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Wednesday, July 1, 2020

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी।

आगरा : आगरा में 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आठ महिला शिक्षिका भी नामजद हैं। सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। एसआईटी ने अपनी जांच में खेल पकड़ा था। इन लोगों की नौकरी फर्जी दस्तावेज पर लगी थी। सभी आरोपित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के वर्ष 2004-05 सत्र के बीएड परीक्षा चार्ट में हेराफेरी करके नौकरी के लिए पात्र बने थे। अब कानूनी शिकंजे में फंसे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने यह मुकदमा शाहगंज थाने में दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे के अनुसार एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने 28 जून 2019 को 3637 फर्जी अभ्यर्थी, 1084 टेंपर्ड अभ्यर्थी, 45 डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की सूची विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की थी। अखबारों में नोटिस देते हुए इन अभ्यर्थियों से 15 दिन में ऑनलाइन रजिस्टर्ड डाक से उनका पक्ष मांगा था। इनमे सिर्फ 814 ने ही अपना पक्ष भेजा। बाकी 2823 अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष नहीं भेजा था। ऐसे अभ्यर्थियों को जिन्होंने जवाब नहीं दिया, विवि फर्जी घोषित कर दिया था। इनमें 24 अभ्यर्थी आगरा के थे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एसआईटी ने बीएड में फर्जीवाड़े की जांच की थी। जनवरी 2020 में एसआईटी की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कहा गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने विवि द्वारा उपलब्ध कराई गई हार्ड और सॉफ्ट कापी बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराकर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था। इन फर्जीवाड़ा करने वाले 24 अभ्यर्थियों की 15 मई 2020 में सेवा समाप्त कर दी गयी थीं।





आरोपित शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर एक-एक करके सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। जो धाराएं हैं उनमें सात साल से अधिक सजा का प्रावधान है। गिरफ्तारी जरूरी है। - बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी

15 मई को शासन से एफआईआर का आदेश हुआ था। इसके बाद संबंधित ब्लॉक के बीएसए को जिम्मेदारी दी गई थी। किन्हीं कारणवश एफआईआर नहीं हो सकी। जिम्मेदारी बाबुओं को दी, लेकिन फिर भी सभी ब्लॉकों से एफआईआर नहीं हुई। मंगलवार को अपने स्तर से एफआईआर कराई है। जल्द ही रिकवरी की जाएगी। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी


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Friday, June 26, 2020

एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


प्रयागराज : एडेड माध्यमिक कालेजों की शिक्षक नियुक्ति में हेराफेरी करने वाले अब निशाने पर हैं। शासन के निर्देश पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आख्या के साथ तलब किया जा चुका है। सभी से पूछा गया है कि शिक्षक पद का अधियाचन यदि चयन बोर्ड नहीं भेजा गया तो दोषी अधिकारी का नाम क्या है? और उसकी वर्तमान में तैनाती कहां है? इस सवाल से साफ है कि नियुक्ति में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। बस जांच पूरा होने का इंतजार है।



असल में, सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह व अन्य बनाम उप्र व अन्य सहित सिविल अपीलों पर 28 फरवरी 2020 को आदेश दिया है। शासन अशासकीय सहायताप्राप्त कालेजों में नियुक्ति पाने वालों की चयन प्रक्रिया जांच रहा है कि वह सही है या नहीं। शासन स्तर पर तय हुआ कि उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सचिव पिछले वर्षो में मिले अधियाचन की रिपोर्ट देंगी। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक जिलों से भेजें अधियाचन व चयन प्रक्रिया की जांच करेंगे।


प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व डीआइओएस को तलब करके जांच शुरू कर दी है।


इस तरह की मांगी आख्या : जिले का नाम, शिक्षक का नाम व पदनाम, विद्यालय, कब से संबद्ध, रिक्त पद किस विषय का था पूर्व में कार्यरत शिक्षक का नाम, भेजे अधियाचन का पत्रंक व दिनांक, यदि अधियाचन नहीं भेजा दोषी अधिकारी का नाम व वर्तमान तैनाती स्थान, अधियाचन की प्रति चयनित अभ्यर्थी को मिली या नहीं, नियुक्ति की तारीख।


