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Tuesday, February 23, 2021

69000 शिक्षक भर्ती त्रुटियों के कारण छूट गए अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर घेरा निदेशालय

69000 शिक्षक भर्ती त्रुटियों के कारण छूट गए अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर घेरा निदेशालय


लखनऊ। बेसिक के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित रहने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सोमवार को निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने बताया कि वे पिछले दो महीने से नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर भटक रहे हैं।


पहले तो आश्वासन भी दिया गया लेकिन अब तो कोई इस मुद्दे पर बात करने तक को तैयार नहीं है। आवेदन में हुईं त्रुटियों में सुधार करने का अवसर दिए जाने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर सुबह सैकड़ों अभ्यर्थी निदेशालय परिसर पहुंच गए हाथों में पोस्टर-बैनर लिए अभ्यर्थी परिसर में धरने पर बैठ गए। देर शाम तक वे प्रदर्शन करते रहे लेकिन इस दौरान कोई भी अधिकारी उनसे वार्ता करने नहीं पहुंचा। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।

Monday, February 8, 2021

राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू


प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ता के खाली पड़े पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी प्राचार्यों से नौ फरवरी तक रिक्त पदों का ब्योरा तलब कर लिया है। पहली बार राजकीय महाविद्यालयों में रिक्त पदों पर ऑनलानन काउंसलिंग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। 


राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ता के पदों पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सीधी भर्ती करता है। आयोग ने पिछले दिनों कई विषयों में प्रवक्ता के पदों का अंतिम चयन परिणाम जारी किया है। अब इन्हें कॉलेज आवंटित किए जाने हैं और इसके बाद नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। आप यह खबर सेवायोजन डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। यहपहले यह प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से होती थी, लेकिन ऑफलाइन काउंसलिंग में मनमानी, पक्षपात और गड़बड़ी के तमाम आरोप लगने के कारण शासन ने इस बार ऑनलाइन काउंसलिंग की व्यवस्था को लागू कर दिया है, ताकि कॉलेज आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता आए। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय एनआईसी के माध्यम से नया सॉफ्टवेयर तैयार करवा रहा है। ऑनलाइन काउंसलिंग एनआईसी लखनऊ के माध्यम से होगी।

Thursday, January 28, 2021

नवनियुक्त विधवा व महिला शिक्षिकाओं को दे दिए दूरदराज के स्कूल, महानिदेशक बोले शिक्षक विहीन व एकल स्कूलों में शिक्षक देना हमारा उद्देश्य

नवनियुक्त विधवा व महिला शिक्षिकाओं को दे दिए दूरदराज के स्कूल,  महानिदेशक बोले शिक्षक विहीन व एकल स्कूलों में शिक्षक देना हमारा उद्देश्य


लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में दूसरे चरण में नियुक्त 36590 सहायक अध्यापकों की स्कूलों में तैनाती में विधवाओं, दिव्यांग और महिलाओं को दूरदराज के स्कूलों में तैनाती मिली है। शासन के आदेश की गलत व्याख्या कर जिलों में महिलाओं को शिक्षक विहीन और एकल विद्यालय में तैनाती देने की शिकायत सामने आई है।


नवचयनित 36,590 सहायक अध्यापकों को 25 से 27 जनवरी तक स्कूलों में तैनाती दी गई। इससे पहले शासन ने शिक्षक विहीन और एकल विद्यालयों में तैनाती देने की गाइडलाइन शासन ने की थी। वहीं विधवा, दिव्यांग और महिलाओं को तैनाती में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अधिकांश जिलों में हुई काउंसिलिंग में बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने विधवा, दिव्यांग और महिला शिक्षकों को जिला और ब्लॉक मुख्यालय से दूरदराज के स्कूलों में नियुक्ति का विकल्प दिया। महिला शिक्षकों व उनके साथ गए परिजनों ने जब इस व्यवस्था का विरोध किया तो बीएसए ने शासन की गाइडलाइन का हवाला देकर स्पष्ट कर दिया कि पहले शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों में ही तैनाती की जाएगी महिला शिक्षकों का आरोप है कि दूरदराज के गांवों में स्थित स्कूलों में महिलाओं को तैनाती देने के बाद अब जिला और ब्लॉक मुख्यालय के नजदीक स्थित स्कूलों में पुरुष शिक्षकों को आसानी से मनचाही जगह पोस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है।


हमारा उद्देश्य पहले शिक्षक विहीन और केवल एक शिक्षक वाले स्कूलों में खाली पद भरना है। विधवा, दिव्यांग और महिला शिक्षकों को भी उनकी पसंद के स्कूलों में तैनाती दी गई है। -विजय किरन आनंद, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

