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Saturday, September 26, 2026

बारिश के बीच शिक्षक-कर्मचारियों का पुरानी पेंशन बहाली, टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन

बारिश के बीच शिक्षक-कर्मचारियों का पुरानी पेंशन बहाली, टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन

26 सितम्बर 2026
लखनऊ। लगातार बारिश के बावजूद शुक्रवार को अटेवा की महारैली में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी ईको गार्डन पहुंचे। पुरानी पेंशन बहाली, टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से से आए आए कर्मचारियों ने बारिश के बीच अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता, एनपीएस और निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो तीन माह बाद लखनऊ में 'डेरा डालो घेरा डालो' आंदोलन के तहत क्रमिक अनशन किया जाएगा। महारैली में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। 




पुरानी पेंशन बहाली, टीईटी से राहत के लिए अटेवा की रैली आज 

25 सितंबर 2026
लखनऊ। अटेवा पेंशन बचाओ मंच द्वारा 25 सितंबर को पुरानी पेंशन बहाली, टीईटी से राहत के लिए लखनऊ के ईको गार्डेन में रैली की जा रही है। इसमें प्रदेश भर के शिक्षक-कर्मचारी शामिल होंगे। विभिन्न शिक्षक कर्मचारी, अधिकारी संगठनों ने रैली का समर्थन किया है।

अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि कई सालों से प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन की बहाली की मांग की जा रही है। क्योंकि एनपीएस या यूपीएस से शिक्षको, कर्मचारियों का कोई लाभ नहीं है। सामाजिक सुरक्षा यदि कोई है तो पुरानी पेंशन ही है। इसके साथ ही निजीकरण, टीईटी की अनिवार्यता की समाप्ति की मांग की जा रही है। किंतु सरकार द्वारा कोई निर्णय न लेने के कारण इस रैली के माध्यम से शिक्षक-कर्मचारी मुख्यमंत्री से निवेदन करेंगे।

अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि अटेवा के संघर्ष के कारण ही राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है। इसलिए कल होने वाली रैली में सभी शिक्षक-कर्मचारी एकजुट होकर एकता का परिचय देते हुए सरकार से पुरानी पेंशन की बहाली की गुहार करेगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि सभी शिक्षक और कर्मचारी अटेवा की इस रैली में शामिल होकर सरकार से पुरानी पेंशन की मांग करें।



पुरानी पेंशन बहाली के लिए 25 को होगी रैली, अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने की तैयारियां तेज

अटेवा की अगुवाई में हुई बैठक में बनी रणनीति

14 सितम्बर 2026
लखनऊ। अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने 25 सितंबर को लखनऊ में होने वाली रैली की तैयारियों के सिलसिले में रविवार को स्व. डॉ. रामाशीष स्मृति भवन पारा में बैठक की। इसमें रैली की सफलता के लिए पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।


अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण की समाप्ति और टीईटी की अनिवार्यता की समाप्ति के लिए होने वाली इस रैली से प्रदेश के शिक्षकों, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण की समाप्ति और टेट की अनिवार्यता का रास्ता साफ होगा। प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने सभी शिक्षक, कर्मचारी संगठनों का आह्वान किया कि पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई हम सब की लड़ाई है। इसलिए 25 सितंबर को सभी संघ इस लड़ाई में अटेवा का साथ दें। 

प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश में बहाल हो चुकी है, अब उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली का समय आ गया है। बैठक को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महासंघ के अशोक कुमार, अटेवा के प्रदेशीय उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह, राकेश रमन, ओमप्रकाश कन्नौजिया और जनार्दन शुक्ला ने भी संबोधित किया।

Monday, June 8, 2026

पुरानी पेंशन और टीईटी के मुद्दे पर अटेवा ने की आगामी कार्यक्रमों की घोषणा, 11 जून को जनजागरण यात्रा से होगी शुरुआत

पुरानी पेंशन और टीईटी के मुद्दे पर अटेवा ने की आगामी कार्यक्रमों की घोषणा,  11 जून को जनजागरण यात्रा से होगी शुरुआत


लखनऊ। पुरानी पेंशन की बहाली, निजीकरण की समाप्ति, टीईटी की अनिवार्यता की समाप्ति के लिए कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। अटेवा पेंशन बचाओ मंच की बैठक में इनकी घोषणा की गई।


बैठक में अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि आज टीईटी अनिवार्यता के कारण लाखों शिक्षकों की नौकरी खतरे में हैं। पुरानी पेंशन बहाल न होने से शिक्षक और कर्मचारियों को सेवानिवृत होने पर दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। इसलिए अटेवा द्वारा लखनऊ में काकोरी से 11 जून को 11 बजे शहीदों को नमन कर जनजागरण यात्रा प्रारंभ की जाएगी जो विभिन्न ब्लॉकों व जिलों में जाएगी।

प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने बताया कि 10 जुलाई से 15 अगस्त तक जनजागरण गोष्ठी, 29 अगस्त को जिला मुख्यालय में तिरंगा यात्रा और 25 सितंबर को लखनऊ में रैली की जाएगी। इसके माध्यम से सरकार से पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी की अनिवार्यता पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की जायेगी।

प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आशाराम व चन्द्रहास सिंह ने कहा कि आज शिक्षकों से एसआईआर से लेकर जनगणना तक सभी काम लिए जा रहे हैं। इनको करने के साथ ही उसे बच्चों को पढ़ाने का भी जिम्मा है। इतने काम होने के बावजूद अब उसे बुढ़ापे में टीईटी पास करने के लिए कहा जा रहा है जोकि न्यायसंगत नहीं है।

प्रदेश सलाहकार ओम प्रकाश कनौजिया, जनार्दन शुक्ला, रजत प्रकाश, सूफियान अहमद, कुलदीप सैनी, धर्मेंद्र गोयल, सुमन कुरील, डॉ. राजेश कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। बैठक में रंजना सिंह, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, विजय प्रताप बुढ़नपुरी, नरेन्द्र कुमार, अशोक कन्नौजिया आदि उपस्थित थे।

Wednesday, November 26, 2025

पुरानी पेंशन, टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर लाखों शिक्षकों का प्रदर्शन

पुरानी पेंशन, टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर लाखों शिक्षकों का प्रदर्शन 