नियुक्ति प्रक्रिया : दो बहुप्रसारित समाचार पत्र में विज्ञापन, चयन समिति का गठन, अर्हता, गुणांक निर्धारण। संस्था ने डीआइओएस को प्रकरण कब संदíभत किया था, वेतन भुगतान व अन्य विवरण

Thursday, June 25, 2020

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या, KGBV भर्ती घोटाले की जांच आगे बढ़ने के साथ नए पर्दाफाश

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या।


लखनऊ : उप्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों से अनामिका शुक्ला नाम से भर्ती घोटाला की जांच आगे बढ़ने के साथ ही नए पर्दाफाश भी हो रहे हैं। अनामिका के बाद संध्या द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है, जो तीन स्कूलों में नौकरी कर रही है। अनामिका शुक्ला कांड के बाद हुई जांच में यह मामला सामने आया। वह शिक्षिका गायब है। फिलहाल उसे बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षिका की नौकरी करने वाली मैनपुरी के भैंसरोली गांव निवासी संध्या द्विवेदी फर्रुखाबाद और अलीगढ़ में भी नौकरी कर रही थी।





कासगंज में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली सुप्रिया के मामले में सोरों पुलिस ने मंगलवार को चयन कमेटी में रहे तत्कालीन जिला समन्वयक (डीसी) के बयान दर्ज किए। गोंडा में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद उसकी तलाश समाप्त हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है। लेकिन अब तक यहां आवेदन करने वाली अनामिका की गुत्था नहीं सुलझी है। विभाग अब भी उस आवेदन की तलाश कर रहा है।






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अलीगढ़ : अनामिका फर्जीवाड़े में सरगना का प्रमुख साथी गिरफ्तार

अलीगढ़ : अनामिका फर्जीवाड़े में सरगना का प्रमुख साथी गिरफ्तार।

अलीगढ़ : जिले के बिजौली ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों से नौकरी करने वाली कानपुर की बबली यादव के बहनोई बल्लू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गैंग के सरगना पुष्पेंद्र का प्रमुख साथी है। इसी ने बबली की मुलाकात पुष्पेंद्र से कराई थी। बल्लू की पत्नी भी आजमगढ़ में फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रही थी। जब भांडा फूटा तो सभी लोग फरार हो गए। बबली को अलीगढ़ में ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछले सप्ताह पुष्पेंद्र की गाँडा में गिरफ्तारी होने के बाद सैढपुर थाना किशनी (मैनपुरी) निवासी बल्लू यादव व पुष्पेंद्र की महिला मित्र राज बेटी की घेराबंदी में पुलिस जुटी थी।






 थाना पाली मुकीमपुर के एस हरिभान सिंह व एसआइ सहवीर ने बल्लू को मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर बुलंदशहर बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, रचिता यादव के नाम के छह और प्रीति यादव के नाम के 11 शैक्षिक प्रमाण पत्र और 500 रुपये मिले हैं। क्षेत्राधिकारी अतरौली प्रशांत सिंह ने बताया कि बिल्ली ने बबली और सरिता को नौकरी लगवाने की बात कबूली है। राजबेटी की तलाश है। जल्द उसे भी पकड़ लिया जाएगा। तीन लाख में दिलाते थे नौकरी पुलिस को बल्लू ने बताया कि दिसंबर 2018 में उसकी मुलाकात पुष्पेंद्र और राज बेटी से मैनपुरी में हुई थी। दोनों ने बताया था कि वे महिलाओं को कस्तूरबा विद्यालय में तीन लाख रुपये लेकर नौकरी दिलवाते हैं। इसके बाद बल्लू ने अपनी पत्नी रचिता यादव को जनवरी 2019 में प्रीति यादव पुत्र लाल बहादुर यादव के नाम से आजमगढ़ के बबई ब्लॉक में नौकरी दिला दी। आधार कार्ड भी प्रीति के नाम से बा। पत्नी की काउंसलिंग पुष्पेंद्र और राज बेटी ने करवाई थी। नौ जून को प्रकरण का पता चला तो चिंता भी फरार हो गई। हर महीने पत्नी के अकाउंट से 15 हजार रुपये पुष्पेंद्र व राज बेटी को जाते थे। नगद रुपये नहीं लेते थे। कहा जाता था कि और लोगों को लाओ, उनको भी लगवा देंगे। इसके बाद बिल्ली ने बबली यादव को पुष्पेंद्र से मिलवाया। चचेरी साली सविता यादव को भी प्रयागराज में नौकरी दिलाई। दोनों को मिलवाने के एवज में बल्लू को रुपये मिले थे। पुष्पेंद्र की कानपुर, अलीगढ़, प्रयागराज, गोंडा समेत कई जिलों से जान-पहचान है।