Monday, January 25, 2021

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद चयनित को नियुक्ति दे या हाजिर हों : हाईकोर्ट

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद चयनित को नियुक्ति दे या हाजिर हों : हाईकोर्ट 


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज प्रताप सिंह बघेल को 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में  बचे 22211 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति करने के आदेश का पालन कर हलफनामा दाखिल करने या हाजिर होने का निर्देश दिया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही की जाए।


 कोर्ट ने 22 अक्तूबर 19 के आदेश की अवहेलना को प्रथम दृष्टया अवमानना माना है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने रेखा शाक्या व अन्य की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।

Saturday, January 23, 2021

अबकी बार दिव्यांग और महिलाओं के अलावा नवनियुक्त पुरुष शिक्षक भी चुन सकेंगे ऑनलाइन स्कूल

अबकी बार दिव्यांग और महिलाओं के अलावा नवनियुक्त पुरुष शिक्षक भी चुन सकेंगे ऑनलाइन स्कूल


बरेली: इस बार नव नियुक्त पुरुष शिक्षकों को भी ऑनलाइन स्कूल चुनने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए शासन की ओर से आदेश जारी किए जा चुके हैं। बरेली के 452 नव नियुक्त शिक्षकों को इसका लाभ मिला था। अब 25 और 27 जनवरी को इन नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूल का आवंटन होना है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।


प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती के सापेक्ष हुई 31677 शिक्षक भर्ती में बरेली को 712 शिक्षक मिले थे। कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा से 36590 शिक्षकों की भर्ती हुई। इसमें बरेली को 452 शिक्षक मिले। इन सभी को विगत पांच दिसम्बर को संजय कम्युनिटी हॉल में नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। सात दिसम्बर को सभी शिक्षकों की बीएसए कार्यालय में ज्वाइनिंग करा दी गई। तब से इन शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन नहीं किया गया है अब शासन ने नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने का रास्ता खोल दिया है। इस बार सभी शिक्षकों को ऑनलाइन स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। 


इससे पहले हुई भर्ती में सिर्फ महिला और दिव्यांग शिक्षकों को ही ऑनलाइन स्कूल चुनने का मौका मिला था जबकि सभी पुरुष शिक्षकों को रोस्टर के हिसाब से स्कूलों का आवंटन किया गया था इसे लेकर कई शिक्षक संगठनों में काफी रोष भी था। इसी से बचने के लिए अब शासन ने सभी शिक्षकों को ऑनलाइन विकल्प चुनने का मौका दिया है। 


बीएसए विनय कुमार ने बताया कि 25 और 27 जनवरी के लिए चयनित अभ्यर्थियों के लिए फरीदपुर डायट में अपने सभी दस्तावेजों के साथ पहुंचना होगा । बिना मास्क और सैनेटाइजर के डायट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी कोविड- 19 की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा

पांच अतिरिक्त रिक्तियां ही जोड़ी जाएंगी

बीएसए विनय कुमार ने बताया कि शासन के आदेशानुसार इस बार जनपद में आवंटित अभ्यर्थियों के सापेक्ष केवल पांच अतिरिक्त रिक्तियों को ही जोड़ा जाएगा। इसके लिए पहले शिक्षक विहीन विद्यालय, फिर एकल विद्यालयों की रिक्तियों को शामिल किया जाएगा। यदि इसके बाद  भी अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होती है तो दो शिक्षक वाले उन विद्यालयों की रिक्तियों को खोला जाएगा जिनका छात्र-अध्यापक का अनुपात सर्वाधिक हो।

स्कूल में पद नहीं फिर भी थमा दिया शिक्षकों को नियुक्ति पत्र

स्कूल में पद नहीं फिर भी थमा दिया शिक्षकों को नियुक्ति पत्र


लखनऊ : राजकीय माध्यमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी तीन महीने से नियुक्ति पत्र लेकर चक्कर काट रहे हैं। इन शिक्षकों को वह स्कूल आवंटित कर दिए गए जहां उस विषय का या तो पद नहीं है या फिर एक पद के सापेक्ष दो-दो चयनितों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। करीब 21 चयनित अभ्यर्थियों के साथ ऐसा हुआ और अब अब उनकी सुनवाई नहीं हो रही। गलत नियुक्ति पत्र में संशोधन को लेकर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और माध्यमिक शिक्षा विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहा है। वहीं अभ्यर्थी परेशान हैं।