नई दिल्ली/लखनऊ । शिक्षक प्रदर्शन के इतिहास में मंगलवार को नई दिल्ली में एक और बड़ी महारैली देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी में जंतर मंतर पर देशभर से आए लाखों शिक्षकों कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन पुरानी पेंशन, निजीकरण व टीईटी अनिवार्यता की समाप्ति को लेकर आवाज बुलंद की।

नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) व सहयोगी संगठनों के बैनर तले आयोजित इस धरना प्रदर्शन में शिक्षक व शैक्षिक कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें न तो एनपीएस और न ही यूपीएस चाहिए उन्हें सिर्फ और सिर्फ पुरानी पेंशन ही चाहिए।

इस अवसर पर नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि आज यहां लाखों शिक्षक कर्मचारियों को देखकर सरकार डर गई है। वहीं संगठन की राष्ट्रीय महासचिव प्रज्ञा ने कहा कि सरकार एनपीएस से यूपीएस पर आई और जल्द ही यूपीएस से ओपीएस पर आना पड़ेगा। देश के 97% कर्मचारियों ने यूपीएस को नकार दिया है।


दिल्ली में शिक्षकों ने बुलंद की आवाज

लखनऊः शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर प्रदेश के शिक्षकों ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग संगठनों के बैनर तले जंतर-मंतर पर हजारों शिक्षक जुटे और अपनी आवाज बुलंद की। धरने में देश भर से शिक्षकों ने अपनी एकजुटता भी दिखाई।

 मंगलवार को नेशनल मूवमेंट ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) और सहयोगी संगठनों के बैनर तले शिक्षकों का प्रदर्शन हुआ। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि अब सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी। सरकार को हर हाल में पुरानी पेंशन बहाल करनी ही पड़ेगी। टीईटी मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार 20 साल पहले नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर सकती है, तो हिम्मत हो तो यूपीएससी से चयनित अधिकारियों को भी हटा कर दिखाए। 

प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पुरानी पेंशन तत्काल बहाल की जाए और टीईटी को स्थायी रूप से अनिवार्य सूची से हटाया जाए। 




टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में NMOPS का शिक्षकों का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कल

लखनऊ। देश भर के सेवारत  शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में विरोध-प्रदर्शन दिल्ली में शुरू होगा।  शिक्षक-कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनएमओपीएस की ओर से मंगलवार 25 नवंबर को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

 नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के 25 नवंबर को होने वाले प्रदर्शन के लिए रविवार को दिल्ली में हुई बैठक में रणनीति तैयार की गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि दिल्ली में देश भर के शिक्षक कर्मचारी और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण और टीईटी अनिवार्यता की समाप्ति के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। 

उन्होंने कहा कि संगठन की लड़ाई के फलस्वरूप चार राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन लागू हुई है। वहीं पंजाब में ओपीएस बहाली की घोषणा हुई है। पंजाब सरकार इसे जल्द लागू करे। देश भर का शिक्षक टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ है, केंद्र सरकार इसे निरस्त करने का निर्णय ले। संसद में इससे संबंधित कानून लाए। ऐसा न होने पर लड़ाई आर-पार की होगी। 



पुरानी पेंशन की बहाली व टीईटी के विरोध में एकजुटता का आह्वान, 25 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली के लिए अटेवा ने तय की जिम्मेदारी


लखनऊ। ऑल टीचर्स एम्पलाई वेल्फेयर एसोशिएशन (अटेवा) पेंशन बचाओ मंच ने रविवार को बैठक कर 25 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली रैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।


प्रदेश, मंडल व जिला पदाधिकारियों की शहीद डॉ. रामाशीष सिंह स्मृति भवन में हुई बैठक में रैली के लिए जिम्मेदारियां भी तय की गईं। 

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के विरोध, ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में 25 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी। उन्होंने सभी संगठनों से आह्वान किया कि वे मतभेद भुलाकर एक साथ आएं।

प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि सरकार यूपीएस लाकर देश के शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महासंघ महासचिव अशोक कुमार ने कहा कि

सरकार लगातार निजीकरण पर बल दे रही है। इसके कारण सरकारी नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। पंचायतीराज सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री रामेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में होने वाले स्नातक/शिक्षक निर्वाचन में सभी शिक्षक व कर्मचारी जरूर वोटर बनें ताकि पुरानी पेंशन बहाली की मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों को अपनी बात पहुंचा सकें। बैठक में भारत सिंह, डॉ. आशीष वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार आदि उपस्थित थे। 

Tuesday, September 30, 2025

टीईटी अनिवार्यता को लेकर NMOPS ने की 25 नवंबर को दिल्ली कूच की घोषणा

टीईटी अनिवार्यता को लेकर NMOPS ने की 25 नवंबर को दिल्ली कूच की घोषणा


लखनऊ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने प्राथमिक शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर शिक्षकों-कर्मचारियों के 25 नवंबर को दिल्ली कूच की घोषणा की है। इस आंदोलन के माध्यम से विभागों में निजीकरण समाप्त करने व पुरानी पेंशन बहाली का भी मुद्दा उठाया जाएगा। 


संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सोमवार को हुई वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि इससे पहले एक अक्तूबर को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। 25 अक्तूबर को देश की सभी राजधानियों में एक साथ दिल्ली रैली के लिए सामूहिक प्रेसवार्ता होगी। 


वहीं आठ नवंबर को दिल्ली में सभी प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्रियों की बैठक भी होगी। इसमें रैली की सफलता की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव स्थित प्रज्ञा ने कहा कि शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपे जाने के मुद्दे को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। 

Saturday, July 26, 2025

01 अगस्त 2025 को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर NPS/UPS एवं निजीकरण के खिलाफ रोष मार्च हेतु अटेवा ने संगठनों से मांगा समर्थन

01 अगस्त 2025 को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर NPS/UPS एवं निजीकरण के खिलाफ रोष मार्च हेतु अटेवा ने संगठनों से मांगा समर्थन

23 जुलाई 2025





पुरानी पेंशन बहाली के लिए होगा देशव्यापी आंदोलन, 
एक अगस्त को देशभर में रोष मार्च पांच सितंबर को सामूहिक उपवास, 25 नवंबर को दिल्ली में रैली