अलीगढ़ में पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है | बबली, उसकी नौकरी लगवाने के एवज भी मिले थे रुपये


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कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल

कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल।


कासगंज। वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री पर जालसाजी कर नौकरी हासिल कर चुके 91 में से 5 शिक्षक दोषी पाए जा चुके हैं। न्यायालय से इन्हें राहत नहीं मिली। उसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर विधिक कार्रवाई शुरू की। तीन शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि दो के खिलाफ कार्रवाई शिथिल है। हालांकि फर्जी पाए गए पांचों शिक्षक फरार हो चुके हैं और उनके मोबाइल बंद हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। पिछले साल अक्टूबर में एसआईटी ने शिक्षक फर्जीवाड़े की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी।





इन 91 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश पर फिर बहाली हुई। उसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग उच्च न्यायालय में पैरवी कर रहा है। न्यायालय में जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने तर्क रखे। जिसमें 5 शिक्षकों का फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया, जबकि 86 की सुनवाई विचाराधीन है। फर्जी पांचों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के बाद बीएसएफ ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए। अमांपुर, गंजडुंडवारा और सोरों के खंड शिक्षाधिकारी तीन पर मुकदमा दर्ज करा चुके हैं।


फर्जी शिक्षिका व वार्डन ने लिया 34 लाख से अधिक का मानदेय

कासगंज। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नियुक्ति के नाम पर हुए फर्जीवाड़े से शिक्षा विभाग को लाखों की चपत लग गई। फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करती रहीं रानामऊ को शिक्षिका और हुमायूंपुर की वार्डन लगभग 34 लाख रुपये से अधिक का मानदेय ले चुकी हैं। अब इसकी बिक्री कर विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दोनों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।



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फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला के टीईटी प्रमाणपत्र से पाई निधि ने नौकरी, फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला के टीईटी प्रमाणपत्र से पाई निधि ने नौकरी, फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा।


फर्रुखाबाद: अनामिका शुक्ला के टीईटी प्रमाण पत्र से पाई निधि ने नौकरी

फर्रुखाबाद। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कायमगंज की वार्डन निधि गुप्ता का टीईटी प्रमाण पत्र सत्यापन में अनामिका शुक्ला का निकाला। वार्डन ने कूटरचित तरीके से अनामिका के टीईटी प्रमाण पत्र को अपने नाम बनाकर नौकरी के लिए दाखिल किया था। इसका खुलासा बार कोड से ऑनलाइन सत्यापन में हुआ है।





बा आवासीय विद्यालय की सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के मूल अभिलेखों, आधार कार्ड व पैन कार्ड का ऑनलाइन सत्यापन चल रहा है। इसके बाद ऑनलाइन भी सत्यापन होगा। ऑनलाइन सत्यापन में कायमगंज की वार्डन निधि गुप्ता के टीईटी प्रमाण पत्र के बार कोड से जांच की गई तो वह वह अनामिका शुक्ला का निकाला। ये प्रमाण पत्र वर्ष 2015 का है। इससे अनामिका शुक्ला प्रकरण के मास्टर माइंड पुष्पेंद्र से वार्ड निधि गुप्ता के तार जुड़ने का संकेत मिल रहा है। बीएसएफ लालजी यादव ने बताया बा के सभी शिक्षक व कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेख, आधार कार्ड, पैन कार्ड का सत्यापन चल रहा है। इसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।


कूटरचित तरीके से निधि गुप्ता ने अपने नाम बनवाया।


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Wednesday, June 24, 2020

माध्यमिक शिक्षा : पदनाम बदला, चयन व नियुक्तियों का पावर नहीं, नियमावली संशोधन के लिए गुहार


