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Tuesday, December 10, 2019

संभल : डीएम ने ली शिक्षा विभाग के अफसरों की क्लास, बच्चों से धुलवाये बर्तन तो शिक्षक पर होगी एफआईआर

संभल : डीएम ने ली शिक्षा विभाग के अफसरों की क्लास,  बच्चों से धुलवाये बर्तन तो शिक्षक पर होगी एफआईआर

Tuesday, April 30, 2019

संभल : अत्यधिक गर्मी के दृष्टिगत कक्षा-8 तक के विद्यालयों के संचालन का समय 7 से 12 बजे तक किए जाने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

संभल : अत्यधिक गर्मी के दृष्टिगत कक्षा-8 तक के विद्यालयों के संचालन का समय 7 से 12 बजे तक किए जाने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें।





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Monday, January 21, 2019

सम्भल : शीतलहर एवं मौसम के दृष्टिगत कक्षा 8 तक के विद्यालयों में 22 जनवरी का अवकाश घोषित, आदेश देखें

सम्भल : शीतलहर एवं मौसम के दृष्टिगत कक्षा 8 तक के विद्यालयों में 22 जनवरी का अवकाश घोषित, आदेश देखें

Wednesday, January 3, 2018

संभल : कक्षा-8 तक के विद्यालय 06/01/2018 तक बन्द, आदेश प्रति देखें


कक्षा-8 तक के विद्यालय 06/01/2018 तक बन्द, आदेश प्रति देखें


Monday, January 1, 2018

संभल : विद्यालय समय मे हुआ परिवर्तन अब 6 जनवरी 2018 तक प्रातः 10 से 3 बजे तक चलेंगे विद्यालय, आदेश देखें

विद्यालय समय मे हुआ परिवर्तन अब 6 जनवरी 2018 तक प्रातः 10 से 3 चलेंगे विद्यालय, आदेश देखें


Sunday, November 26, 2017

संभल : यूनिसेफ की मदद से शिक्षा विभाग ने तैयार किया एप, स्कूल का ‘चेहरा’ दिखाएगा एप का ‘आइना

चेहरा अच्छा हो या बुरा, आइना असलियत खोल ही देता है। ऐसे ही अब स्कूलों का असली ‘चेहरा’ दिखाने का काम करेगा मोबाइल एप। दरअसल स्कूलों में अधिकारी के आने की जानकारी प्रधानाध्यापकों को पहले से ही मिल जाती है, जिससे वह समय रहते स्कूलों को व्यवस्थित कर लेते हैं लेकिन अब उनके स्कूलों की स्थिति एप पर दिखाई देगी। रोजाना एक से दूसरे स्कूल जा रहे न्याय पंचायत समन्वयक स्कूलों की स्थिति के फोटो तथा निरीक्षण आख्या एप पर अपलोड करेंगे, जिसके माध्यम से उच्चाधिकारियों को स्कूलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी हो जाएगी। इस एप को शिक्षा विभाग ने यूनिसेफ की मदद से तैयार किया है।1परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार काफी प्रयासरत है। सरकार की मंशा है कि गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। इसी के तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों का मासिक निरीक्षण किए जाने के निर्देश देते हुए लक्ष्य भी दिया गया था। इसमें अधिकारियों को निरीक्षण आख्या रिपोर्ट ऑनलाइन शासन को भेजनी थी लेकिन यह सफल नहीं हो पा रही है। अब यूनिसेफ की मदद से मोबाइल एप तैयारी किया गया है।

विभाग द्वारा न्याय पंचायत स्तर पर रखे गए एनपीआरसी रोजाना स्कूलों का भ्रमण करते हैं। उनकी जिम्मेदारी स्कूलों से सूचनाएं लेने की भी है। एनपीआरसी को अब नई जिम्मेदारी दी गई है। वे स्कूलों में निरीक्षण के दौरान मोबाइल एप पर स्कूल की स्थिति का फोटो अपलोड करेंगे, साथ ही आख्या भी देंगे, जिससे उच्चाधिकारियों को स्कूलों की स्थिति की जानकारी समय-समय पर हो सकेगी। इसके अलावा निरीक्षण के लिए गए अधिकारियों को भी एप पर आख्या रिपोर्ट देनी होगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र बहादुर ने आदेश जारी किए हैं।’

निरीक्षण के दौरान एनपीआरसी अपलोड करेंगे फोटो व आख्याबेसिक शिक्षा निदेशक का आदेश प्राप्त हो गया है। अभी एनपीआरसी व शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को एप चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