NMOPS की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने की घोषणा

14 जुलाई 2025
लखनऊ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए फिर व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की रविवार को हुई ऑनलाइन बैठक में पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन पर चर्चा की गई। इसके बाद आंदोलन का विस्तृत प्रस्ताव पास किया गया।


संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि सरकार लगातार सरकारी संस्थाओं का निजीकरण कर रही है। सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। इससे शिक्षक-कर्मचारियों में निराशा है। इसे देखते हुए शिक्षकों कर्मचारियों ने व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। इस क्रम में एक अगस्त को पूरे देश में सभी जिला मुख्यालयों पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए रोष मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षक व कर्मचारी सामूहिक उपवास करेंगे।

उन्होंने बताया कि 1 अक्तूबर को सोशल मीडिया एक्स पर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 25 नवंबर को दिल्ली में रैली होगी। राष्ट्रीय महासचिव स्थित प्रज्ञा ने सरकार से निजीकरण समाप्त करने की मांग की। राष्ट्रीय सचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि सरकार स्कूलों का मर्जर कर बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है। संगठन इसका हर स्तर पर विरोध करेगा। बैठक में राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राजेश कुमार, शांताराम तेजा, वरुण पांडेय, अमरीक सिंह, प्रेमसागर, परमानंद डहरिया शामिल हुए। 

Friday, June 6, 2025

पूरे देश में चलाया 'एक पौधा OPS' के नाम अभियान, शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन के नाम रोपा पौधा

पूरे देश में चलाया 'एक पौधा OPS' के नाम अभियान, शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन के नाम रोपा पौधा


लखनऊ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के राष्ट्रीय आह्वान पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देश के शिक्षक-कर्मचारियों ने "एक पौधा ओपीएस के नाम" अभियान चलाया। बृहस्पतिवार को इसके तहत सभी ने एक-एक पौधे रोपे।


एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि आज पूरे देश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए पौधरोपण किया गया। जो भी पौधे लगाए गए हैं, उन्हें पेंशन वृक्ष का नाम दिया गया है। इसमें सभी विभागों से शिक्षक-कर्मचारियों अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पौधे हमारे जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण हैं, उसी तरह पुरानी पेंशन भी हमारे परिवार की सामाजिक सुरक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है।

इस अभियान के माध्यम से सभी पेंशन विहीन कर्मचारी सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि जल्द से जल्द पुरानी पेंशन बहाल हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अर्द्धसैनिक बलों की पुरानी पेंशन तत्काल बहाल करने मांग की है।

पौधरोपण में अटेवा के प्रदेश महामंत्री नीरज पति त्रिपाठी, डॉ. राजेश कुमार, अशोक कुमार, रामेंद्र श्रीवास्तव, सुनील कुमार वर्मा आदि ने पौधरापेण किया।

Tuesday, April 29, 2025

पुरानी पेंशन के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक मई को प्रस्तावित रैली स्थगित, पुरानी पेंशन को लेकर सोशल मीडिया पर 30 अप्रैल को चलाएंगे अभियान

एक मई को पुरानी पेंशन के लिए दिल्ली में प्रस्तावित धरना स्थगित, पुरानी पेंशन को लेकर सोशल मीडिया पर 30 अप्रैल को चलाएंगे अभियान


लखनऊ। देश भर के शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देखते हुए एक मई को दिल्ली के जंतर मंतर पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है।

नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने रविवार को शिक्षक, कर्मचारियों, अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक में कहा कि देश पहले है बाकि मुद्दे बाद में है। पहलगाम आतंकी हमले से पूरा देश दुखी, गुस्से व आक्रोश में है। देश का शिक्षक, कर्मचारी मांग करता है कि आतंकवादियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। देश का एक करोड़ शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी केंद्र सरकार के देश हित में लिए गए निर्णय के साथ है। कहा कि एक मई को जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन स्थगित किया है।

30 अप्रैल को देश भर में एक्स पर पुरानी पेंशन के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद पहलगाम आतंकी हमले में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मई को सभी जिला मुख्यालयों शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारी कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि सभा करेंगे। 



पुरानी पेंशन के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक मई को प्रस्तावित रैली स्थगित

एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के खिलाफ और पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग के लिए एक मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित राष्ट्रीय स्तर पर रैली स्थगित कर दी गई है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्रीय संगठन (एनएमओपीएस) की ओर से रविवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार देशहित में प्रस्तावित रैली स्थगित कर दी गई है। वहीं, 30 अप्रैल को सोशल मीडिया एक्स पर देशभर में ऑल इंडिया ट्विटर कैंपेन चलाने का निर्णय लिया गया है। 


एक मई को संगठन से जुड़े देश भर के एक करोड़ से अधिक शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी सभी जिला मुख्यालयों में पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीयों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकालेंगे और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। 


Friday, September 27, 2024

पुरानी पेंशन के लिए सड़क पर उतरे देश भर में शिक्षक-कर्मचारी, NPS-UPS को बताया धोखा, आक्रोश मार्च में दिखी संगठनों की एकजुटता

पुरानी पेंशन के लिए सड़क पर उतरे देश भर में शिक्षक-कर्मचारी, NPS-UPS को बताया कर्मचारियों के साथ धोखा, आक्रोश मार्च में दिखी संगठनों की एकजुटता 


लखनऊ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के आह्वान पर बृहस्पतिवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने देशभर में आक्रोश मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।


संगठनों एनपीएस-यूपीएस वापस लेने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। मार्च में रेलवे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम समेत कई विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। जिला मुख्यालयों पर हुए प्रदर्शन में कर्मचारियों व शिक्षकों ने एनपीएस और यूपीएस को धोखा बताते हुए जमकर नारेबाजी की। मार्च में महिला कर्मचारी अपने परिवार के साथ शामिल हुई।


लखनऊ में एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में हजरतगंज स्थित बीएन सिंह की प्रतिमा से शहीद स्मारक तक आक्रोश मार्च निकाला गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न संगठनों के नेता, शिक्षक और कर्मचारियों ने भाग लिया। विजय ने कहा कि सरकार ने एनपीएस लाकर कर्मचारियों-शिक्षकों को धोखा किया है। यूपीएस तो कर्मचारियों के साथ महाधोखा है। इसलिए सरकार पुरानी पेंशन बहाल करे।

