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Saturday, July 4, 2020

माध्यमिक में भी नहीं फर्जी शिक्षकों की कमी, 2014 में खूब उठा था फर्जी प्रमाणपत्रों का शोर

माध्यमिक में भी नहीं फर्जी शिक्षकों की कमी, 2014 में खूब उठा था फर्जी प्रमाणपत्रों का शोर


राज्य मुख्यालय : फर्जी शिक्षकों की भर्ती का शोर अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग तक ही सीमित है जबकि राजकीय इंटर और सहायता प्राप्त कॉलेजों में भी बहुत बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं। एलटी ग्रेड में 2014 में हुई 6645 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया इसी फर्जीवाड़े के चलते ही पूरी नहीं हो पाई थी। हालांकि यहां जांच के आदेश हो चुके हैं लेकिन अभी इसमें तेजी नहीं आई है। 


सभी मंडलीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सहायताप्राप्त स्कूलों के शिक्षकों के प्रमाणपत्र वे अपने पास रख लें। अभी ये प्रमाणपत्र स्कूल प्रबंधन के पास हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सत्यापन की कार्रवाई शुरू होगी। वहीं राजकीय इंटर कॉलेजों के विवरण मानव संपदा पोर्टल पर मौजूद हैं। वहां से भी सत्यापन किया जा रहा है। हालांकि माध्यमिक शिक्षा में फर्जी प्रमाणपत्रों का शोर पहले से ही है लेकिन इसके लिए कोई पुख्ता प्रयास नहीं किए गए। 



2014 में 6645 पदों पदों के लिए 27 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे क्योंकि उस समय मंडलवार आवेदन लिए जाते थे लेकिन भर्ती के बाद जैसे ही सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई उसमें फर्जी प्रमाणपत्र सामने आने लगे। ज्यादातर मंडलों में 60 से 65 फीसदी चयनितों के प्रमाणपत्र फर्जी निकले थे। इस भर्ती में 2 हजार के आासपास पद ही भर पाएं लेकिन 2016 में इस पर रोक लगा दी गई। इसके बाद ही एलटी ग्रेड भर्ती को लोक सेवा आयोग को देने का फैसला लिया गया।

Friday, July 3, 2020

लखनऊ : बाबूगीरी में लगे शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, बीएसए ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के दिए निर्देश

लखनऊ : बाबूगीरी में लगे शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, बीएसए ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के दिए निर्देश।

सख्ती

लखनऊ : छात्रों को कक्षा में पढ़ाने के बजाए बीएसए कार्यालय व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगीरी कर रहे शिक्षकों पर अब विभाग के तेवर सख्त हो गए हैं। बीएसए ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं जो पढ़ाने के बजाए विभाग की योजनाओं व अन्य कामों में लगे हुए हैं। साथ ही ऐसे शिक्षकों की सूची भी तैयार करने को कहा गया है जो तैनात किसी और स्कूल में हैं और पढ़ा कहीं और रहे हैं। जिले के कई शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विभिन्न योजनाओं में जुड़े हुए हैं या फिर कुछ और कार्य कर रहे हैं। महानिदेशक बेसिक शिक्षा की ओर से ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश बीएसए को दिए गए हैं। लखनऊ में तीन दर्जन से अधिक शिक्षक बाबूगिरी कर रहे या फिर तैनात किसी और स्कूल में है और पढ़ा किसी और स्कूल में रहे हैं। विभाग का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस पूरे मामले में बीएसए दिनेश कुमार का कहना है कि ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सूची आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।




नगर क्षेत्र में पढ़ाई हो जाएगी ठप : नगर क्षेत्र में 50 से अधिक ऐसे स्कूल है। जहां पर पढ़ाने के लिए कोई नियमित शिक्षक तैनात नहीं है। शिक्षकों के रिटायर होने के बाद यह स्कूल खाली हो गए हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों ने अस्थाई तौर पर दूसरे स्कूल के शिक्षकों को शिक्षक रहित स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई के बाद जो शिक्षक एक साथ दो-दो स्कूलों की जिम्मेदारी उठा रहे हैं, वह उन स्कूलों में पढ़ाना छोड़ देंगे। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।


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Saturday, June 27, 2020

लखनऊ : पोर्टल फीडिंग कराने BRC आई शिक्षिका निकली कोरोना पॉजिटिव, मचा हड़कंप और साथी कर्मी दहशत में

लखनऊ : पोर्टल फीडिंग कराने BRC आई शिक्षिका निकली कोरोना पॉजिटिव, मचा हड़कंप और साथी कर्मी दहशत में



मोहनलालगंज में शिक्षिका की रिपोर्ट आई कोरोना पाजिटिव, हड़कंप

24 जून को शिक्षिका की रिपोर्ट आई पॉजिटिव 20 जून को गई थी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय

संक्रमित मिलने के बाद नहीं हुआ सैनीटाइजेशन व कर्मचारियों की कोरोना जांच


लखनऊ।  बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही जिले के शिक्षकों पर भारी पड़ सकती है। मोहनलालगंज ब्लाक में एक महिला शिक्षिका के कोरोना संक्रामित पाए जाने के बाद न तो खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सैनीटाइज किया गया और न ही वहां काम करने वाले कर्मचारियों की कोरोना जांच कराई गई। 


जानकारों के अनुसार शिक्षिका की कोरोना रिपोर्ट आने से तीन दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अपने कार्य से गई थी। इसे लेकर ब्लाक के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है जबकि विभाग मामले को दबाने में जुटा है। मोहनलालगंज के क्रमोत्तर कन्या विद्यालय में तैनात बैंककर्मी शिक्षिका के पति का 21 जून की शाम को कोविड-19 का सैम्पल लिया गया। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद शिक्षिका और उनके दोनों बेटों को सैंपल लिया गया। जो कोरोना पाजिटिव निकले। 


20 जून को कोरोना संक्रामित शिक्षिका भी पोर्टल पर फीडिंग कराने कार्यालय गई थी। हालाकि संक्रामित शिक्षिका के साथ आई दूसरी शिक्षिकाओं को जानकारी दे दी गई। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर बने स्कूलों को और बीआरसी को सेनेटाइज करने एवं सोशल डिस्टेंसिंग की बात कई बार विभागीय अधिकारियों से कही गई। इसके आदेश भी जारी हुए, लेकिन ब्लॉक स्तर पर इसका पालन नहीं किया जा रहा है। 


मोहनलालगंज खण्ड शिक्षा अधिकारी धमेंद्र प्रसाद का कहना है कि सभी बीआरसी पर मानव सम्पदा पोर्टल की फीडिंग का कार्य चल रहा है। शिक्षिका 20 जून के बाद से बीआरसी पर नहीं आई थी। बीआरसी के सभी कर्मचारियों को कोरोना की जांच करवाई जाएगी।

अभिभावकों ने फीस न दिया तो स्कूल बंद कर सकते हैं संचालन, निजी स्कूलों ने साझा की पीड़ा


अभिभावकों ने फीस न दिया तो स्कूल बंद कर सकते हैं संचालन, निजी स्कूलों ने साझा की पीड़ा

अभिभावकों को स्कूल फीस जमा करने का स्पष्ट निर्देश दे सरकार

कहा जनजीवन सामान्य हो चुका है तो अभिभावक स्कूल फीस देने में क्यों गुरेज कर रहे हैं। फीस ही स्कूलों की आमदनी का एक मात्र जरिया है। ...


लखनऊ । 18 मार्च से स्कूल बंद हैं। तब से फीस कलेक्शन न के बराबर है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो फीस जमा होने का ग्राफ जीरो है। अभिभावकों से स्कूलों को कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो स्कूलों को संचालन बंद करना पड़ सकता है। यह कहना था अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अनिल अग्रवाल का।


शुक्रवार को अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, कनफेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्कूल (सीआईएस),पूर्वांचल स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से हज़रतगंज स्थिति क्राइस्ट चर्च कॉलेज में संयुक्त प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसके तहत स्कूलों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। अनिल अग्रवाल ने कहा कि स्कूलों द्वारा लॉकडाउन के दौरान से ही ऑनलाइन एजुकेशन मुहैया कराई जा रही है मगर अभिभावक सहयोग नहीं कर रहे हैं, फीस न आने से शिक्षकों का वेतन प्रभावित हुआ है। 


उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जनजीवन सामान्य हो चुका है तो अभिभावक स्कूल फीस देने में क्यों गुरेज कर रहे हैं। फीस ही स्कूलों की आमदनी का एक मात्र जरिया है। अगर स्कूलों को 30 ही प्राप्त नहीं होगी तो संचालन कैसे संभव हो पाएगा।


सीआईएस के सचिव राहुल केसरवानी ने कहाकि कुछ लोगों द्वारा या भ्रम फैलाया जा रहा है कि सरकार ने तीन महीने की फीस माफ कर दी है, जबकि सरकार ने न तो पूर्व में ही न ही वर्तमान में ही कोई फीस माफ करने का आदेश जारी नहीं किया। सशक्त अभिभावक फीस दे ताकि अशक्त अभिभावकों को मदद दी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में स्कूलों से करीब आठ से दस लाख शिक्षक- कर्मचारी जुड़े हैं। ऐसे में फीस न मिलने से इतनी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों में जावेद आलम समेत तमाम लोग मौजूद रहे। 


