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Saturday, October 31, 2020

हाथरस : 69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत 166 स0अ0 को आवंटित विद्यालय की सूची एवं कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी, देखें

हाथरस : 69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत 166 स0अ0 को आवंटित विद्यालय की सूची एवं कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी, देखें












 

Tuesday, September 8, 2020

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज।

कार्रवाई : उप निदेशक स्तर के अधिकारी सहित छह से मांगा गया है जवाब, पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार सदस्य शामिल।

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के चयन में की गई अनियमितता के मामले में अब चयन समिति के सदस्यों पर गाज गिरेगी। इस मामले में सोमवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने छह लोगों को नोटिस जारी की है। इसमें उपनिदेशक स्तर के अधिकारी हैं। एक पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार प्रतिनिधि शामिल हैं। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संबंधित उचाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। एनजीओ को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है।



कस्तूरबा आवासीय विद्यालय शिवपुर में 2008-09 के सत्र में वार्डन सह शिक्षिका के पद पर यादवेश कुमारी सिंह और अंशकालिक शिक्षक के पद पर रामचरित्र यादव की नियुक्ति हुई थी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जब सभी नियुक्तियों की जांच हुई तोयहां भी जांच कराई गई। जांचसमिति ने पाया कि शिक्षिका कम वार्डेन का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। मगर चयन समिति ने यहां पर ओबीसी वर्ग की अभ्यर्थी यादवेश कुमारी सिंह का चयन किया, जो आरक्षण के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा रामचरित्र यादव की नियुक्ति में मेरिट की उपेक्षा की गई। उनसे अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी को प्रतीक्षा सूची में रख दिया गया। इस मामले उपनिदेशक एनसीईआरटी विष्णु श्याम द्विवेदी को नोटिस जारी की गई है। वह उस समय चयन समिति के सदस्य सचिव थे। इसके अलावा सिंधोरा में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नसीम अंसारी को नोटिस दी गई है। वह भी चयन समिति के सदस्य थे। एनजीओ के प्रतिनिधि के रूप में चयन समिति में शामिल जिला महिला समाख्या की विनीता, मुख्य कार्यकारी शिक्षा प्रचारिणी समिति, सीखड़ी गाजीपुर के आशुतोष राय को भी नोटिस जारी की गई है।

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, आराजीलाइन में भी नियुक्तियों की अनियमितता में चयन समिति के सदस्यों को नोटिस दी गई है। यहां सरिता आर्य नामक एक शिक्षिका नियुक्त की गई। चयन समिति ने उसका मेरिट 249.9 बताया, जबकि अभिलेखों से मेरिट 192.32 बन रही है। अंजनी राय नामक शिक्षिका की मेरिट 287.47 बताई गई, जबकि यह 214.52 है।


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Monday, August 31, 2020

माध्यमिक : नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा

नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग में नवचयनित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति सितंबर में दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि नवचयनित शिक्षकों को ऑनलाइन नियुक्ति देने के साथे उनको ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। ट्रेनिंग के लिए कार्यक्रम और पाठ्यक्रम तय किया जा रहा है। नियुक्ति और उसकी प्रक्रिया का शासनादेश जल्द जारी होगा। 


माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2018 में सहायक अध्यापक के 10 हजार 768 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अब तक हिंदी, सामाजिक विज्ञान को छोड़कर शेष विषयों में चयनित 3457 अभ्यर्थियों को सूची विभाग को सौंप दी है। विभाग ने नवचयनित शिक्षकों को सितंबर में स्कूलों में नियुक्ति देने की तैयारी शुरू की है। रिक्त पदों की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थी चयनित होने के कारण नियुक्ति के मापदंड बनाए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके। अभ्यर्थियों को वरीयता के अनुसार नियुक्ति के लिए स्कूलों का विकल्प देना होगा।

Monday, August 17, 2020

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : दो दशक में ढाई हजार शिक्षकों को नहीं मिली नियुक्ति, अभ्यर्थियों से मांगे गए आवेदन

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : दो दशक में ढाई हजार शिक्षकों को नहीं मिली नियुक्ति, अभ्यर्थियों से मांगे गए आवेदन।


उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित ढाई हजार से अधिक शिक्षकों को दो दशक बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अब ऐसे सभी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं। चयनित शिक्षकों को नियुक्ति नहीं देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।





उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से वर्ष 2000 से 2016 के बीच 4502 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों की भर्ती की गई। बोर्ड ने चयनित शिक्षकों को जिला और स्कूल भी आवंटित किया था, लेकिन कई सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन ने अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण नहीं करने दिया। अभ्यर्थी वर्षों से बोर्ड और निदेशालय के चक्कर लगाते रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मामले में संज्ञान लेते हुए अब कार्रवाई शुरू की है। निदेशालय ने वर्ष 2000 से 2013 के बीच हुई भर्ती में नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों से 21 अगस्त तक और 2016 में हुई भर्ती में नियुक्ति से वंचित चयनित अभ्यर्थियों से 7 सितंबर तक आवेदन मांगे हैं। अभ्यर्थियों को स्कूल प्रबंधन द्वारा नियुक्ति नहीं देने का कारण भी आवेदन में बताना होगा।


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Sunday, August 9, 2020

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

 
प्रयागराज : राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे हैं। शिक्षा निदेशालय में वे तैनाती मिलने की राह देख रहे हैं, जो कि वर्षो से दूसरे संस्थानों से संबद्ध रहे हैं। उन्हें मूल पदों पर वापस जाने के निर्देश हैं, जिनकी पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक के यहां अटकी है।


राजकीय इंटर कालेजों में नियुक्त प्रवक्ताओं को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) व उसके नियंत्रण वाले जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और अन्य संस्थानों में संबद्ध किया गया था। दरअसल, उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में डायट प्रवक्ताओं का चयन लंबित था।


आयोग ने डायट प्रवक्ताओं का चयन तेज किया तो उनके मूल पदों पर भेजने का आदेश हुआ। शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने तीन जनवरी को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय को पत्र भेजकर प्रवक्ताओं को वापस भेजने को कहा था। आठ जनवरी को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. महेंद्र देव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आदेश दिया कि उप्र अधीनस्थ शैक्षणिक सेवा प्रवक्ता संवर्ग महिला व पुरुष शाखा के प्रवक्ताओं को एससीईआरटी व उसके नियंत्रण वाली इकाइयों से उनके मूल पदों (राजकीय इंटर व बालिका इंटर कालेजों) में पदस्थापित करना है। सभी मंडलों में कार्यरत ऐसे प्रवक्ताओं की सूची 10 जनवरी तक मांगी गई थी।


बहरहाल, करीब 200 से अधिक प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने का मामला अभी शिक्षा निदेशालय में लटका है। एडी माध्यमिक ने मंडलों से सूची तलब की लेकिन, मूल पद पर भेजने का जिम्मा एडी राजकीय का है। एडी राजकीय को यह कार्य करने के लिए नियमावली में संशोधन होना है। प्रवक्ताओं की पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक को भेजी गई है।


इन संस्थाओं से हटेंगे

एससीईआरटी लखनऊ, राज्य शिक्षा संस्थान, मनोविज्ञानशाला, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान, राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय प्रयागराज। इसके अलावा राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय आगरा व सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान।

Wednesday, July 29, 2020

सीएम तक पहुंची शिक्षक भर्ती की शिकायत, मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला

सीएम तक पहुंची शिक्षक भर्ती की शिकायत, मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला
 

प्रयागराज : 69 हजार शिक्षक भर्ती का प्रकरण अभी शांत भी नहीं हुआ कि सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सामने आया है। इस प्रकरण की शिकायत भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से की है।


सत्र 2015-16 में जिले भर के दर्जनभर सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब सौ शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इसमें राधा रमण इंटर कालेज, मैरीवाना मेकर, द्वारका प्रसाद गल्र्स कालेज, रमा देवी इंटर कालेज आदि हैं। इन स्कूलों में दो से लेकर दस शिक्षकों की नियुक्ति की गई। यह नियुक्ति शुरुआत से ही विवादों में रही। 


पिछले दिनों भाजपा नेता दिवाकर त्रिपाठी ने आरटीआइ के जरिए नियुक्ति के सभी दस्तावेज डीआइओएस से मांगे। आरटीआइ के जरिए सामने आए दस्तावेजों से पता चला कि इन स्कूलों में भर्ती के विज्ञापन मानक के विपरीत निकाले गए थे। उस विज्ञापन में भर्ती का फार्मेट नहीं दिया गया था बल्कि केवल सूचना निकाली गई। कई स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम थी, उसके बावजूद शिक्षक पद स्वीकृत कर भर्ती की गई। 


भाजपा नेता दिवाकर त्रिपाठी ने नियुक्ति में मिली भगत का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायत कर आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि भर्ती का विज्ञापन विद्यालय प्रबंधन ने दिया था। यह सभी नियुक्तियां नियमानुसार हुई हैं। भाजपा नेता के आरोप निराधार हैं।