Saturday, September 14, 2024

26 सितम्बर को NPS/UPS के विरोध में जिला मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकालेगा अटेवा, सभी संगठनो से सहायता और सहयोग की अपील

26 सितम्बर 2024 को NPS/UPS के विरोध में जिला मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकालेगा अटेवा, सभी संगठनो से सहायता और सहयोग की अपील 


Saturday, July 20, 2024

NMOPS ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर OPS की फिर से रखी मांग

पीएम व वित्तमंत्री को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग

लखनऊ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से पुरानी पेंशन की बहाली व निजीकरण समाप्त करने की मांग की है।

विजय बन्धु ने यह भी कहा है कि इस बार प्रधानमंत्री ने शपथ लेने के वाद सहर्ष स्वीकार किया कि देश के विकास में शिक्षकों, कर्मचारियों का योगदान है। देश के एक करोड़ शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारी कई साल से प्रानी पेंशन बहाली की मांग कर रहा है । शिक्षक, कर्मचारी व देश का अर्धसैनिक बल एनपीएस में सुधार नहीं, अपितु हुबहू पुरानी पेंशन चाहता है।

संगठन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नीरजपति त्रिपाठी व राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राजेश कुमार ने भी प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री से कहा कि देश का शिक्षक व कर्मचारी केंद्र सरकार से बड़ी उम्मीद लगाए है कि इस बार आने वाले बजट में पुरानी पेंशन बहाल होगी। इसलिए सरकार कर्मचारियों व शिक्षकों को हुबहू पुरानी पेंशन बहाल कर अपने तीसरे कार्यकाल में सौगात देने का काम करें। 


NMOPS ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर OPS की फिर से रखी मांग 
 

Monday, June 24, 2024

अटेवा पुरानी पेंशन बहाली के लिए फिर तेज करेगा आंदोलन

अटेवा पुरानी पेंशन बहाली के लिए फिर तेज करेगा आंदोलन


लखनऊ। अटेवा पेंशन बचाओ मंच की ओर से देश-प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए एक बार फिर से आंदोलन तेज किया जाएगा। रविवार को कैंट स्थित चौधरी चरण सिंह सभागार में हुई बैठक में इसकी विस्तृत रणनीति तैयार की गई। प्रदेश, मंडल व जिला पदाधिकारीगण की बैठक में तय किया गया की जुलाई में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कर राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे, ताकि पूरे देश में पुरानी पेंशन का आंदोलन तेज हो सके। 


वहीं 1 अगस्त से 9 अगस्त तक प्रदेश के सभी ब्लॉकों में एनपीएस निजीकरण देश के लिए घातक है, विषयक विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। सितंबर के अंतिम सप्ताह में पुरानी पेंशन को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किए जाएंगे। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा लोकसभा चुनाव का अहम मुद्दा रहा है। अब पुरानी पेंशन बहाल कराने के लिए हमें संगठन को और मजबूत करना होगा।


प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट में अपनी ताकत दिखाई है। इसके कारण प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाने का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय लिया है। अटेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र राय व मंत्री विजय प्रताप बूढ़नपुरी ने कहा कि सरकार लगातार निजीकरण कर रही है। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आशाराम, संदीप वर्मा, ओमप्रकाश कनौजिया, रंजना सिंह, नरेंद्र यादव, चंद्रहास सिंह, डॉ. रमेश चंद्र त्रिपाठी आदि उपस्थित थे। 

Thursday, March 21, 2024

NMOPS: पुरानी पेंशन के लिए जोर पकड़ेगा VOTE 4 OPS अभियान

NMOPS: पुरानी पेंशन के लिए जोर पकड़ेगा VOTE 4 OPS अभियान


लखनऊ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने लोकसभा चुनाव-2024 में राजनीतिक दलों से पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण की समाप्ति को घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की है। साथ ही पूरे देश में वोट फॉर ओपीएस का अभियान और तेज करने की बात कही है। 


संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने इसके लिए देश के प्रमुख राजनीतिक दलों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि एनएमओपीएस और अटेवा की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन के कारण ही राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों- कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिली है। लोकसभा चुनावों में पुरानी पेंशन की बहाली व निजीकरण की समाप्ति एक अहम मुद्दा होगा। 

Monday, February 5, 2024

पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों ने लगाई दौड़, सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग


पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों ने लगाई दौड़, सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग

लखनऊ। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अटेवा की ओर से रविवार को रन फॉर ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों ने ताकत झोंक दी। पुरानी पेंशन बहाली को अपना हक बताया।

अटेवा की ओर से डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क गोमती नगर से यह दौड़ आयोजित हुई। बड़ी संख्या मे उपस्थित शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों ने अनुशासन में रहते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद की। महिला कर्मचारी भी दौड़ में शामिल हुईं। दौड़ने वाले कर्मचारियों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, पेंशन हमारा हक है... के नारे भी बुलंद किए।

अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहाकि ओपीएस से लेकर मतदाता जागरूकता सहित अटेवा तमाम कार्यों में शामिल रहा है। लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा न करे। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुरानी पेंशन बहाल की जानी चाहिए। चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के प्रधान महासचिव एवं राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि कोविड में कर्मचारियों ने अपनी जान दांव पर लगाकर देश की सेवा की। 


Run For OPS ✊  : पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षक-कर्मचारियों ने लगाई दौड़

पुरानी पेंशन बहाली (OPS) एवं निजीकरण की समाप्ति के लिए नारे लगाते हुए कर्मचारी अंबेडकर स्थल से लोहिया पार्क होते हुए वापस वहीं पहुंचे. कर्मचारी भारत माता की जय, वंदे मातरम, पेंशन हक है का नारा लगाते हुए दौड़ रहे थे।

लखनऊ: अटेवा (ATEWA) ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रन फॉर ओपीएस (Run For OPS) का आयोजन किया. बड़ी संख्या में मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों ने अनुशासन में रहते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपने हक़ व अधिकार की आवाज बुलंद की. गुलाबी टी-शर्ट और सफेद पैंट में शिक्षक कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली मांग कर रहे थे. महिलाएं भी गुलाबी रंग के परिधानों में अपने हक की आवाज उठा रही थीं.



पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण की समाप्ति के लिए नारे लगाते हुए कर्मचारी अंबेडकर स्थल से लोहिया पार्क होते हुए वापस वहीं पहुंचे. कर्मचारीलगातार भारत माता की जय, वंदे मातरम, पेंशन हक है का लगातार नारा लगाते हुए दौड़ रहे थे. इस मौके पर NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार 'बंधु' ने कहा कि अटेवा रचनात्मक कार्यक्रम के लिए जाना जाता है. चाहे मतदाता जागरूकता अभियान हो या फिर रन फ़ॉर ओपीएस, शांतिपूर्ण व रचनात्मक ढंग से पुरानी पेंशन बहाली के लिये प्रतिबद्ध है.


दौड़ने से स्वास्थ्य ओपीएस से बुढ़ापा

उन्होंने कहा कि दौड़ने से जहां स्वास्थ्य सही होता है, वहीं OPS से बुढ़ापा. लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा न करे और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुरानी पेंशन बहाल करे. चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के प्रधान महासचिव एवं राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कोरोना काल में ही कर्मचारियों ने अपनी जान देकर देशवासियों की सेवा की. इसलिए सरकार कर्मचारियों की बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन बहाल करे.


रन फॉर ओपीएस पुरानी पेंशन की दिशा में एक और कदम

उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता रामेंद्र श्रीवास्तव ने कहा अटेवा शुरुआत से ही पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई मजबूती से लड़ रहा है. एक दिन पेंशन निश्चित बहाल होगी. उत्तर प्रदेश राजकीय नर्सेज संघ की प्रदेश अध्यक्ष शर्ली भंडारी ने कहा सभी कर्मचारियों को अटेवा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देना चाहिए. क्योंकि पुरानी पेंशन की बहाली के लिए अटेवा ही पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ लड़ाई लड़ रहा है. आज का रन फ़ॉर ओपीएस इस दिशा मे एक अनूठा कार्यक्रम है.


कर्मचारियों ने दिखाई एकता और अनुशासन

अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा रन फ़ॉर ओपीएस के द्वारा एक बार फिर से कर्मचारियों ने एकता और अनुशासन की मिसाल कायम की है. अटेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह ने कहा पुरानी पेंशन और निजीकरण की लड़ाई बंधु जी के नेतृत्व मे हम पूरी मजबूती के साथ लड़ रहें हैं. एक दिन सरकार को हमारी बात माननी ही होगी. लखनऊ विकास प्राधिकरण से आनंद मिश्रा ने कहा अटेवा का रन फ़ॉर ओपीएस कार्यक्रम अदभुत रहा. शिक्षक कर्मचारियों का अनुशासित रहते हुए ऐसा सफल कार्यक्रम हमने पहली बार देखा है. प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि रन फॉर OPS कार्यक्रम पुरानी पेंशन बहाली में मील का पत्थर साबित होगा.


कई संगठन के पदाधिकारी हुए शामिल

इस मौके पर अटेवा के सलाहकार राकेश रमन, ओम प्रकाश कनौजिया, प्रदेश विधिक सलाहकार नरेंद्र कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आशाराम, प्रदेश कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य मौर्य, प्रदेशीय मंत्री डॉ रमेश चंद्र त्रिपाठी, विजय प्रताप यादव, संजय उपाध्याय, संगठन मंत्री रजत प्रहरी, प्रदेश संयुक्त मन्त्री राजेश जायसवाल, जनार्दन शुक्ला, सोशल मीडिया प्रभारी कुलदीप सैनी 'कुली', सुफियान अहमद, आई टी सेल प्रभारी अभिनव राजपूत, सैय्यद दानिश इमरान, आर्यन वेद, वीरेन्द्र कुमार सक्सेना, महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी रंजना सिंह, केजीएमयू कर्मचारी परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप गंगवार व प्रज्ञानंद,नर्सेज संघ की अध्यक्ष यदुनंदिनी सिंह, उत्तर प्रदेश सचिवालय के कंप्यूटर सहायक एवं सहायक समीक्षा अधिकारी संघ के अध्यक्ष संजय यादव, राकेश कुमार संयोजक FANPSR पूर्वोत्तर रेलवे, राघवेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, विजय प्रताप यादव, अटेवा की सांस्कृतिक प्रकोष्ठ से धर्मेंद्र गोयल, सुमन कुरील, NMOPS डिफेंस के सह संयोजक रमेश कुमार व ऋषि राज, राधा प्यारी रावत, PSPSA के संयोजक पंकज यादव सहित बड़ी संख्या मे शिक्षक कर्मचारी शामिल थे.

Sunday, February 4, 2024

पुरानी पेंशन के लिए लखनऊ में Run 4 OPS आज, बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान

पुरानी पेंशन के लिए लखनऊ में  Run 4 OPS  आज, बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान


04 फरवरी 2024
पुरानी पेंशन बहाली लोकसभा चुनाव 2024 में भी बड़ा मुद्दा बनेगा। 30 अक्टूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर चुका अटेवा पेंशन बचाओ मंच और नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन अब 4 फरवरी को लखनऊ में रन फॉर ओपीएस का आयोजन कर रहा है।


पुरानी पेंशन बहाली लोकसभा चुनाव 2024 में भी बड़ा मुद्दा बनेगा। 30 अक्टूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर चुका अटेवा पेंशन बचाओ मंच और नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन अब 4 फरवरी को लखनऊ में रन फॉर ओपीएस का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जनवरी से विभिन्न आयोजन भी किए जा रहे हैं।


 अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन 12 जनवरी 2024 से 25 जनवरी 2024 तक जन संवाद, अटेवा आपके द्वार कार्यक्रम के तहत स्कूल, कॉलेज, कार्यालय सहित आम जनमानस को भी अटेवा के उद्देश्यों, संघर्षों एवं उपलब्धियों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें निजीकरण के दुष्परिणाम की जानकारी दी गई।


25 जनवरी को मतदाता एवं पेंशन जागरूकता मार्च हर जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया जिसमें शिक्षक/ कर्मचारी व अधिकारीगणों के साथ-साथ समाज के अन्य प्रबुद्ध वर्ग को मुद्दों से जोड़ा गया और अधिक से अधिक मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया। 

