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Wednesday, September 23, 2020

डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर व डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर के डायट एवं निजी संस्थानों के प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन इंटर्नशिप संचालित किये जाने के सम्बन्ध में

लखनऊ : डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर व डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर के डायट एवं निजी संस्थानों के प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन इंटर्नशिप संचालित किये जाने के सम्बन्ध में

डीएलएड प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन इंटर्नशिप

 
प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के दौर में डीएलएड के प्रशिक्षुओं की इंटर्नशिप भी ऑनलाइन कराने के आदेश हुए हैं। प्रदेश के डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर व 2019 के द्वितीय सेमेस्टर के वे प्रशिक्षु जो डायट व निजी कालेजों में प्रशिक्षण ले रहे हैं प्रतिभाग करेंगे। यह इंटर्नशिप प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन के सहयोग से कराई जाएगी। सभी संस्थानों को प्रशिक्षुओं की सूचनाएं तैयार कराने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। 


उप शिक्षा निदेशक डा. पवन कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा है कि इंटर्नशिप की अवधि पांच सप्ताह रहेगी और सभी प्रशिक्षुओं को प्रतिभाग करना अनिवार्य है। इसे प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन के सहयोग से डायट की ओर से संचालित किया जाएगा। हर प्रशिक्षु का नाम, दूरभाष नंबर व संख्या की सूचना विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उपलब्ध कराई जाएगी। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का आवंटन बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से होगा। इसके लिए वे खंड शिक्षा अधिकारियों से प्रस्ताव लें। 


इंटर्नशिप ऑनलाइन कक्षा शिक्षण से जुड़े कक्षा एक, दो, छह, सात व आठ के छात्र-छात्राओं से संबंधित होगा। प्रशिक्षुओं के लिए यह प्रशिक्षण करके सीखना के नाम से संचालित होगा। इसमें उन्हें भौतिक रूप से संस्थान या फिर विद्यालय में उपस्थित नहीं होना है। उप शिक्षा निदेशक ने सभी विवरण व अगली कार्यवाही के लिए रिपोर्ट 25 सितंबर तक मांगी है।

Saturday, September 19, 2020

Right to Education : तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल नहीं रहे सुधर, स्कूलों को नोटिस जारी, बीएसए ने दी चेतावनी

Right to Education : तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल नहीं रहे सुधर, स्कूलों को नोटिस जारी, बीएसए ने दी चेतावनी



Right to Education दाखिला न देने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी की सूची। बीएसए बोले नोटिस के बाद भी दाखिला न लेने वाले स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई। ...


लखनऊ । तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते वर्षो की तरह इस बार भी तमाम निजी स्कूलों ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत दुर्बल आय वर्ग के बच्चों का दाखिला लेने में आनाकानी शुरू कर दी है। अभी तक दाखिला न लेने वाले करीब 21 स्कूलों को चिन्हित कर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय नोटिस जारी की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉक्टर दिनेश कुमार का कहना है कि ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर लिया गया है अगर वह दाखिला नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ सख्ती से पेश आया जाएगा।बहरहाल अब यह देखना है कि विभाग इन स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिला पाता है या नहीं?


 इन स्कूलों को जारी हुई नोटिस
एग्जान मोंटेसरी स्कूल कैंपवेल रोड,एविज कान्वेंट स्कूल गढ़ी पीर खां, बीएसडी एकेडमी बरौरा, सेंट्रल अकैडमी सेक्टर 4 विकास नगर, टाउन हॉल पब्लिक स्कूल ठाकुरगंज, लखनऊ पब्लिक स्कूल राजाजीपुरम, सिटी इंटरनेशनल स्कूल ठाकुरगंज, न्यू पब्लिक स्कूल देवपुर पारा, राजकुमार एकेडमी मेहंदीगंज, ग्रीनलैंड स्कूल गोमती नगर, दिल्ली पब्लिक स्कूल जानकीपुरम विस्तार, संस्कार पब्लिक स्कूल इंदिरा नगर, टिनी टॉय स्कूल अलीगंज, टाउन हॉल स्कूल सेक्टर के अलीगंज, कैरियर कान्वेंट स्कूल सेक्टर 5 विकास नगर।

Tuesday, September 15, 2020

लखनऊ : बर्खास्त सात शिक्षकों से जल्द होगी वेतन की रिकवरी

लखनऊ : बर्खास्त सात शिक्षकों से जल्द होगी वेतन की रिकवरी

 
लखनऊ : राजधानी में भी बीएड और टीईटी के फर्जी अंकपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षकों ने नियुक्ति के वक्‍त हुए वेरीफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते कुछ माह में प्राथमिक विद्यालयों के सात ऐसे शिक्षक पकड़े गए, जिनकी बीएड व टीईटी की अंक तालिका फर्जी निकली। ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। अब इन दोषी शिक्षकों से वेतन की रिकवरी भी जल्द की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी



तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि, शिक्षा विभाग अभी तक फर्जी वेरीफिकेशन में संलिप्त शिक्षकों के मददगारों को चिह्वित नहीं कर पाया है। सात शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं। इन शिक्षकों में मलिहाबाद प्राथमिक विद्यालय के सुशील तिवारी, हर्षनाग, रीमा पाल, मोहनलालगंज से नूर अमरीद, गोसाईगंज से आकाश श्रीवास्तव, बीकेटी से बबिता और ज्योति रावत हैं। इनके खिलाफ केस दर्ज कराई गई है। इसकी जांच चल रही है। चिनहट से नीलम यादव और गोसाईगंज से कमला वर्मा के भी शैक्षिक दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। इनकी जांच एसआइटी कर रही है। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि जो फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे थे, उनके वेतन को रिकवरी जल्द की जाएगी।

Sunday, September 13, 2020

लखनऊ : बड़े स्कूल नहीं ले रहे हैं गरीब बच्चों के दाखिले, अधिकारी बेबस

लखनऊ : बड़े स्कूल नहीं ले रहे हैं गरीब बच्चों के दाखिले, अधिकारी बेबस।

लखनऊ : प्रमुख संवाददाताबड़े स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले कराने में बेसिक शिक्षा के जिले के अधिकारी बेबस नजर आ रहे हैं। वह स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय अभिभावकों को अदालत जाने की सलाह दे रहे हैं। इसकी वजह से अभिभावक अपने बच्चों को दाखिले के लिए भटक रहे हैं। राजधानी के तमाम बड़े स्कूलों ने आरटीई के तहत गरीब बच्चों को एडमिशन देने से मना कर दिया है।




बीएसए कार्यालय ने इस वर्ष आरटीई के तहत करीब 10,947 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में दाखिले के लिए चयनित किया है। इसमें छोटे बड़े सभी कॉलेजों को शामिल हैं। सूची जारी होने के बाद अब बच्चों के अभिभावक जब दाखिले के लिए स्कूलों में जा रहे हैं तो वहां उन्हें ठेंगा दिखाया जा रहा। स्कूल संचालक दाखिले से साफ मना कर दे रहे हैं। वह कह रहे हैं कि एडमिशन नहीं लेंगे जिससे शिकायत करना हो करो।

------------------------इन स्कूलों में नहीं ले रहे हैं दाखिलेशहर के कई बड़े स्कूल ऐसे हैं जो एक भी गरीब बच्चे का एडमिशन नहीं ले रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिटी इंटरनेशनल स्कूल, सेंट्रल एकैडमी, पायनियर मांटेसरी स्कूल तथा सिटी मांटेसरी स्कूल जैसे कई अन्य कॉलेज भी हैं जिन्होंने एडमिशन नहीं लिया है।-------------------सीएमएस ने 48 बच्चों की खुद जांच करा कर बताया अयोग्य सिटी मांटेसरी स्कूल ने 48 बच्चों को यह कहकर वापस कर दिया है कि यह बच्चे दूसरी जगह पढ़ रहे थे। इसलिए एडमिशन के लिए अर्ह नहीं हैं। अब सवाल यह उठता है कि बीएसए कार्यालय की रिपोर्ट सही मानी जाय या सीएमएस की। अगर बीएसए कार्यालय ने परीक्षण के बाद इन्हें स्कूल आवंटित किया तो सीएमएस यह कैसे लिख रहा है कि यह बच्चे दूसरी जगह पढ़ रहे हैं। ----------------------मेरे दोनों बेटे चैतन्य व लक्ष्यदीप का नाम सेंट्रल एकेडमी के लिए आया।

मैं वहां गया तो स्कूल ने एडमिशन से मना कर दिया। कहा जिससे शिकायत करना हो करो एडमिशन नहीं लेंगे। अधिकारी अदालत जाने की सलाह दे रहे हैं।महेंद्र यादव, अभिभावक, विकास नगर----------मेरी बच्ची विदुषी दीक्षित को आर्मी पब्लिक स्कूल एलाट किया गया। वहां एडमिशन कराने पहुंचा तो बता दिया कि वहां नर्सरी की क्लास नहीं चलती। अब कहां जाएं।जितेश दीक्षित, नरही-----


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Monday, September 7, 2020

प्राइवेट में फीस देना भारी, बच्चे चले स्कूल सरकारी

प्राइवेट में फीस देना भारी, बच्चे चले स्कूल सरकारी

Saturday, September 5, 2020

लखनऊ में सर्वाधिक शिक्षकों ने कोरोना काल में बनाए शैक्षणिक वीडियो, हुआ सम्मान

लखनऊ में सर्वाधिक शिक्षकों ने कोरोना काल में बनाए शैक्षणिक वीडियो, हुआ सम्मान।

लखनऊ : कोरोना काल मे जब विद्यालय और कोचिंग सेंटर बंद हैं। बच्चे घरों में बैठकर संसाधनों के अभाव में पढाई कर रहे हैं। ऐसे में शासन के आदेश पर ई-ज्ञान गंगा एवं स्वयंप्रभा और डीडी यूपी पर माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों की कक्षाएं संचालित करने का आदेश हुआ तो सूबे में सवार्धिक शिक्षक लखनऊ से आगे आएं। उन्होंने बच्चों के लिए पाठ्यक्रम के अनुसार शैक्षणिक वीडियो बनाएं।