Saturday, July 18, 2020

महराजगंज : मृतक आश्रित तथा अन्य सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी वांछित अभिलेखों की पत्रावली प्रेषण के सम्बन्ध में बीएसए ने किया पुनः निर्देशित

महराजगंज : मृतक आश्रित तथा अन्य सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी वांछित अभिलेखों की समस्त पत्रावलियां 22 जुलाई तक प्रेषित करने के सम्बन्ध में बीएसए ने बीईओ को किया पुनः निर्देशित।

मृतक आश्रित शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी पत्रावली प्रेषण के सम्बन्ध में-


Saturday, July 11, 2020

महराजगंज : परिषदीय विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध/फर्जी रूप से हुई नियुक्ति जांच/सत्यापन हेतु बीएसए ने मृतक आश्रित सहित सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं की पत्रावली प्रेषित करने के सम्बन्ध में दिया निर्देश

महराजगंज : परिषदीय विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध/फर्जी रूप से हुई नियुक्ति जांच/सत्यापन हेतु बीएसए ने मृतक आश्रित सहित सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं की पत्रावली प्रेषित करने के सम्बन्ध में दिया निर्देश।


मृतक आश्रित के अन्तर्गत नियुक्त शिक्षक/शिक्षिकाओं की जांच के सम्बन्ध में-


Wednesday, July 1, 2020

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी।

आगरा : आगरा में 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आठ महिला शिक्षिका भी नामजद हैं। सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। एसआईटी ने अपनी जांच में खेल पकड़ा था। इन लोगों की नौकरी फर्जी दस्तावेज पर लगी थी। सभी आरोपित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के वर्ष 2004-05 सत्र के बीएड परीक्षा चार्ट में हेराफेरी करके नौकरी के लिए पात्र बने थे। अब कानूनी शिकंजे में फंसे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने यह मुकदमा शाहगंज थाने में दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे के अनुसार एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने 28 जून 2019 को 3637 फर्जी अभ्यर्थी, 1084 टेंपर्ड अभ्यर्थी, 45 डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की सूची विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की थी। अखबारों में नोटिस देते हुए इन अभ्यर्थियों से 15 दिन में ऑनलाइन रजिस्टर्ड डाक से उनका पक्ष मांगा था। इनमे सिर्फ 814 ने ही अपना पक्ष भेजा। बाकी 2823 अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष नहीं भेजा था। ऐसे अभ्यर्थियों को जिन्होंने जवाब नहीं दिया, विवि फर्जी घोषित कर दिया था। इनमें 24 अभ्यर्थी आगरा के थे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एसआईटी ने बीएड में फर्जीवाड़े की जांच की थी। जनवरी 2020 में एसआईटी की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कहा गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने विवि द्वारा उपलब्ध कराई गई हार्ड और सॉफ्ट कापी बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराकर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था। इन फर्जीवाड़ा करने वाले 24 अभ्यर्थियों की 15 मई 2020 में सेवा समाप्त कर दी गयी थीं।





आरोपित शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर एक-एक करके सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। जो धाराएं हैं उनमें सात साल से अधिक सजा का प्रावधान है। गिरफ्तारी जरूरी है। - बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी

15 मई को शासन से एफआईआर का आदेश हुआ था। इसके बाद संबंधित ब्लॉक के बीएसए को जिम्मेदारी दी गई थी। किन्हीं कारणवश एफआईआर नहीं हो सकी। जिम्मेदारी बाबुओं को दी, लेकिन फिर भी सभी ब्लॉकों से एफआईआर नहीं हुई। मंगलवार को अपने स्तर से एफआईआर कराई है। जल्द ही रिकवरी की जाएगी। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी


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Friday, June 26, 2020

एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


प्रयागराज : एडेड माध्यमिक कालेजों की शिक्षक नियुक्ति में हेराफेरी करने वाले अब निशाने पर हैं। शासन के निर्देश पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आख्या के साथ तलब किया जा चुका है। सभी से पूछा गया है कि शिक्षक पद का अधियाचन यदि चयन बोर्ड नहीं भेजा गया तो दोषी अधिकारी का नाम क्या है? और उसकी वर्तमान में तैनाती कहां है? इस सवाल से साफ है कि नियुक्ति में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। बस जांच पूरा होने का इंतजार है।



असल में, सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह व अन्य बनाम उप्र व अन्य सहित सिविल अपीलों पर 28 फरवरी 2020 को आदेश दिया है। शासन अशासकीय सहायताप्राप्त कालेजों में नियुक्ति पाने वालों की चयन प्रक्रिया जांच रहा है कि वह सही है या नहीं। शासन स्तर पर तय हुआ कि उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सचिव पिछले वर्षो में मिले अधियाचन की रिपोर्ट देंगी। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक जिलों से भेजें अधियाचन व चयन प्रक्रिया की जांच करेंगे।