जौनपुर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराय खानी में संस्कृत विषय में सहायक अध्यापक का एक ही पद खाली था और यहां दो-दो चयनितों को नियुक्ति पत्र देकर भेज दिया। सहायक अध्यापक पद पर चयनित रिंकी यादव कहती हैं कि जब वह नियुक्ति पत्र लेकर स्कूल गईं तो उन्हें बताया गया कि यहां तो पहले ही एक शिक्षिका ज्वाइन कर चुकी है। 29 अक्टूबर को डीआइओएस की ओर से निदेशालय को पत्र भेजकर त्रुटिपूर्ण नियुक्ति पत्र जारी होने की जानकारी भी भेज दी थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। वहीं राजकीय हाईस्कूल भकुरा जौनपुर में संस्कृत शिक्षक पद पर ज्वाइन करने पहुंचे ¨वदरेश कुमार पाल को भी लौटा दिया गया। यही हाल राजेश कुमार मौर्या, सुनील कुमार, सुनीता, संगीता पटेल, सुशील कुमार, मनीष, अशोक कुमार यादव व शिवेंद्र तिवारी का भी है।


राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय कहते हैं कि 23 अक्टूबर को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 3,317 सहायक अध्यापकों को यह नियुक्ति जारी किए गए थे। गलती अधिकारियों ने की और परेशान चयनित अभ्यर्थी हो रहे हैं। उधर माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला का कहना है कि नियुक्ति पत्र में संशोधन के लिए उप्र माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से गुजारिश की गई है, कि वह इसमें बदलाव करे। दरअसल बदलाव वहीं से हो सकता है लेकिन वह इसे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से कराने की बात कह रहा है।

Thursday, January 21, 2021

बंद हो सकते 10 हजार बेसिक विद्यालय, चतुर्थ श्रेणी अनुकंपा नियुक्ति पर भी रोक का सुझाव

बंद हो सकते 10 हजार बेसिक विद्यालय, चतुर्थ श्रेणी अनुकंपा नियुक्ति पर भी रोक का सुझाव




समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग में 10,000 से अधिक प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनके लिए आवश्यक न्यूनतम 30 छात्र उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। इनको बंद कर वहां तैनात शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। यहां के छात्रों को निकट के प्राइमरी या निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने को कहा गया है।


चतुर्थ श्रेणी अनुकंपा नियुक्ति पर रोक का सुझाव

इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग में भविष्य में अनुकंपा के आधार पर चतुर्थ श्रेणी के रूप में नियुक्ति की व्यवस्था पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया गया है।

Wednesday, January 20, 2021

नवनियुक्त बेसिक शिक्षकों के लिए मानव संपदा पोर्टल पर e-HRMS ID के रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन का प्रारुप

मानव संपदा पोर्टल पर e-HRMS ID के रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन का प्रारुप


डिस्क्लेमर : यह प्रारूप जनपद बलिया में जारी किया गया है, कृपया प्रयोग के पहले एक बार अपने जनपद स्तर पर पुष्टि अवश्य कर लें।






उत्तर प्रदेश : नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देकर सीएम योगी ने पूछे कई सवाल, तबादले की सिफारिश लेकर तो नहीं आएंगे, स्कूल में पढ़ाने जाएंगे?

उत्तर प्रदेश : नवनियुक्त  शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देकर सीएम योगी ने पूछे कई सवाल, तबादले की सिफारिश लेकर तो नहीं आएंगे, स्कूल में पढ़ाने जाएंगे?


आप स्कूल पढ़ाने तो जाएंगे? या फिर मंत्री की सिफारिश लेकर तबादले के लिए चक्कर लगाएंगे? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त शिक्षकों से संवाद करते हुए ये सवाल सबसे पूछा। उन्होंने शिक्षकों को सभी विषयों का ज्ञान होने और सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक 24 घण्टे का शिक्षक होता है, कुछ घण्टों का नहीं। सबसे पहले उन्होंने चित्रकूट से नागरिक शास्त्र में प्रवक्ता पद पर चयनित मनीषा देवी से बात की।


हालचाल पूछने के बाद सीधा सवाल किया- आप स्कूल जाएंगी पढ़ाने?  मनीषा के धीमे जवाब देने पर उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की आवाज इतनी कमजोर नहीं होनी चाहिए कि वह बच्चों के शोरगुल में दब जाए। पढ़ाई-लिखाई और परिवार की जानकारी ली और कहा कि हर व्यक्ति का दायित्व बनता है कि जिस विषय में आपने डिग्री हासिल की उसमें तो ज्ञान हो ही, अन्य विषयों में भी जानकारी होनी चाहिए। 


