
Tuesday, October 1, 2019

फतेहपुर : दिनांक 03 अक्टूबर 2019 को एस0एम0सी0 की बैठक आहूत करने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें
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Saturday, October 27, 2018
Thursday, September 27, 2018
Sunday, October 16, 2016
Saturday, October 1, 2016

हरदोई : रजिस्टर पर लिखना होगा प्रबंध समिति का ब्यौरा, विद्यालयों को 150 रुपये का दिया जाएगा रजिस्टर
विद्यालय प्रबंध समिति का अब पूरा हिसाब किताब रखा जाएगा। हर स्कूल में एक रजिस्टर होगा और उसमें माह में आयोजित होने वाली बैठकों का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों को दो करोड़ 41 लाख से अधिक की धनराशि जारी की गई है। हरदोई के हिस्से में 3890 विद्यालयों के लिए पांच लाख 83 हजार से अधिक रुपये आए हैं।परिषदीय विद्यालयों में पूरी कमान विद्यालय प्रबंध समितियों को सौंप दी गई है। बच्चों की ड्रेस वितरण से लेकर अन्य सभी कार्य समितियां ही कराती हैं और हर माह विद्यालय प्रबंध समितियों की बैठक आयोजित कर शिक्षा की गुणवत्ता व अन्य संसाधनों पर चर्चा करने की व्यवस्था है लेकिन सब कागजों पर होता है। अधिकांश विद्यालयों में तो बैठकें ही नहीं होती। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान ने इसे गंभीरता से लेते हुए विद्यालयों में प्रबंध समिति का रजिस्टर ही अलग करने की व्यवस्था की है। जिसमें प्रति विद्यालय को रजिस्टर के लिए 150 रुपये दिए जा रहे हैं। रजिस्टरों में हर माह की बैठक का पूरा ब्योरा और अन्य मुद्दों को दर्ज किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से पूरे प्रदेश के सभी जिलों के लिए दो करोड़ 41 लाख से अधिक धनराशि जारी की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पत्र आ गया है और रजिस्टर खरीदने की शासन स्तर से जारी आदेश पर किया जाएगा।
Friday, September 2, 2016
Tuesday, August 23, 2016

बाराबंकी : बाहरी लोगों से न कराए प्रबंध समिति के कार्य : डीएम, विद्यालय प्रबंध समिति का कार्य एवं दायित्व पर कार्यशाला आयोजित
विद्यालय प्रबंध समिति नियम-निर्देशों के तहत ही कार्य करें। बेसिक शिक्षा अधिकारी जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार तथा विद्यालय प्रबंध समिति के बेहतर योगदान को सुनिश्चित करें। बच्चों को यदि कुछ भी नहीं आ रहा है तो इसका सीधा उत्तरदायित्व अध्यापक/ अध्यापिका का होगा। उक्त उद्गार जिलाधिकारी अजय यादव ने विद्यालय प्रबंध समिति का कार्य एवं दायित्व (शैक्षिक सत्र 2016-17) पर विकास भवन स्थित सभागार में आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के आयोजन से विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को उनके दायित्वों का ज्ञान हो सकेगा और वे निश्चित रूप से उनका बेहतर निर्वहन भी करेंगे।उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंध समिति अपने कार्यों का स्वयं सम्पादन करें तथा अपने कार्यों में बाहरी लोगों को सम्मिलित न करें। प्रबंध समिति के कार्यों को बाहरी लोगों से कराया जाना नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है और कार्यों के सम्पादन में गलती होती है तो विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को ही उत्तरदायी माना जायेगा। कार्यशाला में जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई न कराने पर क्षोभ भी व्यक्त किया तथा उन्होंने अपने उच्च वेतनमान के उपरानत भी प्राइवेट विद्यालय के कम वेतनमान पर नियुक्त शिक्षकों की तुलना में बेहद कमजोर शिक्षण कार्य की भर्तस्ना भी की। उन्होंने कहा कि विद्यालय की शिक्षा कार्य में बहुत सुधार की आवश्यकता है। कार्यशाला में उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां आने से विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य तथा शिक्षक अपने कार्यों को भली-भांति समझेंगे तथा आगे उसका प्रचार भी करेंगे। कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी ऋ षिरेन्द्र कुमार ने विद्यालय प्रबंध समिति के कार्यों एवं उत्तदायित्वों पर विस्तृत चर्चा की तथा प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि वे कार्यशाला से प्राप्त समस्त जानकारी आगे भी प्रसारित करेंगे। कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा, जिला समन्वयक प्रशिक्षण, सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी सहित जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक सह समन्वयक तथा न्याय पंचायत समन्वयक उपस्थित थे।
Tuesday, August 2, 2016

