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Wednesday, March 31, 2021

फतेहपुर : इतनी संख्या में ट्रेनिंग दे दी कि अब सबक याद रखना हुआ मुश्किल!

फतेहपुर : इतनी ट्रेनिंग दे दी कि अब सबक याद रखना मुश्किल!

फतेहपुर : पिछले कई माह के दौरान परिषदीय शिक्षकों को इतनी अधिक ट्रेनिंग दे दी गई हैं कि अब शिक्षण के दौरान इनकों लागू करना एवं इनके सबक को याद रखना काफी मुश्किल होने लगा है। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि इतने अधिक आनलाइन व आफलाइन प्रशिक्षण सत्रों का लगातार जारी रखना समझ से परे है। प्रशिक्षण से हासिल किए गए सबक को कक्षा में कैसे लागू किया जाए, अब इसकी चुनौती है।


बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष मार्च में निष्ठा नामक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की थी। बीआरसी में आयोजित हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ही कोरोना वायरस के प्रसार के चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद विभाग ने इस प्रशिक्षण को आनलाइन मोड में करते हुए 18 माड्यूल पर आधारित कर दिया। प्रत्येक माड्यूृल तीन से चार घंटे का है। निर्धारित समय में इन 18 माड्यूल की आनलाइन ट्रेनिंग करने के बाद शिक्षकों को अन्य 25 आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरा करने का दायित्व सौंपा गया। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने के लिए समय भी नियत किया गया। लगभग हर हफ्ते दो प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। कुछ महीनों में ही दर्जनों प्रशिक्षण कार्यक्रम ज्वाइन करने के बाद शिक्षकों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि आखिर इन प्रशिक्षणों से सीखे गए सबक को शिक्षण प्रक्रिया में लागू तो करने दिया जाए।


अन्य प्रशिक्षण व यूट्यूब सत्र भी किए

विभाग ने विद्यालय नेतृत्व व समेकित शिक्षा समेत अन्य आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं। आगामी 31 मार्च तक इन ट्रेनिंग सत्रों को पूरा करने की अवधि निर्धारित की गई है। विभाग ने आनलाइन ट्रेनिंग के अलावा नियमित अंतराल पर यू ट्यूब सत्रों का भी आयोजन कर शिक्षकों को सेशन पूरे कराए।

आफलाइन ट्रेनिंग भी है जारी

मार्च आते ही आफलाइन ट्रेनिंग का दौर भी जारी है। कई ब्लॉकों में आधारशिला क्रियान्वयन, प्रिंट रिच व समृद्ध माड्यूल तथा एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण सत्रों का भी दौर जारी था लेकिन होली अवकाश के चलते फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

राजधानी के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की कर रहे तैयारी

राजधानी के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की कर रहे तैयारी



शहर के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को निजी स्कूलों के संगठन-‘अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन’ (अप्सा) की हुई वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदेश के अन्य जिलों के स्कूलों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।


एक साल बाद पहली बार ऐसा होगा जब स्कूलों में एक साथ मॉन्टेसरी से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों की पढ़ाई शुरू होगी। हालांकि जूनियर कक्षाओं के लिए अभी ऑनलाइन पढ़ाई का क्रम भी समानांतर जारी रहेगा। स्कूल खोलने का निर्णय लेने के बाद स्कूलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अप्सा के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि शासन ने चार अप्रैल तक कक्षा आठ तक के विद्यालयों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसका पालन करते हुए नए शैक्षणिक सत्र में पांच अप्रैल से सभी स्कूल खुल जाएंगे। हालांकि स्कूल अपनी सहूलियत के अनुसार एक अप्रैल से खुलेंगे तो उनमें प्रशासनिक कार्य होगा। विधिवत पढ़ाई पांच से ही प्रारंभ होगी। इस दौरान जिन स्कूलों में रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं, वहां स्टाफ रिजल्ट तैयार करने से लेकर दाखिले की प्रकिया पूरी करेगा।


सीनियर कक्षाओं में होगी फुल स्ट्रेंथ
अनिल अग्रवाल ने बताया कि सीनियर कक्षा नौ से 12 तक में फुल स्ट्रेंथ में पढ़ाई शुरू होगी। जबकि मॉन्टेसरी से कक्षा आठ तक के आधे-आधे छात्रों को बुलाया जाएगा। वहीं जिन स्कूलों में इंफ्राट्रक्चर बढ़िया है वे फुल स्ट्रेंथ में बच्चों को बुला सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान ऑनलाइन गतिविधियां भी जारी रहेंगी। एक-डेढ़ हफ्ते बाद इनमें भी सभी बच्चे एक साथ आना शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना की रोकथाम के सारे इंतजाम पूर्व की भांति ही किए जाएंगे। मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रहेगा। वहीं कई स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों से सहमति मांगी है।


मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई छह से
वहीं मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई छह और सात अप्रैल से शुरू होंगी। यहां पर गुड फ्राइडे को लेकर आयोजन व तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद ही कुछ छह तो कुछ सात अप्रैल से खुलेंगे। कैथेड्रल, ला मार्ट, सेंट फ्रांसिस समेत अन्य मिशनरी स्कूल छह और सात अप्रैल से खुलेंगे।


टीकाकरण के लिए शासन को भेजी जाएगी सूची
अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों को कोविड टीका लगाने के लिए शासन को लिस्ट भेजी जाएगी। स्कूलों से इसका ब्यौरा मांगा गया है। शिक्षकों की सूची शासन को भेज दी जाएगी, जिनकी टीका लगाने की व्यवस्था अस्पताल में की जाएगी। टीकाकरण होने से अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

शुरू हुई 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया, जानिए कैसे भरना होगा आनलाइन आवेदन

शुरू हुई 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया, जानिए कैसे भरना होगा आनलाइन आवेदन




लखनऊ : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के करीब 53 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिलेवार भर्ती विज्ञापन जारी होने लगे हैं। इस बार भर्ती के आवेदन आनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन के लिए 21 दिन का समय मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए 45 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है।


दरअसल, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के करीब 53 हजार पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार ने इसी साल 29 जनवरी को चयन प्रक्रिया निर्धारित की है। सभी जिलों में डीएम की देखरेख में चयन समिति गठित कर पदों की भर्ती के निर्देश दिए गए हैं। चयन समिति की संस्तुति पर डीएम के अनुमोदन के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। डीएम की देखरेख में गठित चयन समिति में जिले में तैनात समूह ‘क’ व ‘ख’ संवर्ग की महिला अफसर भी सदस्य बनाई गई हैं। नई चयन प्रक्रिया मे बीपीएल परिवारों की अभ्यर्थियों की वरीयता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों के लिए सालाना आय सीमा 46,080 व शहरी क्षेत्रों के लिए आय सीमा 56,460 रुपये तय की गई है।


जिलेवार विज्ञापन जारी होना शुरू 45 दिन में प्रशासन को पूरी करनी होगी भर्ती प्रक्रिया

ऐसे भरना होगा आनलाइन आवेदन
आनलाइन आवेदन पत्र चार भागों में भरा जाएगा। पंजीकरण के भाग एक में उम्मीदवार का व्यक्तिगत विवरण दर्ज होगा। आवेदिका से दिए गए विवरण की जांच करने और आवेदन पत्र में अंकित विवरण में यदि कोई संशोधन हो तो उसे करने के लिए कहा जाएगा। भविष्य के संदर्भो के लिए पंजीकरण नंबर जरूरी है। पंजीकरण के दूसरे भाग में शैक्षिक योग्यता भरनी होगी। ग्रेड/सीजीपीए और प्रतिशत की गणना स्वचालित रूप से हो जाएगी। तीसरे भाग में फोटोग्राफ और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। फोटोग्राफ का डिजिटल आकार 20 केबी से अधिक नहीं होना चाहिए। हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे। चौथे भाग में घोषणा के लिए सहमत होना होगा। आवेदन की अंकित तिथि से पहले भविष्य में सुधार करने के लिए ‘सेव ड्राफ्ट’ का बटन दबा सकते हैं। अंत में ‘फाइनल सबमिट’ के बाद फार्म में संशोधन नहीं किया जाएगा।


अब बेसिक शिक्षकों व कर्मियों को वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, मानव सम्पदा पे रोल से मिलेगा वेतन

अब बेसिक शिक्षकों व कर्मियों को वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, मानव सम्पदा पे रोल से मिलेगा वेतन


प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों को जल्द ही मानव सम्पदा पोर्टल के जरिए वेतन भुगतान किया जाएगा। समय-समय पर वेतन में होने वाली वृद्धि और महंगाई भत्ता जुड़वाने के लिए भी उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अनायास आफिसों का चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी। अभी इसकी शुरुआत सिर्फ लखनऊ में बख्शी का तालाब ब्लॉक में होने जा रही है।


स्कूल शिक्षा महानिदेशक की तरफ से जारी पत्र में बताया गया है कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणोतर कर्मचारियों के वेतन भुगतान के बिल अभी ब्लॉक स्तर पर बनाए जाते हैं। इसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन होता है। इसमें लंबा समय लगता है। वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए भी वित्त एवं लेखा अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे मुक्ति दिलाने के लिए ही नई व्यवस्था शुरू करने की कवायद चल रही है। अब वेतन बिल बनाने में छुट्टियों का भी घालमेल नहीं होगा। इसकी वजह यह कि शिक्षकों की अवकाश स्वीकृति भी मानव संपदा पोर्टल के जरिए होती है।