अटेवा ने 4 फरवरी 2024 को लखनऊ में रन फॉर ओपीएस का आह्वान किया है जिसमें शिक्षक समेत अन्य विभागों के सभी सरकारी कर्मचारी अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर ओल्ड पेंशन स्कीम के मुद्दे को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा संवैधानिक हक है जिसे हम लेकर रहेंगे। सरकारी संस्थानों व पदों का निजीकरण देश के निम्न व मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अभिशाप है जिसके खिलाफ अटेवा लगातार संघर्ष करता रहेगा। रन फॉर ओपीएस के तहत अपने मुद्दे को नए तरीके से सरकार और समाज के सामने रखा जाएगा।

 अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने सभी शिक्षकों एवं अन्य सरकारी कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि सभी अपने हक के लिए 4 फरवरी रविवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क लखनऊ में आयोजित रन फॉर ओपीएस में प्रतिभाग कर अपनी शक्ति का एहसास कराएं यह कार्यक्रम पुरानी पेंशन बहाली में मील का पत्थर साबित होगा।


03 फरवरी 2024
पुरानी पेंशन के लिए  Run  4  OPS  कल,  बैठक में तैयारियों पर की चर्चा

लखनऊ। अटेवा पेंशन बचाओ मंच की ओर से रविवार चार फरवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क लखनऊ से रन फॉर ओपीएस का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को मंच ने सदर स्थित कार्यालय पर इसकी तैयारियों को लेकर बैठक की। 

अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने सभी पदाधिकारियों से कहा कि यह कार्यक्रम, पुरानी पेंशन बहाली में मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरज पति त्रिपाठी ने सभी पेंशनविहीन शिक्षक व कर्मचारियों से अनुशासन में रहकर रन फॉर ओपीएस कार्यक्रम को सफल बनाने को कहा। 

इसी क्रम में अटेवा लखनऊ जिला टीम का विस्तार करते हुए सुरेश कुमार को वरिष्ठ जिला सह संयोजक, रमेश कुमार व संदीप सचान को सहसंयोजक, देवेन्द्र कुमार सिंह, लवकुश सिंह को जिला मंत्री, वीरेंद्र प्रताप सिंह, मो. शैफी, सलिल यादव को संगठन मंत्री बनाया गया। इसी क्रम में विमल सिंह, पंकज कुमार, शिवलाल शर्मा को संयुक्त मंत्री, प्रदीप कुमार को सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी बनाया गया है। 

Friday, January 26, 2024

OPS की मांग को लेकर शिक्षक और कर्मचारियों ने फूंका बिगुल, मतदाता जागरुकता मार्च निकाल उठाया मुद्दा और मांगी पुरानी पेंशन

OPS की मांग को लेकर शिक्षक और कर्मचारियों ने फूंका बिगुल, मतदाता जागरुकता मार्च निकाल उठाया मुद्दा और मांगी पुरानी पेंशन 

National Voters Day 2024: पूरे देश में ऑल टीचर्स एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से मतदाता एंव पेंशन जागरुकता अभियान मार्च निकाला गया. मार्च में कर्मचारियों, शिक्षकों और युवाओं ने भाग लिया.


ऑल टीचर्स एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) की तरफ से गुरुवार को मतदाता एंव पेंशन जागरुकता अभियान मार्च निकाला गया. मार्च में सैकड़ों शिक्षकों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया. शिक्षक और कर्मचारियों ने हाथ में तख्ती लेकर मार्च निकाला. 


 कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिम्मेदारों ने मतदाता जागरुकता अभियान का उद्देश्य बताया. उन्होंने कहा कि मार्च मतदाताओं को मताधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए निकाला गया है. मजबूत लोकतंत्र का निर्माण करने में मतदाताओं को मताधिकार के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार से मांग की जाती है कि पुरानी पेंशन बाहर बहाल करे.


पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों ने भरी हुंकार

पुरानी पेंशन योजना शिक्षकों और कर्मचारियों का एक अधिकार है.  कहा कि जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र का निर्माण कर सकता है. कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में मांग की अनदेखी करना सरकार को भारी पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली सरकार के लिए हड्डी बन गया है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की भी अपील की गई.


मतदाता जागरुकता मार्च में दिया अल्टीमेटम

कर्मचारियों ने कहा कि ओपीएस बुढ़ापे का सहारा है. सरकार हमारा अधिकार न छीने और पुरानी पेंशन व्यवस्था तत्काल लागू करे. उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक नई पेंशन स्कीम के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा. इसलिए सरकार से निवेदन है कि जल्द से मांग पूरी करे. 

Friday, January 19, 2024

25 जनवरी को जिला मुख्यालय पर मतदाता एवं पेंशन जागरुकता मार्च व 04 फरवरी को "RUN FOR OPS" के आयोजन से पूर्व ध्यान आकृष्ट कराने हेतु ATEWA ने सीएम योगी को पत्र लिख पुरानी पेंशन बहाली की रखी मांग

25 जनवरी को जिला मुख्यालय पर मतदाता एवं पेंशन जागरुकता मार्च व 04 फरवरी को "RUN FOR OPS" के आयोजन से पूर्व ध्यान आकृष्ट कराने हेतु ATEWA ने सीएम योगी को पत्र लिख पुरानी पेंशन बहाली की रखी मांग


Friday, December 1, 2023

अटेवा की मांग, न्यू पेंशन स्कीम घोटाले की जांच हो

अटेवा की मांग, न्यू पेंशन स्कीम घोटाले की जांच हो


लखनऊ। अटेवा-पेंशन बचाओ मंच की ओर से न्यू पेंशन स्कीम की जांच कराने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग प्रदेश सरकार से की गई है।


मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम के पैसों को मनमाने ढंग से निजी कंपनियों में लगाने की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सीएम, वित्त मंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। इसमें न्यू पेंशन स्कीम में बड़े घोटाले की आंशका अटेवा ने जताई है। साथ ही मांग की है कि न्यू पेंशन स्कीम को समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल करें।


अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी और प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षकों व कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है। इसलिए पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए।