प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व डीआइओएस को तलब करके जांच शुरू कर दी है।


इस तरह की मांगी आख्या : जिले का नाम, शिक्षक का नाम व पदनाम, विद्यालय, कब से संबद्ध, रिक्त पद किस विषय का था पूर्व में कार्यरत शिक्षक का नाम, भेजे अधियाचन का पत्रंक व दिनांक, यदि अधियाचन नहीं भेजा दोषी अधिकारी का नाम व वर्तमान तैनाती स्थान, अधियाचन की प्रति चयनित अभ्यर्थी को मिली या नहीं, नियुक्ति की तारीख।


नियुक्ति प्रक्रिया : दो बहुप्रसारित समाचार पत्र में विज्ञापन, चयन समिति का गठन, अर्हता, गुणांक निर्धारण। संस्था ने डीआइओएस को प्रकरण कब संदíभत किया था, वेतन भुगतान व अन्य विवरण

Thursday, June 25, 2020

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या, KGBV भर्ती घोटाले की जांच आगे बढ़ने के साथ नए पर्दाफाश

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या।


लखनऊ : उप्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों से अनामिका शुक्ला नाम से भर्ती घोटाला की जांच आगे बढ़ने के साथ ही नए पर्दाफाश भी हो रहे हैं। अनामिका के बाद संध्या द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है, जो तीन स्कूलों में नौकरी कर रही है। अनामिका शुक्ला कांड के बाद हुई जांच में यह मामला सामने आया। वह शिक्षिका गायब है। फिलहाल उसे बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षिका की नौकरी करने वाली मैनपुरी के भैंसरोली गांव निवासी संध्या द्विवेदी फर्रुखाबाद और अलीगढ़ में भी नौकरी कर रही थी।





कासगंज में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली सुप्रिया के मामले में सोरों पुलिस ने मंगलवार को चयन कमेटी में रहे तत्कालीन जिला समन्वयक (डीसी) के बयान दर्ज किए। गोंडा में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद उसकी तलाश समाप्त हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है। लेकिन अब तक यहां आवेदन करने वाली अनामिका की गुत्था नहीं सुलझी है। विभाग अब भी उस आवेदन की तलाश कर रहा है।






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अलीगढ़ : अनामिका फर्जीवाड़े में सरगना का प्रमुख साथी गिरफ्तार

अलीगढ़ : अनामिका फर्जीवाड़े में सरगना का प्रमुख साथी गिरफ्तार।

अलीगढ़ : जिले के बिजौली ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों से नौकरी करने वाली कानपुर की बबली यादव के बहनोई बल्लू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गैंग के सरगना पुष्पेंद्र का प्रमुख साथी है। इसी ने बबली की मुलाकात पुष्पेंद्र से कराई थी। बल्लू की पत्नी भी आजमगढ़ में फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रही थी। जब भांडा फूटा तो सभी लोग फरार हो गए। बबली को अलीगढ़ में ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछले सप्ताह पुष्पेंद्र की गाँडा में गिरफ्तारी होने के बाद सैढपुर थाना किशनी (मैनपुरी) निवासी बल्लू यादव व पुष्पेंद्र की महिला मित्र राज बेटी की घेराबंदी में पुलिस जुटी थी।






 थाना पाली मुकीमपुर के एस हरिभान सिंह व एसआइ सहवीर ने बल्लू को मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर बुलंदशहर बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, रचिता यादव के नाम के छह और प्रीति यादव के नाम के 11 शैक्षिक प्रमाण पत्र और 500 रुपये मिले हैं। क्षेत्राधिकारी अतरौली प्रशांत सिंह ने बताया कि बिल्ली ने बबली और सरिता को नौकरी लगवाने की बात कबूली है। राजबेटी की तलाश है। जल्द उसे भी पकड़ लिया जाएगा। तीन लाख में दिलाते थे नौकरी पुलिस को बल्लू ने बताया कि दिसंबर 2018 में उसकी मुलाकात पुष्पेंद्र और राज बेटी से मैनपुरी में हुई थी। दोनों ने बताया था कि वे महिलाओं को कस्तूरबा विद्यालय में तीन लाख रुपये लेकर नौकरी दिलवाते हैं। इसके बाद बल्लू ने अपनी पत्नी रचिता यादव को जनवरी 2019 में प्रीति यादव पुत्र लाल बहादुर यादव के नाम से आजमगढ़ के बबई ब्लॉक में नौकरी दिला दी। आधार कार्ड भी प्रीति के नाम से बा। पत्नी की काउंसलिंग पुष्पेंद्र और राज बेटी ने करवाई थी। नौ जून को प्रकरण का पता चला तो चिंता भी फरार हो गई। हर महीने पत्नी के अकाउंट से 15 हजार रुपये पुष्पेंद्र व राज बेटी को जाते थे। नगद रुपये नहीं लेते थे। कहा जाता था कि और लोगों को लाओ, उनको भी लगवा देंगे। इसके बाद बिल्ली ने बबली यादव को पुष्पेंद्र से मिलवाया। चचेरी साली सविता यादव को भी प्रयागराज में नौकरी दिलाई। दोनों को मिलवाने के एवज में बल्लू को रुपये मिले थे। पुष्पेंद्र की कानपुर, अलीगढ़, प्रयागराज, गोंडा समेत कई जिलों से जान-पहचान है।