फतेहपुर : दोआबा के 73 बेसिक शिक्षक समेत 90 शिक्षक आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त

फतेहपुर : दोआबा के 73 बेसिक शिक्षक समेत 90 शिक्षक आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त।


फतेहपुर : दोआबा के 90 शिक्षक-शिक्षिकाएं आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त।


फतेहपुर : दोआबा के 90 शिक्षक-शिक्षिकाएं 31 मार्च यानि आज सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनकी पेंशन और जीपीएफ की पत्रावलियां संस्तुति कर भेज दी गईं हैं। बेसिक की कुछ फाइलों में आपत्ति मिलने पर ब्लाक मुख्यालयों को वापस भेजी गई हैं। शिक्षक संगठन सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय देयक दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय स्कूलों के कुल 73 शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जिसमें सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक शामिल हैं। जिनमें वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा 62 पत्रावलियों को संस्तुति के साथ प्रयागराज भेजा जा चुका है। नौ फाइलों में आपत्तियां मिलने के कारण विजयीपुर ब्लाक को वापस किया गया है। इसी तरह से एक फाइल मलवां ब्लाक मुख्यालय को वापस की गई है। वित्त एवं लेखाधिकारी विनय कुमार प्रजापति ने बताया कि 62 फाइलों को पूर्ण कर संस्तुति दे दी गई है। पत्रावलियां तैयार हो चुकी हैं। पेंशन के लिए निदेशालय भेज दिया गया है। शेष फाइलें वापस आने पर आगे की प्रक्रिया कर दी जाएगी। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री विजय त्रिपाठी ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को देयक की प्रक्रिया कार्यालय से पूरी हो रहीं हैं। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में सभी शिक्षकों को देयक दिला दिया जाएगा। बीएसए का कहना है कि यह 73 शिक्षक-शिक्षिकाएं 31 मार्च तक सेवा में रहेंगे। उसके बाद रिटायर होने के बाद की योजनाओं का लाभ मिलेगा।

माध्यमिक के 17 शिक्षक होंगे सेवानिवृत्त

बेसिक विभाग के साथ साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग के भी 17 शिक्षक शिक्षिकाएं 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला ने बताया कि हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के 17 शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवा से निवृत्त हो रहे हैं। विभाग द्वारा 16 शिक्षकों के देयक की फाइल संस्तुति के साथ प्रयागराज को भेजी जा चुकी है। एक शिक्षक की पत्रावलियों कार्यालय न पहुंचने से देर हो रही है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय पर देयक दिलाने के लिए संगठन का एक दल प्रयागराज उप शिक्षा निदेशक से मुलाकात भी की जा चुकी है।

कक्षाओं के शुरू होने को लेकर संशय

परिषदीय स्कूलों में होली से पहले ही करीब एक सप्ताह का अवकाश हो गया था। कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दी गई थी। आदेश में पहली अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत होने की बात भी कही गई है। सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने का आदेश महानिदेशक ने भेजा था। लेकिन कोरोना वायरस बढ़ रहा है, इसको लेकर कक्षाएं शुरू होने पर संशय की स्थिति है। बीएसए ने बताया कि नया कोई आदेश नहीं आया है। पुराने में ही अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू होने का जिक्र है।

यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती के खाली 5,100 शिक्षक पद वेटिंग लिस्ट से भरेंगे, एसटी की सीटें एससी में बदलेंगी

यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती के खाली 5,100 शिक्षक पद वेटिंग लिस्ट से भरेंगे, एसटी की सीटें एससी में बदलेंगी

बहुत कम अंकों से चूके युवाओं को मिल सकेगी नौकरी 


यूपी बेसिक शिक्षा विभाग की 69,000 शिक्षक भर्ती में खाली रह गए करीब 5,100 पद वेटिंग लिस्ट से भरे जाएंगे। इसके लिए एक महीने के भीतर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ़ सतीश द्विवेदी ने बताया कि भर्ती के लिए क्वॉलिफाई अभ्यर्थियों की सूची से ये पद भरे जाएंगे।


सहायक शिक्षक के 69,000 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में 1.46 लाख अभ्यर्थियों ने क्वॉलिफाई किया था। लिखित परीक्षा के अंकों और अकैडमिक परफॉर्मेंस के आधार पर मेरिट तैयार की गई थी। भर्ती सुप्रीम कोर्ट में फंस गई थी, इसलिए इन पदों पर दो चरणों में भर्ती की गई थी। इसके बाद लगभग 4,000 पद खाली रह गए हैं।


बहुत कम अंकों से चूके युवाओं को नौकरी
सतीश द्विवेदी ने बताया कि पहले पद खाली रहने पर इन्हें अगली भर्ती में शामिल किया जाता था। लेकिन, सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अगर परीक्षा के आधार पर योग्य अभ्यर्थी बचे हैं तो खाली पद उन्हीं से भरे जाएं। इसलिए वेटिंग लिस्ट से बचे पदों पर भर्ती की जाएगी। ऐसे में बहुत कम अंकों से चूक गए युवाओं को नौकरी का मौका मिल सकेगा।


एसटी की सीटें एससी में बदलेंगी
मंत्री ने बताया कि भर्ती के दौरान एसटी के लिए आरक्षित 1,133 पदों के लिए अभ्यर्थी नहीं मिले। इन पदों को एससी में परिवर्तित किया जाएगा और मेरिट के आधार पर एससी अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए न्याय विभाग से राय मांगी गई है। इसके आधार पर भर्ती की आगे बढ़ाई जाएगी।

Tuesday, March 30, 2021

सभी केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन की तारीख जारी, एक अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया होगी शुरू


सभी केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन की तारीख जारी, एक अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया होगी शुरू


केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सभी केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की तिथि जारी कर दी है। इच्छुक अभिभावक एक अप्रैल से कक्षा एक के लिए नामांकन फॉर्म भर सकते हैं। कक्षा एक के लिए ऑनलाइन फार्म ही भरे जायेंगे। ऑनलाइन फार्म के लिए केवीएस ने एप भी जारी किया है। अभिभावक एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। 


ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण के कारण इस बार केंद्रीय विद्यालय में नामांकन देरी से होगा। अब तक मार्च में नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली जाती थी, लेकिन इस बार अभिभावकों को अप्रैल से मई तक नामांकन के लिए इंतजार करना होगा। कक्षा एक के लिए kvsonlineadmission.kvs.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। केवीएस द्वारा हर कक्षा के लिए अलग-अलग फॉर्म जारी किए गए हैं। फार्म की संख्या देखकर ही नामांकन फार्म भरना होगा।


बोर्ड रिजल्ट के बाद निकलेगा 11वीं के लिए आवेदन 
केवीएस की मानें तो 10वीं बोर्ड रिजल्ट आने के दस दिन के अंदर 11वीं में नामांकन की तिथि जारी होगी। केंद्रीय विद्यालय के छात्र और छात्रा का पंजीकरण पहले होगा। गैर केवी वाले छात्रों को तभी मौका मिलेगा जब संबंधित केवी में जगह खाली रहेगी। 11वीं में प्रवेश की अंतिम तिथि दसवीं रिजल्ट जारी होने के 30 दिनों के अंदर ही रहेगा। 

नामांकन के लिए निर्धारित
● कक्षा एक के लिए पंजीकरण (ऑनलाइन) शुरू - एक अप्रैल 
● कक्षा एक के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि  - 19 अप्रैल 
● प्रथम लिस्ट  -  23 अप्रैल को जारी 
● द्वितीय लिस्ट  -  30 अप्रैल को जारी
● तृतीय लिस्ट   - पांच मई को जारी 
● शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत नामांकन को आवेदन - 15 मई से 20 मई 
● कक्षा दो तथा अन्य कक्षाओं का पंजीकरण (ऑफलाइन) - आठ अप्रैल से 15 अप्रैल तक 
● कक्षा दो तथा आगे की कक्षाओं के लिए सूची जारी - 19 अप्रैल को 
● कक्षा दो तथा आगे की कक्षाओं के लिए प्रवेश - 20 से 27 अप्रैल 
● कक्षा तीन से नौवीं तक प्रवेश की अंतिम तिथि  -  31 मई 
 

Monday, March 29, 2021

69000 शिक्षक भर्ती के तहत दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद खाली शिक्षकों के 5764 पदों को लेकर अभ्यर्थियों में बढ़ी रार

69000 शिक्षक भर्ती के तहत दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद खाली शिक्षकों के 5764 पदों को लेकर अभ्यर्थियों में बढ़ी रार


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती के तहत दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद खाली सहायक अध्यापकों के 5764 पदों को लेकर रार बढ़ गई है। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने पिछले दिनों रिक्त पदों पर तीसरी काउंसिलिंग कराने की घोषणा की है, जिससे भर्ती में आरक्षण की अनदेखी का दावा करने वाले अभ्यर्थियों में नाराजगी है।


आरक्षण तथा एमआरसी लीगल टीम के मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी का कहना है कि 17 मार्च की सुनवाई में लखनऊ हाईकोर्ट ने 12 अप्रैल से पूर्व 27% आरक्षण के साथ ओबीसी वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों की सूची तथा 21% आरक्षण के साथ चयनित एससी वर्ग के अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराने के आदेश सरकार को दिए थे।