Monday, October 2, 2023

पेंशन शंखनाद रैली : पुरानी पेंशन की मांग पर कर्मियों ने रामलीला मैदान में भरी हुंकार, 'वोट की चोट' के लिए तैयार

पेंशन शंखनाद रैली : पुरानी पेंशन की मांग पर कर्मियों ने रामलीला मैदान में भरी हुंकार, 'वोट की चोट' के लिए तैयार

पेंशन शंखनाद रैली : देखें प्रिंट मीडिया की रिपोर्ट और कवरेज 


एनपीएस में कर्मियों जो पेंशन मिल रही है, उतनी तो बुढ़ापा पेंशन ही है। एनपीएस स्कीम में शामिल कर्मी, 18 साल बाद रिटायर हो रहे हैं, उन्हें क्या मिला है। एक कर्मी को एनपीएस में 2417 रुपये मासिक पेंशन मिली है, दूसरे को 2506 रुपये और तीसरे कर्मी को 49 सौ रुपये प्रतिमाह की पेंशन मिली है।



पुरानी पेंशन बहाली के लिए देशभर से आए लाखों कर्मियों ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुंकार भरी है। केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने 'पेंशन शंखनाद महारैली' में कहा, अगर सरकार अपनी जिद नहीं छोड़ती है तो 'वोट की चोट' के आधार पर 'पुरानी पेंशन' बहाल कराएंगे। सरकारी कर्मियों, पेंशनरों और उनके रिश्तेदारों को मिलाकर यह संख्या दस करोड़ के पार चली जाती है। 


चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के लिए यह संख्या निर्णायक साबित होगी। इस रैली में केंद्र एवं राज्यों के कर्मचारी संगठनों ने भाग लिया। हालांकि रैली का आयोजन नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के बैनर तले हुआ है। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन, कर्मियों का अधिकार है। वे इसे लेकर ही रहेंगे। दिल्ली का रामलीला मैदान, सरकारी कर्मियों से खचाखच भरा हुआ था। 


दो-तीन दिन पहले ही दिल्ली पहुंचने लगे थे कर्मचारी

बता दें कि इस रैली की तैयारियां, करीब एक वर्ष से जा रही थी। कई राज्यों के कर्मचारी दो-तीन दिन पहले ही दिल्ली पहुंच गए थे। रेल, बस और दूसरे वाहनों में बैठकर कर्मचारी दिल्ली पहुंचे हैं। अनेक कर्मियों को रेल की तत्काल टिकट लेनी पड़ी। रविवार सुबह 11 बजे रामलीला मैदान पूरी तरह भर चुका था। रामलीला मैदान के चारों तरफ की सड़कों पर कर्मियों के जत्थे चल रहे थे। कर्मियों के द्वारा 'पेंशन' का नारा लगाया जा रहा था।


 इससे पहले केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने 10 अगस्त को रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित की थी। अब नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) द्वारा पेंशन शंखनाद महारैली आयोजित की गई है। विजय कुमार बंधु ने रैली की सफलता के लिए विभिन्न राज्यों का दौरा किया था। बंधु ने कहा, 'पुरानी पेंशन' बहाली का मुद्दा, अब जीवन मरण का प्रश्न बन चुका है। जब पांच राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो सकती है तो पूरे देश में क्यों नहीं।


 देश की आंतरिक और सीमा की सुरक्षा में तैनात सीएपीएफ जवानों को भी पुरानी पेंशन से वंचित रखा जा रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भारत संघ के शस्त्र बल मानते हुए उन्हें पुरानी पेन्शन का फायदा देने का फैसला सुनाया था। केंद्र सरकार ने उसे लागू करने की बजाए सुप्रीम कोर्ट में स्थगन आदेश ले लिया।


एनपीएस में रिटायर्ड कर्मियों को मिली इतनी पेंशन

एनपीएस में कर्मियों जो पेंशन मिल रही है, उतनी तो बुढ़ापा पेंशन ही है। एनपीएस स्कीम में शामिल कर्मी, 18 साल बाद रिटायर हो रहे हैं, उन्हें क्या मिला है। एक कर्मी को एनपीएस में 2417 रुपये मासिक पेंशन मिली है, दूसरे को 2506 रुपये और तीसरे कर्मी को 49 सौ रुपये प्रतिमाह की पेंशन मिली है। अगर यही कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था के दायरे में होते तो उन्हें प्रतिमाह क्रमश: 15250 रुपये, 17150 रुपये और 28450 रुपये मिलते। 

एनपीएस में कर्मियों द्वारा हर माह अपने वेतन का दस प्रतिशत शेयर डालने के बाद भी उन्हें रिटायरमेंट पर मामूली सी पेंशन मिलती है। इस शेयर को 14 या 24 प्रतिशत तक बढ़ाने का कोई फायदा नहीं होगा। एआईडीईएफ के महासचिव सी.श्रीकुमार के मुताबिक, एनपीएस में पुरानी पेंशन व्यवस्था की तरह महंगाई राहत का भी कोई प्रावधान नहीं है। जो कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था के दायरे में आते हैं, उन्हें महंगाई राहत के तौर पर आर्थिक फायदा मिलता है। एनपीएस में सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी नहीं रही। रिटायरमेंट के बाद सरकारी कर्मियों को जानबूझकर कष्टों में धकेला जा रहा है।

परिभाषित एवं गारंटी वाली 'ओपीएस' बहाली

एनएमओपीएस की महाराष्ट्र इकाई के सोशल मीडिया इंचार्ज, विनायक चौथे ने कहा, दिल्ली के रामलीला मैदान में देश के कौने कौने से सरकारी कर्मचारी पहुंचे हैं। ओपीएस की मांग को लेकर अभी तक की यह सबसे बड़ी रैली है। यह विशाल रैली, केवल पुरानी पेंशन बहाली के लिए है। केंद्र सरकार ने जो कमेटी गठित की है, उसमें ओपीएस का तो कहीं पर जिक्र ही नहीं है। वह तो एनपीएस में सुधार के लिए है, जबकि कर्मचारी पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें ओपीएस से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। सरकारी कर्मियों का केवल एक ही मकसद है, बिना गारंटी वाली 'एनपीएस' योजना को खत्म किया जाए और परिभाषित एवं गारंटी वाली 'पुरानी पेंशन योजना' को बहाल किया जाए। ओपीएस में हर दस साल में वेतन और पेंशन रिवाइज होते हैं। नया वेतन आयोग, अपनी सिफारिशें देता है। ये सब बातें एनपीएस में शामिल नहीं हैं।  

