
Saturday, July 24, 2021

Friday, July 23, 2021

चयनित शिक्षकों ने नियुक्ति की मांग को लेकर निदेशालय पर अनशन शुरू किया, हाईकोर्ट के आदेश के 10 महीने बाद भी नहीं मिली नियुक्ति, चयनित अभ्यर्थी लगा रहे सरकार से गुहार
Tuesday, January 5, 2021

त्रुटि सुधार को लेकर 69000 भर्ती में नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थी मांग पर अड़े, अनशन जारी
त्रुटि सुधार को लेकर 69000 भर्ती में नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थी मांग पर अड़े, अनशन जारी।
Sunday, January 3, 2021

त्रुटि सुधार को लेकर 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अब अनशन पर
त्रुटि सुधार को लेकर 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अब अनशन पर।
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित . रहने वाले अभ्यर्थियों ने शनिवार से निशातगंज में एससीईआरटी के पास जीआईसी के खेल मैदान में अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान बस्ती की क्षमा शुक्ला बेहोश हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Tuesday, June 2, 2020

69000 : आवेदन में संशोधन के लिए अनशन शुरू, परीक्षा में सफलता के बाद भी अनशन के लिए मजबूर
Tuesday, January 29, 2019
Sunday, January 20, 2019
Wednesday, June 13, 2018
Tuesday, May 8, 2018
Monday, February 5, 2018
Friday, February 2, 2018

प्रशिक्षु शिक्षकों का आंदोलन लंबा खिंचने के आसार, मांगें पूरी न होने पर कफन ओढ़ सांकेतिक अंत्येष्टि का एलान
इलाहाबाद : शिक्षा निदेशालय प्रांगण में प्रशिक्षु शिक्षकों का आंदोलन लंबा खिंचने के आसार हैं। बेमियादी अनशन अब भी जारी है। प्रशिक्षु शिक्षकों का कहना है कि मौलिक नियुक्ति मिले बिना नहीं हटेंगे। कहा कि मांगें पूरी न होने पर कफन ओढ़ लेंगे और अपनी सांकेतिक अंत्येष्टि करेंगे।
प्रशिक्षु शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संदीप पांडेय ने बताया कि उनके साथी भोजराज सिंह और रामसजीवन विश्वकर्मा की सेहत गिरती जा रही है, जबकि सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। चेतावनी दी कि सरकार उनकी मौलिक नियुक्ति का आदेश जारी नहीं करती है तो अनशनकारी प्रशिक्षु शिक्षक कफन ओढ़कर अपनी सांकेतिक अंत्येष्टि करने को बाध्य होंगे। गुरुवार को अनशन स्थल पर काफी संख्या में प्रशिक्षु शिक्षक शामिल रहे।
Wednesday, November 15, 2017

परिणाम न आया तो 25 से अनशन करेंगे बीटीसी 2014 के प्रशिक्षु, धरना दे रहे प्रशिक्षुओं ने दिया अल्टीमेटम
इलाहाबाद : बीटीसी 2014 के चतुर्थ सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम इसी माह घोषित कराने पर अड़े प्रशिक्षुओं ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 24 नवंबर तक उनका रिजल्ट न आया तो वह सभी 25 नवंबर से अनशन शुरू करेंगे। बीटीसी संयुक्त मोर्चा संघ उप्र परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में पिछले नौ दिन से धरना दे रहा है।
प्रशिक्षुओं ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाया है वह परिसर में स्वच्छता व पौधरोपण का भी कार्य कर रहे हैं। कहना है कि प्रदेश के 44 हजार से अधिक युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है। यहां अभिषेक त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
Wednesday, October 25, 2017
Monday, October 9, 2017