दूसरा नंबर आया महाराजगंज की प्रियंका सिंह का..। उन्हें इतिहास में प्रवक्ता चुना गया है। प्रियंका के ये बताने पर कि वह हाउसवाइफ थीं, मुख्यमंत्री ने पूछा कि आपको पढ़ाने का अभ्यास नहीं है, तो स्कूल में कैसे पढ़ा पाएंगी? फिर उन्होंने एक गुरु की तरह समझाया कि जिन्हें आपको पढ़ाना है, वे टीनएजर हैं, उन बच्चों को पढ़ाने जब जाएंगी तो आत्मविश्वास से भरपूर होना चाहिए, आपको साबित करना पड़ेगा। अपने विषय की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए अपनेआपको तैयार करना होगा।


मैनपुरी की रोली झा का चयन कला में सहायक अध्यापक के पद पर हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूछा-रोलीजी कैसी हैं? रोली ने पलटकर पूछ लिया-आप कैसे हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि अच्छा हूं, तभी बात हो पा रही है। पूछा कि सब खुश हैं? रोली के यह कहने पर कि मायके और ससुराल दोनों जगह सब खुश हैं तो सीएम बोलें कि यदि आपका चयन पहले हो जाता तो दहेज में कम पैसा देना पड़ता। इस पर रोली ने कहा कि नहीं सर, दहेज नहीं लिया है। सीएम ने जवाब दिया कि अच्छी बात है। सरकार ने आपका चयन सही किया है। प्रण कीजिए कि दहेज लेंगे नहीं, दहेज देंगे भी नहीं। 


वाराणसी से  प्रवक्ता-संस्कृत पद पर चयनित अपर्णा पाण्डेय से मुख्यमंत्री ने संस्कृत में पूछा कि आपका नाम क्या है? अपर्णा ने संस्कृत में ही जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत के क्षेत्र में संभावनाएं रहती हैं लेकिन समस्या यह है कि संस्कृत के शिक्षकों में स्कूल जाने की स्थिति कम ही लोगों की होती है। संस्कृत के अलावा अन्य भाषाओं की जानकारी रखने की ताकीद भी की। 


वाराणसी से ही हिन्दी प्रवक्ता के पद पर चयनित लवकेश कुमार से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे शोध का विषय पूछा। ग्रामीण भारत के विकास पर लम्बी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने विश्वकर्मा सम्मान समारोह का आयोजन शुरू किया है। हुनर को मंच देने का काम सरकार को करना चाहिए था। हमने इसे शुरू किया। अगर हमारा शिक्षक इस प्रतिभा को समझ कर उसे आगे बढ़ाने का प्रयास कर सके तो बढ़िया होगा।  


अयोध्या में अजय प्रकाश मौर्य-भौतिकी के प्रवक्ता पद पर चयनित हुए हैं। यह बताए जाने पर कि अजय प्रकाश लेखपाल पद पर चयनित हो चुके हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लेखपाल रह चुके हैं यानी यमराज को छकाने की क्षमता भी रखते हैं। लेखपाल के बाद शिक्षक तो लोग बनना नहीं चाहते। अब शिक्षक के रूप में बहुत बड़ा रोल निभाना है। लोक सेवा आयोग की छवि पहले आप देख चुके हैं। पिछली सरकारों में नौकरी आती नहीं थी और योग्य लोगों का चयन नहीं हो पाता था। 

इन्हें मुख्यमंत्री ने खुद दिया नियुक्ति पत्र

लखनऊ की प्रियंका सिंह-प्रवक्ता, नागरिक शास्त्र -चित्रकूट 
लखनऊ के अनिल कुमार-प्रवक्ता, अर्थशास्त्र, बहराइच 
प्रयागराज के शेख मो अफसर, प्रवक्ता-वाणिज्य,आजमगढ़
अम्बेडकरनगर की रेखा यादव, प्रवक्ता-इतिहास, अम्बेडकर नगर
भदोही की भाग्यणी तिवारी, प्रवक्ता संस्कृत, चंदौली
गोरखपुर की वंदना जायसवाल, कला सहायक अध्यापक, सिद्धार्थनगर।

Sunday, December 13, 2020

रायबरेली : कस्तूरबा में फर्जी शिक्षिका की नियुक्ति मामले में नपे डीसी, राज्य परियोजना निदेशक ने दिया मूल विभाग में भेजने का निर्देश

रायबरेली : कस्तूरबा में फर्जी शिक्षिका की नियुक्ति मामले में नपे डीसी, राज्य परियोजना निदेशक ने दिया मूल विभाग में भेजने का निर्देश

