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Sunday, February 23, 2025

बच्चों को अनिवार्य शिक्षा न मिलने के जिम्मेदारों पर क्यों न की जाए कड़ी कार्रवाई : हाईकोर्ट


बच्चों को अनिवार्य शिक्षा न मिलने के जिम्मेदारों पर क्यों न की जाए कड़ी कार्रवाई : हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने अपर सचिव बेसिक शिक्षा उप्र से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा

🔴 देखें कोर्ट ऑर्डर 👇 


22 फरवरी 2025
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि प्राइमरी स्कूलों में अध्यापकों के खाली पदों के चलते बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। यह उनके मौलिक अधिकार का हनन है। इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों न कड़ी कार्रवाई की जाए।

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की अदालत ने बांदा के कृषि औद्योगिक विद्यालय की प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। इस संबंध में अपर सचिव बेसिक शिक्षा उप्र से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। बांदा स्थित कृषि औद्योगिक विद्यालय कमेटी ने कहा कि एक समय था, जब विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक व चार सहायक अध्यापक कार्यरत थे। वर्तमान में विद्यालय में न प्रधानाध्यापक हैं और न ही सहायक अध्यापक। 

15 नवंबर 2022 को भर्ती परिणाम घोषित किया गया था। हाईकोर्ट से उस पर रोक थी। लेकिन, वह याचिका भी 15 फरवरी 2024 को खारिज हो गई है। एक साल बीतने के बाद भी खाली पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। विद्यालय मान्यता प्राप्त व राज्य वित्त पोषित है। उसमें कोई भी सरकारी अध्यापक नहीं है। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि सभी बाधाएं हटने के एक साल बाद भी खाली पदों को अभी तक भरा नहीं गया है। कोर्ट ने अपर सचिव से पूछा है कि लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों न की जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।




शिक्षकों की कमी एक समस्या है लेकिन इस पर लंबे समय तक ध्यान न दिया जाना अधिकारियों की लापरवाही है – जागरण संपादकीय 

05 फरवरी 2025
किसी विद्यालय में प्रधानाध्यापक ही न हो तो उस विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता का सहज अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन जब हाई कोर्ट के संज्ञान के बाद भी स्पष्ट कार्रवाई न की जाए तो इससे शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर संदेह पैदा होता है। ऐसे में उच्च न्यायालय की यह चिंता उचित है कि प्रधानाचार्यों और सहायक अध्यापकों की अनुपलब्धता के कारण छात्र परेशान हैं। 

राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच कई बैठकों के बावजूद कोई निर्णय नहीं लिया गया। न्यायालय की यह टिप्पणी बांदा के अतर्रा स्थित विद्यालय में ढाई वर्ष से प्रधानाध्यापक व दो सहायक शिक्षकों के रिक्त चल रहे पदों को लेकर है, जिस पर शिक्षा अधिकारियों की अनदेखी के बाद विद्यालय प्रबंध समिति ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है।

बांदा के विद्यालय का प्रकरण संदर्भ भर है, वास्तविकता यह है कि प्रदेश में अनेक ऐसे विद्यालय हैं, जहां निर्धारित अनुपात में शिक्षक नहीं हैं। यह इसलिए भी गंभीर है कि शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा प्राप्त है और किसी भी स्वस्थ समाज के लिए शिक्षा अनिवार्यता भी है। शिक्षकों की कमी एक समस्या है, लेकिन इस पर लंबे समय तक ध्यान न दिया जाना अधिकारियों की लापरवाही है। यह शिक्षा की गुणवत्ता से भी समझौता है जिस पर अविलंब ध्यान देने की आवश्यकता है।



स्वीकृत पदों पर नियुक्ति न करना शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन : हाईकोर्ट