साथ ही अनारक्षित वर्ग के कटऑफ 67.11 से ऊपर सभी कैटेगरी के लगभग 28000 ओवरलैप अभ्यर्थियों की सूची भी तलब की है। लेकिन सरकार ने जवाब देने की बजाय तीसरी काउंसिलिंग की घोषणा कर दी। हालांकि इससे प्रतीक्षा सूची वाले अभ्यर्थियों में खुशी है। वे अभ्यर्थी भी खुश हैं जो एसटी की 1133 रिक्त सीटों को एससी में बदलते हुए भर्ती की मांग कर रहे थे।


सवा महीने और बढ़ गया भर्ती का इंतजार
69000 शिक्षक भर्ती की तीसरी काउंसिलिंग से उम्मीद लगाए अभ्यर्थियों का इंतजार सवा महीने और बढ़ गया है। पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के कारण तीसरी काउंसिलिंग 2 मई से पहले होना मुमकिन नहीं दिख रही।

Sunday, March 28, 2021

69000 भर्ती में अनियमितताओं व लापरवाही बरतने के चलते जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा को दोषी पाए जाने पर पद से हटाते हुए किया गया सम्बद्ध

69000 भर्ती में अनियमितताओं व लापरवाही बरतने के चलते जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा को दोषी पाए जाने पर पद से हटाते हुए किया गया सम्बद्ध



इंटर के बाद शिक्षक प्रशिक्षण लेने वाले चयनितों को नियुक्ति देने का हाईकोर्ट का आदेश

इंटर के बाद शिक्षक प्रशिक्षण लेने वाले चयनितों को नियुक्ति देने का हाईकोर्ट का आदेश



इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंटर मीडिएट के बाद शिक्षक प्रशिक्षण का डिप्लोमा या डिग्री लेने वालों को सहायक पद पर नियुक्ति के लिए योग्य मानते हुए  चयनित याची शिक्षकों को एक माह में नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इनको नियुक्ति पत्र देने से यह कह कर इंकार कर दिया था कि उन्होंने स्नातक किए बिना ही शिक्षण प्रशिक्षण प्राप्त किया है इसलिए नियुक्ति के लिए अर्ह नहीं हैं। सोनी व दो अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने यह आदेश दिया। 


याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याचीगण ने 2019 की सहायक अध्यापक परीक्षा उत्तीर्ण की है। बीएसए मैनपुरी ने उनको यह कहते हुए नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया कि स्नातक की डिग्री के बिना प्रशिक्षण प्राप्त करने के कारण वह नियुक्ति की अर्हता नहीं रखते हैं।


अधिवक्ता का कहना था कि विक्रम सिंह व चार अन्य तथा सूरज कुमार त्रिपाठी केस में हाईकोर्ट ने इसका समाधान कर दिया है कि एनसीटीई की गाइड लाइन के अनुसार इंटर मीडिएट के बाद प्रशिक्षण डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थी सहायक अध्यापक नियुक्त होने के लिए अर्ह हैं। ऐसे में बीएसए द्वारा नियुक्ति पत्र न देना अवैधानिक है। कोर्ट ने पूर्व में पारित आदेशों को दृष्टिगत रखते हुए याचीगण को एक माह में नियुक्तिपत्र जारी करने का आदेश दिया है।

शिक्षामित्रों को नहीं मिल पाया मानदेय, होली हुई बेरंग

शिक्षामित्रों को नहीं मिल पाया मानदेय, होली हुई बेरंग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षामित्र इस बार दो महीने से मानदेय न मिलने से परेशान हैं। सरकार ने सभी कर्मचारियों को होली से पहले वेतन, मानदेय देने का निर्देश दिया था किंतु विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण लगभग एक लाख तीस हजार शिक्षामित्रों को फरवरी और मार्च माह का मानदेय नहीं मिल सका है। जिसके कारण शिक्षामित्रों के परिवार में होली का त्यौहार सूना है।


 उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष लखनऊ सुशील कुमार यादव ने बताया की मुख्यमंत्री ने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किया था की होली के त्यौहार से पहले सबको वेतन व मानदेय मिल जाना चाहिए, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शिक्षामित्रों को फरवरी एवं मार्च माह का मानदेय नहीं मिल पाया है। जिसके कारण सभी शिक्षामित्रों के परिवार में होली का त्यौहार सूना है। 



संघ मुख्यमंत्री से मांग करता है कि होली से पहले मानदेय जारी न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। जिससे भविष्य में ऐसा दोबारा ना हो।

कस्तूरबा विद्यालयों में अब इंटर तक मुफ्त पढ़ाई

कस्तूरबा विद्यालयों में अब इंटर तक मुफ्त पढ़ाई


प्रदेश के गरीब परिवारों की बेटियों को आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए अब मन नहीं मारना होगा बल्कि वे 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। प्रदेश के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों (केजीबीवी) को कक्षा 12 तक करने की तैयारी है। उन 134 ब्लॉकों में भी केजीबीवी खोले जाएंगे जहां एक भी केजीबीवी नहीं है। इस व्यवस्था से केजीबीवी में पढ़ने वाली 80 हजार बेटियों को लाभ होगा। प्रदेश में कुल 746 केजीबीवी हैं।
ये स्कूल शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉकों व नगरीय क्षेत्रों में स्थापित किए हैं। यहां बालिकाओं को कक्षा छह से आठ तक की निःशुल्क आवासीय शिक्षा दी जाती है। कक्षा आठ के बाद लड़कियों को मन मारकर अपने घर जाना पड़ता था क्योंकि उनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने के लिए बाहर नहीं भेज सकते हैं।

प्रयागराज : बीईओ पर कमीशन मांगने का आरोप, जांच करेगी कमेटी

प्रयागराज : बीईओ पर कमीशन मांगने का आरोप, जांच करेगी कमेटी


प्रयागराज : खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) कौंधियारा अतुल दत्त तिवारी द्वारा मिड डे मील की अवशेष धनराशि न देने, स्कूल ड्रेस में कमीशन मांगने, वार्षिक वेतन वृद्धि बहाल न करने, जीपीएफ पेंशन आदि में रुपये मांगने के आरोप की जांच दो सदस्यीय कमेटी करेगी। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने बीईओ करछना संतोष श्रीवास्तव और बीईओ चाका डॉ. संतोष यादव को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने को कहा है।


कौंधियारा के प्राथमिक विद्यालय डाही (संविलियन) के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय टिकरी के प्रधानाध्यापक कमल सिंह, प्राथमिक विद्यालय देवरी के प्रधानाध्यापक पुष्पराज केसरवानी, प्राथमिक विद्यालय सिटकहिया की प्रधानाध्यापिका कमलेश श्रीवास्तव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय (संविलियन) बरौली की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका प्रमिला सिंह और प्राथमिक विद्यालय ढोढरी की सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका पुष्पा देवी ने कैबिनेट सिद्धार्थनाथ सिंह से बीईओ के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।

Saturday, March 27, 2021

कोरोना का फैलाव : सचिवालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 15 अधिकारी - कर्मचारी संक्रमित, दफ्तर सील

कोरोना का फैलाव  : सचिवालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 15 अधिकारी - कर्मचारी संक्रमित, दफ्तर सील


लखनऊ। प्रदेश में शुक्रवार को खाद्य रसद विभाग सचिवालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, डीआरएम एनईआर के ऑफिस में कई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सभी कार्यालय सील कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सचिवालय में स्थित खाद्य एवं रसद विभाग में 13 कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनकी जांच 24 मार्च को हुई थी। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 15 अधिकारी-कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए हैं। 


एक साथ 15 अधिकारियों-कर्मचारियों पॉजिटिव पाए जाने की सूचना के बाद निदेशालय में हड़कंप मच गया । आनन-फानन निदेशालय को बंद करके, पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच कराई जा रही है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने दफ्तर दो दिन बंद रखने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय दफ्तर अब होली के बाद मंगलवार को खुलेगा।



यूपी बोर्ड के स्कूलों को नए शैक्षणिक सत्र की जानकारी नहीं, स्कूलों ने कहा- न किताबें न पाठ्यक्रम, एक अप्रैल से करना क्या है?

यूपी बोर्ड के स्कूलों को नए शैक्षणिक सत्र की जानकारी नहीं, स्कूलों ने कहा- न किताबें न पाठ्यक्रम, एक अप्रैल से करना क्या है?