पदनाम बदला, चयन व नियुक्तियों का पावर नहीं, नियमावली संशोधन के लिए गुहार


राजकीय इंटर कालेजों में प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने में ही अड़चन नहीं आ रही, बल्कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 में चयनितों की नियुक्ति में भी नियमावली आड़े आएगी। वजह, एडी राजकीय के पद पर अंजना गोयल की नियुक्ति तो कर दी गई लेकिन, शासन व बड़े अधिकारी उन्हें दो साल में कार्य करने का पावर नहीं दे सकें हैं। नियमावली में संशोधन हुए बिना वे अनवरत कार्य कर रही हैं, इससे कभी भी विधिक समस्या खड़ी हो सकती है।


प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा महकमे में कामकाज बेहतर करने के लिए बड़ी पहल हुई। शासन ने 30 अगस्त 2018 को शिक्षा निदेशालय में अपर निदेशक महिला का पदनाम बदलकर अपर निदेशक राजकीय कर दिया, उसी के तहत कार्य आवंटन भी हुआ। एक साल बाद 22 अक्टूबर 2019 को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने एडी राजकीय को पत्र भेजकर कहा कि वे कामकाज शुरू करें। एडी राजकीय ने 28 नवंबर 2019 को निदेशालय के प्रशासनिक अधिकारियों से कहा वे शिक्षा निदेशक के आदेश का पालन करें। इस पर कामकाज शुरू हुआ लेकिन, नियमावली का पेंच बरकरार है।।



नियमावली संशोधन के लिए गुहार : शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने 10 जून को फिर सचिव उप्र शासन शिक्षा अनुभाग दो को पत्र भेजा है, क्योंकि एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। इसमें नियमावली में संशोधन करने का अनुरोध किया गया है। ताज्जुब यह है कि शिक्षा निदेशक शासन के आदेश पर भी बिना नियमावली में बदलाव कराए एडी राजकीय से कार्य करा रहे हैं। इसमें विधिक अड़चन आने से इन्कार नहीं किया जा सकता।


एडी महिला को नहीं मिलती थी जिम्मेदारी : शिक्षा निदेशालय में एडी महिला एक तरह से दंड का पद रहा है। जिस अधिकारी को महत्वहीन करना हो उसे यहां तैनाती दी जाती रही।


अपर निदेशक राजकीय के पद पर हमें नियमानुसार नियुक्ति मिली है और कार्य आवंटन भी हो चुका है, शासन की मंशा के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। - अंजना गोयल, अपर निदेशक राजकीय शिक्षा निदेशालय प्रयागराज


अभी एडी माध्यमिक ही जिम्मेदार
शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने 11 सितंबर 2018 को शासन को प्रस्ताव भेजा था कि उप्र अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली 2016 व उप्र विशेष अधीनस्थ शैक्षणिक (प्रवक्ता संवर्ग) सेवा नियमावली 1992 में द्वितीय संशोधन किया जाए। दोनों में अभी नियुक्ति प्राधिकारी एडी माध्यमिक हैं, इनकी जगह एडी राजकीय होना है। सचिव संध्या तिवारी ने निदेशक को 23 अक्टूबर 2018 को पत्र लिखकर कहा कि इस प्रक्रिया में समय लगेगा, प्रवक्ता व एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति आदि कार्यवाही एडी माध्यमिक स्तर से ही कराई जाए।

घर मे ताला लगा कर फर्जी अनामिका फरार, कानपुर देहात स्थित घर पर पहुंचीं पुलिस टीम

घर मे ताला लगा कर फर्जी अनामिका फरार, कानपुर देहात स्थित घर पर पहुंचीं पुलिस की टीम।


प्रयागराज : सोरांव के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली शिक्षिका घर छोड़कर फरार हो गई है। तलाश में लगी कर्नलगंज पुलिस कानपुर देहात स्थित उसके घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि पूरा परिवार कई दिनों से गायब है। अन्य जिलों में मामला सामने आने के बाद पता चला था कि अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी का खेल यहां भी हुआ। मामले में बीएसए की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच में पता चला कि यहां नौकरी करने वाली शिक्षिका सविता यादव है जो कानपुर देहात की रहने वाली है। जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। मंगलवार को कर्नलगंज पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में कानपुर देहात गई। टीम रसूलाबाद थाना क्षेत्र के चंदनपुरा गांव में स्थित शिक्षिका के घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि परिवार कई दिनों से घर में ताला लगाकर गायब है। जिसके बाद टीम वहां से लौट आई। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि शिक्षिका की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।