प्रशिक्षु शिक्षकों की हालत बिगड़ी : मौलिक नियुक्ति को लेकर शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन रविवार को भी जारी, करवाचौथ के बाद भी महिलाएं रही डटी
इलाहाबाद : प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर मौलिक नियुक्ति को लेकर शिक्षा निदेशालय में प्रशिक्षु शिक्षकों का आमरण अनशन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। डॉक्टरों की टीम ने रविवार सुबह चार अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जिसमें उनकी हालत नाजुक मिली। सूचना पर एसीएम द्वितीय शिवानी सिंह पुलिसबल के साथ 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचीं और चारों अनशनकारियों को बेली अस्पताल में भर्ती करा दिया।
रामसजीवन विश्वकर्मा, भोजराज सिंह, चंद्रसेन, नाहर सिंह एवं अश्वनी कुमार चार अक्तूबर से आमरण अनशन पर हैं। अश्वनी कुमार की तबीयत शनिवार रात में ही बिगड़ने पर बेली अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक चयन-2011 के तहत 2016 में चयनित ये प्रशिक्षु शिक्षक अपना छह महीने का सैद्धांतिक एवं क्रियात्मक प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं और मौलिक नियुक्ति के लिए सारी योग्यताएं पूरी करते हैं।छह माह के प्रशिक्षण का परिणाम 30 अगस्त को परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने घोषित किया लेकिन 39 दिनों बाद भी ये प्रशिक्षु अपनी तैनाती के लिए शासन से आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
निदेशालय में 20 दिनों से धरना दे रहे दो दर्जन से अधिक जिलों के प्रशिक्षुओं में कई महिलाएं भी हैं जो रविवार को करवाचौथ का व्रत होने के बावजूद अपने घर नहीं गईं। प्रशिक्षुओं का कहना है कि जब तक उनकी नियुक्ति का आदेश जारी नहीं होता वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
Friday, October 6, 2017

मौलिक नियुक्ति की माँग को लेकर प्रशिक्षु शिक्षकों का अनशन अब भी जारी, अनशन खत्म कराने की प्रशासनिक कवायद हुई फेल
इलाहाबाद : प्राथमिक विद्यालयों में मौलिक नियुक्ति की मांग कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों का अनशन खत्म कराने की प्रशासनिक कोशिश गुरुवार को असफल साबित हुई। 16 दिन से अनवरत आंदोलन कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों ने मांग पूरी न होने पर इसे बेमियादी कर दिया है, वहीं उनसे वार्ता करने गईं सिटी मजिस्ट्रेट शिवानी सिंह को लौटना पड़ा।
अनशन पर बैठे सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के सामने रामसजीवन विश्वकर्मा, भोजराज सिंह, चंद्रसेन, नाहर सिंह, अश्वनी कुमार का कहना है कि प्रशिक्षु शिक्षक चयन-2011 के तहत वर्ष 2016 में चयनित प्रशिक्षु शिक्षक अपना छह माह का सैद्धांतिक एवं क्रियात्मक प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जुलाई में आयोजित लिखित परीक्षा पास करने के साथ मौलिक नियुक्ति के लिए आवश्यक सारी अर्हताएं पूरी कर चुके हैं, फिर भी मौलिक नियुक्ति का शासनादेश जारी नहीं हो रहा है। इनके समर्थन में कई जिलों से प्रशिक्षु शिक्षकों के आने का क्रम शुरू हो गया है।
Thursday, October 5, 2017

बीएड और यूपी-टीईटी पास ने भीख मांग जताया विरोध, महिला अभ्यर्थी आज से करेंगी आमरण अनशन
■ भीख मांग गरीब बच्चों के लिए खरीदी स्टेशनरी
बीएड व यूपी टीईटी पास अभ्यर्थियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 वर्षों से बीएड पास अभ्यर्थियों के लिए कोई नौकरी नहीं निकाली है। सिर्फ बीटीसी प्रशिक्षितों को नौकरी दी जा रही है। ऐसे में उन्हें 6 वर्षों से नियुक्ति के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर दर्जनों बार प्रदर्शन किया लेकिन सरकार ने नहीं हमारी नहीं सुनी। बीएड-टेट 2011 महिला याचना संगठन की संरक्षक लखनऊ की प्रीति सिंह और रुखसाना खान ने बताया कि योग्य होने और कोर्ट के निर्देश के बावजूद इतने वर्षों से हमारे साथ नाइंसाफी हो रही है। प्रीति और रुखसाना ने बताया कि प्रदेश में 90 हजार अभ्यर्थी हैं शिक्षक की नियुक्ति पाने के लिए भटक रहे हैं। अब तक हमारी नौकरी के लिए हमारी अहर्ता आयु भी निकल गई। आज हमारी नौबत भीख मांगने की आ गई है, इसलिए हमने बुधवार को भीख मांगकर विरोध जताया।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि शिक्षक नियुक्ति का मामला लटका कर सरकारों ने हमें ओवर ऐज कर दिया है। इसकी वजह से अब हमें किसी दूसरे महकमे में भी नौकरी नहीं मिलेगी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पहले वादा किया था कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार आते ही मांगें पूरी की जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
■ ...तो कहीं नहीं मिलेगी नौकरी
दिन में भीख मांगने के बाद शाम को इन अभ्यर्थियो ने दारुलशफा से गांधी प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकाला। बीएड टेट-2011 महिला याचना संगठन ने ऐलान किया है कि गुरुवार से लक्ष्मण मेला मैदान पर 40 महिला अभ्यर्थी अमरण अनशन पर रहेंगी।
Saturday, August 26, 2017