लखनऊ। यूपी बोर्ड के स्कूलों को एक अप्रैल से शुरू होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र की कोई जानकारी नहीं है। न तो विभाग ने अभी एकेडमिक कैलेंडर जारी नहीं किया है और न ही किताबें आई हैं। ऐसे में स्कूलों के सामने बगैर कैलेंडर के अगले सत्र की पढ़ाई कैसे शुरू की जाए, सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है, जबकि बोर्ड ने जो माहवार पाठ्यक्रम जारी किया है उसमें पढ़ाई जुलाई से मार्च तक का दिया गया है।


एक हफ्ते बाद नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। सीबीएसई व आईसीएससी के अधिकतर स्कूल पांच अप्रैल से खुल रहे हैं। इन सभी बोर्ड की किताबें भी बाजार में आ गई हैं, लेकिन यूपी बोर्ड के स्कूलों को जानकारी नहीं है कि उन्हें करना क्या है? विभाग की तरफ से न तो एकेडमिक कैलेंडर जारी हुआ है और न ही किताबें बाजार में आई हैं। स्कूलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे एक अप्रैल से स्कूल तो खोलेंगे, लेकिन क्या पढ़ाएंगे विभाग की तरफ से इसकी जानकारी नहीं दी गई है। विभाग की तरफ से पाठ्यक्रम जारी होता है। किस माह में क्या पढ़ाना है। वहीं बोर्ड की तरफ से यह भी बताया जाता है कि उन्हें किन प्रकाशकों की किताबें खरीदनी हैं। बोर्ड ने अभी तक प्रकाशकों की न तो सूची भेजी है और न ही कोई भी किताब बाजार में उपलब्ध है। अमीनाबाद इंटर


कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि अभी 31 मार्च तक ही विद्यालय बंद करने के आदेश हैं। ऐसे में हम एक अप्रैल से स्कूल खोलने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बच्चों को क्या पढ़ाना है इसकी जानकारी बोर्ड से नहीं आई है।


जुलाई से मार्च तक का ही पाठ्यक्रम

बोर्ड ने माहवार पाठ्यक्रम जारी किया है, लेकिन उसमें जुलाई से मार्च तक का ही पाठ्यक्रम दिया गया है। अप्रैल और मई माह में छात्रों को पाठ्यक्रम का कौन सा हिस्सा पढ़ाया जाना है इसका उल्लेख नहीं है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। स्कूलों को इसकी भी जानकारी नहीं है कि कहीं सत्र एक जुलाई से शुरू करने की योजना तो नहीं है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि जो भी पाठ्यक्रम जारी हुआ है उसे सभी स्कूलों को उपलब्ध करा दिया गया है। जैसे ही बोर्ड की तरफ से कोई जानकारी आएगी वह स्कूलों को उपलब्ध करा दी जाएगी।

- बुक बैंक से पढ़ाई की तैयारी

अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई पुरानी किताबें को एकत्रित कर शुरू कराई जा सकती है, लेकिन कक्षा नौ, 10, और 12वीं की पढ़ाई बिना किताबों के शुरू नहीं हो सकती है।

अंतर्जनपदीय तबादला तो हुआ लेकिन स्कूल आवंटन अब तक नहीं , वेतन भी लटका

 अंतर्जनपदीय तबादला तो हुआ लेकिन स्कूल आवंटन अब तक नहीं , वेतन भी लटका


वाराणसी: दूसरे जिलों से स्थानांतरित हो कर आए 51 शिक्षकों के बारे में यह तय नहीं हो सका है कि वे किस स्कूल में पढ़ाएंगे। उनके स्थानांतरण को एक माह से अधिक समय हो गया है। मगर उन्हें अभी तक स्कूल आवंटन नहीं हुआ है। जबकि उन्होंने जिले में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। 


ये शिक्षक अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं। इसमें से 18 शिक्षक ऐसे हैं, जो अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत वाराणसी में कार्यभार ग्रहण किया। इसके अलावा 33 ऐसे हैं, जो म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) के तहत वाराणसी भेजे गए थे।


अंतरजनपदीय स्थानांतरण में अन्य 48 को स्कूल आवंटित है। दूसरे 18 शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर कुछ विवाद है। म्यूचुअल ट्रांसफर वाले शिक्षकों में भी सेवा सम्बन्धी तकनीकी पेंच है। निदेशालय के निर्देश पर उनका स्कूल आवंटन रोक दिया गया है। उनके बारे में अलग से गाइडलाइन जारी होने की बात कही गई थी। स्कूल आवंटन न होने से इन शिक्षकों का वेतन भी फंसा हुआ है। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि शासन से गाइडलाइन आने पर ही कोई निर्णय हो सकेगा।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कार्यरत अधिकारियों / कर्मचारियों/ शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मार्च 2021 माह का वेतन भुगतान/ मानदेय होली के पूर्व कराये जाने के सम्बन्ध में

नवनियुक्त एलटी ग्रेड शिक्षकों और प्रवक्ताओं को होली के पहले वेतन

वित्तीय वर्ष 2020-21 में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कार्यरत अधिकारियों / कर्मचारियों/ शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मार्च 2021 माह का वेतन भुगतान/ मानदेय होली के पूर्व कराये जाने के सम्बन्ध में



शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड, प्रवक्ता संवर्ग के पदों पर लोक सेवा आयोग से चयनित एवं नवनियुक्त शिक्षकों का होली से पहले वेतन भुगतान का निर्देश दिया है। निदेशक माध्यमिक के निर्देश पर अपर शिक्षा निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेेजे गए पत्र में कहा गया कि जिन शिक्षकों के सभी अंकपत्र, प्रमाणपत्र का सत्यापन संबंधित दस्तावेज बोर्ड से उनके कार्यालय को मिल गया है, उनका वेतन तत्काल कराएं। जिन शिक्षकों का सत्यापन अधूरा है, उसे पूरा करके नियमानुसार वेतन भुगतान कराएं। 


अपर निदेशक राजकीय ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों से निर्धारित प्रारूप पर शपथपत्र लेकर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा के निर्देश पर होली से पहले वेतन भुगतान कराएं। जिला विद्यालय निरीक्षक 27 मार्च तक अपर निदेशक राजकीय के कार्यालय को रिपोर्ट दें कि किसी नवनियुक्त शिक्षक का वेतन भुगतान शेष नहीं रह गया है। शपथपत्र में शिक्षकों से कहा गया कि वह शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन में विसंगति पर भुगतान की गई राशि राजकोष में जमा कर देंगे। सत्यापन गलत पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा।


अधीनस्थ सेवा से चयनित 25 एलटी ग्रेड शिक्षकों को वेतन जारी
शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड पद पर अधीनस्थ चयन बोर्ड से चयनित 25 शिक्षकों को वेतन भुगतान का आदेश जारी किया है। अपर निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल की ओर से 25 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि एलटी ग्रेड शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के बाद उनके वेतन भुगतान किया जा रहा है।

कोरोना की रफ्तार पकड़ने पर प्राइवेट स्कूलों ने फिर से ऑनलाइन क्लास चलाने पर शुरू किया विचार, परिषदीय विद्यालयों में भी ई पाठशाला को जारी रखने का निर्देश

कोरोना की रफ्तार पकड़ने पर प्राइवेट स्कूलों ने फिर से ऑनलाइन क्लास चलाने पर शुरू किया विचार, परिषदीय विद्यालयों में भी ई पाठशाला को जारी रखने का निर्देश


कोरोना बढ़ने के साथ-साथ अब स्कूलों ने फिर से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने पर विचार शुरू कर दिया है। अन एडेड स्कूल एसोसिएशन ने जहां 30 मार्च को इस मामले पर अहम बैठक बुलाई है वहीं मिशनरी स्कूलों ने जूनियर तक की कक्षाओं को ऑनलाइन ही चलाने की तैयारी की है। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में भी अब फिर से ऑनलाइन घर से पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है।


कोरोना बढ़ने से स्कूल संचालक तथा बच्चों के अभिभावक दोनों चिंतित हैं। गुरुवार को सिटी मांटेसरी स्कूल के शिक्षकों के पॉजिटिव मिलने के बाद अब राजधानी के स्कूल संचालकों के साथ अभिभावकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। कई अभिभावक भी ऑनलाइन क्लास की ही मांग कर रहे थे।

स्कूल संचालक जहां फिर से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने पर विचार कर रहे हैं, वहीं सरकारी प्राइमरी स्कूलों में भी इसको लेकर मंथन शुरू हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में मीटिंग भी की है। जिसमें उन्होंने घरकी पढ़ाई अभियान पर जोर दिया है। घर की पढ़ाई के लिए ई पाठशाला के साथ ही व्हाट्सएप क्लास जारी रखने का निर्देश दिया गया है। इसी के साथ महानिदेशक ने बच्चों के अभिभावकों को व्हाट्सएप क्लास से जोड़े रखने को कहा है ताकि समय पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सके।


सरकारी प्राइमरी स्कूलों के 20% बच्चों तक भी नहीं पहुंच पाई ऑनलाइन पढ़ाई

प्राइवेट तथा मिशनरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों ने कुछ हद तक ऑनलाइन पढ़ाई जरूर की है। लेकिन सरकारी प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को कुछ नहीं मिला है। क्योंकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे गरीब तबके के होते हैं। इनके पास मोबाइल, लैपटॉप और कनेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाया। इनके परिवारीजनों ने भी इनकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी 20% तक की पहुंच का दावा करते हैं। लेकिन यह आंकड़े भी सही नहीं है । ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं हुई । अब अगर फिर से सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई तो बच्चों का अगला सत्र भी खराब होना तय है।


पांच अप्रैल से कक्षाएं शुरू करने की योजना में हो सकता है बदलाव

मिशनरी स्कूल एक से पांच अप्रैल के बीच में खुल रहे हैं। सेंट फ्रांसिस स्कूल में एक शिक्षक के पॉजिटिव आने के बाद अब स्कूलों ने फिर से बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की तैयारी कर ली है। हालांकि पहले सेंट फ्रांसिस ने पांच अप्रैल से ऑफलाइन कक्षाएं चलाने की बच्चों को जानकारी दी थी। लेकिन अब इसमें बदलाव की तैयारी है। इस संबंध में अभी अभिभावकों को कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। सूत्रों ने बताया कि राजधानी के लगभग सभी मिशनरी स्कूलों ने कक्षा 8 तक के बच्चों की ऑनलाइन ही कक्षाएं चलाने की तैयारी की है। ऐसे में फिर से बच्चों को ऑनलाइन क्लास लेनी पड़ सकती है।

चंदौली : कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी

चंदौली : कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी


बिना अंक के प्रमोट होने वाले छात्रों को भी मिलेगी छात्रवृत्ति, वर्ष 2019-20 के अंकों के अधार पर बनेगी मेरिट, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने नियमावली की शिथिल