कुशीनगर : प्रबंध समिति सदस्यों को किया प्रशिक्षित, बताएं गये कार्यक्षेत्र और अधिकार
विकास खंड विशुनपुरा के ब्लाक सभागार में विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ। इस दौरान निश्शुल्क यूनिफार्म वितरण के संबंध में जानकारी दी गई। सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों में निश्शुल्क यूनिफार्म की गुणवक्ता के संबंध में खंड शिक्षाधिकारी एसएन प्रजापति ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून में कोई भी बच्चा वंचित न रह जाए यह हम सबका दायित्व है। यूनिफार्म के अलावा पुस्तक व एमडीएम का गरमा गरम गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध भी कराना हमारी जिम्मेदारी है। संजय मिश्र ने कहा कि शिक्षक विद्यालय में परिश्रम करें नहीं तो बच्चों की संख्या कम होगी, जवाब भी हम लोगों को ही देना होगा। बीडीओ रघुनाथ सिंह ने कहा की यूनिफार्म को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता जांच लें व बच्चों की नाप के अनुसार ही बनवाएं। संचालन मनोज कुमार शुक्ला ने किया। इस मौके पर अजय शुक्ल, सत्यजीत दूबे, विवेक शुक्ल, नसीम हिन्दुस्तानी, प्रमोद, कमल कुशवाहा, विशाल, इमरान, जाकिर, ओमप्रकाश गौतम, महेन्द्र शाह, ब्रह्मानंद चौधरी, पंकज सिंह, जर्नादन, जितेन्द्र राय सहित सभी सदस्य व सचिव मौजूद रहे
Wednesday, July 27, 2016

गोरखपुर : 31 जुलाई तक होगा विद्यालय प्रबंध समिति का गठन, डीएम ने की ड्रेस वितरण व्यवस्था की समीक्षा, विद्यालय में ही ली जाएगी नाप नहीं चलेगा रेडीमेड ड्रेस
31 जुलाई तक होगा विद्यालय प्रबंध समिति का गठन, डीएम ने की ड्रेस वितरण व्यवस्था की समीक्षा, विद्यालय में ही ली जाएगी नाप नहीं चलेगा रेडीमेड ड्रेस दीय विद्यालय के बच्चों को मिलने वाले निश्शुल्क ड्रेस को लेकर जिला प्रशासन भी सख्त हो गया है। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने मंगलवार को विकास भवन में ड्रेस वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा- निर्देश देते हुए कहा कि ड्रेस वितरण में लापरवाही पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जिम्मेदार होंगे। कहीं कोई उदासीनता नहीं चलेगी। जिलाधिकारी ओएन सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों का ड्रेस स्थानीय स्तर पर दर्जी से सिलाया जाएगा। इसके लिए विद्यालय में ही शिक्षकों की मौजूदगी में बच्चों का नाप लिया जाएगा। रेडीमेड ड्रेस कत्तई नहीं चलेगा। ड्रेस तैयार हो जाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बच्चों में उसक वितरण कराया जाए। ड्रेस वितरण के लिए हर हाल में 31 जुलाई तक विद्यालय प्रबंध समिति का गठन भी सुनिश्चित करा लिया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मन्नान अख्तर, मुख्य कोषाधिकारी अजय सोनकर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव और लेखाधिकारी एसके श्रीवास्तव आदि सहित समस्त खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद थे।
Tuesday, July 26, 2016
Monday, July 25, 2016