जिन्हें दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया। ऐसे सभी 40 शिक्षकों का शिक्षक दिवस के मौके राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोमतीनगर में प्रशस्तिपत्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम में उक्त शिक्षक/ शिक्षिकाओं की महती भूमिका है। राज्य स्तर पर सर्वाधिक वीडियो तैयार करने का कार्य जनपद लखनऊ के शिक्षक/शिक्षिकाओं द्वारा किया गया। इस दैरान डीआइओएस (द्वितीय) नंदकुमार एवं डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह मौजूद रहें। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। वहीं, शिक्षक, शिक्षिकाओं द्वारा ने वीडियो निर्माण में अपने अनुभव को साझा करते हुए उक्त कार्यक्रम को आगे बढ़ाने हेतु संकल्प लिया गया साथ ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को कैसे जनपद स्तर पर लागू किया जाए इस पर भी विचार विमर्श हुआ।

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Tuesday, September 1, 2020

निलंबित शिक्षकों की जांच दबाए बैठे हैं खंड शिक्षा अधिकारी

निलंबित शिक्षकों की जांच दबाए बैठे हैं खंड शिक्षा अधिकारी

 

लखनऊ : विभिन्न कारणों से निलंबित किए गए परिषदीय शिक्षकों के खिलाफ जारी जांच को खंड शिक्षा अधिकारी दबाए बैठे हैं। बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं, जिनमें जांच रिपोर्ट लंबित है।


इससे जहां जांच की कार्यवाही के निस्तारण में विलंब हो रहा है, वहीं बेसिक शिक्षा विभाग भी अनावश्यक रूप से शिक्षकों की सेवाओं से वंचित हो रहा है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से हाल ही में की गई समीक्षा में 68 जिलों से प्राप्त सूचना में पाया गया कि प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के कुल 478 शिक्षक वर्तमान में निलंबित हैं।

समीक्षा से यह भी मालूम हुआ कि 269 शिक्षकों की जांच खंड शिक्षा अधिकारी दबाए हुए हैं।

Saturday, August 29, 2020

परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी दीक्षा एप के जरिये चलचित्र के माध्यम से करेंगे पढ़ाई

परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी दीक्षा एप के जरिये चलचित्र के माध्यम से करेंगे पढ़ाई, 



निजी विद्यालयों की तरह ही अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चे भी स्मार्ट क्लास में अत्याधुनिक विधा से पढ़ाई करेंगे। कोरोनाकाल के बाद विद्यालय खुलते ही बच्चे चलचित्र के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। शिक्षक अपने मोबाइल, लैपटॉप और विद्यालयों में मुहैया कराए जा रहे प्रोजेक्टर पर वीडियो और काटरून के माध्यम से पढ़ाएंगे। इसके लिए सभी शिक्षकों की ट्रेनिंग भी पूरी हो गई है।


अब शिक्षकों के मोबाइल पर दीक्षा एप डाउनलोड कराया जा रहा है। दीक्षा एप पर बच्चों के पाठ्य के काटरून वीडियो दिए गए हैं। पहले फेज में जिन बच्चों के परिवारीजनों के पास एंड्रॉयड मोबाइल हैं, उन्हें वाट्सएप ग्रुप पर जोड़कर शिक्षक वीडियो पोस्ट करने लगे हैं। बीकेटी ब्लाक के एआरपी (एकेडमिक) रिसोर्स पर्सन अनुराग सिंह राठौर ने यह कार्य अपने क्षेत्र के विद्यालयों में यह कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी ब्लाकों में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक की ट्रेनिंग भी पूरी हो गई है। अब शिक्षकों के मोबाइल पर दीक्षा एप डाउनलोड कराने और उसे मानव संपदा से जोड़ने का कार्य शनिवार से शुरू होगा।


शिक्षक नहीं दे पाएंगे गलत जानकारी : दीक्षा एप को अब मानव संपदा पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से शिक्षक जितनी देर दीक्षा एप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाएंगे, उसकी टाइमिंग उनकी आइडी पर सेव हो जाएगी। इससे यह पता चलेगा कि किस शिक्षक ने कितनी देर बच्चों कोवीडियो और काटरून विधा से पढ़ाई कराई।


परिषदीय विद्यालय खुलते ही लागू होगी यह व्यवस्था, बच्चों के पाठ्य को प्रोजेक्टर पर कार्टून वीडियो से दिखाएंगे शिक्षक


ऐसा होगा पाठ्यक्रम

जैसे बच्चों को समुद्र के बारे में जानकारी दी जानी है तो दीक्षा एप पर समुद्र का वीडियो होगा, जिसे बच्चे देखेंगे कैसे आवाज करती हुई लहरें समुद्र में उठती हैं या फिर किसी चिड़िया की आवाज बच्चों को बतानी है तो वीडियो के माध्यम से उस चिड़िया का वीडियो दिखाकर बच्चों को आवाज सुनाई जाएगी। इसी तरह गणित के जोड़-घटाने से सम्बंधित भी काटरून वीडियो के माध्यम से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा।