अनामिका शुक्ला प्रकरण

रायबरेली : करीब नौ महीने पहले उजागर हुए कस्तूरबा में नियुक्त शिक्षिका अनामिका शुक्ला का प्रकरण फिर सुर्खियों में आ गया है। प्रदेश के कई जिलों की तरह बछरावां स्थित कस्तूरबा विद्यालय में भी अनामिका शुक्ला तैनात थी जिसके खिलाफ मार्च में मानदेय रोकने की कार्रवाई की गई और फिर उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। अब इस प्रकरण में जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) को हटाने का आदेश दिया गया है। राज्य परियोजना निदेशक ने तत्काल प्रभाव से उन्हें मूल विभाग में भेजने को कहा है।


राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अस्थायी रूप से सृजित डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर (बालिका शिक्षा) के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनात अनिल कुमार तिवारी को तत्काल प्रभाव से मूल विभाग माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड में प्रत्यावर्तित किया जाता है। निदेशक ने कहा है कि तथाकथित अनामिका शुक्ला के आवेदन पत्र में इंगित कमियों, संबंधित से पत्र व्यवहार में शिथिलता बरतने तथा अभिलेखों का सत्यापन कराए बिना दो लाख 58 हजार 298 रुपये मानदेय का भुगतान किए जाने, संपूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया में बिना मूल अभिलेखों को प्राप्त किए ही नियुक्ति पत्र निर्गत करने के संबंध में अनियमितता और लापरवाही बरती गई है।

राज्य परियोजना निदेशक ने अनिल कुमार तिवारी को निर्देशित किया है कि अपने पटल से संबंधित समस्त कार्यों का प्रभार बीएसए को हस्तगत कराते हुए मूल विभाग माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड में योगदान देना सुनिश्चित करें।

Thursday, December 3, 2020

स्कूलों में नए शिक्षकों की तैनाती में खेल, यूं की गईं गड़बड़ियां

Irregularities In Appointment Of New Teachers In Schools Of Basic Siksha Parishad

स्कूलों में नए शिक्षकों की तैनाती में खेल, यूं की गईं गड़बड़ियां


शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नए टीचरों की तैनाती में खेल किया गया है। शासन ने जो मानक व नियम तय किए थे, उसके अनुसार शिक्षक नहीं तैनात किए गए हैं। जिन विद्यालयों में आवश्यकता नहीं थी, वहां पर भी शिक्षकों की तैनाती दे दी गई है, जबकि ऐसे स्कूल जहां शिक्षकों की ज्यादा जरूरत थी, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया है।


काफी समय बाद जिले के परिषदीय विद्यालयों को 141 शिक्षक मिले थे। इनमें से 137 को विद्यालयों में तैनाती दे दी गई। बचे चार शिक्षकों के प्रमाणपत्र जमा किए गए मूल प्रमाणपत्र से मेल नहीं खा रहे थे। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  शासन की ओर से जारी नियम, मानक अनुसार छात्रों और शिक्षकों की संख्या के आधार पर तैनाती के लिए स्कूलों की सूची बनाई जाती है।


इसमें पहले उन विद्यालय को रखा जाता है जहां एक भी शिक्षक नहीं है। इनमें तैनात शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की गिनती नहीं की जाती है। इसके बाद सूची में एकल विद्यालयों को रखा जाता है, जहां एक शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहे हों।


फिर दो, तीन और इससे ज्यादा शिक्षकों वाले विद्यालयों की बारी आती है। विद्यालयों के शिक्षकों के अनुसार तैनाती में इसलिए गड़बड़ी की जाती है, ताकि बाद में शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया में वसूली की जा सके। जहां पहले से ज्यादा शिक्षक हैं, उनमें गए नए शिक्षकों को बाद में समायोजन की प्रक्रिया में डाल दिया जाता है।


दो दर्जन विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं
गोसाईगंज में 35 एकल विद्यालय हैं। यहां 13 स्कूलों में ही शिक्षकों को तैनाती दी गई। माल के 60 एकल विद्यालयों में से 20 में ही तैनाती दी गई। वहीं, 13 शिक्षकों को यहां के दूसरे विद्यालयों में तैनाती दे दी गई। मोहनलालगंज के 23 एकल विद्यालयों में से 11 में तैनाती दी गई और 10 शिक्षकों को यहां के दूसरे स्कूलों में भेज दिया गया।


