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Tuesday, September 22, 2020

शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के लिए शुल्क लिए जाने से शिक्षक नाराज

सत्यापन के लिए शुल्क लिए जाने से शिक्षक नाराज।


राज्य मुख्यालय  : प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों व सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराने के आदेश से नया विवाद छिड़ गया है। इस प्रक्रिया से एक तरफ शिक्षकों की जांच लटक गई है तो दूसरी तरफ सत्यापन के लिए जमा होने वाले शुल्क को लेकर फैसला नहीं हो पा रहा है। शिक्षक संगठनों ने यह शुल्क शिक्षकों से ही लिए जाने पर नाराजगी जताई है। शासन ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा राजकीय व सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों से कहा है कि वे अपने यहां कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन उन बोर्डों या विश्वविद्यालयों से करा लें, जहां से वे जारी किए गए हैं। 

इससे पहले जिलावार गठित जांच कमेटी ने शिक्षकों का भौतिक सत्यापन करने के साथ-साथ उनके सेवा संबंधी अभिलेखों एवं शैक्षिक अभिलेखों की जांच की थी। अब एक नया विवाद यह शुरू हो गया है कि सत्यापन के लिए शुल्क कौन अदा करेगा? कई विश्वविद्यालय अंकपत्रों व प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के लिए पहले ही शुल्क जमा करा लेते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) ने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है कि कुछ महाविद्यालय यह शुल्क शिक्षकों से ही वसूल रहे हैं। संगठन ने लखनऊ के ही एक महाविद्यालय का उदाहरण भी दिया है, जिसने सत्यापन कराने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर ही डाल दी है। संगठन का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश के अनुसार यह जांच 31 जुलाई तक पूरी होनी थी लेकिन यह अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में यह जांच अब स्थगित कर दी जानी चाहिए।

Saturday, September 19, 2020

40 लाख देंगे तभी चेक होंगे प्रयागराज के 3732 शिक्षकों के प्रमाण पत्र, सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

40 लाख देंगे तभी चेक होंगे प्रयागराज के 3732 शिक्षकों के प्रमाण पत्र, सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

 
प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच के लिए सिर्फ प्रयागराज में विभाग को करीब 40 लाख रुपये की जरूरत है। करीब दो महीने पहले भेजे गए 3732 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र का सत्यापन संबंधित विश्वविद्यालयों से नहीं हो सका है। विश्वविद्यालयों ने प्रपत्रों की जांच के लिए शुल्क मांगा है।

‘अनामिका’ प्रकरण सामने आने के बाद सभी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रपत्रों की जांच कर संबंधित विश्वविद्यालयों को भी सत्यापन के लिए भेजा गया है। डीआइओएस कार्यालय के पास सत्यापन शुल्क के नाम पर कोई भी बजट न होने से यह कार्य अभी अधर में है। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि जनपद में 378 राजकीय विद्यालय के शिक्षक हैं, इनमें 250 महिला व 128 पुरुष हैं। वित्तपोषित कॉलेजों के कुल 3286 अध्यापक हैं, इनमें 809 महिला व 2477 शिक्षक हैं। 68 संस्कृत विद्यालयों के भी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के लिए विश्वविद्यालयों के पास भेजा गया है।


सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक डिग्री के सत्यापन के लिए 500 रुपये, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वद्यिालय में 500 रुपये, आइआइटी दिल्ली में 1000 रुपये, भारतीय खेल प्राधिकरण में दो हजार रुपये शुल्क देने पर ही डिग्री का सत्यापन संभव है।

Sunday, September 6, 2020

प्रदेश भर में मदरसा शिक्षकों की जांच शुरू, जांच हेतु एक माह का समय

प्रदेश भर में मदरसा शिक्षकों की जांच शुरू, जांच हेतु एक माह का समय

 
लखनऊ : प्रदेश में मदरसा शिक्षकों की जांच शुरू हो गई है। सरकार ने जांच के लिए बोर्ड को एक माह का समय दिया है ।बोर्ड ने जिलों में जांच के लिए प्रभारी अफसर नियुक्त कर दिए हैं। साथ हीबोर्ड के एक-एक कर्मचारी को भी हर जिले में लगाया गया है | जिलों से शिक्षकों की मार्कशीट वअभिलेख मदरसा बोर्ड मंगाए गए हैं।