बिना अंक के प्रमोट होने वाले छात्रों को भी मिलेगी छात्रवृत्ति, वर्ष 2019-20 के अंकों के अधार पर बनेगी मेरिट, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने नियमावली की शिथिल

लखनऊ : सरकार महामारी के कारण बिना परीक्षा व अंक मिले ही प्रमोट होने वाले छात्र-छात्राओं को भी अब दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ देगी। यह लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो पिछले वर्ष छात्रवृत्ति पा चुके हैं और इस वर्ष उन्होंने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। इसके लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की नियमावली शिथिल कर दी है। अब वर्ष 2019- 20 की मेरिट के आधार पर छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।


 समाज कल्याण विभाग के बाद अब पिछड़ा वर्ग कल्याण ने भी दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में नवीनीकरण वाले छात्रों को राहत दे दी है। ऐसे छात्र जो परीक्षा दिए बिना अगली कक्षा में प्रमोट हुए हैं, उन्हें भी छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया जाएगा। शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण को वर्ष 2019 20 में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाकर छात्रवृत्ति देने के निर्देश दिए हैं।

यूपी बोर्ड ने मांगा शिक्षकों का ब्योरा, डीआईओएस से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का विवरण 10 अप्रैल तक अपडेट करने को कहा

यूपी बोर्ड ने मांगा शिक्षकों का ब्योरा, डीआईओएस से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का विवरण 10 अप्रैल तक अपडेट करने को कहा

प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 से पहले प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की सूची एवं शैक्षिक विवरण बोर्ड की वेबसाइट पर अपडेट करने का निर्देश दिया है। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जारी निर्देश में कहा गया कि प्रदेश के सभी राजकीय माध्यमिक, सहायता प्राप्त माध्यमिक, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सूची शैक्षिक विवरण के साथ पांच अप्रैल तक बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपडेट कर दें। बोर्ड के पास शिक्षकों का शैक्षिक विवरण होने पर उन्हें उनके विषय वाली परीक्षा से दूर रखा जा सकेगा। ऐसे में नकल की संभावना कम होगी। बोर्ड सचिव ने निर्देश दिया कि पांच अप्रैल के बाद परिषद की वेबसाइट बंद कर दी जाएगी। प्रधानाचार्यों से कहा गया कि वेबसाइट पर अपलोड शिक्षकों की सूची की प्रमाणित कॉपी सात अप्रैल तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दें। जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा गया कि वह विद्यालयों से मिली शिक्षकों की सूची को सत्यापित करते हुए 10 अप्रैल तक बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों में जमा कर दें।

Friday, March 26, 2021

गोरखपुर : नवीन BEO सह पूर्व में कार्यरत BEO को हुआ ब्लॉक आवंटन, आदेश देखें

गोरखपुर : नवीन BEO सह पूर्व में कार्यरत BEO को हुआ ब्लॉक आवंटन, आदेश देखें

दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी से किया इनकार


दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी से किया इनकार


उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने कहा है कि सरकार की उपेक्षा से शिक्षामित्र त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी नहीं करेंगे। संघ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में भी शिक्षामित्र ड्यूटी नहीं करेंगे। 



उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। अल्प वेतन में शिक्षामित्रों से शिक्षण कार्य के साथ चुनाव ड्यूटी का कार्य भी कराया जा रहा है। संघ ने निर्णय लिया है कि यदि शिक्षामित्रों की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे शिक्षण कार्य के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे।

KV Admission- केन्‍द्रीय विद्यालय में अप्रैल से शुरू होगी एडमिशन प्रक्रिया, जानें कब आएगा शिड्यूल?

KV Admission- केन्‍द्रीय विद्यालय में अप्रैल से शुरू होगी एडमिशन प्रक्रिया, जानें कब आएगा शिड्यूल?

केंद्रीय विद्यालयों में एक अप्रैल से शुरू होगी दाखिले की प्रक्रिया


लखनऊ। केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रहेंगी। छात्र और अभिभावक वेबसाइट www.kvsangathan.nic.in पर ऑनलाइन पंजीकरण के साथ दाखिले की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कक्षा एक में दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से एक अप्रैल सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगी। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 अप्रैल शाम सात बजे तक है। पहली चयनित छात्रों की सूची व वेटिंग लिस्ट 23 अप्रैल को जारी की जाएगी, जबकि दूसरी सूची 30 अप्रैल और तीसरी सूची पांच मई को जारी की जाएगी।

विभिन्न वर्ग व आरक्षित वर्ग के लिए भिन्न तिथियां हैं, जिसकी जानकारी के लिए वेबसाइट का अवलोकन करने के निर्देश दिए हैं वहीं, कक्षा दो और अन्य कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया 8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक होगी।

इन कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन मोड में होगी। इन कक्षाओं के लिए चयनित छात्रों की सूची 19 अप्रैल को शाम चार बजे जारी की जाएगी, जबकि प्रक्रिया 20 से 27 अप्रैल तक होगी। कक्षा 11 को छोड़ अन्य सभी कक्षाओं में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है। कक्षा 11 में दाखिले की प्रक्रिया बोर्ड परीक्षा के 10 दिन बाद शुरू होगी, जबकि 20 दिन बाद सूची जारी कर प्रवेश प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।


केन्‍द्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) में पहली कक्षा (First Class) के लिए अप्रैल से एडमिशन (Admission) की प्रक्रिया शुरू हो जाएगाी. इसका शिड्यूल इसी माह जारी कर दिया जाएगा.


नई दिल्‍ली. केन्‍द्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) में पहली कक्षा (First Class) के लिए अप्रैल से एडमिशन (Admission) की प्रक्रिया शुरू हो जाएगाी. केन्‍द्रीय विद्यालय संगठन (Kendriya Vidyalaya Sangathan) ने एडमिशन का पूरा शिड्यूल तैयार कर लिया है, अप्रूवल के लिए मंत्रालय भेजा गया है. अप्रूवल मिलते ही शिड्यूल जारी कर दिया जाएगा. इसके साथ ही केन्‍द्रीय विद्यालय में नया सत्र भी पहली अप्रैल से शुरू कर दिया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले वर्ष कोरोना की वजह से एडमिशन की प्रक्रिया जुलाई में शुरू की गई थी, लेकिन इस बार प्रक्रिया में देरी नहीं की जाएगी.


केन्‍द्रीय विद्यालय संगठन (Kendriya Vidyalaya Sangathan) के अनुसार पहली कक्षा के लिए अप्रैल से एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है. एडमिशन प्रक्रिया का पूरा शिड्यूल मार्च में जारी कर दिया जाएगा. जिसमें नोटिफिकेशन, ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेश (registration) की तिथि, रजिस्‍ट्रेशन की अंतिम तिथि, अंतिम चयन सूची जारी करने की तिथि आदि शामिल होगा. जानकारों के अनुसार एडमिशन की प्रक्रिया अप्रैल मध्‍य से‍ शुरू होने की संभावना है. इसके अलावा केन्‍द्रीय विद्यालय का नया सत्र पहली अप्रैल से शुरू हो जाएगा. हालांकि अभी तय नहीं है कि क्‍लासेस ऑनलाइन होंगी या ऑफलाइन होंगी, यह राज्‍यों की गाइड लाइन पर निर्भर करेगा. जिन राज्‍यों  में कोरोना का असर कम होगा या न के बराबर होगा, वहां पर ऑफलाइन क्‍लासेस शुरू होने की संभावना है. लेकिन जहां पर कोरोना का प्रकोप अधिक होगा, वहां पर ऑनलाइन क्‍लासेस चलाई जाएंगी.


केन्‍द्रीय विद्यालय संगठन इस वर्ष शैक्षणिक सत्र (Academic Session) में देरी करना नहीं चाह रहा है, इसलिए एडमिशन प्रक्रिया अप्रैल से शुरू की जा रही है. आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं. पिछले वर्ष कोरोना की वजह से जुलाई पहली कक्षा में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हुई  थी, इस वजह से शैक्षणिक सत्र देरी से शुरू हुआ था. केन्‍द्रीय विद्यालय में पहली कक्षा के लिए एडमिशन प्रक्रिया देशभर में एक साथ होती है, अन्‍य कक्षाओं के लिए सीट उपलब्‍ध होने पर ही दाखिला होता है.