85 प्रतिशत अभिभावक फीस देने में सक्षम कन्फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्कूल्स के अध्यक्ष विशाल जैन ने बताया कि पश्चिमी यूपी में स्कूलों को न के बराबर फीस मिली है। करीब 15 प्रतिशत अभिभावक ऐसे होंगे जो फिलहाल फीस देने में सक्षम नहीं होंगे, लेकिन बाकी 85 प्रतिशत अभिभावकों को फीस जमा कर देनी चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में शिक्षकों और स्टाफ के रोजगार पर असर पड़ सकता है।


निजी स्कूलों के संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वे अभिभावकों को स्कूलों की फीस जमा करने के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करे। अभिभावकों में भ्रम की स्थिति है कि लॉकडाउन अवधि की फीस माफ कर दी जाएगी। इसके चक्कर में अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि वे बड़ी मुश्किल से अपने स्टाफ को दो महीने का वेतन दे पाए यदि अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

Wednesday, June 24, 2020

फर्जी शिक्षकों पर हाथ डालने से परहेज कर रहे बीएसए

Tuesday, June 23, 2020

लखनऊ : बीएसए को बताई शिक्षकों की समस्याएं, PSPSA ने सौंपा ज्ञापन

लखनऊ : बीएसए को बताई शिक्षकों की समस्याएं, PSPSA  ने सौंपा ज्ञापन


लखनऊ  :  बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षकों की समस्याओं को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी से प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष लल्ली सिंह ने मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।

Friday, June 19, 2020

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा, बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा,  बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

लखनऊ कोरोना से बचाव के लिए स्कूल बंद चल रहे हैं। स्कूल खोलने को लेकर प्रबंधक सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच तीन महीने से स्कूल बंद होने और फीस न मिलने से आर्थिक संकट भी छाने लगा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जब फीस ही नहीं मिलेगी तो शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को वेतन कैसे देंगे। ऐसे में कई स्कूलों ने मई के वेतन में कटौती भी की है। 


60% मिली सैलरी
सेंट फ्रांसिस कॉलेज और सेंट पॉल जैसे मिशनरीज स्कूलों ने टीचिंग स्टाफ की सैलरी में 40 फीसदी कटौती की है। शहर में लखनऊ डायोसिस सोसायटी के तहत चलने वाले स्कूलों में सैलरी में कटौती कर दी गई है। सोसायटी के प्रवक्ता फादर डोनॉल्ड डिसूजा ने बताया कि स्कूलों में मई की सैलरी में कटौती का फैसला लिया गया है। हमने सभी स्कूलों में टीचिंग स्टाफ को 60 फीसदी और फोर्थ क्लास कर्मचारियों को 75 फीसदी सैलरी देने का फैसला लिया है। जुलाई में फीस आने के बाद बाकी बची राशि दी जाएगी। यह फैसला शहर में चल रहे हमारे 20 स्कूलों और बाकी 10 जिलों में चल रहे स्कूलों पर लागू होगा।


 बढ़ेगी दिक्कत
एसकेडी अकैडमी के निदेशक मनीष सिंह का कहना है कि उनके यहां 650 का स्टाफ है। मई की सैलरी तो दे दी गई, लेकिन वर्तमान हालात में जून की सैलरी में दिक्कत हो सकती है। बमुश्किल दस फीसदी अभिभावकों ने बच्चों की फीस जमा की है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जुलाई में स्कूल खुलेंगे या नहीं। नए दाखिले भी नहीं हो रहे। खर्चों में की कटौती पायनियर मांटेसरी स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला सिंह के अनुसार स्कूल के दूसरे खर्चों में कटौती करके स्टाफ की सैलरी दी गई है। स्कूलों के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू फीस ही हैं। कई लोग 3 महीने की फीस माफी के लिए सरकार से अपील कर रहे हैं। सरकार को स्कूल, अभिभावक सभी की स्थिति पर विचार करते हुए कोई रास्ता निकालना चाहिए।


सक्षम हैं तो फीस दें
 दिल्ली पब्लिक स्कूल के मीडिया प्रवक्ता अर्चना मिश्रा के अनुसार सामान्य तौर पर फीस से सैलरी निकाली जाती थी। वर्तमान में मैनेजमेंट दे रहा है, लेकिन कब तक। सक्षम अभिभावक भी फीस नहीं दे रहे। स्थितियों को देखते हुए लोगों को फीस देनी चाहिए।

Thursday, June 18, 2020

लखनऊ : RTE में दूसरे चरण के आवेदन 10 जुलाई तक

आरटीई में दूसरे चरण के आवेदन 10 जुलाई तक।

लखनऊ: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जो अभिभावक पहले चरण में अपने बच्चों को दाखिला नहीं दिला पाए हैं, वह 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावक ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। 11 से 13 जुलाई तक आवेदनों का सत्यापन होगा और 15 जुलाई को लॉटरी के जरिए दाखिले के लिए बच्चों का चयन किया जाएगा।