बांदा के कृषि औद्योगिक विद्यालय की याचिका पर हाईकोर्ट ने की टिप्पणी

रिक्तियां न भरे जाने को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

04 फारवरी 2025
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यह सभी जानते हैं कि पूरे उत्तर प्रदेश में प्रधानाचार्य और सहायक अध्यापकों की कमी से छात्र परेशान हैं। शिक्षा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। इसके बाद भी प्रतिवादी अधिकारी रिक्त पदों को न भरकर मौलिक अधिकार का उल्लंघन कर रहे हैं। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने यह टिप्पणी कृषि औद्योगिक विद्यालय और एक अन्य की ओर रिक्त पदों को भरने को लेकर दाखिल याचिका पर की।


कोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में यह स्पष्ट है कि संस्थान के बार-बार अनुरोध के बावजूद आज तक अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के पदों को भरने के लिए आवश्यक आदेश पारित नहीं किए। बांदा स्थित कृषि औद्योगिक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक, दो सहायक अध्यापक, एक क्लर्क और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद जून 2022 से रिक्त हैं। स्वीकृत पदों पर नियुक्ति न किए जाने से व्यथित होकर विद्यालय की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

न्यायालय को बताया गया कि राज्य सरकार ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, उत्तर प्रदेश को स्पष्ट रिपोर्ट या प्रस्ताव का अनुरोध करते हुए पत्र भेजा है। इसके बाद भी आज तक कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया। इसका संज्ञान लेते हुए एकल जज ने महानिदेशक को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हुई देरी के संबंध में दस दिनों के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा राज्य सरकार को देने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी नियत की है।



शिक्षकों की कमी से छात्रों की परेशानी पर हाईकोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी

प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में शिक्षकों की कमी पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यूपी में यह सर्वविदित तथ्य है कि प्रधानाचार्यों और सहायक अध्यापकों की अनुपलब्धता के कारण छात्र परेशान हैं। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने कृषि औद्योगिक विद्यालय एएयू अतर्रा बांदा की प्रबंध समिति ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए की है।

याचिका स्वीकृत पदों के अनुसार शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कर्मचारियों की नियुक्तियां न किए जाने को लेकर दाखिल की गई है। याचिका के अनुसार स्कूल में एक प्रधानाध्यापक, दो सहायक अध्यापक, एक क्लर्क और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद जून 2022 से रिक्त हैं।

कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच कई बैठकों के बावजूद अब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने हेडमास्टर और शिक्षकों की नियुक्ति की समय सीमा को लेकर अस्पष्टता की ओर इशारा किया था। तब कोर्ट ने विशेष रूप से टिप्पणी की थी कि बड़ी संख्या में रिक्तियों के कारण राज्य की शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता हो रहा है और इस मुद्दे के समाधान में कोई प्रगति नहीं हुई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने महानिदेशक बेसिक शिक्षा को स्पष्ट रिपोर्ट या प्रस्ताव के लिए शासन के पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है।

इस तथ्य का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के महानिदेशक बेसिक शिक्षा से राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हुई देरी के संबंध में दस दिन के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 फरवरी की तारीख लगाई है।

Thursday, August 8, 2024

बांदा : बीईओ 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

बांदा : बीईओ 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार


नरैनी (बांदा)। नरैनी खंड शिक्षा अधिकारी को चौराहे पर शिक्षक से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते एंटी करेप्शन टीम रंगे हाथों दबोच लिया। टीम उसे नरैनी कोतवाली ले आई। पूछताछ के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया।


कंपोजिट विद्यालय बसरेही में तैनात शिक्षक देशबंधु रूपौलिहा का दो माह के एरियर भुगतान का मामला शिक्षा विभाग में लंबित है। इसी मामले को सुलझाने के एवज में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) रविंद्र कुमार ने उनसे 25 हजार रुपये मांगे थे। बुधवार की शाम देशबंधु रूपौलिया को रुपये लेने के लिए बुलवाया। इससे पहले शिक्षक ने झांसी में भ्रष्टाचार निवारण टीम को फोन पर सूचना दे दी थी। सीओ अतुल कुमार की अगुवाई में 15 सदस्यीय टीम दो वाहनों से पहुंची और चौराहे पर खड़ी थी।