परिषद ने शासन को भेजा भर्तियों का प्रत्यावेदन, टीईटी बेरोजगार संघ का अनशन खत्म
इलाहाबाद : भर्तियां शुरू कराने की मांग को लेकर अनशन कर रहे अभ्यर्थियों का रक्तचाप खतरनाक स्तर तक बढ़ने से प्रतियोगियों आक्रोश रहा। अपर सचिव अशोक कुमार गुप्ता ने चार सूत्रीय मांगों को शासन को भेज दिया है। अभ्यर्थियों की मांगे पूरा करने के आश्वासन पर बीएड उत्थान जन मोर्चा व टीईटी-बेरोजगार संघ के पदाधिकारियों ने अनशन को खत्म कर दिया है।
आंदोलन के पांचवे दिन शिक्षा निदेशालय में अनशन बैठे अखिलेश की तबियत बिगड़ गई थी,उन्हें बेसिक शिक्षा परिषद के अपर सचिव ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। उन्होंने कहा कि आरटीई एक्ट व एनसीटीई के प्रावधानों को लागू कराने की सरकार की प्रतिबद्धता है और माध्यमिक विद्यालयों में इन प्रावधानों का अनुपालन कराने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में संशोधन की मांग पूरी तौर पर जायज है और युवाओं को उम्मीद करनी चाहिए कि शासन उनकी मांगे पूरी की जाएंगी।
अभ्यर्थी अखिलेश यादव, स्वराज अभियान के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश सचान ने खाली पदों पर भर्तियां शुरू करने किया गया वादा कहीं एक और जुमला न साबित हो। यहां सिकंदर सिंह, हरेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, छैया कुशवाहा, संगीता, उदय सिंह लोधी, राजेश गुप्ता, अशोक महादेव, उमा शंकर मौजूद रहे।
Friday, August 25, 2017
Wednesday, August 23, 2017

शिक्षामित्रों का आंदोलन खत्म, सीएम योगी से डेढ़ घंटे की चर्चा के बाद तीन सदस्यीय कमेटी शिक्षामित्रों के प्रत्यावेदन पर करेगी विचार, आश्रम पद्दति की तरह समान कार्य समान वेतन के फ़ार्मूले का मिला आश्वासन
Tuesday, August 22, 2017

नजीर बना शिक्षामित्रों का प्रदर्शन, कई संगठनों ने दिया समर्थन तो शांति से अनशन की बनाई राह, विधानसभा नहीं घेरने का मंच से किया एलान
■ सेल्फी से हाजिरी
पहली बार ऐसा हुआ, जब किसी प्रदर्शन में पहुंचे लोगों को अपनी हाजिरी साबित के लिए जिलाध्यक्ष को सेल्फी भेजने के लिए कहा गया था। बाद में जिलाध्यक्षों को डिजिटल हाजिरी का यह डेटा प्रदेश कमिटी को भेजना है।
■ अव्यवस्था से जूझे
इंटेलिजेंस ने करीब 60 हजार शिक्षामित्रों के आने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद न कहीं बैरिकेडिंग की गई, न डायवर्जन। लक्ष्मण मेला मैदान में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, न मोबाइल शौचालय वैन थी। पानी के सिर्फ तीन टैंकर थे। शिक्षा मित्रों को इसमें से खुद पानी निकालना पड़ा।
■ संगठनों का समर्थन
उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री श्रीराम द्विवेदी ने बताया कि अब तक उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ, उप्र कर्मचारी परिषद, किसान यूनियन समर्थन दे चुके हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जेएन तिवारी गुट ने 11 सितंबर को प्रस्तावित एनक्सी घेराव में शिक्षा मित्रों की मांगें शामिल की हैं।
■ नजीर बन गया प्रदर्शन
शिक्षामित्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन दूसरे संगठनों के लिए नजीर बन गया। सूत्रों के मुताबिक, कोर कमिटी ने सभी जिलाध्यक्षों को शांति बनाए रखने की सलाह दी थी। आयोजकों ने मंच से ही कहा कि वह न विधानभवन घेरेंगे, न ही किसी अधिकारी से बात। उनका लक्ष्य है कि सीएम से बात करवाई जाए।