आजमगढ़ : प्रबंध समिति में आधी आबादी का जलवा, विद्यालय प्रबंध समिति में होंगे कुल 15 सदस्य चयनित
उप्र निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत अब प्राथमिक व जूनियर विद्यालय प्रबंध समिति में भी आधी आबादी का पूरा ख्याल रखा गया है। इसलिए विद्यालय के समिति में निर्णय लेने के लिए आधी आबादी का जलवा है। शासन ने प्रबंध समिति में पुरुषों के बराबर महिला सदस्यों को रखने का निर्देश सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिया है। ऐसे में सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है।पहले प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक मिलकर अपने मनमाफिक सदस्य बनाकर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चयन कर लेते थे। इसकी वजह से निष्पक्ष निर्णय पर प्रश्नचिह्न उठता था। विद्यालय प्रबंध समिति में अब कुल 15 सदस्य होंगे। इनमें से चार पदेन सदस्य होंगे। अन्य 11 सदस्य विद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्रओं के अभिभावक होंगे जिनसे विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया जाना है। विद्यालय प्रबन्ध समिति के चयनित सदस्यों में से 01 अध्यक्ष एवं 01 उपाध्यक्ष का चयन होगा। सदस्यों में 50 प्रतिशत महिला सदस्य का होना अनिवार्य है। विद्यालय प्रबन्ध समिति के संरक्षक सदस्यों में एक-एक सदस्य अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा कमजोर वर्ग के माता-पिता अथवा संरक्षक सम्मिलित होंगे।1 प्राथमिक विद्यालय में अध्यक्ष कक्षा 1 से 3 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 6 से 7 में अध्ययनरत छात्र के अभिभावक का ही चयन किया जाएगा ताकि वो अपना दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर सकें। सदस्यों का चयन खुली बैठक में हाथ उठाकर अथवा पक्ष एवं विपक्ष को अलग-अलग बैठाकर बहुमत के आधार पर किया जाएगा। समिति गठित होने के एक सप्ताह के अन्दर समिति के सचिव द्वारा चुने गए सदस्यों की सूची (माता-पिता/संरक्षक के पाल्य बच्चों के नाम एवं कक्षा के साथ) विद्यालय के दीवार पर प्रदर्शित किए जाएंगे।जनपद के गैर अनुदानित विद्यालयों के अतिरिक्त समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्रओं के माता-पिता/संरक्षक अपने विद्यालय की खुली बैठक में प्रतिभाग कर पारदर्शी एवं निष्पक्ष समिति के गठन में अपना अमुल्य सहयोग प्रदान करें। यह कार्रवाई प्रधानाध्यापक अपने खंड शिक्षा अधिकारी के पर्यवेक्षण में 25 जुलाई तक हर हाल में कर लें।
Sunday, July 24, 2016