चयनित बच्चों का 30 जुलाई तक निजी स्कूलों में दाखिला करवाना होगा। दूसरे चरण में बच्चों को उन्हीं सीटों पर आवंटित किया जाएगा जो सीटें पहले चरण में खाली रह गई हैं।





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लखनऊ : आठ प्राइमरी स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं

लखनऊ : आठ प्राइमरी स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं।


लखनऊ : आठ प्राइमरी स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं।


लखनऊ :  कार्यालय संवाददाता प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अब किताबों में हंस की कहानी सिर्फ पढ़ेंगे नहीं बल्कि प्रोजेक्टर के जरिए स्मार्ट क्लास में हंस को उड़ते हुए देखेंगे। यही नहीं बच्चे हंस की कहानी को जीवंत रूप में देख कर काफी कुछ सीखेंगे। उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा अपने बजट से शहर के आठ स्कूलों को संवारने व उनको आधुनिक बनाने जा रहे हैं। जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चे भी निजी स्कूलों की तरह बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हर विधानसभा से एक स्कूल को चुना जाएगा। 





इसकी शुरुआत रहीमनगर के प्राथमिक विद्यालय से होगी। यहां पर बच्चों की कक्षाओं को खूबसूरत वॉलपेपर से सजाया जाएगा। कक्षाओं को स्मार्ट क्लासेज के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसके अलावा शौचालय व खेल के मैदान को बेहतर बनाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक स्कूल में बच्चों के खेलकूद के सामान की व्यवस्था भी की जाएगी। अधिकारियों की मानें तो आठ स्कूलों को उपमुख्यमंत्री अपने बजट से बनावा रहे हैं। उसे प्रोत्साहित होकर दूसरे जनप्रतिनिधि भी स्कूलों को गोद लेकर संवार सकते हैं। नगर शिक्षा अधिकारी वेतन के अनुसार लॉकडाउन की वजह से प्राथमिक विद्यालय रहीमाबाद में कार्य शुरू नहीं हो पाया था लेकिन अब काम शुरू हो गया है। स्कूल बहुत जल्द एक नए रंग में नजर आएगा। इससे यहां पर पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा निखरेगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद नगर क्षेत्र के अलग-अलग जोनों में स्कूलों को संवारने का काम किया जाएगा। जिससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा।



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Wednesday, June 17, 2020

लखनऊ : ARP चयन हेतु आवेदन तिथि में हुआ संशोधन, अब 25 जून 2020 तक कर सकेंगे आवेदन


लखनऊ : ARP चयन हेतु आवेदन तिथि में हुआ संशोधन, अब 25 जून 2020 तक कर सकेंगे आवेदन






लखनऊ : ARP अवशेष पदों हेतु पुनः विज्ञप्ति जारी। 


लखनऊ : शिक्षकों के विरोध के बाद क्वारण्टाइन सेंटर बनाये गए विद्यालयों को सैनेटाइज कराने का बीएसए ने दिया आदेश।

लखनऊ :  शिक्षकों के विरोध के बाद क्वारण्टाइन सेंटर बनाये गए विद्यालयों को सैनेटाइज कराने का बीएसए ने दिया आदेश।





लखनऊ : स्कूल में न हुई साफ- सफाई और न ही सैनिटाइजेशन, क्वारंटीन सेंटर बने स्कूलों में बुलाने पर भड़के बेसिक शिक्षक।


क्वारंटीन सेंटर बने स्कूलों में बुलाने पर शिक्षक भड़के बेसिक शिक्षा।


लखनऊ : बाहर जिलों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए तीन दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। प्रवासियों के जाने के बाद इन स्कूलों में न तो सैनिटाइजेशन हुआ और न ही सफाई। यहां तक के मजूदरों का इस्तेमाल किए गए कपड़े व अन्य सामान स्कूल में ही पड़ा हुआ है। इसके बाद भी मिड डे मील का पैसा बांटने के लिए शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा रहा है। इसे लेकर शिक्षकों में रोष है।





स्कूल में न साफ-सफाई हुई और न ही सैनिटाइजेशन
बहुत से शिक्षक शहर के रेड जोन में रहते हैं। जो रोज आने जाने से कतरा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि शासन के निर्देश पर मिड डे मील योजना के तहत दिए जाने वाली भोजन की 76 दिनों की कर्न्वजन कास्ट बच्चों को दी जाना है। ऐसे में बच्चों और उनको अभिभावकों को स्कूल बुला कर सत्यापन किया जाना है। इसमें उनको बैंक एकाउंट नम्बर, आधार कार्ड समेत अन्य जानकारियों का सत्यापन होना है। शिक्षकों के साथ बच्चों व अभिभावकों में संक्रमण का खतरा है।