दीक्षा एप से बच्चों को वीडियो के माध्यम से कैसे पढ़ाया जाए, बच्चों को अक्षरों की पहचान समेत अन्य जानकारियां वीडियो के माध्यम से दी जाएंगी। इसके लिए सभी शिक्षकों की ट्रेनिंग भी कराई गई है। विद्यालय खुलने के बाद यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। - दिनेश कुमार, बीएसए

Friday, August 28, 2020

कपड़ा दिखाया न नाप ली, तैयार कर दी ड्रेस, कागजों पर चल रहीं स्वयं सेवी संस्थाएं


लखनऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को दी जाने वाली निशुल्क यूनिफार्म वितरण में स्वयं सेवी संस्थाओं ने फिर खेल शुरू कर दिया है। मोहनलालगंज, माल व अन्य ग्रामीण ब्लाकों में स्वयं सेवी संस्थाओं ने विद्यालय में बच्चों की न नाप ली और नहीं विद्यालय प्रबंध समिति को कपड़े प्रबंध समिति का गठन की गुणवत्ता दिखाई पर यूनिफार्म तैयार करवा दी। खंड विकास अधिकारी की ओर से पत्र जारी करा कर स्वयं सेवी संस्था विद्यालय पर आपूर्ति का दबाव बना रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निशुल्क यूनिफार्म का वितरण किया जाता है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रबंध समिति का गठन किया जाता है। इसमें शिक्षकों के साथ अभिभावक भी रहते हैं। जो कपड़े की गुणवत्ताजांच के बादयूनिफार्म सिलाई का आर्डरस्थानीय दर्जी, स्वयं सेवी संस्था या फिर ग्रामीण इलाकों के महिला समूह को दे सकते हैं। हालांकि हर ब्लाक में कुछ काम स्वयं सेवी संस्थाओं के जरिए कराने के निर्देश हैं। इसमें मोहनलालगंज में करीब 15 हजार यूनिफॉर्म सिलने की जिम्मेदारी स्वयं सेवी संस्थाओं को दी गई है।
शासनादेश के मुताबिक संस्थाओं से सिर्फ यूनिफॉर्म सिलाई का काम लिया जाएगा लेकिन संस्थाएं विद्यालय प्रबंध समिति को बिना कपड़े की जांच कराए और बच्चों की नाप लिए बिना ही यूनिफॉर्म तैयार कर रहे हैं। 



कागजों पर चल रहीं स्वयं सेवी संस्थाएं : यूनिफार्म तैयार करने वाली बहुत सी संस्थाएं सिर्फ कागजों पर ही चल रही हैं। जानकारों के अनुसार ये संस्थाएं खुद ड्रेस सिलने के बजाए उन्नाव मौरावां रोड स्थित एक दुकान से सस्ती ड्रेस खरीदकर विद्यालय में सप्लाई का दबाव प्रबंध समिति पर बना रहीं हैं। बीएसए दिनेश कुमार के मुताबिक उनको भी कई स्वयं सेवी संस्थाओं के बारे में पता किया गया कि मौके पर जाकर वहां जांच की जाए लेकिन उनके पते की जानकारी नहीं हो पा रही है।

शासन के उच्च शिक्षा अधिकारियों ने अपने आदेश में कहा है कि विद्यालय प्रबंध समिति प्रत्येक बच्चे का नाप करवाकर निःशुल्क यूनिफार्म स्वयं सहायता समूह/महिला समूह/स्थानीय दर्जी से सिलाई के लिए सेवा ले सकती है,परंतु 
ब्लाकों में ये समूह बिना नाप लिए यूनिफार्म स्कूलों में देने के लिए दबाव बना रहे,जो उचित नहीं है।
 - विनय कुमार सिंह, प्रान्तीय अध्यक्ष, 
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन

सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कपड़े की गुणवत्ता की जांच और बच्चों की नाप कराए बिना यूनिफार्म न लें। 
- दिनेश कुमार, बीएसए

Monday, August 24, 2020

सभी विद्यालयों में रखे जाएंगे ड्रॉप बॉक्स, विद्यार्थियों के प्रश्नों को ड्रॉप बॉक्स में डाल सकेंगे अभिभावक

सभी विद्यालयों में रखे जाएंगे ड्रॉप बॉक्स,  विद्यार्थियों के प्रश्नों को ड्रॉप बॉक्स में डाल सकेंगे अभिभावक

 
प्रयागराज : छात्र दूरदर्शन और स्वयंप्रभा चैनल के जरिए भी प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों से पठन पाठन को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रत्येक शनिवार को विद्याíथयों से प्रश्न भी पूछे जाएंगे। उनका जवाब लिख कर छात्र-छात्रएं विद्यालय के वाट्सएप ग्रुप पर भेजेंगे। जिनका उत्तर नहीं आएगा उस संबंध में अध्यापक से विमर्श कर सकेंगे। बहुत से ऐसे छात्र हैं जिनके पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है, उनके लिए शासन के निर्देश पर विद्यालयों में ड्रॉप बॉक्स रखे जाएंगे।


कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अगल-अलग बाक्स रहेंगे। अभिभावक स्कूलों में जाकर बच्चों के प्रश्न उसमे रख देंगे। प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी कि उसे संबंधित शिक्षक तक पहुंचाएं। अध्यापक उनके जवाब बना कर नोट्स के रूप में फिर उसी ड्राप बॉक्स में डाल देंगे। अभिभावक उसे आकर ले जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार शिक्षक विद्यार्थी से फोन पर भी बात कर विषयवस्तु को समझाने की कोशिश करेंगे। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन विद्यार्थियों के पास टेलीविजन और ऑनलाइन शिक्षा के लिए व्यवस्था नहीं है उनके लिए दूरस्थ शिक्षा से संबंधित पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। प्रधानाचार्यो को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि दूरदर्शन पर प्रसारित वीडियो में जो भी प्रश्न पूछे गए हैं उनके उत्तर शिक्षक वाट्सएप पर जरूर दें।

एंड्रॉयड मोबाइल न रखने वाले बच्चों के लिए उठाया गया कदम, विद्यार्थियों के प्रश्नों को ड्रॉप बॉक्स में डाल सकेंगे अभिभावक

शनिवार को देंगे प्रश्नों का जवाब

सोमवार से शुक्रवार तक हुई ऑनलाइन पढ़ाई के संदर्भ में विद्यार्थी शनिवार को प्रश्न पूछ सकते हैं। वाट्सएप से जुड़े शिक्षक उनके प्रश्नों का जवाब लिखकर या फोन पर देंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी माध्यमिक शिक्षा विभाग के यू ट्यूब चैनल पर भी पाठ्य सामग्री हासिल कर सकते हैं।

Saturday, August 22, 2020

लखनऊ : संसाधनों के अभाव में भी वर्कशीट पर बच्चे गढ़ रहें भविष्य, जानिए कैसे?

संसाधनों के अभाव में भी वर्कशीट पर बच्चे गढ़ रहें भविष्य, जानिए कैसे?

ऑनलाइन पढ़ाई न कर पा रहे बच्चों को वर्कशीट पर शिक्षक दे रहें होमवर्क। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों का भविष्य संवारने की पहल बच्चों के घर तक पहुंचा रहे होमवर्क।

लखनऊ :  अब एंड्रॉयड मोबाइल न होने पर भी परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढाई नहीं रुकेगी। बच्चों का भविष्य सुधारने के लिए शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोइयां और अनुदेशक खुद बच्चों के घर पर वर्कशीट पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा विद्यालय में निःशुल्क पुस्तक लेने के लिए आ रहे अभिभावकों के माध्यम से भी वर्कशीट बच्चों के पास पहुंचाई जा रही है।






वर्कशीट पर दिए गए प्रश्नों को हल करके बच्चें उसे स्कूल तक फिर किसी न किसी माध्यम से भेज रहे हैं। शिक्षक वर्कशीट को चेक करके बच्चों की योग्यता का आंकलन करके सूची तैयार कर रहे हैं। इसके बाद हफ्ते में एक दिन बच्चों के घर जाकर अथवा उनके अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उन्हें बच्चों की कमियों से अवगत कराते हैं। उसके बाद अभिभावकों के सहयोग से फिर बच्चों तक वर्कशीट पहुंचा रहे हैं। जिससे कोरोना काल मे भी बच्चों को पढाई बाधित न हो। राजधानी के बीकेटी ब्लॉक से एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) अनुराग सिंह राठौर और उनकी टीम से इसकी शुरुआत कर दी है। यह व्यवस्था इस लिए शुरू की गई है कि परिषदीय विद्यालयों के करीब 90 फीसद बच्चों के घर पर एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है। जिसके चलते वह ऑनलाइन क्लास नहीं ले पा रहे हैं।


मिशन प्रेरणा के तहत बच्चों को होनी चाहिए यह जानकारी

कक्षा एक के बच्चों को गणित विषय में एक से 99 के बीच सभी संख्याओं की जानकारी होनी चाहिए। पांच अलग-अलग संख्याओं में कौन सी बड़ी और कौन सी छोटी है। बच्चों को यह पता होना चाहिए। वहीं, भाषा विषय में निर्धारित सूची में दिए गए 10 शब्दों में से पांच को पढ़ना, पहचानना और समझना बच्चों को आना चाहिए।

राजधानी में स्कूल : 1841

शिक्षक : 4865

शिक्षामित्र : 2000

अनुदेशक : 381

विद्यार्थी : पौने दो लाख


क्या कहते हैं बीएसए ?