चित्रकूट : विद्यालय में प्रधान ने किया हंगामा, दो शिक्षिकाएं हुई बेहोश, रजिस्टर फाड़ने का आरोप, विद्यालय प्रबंध समिति के चुनाव के समय हुआ हंगामा
प्राथमिक विद्यालय रुपौली में ग्राम प्रधान के हंगामे से भगदड़ मच गई। जिसमें दो शिक्षिका बेहोश हो गई। जिस समय प्रधान ने विद्यालय में पहुंचकर उपद्रव मचाया स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन हो रहा था। गांव के तमाम ग्रामीण सहित शिक्षिकाएं उपस्थित थे। प्रधान के खिलाफ राजापुर थाना में मुकदमा तो दर्ज किया गया है। घटना से नाराज प्राथमिक शिक्षकों ने जिला प्रशासन को प्रधान की गिरफ्तारी के लिए चौबीस घंटे का अल्टीमेटम देते हुए सोमवार से स्कूलों में तालाबंदी का ऐलान किया है। रामनगर क्षेत्र के इस विद्यालय में शनिवार को विद्यालय प्रबंध समिति चुनाव के लिए अभिभावकों की बैठक बुलाई गई थी। प्रभारी प्रधानाध्यापक गीता गुप्ता विद्यालय में एसएमसी गठन के लिए दिन में करीब नौ बजे बैठक कर रही थी।
आरोप है कि तभी ग्राम प्रधान सुरेश दत्त त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और शिक्षिकाओं को धमकाना शुरू कर दिया। शिक्षिकाओं के साथ गाली गलौज करते हुए प्रधान ने ग्रामीणों को ललकारा और कहा कि इन्हें कमरे में बंद कर दें। प्रधान का इतना कहना था कि शिक्षिका गीता देवी और ऊषा देवी स्कूल से बाहर की ओर भागी और दोनों गिरकर बेहोश हो गई। दोनों को तुरंत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजापुर में भर्ती कराया गया लेकिन घंटों होश नहीं आया तो जिला चिकित्सालय भेजा गया। बताते हैं कि शुक्रवार को भी विद्यालय में एसएमसी की बैठक हुई थी जिसमें समिति का चयन हो गया था और कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज भी हो गई थी लेकिन अपने चहेतों को पद न मिलने से नाराज प्रधान ने कार्यवाही रजिस्टर फाड़ दिया था। लोगों का मानना है कि घटना के लिए कहीं न कहीं अधिकारी भी जिम्मेदार हैं।
जब एक दिन पहले प्रधान ने कार्यवाही रजिस्टर फाड़ दिया था और दोबारा चुनाव कराया जा रहा था तो विभाग को सतर्क रहना चाहिए था। एसएमसी चुनाव के लिए जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारी तैनात किए हैं लेकिन रुपौली प्राथमिक स्कूल में एसएमसी चुनाव के समय न तो नोडल अधिकारी थे और न ही कोई विभागीय अधिकारी। जबकि प्रधान ने एक दिन पहले भी चुनाव का विरोध किया था। नोडल अधिकारी राजबली नायब तहसीलदार मऊ भी मानते हैं कि अधिकारियों से चूक हुई है यदि प्रधान दबंगई कर रहा था तो पुलिस बल को लेकर चुनाव कराना चाहिए था। उनको चुनाव के तिथि की कोई सूचना विभाग की ओर से नहीं दी गई थी। जबकि खंड शिक्षा अधिकारी सुनील राजपूत कहते हैं कि चुनाव के लिए 11 बजे का समय दिया गया था। उनको और नोडल अधिकारी को वहां पहुंचना था पर उसके पहले ही घटना हो गई। शिक्षकों में घटना को लेकर रोष प्रधान की दबंगई को लेकर शिक्षकों में खासा रोष देखा गया। जैसे ही घायल शिक्षिकाएं जिला अस्पताल पहुंची तो जिले के सैकड़ों अध्यापक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा, सपा नेता डा. निर्भय सिंह पटेल व बीईओ सुनील राजपूत आदि पहुंच गए। बीईओ राजपूत ने बताया कि ग्राम प्रधान अक्सर स्कूल में जाकर स्टाफ से अभद्रता करता था। जिसकी शिकायत प्रधानाध्यापक ने 12 जुलाई को राजापुर थाना में की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसका परिणाम था कि उसके हौसले बुलंद थे।
शिक्षक नेता अखिलेश पांडेय, उदयभान सिंह, मूरतध्वज पांडेय, अवध बिहारी सिंह, अशर्फीलाल मिनी, लवकुश द्विवेदी, जैनुल आब्दीन, रोशन सिंह, इंद्रसेन यादव, अनूप मिश्र, आलोक गर्ग, महेंद्र कुमार, ललक पाण्डेय, हेमराज गर्ग, शहनाज बानो व आराधना सिंह आदि ने जिलाधिकारी से मिल कर कहा है कि यदि ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी 24 घंटे के अंदर नहीं होती है तो कोई शिक्षक स्कूल नहीं जाएगा। सोमवार से पूरी तरह स्कूलों में तालाबंदी रहेगी। वहीं ग्राम प्रधान का कहना है कि उन्होंने शिक्षिकाओं के साथ कोई अभद्रता नही की और न ही कोई रजिस्टर फाड़ा।