अलीगढ़ में पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है | बबली, उसकी नौकरी लगवाने के एवज भी मिले थे रुपये


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कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल

कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल।


कासगंज। वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री पर जालसाजी कर नौकरी हासिल कर चुके 91 में से 5 शिक्षक दोषी पाए जा चुके हैं। न्यायालय से इन्हें राहत नहीं मिली। उसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर विधिक कार्रवाई शुरू की। तीन शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि दो के खिलाफ कार्रवाई शिथिल है। हालांकि फर्जी पाए गए पांचों शिक्षक फरार हो चुके हैं और उनके मोबाइल बंद हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। पिछले साल अक्टूबर में एसआईटी ने शिक्षक फर्जीवाड़े की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी।





इन 91 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश पर फिर बहाली हुई। उसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग उच्च न्यायालय में पैरवी कर रहा है। न्यायालय में जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने तर्क रखे। जिसमें 5 शिक्षकों का फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया, जबकि 86 की सुनवाई विचाराधीन है। फर्जी पांचों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के बाद बीएसएफ ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए। अमांपुर, गंजडुंडवारा और सोरों के खंड शिक्षाधिकारी तीन पर मुकदमा दर्ज करा चुके हैं।


फर्जी शिक्षिका व वार्डन ने लिया 34 लाख से अधिक का मानदेय

कासगंज। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नियुक्ति के नाम पर हुए फर्जीवाड़े से शिक्षा विभाग को लाखों की चपत लग गई। फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करती रहीं रानामऊ को शिक्षिका और हुमायूंपुर की वार्डन लगभग 34 लाख रुपये से अधिक का मानदेय ले चुकी हैं। अब इसकी बिक्री कर विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दोनों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।



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फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला के टीईटी प्रमाणपत्र से पाई निधि ने नौकरी, फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला के टीईटी प्रमाणपत्र से पाई निधि ने नौकरी, फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा।


फर्रुखाबाद: अनामिका शुक्ला के टीईटी प्रमाण पत्र से पाई निधि ने नौकरी

फर्रुखाबाद। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कायमगंज की वार्डन निधि गुप्ता का टीईटी प्रमाण पत्र सत्यापन में अनामिका शुक्ला का निकाला। वार्डन ने कूटरचित तरीके से अनामिका के टीईटी प्रमाण पत्र को अपने नाम बनाकर नौकरी के लिए दाखिल किया था। इसका खुलासा बार कोड से ऑनलाइन सत्यापन में हुआ है।





बा आवासीय विद्यालय की सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के मूल अभिलेखों, आधार कार्ड व पैन कार्ड का ऑनलाइन सत्यापन चल रहा है। इसके बाद ऑनलाइन भी सत्यापन होगा। ऑनलाइन सत्यापन में कायमगंज की वार्डन निधि गुप्ता के टीईटी प्रमाण पत्र के बार कोड से जांच की गई तो वह वह अनामिका शुक्ला का निकाला। ये प्रमाण पत्र वर्ष 2015 का है। इससे अनामिका शुक्ला प्रकरण के मास्टर माइंड पुष्पेंद्र से वार्ड निधि गुप्ता के तार जुड़ने का संकेत मिल रहा है। बीएसएफ लालजी यादव ने बताया बा के सभी शिक्षक व कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेख, आधार कार्ड, पैन कार्ड का सत्यापन चल रहा है। इसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।


कूटरचित तरीके से निधि गुप्ता ने अपने नाम बनवाया।


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Wednesday, June 24, 2020

माध्यमिक शिक्षा : पदनाम बदला, चयन व नियुक्तियों का पावर नहीं, नियमावली संशोधन के लिए गुहार