शिक्षक ने बीईओ रविंद्र कुमार को जैसे ही रुपये दिए, उसी समय टीम उन्हें पकड़ लिया। टीम बीईओ को पकड़कर नरैनी कोतवाली ले गई। बताया जाता है कि खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ पहले से भी कई आरोप हैं। कोतवाली में कागजी कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज कराया गया। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर केके सिंह सहित 15 अन्य लोग भी शामिल रहे।


एरियर भुगतान के बदले मांगी रिश्वत
अतर्रा निवासी शिक्षक देशबंधु रूपौलिया ने बताया कि दो वर्ष पहले ग्राम प्रधान की शिकायत पर बीईओ ने उन्हें निलंबित कर दिया था। दो माह तक निलंबित रहा। इसके बाद बहाल किया गया। दो माह के बकाया एरियर के भुगतान को लेकर बीईओ उनसे 25 हजार रुपये घूस मांग रहे थे।


जून में पकड़े गए थे एमडीएम जिला समन्वयक
बेसिक शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का मामला नया नहीं है। जून माह में बीएसए ऑफिस में तैनात एमडीएम कोऑर्डिनेटर भास्कर आसवानी को भ्रष्टाचार निवारण टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था। आज भी वह जेल में हैं। शिक्षक गंगा सागर ने आरोप लगाया था कि रसोइया चयन को लेकर लगातार परेशान कर रिश्वत की मांगी जा रही थी। पीड़ित शिक्षक ने 25 जून को भ्रष्टाचार निवारण संगठन चित्रकूट धाम मंडल में की। निरीक्षक राकेश सिंह के नेतृत्व में ने भास्कर को दस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था।

Friday, June 28, 2024

बांदा बीएसए कार्यालय के MDM जिला समन्वयक को दस हजार रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार

बांदा बीएसए कार्यालय के MDM जिला समन्वयक को दस हजार रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार

यूपी के बांदा जिले में एंटी करप्शन टीम ने एमडीएम जिला समन्वयक को दस हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।


बांदा जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में मध्याह्न भोजन योजना के जिला समन्वयक को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार दोपहर टीम शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त शिक्षक को लेकर साथ पहुंची तो पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी कर्मचारी को वाहन में बैठाकर टीम कोतवाली देहात थाने ले गई। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।


विकास खंड नरैनी क्षेत्र में तैनात रहे शिक्षक गंगा सागर पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए थे। तैनाती के दौरान विद्यालय में रसोईया की नियुक्ति को लेकर मध्याह्न भोजन योजना के जिला समन्वयक भाष्कर आसवानी ने उन्हें दो दिन पूर्व नोटिस भेजी थी। इससे सेवानिवृत्त शिक्षक काफी परेशान थे। पीड़ित गंगा सागर ने बताया कि डीसी भाष्कर आसवानी ने उनसे रिश्वत में दस हजार रुपये की मांग की थी। उन्होंने इसकी सूचना भ्रष्टाचार निवारण टीम को दी। गुरुवार को सुबह शिक्षक दस हजार रुपये लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे।


यहां उन्होंने रुपये जिला समन्वयक भाष्कर आसवानी को दिए। वह नोट गिन ही रहे थे कि प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह की अगुवाई में एंटी करप्शन की टीम ने छापा मारा। टीम को देखते ही उनके हाथ से दस हजार रुपये छूट कर नीचे गिर गए। पूरे आफिस में अफरा-तफरी मच गई। टीम के अधिकारी भाष्कर आसवानी को वाहन में अपने साथ कोतवाली देहात थाने ले गए। यहां डीसी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। 


टीम में निरीक्षक ओम प्रकाश सहित शिव कुमार शर्मा, अनिल कुमार, चंद्रपाल सिंह, अभिषेक सिंह, सचिन चौरसिया, नितिन कंचन व शारदा प्रसाद शामिल रहे। बीएसए प्रिंसी मौर्या से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिली। बीएसए की नाक तले पनप रहे भ्रष्टाचार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।