कक्षा 3 से 12 के लिए लॉन्च हुईं कॉमिक बुक्स, दीक्षा पर पढ़ सकेंगे छात्र

NCERT Curriculum Based Comic Books launched 2021:  कक्षा 3 से 12 के लिए लॉन्च हुईं कॉमिक बुक्स, दीक्षा पर पढ़ सकेंगे छात्र


केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने
कॉमिक बुक्स सरकार के ऑनलाइन पोर्टल ‘DIKSHA’ पर उपलब्ध है। ऑफिशियल वेबसाइट diksha.gov.in पर या ‘DIKSHA’ मोबाइल एप्लीकेशन पर इसे प्राप्त कर सकते हैं। सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के एक हजार से अधिक शिक्षकों व छात्रों ने कॉमिक बुक्स बनाने में सहयोग किया है।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों के अध्यायों से जुड़ी 100 से अधिक पाठ्यक्रम-आधारित कॉमिक बुक्स लॉन्च किया है। इस संबंध में प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो इंडिया (PIB India) ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट करके जानकारी दी है। कॉमिक बुक्स सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के टीचर्स और स्टूडेंट्स द्वारा तैयार की गई हैं और एनसीईआरटी द्वारा इसके पाठ्यक्रम के आधार पर डिजाइन किया गया है। इस पहल का लक्ष्य शिक्षण के माध्यम से बच्चों में सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है।


कॉमिक बुक्स को क्लास 3 से 12. के लिए 16 विषयों के लिए तैयार किया गया है। हर कॉमिक बुक में शॉर्ट लेसन हैं, जिसके बाद वर्कशीट उपलब्ध कराई गई है। सीबीएसई के मुताबिक, कॉमिक बुक्स में पर्सनल एजुकेशन के लिए शिक्षा के परिवर्तन की शुरुआत हुई है, क्योंकि 21वीं सदी की स्कूली शिक्षा को ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण, मूल्यों और परिवर्तनकारी दक्षताओं पर केंद्रित किया गया है।


कॉमिक बुक्स सरकार के ऑनलाइन पोर्टल ‘DIKSHA’ पर उपलब्ध है। छात्र ऑफिशियल वेबसाइट, diksha.gov.in पर या ‘DIKSHA’ मोबाइल एप्लीकेशन पर इसे प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के एक हजार से अधिक शिक्षकों व छात्रों ने कॉमिक बुक्स बनाने में सहयोग किया है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। सीबीएसई के अनुसार, यह कदम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत उठाया गया है, ताकि स्टूडेंट्स में वैचारिक स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए एक परिवर्तन लाया जा सके।

सीबीएसई देगा नई सुविधा, अब आनलाइन मिलेगा माइग्रेशन सर्टिफिकेट

सीबीएसई देगा नई सुविधा, अब आनलाइन मिलेगा माइग्रेशन सर्टिफिकेट


◆ आवेदन करने पर ही मिलेगी हार्ड कापी।

जिन छात्रों को हार्ड कापी ही चाहिए उन्हें बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में आवेदन करना होगा। जो छात्र आवेदन करेंगे केवल उन्हें ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कापी उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन यह सुविधा सिर्फ 2023 तक ही मिल पाएगी।


नई दिल्ली, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस साल से माइग्रेशन सर्टिफिकेट (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) को लेकर अहम बदलाव किया है। सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2024 से बोर्ड माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कापी जारी करने की परंपरा को पूर्ण रूप से खत्म करने जा रहा है। इसलिए इस साल से बोर्ड माइग्रेशन सर्टिफिकेट आनलाइन माध्यम से जारी करेगा।


हालांकि, जिन छात्रों को हार्ड कापी ही चाहिए उन्हें बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में आवेदन करना होगा। जो छात्र आवेदन करेंगे केवल उन्हें ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कापी उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन यह सुविधा सिर्फ 2023 तक ही मिल पाएगी। बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक बीते साल जिन छात्रों ने कक्षा 10-12 की परीक्षा उत्तीर्ण की है उन सभी का माइग्रेशन सर्टिफिकेट इस साल डिजिलाकर पर अपलोड किया जाएगा।


छात्र अपनी लागिन आइडी और पासवर्ड की मदद से डिजिलाकर में लागिन करके माइग्रेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे। बोर्ड के मुताबिक जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए दूसरे स्कूल या कालेज में आवेदन करना चाहते हैं उनकी सहूलियत को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि छात्रों को प्रमाणपत्र के आनलाइन सत्यापन के दौरान आनलाइन कापी की जरूरत पड़ती है।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को फिर से मिलेगा गरम भोजन, करीब पांच साल बाद फिर शुरू होगी हॉट मील कुक्ड योजना

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को फिर से मिलेगा गरम भोजन, करीब पांच साल बाद फिर शुरू होगी हॉट मील कुक्ड योजना

शिक्षा विभाग के पकाने के लिए बने किचन, गैस और बर्तन के इनकार के बाद नए सिरे से तैयार होगा प्रस्ताव


लखनऊ। बजट के अभाव में करीब पांच वर्ष से बंद गरम भोजन योजना (हॉट मील कुक्डयोजना) को योगी सरकार फिर से शुरू करने जा रही है। इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने योजना के प्रारूप में संशोधन कर नए प्रावधानों को जोड़कर प्रस्ताव तैयार किया है। मंजूरी के लिए इसे जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए 2006 में योजना शुरू की गई थी। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों को गर्म खाना तैयार करके खिलाने की व्यवस्था थी।


पहले तैयार किए गए प्रस्ताव में योजना को बेसिक शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना के साथ चलाने का फैसला किया गया था । इसके तहत प्राइमरी विद्यालयों में भोजन सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा प्रति बच्चा 50 पैसे की दर से किराये का भुगतान करना था, पर बेसिक शिक्षा ने हाथ खड़े कर दिए। इसके अलावा योजना के लिए खुले बैंक खातों में मातृ समिति अध्यक्ष का नाम हटा कर ग्राम प्रधान का नाम जोड़ने को लेकर विरोध हो गया। इसलिए अब नये सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसमें कई प्रावधान किए जाएंगे।



2013 में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में योजना को शामिल करने के बाद प्रदेश के सभी 1.88 लाख 250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को भोजन दिया जा रहा था। करीब 6 साल तक बसपा और सपा सरकारों ने योजना को ठीक से चलाया, लेकिन 2016 में सपा शासनकाल में बजट रोक दिया गया। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।तब से प्रदेश में योजना जमीनी स्तर पर बंद है, लेकिन कागजी तौर पर चलती रही। विभागीय सूत्रों का कहना है सरकार की मंशा के मुताबिक योजना के प्रारूप में कई बिंदुओं में बदलाव करने का प्रस्ताव नये सिरे से तैयार किया जा रहा है।

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 120 राजकीय महाविद्यालयों में दिए जाएंगे टैबलेट

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 120 राजकीय महाविद्यालयों में दिए जाएंगे टैबलेट

सात महत्वाकांक्षी जिलों के 18 राजकीय  महाविद्यालयों में उपलब्ध कराए प्री-लोडेड टैब

लखनऊ। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सात महत्वाकांक्षी जिलों के 18 राजकीय महाविद्यालयों में 160 प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। विभाग के सात महत्वाकांक्षी निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज  ने बताया कि आगामी शैक्षिक सत्र 2021- 22 में 120 राजकीय महाविद्यालयों में प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। 


उन्होंने बताया कि टैबलेट में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की ओर से तैयार पाठ्यसामग्री अपलोड की गई है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  प्री-लोडेड टैब के जरिये विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई के साथ विभिन्न एप, ऑनलाइन बुक्स, ई लाइब्रेरी, वीडियो, फोटोग्राफ, वाइस रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रख सकते हैं।

महराजगंज : 10 अप्रैल तक मानव संपदा पोर्टल पर अभिलेख/सेवा पुस्तिका का वेरिफिकेशन कराकर डाटा अपलोड न कराने वाले शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध होगी नियमानुसार कार्यवाही, निर्देश पत्र देखें

महराजगंज : 10 अप्रैल तक मानव संपदा पोर्टल पर अभिलेख/सेवा पुस्तिका का वेरिफिकेशन कराकर डाटा अपलोड न कराने वाले शिक्षकों/ कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने एवं उनकी सूची जांच हेतु STF को उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में बीएसए का चेतावनी पत्र जारी।



यूपी बोर्ड : 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में नकल नहीं कर पाएंगे मुन्नाभाई, ऐसे हैं हाईटेक इंतजाम

यूपी बोर्ड : 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में नकल नहीं कर पाएंगे मुन्नाभाई, ऐसे हैं हाईटेक इंतजाम




खास बातें
नकल करने से रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
8,513 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी
परीक्षाओं में 56 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग लेने वाले हैं

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इस साल बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने और मुन्नाभाई प्रवृत्ति के छात्रों से पकड़ने के लिए काफी हाईटेक बंदोबस्त किए हैं। पिछली बार भी बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर से काफी हद तक नकल रोकने में कामयाबी मिली थी। लेकिन यूपी बोर्ड इस अब परीक्षा केंद्रों की निगरानी और हाईटेक तरीके से करने की तैयारी है।


बता दें कि इस बार उत्तर प्रदेश की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 56 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग लेने वाले हैं। साथ ही कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष 8,513 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।  बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे 56,03,813 छात्र-छात्राओं में से 29,94,312 परीक्षार्थी हाईस्कूल से है, जबकि 26,09,501 परीक्षार्थी इंटरमीडिएट के हैं।
इन्हें नकल करने से रोकने के लिए परीक्षा कक्षों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी तैयारी बोर्ड ने पिछले साल से ही कर ली थी। इस बार इसे अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कमरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक रहेगी। 
ऐसे में अमर उजाला ने अपनी सफलता इनीशिएटिव टीम द्वारा यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक स्पेशल क्रैश कोर्स तैयार किया है। जो बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। यह कोर्स यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एकदम निःशुल्क है।

महराजगंज : अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के आज आयोजित आनलाइन मीटिंग में प्रतिभाग करने तथा Sampark Baithak App डाउनलोड करने के सम्बन्ध में

महराजगंज : अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को 26 मार्च के आनलाइन मीटिंग में प्रतिभाग करने एवं Sampark Baithak App डाउनलोड करने के सम्बन्ध में बीएसए ने जारी किया निर्देश।