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन प्रान्तीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह बताते हैं कि स्कूलों को सैनिटाइज कराने के लिए मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा गया है। स्कूलों में शिक्षकों को संक्रमण होने का खतरा है।


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Tuesday, June 16, 2020

लखनऊ : फर्जी शिक्षिकाओं की नियुक्ति का मामला उजागर होने के बाद सत्यापन को 26 शिक्षिकाओं ने जमा कराए दस्तावेज



जागरण। फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उजागर होने के बाद राजधानी में अब कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर गई है। सोमवार को पहले दिन बीएसए दफ्तर में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा विश्वजीत पांडेय और खंड शिक्षाधिकारी की उपस्थिति में शिक्षकों के दस्तावेज जमा कराए गए। पहले दिन मलिहाबाद कस्तूरबा गांधी विद्यालय की शिक्षिका गुंजन सक्सेना व पुष्पांजलि समेत कई शिक्षकाएं पहुंचीं। उन्होंने 10वीं, 12वीं, स्नातक, बीएड के वास्तविक दस्तावेज, आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, नियुक्ति पत्र समेत अन्य अहम प्रपत्र टीम के समक्ष प्रस्तुत किए। माल और मलिहाबाद कस्तूरबा गांधी विद्यालय की कुल 26 शिक्षकों ने शाम पांच बजे तक अपने दस्तावेज सत्यापन के लिए जमा किए। 16, 17 और 18 जून को बाकी के अन्य छह ब्लॉकों में स्थित छह विद्यालयों की शिक्षिकाओं के दस्तावेज जमा कराए जाएंगे। यह दस्तावेज कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में अनामिका शुक्ला के नाम से 25 शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का मामला उजागर होने के बाद जमा कराए जा रहे हैं।

👉शैक्षिक बोर्ड से होगा सत्यापन

 बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि सभी शिक्षकों के वास्तविक शैक्षिक दस्तावेज पड़ताल के बाद जमा कर लिए जाएंगे।संविदा शिक्षिका होने के कारण अभी तक इन लोगों के वास्तविक दस्तावेज विभाग में नहीं जमा हुए थे। इसके अलावा दस्तावेजों की एक कॉपी संबंधित शिक्षा बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। जिस किसी के भी दस्तावेज गलत मिलेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

Saturday, June 13, 2020

लखनऊ : 89 शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति अमान्य, 13 एडेड स्कूलों में 3 वर्ष पूर्व हुई नियुक्तियों में मिली खामियां, सत्यापन शुरू

89 शिक्षक भर्ती प्रकरण : शिक्षकों से होगी 15 करोड़ की वसूली।


शिक्षकों से होगी 15 करोड़ की वसूली


लखनऊ : बालिका विद्यालयों में 2016-17 में 89 मृत पदों पर हुई शिक्षक भर्ती के मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूलों से वेतन सत्यापन आख्या मांगी हैं। सत्यापन रिर्पोट आने के बाद आगे की कार्यवाई की जाएगी। शुरूआती जांच में अवैधानिक तरीके से नियुक्त हुए शिक्षकों से वेतन 15 करोड़ रूपए की रिकवरी की बात सामने आई है।

वहीं, दूसरी तरफ माध्यमिक शिक्षक संघ ने दो और इंटर कॉलेजों के प्राइमरी सेक्शन में गलत तरीके से शिक्षक भर्ती का आरोप लगया है। इसे लेकर संगठन उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा को जल्दी एक ज्ञापन भी देगा।

संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि शिक्षकों के वेतन से जुड़ी आख्या डीआईओएस से मांगी गई है। डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि शुरूआती जांच में उक्त शिक्षकों से करीब 15 करोड़ रुपये की वेतन वसूली होना है। इससे लेकर सभी 13 विद्यालयों से वेतन की सत्यापन आख्या तलब की गई है। आख्या आने के बाद जानकारी हो जाएगी कि किस महीने में किस शिक्षक को कितना वेतन दिया गया है। दो दिन पहले शिक्षकों ने भर्ती को सही बताया था।

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पूर्व डीआईओएस के कार्यकाल में हुई थीं 200 से ज्यादा नियुक्तियां।


लखनऊ : भ्रष्टाचार के आरोपों में जांच झेल रहे पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) डीएन सिंह के कार्यकाल में राजधानी के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 200 से ज्यादा नियुक्तियां की गईं। राजेश सिंह नाम के व्यक्ति की लिखित शिकायत पर 89 शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्तियां की जांच करके उन्हें अमान्य घोषित कर दिया गया। इनकी सेवाएं निरस्त करने की कार्रवाई तक शुरू कर दी गई हैं।