मार्कशीट व अभिलेख फर्जी मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने क्ताया कि यदि किसी अफसर ने जांच में लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, August 26, 2020

उच्च शिक्षा : सत्यापन के फरमान के खिलाफ शिक्षकों ने उठाई आवाज, शिक्षक संगठनों ने की उप मुख्यमंत्री से जांच स्थगित करने की मांग

उच्च शिक्षा : सत्यापन के फरमान के खिलाफ शिक्षकों ने उठाई आवाज।

महाविद्यालयों के पास नहीं है सत्यापन शुल्क का बजट




राज्य मुख्यालय : प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों व सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराने के फरमान के खिलाफ आवाज मुखर होने लगी है। शिक्षक संगठनों ने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से यह जांच स्थगित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूर्व में जारी शासनादेश के विपरीत जाकर अब सत्यापन की कार्रवाई शुरू कराई जा रही है। यह कार्रवाई शिक्षकों के उत्पीड़न का जरिया बन रही है।





शिक्षक संगठनों का यह आक्रोश क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों के उस पत्र के बाद मुखर हुआ है, जिसमें विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से अपने सभी शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का उसे निर्गत करने वाले बोर्ड या विश्वविद्यालय से सत्यापन कराने को कहा गया है। इससे पहले शासन के आदेश पर जिले स्तर पर गठित कमेटी ने शिक्षकों की जांच की थी। इसमें शैक्षिक अभिलेखों के साथ-साथ सेवा अभिलेखों की भी जांच की गई थी।




लखनऊ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) ने उप मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कहा है कि शासनादेश में कहीं भी शैक्षणिक अभिलेखों की जांच संबंधित संस्थान द्वारा कराने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इस तरह क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों द्वारा शासनादेश का उल्लंघन किया जा रहा है। लुआक्टा ने यह तथ्य भी संज्ञान में लाया है कि अभिलेखों की जांच के लिए शुल्क की अदायगी करनी पड़ती है। महाविद्यालयों के पास किसी तरह का कोई कोष नहीं है जिससे अभिलेखों के सत्यापन के लिए शुल्क जमा कर सके। कतिपय महाविद्यालयों द्वारा शिक्षकों से शैक्षणिक अभिलेखों की जांच के नाम पर धनउगाही की जा रही है।


लुआक्टा ने ज्ञापन में कहा है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना की गई है और जांच के लिए निर्धारित 31 जुलाई 2020 की तिथि तक जांच कार्य पूर्ण नहीं की गई। इस कारण अब जांच कार्य स्थगित कर दिया जाना चाहिए और शासनादेश के विपरीत क्षेत्रीय कार्यालयों से जारी पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।


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Saturday, August 22, 2020

उच्च शिक्षा : शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का भी होगा सत्यापन, संबंधित बोर्ड को भेजे जाएंगे मामले

उच्च शिक्षा : शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का भी होगा सत्यापन, संबंधित बोर्ड को भेजे जाएंगे मामले।


उच्च शिक्षा : उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों व सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का संबंधित परीक्षा बोर्ड व विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया जाएगा। शासन ने सत्यापन कराने की जिम्मेदारी उन शिक्षण संस्थाओं पर ही डाल दी है, जहां शिक्षक कार्यरत हैं।



शासन के आदेश पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और राजकीय व सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों को इसके लिए पत्र लिखा है। उनसे कहा गया है कि वे अपने यहां कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन उन बोर्डों या विश्वविद्यालयों से करा लें, जहां वे जारी किए गए हैं।

इससे पहले शासन के आदेश पर सभी जिलों में गठित जांच कमेटी ने शिक्षकों का भौतिक सत्यापन करने के साथ-साथ उनके सेवा संबंधी अभिलेखों एवं शैक्षिक अभिलेखों की जांच की थी। इसके तहत सभी अभिलेखों की मूल प्रतियों का मिलान किया गया था। अभी तक विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के शिक्षकों के अकपंत्रों या प्रमाणपत्रों का सत्यापन, उन्हें जारी करने वाले बोर्ड या विश्वविद्यालय से नहीं कराया जाता था।


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Friday, August 14, 2020

17 अगस्त तक तैयार होगी राज्य विवि व एडेड डिग्री कालेज के संदिग्ध शिक्षकों की अंतिम रिपोर्ट