महिला निकली सरगना के मददगार की रिश्तेदार सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि सोरांव में नौकरी करने वाली सरिता यादव पिछले दिनों फर्जीवाड़े के ही मामले में जेल भेजे गए सरगना पुष्पेंद्र सिंह के मददगार आनंद सिंह की रिश्तेदार है। जौनपुर में जिला समन्वयक अधिकारी आनंद ही अभ्यर्थियों के दस्तावेज पुष्पेंद्र को उपलब्ध काता था। उधर शिक्षिका की भाभी भी अलीगढ़ में किसी और के दस्तावेजों पर नौकरी करते मिली थी जिसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।


अफसरों की भी भूमिका की होगी जांच

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सोरांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय के स्टाफ समेत अफसरों की भी भूमिका की जांच की जा रही है। दरअसल तहरीर में खुद यह बात स्वीकार की गई है कि बिना मूल शैक्षिक दस्तावेज दिखाए शिक्षिका ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। पहला सवाल तो यह है कि क्यों और किसकी अनुमति से हुआ? दूसरा सवाल अगर कार्यभार ग्रहण किया भी गया तो इसकी सूचना अफसरों को क्यों नहीं दी गई? अगर नहीं दी गई तो पर्यवेक्षण अधिकारी इनते दिनों तक क्या करते रहे और अगर सूचना दी गई तो अफसरों ने इस पर तत्काल संज्ञान क्यों नहीं लिया?




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Saturday, June 20, 2020

खुलासा : ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका

खुलासा : ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका।


ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका।



प्रयागराज : कस्तूरबा बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली एक ननद-भौजाई का पुलिस ने खुलासा किया है। इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड उसका जीजा है। जिसने दोनों महिलाओं को फर्जी अनामिका बनाकर नियुक्ति कराई थी। अलीगढ़ पुलिस ने फर्जी अनामिका बनी भाभी को गिरफ्तार कर लिया। अब कर्नलगंज पुलिस उसकी ननद की तलाश में लगी है।



कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली शिक्षिका का खुलासा होने के बाद प्रयागराज के बीएसए ने कर्नलगंज थाने में भी फर्जी अनामिका के खिलाफ एफआईआर कराई थी। पुलिस को शुरुआती जांच से पता चला कि जिले में रीना नामक महिला अनामिका के नाम पर नौकरी कर रही थी। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि रीना की जगह कानपुर देहात की सरिता यादव अनामिका बनकर नौकरी कर रही थी। खुलासा होने के बाद से वह फरार है। बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े का खुलासा अलीगढ़ पुलिस ने किया। अलीगढ़ पुलिस ने वहां पर तैनात फर्जी अनामिका की जांच करते हुए कानपुर देहात की बबली यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि बबली यादव की ननद सरिता यादव प्रयागराज में नौकरी कर रही थी। इन्हें उनके जीजा बल्लू यादव ने अपने मित्र पुष्पेंद्र की मदद से तीन तीन लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति कराई थी। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि फर्जी अनामिका यानि सरिता यादव की तलाश में प्रयागराज पुलिस की एक टीम कानपुर देहात में छापेमारी करेगी। उसके खिलाफ साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।


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Thursday, June 18, 2020

एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सांठगांठ से नियुक्तियां

एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सांठगांठ से नियुक्तियां!


शिक्षकों की नियुक्तियां सिर्फ सत्यापन में हेराफेरी करके ही नहीं हुई,बल्कि चयन में सांठगांठ का खेल खूब फूला फला है। प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों में ऐसे शिक्षक बड़ी संख्या में तैनात हैं, जिनका अधियाचन (रिक्त पद का ब्योरा) चयन संस्था को सही से भेजा ही नहीं गया। इतना ही नहीं अफसरों ने चयन प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना खेत पद के सापेक्ष तैनाती दे दी । 


शासन के आदेश पर ऐसे शिक्षकों की खोज की जा ही है। जल्द ही ऐसे जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्रवाई के दायरे में होंगे, जिन्होंने आंख मूंदकर नियुक्तियां बांटी हैं। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के ख्ति पद पर चयन करने का जिम्मा उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को है। नियम है कि संबंधित संस्था से अधिवाचन मंगाकर डीआरएस चयन संस्था को भेजो। 