वहीं, अन्य नियुक्तियों की जांच तक न किए जाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके ओर से उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा है। उधर, 89 शिक्षक भर्ती प्रकरण में शामिल शिक्षकों की ओर से मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर उनकी नियुक्तियों को अवैधानिक/अनियमित उल्लेखित न किए जाने की कार्रवाई करने की मांग की है। शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने निदेशक से मुलाकात की। शिक्षकों का कहना है कि पदों को मृत बताकर उनकी नियुक्तियों को अमान्य घोषित किया जा रहा है। जबकि, इस 2015, 2016 में इस तरह से कई अन्य स्कूलों में भी नियुक्तियां की गई हैं। विभाग ने एक शिकायत के आधार पर जांच करके उनकी नियुक्तियों को अवैधानिक/ अनियमित घोषित कर दिया है। यह गलत है। शिक्षिका प्रभा अवस्थी, लता मौर्या, रोमा सिंह समेत कई शिक्षक शिक्षिकाओं ने ज्ञापन सौंपा।

कई तो तीन साल से बिना वेतन के: जिन 89 शिक्षकों की नियुक्तियों को अवैधानिक/अनियमित बताकर निरस्त करने और रिकवरी की कार्रवाई का गई है, उनमें कई को तो अभी तक वेतन ही नहीं दिया गया। इनका कहना है कि उच्चाधिकारियों की निगरानी में उनकी नियुक्ति हुई है।

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लखनऊ : 89 शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति अमान्य, 13 एडेड स्कूलों में 3 वर्ष पूर्व हुई नियुक्तियों में मिली खामियां, सत्यापन शुरू।




89 शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति अमान्य

लखनऊ : शिक्षा विभाग की ओर से अमान्य घोषित 89 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां राजधानी के 13 सरकारी सहायता प्राप्त बालिका विद्यालय में की गई हैं। यह सभी नियुक्तियां तीन साल पहले की गई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (प्रथम) डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने सभी स्कूल प्रबंधकों से इनके बारे में जानकारियां तलब की हैं। आपके अपने अखबार “हिन्दुस्तान” ने सोमवार के अंक में इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया था।

इन 13 स्कूलों के प्रबंधनों को भेजा है नोटिस
बता दें, राजधानी के सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत 89 शिक्षकों की नियुक्तियों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई है। इन नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी किए जाने की पुष्टि हुई है। निदेशालय की ओर से इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 की धारा -16 ई(10) के तहत इन सभी अनियमित नियुक्तियों को निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने डीआईओएस (द्वितीय) नन्द कुमार से इन सभी नियुक्तियों को निरस्त करने का प्रस्ताव मांगा है। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि इन शिक्षक और कर्मचारियों से रिकवरी के आदेश आए हैं। नोटिस भेजी गई है।

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फर्जीवाड़े में लखनऊ के 89 शिक्षक होंगे बर्खास्त, वेतन की होगी रिकवरी।




फर्जीवाड़े में लखनऊ के 89 शिक्षक बर्खास्त होंगे

राजधानी के सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत 89 शिक्षकों की नियुक्तियां निरस्त की जाएंगी। अब तक वेतन के रूप में किए गए भुगतान की वसूली भी होगी। इन नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी किए जाने की पुष्टि हुई है। निदेशालय के निर्देश पर संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

ये सभी नियुक्तियां सहायता प्राप्त बालिका विद्यालयों में पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक धीरेन्द्र नाथ सिंह के कार्यकाल में तीन साल पहले की गई थीं।




पद समाप्त होने के बाद नियुक्त किए थे शिक्षक

लखनऊ  : राजधानी के सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत 89 शिक्षकों की बर्खास्तगी का प्रस्ताव जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) नन्द कुमार से मांगा गया है। जांच में नियमों का अनदेखी कर अनियमितता करते हुए नियुक्तियां किए जाने की पुष्टि हुई है। कई विद्यालयों में शिक्षकों के पद मृत होने के बाद भी नियुक्तियां कर दी गईं।

जिला विद्यालय निरीक्षक (प्रथम) डॉ. मुकेश कुमार सिंह को इन शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन के रूप में किए गए भुगतान पर रिपोर्ट देने को कहा गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि निदेशालय की ओर से इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 की धारा -16 ई(10) के तहत नियुक्तियों को निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। उसी के आधार पर डीआईओएस प्रथम और डीआईओएस द्वितीय से प्रस्ताव मांगा गया है।


नौकरी बांटने के लिए हुआ खेल : इस पूरे प्रकरण की जांच अपर शिक्षा निदेशक के स्तर पर की गई है।


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Thursday, June 11, 2020

राजधानी में निजी स्कूल प्रबंधनों ने जुलाई से स्कूल खोलकर कक्षाएं संचालित करने की तैयारी शुरू की