17 अगस्त तक तैयार होगी राज्य विवि व एडेड डिग्री कालेज के संदिग्ध शिक्षकों की अंतिम रिपोर्ट

 
प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत 27 शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आयी है। इन शिक्षकों के शैक्षिक अंक पत्र व प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर क्षेत्रीय अधिकारी मामले की गहन पड़ताल में जुटे हैं।


क्षेत्रीय. अधिकारियों को 17 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी है। निदेशालय रिपोर्ट की पड़ताल करके उसे शासन को भेजेगा। इसमें जिनके दस्तावेज गड़बड़ होंगे उन्हें निलंबित करके कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन ने शिक्षकों की नियुक्ति में होने वाली गड़बड़ी को रोकने व सारी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। इसके तहत समस्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराई गई है। 


बीते 30 जुलाई तक 11,412 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हुई। इसमें 27 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले थे। इसमें सबसे अधिक मेरठ परिक्षेत्र के 22 शिक्षक हैं। इनकी मार्कशीट में नाम बदलने, जन्म तारीख में बदलाव, फर्जी प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि जिन शिक्षकों के दस्तावेजों में खामियां मिली हैं, उनकी जांच अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। क्षेत्रीय अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने पर शिक्षकों का पक्ष सुना जाएगा, फिर अंतिम कार्रवाई की जाएगी।

Thursday, August 13, 2020

फर्रुखाबाद : शिक्षकों के सत्यापन का कार्य जल्द पूर्ण कराने का निर्देश, फर्जी नियुक्तियों पर नकेल कसने के लिए हो रही कार्रवाई

5758 शिक्षको के सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश

फर्रुखाबाद : शासन के निर्देश के बावजूद परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात अंशकालिक अनुदेशकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों और आधार के सत्यापन का काम सुस्त गति से चल रहा है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि सत्यापन 31 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए।




प्राथमिक स्कूलों में 2596 शिक्षको और 1668 शिक्षा मित्र व पूर्व माध्यमिक स्कूलों के 1230 शिक्षकों, 264 अनुदेशकों की तैनाती है। फर्जी नियुक्तियों पर नकेल कसने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग इनके सेवा विवरण को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करा रहा है। साथ ही, उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों और आधार का सत्यापन भी करा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने 27 जून को शासनादेश जारी कर शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के साथ उनके डाटा और अभिलेखों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। इसके क्रम में सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने विगत तीन जुलाई को शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का आधार सत्यापन और फिंगर प्रिंट स्कैनर खरीदने के बारे में निर्देश जारी किए थे।


हाल ही में सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से की गई समीक्षा में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के प्रमाणपत्रों और आधार सत्यापन की स्थिति को असंतोषजनक पाया गया। इस पर माहानिदेशक ने नाराजगी व्यक्त की है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने 31 अगस्त की मियाद तय करते हुए बीएसए और डायट प्राचार्य को इसकी निगरानी करने का निर्देश दिया है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को 31 अगस्त तक सत्यापन कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए है।

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Saturday, August 1, 2020

अब नियुक्ति के बाद होगा शिक्षकों के दस्तावेज का सत्यापन, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी किया शासनादेश

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नहीं, डीआईओएस कराएंगे अब सत्यापन


अब नियुक्ति के बाद होगा शिक्षकों के दस्तावेज का सत्यापन, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी किया शासनादेश


माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए चयनित शिक्षकों, प्रवक्ता और प्रधानाचार्य की नियुक्ति के बाद उनके शैक्षिक दस्तावेज का सत्यापन कराया जाएगा। दस्तावेज सत्यापन के इंतजार में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने में विलंब को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह निर्णय किया है। विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने इसका शासनादेश भी जारी किया है।

अपर मुख्य सचिव के अनुसार शासन के संज्ञान में आया है कि बोर्ड द्वारा चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र के सत्यापन के इंतजार में जिलावार और विद्यालयवार नियुक्ति के आदेश जारी करने में विलंब किया जाता है।


उन्होंने आदेश दिए हैं कि अब चयनित शिक्षकों, प्रवक्ता और प्रधानाचार्य की स्कूल में नियुक्ति के बाद प्रमाण पत्र का सत्यापन कराया जाएगा। प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद ही उन्हें वेतन भुगतान शुरू किया जाएगा। इसके लिए चयनित अभ्यर्थियों से एक शपथ पत्र भी लिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय से समयबद्ध दस्तावेज का सत्यापन कराएंगे। दस्तावेज सत्यापन की रिपोर्ट पंजीकृत डाक से ही मंगाई जाएगी।