पदनाम बदला, चयन व नियुक्तियों का पावर नहीं, नियमावली संशोधन के लिए गुहार


राजकीय इंटर कालेजों में प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने में ही अड़चन नहीं आ रही, बल्कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 में चयनितों की नियुक्ति में भी नियमावली आड़े आएगी। वजह, एडी राजकीय के पद पर अंजना गोयल की नियुक्ति तो कर दी गई लेकिन, शासन व बड़े अधिकारी उन्हें दो साल में कार्य करने का पावर नहीं दे सकें हैं। नियमावली में संशोधन हुए बिना वे अनवरत कार्य कर रही हैं, इससे कभी भी विधिक समस्या खड़ी हो सकती है।


प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा महकमे में कामकाज बेहतर करने के लिए बड़ी पहल हुई। शासन ने 30 अगस्त 2018 को शिक्षा निदेशालय में अपर निदेशक महिला का पदनाम बदलकर अपर निदेशक राजकीय कर दिया, उसी के तहत कार्य आवंटन भी हुआ। एक साल बाद 22 अक्टूबर 2019 को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने एडी राजकीय को पत्र भेजकर कहा कि वे कामकाज शुरू करें। एडी राजकीय ने 28 नवंबर 2019 को निदेशालय के प्रशासनिक अधिकारियों से कहा वे शिक्षा निदेशक के आदेश का पालन करें। इस पर कामकाज शुरू हुआ लेकिन, नियमावली का पेंच बरकरार है।।



नियमावली संशोधन के लिए गुहार : शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने 10 जून को फिर सचिव उप्र शासन शिक्षा अनुभाग दो को पत्र भेजा है, क्योंकि एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। इसमें नियमावली में संशोधन करने का अनुरोध किया गया है। ताज्जुब यह है कि शिक्षा निदेशक शासन के आदेश पर भी बिना नियमावली में बदलाव कराए एडी राजकीय से कार्य करा रहे हैं। इसमें विधिक अड़चन आने से इन्कार नहीं किया जा सकता।


एडी महिला को नहीं मिलती थी जिम्मेदारी : शिक्षा निदेशालय में एडी महिला एक तरह से दंड का पद रहा है। जिस अधिकारी को महत्वहीन करना हो उसे यहां तैनाती दी जाती रही।


अपर निदेशक राजकीय के पद पर हमें नियमानुसार नियुक्ति मिली है और कार्य आवंटन भी हो चुका है, शासन की मंशा के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। - अंजना गोयल, अपर निदेशक राजकीय शिक्षा निदेशालय प्रयागराज


अभी एडी माध्यमिक ही जिम्मेदार
शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने 11 सितंबर 2018 को शासन को प्रस्ताव भेजा था कि उप्र अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली 2016 व उप्र विशेष अधीनस्थ शैक्षणिक (प्रवक्ता संवर्ग) सेवा नियमावली 1992 में द्वितीय संशोधन किया जाए। दोनों में अभी नियुक्ति प्राधिकारी एडी माध्यमिक हैं, इनकी जगह एडी राजकीय होना है। सचिव संध्या तिवारी ने निदेशक को 23 अक्टूबर 2018 को पत्र लिखकर कहा कि इस प्रक्रिया में समय लगेगा, प्रवक्ता व एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति आदि कार्यवाही एडी माध्यमिक स्तर से ही कराई जाए।

घर मे ताला लगा कर फर्जी अनामिका फरार, कानपुर देहात स्थित घर पर पहुंचीं पुलिस टीम

घर मे ताला लगा कर फर्जी अनामिका फरार, कानपुर देहात स्थित घर पर पहुंचीं पुलिस की टीम।


प्रयागराज : सोरांव के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली शिक्षिका घर छोड़कर फरार हो गई है। तलाश में लगी कर्नलगंज पुलिस कानपुर देहात स्थित उसके घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि पूरा परिवार कई दिनों से गायब है। अन्य जिलों में मामला सामने आने के बाद पता चला था कि अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी का खेल यहां भी हुआ। मामले में बीएसए की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच में पता चला कि यहां नौकरी करने वाली शिक्षिका सविता यादव है जो कानपुर देहात की रहने वाली है। जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। मंगलवार को कर्नलगंज पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में कानपुर देहात गई। टीम रसूलाबाद थाना क्षेत्र के चंदनपुरा गांव में स्थित शिक्षिका के घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि परिवार कई दिनों से घर में ताला लगाकर गायब है। जिसके बाद टीम वहां से लौट आई। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि शिक्षिका की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।