माध्यमिक शिक्षकों को होली से पहले माह फरवरी का वेतन भुगतान करने का आदेश

माध्यमिक शिक्षकों को होली से पहले माह फरवरी का वेतन भुगतान करने का आदेश


प्रयागराज : प्रदेश के माध्यमिक कालेजों में तैनात शिक्षक व अन्य स्टाफ को होली से पहले वेतन भुगतान करने के आदेश हुए हैं। वित्त नियंत्रक माध्यमिक बीआर प्रसाद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षक व जिलों में तैनात वित्त एवं लेखाधिकारियों को आदेश दिया है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है और होली भी है। 


जिलों में अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों व राजकीय कालेजों में तैनात शिक्षक व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को फरवरी का वेतन भुगतान हर हाल में होली के पहले करा दें। साथ ही इसकी सूचना 27 मार्च को निदेशालय भी ईमेल पर भेजें।

महराजगंज : अंशकालिक अनुदेशकों की तैनाती एवं रिक्त पदों की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी

महराजगंज : परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों की तैनाती एवं रिक्त पदों की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी।





Thursday, March 25, 2021

यूपी बोर्ड : देश-दुनिया का सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड है यूपी बोर्ड, विस्तार से जाने इसके बारे में


यूपी बोर्ड : देश-दुनिया का सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड है यूपी बोर्ड, विस्तार से जाने इसके बारे में


अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UP Board) सिर्फ देश का नहीं है दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा बोर्ड है। यह साल 2021 यूपी बोर्ड का शताब्दी वर्ष भी है। 1921 में एक एक्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश बोर्ड की स्थापना की गई थी। इन 100 वर्षों में यूपी बोर्ड ने एक क्षेत्रीय शिक्षा बोर्ड से दुनिया के सबसे बड़े राज्य शिक्षा बोर्ड के तौर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान कायम की है। यहां इस खबर में हम उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बीते 100 वर्षों के सफर को रोचक और संक्षिप्त अंदाज में बता रहे हैं। तो आइए जानते हैं क्या का यूपी बोर्ड का शुरुआती स्वरूप और क्या खास बदलाव आया। 


यूपी बोर्ड के वर्तमान स्वरूप की बात करें तो जितने छात्र इस बार शैक्षणिक सत्र 2020-2021 की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने जा रहे हैं उनकी संख्या विश्व के कई देशों की जनसंख्या से अधिक है। इस बार 56 लाख से अधिक विद्यार्थी उत्तर प्रदेश की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेने वाले हैं। यूपी बोर्ड की व्यापकता का अंदाजा इससे झलकता है कि कोरोना महामारी के बावजूद वह 56,03,813 विद्यार्थियों की लिखित परीक्षाएं आयोजित करने जा रहा है। परीक्षार्थियों की यह संख्या कुछ प्रमुख देश जैसे- न्यूजीलैंड, कुवैत, नॉर्वे, फिनलैंड और आयरलैंड आदि की जनसंख्या से ज्यादा है।
 

पहली बार 5,744 विद्यार्थियों ने दी थी परीक्षा
बोर्ड के स्थापना वर्ष 1921 के मुकाबले 2021 में परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र एवं छात्राओं की संख्या करीब 976 गुणा बढ़ गई है। दस्तावेजों के अनुसार, पहली बार यूपी बोर्ड के द्वारा आयोजित परीक्षा में 5,744 ने विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था और परीक्षा 179 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। तब इनमें से 5,665 विद्यार्थी हाईस्कूल के थे, जबकि 89 विद्यार्थी इंटरमीडिएट के थे। 


1952 में पौने दो लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे 
देश की आजादी वाले वर्ष 1947 में यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या 48,519 थी, जबकि परीक्षा केंद्रों की संख्या 244 थी। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। इसके बाद से ही यूपी बोर्ड में विद्यार्थियों का पंजीकरण बढ़ना शुरू हो गया था। 1952 में विद्यार्थियों के पंजीकरण की संख्या बढ़कर 1,72,246 पहुंच गई थी। 


2021 में विद्यार्थी 56 लाख, परीक्षा केंद्र भी 8,513 हुए  
उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने हाल ही में बताया था कि 2021 में आयोजित होने जा रही बोर्ड परीक्षा में 56,03,813 छात्र-छात्राएं शामिल होने जा रहे हैं। इनमें 29,94,312 परीक्षार्थी हाईस्कूल से है, जबकि 26,09,501 परीक्षार्थी इंटरमीडिएट के हैं। साथ ही कोरोना महामारी के दौर में इस वर्ष 8,513 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएंगी। 


नए क्षेत्रीय कार्यालय भी खोले गए 
छात्र एवं छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपने कई जोन यानी मंडलीय कार्यालय खोले हैं। 1973 में मेरठ मंडल कार्यालय, 1981 में बरेली में, 1987 में प्रयागराज तत्कालीन इलाहाबाद में और 2017 में गोरखपुर में जोन कार्यालय खोले गए। यह सभी कार्यालय क्षेत्रीय सचिवालय के देखरेख में चलते हैं।

नई शिक्षा नीति : 2022 से ही लागू हो सकता है चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम, जानिए कोर्स के बारे में

नई शिक्षा नीति : 2022 से ही लागू हो सकता है चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम, जानिए कोर्स के बारे में


वर्ष 2030 के बाद केवल चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाले ही शिक्षक भर्ती के लिए योग्य अभ्यर्थी होंगे। यह प्रावधान नई शिक्षा नीति में दिया गया है। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए गठित उच्च शिक्षा विभाग की स्टीयरिंग कमेटी यह कोर्स वर्ष 2022 से लागू करने पर विचार कर रही है। ऐसे में आपके लिए यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम क्या-क्या होगा। पढ़िए...


इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम के चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से आपको अपने विषय के साथ-साथ बीएड के विषयों को पढ़ने का भी मौका मिलेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई विद्यार्थी केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) से बीएससी ऑनर्स के साथ बीएड करना चाहता है तो वह स्नातक के दौरान बीएससी के साथ बीएड के सेक्शन भी पढ़ पाएगा। तीन साल में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी होने पर चौथे साल में उसे बीएड के बचे सेक्शन पढ़ने होंगे। साथ ही इंटर्नशिप भी करनी होगी। इस तरह 5 साल में मिलने वाली डिग्री अब चार साल में इंटीग्रेटेड बीएससी-बीएड के नाम से मिल जाएगी और विद्यार्थियों का एक साल भी बच जाएगा।


वहीं क्रेडिट सिस्टम अभ्यर्थियों को बीच में ही कोर्स छोड़नी की भी अनुमति देता है। दाखिला लेने के बाद अगर किसी विद्यार्थी को बीएड की पढ़ाई नहीं करनी है, तो उसे तीन साल बाद स्नातम की डिग्री मिल जाएगी। साथ ही इन तीन सालों में विद्यार्थी ने बीएड कोर्स से संबंधित जिन भी विषयों की पढ़ाई की होगी, उसे उन विषयों का सर्टिफिकेट भी मिल जाएगा। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। यह सर्टिफिकेट विद्यार्थी के एकेडमिक बैंक क्रेडिट में जमा हो जाएगा। अगर भविष्य में कभी विद्यार्थी फिर से बीएड की पढ़ाई करना चाहेगा तो यह क्रेडिट उसके काम आएगा।


बता दें सबसे पहले बीएड प्रोग्राम एक साल का हुआ करता था और वर्तमान में यह दो वर्ष का है। अब यह जल्द ही चार वर्ष (इंटीग्रेटेड) का होने जा रहा है। हालांकि अभी तक यह एक संभावित मॉडल है, जिसे जल्द ही अंतिम स्वरूप दिया जा सकता है।

चयन हो जाने मात्र से नहीं मिलता नियुक्ति का अधिकार, एलटी ग्रेड अध्यापक को कालेज आवंटन का आदेश जारी करने से हाईकोर्ट का इंकार

चयन हो जाने मात्र से नहीं मिलता नियुक्ति का अधिकार, एलटी ग्रेड अध्यापक को कालेज आवंटन का आदेश जारी करने से हाईकोर्ट का इंकार


प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि चयन होने मात्र से अभ्यर्थी को नियुक्ति पाने का अधिकार नहीं मिल जाता है। कोर्ट ने एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक कृषि भर्ती में चयनित अभ्यर्थी को कालेज आवंटित करने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि चयन परिणाम नियमानुकूल पदों के सापेक्ष नहीं घोषित किया गया। ऐसे में याची को राहत नहीं दी जा सकती। यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने संतोष कुमार की याचिका पर दिया है। याचिका का प्रतिवाद विपक्षी अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने किया।


इनका कहना था कि बोर्ड ने सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड कृषि के 62 पद विज्ञापित किए। जिसे बाद में घटाकर 51 कर दिया गया। चयन परिणाम 24 अप्रैल 17 को घोषित किया जा चुका था। नियम 12(8) के अनुसार कुल पद का एल टी ग्रेड 25 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। बोर्ड ने इस नियम का पालन नहीं किया। और याची यह बताने में विफल रहा कि चयनित होने से उसे किस आधार पर नियुक्ति पाने का अधिकार है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में शिक्षा महकमा हुआ शर्मसार, शिक्षा निदेशक माध्यमिक अवमानना के दोषी करार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में शिक्षा महकमा हुआ शर्मसार, शिक्षा निदेशक माध्यमिक अवमानना के दोषी करार


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को शिक्षा महकमा शर्मसार हो गया। कोर्ट को गुमराह करने और आदेश का अनुपालन न करने पर शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय को कड़ी फटकार लगाई और काफी देर तक कोर्ट रूम में बैठाए रखा। हाईकोर्ट ने निदेशक को अवमानना का दोषी करार दिया है और उनके खिलाफ आरोप निíमत करते हुए कारण बताओ नोटिस दी है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही कर दंडित किया जाए।