जिलावार और विद्यालयवार आवंटन की सूची नहीं भेजने पर जताई आपत्ति


अपर मुख्य सचिव ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थियों की जिलावार और विद्यालयवार आवंटन की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक और मंडलीय उप निदेशक को नहीं भेजने पर भी आपत्ति जताई है।


उनका कहना है कि इससे जिला और मंडल स्तर पर चयनित शिक्षकों की नियुक्ति की समीक्षा और निगरानी नहीं हो पाती है। कई बार नियुक्ति नहीं मिलने पर मामला न्यायालय में भी चला जाता है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों की जिलावार सूची डीआईओएस, मंडलीय उप निदेशक और निदेशक को भी भेजने के निर्देश दिए हैं।


अब माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर सीधे स्कूलों में भेजेगा। उसे अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं करवाना होगा। सत्यापन अब जिला विद्यालय निरीक्षक करवाएंगे। 


अभी तक चयन बोर्ड सत्यापन के नाम पर अनावश्यक रूप से विलम्ब करता है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है।

Wednesday, July 29, 2020

लखनऊ : शिक्षकों के मूल शैक्षिक अभिलेख अब जांच के लिए नहीं जमा करवाए जाएंगे

लखनऊ : शिक्षकों के मूल शैक्षिक अभिलेख अब जांच के लिए नहीं जमा करवाए जाएंगे


उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग व उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभिलेखों की जांच के लिए शिक्षकों से किसी भी कीमत पर मूल अभिलेख जमा न करवाए जाएं। माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के अभिलेखों की जांच के दौरान कई जिलों में शिक्षकों से मूल अभिलेख जमा करवाए जा रहे थे।


लखनऊ: दस्तावेज सत्यापन के लिए 22 में से पहुंचे दो कॉलेज, शैक्षिक प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज जांचे जाने का सरकार का आदेश शिक्षकों को रास नहीं आ रहा
 

लखनऊ : शैक्षिक प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज जांचे जाने का सरकार का आदेश शिक्षकों को रास नहीं आ रहा। दस्तावेज सत्यापन के लिए जुबली इंटर कॉलेज में पहले दिन मंगलवार को टीम इंतजार करती रही। 22 कॉलेजों के ¨प्रसिपलों को अपने-अपने शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन कराने के लिए पहुंचना था, मगर उसमें भी महज दो कॉलेज के ¨प्रसिपल ही पहुंचे। वे भी आधे-अधूरेदस्तावेज के साथ, जिन्हें टीम ने वापस कर दिया।


राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में राजधानी के करीब डेढ़ सौ से अधिक सरकारी, एडेड और संस्कृत विद्यालयों के लगभग 3400 शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन होने हैं। पहले दिन यानी मंगलवार को 22 कॉलेजों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था। जुबली इंटर कॉलेज के ¨प्रसिपल धीरेंद्र मिश्र ने बताया कि जो शिक्षक आए थे उनके दस्तावेज भी पूरे नहीं थे। इस कारण उन्हें पूरे दस्तावेज के साथ आने के लिए कहा गया है। सत्यापन कार्य 4 अगस्त तक चलेगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डॉ. महेंद्र नाथ राय का कहना है कि कई शिक्षक ऐसे भी हैं, जिनके मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र वर्षो पुराने होने के कारण खराब हो गए हैं।


प्रमाण पत्र गुम होने की दशा में उसे पुन: बनवाने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय या संस्थान तक दौड़ लगाना शिक्षकों की मजबूरी बन जाएगी। महेंद्र नाथ राय ने कहा कि जब दस्तावेज की छायाप्रति से भी सत्यापन किया जा सकता है तो मूल प्रमाण पत्र क्यों जमा कराए जा रहे हैं? उन्होंने सरकार से मांग की है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिलहाल शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य टाल दिया जाए।


पहले दिन नहीं खुल सका सत्यापन का खाता जुबली इंटर कॉलेज में सत्यापन के लिए स्कूलों का इंतजार करती रही टीम, जो पहुंचे भी वो आधे-अधूरे दस्तावेज के साथ