उगाही से शिक्षक परेशान
शिकायतकर्ता शिक्षक गंगा सागर का कहना है कि एमडीएम जिला समन्वयक भास्कर आसवानी से काफी शिक्षक परेशान हैं। इसी तरह फर्जी कार्रवाई कर शिक्षकों से धन उगाही करते हैं और मामले को रफा दफा कर दिया जाता है।

Wednesday, January 17, 2024

यूपी : अब सामूहिक विवाह समारोह में दुल्हनों को सजाने हेतु लगा दी महिला शिक्षिकाओं की ड्यूटी, इस जिले का वायरल आदेश बना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

यूपी : अब सामूहिक विवाह समारोह में दुल्हनों को सजाने हेतु लगा दी महिला शिक्षिकाओं की ड्यूटी, इस जिले का वायरल आदेश बना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय


उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों में तैनात महिला शिक्षकों की ड्यूटी अब दुल्हन सजाने के लिए लगाई गई। इसके लिए आदेश भी जारी किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक 20 पूर्व माध्यमिक विद्यालय की 20 महिला शिक्षकों की ड्यूटी दुल्हन सजाने के लिए लगाई गई है। बांदा जिले का आदेश यह खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी की ओर से जारी इस आदेश के मुताबिक 20 महिला शिक्षकों को 801 दुल्हन को सजाने का कार्य करना होगा। आदेश में सभी महिला शिक्षकों के नाम और उन विद्यालयों का भी जिक्र किया गया है जहां पर यह महिला शिक्षक तैनात है।


 पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना यह आदेश

 पूरे उत्तर प्रदेश में यह आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों के यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा भी हो सकता है। बताया जा रहा है कि कुछ जिलों में इससे पहले भी शिक्षकों की ड्यूटी इस कार्य के लिए लगाई गई है।

समाज कल्याण विभाग की पहल पर लगाई गई ड्यूटी
 दरअसल समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत यह ड्यूटी लगाई गई है। क्योंकि 801 दुल्हन को सजाने का कार्य करना है यह काम महिलाओं द्वारा ही किया जाना है। इसलिए सरकारी शिक्षिकाओं का चयन किया गया है।

 बांदा जिले में होनी थी 801 बेटियों की शादी
 मुख्य विकास अधिकारी के आदेश के मुताबिक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 108 बेटियों की शादी होनी है। मुख्य विकास अधिकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार भी शामिल होंगे।




Tuesday, June 14, 2022

परिषदीय स्कूलों में लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जानिये किन 5 जिलों में निजी संस्था लगाएगी सिस्टम?

परिषदीय स्कूलों में लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जानिये किन 5 जिलों में निजी संस्था लगाएगी सिस्टम?


बारिश के पानी का संरक्षण अब शहरों के बड़े भवनों तक ही सीमित नहीं रहेगा। गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में भी अब वर्ष जल संरक्षण सिस्टम लगाने की तैयारी है। यह पहल निजी संस्था ने की है। इसके लिए पांच जिले बांदा, चित्रकूट, बाराबंकी, सीतापुर और वाराणसी को चिह्नित भी कर लिया गया है। इन जिलों में 100 प्राथमिक विद्यालयों में वर्षा जल संरक्षण सिस्टम लगाया जाना है।


चयनित जिलों में ये सिस्टम उन्हीं विद्यालयों में लगाया जाएगा जो डार्क एरिया में होंगे। संस्था अपने सीएसआर फंड के तहत पांच जिलों के 20-20 प्राथमिक विद्यालयों के माध्यम से ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने का काम करेगा। इसको लेकर निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ग्राउंड वाटर के हिसाब से उन ब्लॉकों के विद्यालयों को चयनित करें जो डार्क एरिया में आते हों। चयन किए जाने वाले विद्यालय में पर्याप्त स्थान होना चाहिए।

