलीकरण, पहले फेस में 4500 विद्यालयों में शुरू होगी व्यवस्था

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Friday, December 27, 2019

फतेहपुर : अब बैंच पर बैठेंगे परिषदीय छात्र, साढ़े दस लाख से खरीदा जाएगा फर्नीचर

फतेहपुर : अब बैंच पर बैठेंगे परिषदीय छात्र, साढ़े दस लाख से खरीदा जाएगा फर्नीचर।








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Thursday, December 19, 2019

फतेहपुर : अंशकालिक अनुदेशकों हेतु पारस्परिक स्थानांतरण एवं रिक्त पदों के सापेक्ष स्थानांतरण हेतु उच्च प्राथमिक विद्यालयों की विकासखंडवार सूची जारी, देखें

फतेहपुर : अंशकालिक अनुदेशकों हेतु पारस्परिक स्थानांतरण एवं रिक्त पदों के सापेक्ष स्थानांतरण हेतु उच्च प्राथमिक विद्यालयों की विकासखंडवार सूची जारी, देखें।









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Sunday, December 15, 2019

फतेहपुर : 140 परिषदीय स्कूलों में नवाचारों से जुड़ेगा विषय का हर टॉपिक, बढ़ेगा इनोवेटिव पाठशाला का दायरा, 11 केस स्टडी से शामिल किए जाएंगे 14 नवाचार

फतेहपुर : 140 परिषदीय स्कूलों में नवाचारों से जुड़ेगा विषय का हर टॉपिक, बढ़ेगा इनोवेटिव पाठशाला का दायरा, 11 केस स्टडी से शामिल किए जाएंगे 14 नवाचार।





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