कालेजों का प्रबंधतंत्र चयनित की जगह चाहते शिक्षकों कार्यभार ग्रहण कराया हा है। डीआइओएस से सांठगांठ कर उसकी मुराद पूरी होती रही है। ऐसे शिक्षकों का विनियमितीकरण सकारें करती ही हैं। इस बार भी शीर्ष कोट में संजय सिंह व अन्य बनाम मप्र राज्य से संबद्ध सिविल अपीलों में मांग की गई थी कि शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए।

चयन के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की नियुक्ति, परिषदीय अंग्रेजी स्कूलों में पूरे वर्ष ठप रही पढ़ाई

चयन के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की नियुक्ति, परिषदीय अंग्रेजी स्कूलों में पूरे वर्ष ठप रही पढ़ाई


प्रयागराज। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परिषदीय अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से सत्र 2019-20 में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला चयन समिति को ओर से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए शिक्षक चयन प्रक्रिया एक सितंबर तक पूरी कर लेने के बाद भी किसी को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। चयनित शिक्षक जिलधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का चक्कर लगाते रहे परंतु उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।  अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 20 मार्च 2019 को विज्ञापन जारी किया गया। 


परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने इसके लिए आगे बढ़कर आवेदन किया। विभाग की ओर से 16 मई 2019 को परीक्षा कराई गई। 26 जून से एक जुलाई तक इंटरव्यू कराया गया। इंटरव्यू के बाद 30 अगस्त से एक सितंबर तक नियुक्ति के लिए काउंसलिंग कराई गई।  चयन और नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी प्रयागराज जिले में अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित विद्यालयों में शिक्षकों कौ नियुक्ति नहीं की गई। शिक्षकों कौ काउंसलिंग पूरी करने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया । चयनित अभ्यर्थी डीएम और बीएसए के साथ बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थक गए परंतु नियुक्ति पत्र नहीं मिला।

अनामिका के नाम पर अमेठी पर तैनात रही आरती गिरफ्तार, फर्जी शिक्षिका को बर्खास्त कर चुके हैं बीएसए

अनामिका के नाम पर अमेठी पर तैनात रही आरती गिरफ्तार, फर्जी शिक्षिका को बर्खास्त कर चुके हैं बीएसए।

अमेठी में फर्जी कागजात के सहारे नौकरी करने वाली आरती गिरफ्तार

कन्नौज की आरती, अनामिका शुक्ला बन कर रही थी नौकरी


पुलिस ने अमेठी बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। कन्नौज की मूल निवासी बन कर नौकरी रही थी।...


अमेठी : जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में फर्जी तरीके से एक और अनामिका शुक्ला का खुलासा होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। वह जिसकी पहचान आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू के रूप में हुई है।



कन्नौज जिले की मूल निवासी आरती मैनपुरी की निवासी बन जिले में नौकरी कर रही थी। पुलिस ने बुधवार सुबह फर्जी कागजातों के सहारे नौकरी करने वाली आरती को शहर के बस स्टेशन के करीब से गिरफ्तार किया।


पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि बीते छह जून को अमेठी कोतवाली बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक प्रभाकर मिश्र द्वारा अनामिका शुक्ला के खिलाफ केस दर्ज कराया गया, जिसके बाद से लगातार पुलिस मामले के राजफाश के लिए तहकीकात में जुटी थी। बुधवार सुबह मुखबिर से मिली सूचना पर अमेठी पुलिस ने आरती को पकड़ा तो उसने अपना नाम अनामिका शुक्ला निवासी हानपुर थाना भोगांव, जिला मैनपुरी बताया। 


पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गई और बताया कि 'मेरा मूल नाम आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू, मैं ग्राम सरदामई, थाना विशुनगढ़, जिला कन्नौज की रहने वाली हूं। मैं फर्जी तरीके से अनामिका शुक्ला के नाम पर उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व निवास प्रमाण पत्र पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दाखिल करके कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नौकरी कर रही थी।



चर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण में अमेठी कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका के नाम पर तैनात रही शिक्षिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी शिक्षिका की पहचान कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के हरदोई गांव की रहने वाली आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू के रूप में हुई है। स्वाट टीम ने इसे बुधवार की सुबह बसस्टेशन अमेठी से गिरफ्तार करने का दावा किया है।