Monday, June 6, 2022

अब प्राथमिक विद्यालयों में होगा वर्षा जल संचयन, बांदा, चित्रकूट और महोबा के 100 स्कूलों में लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

अब प्राथमिक विद्यालयों में होगा वर्षा जल संचयन, बांदा, चित्रकूट और महोबा के 100 स्कूलों में लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम



बांदा : बुंदेलखंड में बारिश का जल संरक्षित करने के लिए प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री की 100 दिन की कार्ययोजना में इसे शामिल किया गया है। चित्रकूटधाम मंडल के 100 प्राथमिक विद्यालयों में रूफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने हैं। बांदा और चित्रकूट के 35- 35 और महोबा के 30 विद्यालयों में ये सिस्टम लगाए जाएंगे। इसी सत्र में इस पर काम शुरू हो जाएगा।


चित्रकूटधाम मंडल में 4586 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें तीन जिलों बांदा, चित्रकूट और महोबा के विद्यालयों में रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने हैं। बांदा से ब्लॉक वार 120 विद्यालयों को चिह्नित कर सूची प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव कुशवाहा को सौंपी गई है। बांदा जिले के बबेरू ब्लॉक के 16, बड़ोखर के 20, बिसंडा के 16, जसपुरा से एक, कमासिन के 20, महुआ से 16, नरैनी के 15, तिंदवारी के 16 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं।


प्राथमिक विद्यालयों में रूफ रेन वाटर हारवेसिस्टंग सिस्टम लगाए जाने के लिए विद्यालयों को चिन्ति कर सूची कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को सौंप दी है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। रामपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा।

Tuesday, May 31, 2022

बांदा : शासकीय कार्य हेतु प्रoअo / इंचार्ज को ग्रीष्मावकाश में उपस्थित हेतु निर्देशित करने पर उपार्जित अवकाश लेखे में दर्ज किए जाने के संबंध में आदेश

बांदा : शासकीय कार्य हेतु प्रoअo / इंचार्ज को ग्रीष्मावकाश में उपस्थित हेतु निर्देशित करने पर उपार्जित अवकाश लेखे में दर्ज किए जाने के संबंध में आदेश



Monday, April 25, 2022

शिक्षक संघ की मांग - अधिकारी दें ध्यान, बच्चों और अभिभावकों के सामने ही अध्यापकों का अपमान उचित नहीं

शिक्षक संघ की मांग - अधिकारी दें ध्यान,  बच्चों और अभिभावकों के सामने ही अध्यापकों का अपमान उचित नहीं



बांदा । परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में अधिकारियों द्वारा बच्चों और अभिभावकों के सामने अध्यापकों को डांट फटकार और अपमानित करने पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध जताया। कहा कि शिक्षक को सरेआम बेइज्जत करना न्याय संगत नहीं है और न ही इससे शिक्षा की प्रगति होगी।



रविवार को संघ के तत्वावधान में आयोजित संवाद कार्यशाला में यह विरोध शिक्षक नेताओं ने बीएसए रामपाल सिंह की मौजूदगी में जताया। अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि उच्चाधिकारी निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के सामने ही शिक्षकों को अपमानित कर रहे हैं।


गलतियां और कमियां हो सकती हैं, लेकिन जिन बच्चों को शिक्षक पढ़ा रहे हैं, उन्हीं के सामने अपमानित करना ठीक नहीं। बेसिक शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। जिला मंत्री प्रजीत सिंह ने कहा कि नए शिक्षकों की अवशेष सूची अब तक अपडेट नहीं की गई। पदोन्नति नहीं हो रही है।