सरोजनीनगर के 25 एकल विद्यालयों में से नौ में ही शिक्षकों की तैनाती दी गई और छह को दूसरे स्कूल भेज दिया गया। बीकेटी में आठ एकल स्कूल हैं। यहां एकल विद्यालयों में तैनाती के साथ छह शिक्षकों को भी अन्य स्कूलों में तैनाती दी गई। नगर क्षेत्र में करीब दो दर्जन ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से जो सूचनाएं होती हैं वह यू डायस पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अनुसार ही तैनाती की जाती है। यह उनकी जिम्मेदारी है कि सही व सटीक सूचनाएं उपलब्ध कराएं। - पीएन सिंह, एडी बेसिक, लखनऊ मंडल


नवनियुक्त शिक्षकों को सबसे पहले बंद और एकल विद्यालयों में भेजा जाना था। आज भी बहुत से एकल विद्यालयों में नए शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई। वहीं, कई जगह जहां शिक्षकों की जरूरत नहीं थी, ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती कर दी गई, जो ठीक नहीं है। - विनय कुमार सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश 

Saturday, October 31, 2020

हाथरस : 69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत 166 स0अ0 को आवंटित विद्यालय की सूची एवं कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी, देखें

हाथरस : 69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत 166 स0अ0 को आवंटित विद्यालय की सूची एवं कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी, देखें












 

Tuesday, September 8, 2020

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज।

कार्रवाई : उप निदेशक स्तर के अधिकारी सहित छह से मांगा गया है जवाब, पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार सदस्य शामिल।

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के चयन में की गई अनियमितता के मामले में अब चयन समिति के सदस्यों पर गाज गिरेगी। इस मामले में सोमवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने छह लोगों को नोटिस जारी की है। इसमें उपनिदेशक स्तर के अधिकारी हैं। एक पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार प्रतिनिधि शामिल हैं। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संबंधित उचाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। एनजीओ को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है।



कस्तूरबा आवासीय विद्यालय शिवपुर में 2008-09 के सत्र में वार्डन सह शिक्षिका के पद पर यादवेश कुमारी सिंह और अंशकालिक शिक्षक के पद पर रामचरित्र यादव की नियुक्ति हुई थी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जब सभी नियुक्तियों की जांच हुई तोयहां भी जांच कराई गई। जांचसमिति ने पाया कि शिक्षिका कम वार्डेन का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। मगर चयन समिति ने यहां पर ओबीसी वर्ग की अभ्यर्थी यादवेश कुमारी सिंह का चयन किया, जो आरक्षण के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा रामचरित्र यादव की नियुक्ति में मेरिट की उपेक्षा की गई। उनसे अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी को प्रतीक्षा सूची में रख दिया गया। इस मामले उपनिदेशक एनसीईआरटी विष्णु श्याम द्विवेदी को नोटिस जारी की गई है। वह उस समय चयन समिति के सदस्य सचिव थे। इसके अलावा सिंधोरा में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नसीम अंसारी को नोटिस दी गई है। वह भी चयन समिति के सदस्य थे। एनजीओ के प्रतिनिधि के रूप में चयन समिति में शामिल जिला महिला समाख्या की विनीता, मुख्य कार्यकारी शिक्षा प्रचारिणी समिति, सीखड़ी गाजीपुर के आशुतोष राय को भी नोटिस जारी की गई है।

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, आराजीलाइन में भी नियुक्तियों की अनियमितता में चयन समिति के सदस्यों को नोटिस दी गई है। यहां सरिता आर्य नामक एक शिक्षिका नियुक्त की गई। चयन समिति ने उसका मेरिट 249.9 बताया, जबकि अभिलेखों से मेरिट 192.32 बन रही है। अंजनी राय नामक शिक्षिका की मेरिट 287.47 बताई गई, जबकि यह 214.52 है।


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Monday, August 31, 2020

माध्यमिक : नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा

नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग में नवचयनित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति सितंबर में दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि नवचयनित शिक्षकों को ऑनलाइन नियुक्ति देने के साथे उनको ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। ट्रेनिंग के लिए कार्यक्रम और पाठ्यक्रम तय किया जा रहा है। नियुक्ति और उसकी प्रक्रिया का शासनादेश जल्द जारी होगा। 


माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2018 में सहायक अध्यापक के 10 हजार 768 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अब तक हिंदी, सामाजिक विज्ञान को छोड़कर शेष विषयों में चयनित 3457 अभ्यर्थियों को सूची विभाग को सौंप दी है। विभाग ने नवचयनित शिक्षकों को सितंबर में स्कूलों में नियुक्ति देने की तैयारी शुरू की है। रिक्त पदों की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थी चयनित होने के कारण नियुक्ति के मापदंड बनाए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके। अभ्यर्थियों को वरीयता के अनुसार नियुक्ति के लिए स्कूलों का विकल्प देना होगा।