प्रदेश के कई जिलों में अनामिका शुक्ला के नाम से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका के कार्यरत होने का मामला उजागर होने के बाद बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने अमेठी जनपद में इस नाम से कार्यरत शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया था। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा प्रभाकर मिश्र ने 6 जून को अमेठी कोतवाली में आरोपी शिक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। अनामिका की तलाश में लगी टीम को बुधवार की सुबह साढ़े पांच बजे सफलता मिली। उन्होंने बस स्टेशन अमेठी से नकली अनामिका को गिरफ्तार कर लिया।

शिकंजा : कन्नौज की निवासी है आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू

फर्जी शिक्षिका को बर्खास्त कर चुके हैं बीएसएफ


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Sunday, June 14, 2020

गोंडा : मनमानी नियुक्तियों के मामले में विधायक समेत 61 तलब, ऐडेड में 146 नियुक्तियों पर कसा शिकंजा

गोंडा :  मनमानी नियुक्तियों के मामले में विधायक समेत 61 तलब, ऐडेड में 146 नियुक्तियों पर कसा शिकंजा


 गोंडा : अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्ति सहित अन्य अनियमितताओं की जांच भी तेज हो गई है। जांच के लिए गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने भाजपा विधायक सहित 61 लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। इनको भर्ती से जुड़े आवश्यक अभिलेख जमा करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।


जिले में 28 एडेड स्कूल संचालित हैं। एसआइटी ने फरवरी में विद्यालयों में जाकर पड़ताल की थी। जिसमें कई अभिलेख नहीं मिले थे। अब प्रकरण में विवेकानंद लघु माध्यमिक विद्यालय कर्नलगंज के प्रबंधक व कटरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बावन सिंह के साथ ही 28 स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों के साथ ही लिपिकों को बुलाया गया है। इसी में अनामिका शुक्ला को शिक्षक पद के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने वाला भैया चंद्रभान दत्त स्मारक स्कूल भी शामिल है।


अनामिका को नौकरी देने वाला विद्यालय भी जांच के दायरे में
 गोंडा : खुद को असली अनामिका शुक्ला कहने वाली महिला को सहायता प्राप्त स्कूल में नौकरी देने का दावा किया गया। इस कारगुजारी से विभागीय अधिकारी भी हैरत में हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में नियुक्ति पर रोक है। उधर अनामिका ने जो मुकदमा कोतवाली नगर में दर्ज कराया है उसकी विवेचना शुरू हो गई है। सोमवार को बयान दर्ज किया जाएगा।


लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अनामिका शुक्ला नाम से 25 शिक्षिकाओं की भर्ती के मामले में पुलिस ने धरपकड़ तेज कर दी है। साथ ही फर्जी दस्तावेजों पर भर्ती कराने वाले गिरोह के सरगना की तलाश में भी तेजी ला दी है। मामले में आंबेडकरनगर पुलिस ने रामनगर में अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली अनीता को शनिवार को जेल भेज दिया है। अनीता को नौकरी दिलाने वाले मैनपुरी के पुष्पेंद्र को पुलिस तलाश कर रही है।


आरोपित अनीता ने बताया कि वह विधवा है। पुष्पेंद्र ने ही नकली कागजात तैयार किया और अनामिका के नाम पर नौकरी दिलाई। अनीता को प्रत्येक माह मिलने वाले 22 हजार रुपये मानदेय में से महज 10 हजार ही प्राप्त होते थे।

Wednesday, June 3, 2020

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल, 5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल,  5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक


प्रयागराज | 03 Jun 2020
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए सोमवार को जारी जिला आवंटन लिस्ट में कुछ शिक्षामित्र ऐसे भी पास हुए हैं, जो अब रिटायरमेंट के करीब हैं। नाती-पोते खिलाने की उम्र में पहले टीईटी और फिर इतनी कठिन शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर इन ‘चिरयुवाओं' ने साबित कर दिया है कि आसमान में सुराख करना नामुमकिन नहीं है। जिला आवंटन की सूची में शामिल 67,867 अभ्यर्थियों में से चार शिक्षामित्र ऐसे हैं जिन्होंने 57 साल की उम्र में सफलता पाई है। ये अलग बात है कि सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष होने के कारण इन्हें पांच साल ही शिक्षण का मौका मिलेगा।