Friday, July 24, 2020

वाराणसी : फर्जी डिग्री मामले में 142 शिक्षकों का दोबारा होगा सत्यापन, पैन में हेराफेरी मामले की जांच धीमी

वाराणसी : फर्जी डिग्री मामले में 142 शिक्षकों का दोबारा होगा सत्यापन, पैन में हेराफेरी मामले की जांच धीमी।

वाराणसी :: बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों की खोज जारी है। जिले में 142 शिक्षकों के अभिलेख दोबारा सत्यापन के लिए आगरा विश्वविद्यालय भेजे जाएंगे। इन शिक्षकों ने वहीं से विभिन्न वर्षों में बीएड की उपाधि ग्रहण की है। शासन के निर्देश पर इस समय प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की जांच चल रही है । ब्लॉक स्तर पर जांच समितियां गठित हैं। इस दौरान उन शिक्षकों के अभिलेख अलग किए गये हैं, जिन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से उपाधियां ली हैं। सभी ब्लॉकों में ऐसे शिक्षक ऐसे मिले हैं। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई संदिग्ध नहीं मिला है। मगर पूरी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी है। एक बार फिर सत्यापन करा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी तो नहीं है। इससे पहले एसआईटी ने अपनी ओर से एक सूची दी थी, जिसके आधार पर चार फर्जी शिक्षकों चिन्हित हुई थी। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। एफआईआर हो चुकी है। बिक्री के लिए नोटिस जारी है। इसलिये इस स्थिति को देखते हुए अन्य शिक्षकों की डिग्रियों का भी सत्यापन जरूरी हो गया है। जिलेमें इस समय विभिन्नब्लाकों और नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में करीब 6600 शिक्षक कार्यरत हैं। इसमें करीब 2500 शिक्षक ऐसे हैं, जो दूसरे जनपदों से स्थानातरित होकर वाराणसी आए है।





वाराणसी :  पैन की हेराफेरी के मामले में चल रही शिक्षकों की जांच शिथिल पड़ गई थी। हालांकि बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से इस मामले में संज्ञान लिए जाने पर फिर तेजी आई है। जिले में 27 शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने अपने पैन नंबर बदल दिए हैं। इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कराई जा रही है। तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की एक समिति बनाई गई थी, जिसने शिक्षकों से मामले में जवाब मांगे थे। अधिकतर शिक्षकों ने जवाब दे दिया है। मगर जांच समिति अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रही है। इधर बीच खंड शिक्षा अधिकारियों की भी विभिन्न कार्यों में व्यस्तताएं बढ़ गई, जिससे जांच की गति प्रभावित हुई है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी बीएसए को भेजे पत्र में इस दिशा में की गई कारवाई का विवरण मांगा है। इसके बाद जांच में फिर तेजी आई है। पत्रावली दौड़ने लगी है। लेखाविभाग को भी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पैन नंबर बदलने का मामला पकड़ में आए करीब एक महीने से अधिक हो गया है। विभाग की मंशा है कि अगले माह के वेतन भुगतान से पहले इस प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट हो जाए। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि जांच में तेजी लाई गई है।


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फतेहपुर : शिक्षकों के बाद बच्चों के आधार नामांकन का होगा सत्यापन

फतेहपुर : शिक्षकों के बाद बच्चों के आधार नामांकन का होगा सत्यापन।

फतेहपुर : शिक्षा विभाग में मिल रहे तमाम फर्जीवाड़े को लेकर शासन अब सख्त दिख रही है। सभी बॉ विद्यालयों के स्टाफसमेत परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्र, अनुदेशकों आदि के कागजातों का सत्यापन कार्य कराया जा रहा है। अब स्कूलों में बच्चों के फर्जी आंकड़ेबाजी के संदेह पर सभी छात्र छात्राओं के आधार कार्ड का भी सत्यापन कराए जाने कीशासन से संकेत मिलने लगे हैं। जिले के परिषदीय स्कूलों में दो लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें परिषदीय सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चे इसमें शामिल हैं। गैर जिलों में नौकरी हासिल करने में कई शिक्षक शिक्षकों ने खूब फर्जीवाड़ा किया है। शिक्षकों के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों की संख्या का सत्यापन करवाने जा रहा है। इसके बाद बच्चों की फर्जी संख्या परलगाम लगने की उम्मीद है। माना जा रहा है अधिकतर स्कूलों में बच्चों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा कर भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन तक पहुंचने के बाद बच्चों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अनुशासन ने पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए तीन स्तरों पर काम किया जाएगा। पहला बच्चों की आधार संख्या की फीडिंग हैं तो उसका सत्यापन होगा और यदि बच्चे का आधार कार्ड नहीं तो उसका कार्ड बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग यूआईडीएआई ने रजिस्ट्रार नामित किया है। इसके लिए हरविकास खंड में आधार नामांकन की व्यवस्था पहले से ही की जा चुकी है। आधार कार्ड इसी से बनाया जाएगा। हालांकि विभाग का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। यदि आता है तो आधार सत्यापन कराया जाएगा।