राजधानी में निजी स्कूल प्रबंधनों ने जुलाई से स्कूल खोलकर कक्षाएं संचालित करने की तैयारी शुरू की। 

जुलाई से स्कूल खोलने को अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, अभिभावक बोले बच्चों की सुरक्षा अहम।


लखनऊ।  राजधानी के निजी स्कूलों ने आगामी जुलाई माह से क्लासेज संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी है।अनएडेडे प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से बच्चों की पूरी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए स्कूल खोले जाएंगे। 


उधर, अभिभावकों की ओर से इसका विरोध किया गया है। अभिभावक कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कक्षाओं का संचालन स्थितियां सामान्य होने के बाद ही किया जाना चाहिए।

यह है प्रस्तावित कार्यक्रम
निजी स्कूलों के संगठन के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 20 जुलाई से सीनियर क्लासेज का संचालन किया जा सकता है। इसके अलावा,  तीन अगस्त से जूनियर की कक्षाओं, 10 अगस्त से प्राइमरी की कक्षाओं और 24 अगस्त से प्री-प्राइमरी की कक्षाएं संचालित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।


दो शिफ्ट में क्लासेज चलाने का सुझाव
स्कूल प्रबंधनों के प्रस्ताव में दो शिफ्ट में क्लासेज संचालित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें, कक्षा में छात्रों को अलग-अलग सेक्शन में विभाजित करने,  सभी स्कूल कैंपस में सैनिटाइजेशन की उचित व्यवस्था करने और  बच्चों की सेफ्टी को विशेष तौर पर वरीयता देने का सुझाव रखा गया है।


अभिभावकों में नाराजगी, बोले जल्दबाजी न करें
अभिभावकों में इस प्रस्ताव को लेकर खासी नाराजगी है। अभिभावक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना का खतरा अभी बरकरार है। निजी स्कूल प्रबंधन इजराइल जैसी गलतियां न करें। वहां, स्कूल खोलने पर सैकड़ों बच्चे संक्रमित हुए हैं। संघ की ओर से इस सत्र को शून्य किए जाने की मांग उठाई गई है।

Wednesday, June 10, 2020

अगस्त से खुलेंगे माध्यमिक स्कूल, दो शिफ्टों में चलेंगी कक्षाएं

अगस्त से खुलेंगे माध्यमिक स्कूल, दो शिफ्टों में चलेंगी कक्षाएं


Unlock-1 विद्यालयों को दो शिफ्टों और एक कक्षा दो से तीन शिफ्ट में चलाए जाने अथवा अल्टर्रनेट दिनों में क्लासेज चलाने की योजना बनाई जा रही है। ...


लखनऊ। अगस्त में माध्यमिक विद्यालयों को खोले जाने की तैयारी को लेकर राजधानी में माध्यमिक शिक्षा विभाग स्कूलों में एक्सरसाइज शुरू कर दी है। विद्यालयों को दो शिफ्टों और एक कक्षा दो से तीन शिफ्ट में चलाए जाने अथवा अल्टर्रनेट दिनों में क्लासेज चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसको लेकर अमीनाबाद इंटर कॉलेज प्रिंसिपल साहब लाल मिश्रा समेत अन्य में विद्यार्थियों को शारीरिक दूरी बनाकर बिठाए जाने के लिए क्लास में सीट पर नंबरिंग की जा रही है।


इन्हीं नंबरो के आधार पर विद्यार्थइयों को बिठाया जाएगा। स्कूलों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर स्टॉफ के प्रवेश के समय उनके सैनिटाइजेशन के लिए टनल लगवाए जाने पर भी विचार है। स्कूल के गेट के पास ही यह टनल लगाए जाएंगे। जिससे बच्चे इन्हीं टनल के नीचे से गुजरें और सैनिटाइज होकर ही कक्षा में जाएं।

कोरोना संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए होंगे यह सख्त नियम

● कॉलेज में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
● विद्यार्थियों और शिक्षकों को मास्क पहनकर ही विद्यालय में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके साथ ही सैनिटाइजर की शीशी साथ रखनी होगी।
● स्कूल में प्रवेश और छुट्टी दोनों समय बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों का ट्रेम्परेचर चेक करके रजिस्टर पर एंट्री करनी होगी।
● कॉलेज में छुट्टी के बाद प्रति दिन कक्षाओं और परिसर का होगा सैनिटाइजेशन।
● फुल आस्तीन की शर्ट और फुल पैंट, जूते मोजे पहनकर आना होगा।
● बच्चों को छोड़ने विद्यालय तक पहुंचाने और वापस ले जाने की जिम्मेदारी होगी अभिभावकों की।
● बच्चों के लिए सख्त निर्देश होंगे कि वह न तो किसी की पाठ्य सामग्री छुएं और न ही किसी को दें।
● हर कक्षा के समाप्त होने के बाद बच्चों को साबुन से हाथ धोना होगा। यह व्यवस्था स्कूल प्रबंधन कराएेगा।
● एक क्लास में 10 बच्चे और एक शिक्षक के बैठाए जाने की व्यवस्था, जैसी मूल्यांकन के समय शिक्षकोें के लिए की गई थी।
● बच्चों का झुंड एक जगह नहीं लगेगा।