Monday, August 17, 2020

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : दो दशक में ढाई हजार शिक्षकों को नहीं मिली नियुक्ति, अभ्यर्थियों से मांगे गए आवेदन

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : दो दशक में ढाई हजार शिक्षकों को नहीं मिली नियुक्ति, अभ्यर्थियों से मांगे गए आवेदन।


उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित ढाई हजार से अधिक शिक्षकों को दो दशक बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अब ऐसे सभी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं। चयनित शिक्षकों को नियुक्ति नहीं देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।





उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से वर्ष 2000 से 2016 के बीच 4502 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों की भर्ती की गई। बोर्ड ने चयनित शिक्षकों को जिला और स्कूल भी आवंटित किया था, लेकिन कई सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन ने अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण नहीं करने दिया। अभ्यर्थी वर्षों से बोर्ड और निदेशालय के चक्कर लगाते रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मामले में संज्ञान लेते हुए अब कार्रवाई शुरू की है। निदेशालय ने वर्ष 2000 से 2013 के बीच हुई भर्ती में नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों से 21 अगस्त तक और 2016 में हुई भर्ती में नियुक्ति से वंचित चयनित अभ्यर्थियों से 7 सितंबर तक आवेदन मांगे हैं। अभ्यर्थियों को स्कूल प्रबंधन द्वारा नियुक्ति नहीं देने का कारण भी आवेदन में बताना होगा।


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Sunday, August 9, 2020

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

 
प्रयागराज : राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे हैं। शिक्षा निदेशालय में वे तैनाती मिलने की राह देख रहे हैं, जो कि वर्षो से दूसरे संस्थानों से संबद्ध रहे हैं। उन्हें मूल पदों पर वापस जाने के निर्देश हैं, जिनकी पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक के यहां अटकी है।


राजकीय इंटर कालेजों में नियुक्त प्रवक्ताओं को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) व उसके नियंत्रण वाले जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और अन्य संस्थानों में संबद्ध किया गया था। दरअसल, उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में डायट प्रवक्ताओं का चयन लंबित था।


आयोग ने डायट प्रवक्ताओं का चयन तेज किया तो उनके मूल पदों पर भेजने का आदेश हुआ। शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने तीन जनवरी को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय को पत्र भेजकर प्रवक्ताओं को वापस भेजने को कहा था। आठ जनवरी को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. महेंद्र देव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आदेश दिया कि उप्र अधीनस्थ शैक्षणिक सेवा प्रवक्ता संवर्ग महिला व पुरुष शाखा के प्रवक्ताओं को एससीईआरटी व उसके नियंत्रण वाली इकाइयों से उनके मूल पदों (राजकीय इंटर व बालिका इंटर कालेजों) में पदस्थापित करना है। सभी मंडलों में कार्यरत ऐसे प्रवक्ताओं की सूची 10 जनवरी तक मांगी गई थी।


बहरहाल, करीब 200 से अधिक प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने का मामला अभी शिक्षा निदेशालय में लटका है। एडी माध्यमिक ने मंडलों से सूची तलब की लेकिन, मूल पद पर भेजने का जिम्मा एडी राजकीय का है। एडी राजकीय को यह कार्य करने के लिए नियमावली में संशोधन होना है। प्रवक्ताओं की पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक को भेजी गई है।


इन संस्थाओं से हटेंगे

एससीईआरटी लखनऊ, राज्य शिक्षा संस्थान, मनोविज्ञानशाला, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान, राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय प्रयागराज। इसके अलावा राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय आगरा व सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान।

Wednesday, July 29, 2020

सीएम तक पहुंची शिक्षक भर्ती की शिकायत, मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला

सीएम तक पहुंची शिक्षक भर्ती की शिकायत, मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला
 

प्रयागराज : 69 हजार शिक्षक भर्ती का प्रकरण अभी शांत भी नहीं हुआ कि सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सामने आया है। इस प्रकरण की शिकायत भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से की है।


सत्र 2015-16 में जिले भर के दर्जनभर सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब सौ शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इसमें राधा रमण इंटर कालेज, मैरीवाना मेकर, द्वारका प्रसाद गल्र्स कालेज, रमा देवी इंटर कालेज आदि हैं। इन स्कूलों में दो से लेकर दस शिक्षकों की नियुक्ति की गई। यह नियुक्ति शुरुआत से ही विवादों में रही। 