अफसरों को नहीं दिख रह्रे चहारदीवार विहीन 300 स्कूल

कार्यशाला में प्राथमिक शिक्षक संघ नेताओं ने कहा कि अध्यापकों की जरा सी चूक पर उनकी सरेआम फजीहत करने वाले अधिकारियों को जिले के वह 300 विद्यालय नजर नहीं आ रहे, जहां चहारदीवारी नहीं है। इसके अलावा और भी कई समस्याओं से विद्यालय जूझ रहे हैं। अतिक्रमण व पेयजल संकट है। प्रशासन को यह भी समझना चाहिए।

Wednesday, April 6, 2022

बांदा : उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आपूर्ति किए गए 7 करोड़ के फर्नीचर घोटाले में जांच समिति गठित

बांदा : उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आपूर्ति किए गए 7 करोड़ के फर्नीचर घोटाले में जांच समिति गठित


बांदा जनपद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आपूर्ति किए गए 7 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के घटिया फर्नीचर घोटाले में जांच के लिए डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित कर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आपूर्तिकर्ता फर्म को 15 दिन के अंदर घटिया फर्नीचर न बदलने पर काली सूची में डालने और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।


जनपद के 494 उच्च प्राथ स्कूलों में 14.957 डेस्क बेच / फर्नीचर की आपूर्ति की गई है। इसके लिए शासन ने 7 करोड़ 11 लाख 95 हजार 530 रुपये जारी किए हैं। प्रत्येक डेस्क की कीमत 4760 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है। फर्नीचर की आपूर्ति सीतापुर की एक फर्म को सौंपी गई है। फर्म जो फर्नीचर स्कूलों को आपूर्ति किया है यह इतना घटिया है कि उठाने धरने में ही टूट रहा है। 


30 मार्च (बुधवार) को प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला यूनिट ने जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में बीएसए व अन्य अधिकारियों की शिकायती पत्र देकर घटिया फर्नीचर आपूर्ति की गैर विभागीय अधिकारियों से जांच कराने की मांग की थी।

डीएम अनुराग पटेल ने घटिया फर्नीचर संबंधी अमर उजाला में छपी खबर का हवाला देकर जारी आदेश में इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। समिति के सदस्यों में डिप्टी कलेक्टर लाल सिंह सहित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आईटीआई अनुदेशक (काष्ठ) नरेंद्र प्रजापति शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के अंदर जांच करके अपनी विस्तृत संयुक्त जांच रिपोर्ट उन्हें पेश करें।


उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह ने फर्नीचर आपूर्ति करने वाली सीतापुर की फर्म को जारी आदेश में कहा है कि 15 अप्रैल तक सभी अति/खराब फर्नीचर बदलना सुनिश्चित करें वरना उच्चाधिकारियों को सूचित करके फर्म को काली सूची में डालकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बीएसए ने फर्म को इस बात के लिए भी लताड़ा है कि फर्नीचर बदलने के बारे में पहले भी आदेश दिए गए थे लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। बीएसए ने सभी खंड शिक्ष कारियों को निर्देश दिए हैं. कि अपने क्षेत्र के स्कूलों में क्षतिग्रस्त या खराबडेस्क मैच की सूची दो दिन में उपलब्ध कराएं।

Tuesday, April 13, 2021

नहीं लगवाई वैक्सीन तो रोका जाएगा वेतन, बांदा बीएसए का निर्देश

नहीं लगवाई वैक्सीन तो रोका जाएगा वेतन, बांदा बीएसए का निर्देश


बांदा। कोविड टीकाकरण अभियान में रुचि न लेने वाले परिषदीय स्कूलों के अध्यापकों का वेतन काटा जाएगा। जिले में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 1700 शिक्षक हैं। बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने बतायाकि उपरोक्त श्रेणी के अध्यापकों को वेतन तभी मिलेगा जब वह वैक्सीन लगवा लेंगे। प्रमाणपत्र जमा करेंगे। टीकाकरण न कराने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। 


उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी शिक्षक का वेतन नहीं रोका गया है। बीएसए ने सोमवार को खुद टीका लगवाया। एबीएसए जगत राजपूत ने भी टीका लगवाया है।