महिला निकली सरगना के मददगार की रिश्तेदार सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि सोरांव में नौकरी करने वाली सरिता यादव पिछले दिनों फर्जीवाड़े के ही मामले में जेल भेजे गए सरगना पुष्पेंद्र सिंह के मददगार आनंद सिंह की रिश्तेदार है। जौनपुर में जिला समन्वयक अधिकारी आनंद ही अभ्यर्थियों के दस्तावेज पुष्पेंद्र को उपलब्ध काता था। उधर शिक्षिका की भाभी भी अलीगढ़ में किसी और के दस्तावेजों पर नौकरी करते मिली थी जिसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।


अफसरों की भी भूमिका की होगी जांच

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सोरांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय के स्टाफ समेत अफसरों की भी भूमिका की जांच की जा रही है। दरअसल तहरीर में खुद यह बात स्वीकार की गई है कि बिना मूल शैक्षिक दस्तावेज दिखाए शिक्षिका ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। पहला सवाल तो यह है कि क्यों और किसकी अनुमति से हुआ? दूसरा सवाल अगर कार्यभार ग्रहण किया भी गया तो इसकी सूचना अफसरों को क्यों नहीं दी गई? अगर नहीं दी गई तो पर्यवेक्षण अधिकारी इनते दिनों तक क्या करते रहे और अगर सूचना दी गई तो अफसरों ने इस पर तत्काल संज्ञान क्यों नहीं लिया?




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Saturday, June 20, 2020

खुलासा : ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका

खुलासा : ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका।


ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका।



प्रयागराज : कस्तूरबा बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली एक ननद-भौजाई का पुलिस ने खुलासा किया है। इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड उसका जीजा है। जिसने दोनों महिलाओं को फर्जी अनामिका बनाकर नियुक्ति कराई थी। अलीगढ़ पुलिस ने फर्जी अनामिका बनी भाभी को गिरफ्तार कर लिया। अब कर्नलगंज पुलिस उसकी ननद की तलाश में लगी है।



कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली शिक्षिका का खुलासा होने के बाद प्रयागराज के बीएसए ने कर्नलगंज थाने में भी फर्जी अनामिका के खिलाफ एफआईआर कराई थी। पुलिस को शुरुआती जांच से पता चला कि जिले में रीना नामक महिला अनामिका के नाम पर नौकरी कर रही थी। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि रीना की जगह कानपुर देहात की सरिता यादव अनामिका बनकर नौकरी कर रही थी। खुलासा होने के बाद से वह फरार है। बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े का खुलासा अलीगढ़ पुलिस ने किया। अलीगढ़ पुलिस ने वहां पर तैनात फर्जी अनामिका की जांच करते हुए कानपुर देहात की बबली यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि बबली यादव की ननद सरिता यादव प्रयागराज में नौकरी कर रही थी। इन्हें उनके जीजा बल्लू यादव ने अपने मित्र पुष्पेंद्र की मदद से तीन तीन लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति कराई थी। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि फर्जी अनामिका यानि सरिता यादव की तलाश में प्रयागराज पुलिस की एक टीम कानपुर देहात में छापेमारी करेगी। उसके खिलाफ साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।


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Thursday, June 18, 2020

एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सांठगांठ से नियुक्तियां

एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सांठगांठ से नियुक्तियां!


शिक्षकों की नियुक्तियां सिर्फ सत्यापन में हेराफेरी करके ही नहीं हुई,बल्कि चयन में सांठगांठ का खेल खूब फूला फला है। प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों में ऐसे शिक्षक बड़ी संख्या में तैनात हैं, जिनका अधियाचन (रिक्त पद का ब्योरा) चयन संस्था को सही से भेजा ही नहीं गया। इतना ही नहीं अफसरों ने चयन प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना खेत पद के सापेक्ष तैनाती दे दी । 


शासन के आदेश पर ऐसे शिक्षकों की खोज की जा ही है। जल्द ही ऐसे जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्रवाई के दायरे में होंगे, जिन्होंने आंख मूंदकर नियुक्तियां बांटी हैं। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के ख्ति पद पर चयन करने का जिम्मा उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को है। नियम है कि संबंधित संस्था से अधिवाचन मंगाकर डीआरएस चयन संस्था को भेजो। 



कालेजों का प्रबंधतंत्र चयनित की जगह चाहते शिक्षकों कार्यभार ग्रहण कराया हा है। डीआइओएस से सांठगांठ कर उसकी मुराद पूरी होती रही है। ऐसे शिक्षकों का विनियमितीकरण सकारें करती ही हैं। इस बार भी शीर्ष कोट में संजय सिंह व अन्य बनाम मप्र राज्य से संबद्ध सिविल अपीलों में मांग की गई थी कि शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए।