भाजपा को उठाना पड़ सकता है सियासी नुकसान

ओपीएस के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) की संचालन समिति के राष्ट्रीय संयोजक एवं स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद 'जेसीएम' के सचिव शिवगोपाल मिश्रा ने कहा था, लोकसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन लागू नहीं होती है तो भाजपा को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कर्मियों, पेंशनरों और उनके रिश्तेदारों को मिलाकर यह संख्या दस करोड़ के पार चली जाती है। चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के लिए यह संख्या निर्णायक है। 

केंद्र के सभी मंत्रालय/विभाग, रक्षा कर्मी (सिविल), रेलवे, बैंक, डाक, प्राइमरी, सेकेंडरी, कालेज एवं यूनिवर्सिटी टीचर, दूसरे विभागों एवं विभिन्न निगमों और स्वायत्तशासी संगठनों के कर्मचारी, ओपीएस पर एक साथ आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा एनपीएस में चाहे जो भी सुधार किया जाए, कर्मियों को वह मंजूर नहीं है। कर्मियों का केवल एक ही मकसद 'पुरानी पेंशन योजना' को बहाल कराना है।  


पेंशन न तो एक इनाम है और न ही अनुग्रह

भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश बीडी चंद्रचूड, जस्टिस बीडी तुलजापुरकर, जस्टिस ओ. चिन्नप्पा रेड्डी एवं जस्टिस बहारुल इस्लाम शामिल थे, के द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत रिट पिटीशन संख्या 5939 से 5941, जिसको डीएस नाकरा एवं अन्य बनाम भारत गणराज्य के नाम से जाना जाता है, में दिनांक 17 दिसंबर 1981 को दिए गए प्रसिद्ध निर्णय का उल्लेख करना आवश्यक है। इसके पैरा 31 में कहा गया है, चर्चा से तीन बातें सामने आती हैं। एक, पेंशन न तो एक इनाम है और न ही अनुग्रह की बात है जो कि नियोक्ता की इच्छा पर निर्भर हो। यह 1972 के नियमों के अधीन, एक निहित अधिकार है जो प्रकृति में वैधानिक है, क्योंकि उन्हें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 के खंड '50' का प्रयोग करते हुए अधिनियमित किया गया है। पेंशन, अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं है, बल्कि यह पूर्व सेवा के लिए भुगतान है। यह उन लोगों के लिए सामाजिक, आर्थिक न्याय प्रदान करने वाला एक सामाजिक कल्याणकारी उपाय है, जिन्होंने अपने जीवन के सुनहरे दिनों में, नियोक्ता के इस आश्वासन पर लगातार कड़ी मेहनत की है कि उनके बुढ़ापे में उन्हें ठोकरें खाने के लिए नहीं छोड़ दिया जाएगा।


भीड़ अपनी चरम पर देखें फोटो वीडियो 






Friday, July 7, 2023

अटेवा दिल्ली में एक अक्तूबर को करेगा पेंशन शंखनाद रैली, 30 जुलाई को लखनऊ में होगा महिला पेंशन अधिकार सम्मेलन

अटेवा दिल्ली में एक अक्तूबर को करेगा पेंशन शंखनाद रैली, 30 जुलाई को लखनऊ में होगा महिला पेंशन अधिकार सम्मेलन


लखनऊ। अटेवा पेंशन बचाओ मंच 30 जुलाई को लखनऊ में महिला पेंशन अधिकार सम्मेलन आयोजित करेगा। इसके बाद एक से नौ अगस्त के बीच सांसदों के आवास पर घंटी बजाकर पेंशन बहाली की मांग और एक अक्तबूर को दिल्ली में पेंशन शंखनाद रैली होगी।


मंच से जुड़े पदाधिकारियों की बृहस्पतिवार को हुई ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता करते हुए अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा से देश के शिक्षकों व कर्मचारियों में पेंशन बहाली के लिए नया जोश पैदा हुआ है। इसी क्रम में 30 जुलाई को महिला पेंशन अधिकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश भर की महिला शिक्षक व कर्मचारी शामिल होंगी।


 प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरज पति त्रिपाठी ने एक से नौ अगस्त तक पेंशन बहाली की मांग के लिए ज्ञापन के कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि नई दिल्ली में एक अक्टूबर को होने वाली रैली पेंशन बहाली में मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में डॉ. आशाराम, चंद्रहास, संदीप वर्मा, डॉ नीलम तिवारी, रंजना सिंह, कुलदीप सैनी, डा. निर्भय गुर्जर, वीरेंद्र पटेल, रजत प्रकाश, संजय उपाध्याय, सुमन कुरील, जनार्दन शुक्ला उपस्थित थे।


Monday, May 22, 2023

एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा चार जून से

एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा चार जून से


लखनऊ । एक जून से एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा प्रारंभ होगी, जो देश के विभिन्न प्रांतों से होकर जाएगी और शिक्षक व कर्मचारियों को जागरूक करेगी। उत्तर प्रदेश में यात्रा चार जून से बलिया से प्रारंभ होगी।


अटेवा पेंशन बचाओ मंच की रविवार को प्रदेश कार्यकारिणी, मंडल व जिला संयोजकों की सिंचाई विभाग के सभागार में आयोजित बैठक में अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली प्रमुख मुद्दा होगा।


 उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों का संवैधानिक हक है। जब देश के छह राज्य पुरानी पेंशन लागू कर सकते हैं तो उत्तर प्रदेश क्यों नहीं? प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ राजेश कुमार ने कहा कि पेंशन यात्रा उत्तर प्रदेश में चार जून से बलिया से प्रारंभ होकर विभिन्न जिलों से होते हुए उत्तराखंड की ओर प्रस्थान करेगी। प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येन्द्र राय व प्रदेश मंत्री संजय उपाध्याय ने शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों से पेंशन यात्रा को सफल बनाने की अपील की।



पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर और NPS/ निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा के प्रदेश में प्रवेश के संबंध में अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने पत्र लिखकर सीएम योगी को कराया अवगत