बीएसए दिनेश कुमार के मुताबिक, शासन के निर्देश और स्लेबस के अनुसार बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को वर्कशीट पर होमवर्क भी उसी आधार पर दिया जा रहा है।

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Thursday, August 13, 2020

कोरोना ने सुस्त की आरटीई के दाखिलों की चाल, दाखिलों की सुस्त रफ्तार से अभिभावक परेशान



। एनबीटी, लखनऊ कोरोना संक्रमण का असर इस साल आरटीई दाखिलों पर साफ दिखाई दे रहा है। जहां शुरुआत में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया कमजोर चल रही थी, वहीं अव दाखिलों की सुस्त रफ्तार से अभिभावक परेशान हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने आरटीई  के तीसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया के लिए सत्यापन का काम शुरू कर दिया है, लेकिन अब तक आवेदन पहली और दूसरी प्रक्रिया के दाखिले पूरे नहीं हुए हैं। विभाग का कहना है सूची भिजवा दी गयी है, स्कूल बंद होने के कारण दाखिला नहीं करवा पा रहे हैं। 

बुद्धेश्वर निवासी अरविंद कुमार का कहना है कि वह अपनी छह साल की बेटी के दाखिले के लिए स्कूल गए थे, लेकिन स्कूल वालों ने सूर्य नहीं आई है, यह कहकर लौटा दिया। विभाग के अधिकारी भी कोरोना संक्रमण के कारण कम मिल रहे हैं। मेरी तरह कई अभिभावक हैं जो दाखिले के लिए कभी स्कूल और कभी विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन दाखिला नहीं हो पा रहा है।

Friday, August 7, 2020

लखनऊ : रोस्टर से कोरोना सर्वे में लगेगी बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी

लखनऊ : रोस्टर से कोरोना सर्वे में लगेगी बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी

 
कोरोना संक्रमण से शिक्षिका की मौत के बाद शिक्षकों संगठनों ने रोष जाहिर करते हुए शिक्षकों की ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से लगाने व कोरोना सर्वे में लगे बीमार शिक्षकों को हटाए जाने की मांग की है। वहीं, बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह कोरोना सर्वे में गर्भवती व बीमार शिक्षकों की ड्यूटी न लगाए। साथ ही शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराए ताकि रोस्टर के हिसाब से उनकी ड्यूटी लगाई जा सकें।


 बीएसए ने बताया कि मृतक शिक्षिका की ड्यूटी कोरोना सर्वे में नहीं लगाई गई थी।  अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह बीमार, बुजुर्ग व गर्भवती शिक्षिकाओं की ड्यूटी कोरोना सर्वे में न लगाए। इसके अलावा जो शिक्षक काफी समय से सर्वे में लगे हैं। उनकी जगह दूसरे शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि शिक्षकों की ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से लगाई जाएगी। ज्ञात हो कि एक शिक्षिका कोरोना से अपनी जान गवां चुकी है जबकि कई संक्रमित हैं।

लखनऊ : लेक्चरर ने कहा पहले PM और CM के दस्तावेजों की कराएं जांच, फिर मेरे, विभाग ने जांच न कराने पर रोका वेतन

लखनऊ : लेक्चरर ने कहा पहले PM और CM के दस्तावेजों की कराएं जांच, फिर मेरे, विभाग ने जांच न कराने पर रोका वेतन


 
शैक्षिक दस्तावेजों के सत्यापन का शिक्षक पहले से विरोध कर रहे हैं लेकिन गुरुवार को एक अनूठा मामला सामने आया। कैंट स्थित हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज में रसायन विषय के प्रवक्ता राम निवास ने प्राचार्य को पत्र लिख कर कहा है कि पहले प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के शैक्षिक दस्तावेजों की जांच की जाए। उसके बाद ही वह अपने दस्तावेजों की जांच कराएंगे।  प्राचार्य ने डी आई ओएस को पूरे मामले की जानकारी दी है। इसके बाद डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने शिक्षक का वेतन रोके जाने का आदेश जारी किया है। 


दस्तावेजों की जांच में रखी बेढब शर्तः डीआईओएस डॉ मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन के आदेश पर सभी राजकीय और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों के शैक्षिक दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। कैंट स्थित हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज के रसायन विषय के प्रवक्ता राम निवास ने दस्तावेज जमा करने से इंकार कर दिया। प्रवक्ता का पीएम और सीएम के सम्बन्ध में दिया गया बयान नियमों के विपरीत है और आचरण नियमावली का उल्लंघन है।

Thursday, August 6, 2020

लखनऊ : कोरोना संक्रमित प्रधानाध्यापिका की मौत, शिक्षक संघ में रोष

लखनऊ : कोरोना संक्रमित प्रधानाध्यापिका की मौत, शिक्षक संघ में रोष।

लखनऊ में प्राथमिक शिक्षक संघ ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में दिया ज्ञापन।

लखनऊ : प्राथमिक विद्यालय माल-दो में तैनात कोरोना संक्रमित प्रधानाध्यापिका (40) की गुरुवार को मौत हो गई। प्रधानाध्यापिका की मौत से उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ में रोष है। संघ ने कोविड-19 की सुरक्षा के दृष्टिगत पांच सूत्रीयमाँगो को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया है।