क्या कहते हैं डीआइओएस ? 
डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह के मुताबिक,  ‘अगर अगस्त से विद्यालय खोले जाने की बात चल रही है। शासन ने अगर आदेश दिए तो इसके लिए हमने सभी विद्यालयों को मानक के अनुरूप व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों ने इस संबंध में एक्सरसाइज शुरू कर दी है।’

Saturday, May 16, 2020

लखनऊ : किताबें न कॉपियां, कैसे हो ऑनलाइन पढ़ाई

लखनऊ : किताबें न कॉपियां, कैसे हो ऑनलाइन पढ़ाई।

किताबें न कॉपियां, कैसे हो ऑनलाइन पढ़ाई

स्कूलों ने बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। रोजाना उन्हें होमवर्क भी दिया जा रहा है। मगर अभिभावकों की परेशानी यह है कि बच्चों के पास न किताबें हैं, न कॉपियां।

कॉपी-किताबों की सबसे बड़ी बाजार अमीनाबाद व गुईन रोड की दुकानें लॉकडाउन की वजह से बंद हैं। जिन इलाकों में दुकानें खुली हैं, वहां पहुंचना मुश्किल है। बजाजा निवासी मोहम्मद का बेटा सेंट फ्रांसिस स्कूल में कक्षा दो का छात्र है। मोहम्मद बताते हैं कि स्कूल की किताबें एक ही दुकान पर मिलती है, जो बंद है।

उधर माउंट कार्मल कॉलेज में कक्षा 5 की छात्रा ऑनलाइन मिलने वाला होमवर्क अपनी पुरानी कापियों पर ही कर रही है।




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Friday, May 15, 2020

लखनऊ : RTE अंतर्गत प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन का सत्यापन कार्य पूरा, 95 सौ उम्मीदवार

लखनऊ : ऑनलाइन आवेदन का सत्यापन कार्य पूरा,  95 सौ उम्मीदवार 


, लखनऊ : आरबीआई के प्रथम चरण के दाखिलों को लेकर कार्य | तेजी से चल रहा है। हालांकि, अब तक ऑनलाइन और ऑफलाइन को मिलाकर करीब 950 आवेदनों में से सिर्फ 60 फीसद का ही सत्यापन हो सका है। लॉकडाउन के कारण ग्रामीण इलाकों के 40 | फीसद आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। जबकि, प्रथम चरण के दाखिलों के लिए लॉटरी की तिथि 28 मई रखी गई है। 



लॉटरी में शामिल किए जाएंगे बिन | सत्यापन वाले भी आवेदन : बीएसएफ | दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण | क्षेत्रों के अधिकार आवेदन ऑनलाइन होते हैं। उनसे फौरी तौर पर आवेदन पत्रों की फौरी जांच कर ली गई है। वह भी लॉटरी में शामिल | किए जाएंगे। लॉटरी में नाम आने के बाद प्रपत्रों का फिर से सत्यापन किया जाएगा। 


सत्यापन में सत्यता की पुष्टि होने के बाद बच्चे का | निजी विद्यालय में दाखिला ले लिया जाएगा। वहीं, ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन ऑनलाइन ही | किए जा रहे हैं। क है शेड्यूल : आवेदन की अंतिम तिथि : 24 मई, लॉटरी की तिथि : 28 मई और दाखिले की तिथि : 10 जुलाई है।

Monday, April 20, 2020

फीस पर अभिभावकों, स्कूल प्रबंधनों में घमासान, अभिभावकों की है शिकायत- स्कूल प्रबंधन लगातार फीस जमा करने का बना रहे दबाव

फीस पर अभिभावकों, स्कूल प्रबंधनों में घमासान, अभिभावकों की है शिकायत- स्कूल प्रबंधन लगातार फीस जमा करने का बना रहे दबाव।







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Wednesday, April 8, 2020

लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन क्लास शुरू

लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन क्लास शुरू।








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Saturday, March 28, 2020

पुरस्कृत शिक्षकों को सेवा विस्तार, 65 वर्ष की आयु तक कर सकेंगे काम

पुरस्कृत शिक्षकों को सेवा विस्तार, 65 वर्ष की आयु तक कर सकेंगे काम