चयन के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की नियुक्ति, परिषदीय अंग्रेजी स्कूलों में पूरे वर्ष ठप रही पढ़ाई

चयन के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की नियुक्ति, परिषदीय अंग्रेजी स्कूलों में पूरे वर्ष ठप रही पढ़ाई


प्रयागराज। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परिषदीय अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से सत्र 2019-20 में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला चयन समिति को ओर से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए शिक्षक चयन प्रक्रिया एक सितंबर तक पूरी कर लेने के बाद भी किसी को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। चयनित शिक्षक जिलधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का चक्कर लगाते रहे परंतु उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।  अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 20 मार्च 2019 को विज्ञापन जारी किया गया। 


परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने इसके लिए आगे बढ़कर आवेदन किया। विभाग की ओर से 16 मई 2019 को परीक्षा कराई गई। 26 जून से एक जुलाई तक इंटरव्यू कराया गया। इंटरव्यू के बाद 30 अगस्त से एक सितंबर तक नियुक्ति के लिए काउंसलिंग कराई गई।  चयन और नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी प्रयागराज जिले में अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित विद्यालयों में शिक्षकों कौ नियुक्ति नहीं की गई। शिक्षकों कौ काउंसलिंग पूरी करने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया । चयनित अभ्यर्थी डीएम और बीएसए के साथ बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थक गए परंतु नियुक्ति पत्र नहीं मिला।

अनामिका के नाम पर अमेठी पर तैनात रही आरती गिरफ्तार, फर्जी शिक्षिका को बर्खास्त कर चुके हैं बीएसए

अनामिका के नाम पर अमेठी पर तैनात रही आरती गिरफ्तार, फर्जी शिक्षिका को बर्खास्त कर चुके हैं बीएसए।

अमेठी में फर्जी कागजात के सहारे नौकरी करने वाली आरती गिरफ्तार

कन्नौज की आरती, अनामिका शुक्ला बन कर रही थी नौकरी


पुलिस ने अमेठी बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। कन्नौज की मूल निवासी बन कर नौकरी रही थी।...


अमेठी : जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में फर्जी तरीके से एक और अनामिका शुक्ला का खुलासा होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। वह जिसकी पहचान आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू के रूप में हुई है।



कन्नौज जिले की मूल निवासी आरती मैनपुरी की निवासी बन जिले में नौकरी कर रही थी। पुलिस ने बुधवार सुबह फर्जी कागजातों के सहारे नौकरी करने वाली आरती को शहर के बस स्टेशन के करीब से गिरफ्तार किया।


पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि बीते छह जून को अमेठी कोतवाली बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक प्रभाकर मिश्र द्वारा अनामिका शुक्ला के खिलाफ केस दर्ज कराया गया, जिसके बाद से लगातार पुलिस मामले के राजफाश के लिए तहकीकात में जुटी थी। बुधवार सुबह मुखबिर से मिली सूचना पर अमेठी पुलिस ने आरती को पकड़ा तो उसने अपना नाम अनामिका शुक्ला निवासी हानपुर थाना भोगांव, जिला मैनपुरी बताया। 


पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गई और बताया कि 'मेरा मूल नाम आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू, मैं ग्राम सरदामई, थाना विशुनगढ़, जिला कन्नौज की रहने वाली हूं। मैं फर्जी तरीके से अनामिका शुक्ला के नाम पर उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व निवास प्रमाण पत्र पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दाखिल करके कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नौकरी कर रही थी।



चर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण में अमेठी कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका के नाम पर तैनात रही शिक्षिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी शिक्षिका की पहचान कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के हरदोई गांव की रहने वाली आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू के रूप में हुई है। स्वाट टीम ने इसे बुधवार की सुबह बसस्टेशन अमेठी से गिरफ्तार करने का दावा किया है।


प्रदेश के कई जिलों में अनामिका शुक्ला के नाम से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका के कार्यरत होने का मामला उजागर होने के बाद बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने अमेठी जनपद में इस नाम से कार्यरत शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया था। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा प्रभाकर मिश्र ने 6 जून को अमेठी कोतवाली में आरोपी शिक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। अनामिका की तलाश में लगी टीम को बुधवार की सुबह साढ़े पांच बजे सफलता मिली। उन्होंने बस स्टेशन अमेठी से नकली अनामिका को गिरफ्तार कर लिया।

शिकंजा : कन्नौज की निवासी है आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू

फर्जी शिक्षिका को बर्खास्त कर चुके हैं बीएसएफ


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