संघ के महामंत्री वीरेंद्र सिंह समेत अन्य ने शासन द्वारा निर्धारित 50 लाख की मुआवजा राशि तत्काल दिलाए जाने को कहा है। शिक्षकों की ड्यूटी में स्कूल रोस्टर व्यवस्था की मांग। संक्रमित शिक्षकों को प्रथम श्रेणी के अस्पताल में इलाज कराने की मांग है। संघ ने शिक्षकों को कोविड बीमा पॉलिसी कराने की भी मांग की है। संघ के महामंत्री ने कहा कि संघ की उक्त मांगो को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। ऐसा न किए जाने पर संघ कार्य बहिष्कार करेगा। इस दौरान संघ के अन्य पदाधिकारियों और शिक्षकों ने शिक्षिका को श्रद्धांजलि दी।


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Wednesday, July 29, 2020

लखनऊ : शिक्षकों के मूल शैक्षिक अभिलेख अब जांच के लिए नहीं जमा करवाए जाएंगे

लखनऊ : शिक्षकों के मूल शैक्षिक अभिलेख अब जांच के लिए नहीं जमा करवाए जाएंगे


उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग व उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभिलेखों की जांच के लिए शिक्षकों से किसी भी कीमत पर मूल अभिलेख जमा न करवाए जाएं। माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के अभिलेखों की जांच के दौरान कई जिलों में शिक्षकों से मूल अभिलेख जमा करवाए जा रहे थे।


लखनऊ: दस्तावेज सत्यापन के लिए 22 में से पहुंचे दो कॉलेज, शैक्षिक प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज जांचे जाने का सरकार का आदेश शिक्षकों को रास नहीं आ रहा
 

लखनऊ : शैक्षिक प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज जांचे जाने का सरकार का आदेश शिक्षकों को रास नहीं आ रहा। दस्तावेज सत्यापन के लिए जुबली इंटर कॉलेज में पहले दिन मंगलवार को टीम इंतजार करती रही। 22 कॉलेजों के ¨प्रसिपलों को अपने-अपने शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन कराने के लिए पहुंचना था, मगर उसमें भी महज दो कॉलेज के ¨प्रसिपल ही पहुंचे। वे भी आधे-अधूरेदस्तावेज के साथ, जिन्हें टीम ने वापस कर दिया।


राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में राजधानी के करीब डेढ़ सौ से अधिक सरकारी, एडेड और संस्कृत विद्यालयों के लगभग 3400 शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन होने हैं। पहले दिन यानी मंगलवार को 22 कॉलेजों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था। जुबली इंटर कॉलेज के ¨प्रसिपल धीरेंद्र मिश्र ने बताया कि जो शिक्षक आए थे उनके दस्तावेज भी पूरे नहीं थे। इस कारण उन्हें पूरे दस्तावेज के साथ आने के लिए कहा गया है। सत्यापन कार्य 4 अगस्त तक चलेगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डॉ. महेंद्र नाथ राय का कहना है कि कई शिक्षक ऐसे भी हैं, जिनके मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र वर्षो पुराने होने के कारण खराब हो गए हैं।


प्रमाण पत्र गुम होने की दशा में उसे पुन: बनवाने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय या संस्थान तक दौड़ लगाना शिक्षकों की मजबूरी बन जाएगी। महेंद्र नाथ राय ने कहा कि जब दस्तावेज की छायाप्रति से भी सत्यापन किया जा सकता है तो मूल प्रमाण पत्र क्यों जमा कराए जा रहे हैं? उन्होंने सरकार से मांग की है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिलहाल शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य टाल दिया जाए।


पहले दिन नहीं खुल सका सत्यापन का खाता जुबली इंटर कॉलेज में सत्यापन के लिए स्कूलों का इंतजार करती रही टीम, जो पहुंचे भी वो आधे-अधूरे दस्तावेज के साथ

Monday, July 27, 2020

लखनऊ : मूल अभिलेख जमा नहीं करेंगे शिक्षक, रविवार को हुई माध्यमिक शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक में लिया गया फैसला


लखनऊ। माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने जांच के लिए मूल अभिलेख जमा करने से इनकार कर दिया है। मा.शिक्षक संघ की रविवार को हुई ऑनलाइन बैठक में यह फैसला लिया गया।

शासन के स्तर पर शुरू की गई शिक्षकों की जांच के लिए डीआईओएस ने शिक्षकों को मूल अभिलेख जमा करने का निर्देश दिया है उधर शिक्षकों का कहना है कि मूल अभिलेख जमा करने पर उनके खोने का खतरा है। संघ के प्रदेश मंत्री डॉ. आरपी मिश्र का कहना है कि शिक्षकों के शैक्षणिक अभिलेखों/प्रमाण पत्रों की जांच संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय द्वारा की जानी है। डीआई ओएस के स्तर पर मूल अभिलेख जमा कराने का कोई औचित्य ही नहीं है।

लखनऊ : सरकारी स्कूल में वाहनों से किताबें भेजी जाएंगी, सभी बीईओ को अपने क्षेत्र के स्कूलों का रूट चार्ट बनाने के निर्देश


