
Monday, May 9, 2022

Monday, August 31, 2020

फतेहपुर : अरविंदो सोसाइटी जिले में बनाएगी 20 रोल मॉडल स्कूल, देखें योजना के प्रमुख बिंदु
फतेहपुर : जिले 2650 परिषदीय स्कूलों में से 20 को नामचीन बनाकर बेसिक शिक्षा के क्षितिज में चमकाया जाएगा। निजी तौर पर काम करने वाली संस्था के सहयोग से चयनित स्कूल में इनोवेटिव (नवाचारी) पाठशाला भी लगाई जाएगी। इसके साथ हीस्कूल की बेहतरी के लिए किए गए प्रयासों की प्रदर्शनी जिले व मंडल स्तर पर लगेगी।
बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने जिले के 20 परिषदीय स्कूलों को रोल मॉडल के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया है। संस्था अरविदों सोसाइटी के साथ विभाग ने हाथ मिलाया है। इनोवेटिव प्रोग्राम के तहत चयनित विद्यालयों को चमकाया जाएगा। खासबात यह है कि इस मिशन में विभाग को अनुमति के सिवा कुछ भी नहीं देना होगा। सारे खर्च संस्था करेगी। खुद के शोधपरक कार्यक्रमों का पढ़ाई में प्रयोग करने के साथ ही शिक्षकों के खुद के बेहतर विकल्पों का संयुक्त संयोजन इन विद्यालयों में दिखेगा।
योजना के प्रमुख बिद
- बीएसए के समन्वय से चयनित होंगे 20 परिषदीय स्कूल।
- एक दिवसीय इनोवेटिव कार्यशाला का जिला स्तर पर होगा आयोजन।
- संस्था द्वारा 20 विद्यालयों में वेबीनार के माध्यम से शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण।
- शिक्षकों का बेहतर अभिलेखीकरण चयनित विद्यालयों में क्रियान्वयन होगा।
- विद्यालयों में नवाचारी पाठशाला के आयोजन होंगे।
- पांच विद्यालयों की केस स्टडी का अभिलेखीय डाटा तैयार किया जाएगा।
- संस्था द्वारा जिला और मंडल स्तर पर शैक्षिक प्रदर्शनी का आयोजन जनवरी में होगा।
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महानिदेशक बेसिक शिक्षा के निर्देश पर मॉडल स्कूलों का चयन किया जाना है। इसकी गाइड लाइन जारी की गई। संस्था के सहयोग से उसका क्रियान्वयन कराया जाएगा। मॉडल स्कूलों से निश्चित तौर पर शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

Monday, July 22, 2019
Monday, May 27, 2019
Friday, May 24, 2019
Wednesday, March 13, 2019
Tuesday, December 18, 2018
Friday, September 14, 2018
Thursday, September 13, 2018
Saturday, September 1, 2018

फतेहपुर : मॉडल स्कूल बदहाल, 50 फीसदी भी नही हुआ काम, संस्था पर लटकी तलवार
नहीं बन सके मॉडल स्कूल संस्था पर लटकी तलवार
जागरण संवाददाता, फतेहपुर : शासन ने ग्रामीणांचल में उत्कृष्ट शिक्षा के लिए मॉडल स्कूलों का संचालन किए जाने का निर्णय लिया था। वर्ष 2010-11 में जिले को 6 मॉडल स्कूलों की सौगात मिली थी। इन विशेष विद्यालयों की इमारत के लिए शासन ने प्रत्येक का बजट 3 करोड़ 2 लाख रुपये तय किया था। पांच मॉडल स्कूल निर्मित होकर चलने लगे हैं लेकिन हथगाम ब्लाक के अमिलिहापाल की इमारत ही बनकर तैयार नहीं हो पाई है।
अमिलिहापाल मॉडल स्कूल (अब परिवर्तित नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूल) का निर्माण कार्य सात साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण के लिए उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. को कार्यदायी संस्था बनाया गया था।
अप्रैल माह में डीएम ने मामला संज्ञान में लेते हुए संस्था के निदेशक को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि छात्र एवं जनहित के दृष्टिगत संस्था को निर्माण हेतु अवमुक्त धनराशि की आवश्यकता होने की स्थिति में संस्था अपने स्नोतों करे, एक दो कक्ष कम करके मानक के अनुरूप इमारत पूरी करा दें। डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने निदेशक को लिखे पत्र में कहा कि मॉडल स्कूल यदि वादे के मुताबिक 30.09.2018 तक पूरा नहीं कराया जाता है तो संस्था को काली सूची में डाल दिया जाएगा। डीआइओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य पूरा न होने पर कार्यवाही होगी।
Wednesday, July 11, 2018
Friday, July 6, 2018
Sunday, June 17, 2018

गोरखपुर : 100 प्राथमिक विद्यालय बनेंगे मॉडल, विकास में लिया जाएगा ग्राम प्रधानों का सहयोग
विद्यालयों का हुआ चयन, विकास में लिया जाएगा ग्राम प्रधानों का सहयोग
विद्यालयों में मिलेंगी ये सुविधाएं
’मूलभूत सुविधाएं ’शुद्ध पेयजल सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसर में चारो ओर बाउंड्रीवाल ’छात्र संख्या के सापेक्ष अध्यापकों, फर्नीचर व कक्षाओं की संख्या ’चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय फर्श पर टाइल्स, परिसर में इंटरलाकिंग, रंगाई-पुताई, चित्रण, लेखन आदि
Tuesday, April 17, 2018
Thursday, April 12, 2018
Sunday, April 8, 2018

मॉडल स्कूलों में पढ़ाएंगे रिटायर्ड शिक्षक, आवेदन शुरू
राजधानी सहित राज्य भर के 144 पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेजों के नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत दो अप्रैल से हुई थी, लेकिन शिक्षकों की कमी की वजह से राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज थावर, मोहनलालगंज के अलावा राज्य के ज्यादातर विद्यालयों में सत्र नहीं शुरू हो सका है। इस पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. अवध नरेश शर्मा ने नाराजगी जताई है। ऐसे में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों का सहारा लिया जाएगा। इनका मानदेय सरकार देगी। शिक्षकों को लेकर चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मॉडल स्कूलों में पढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों का मानदेय भी तय है। विभाग के अनुसार एलटी ग्रेड शिक्षक को "15 हजार और प्रवक्ता को "20 हजार हर महीने मानदेय दिया जाएगा। वहीं डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि मॉडल कॉलेज थावर में ऐडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों से आवेदन के लिए निर्देश मिले हैं, अब इन्हें चयनित कर शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा।

