पिछले दिनों भाजपा नेता दिवाकर त्रिपाठी ने आरटीआइ के जरिए नियुक्ति के सभी दस्तावेज डीआइओएस से मांगे। आरटीआइ के जरिए सामने आए दस्तावेजों से पता चला कि इन स्कूलों में भर्ती के विज्ञापन मानक के विपरीत निकाले गए थे। उस विज्ञापन में भर्ती का फार्मेट नहीं दिया गया था बल्कि केवल सूचना निकाली गई। कई स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम थी, उसके बावजूद शिक्षक पद स्वीकृत कर भर्ती की गई। 


भाजपा नेता दिवाकर त्रिपाठी ने नियुक्ति में मिली भगत का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायत कर आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि भर्ती का विज्ञापन विद्यालय प्रबंधन ने दिया था। यह सभी नियुक्तियां नियमानुसार हुई हैं। भाजपा नेता के आरोप निराधार हैं।

Saturday, July 18, 2020

महराजगंज : मृतक आश्रित तथा अन्य सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी वांछित अभिलेखों की पत्रावली प्रेषण के सम्बन्ध में बीएसए ने किया पुनः निर्देशित

महराजगंज : मृतक आश्रित तथा अन्य सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी वांछित अभिलेखों की समस्त पत्रावलियां 22 जुलाई तक प्रेषित करने के सम्बन्ध में बीएसए ने बीईओ को किया पुनः निर्देशित।

मृतक आश्रित शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी पत्रावली प्रेषण के सम्बन्ध में-


Saturday, July 11, 2020

महराजगंज : परिषदीय विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध/फर्जी रूप से हुई नियुक्ति जांच/सत्यापन हेतु बीएसए ने मृतक आश्रित सहित सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं की पत्रावली प्रेषित करने के सम्बन्ध में दिया निर्देश

महराजगंज : परिषदीय विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध/फर्जी रूप से हुई नियुक्ति जांच/सत्यापन हेतु बीएसए ने मृतक आश्रित सहित सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं की पत्रावली प्रेषित करने के सम्बन्ध में दिया निर्देश।


मृतक आश्रित के अन्तर्गत नियुक्त शिक्षक/शिक्षिकाओं की जांच के सम्बन्ध में-


Wednesday, July 1, 2020

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी।

आगरा : आगरा में 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आठ महिला शिक्षिका भी नामजद हैं। सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। एसआईटी ने अपनी जांच में खेल पकड़ा था। इन लोगों की नौकरी फर्जी दस्तावेज पर लगी थी। सभी आरोपित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के वर्ष 2004-05 सत्र के बीएड परीक्षा चार्ट में हेराफेरी करके नौकरी के लिए पात्र बने थे। अब कानूनी शिकंजे में फंसे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने यह मुकदमा शाहगंज थाने में दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे के अनुसार एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने 28 जून 2019 को 3637 फर्जी अभ्यर्थी, 1084 टेंपर्ड अभ्यर्थी, 45 डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की सूची विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की थी। अखबारों में नोटिस देते हुए इन अभ्यर्थियों से 15 दिन में ऑनलाइन रजिस्टर्ड डाक से उनका पक्ष मांगा था। इनमे सिर्फ 814 ने ही अपना पक्ष भेजा। बाकी 2823 अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष नहीं भेजा था। ऐसे अभ्यर्थियों को जिन्होंने जवाब नहीं दिया, विवि फर्जी घोषित कर दिया था। इनमें 24 अभ्यर्थी आगरा के थे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एसआईटी ने बीएड में फर्जीवाड़े की जांच की थी। जनवरी 2020 में एसआईटी की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कहा गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने विवि द्वारा उपलब्ध कराई गई हार्ड और सॉफ्ट कापी बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराकर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था। इन फर्जीवाड़ा करने वाले 24 अभ्यर्थियों की 15 मई 2020 में सेवा समाप्त कर दी गयी थीं।





आरोपित शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर एक-एक करके सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। जो धाराएं हैं उनमें सात साल से अधिक सजा का प्रावधान है। गिरफ्तारी जरूरी है। - बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी

15 मई को शासन से एफआईआर का आदेश हुआ था। इसके बाद संबंधित ब्लॉक के बीएसए को जिम्मेदारी दी गई थी। किन्हीं कारणवश एफआईआर नहीं हो सकी। जिम्मेदारी बाबुओं को दी, लेकिन फिर भी सभी ब्लॉकों से एफआईआर नहीं हुई। मंगलवार को अपने स्तर से एफआईआर कराई है। जल्द ही रिकवरी की जाएगी। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी


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