कुछ ऐसे होता है फर्जीवाड़ा ::  स्कूलों में पंजीकृत बच्चों की संख्या को लेकर फर्जीवाड़े की आशंका हमेशा जताई जाती है। कई शहर की सीमाओं से सटे स्कूलों में संख्या बढ़ा कर लिखी जाती है। एक ही बच्चा आसपास के कई स्कूलों में पंजीकृत कर लिया जाता है। क्योंकि पहले इसके आधार पर ही शिक्षकों की संख्या तय की जाती थी। वहीं, पंजीकृत संख्या के आधार पर ही यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे, स्कूल बैग, किताबें आदि खरीदी जाती हैं। मिड डे मील की मानीटरिंग से आईवीआरएस के जरिए होने के बाद मासिक या सालाना औसत निकाला जाता है तो वह पंजीकृत बच्चों की संख्या से काफी कम रहता है।


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Sunday, July 19, 2020

राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में तैनात एक दर्जन से अधिक शिक्षकों की सेवा की जाएगी समाप्त

राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में तैनात एक दर्जन से अधिक शिक्षकों की सेवा की जाएगी समाप्त


प्रयागराज : प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों में तैनात करीब एक दर्जन शिक्षकों की जल्द ही सेवा समाप्त होगी। उनके अभिलेख सत्यापन में खामियां प्रमाणित हुई हैं, शिक्षा निदेशालय पिछले वर्षो में तैनात शिक्षकों के अभिलेख जांच रहा है। जिन शिक्षकों के अभिलेख गड़बड़ मिले हैं, उनमें से कुछ ने पक्ष रखा है, बाकी ने जवाब देना उचित नहीं समझा। अगले सप्ताह सूची निर्गत करने की तैयारी है।



बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन लंबे समय से चल रहा है, इधर शासन ने माध्यमिक कालेजों में तैनात शिक्षकों के अभिलेख जांचने का आदेश दिया है। शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2012 व 2014 आदि में एलटी ग्रेड शिक्षक के रूप में तैनात शिक्षकों के अभिलेख सत्यापन शुरू किया तो गड़बड़ियां मिली हैं। संदिग्ध अभिलेख वाले शिक्षकों को नोटिस जारी करने उनका पक्ष पूछा गया, कुछ शिक्षकों ने अपना जवाब दिया है लेकिन, अधिकांश ने मौन साध लिया है। अपर शिक्षा निदेशक राजकीय अंजना गोयल ने बताया कि शिक्षकों को सूची अगले सप्ताह जारी करने की तैयारी है। इसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।

Friday, July 17, 2020

जालौन : प्रा0/उ0प्रा0 विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध /फर्जी रूप से की गई नियुक्तियों की जांच हेतु तिथियों में हुआ आंशिक संशोधन, बीएसए का पत्र देखें

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 जालौन : प्रा0/उ0प्रा0 विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध /फर्जी रूप से की गई नियुक्तियों की जांच हेतु तिथियों में हुआ आंशिक संशोधन, बीएसए का पत्र देखें



Wednesday, May 13, 2020

आधार प्रमाणीकरण के बगैर नहीं हो सकेंगे छात्रवृत्ति के आवेदन, वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों में लागू होगी व्यवस्था

आधार प्रमाणीकरण के बगैर नहीं हो सकेंगे छात्रवृत्ति के आवेदन, वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों में लागू होगी व्यवस्था