निदेशक पर 26 नवंबर, 2018 को जारी निर्देश की जानबूझकर अवहेलना करने व कोर्ट को गुमराह करने का आरोप है। कोर्ट ने निदेशक को जवाब के साथ नौ अप्रैल को कोर्ट में हाजिर होने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूíत सुनीत कुमार ने मीरजापुर जिले के काशीनाथ व नौ अन्य अध्यापकों की अवमानना याचिका पर दिया है।

गोण्डा : कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी

गोण्डा : कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी



मेरठ : कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी

मेरठ : कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी



शिक्षा मंत्री ने लॉन्च किया सीबीएसई असेसमेंट फ्रेमवर्क, कक्षा 6 से कक्षा 10 तक पढ़ाए जाने वाले अंग्रेजी, साइंस और मैथ्स सब्जेक्ट के लेवल में सुधार लाना मुख्य उद्देश्य

शिक्षा मंत्री ने लॉन्च किया सीबीएसई असेसमेंट फ्रेमवर्क, कक्षा 6 से कक्षा 10 तक पढ़ाए जाने वाले अंग्रेजी, साइंस और मैथ्स सब्जेक्ट के लेवल में सुधार लाना मुख्य उद्देश्य


असेसमेंट फ्रेमवर्क का शुभारंभ कल शिक्षा मंत्री द्वारा किया गया। इससे पूर्व, शिक्षा मंत्री ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट करके जानकारी साझा की थी।


शिक्षा मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है कि मैं सीबीएसई और ब्रिटिश काउंसिल द्वारा CBSE योग्यता आधारित शिक्षा परियोजना के हिस्से के रूप में विज्ञान, गणित और अंग्रेजी कक्षाओं के लिए असेसमेंट फ्रेमवर्क लॉन्‍च करूंगा।


यह कार्यक्रम सीबीएसई और ब्रिटिश काउंसिल के कॉम्पिटेंसी बेस्ड एजुकेशन प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस असेसमेंट फ्रेमवर्क को एनसीईआरटी और सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य कक्षा 6 से कक्षा 10 तक पढ़ाए जाने वाले अंग्रेजी, साइंस और मैथ्स सब्जेक्ट के लेवल में सुधार लाना है। वहीं, सीबीएसई के कॉम्पिटेंसी बेस्ड एजुकेशन प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्टूडेंट्स के भीतर क्रिएटिव थिंकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग, सेल्फ अवेयरनेस, एम्पैथी, डिसीजन मेकिंग, इफेक्टिव कम्युनिकेशन, इंटरपर्सनल रिलेशनशिप, कोपिंग विथ स्ट्रेस और कोपिंग विथ इमोशंस जैसे 10 लाइफ स्किल्स को विकसित करना है।


नया फ्रेमवर्क छात्रों को उनकी पेन और पेपर मोड परीक्षाओं के दौरान मदद करेगा। ब्रिटिश काउंसिल के साथ सीबीएसई की यह योग्यता आधारित शिक्षा परियोजना छात्रों के कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने पर केंद्रित है। नई सीबीएसई प्रणाली कक्षाओं के अंदर छात्रों को दिए गए नियमित पाठ्यपुस्तक ज्ञान के साथ कार्य करेगी।


गौरतलब है कि सीबीएसई 10वीं परीक्षा का आयोजन 4 मई से 7 जून, 2021 तक और 12वीं की परीक्षा का आयोजन 4 मई से 14 जून, 2021 तक किया जाना है। वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 और कक्षा 12 के छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र बदलने की अनुमति दी है। जो छात्र अपने परीक्षा केंद्र को बदलना चाहते हैं, उन्हें 25 मार्च, 2021 तक संबंधित स्कूल में आवेदन भेजना होगा।

69000 शिक्षक भर्ती : धरने पर बैठे दिव्यांगों की मांगें पूरी करने का वादा, DGSE ने जल्द निस्तारण का दिया भरोसा

69000 शिक्षक भर्ती : धरने पर बैठे दिव्यांगों की मांगें पूरी करने का वादा, DGSE ने जल्द निस्तारण का दिया भरोसा



प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में दिव्यांगों को नियुक्ति दिलाने का आश्वासन मिला है। आसार है कि 100 दिन बाद आंदोलन खत्म हो जाए। दिव्यांगों का कहना है कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने प्रतिनिधिमंडल को प्रकरण का निस्तारण करने का वादा किया है। परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती चल रही है। 


भर्ती में आरक्षण विसंगति को लेकर दिव्यांग 100 दिन से बेसिक शिक्षा निदेशालय मुख्यालय प्रयागराज पर आंदोलन कर रहे हैं। दिव्यांग प्रतिनिधिमंडल बुधवार को लखनऊ में महानिदेशक स्कूल शिक्षा से मिला और सार्थक वार्ता हुई, जिसमें महानिदेशक की ओर से उन्हें भरोसा दिया कि निस्तारण हर हाल में करेंगे। आरक्षण के अनुपालन में जो भी त्रुटियां थी, उनको लेकर विभाग का रुख सकारात्मक है, धरने को खत्म करने को कहा और विश्वास दिलाया कि अगर आपकी मांगों पर न्यायसंगत विचार न दिखे तो धरना देने को दिव्यांग स्वतंत्र हैं। 


प्रतिनिधि मंडल में शामिल धनराज कुमार यादव, प्रदीप शुक्ला, कौशल मिश्र, शिवप्रकाश, विष्णु, प्रेमकुमार, राघवेन्द्र सिंह शिवेंद्र व दिनेश यादव ने बताया कि डीजी से सकारात्मक वार्ता हुई और उन्होंने नीति नियम के अधीन सभी मुद्दों को हल करने का भरोसा दिया है।

इस साल भी फीस न बढ़ाएं निजी स्कूल, उपमुख्यमंत्री ने की निजी स्कूल प्रबंधकों से अपील

इस साल भी फीस न बढ़ाएं निजी स्कूल, उपमुख्यमंत्री ने की निजी स्कूल प्रबंधकों से अपील


लखनऊ : उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कोविड-19 के मद्देनजर स्कूल प्रबंधकों से इस साल भी फीस न बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार का सहयोग देते हुए जैसे पिछले साल फीस नहीं बढ़ाई, उसी तरह इस साल भी करें, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। उप मुख्यमंत्री बुधवार को लामार्टीनियर गल्र्स कालेज में आयोजित कोरोना योद्धाओं के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कोरोना काल के दौरान पुलिस, शिक्षा, चिकित्सा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 23 प्रमुख लोगों को सम्मानित किया।



Wednesday, March 24, 2021

फतेहपुर : आठ माह में खुले, 23 दिन में फिर बंद, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते 31 मार्च तक के लिए बंद किए गए स्कूल

फतेहपुर : आठ माह में खुले, 23 दिन में फिर बंद, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते 31 मार्च तक के लिए बंद किए गए स्कूल

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण बढ़ने से 23 दिन बाद स्कूल फिर बंद हो गए हैं। हालांकि अभी स्कूल 31 मार्च तक के लिए ही बंद हुए हैं, लेकिन स्कूल अप्रैल में खुलने को लेकर फिर संशय पैदा हो रहा है।


जिले में 2650 परिषदीय स्कूल, 112 एडेड, 254 निजी स्कूलों में तीन लाख 26 हजार बच्चे कक्षा एक से लेकर आठ तक पंजीकृत हैं। इनमें एडेड और परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत दो लाख 54 हजार बच्चों को दोपहर का भोजन स्कूलों में देने का व्यवस्था लागू है। यह सभी स्कूल आठ महीने बंद रहने के बाद खुले थे। इनमें कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं 15 फरवरी और कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं पहली मार्च से प्रारंभ हुई थीं। प्राथमिक स्कूल तो मात्र 23 दिन खुलने के बाद कोरोना की दहशत के कारण बंद कर दिए गए हैं कक्षा छह से आठ तक स्कूल 48 दिन ही खुले हैं। शासन ने बुधवार से कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूल 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है ऐसे में बुधवार से इन सभी स्कूलों में एक बार फिर ताला लग गया है।

फिलहाल स्कूल 31 मार्च तक के लिए बंद किए गए हैं। अगर शासन दूसरा कोई आदेश जारी नहीं करता है, तो तय अवधि के बाद स्कूल खोल दिए जाएंगे। अगर स्कूल बंद रखने का निर्देश होते हैं, आदेश का पालन कराना उनका दायित्व है। -शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

परीक्षा कराने की छूट अन्य सभी शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी

शासन से जारी गाइड लाइन में सिर्फ छात्र-छात्राओं की परीक्षा कराने के लिए स्कूल खोलने की छूट मिली है। जिन स्कूलों में कक्षा नौ और 11 की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, वह स्कूल कोविड़ 19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए परीक्षाएं कराएंगे। इनके अलावा सभी माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थाएं, तकनीकी शिक्षण संस्थानों के कार्यालय तो खुलेंगे, लेकिन छात्र-छात्राएं 31 मार्च तक स्कूल नहीं आएंगे। इसके आगे स्कूल खोलने या बंद रखने की गाइड लाइन बाद में जारी होगी। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, उनको स्कूल खोलने की छूट दी गई है। अन्य सभी शिक्षण और तकनीकी शिक्षण संस्थाएं 31 मार्च तक बंद रहेंगे।