Monday, February 8, 2021

बाँदा : सपोर्टिव सुपरविजन के दौरान किसी शिक्षक/ शिक्षामित्र /अनुदेशक द्वारा अभद्रतापूर्ण व्यवहार न करने के सम्बन्ध में

बाँदा : सपोर्टिव सुपरविजन के दौरान किसी शिक्षक/ शिक्षामित्र /अनुदेशक द्वारा अभद्रतापूर्ण व्यवहार न करने के सम्बन्ध में



Sunday, January 31, 2021

बांदा : पदोन्नति की स्थिति के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी

बांदा  :  पदोन्नति की स्थिति  के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी


Tuesday, January 19, 2021

बांदा : शीतलहर / ठंड के चलते विद्यालयों के समय परिवर्तन का आदेश जारी

बांदा  : शीतलहर / ठंड के चलते विद्यालयों के समय परिवर्तन का आदेश जारी


Saturday, December 26, 2020

चित्रकूट मण्डल : बिना स्पष्टीकरण वेतन रोकने एवं ऑफ़लाइन निरीक्षण आख्या पर कार्यवाही सम्बन्धी प्रा0शि0संघ के शिकायती पत्र पर आवश्यक कार्यवाही हेतु एडी (बेसिक) का आदेश

चित्रकूट मण्डल : बिना स्पष्टीकरण वेतन रोकने एवं ऑफ़लाइन निरीक्षण आख्या पर कार्यवाही सम्बन्धी प्रा0शि0संघ के शिकायती पत्र पर आवश्यक कार्यवाही हेतु एडी (बेसिक) का आदेश


 

Wednesday, December 18, 2019

बांदा : 21/12/19 तक शीतलहर अवकाश घोषित, 23/12/19 से प्रातः 10 बजे से संचालित होंगे विद्यालय, आदेश देखें

बांदा : 21/12/19 तक शीतलहर अवकाश घोषित, 23/12/19 से प्रातः 10 बजे से संचालित होंगे विद्यालय, आदेश देखें

Friday, June 21, 2019

बाँदा :  जुलाई में स्कूल खुलने से पहले शासन के निर्देशों के पालन के संदर्भ में बीएसए ने दिए बिंदुवार निर्देश


बाँदा :  
जुलाई में स्कूल खुलने से पहले शासन के निर्देशों के पालन के संदर्भ में बीएसए ने दिए बिंदुवार निर्देश। 














Sunday, May 19, 2019

बाँदा : जिलास्तरीय योगाभ्यास में 75 प्रतिभागियों के सापेक्ष 20 शिक्षक रहे अव्वल


बाँदा : जिलास्तरीय योगाभ्यास में 75 प्रतिभागियों के सापेक्ष 20 शिक्षक रहे अव्वल। 


Wednesday, April 24, 2019

बाँदा : अत्यधिक गर्मी के दृष्टिगत कक्षा 8 तक के विद्यालयों के संचालन का समय 7 से 11:30 बजे तक किए जाने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

बाँदा : अत्यधिक गर्मी के दृष्टिगत कक्षा 8 तक के विद्यालयों के संचालन का समय 7 से 11:30 बजे तक किए जाने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

Friday, March 29, 2019

बाँदा : महिला अध्यापक ने विद्यालय में लगाई फाँसी, पुलिस कर रही मामले की जांच

बाँदा : महिला अध्यापक ने विद्यालय में लगाई फाँसी, पुलिस कर रही मामले की जांच। 



Monday, July 2, 2018

बांंदा : बीएसए ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में वर्तमान में लागू विद्यालय समय-संचालन में किया परिवर्तन, 3 जुलाई से प्रातः 08:00 बजे से अपराह्न 01:00 बजे तक संचालित होंगे विद्यालय

बांंदा : बीएसए ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में वर्तमान में लागू विद्यालय समय-संचालन में किया परिवर्तन, 3 जुलाई से प्रातः 08:00 बजे से अपराह्न 01:00 बजे तक संचालित होंगे विद्यालय।