लखनऊ : प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति की गड़बड़ी रोकने के लिए आधार नंबर प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। प्रमाणीकरण के बगैर छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भर पाएंगे। यानी आवेदन पत्र में दर्ज विवरण का आधार से मिलान होने के बाद ही छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदन पत्र आगे बढ़ाये जाएंगे। यह व्यवस्था वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में लागू होगी। समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण व जनजाति विकास विभाग में संचालित छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में अब आधार नंबर प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के ऑनलाइन आवेदन भरने में छात्र-छात्राओं को नाम,पिता का नाम, जन्म तिथि व जेंडर भरना होगा। आधार नंबर डालने के बाद सॉफ्टवेयर यूआइडीएआइ की वेबसाइट से विवरण मिलाएगा। यदि विवरण मेल नहीं खाया तो आधार नंबर प्रमाणीकरण नहीं होगा। ऐसे में आवेदन पत्र आगे नहीं बढ़ेगा। यानी आप जो विवरण ऑनलाइन आवेदन पत्र में भर रहे हैं वह आपके आधार कार्ड में दर्ज विवरण से मिलना चाहिए। आधार नंबर प्रमाणीकरण के बाद छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदन पत्रों को पूरा भरकर जमा करना होगा। इस नई व्यवस्था से ऐसे छात्र-छात्राएं भी आवेदन नहीं कर पाएंगे, जिनके आधार कार्ड में दर्ज विकिरण हाईस्कूल से अलग हैं। यानी नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि व जेंडर में एक भी चीज आधार से मिसमैच नहीं होनी चाहिए।







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Thursday, January 30, 2020

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत विद्यालयों हेतु उपलब्ध कराए गए खाद्यान्न के भौतिक सत्यापन के सम्बन्ध में

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत विद्यालयों हेतु उपलब्ध कराए गए खाद्यान्न के भौतिक सत्यापन के सम्बन्ध में।






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Thursday, December 5, 2019

सीटी नर्सरी, डीपीएसई प्रवेश के लिए अभिलेखों का आज से होगा सत्यापन, देखें विज्ञप्ति

सीटी नर्सरी, डीपीएसई प्रवेश के लिए अभिलेखों का आज से होगा सत्यापन, देखें विज्ञप्ति।






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Wednesday, November 20, 2019

फतेहपुर : वर्ष 2010 से अद्यतन नियुक्त परिषदीय शिक्षकों के सत्यापन के सम्बंध में निर्देश जारी

फतेहपुर : पिछले नौ वर्षों में नियुक्त शिक्षकों की होगी जांच, कराया जाएगा पुलिस वेरिफिकेशन : बीएसए।


पिछले नौ वर्षों में नियुक्त शिक्षकों की होगी जांच
21 Nov 2019

जिले मंे 2010 से अब तक विभिन्न शिक्षक भर्तियों के अधीन नौकरी पाने वाले शिक्षकों की जांच कराकर सूची शासन को मुहैया कराई जाएगी। शासन की मंशा पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वर्ष 2010 से अब तक जिले मंे तैनाती पाने वाले शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के बाद वेतन बिल से मिलान कर सूची उपलब्ध कराई जाए। नौ वर्षों के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग मंे सहायक अध्यापक पद पर हुई विभिन्न शिक्षक भर्तियां शासन के रडार पर हैं। एक तरफ सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय एवं डॉ, भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से शिक्षा स्नातक की डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों के अभिलेखों की एसआईटी जांच कराई जा रही है तो वहीं अब पिछले नौ वर्षों मंे कई शिक्षक भर्तियों के अधीन नौकरी पाने वाले शिक्षकों की जांच कराने का निर्णय किया गया है। 2018 मंे शासन द्वारा गठित की गई समिति ने जांच कराने का फैसला किया था। समिति के निर्णय को देखते हुए बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि 2010 से अब तक जितनी भी सहायक शिक्षक पद पर भर्तियां हुई हैं उनकी अलग अलग सूची तैयार की जाए।







फतेहपुर : वर्ष 2010 से अद्यतन नियुक्त परिषदीय शिक्षकों के सत्यापन के सम्बंध में निर्देश जारी।




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Saturday, November 16, 2019

फतेहपुर : प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पुस्तकालय एवं स्पोर्ट्स अनुदान के मद में प्रेषित धनराशि के उपभोग के सत्यापन के सम्बन्ध में