लखनऊ | राजधानी के सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों तक अब वाहन के जरिए किताबें पहुंचाई जाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर पर गाड़ियों की व्यवस्था की गई है।
आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान में खबर छपने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय हरकत में आया है। 
बच्चों को किताबें नहीं मिल पाने के मुद्दे को हिंदुस्तान ने रविवार के अंक में प्रमुखता से उठाया। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय हरकत में आया है।

बीएसएफ दिनेश कुमार ने रविवार को वाहन से किताबें पहुंचाने के लिए आदेश जारी कर दिया। बीएसए की ओर से पूरे लखनऊ को 12 विकासखण्ड में बांटकर गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के स्कूलों का रूट चार्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह चार्ट संबंधित ड्राइवर को उपलब्ध कराना होगा।

Sunday, July 26, 2020

लखनऊ में चार हजार शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों की होगी जांच, टीम गठित


लखनऊ में चार हजार शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों की होगी जांच, टीम गठित


लखनऊ में मंगलवार से राजकीय जुबिली कॉलेज में होगी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कोविड-19 के पूरे प्रोटोकॉल का करना होगा पालन। ...


लखनऊ। सूबे में लगातार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विद्यालयों में शिक्षकों के नौकरी पाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। सबसे पहले कस्तूरबा गांधी में और उसके बाद बेसिक विद्यालयों में कई मामले पकड़े गए। वहीं, राजधानी के बालिका विद्यालयों में भी 98 शिक्षकों की नियम विरुद्ध हुई भर्ती की जांच चल ही रही है। अब माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले करीब 4000 शिक्षकों के दस्तावेजों की पड़ताल के लिए जांच दल गठित कर दिया गया है। 


डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि दस्तावेजों की जांच के दौरान विद्यालय और शिक्षकों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना होगा। सभी शिक्षक मास्क लगाकर पहुंचेंगे। शारीरिक दूरी का पालन करेंगे। विद्यालय में सैनिटाइजर, हैंड वॉश, साबुन और सफाई का ध्यान रखना होगा। इसकी व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालयों की क्रम संख्या के अनुसार उनके शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के लिए समय सुनिश्चित कर दिय गया है।


यह मूल शैक्षिक प्रपत्र जमा करना होगा समिति के पास

शिक्षकों को नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए सभी अभिलेष जमा करने होंगे। जाति प्रमाणपत्र निवास प्रमाणपत्र, शैक्षिक अनुभव प्रमाण पत्र समेत सभी वास्तविक अभिलेखों को फोल्डर में रखकर लाने होंगे। जमा हुए इन अभिलेखों की जांच उनके शैक्षिक बोर्ड से कराई जाएगी।

इन विद्यालयों के करीब चार हजार शिक्षकों के दस्तावेजों की होगी जांच

राजकीय विद्यालय - 50
एडेड विद्यालय - 98
संस्कृत विद्यालय - 03
शिक्षकों की संख्या - 4000

98 एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच व्यवस्था

विद्यालय क्रम संख्या तिथि और समय
01 से 12 तक 28 जुलाई / सुबह 10 बजे से
13 से 24 तक 29 जुलाई / सुबह 10 बजे से
25 से 36 तक 30 जुलाई / सुबह 10 बजे से
37 से 48 तक 31 जुलाई / सुबह 10 बजे से
49 से 61 तक 04 अगस्त / सुबह 10 बजे से
समस्त संस्कृत विद्यालयों हेतु 04 अगस्त / सुबह 10 बजे से

50 राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच व्यवस्था

विद्यालय क्रम संख्या तिथि और समय
01 से 10 तक 28 जुलाई / दोपहर एक बजे से
11 से 20 तक 29 जुलाई / दोपहर एक बजे से
21 से 30 तक 30 जुलाई / दोपहर एक बजे से
31 से 40 तक 31 जुलाई / दोपहर एक बजे से
41 से 51 तक 04 अगस्त / दोपहर एक बजे से

Tuesday, July 21, 2020

सतर्कता : स्कूलों में बनाई जाएगी कोविड हेल्प डेस्क

सतर्कता :  स्कूलों में बनाई जाएगी कोविड हेल्प डेस्क


राजधानी लखनऊ  के सभी राजकीय, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में कोविड हेल्प डेस्क बनाना अनिवार्य है। यहां साबुन, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, हैंडवॉश, आगंतुक रजिस्टर की व्यवस्था होनी चाहिए। यह निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने सोमवार को सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रिंसिपल के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में जारी किए।


डीआईओएस ने सभी प्रिंसिपल को स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षकों से सम्पर्क करने को कहा। उन्होंने बताया कि इच्छुक शिक्षकों के स्वयंप्रभा चैनल पर प्रसारित हो रहीं 10 वीं और 12वीं की कक्षाओं के लिए लेक्चर की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। डीआईओएस ने कहा कि सभी स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेज का ब्योरा देना है। जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर नहीं हैं, उन्हें पियर ग्रुप से जोड़ें जिससे वह साथी सहपाठी से फोन करके कोर्स की जानकारी ले सकें।