वैसे तो सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए अधिकतम आयुसीमा 40 वर्ष है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों को इससे छूट मिली है। सबसे उम्रदराज शिव कुमार (जन्मतिथि 20 फरवरी 1963) को अयोध्या जिला आवंटित हुआ है। बाबू राम (जन्मतिथि 15 जून 1963) को पीलीभीत, सुधीश सिंह (जन्मतिथि 1 जुलाई 1963) को फर्रुखाबाद और सुरेश चन्द्र (जन्मतिथि 7 जुलाई 1963) को रायबरेली जिला आवंटित हुआ है।


3-3 शिक्षामित्र 56 व 55 साल में हुए सफल 
 शिक्षक भर्ती में तीन-तीन शिक्षामित्र 56 व 55 साल की उम्र में जबकि 11 शिक्षामित्रों ने 54 साल की अवस्था में सफलता हासिल की है। ईश कुमार फिरोजाबाद, राजेन्द्र प्रसाद यादव प्रयागराज और शिव कुमार अमेठी ने 56 साल जबकि मो. फारूक आलम सीतापुर, हरेन्द्र सिंह फिरोजाबाद और मो. सलाहुद्दीन प्रयागराज 55 वर्ष की उम्र में शिक्षक बनने का गौरव हासिल करेंगे।


23 साल में पाई नौकरी, 39 साल पढ़ाएंगे
 यह भर्ती चयनितों के अंतर के लिहाज से भी याद की जाएगी। जहां 57 साल में शिक्षामित्रों का चयन हुआ वह 23 साल के सैकड़ों नौजवान भी लिस्ट में हैं। सेवानिवृत्ति आयु 62 साल होने इन्हें 39 साल पढ़ाने का अवसर मिलेगा।


केबीसी में 25 लाख जीतने वाली उषा बनेंगी मिर्जापुर में शिक्षक
प्रयागराज के मेजा तहसील के रामनगर की रहने वाली व केबीसी में 25 लाख की विजेता उषा यादव भी प्राथमिक शिक्षक बनने की कतार में शामिल हैं। शिक्षक भर्ती में उन्हें मिर्जापुर जिला अलॉट हुआ है।

Tuesday, June 2, 2020

69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग संबंधी जनपदवार प्रेस विज्ञप्तियां करें डाउनलोड (क्रमशः लगातार अपडेट जारी)

69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग संबंधी जनपदवार प्रेस विज्ञप्तियां करें डाउनलोड (क्रमशः लगातार अपडेट जारी)।
चित्रकूट



हमीरपुर

आजमगढ़
बलिया

कुशीनगर


लखीमपुर खीरी


अमेठी


भदोही


देवरिया 

फतेहपुर



सीतापुर



शामली


सहारनपुर

बदायूं

बरेली 

बिजनौर

प्रयागराज




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Saturday, December 21, 2019

चार राज्य विश्वविद्यालय कार्यवाहक कुलपतियों के भरोसे हो रहे संचालित, समय पर नहीं पूरी हुई नियमित नियुक्ति प्रक्रिया

चार राज्य विश्वविद्यालय कार्यवाहक कुलपतियों के भरोसे हो रहे संचालित, समय पर नहीं पूरी हुई नियमित नियुक्ति प्रक्रिया।





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Saturday, October 26, 2019

फतेहपुर : अंग्रेजी स्कूलों में अटकी शिक्षकों की तैनाती, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाबजूद नहीं हो पा रही नियुक्ति

फतेहपुर : अंग्रेजी स्कूलों में अटकी शिक्षकों की तैनाती, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाबजूद नहीं हो पा रही नियुक्ति।


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Thursday, September 26, 2019

17 साल में भी शुरू नहीं हो सकी नियुक्ति में अनियमितता की जांच, गृह विभाग ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को अब तक भेजे 19 पत्र

17 साल में भी शुरू नहीं हो सकी नियुक्ति में अनियमितता की जांच, गृह विभाग ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को अब तक भेजे 19 पत्र।





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Thursday, September 19, 2019

यूजीसी के मानकों के अनुसार करें कुलपतियों की नियुक्ति, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के पद जल्द भरने का राज्यपाल ने दिया निर्देश

यूजीसी के मानकों के अनुसार करें कुलपतियों की नियुक्ति, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के पद जल्द भरने का राज्यपाल ने दिया निर्देश।











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