फतेहपुर : प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पुस्तकालय एवं स्पोर्ट्स अनुदान के मद में प्रेषित धनराशि के उपभोग के सत्यापन के सम्बन्ध में।









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फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल लर्निंग आउटकम के अंतर्गत बच्चों के डाटा फीडिंग के सत्यापन के सम्बन्ध में

फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल लर्निंग आउटकम के अंतर्गत बच्चों के डाटा फीडिंग के सत्यापन के सम्बन्ध में।






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Thursday, November 14, 2019

सीतापुर : जनपद के 72825 के विभिन्न बैच के सत्यापन आदेश नीचे दिए जा रहें हैं। क्लिक करके करें डाउनलोड

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सीतापुर जनपद के 72825 के विभिन्न  बैच के सत्यापन आदेश नीचे दिए जा रहें हैं। क्लिक करके उन्हें डाउनलोड किया जा सकता है।  




सीतापुर : 1 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 21 जनवरी 2016


सीतापुर : 2 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 फरवरी 2016


सीतापुर : 2 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 फरवरी 2016 (2)


सीतापुर : 3 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 20 फरवरी 2016


सीतापुर : 4 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 5 मार्च 2016



सीतापुर : 5 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 मार्च 2016


सीतापुर : 5 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 मार्च 2016 (2)


सीतापुर : 6 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 4 अप्रैल 2016


सीतापुर : 6 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 4 अप्रैल 2016 (2)


सीतापुर : 7 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 11 अप्रैल 2016


सीतापुर : 8 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 18 अप्रैल 2016


सीतापुर : 9 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 2 मई 2016


सीतापुर : 9 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 2 मई 2016 (2)


सीतापुर : 10 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 17 मई 2016


सीतापुर : 10 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 17 मई 2016 (2)

सीतापुर : 11 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 8 जून 2016


सीतापुर : 12 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 14 जून 2016


सीतापुर : 13 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 16 जून 2016


सीतापुर : 14 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 18 जून 2016


सीतापुर : 15 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 24 जून 2016


सीतापुर : 16 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 6 जुलाई 2016


सीतापुर : 17 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 12 जुलाई 2016

सीतापुर : 18 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 13 जुलाई 2016


सीतापुर : 19 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 15 जुलाई 2016


सीतापुर : 19 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 15 जुलाई 2016 (2)


सीतापुर : 20 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 18 जुलाई 2016


सीतापुर : 21 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 23 जुलाई 2016


सीतापुर : 22 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 3 अगस्त 2016


सीतापुर : 23 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 11 अगस्त 2016


सीतापुर : 23 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 11 अगस्त 2016 (2)


सीतापुर : 24 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 अगस्त 2016


सीतापुर : 25 -  15000 BTC बैच सत्यापन आदेश दिनांक 23 अगस्त 2016


सीतापुर : 26 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 7 व 8 सितंबर 2016


सीतापुर : 27 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 सितंबर 2016


सीतापुर : 28 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 20 सितंबर 2016


सीतापुर : 28 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 20 सितंबर 2016 (2)


सीतापुर : 29 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 4 अक्टूबर 2016


सीतापुर : 29 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 4 अक्टूबर 2016 (2)


सीतापुर : 30 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 15 अक्टूबर 2016


सीतापुर : 31 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 5 नवंबर 2016


सीतापुर : 32 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 11 नवंबर 2016


सीतापुर : 33 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 नवंबर 2016


सीतापुर : 34 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 9 से 13 दिसंबर 2016


सीतापुर : 35 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 13 व 14 दिसंबर 2016


सीतापुर : 36 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 19 दिसंबर 2016


सीतापुर : 37 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 2 जनवरी 2017


सीतापुर : 38 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 17 जनवरी 2017


सीतापुर : 39 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 18 जनवरी 2017


सीतापुर : 40 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 11 अप्रैल 2017


सीतापुर : 41 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 26 अप्रैल 2017


सीतापुर : 42 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 29 अप्रैल 2017


सीतापुर : 43 -  72825 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 9 मई 2017


सीतापुर : 44 -  12460 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 17 जुलाई 2018


सीतापुर : 45 -  68500 बैच सत्यापन आदेश दिनांक 20 फरवरी 2019


सीतापुर : 46 -  सत्यापन आदेश दिनांक 20 जून 2019


सीतापुर : 47 -  सत्यापन आदेश दिनांक 26 नवंबर 2019