-डॉ. सत्यनारायण, बेसिक शिक्षाधिकारी, सम्भल।

Sunday, November 19, 2017

संभल : बेटे का अच्छे स्कूल में एडमिशन करवाने के लिए उठाया कदम, RTI से मिला RTE के तहत दाखिला

आरटीई के तहत बच्चे को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलवाने के लिए एक पिता ने आरटीआई का सहारा लिया। बीएसए के यहां से सूचना न मिलने पर भुक्तभोगी ने राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल की। सख्ती के बाद आरटीई के तहत बेटे का दाखिला द गंगोत्री टैम्पल ऑफ एजुकेशन, संभल में हुआ। 

संभल के धीरज कुमार ने बेटे का एडमिशन किसी अच्छे स्कूल में करवाने के लिए आरटीई के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां आवेदन किया पर उनके आवेदन का बीएसए कार्यालय से जवाब नहीं मिला। धीरज ने आरटीआई का सहारा लेते हुए बीएसए कार्यालय से जानकारी मांगी कि अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के आवेदन करने के बाद प्रवेश की प्रक्रिया की समयावधि क्या है/ उन्होंने आरटीई के तहत 2 जून 2016 को जो आवेदन किया था, उन पर क्या फैसला लिया गया/ इसके साथ ही उन्होंने आरटीई कानून के प्रावधानों की जानकारी मांगी पर कोई जवाब नहीं आया। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि सूचना न मिलने पर भुक्तभोगी ने राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल की थी। अपील की सुनवाई करते हुए उन्होंने बीएसए संभल को 30 दिन में सूचनाएं मुहैया कराने के लिए नोटिस जारी किया। वहां के जनसंपर्क अधिकारी से सूचना न देने पर स्पष्टीकरण तलब किया। बताया कि पिछली सुनवाई पर बीएसए आयोग में मौजूद हुए और बच्चे का दाखिला करवाने की लिखित जानकारी दी।

Sunday, November 12, 2017

सम्भल : शौचालय न बनने तक बच्चों ने दी विद्यालय न आने की चेतावनी, प्र0अ0 ने बीडीओ से की शौचालय बनवाने की मांग

पहले बनवाओ शौचालय, तभी आएंगे विद्यालय

सम्भल में अल्लीपुर के प्राथमिक विद्यालय में 315 से अधिक बच्चे, खुले में शौच जाने के लिए मजबूर शिकायत के बाद भी नहीं बना शौचालय

सचिन चौधरी ’सम्भल 1देशभर में जहां खुले में शौचमुक्त अभियान का जोर है, वहीं जो शौचालय पहले से बने हैं। उनकी देखरेख नहीं है। अल्लीपुर के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय न होने पर छात्र-छात्रओं ने शौचालय नहीं बनने तक विद्यालय न आने की बात कही। हेड मास्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ को तुरंत पत्र देकर शौचालय बनवाने की मांग की है। 1पवांसा ब्लाक के गांव अल्लीपुर बुजुर्ग स्थित प्राथमिक विद्यालय में 315 छात्र-छात्रएं हैं। विद्यालय में तीन शौचालय बनवाए गए। दो में तो सीट ही नहीं लगाईं। एक में सीट तो लगाई गई है लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से चोक हो गई। इस कारण बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। स्कूल पहुंचने के बाद छात्र-छात्रओं ने शिक्षकों से कहा या तो शौचालय बनवा लीजिए नहीं तो हम विद्यालय नहीं आएंगे। बच्चों की बात सुनकर शिक्षक हैरान रह गए। इसके बाद हेड मास्टर विपिन कुमार ने बीडीओ को पत्र भेजकर विद्यालय में शौचालय बनवाने की मांग की। 1ग्राम अल्लीपुर बुजुर्ग का प्राथमिक विद्यालय ’जागरणविद्यालय का शौचालय चोक हो गया है। कई बार शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत छात्रओं को होती है। 1-विपिन कुमार, हेड मास्टर प्राथमिक विद्यालय अल्लीपुर बुजुर्ग1रिपोर्ट मांगी है, जो काम विद्यालय में होने हैं। वह ग्राम पंचायत के माध्यम से होंगे। जल्द ही विद्यालय में शौचालय बन जाएगा। 1-कोमल यादव, खंड शिक्षा अधिकारी पवांसा।हमारे विद्यालय में शौचालय नहीं है। ऐसे में हमें शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। जब तक विद्यालय में शौचालय नहीं बनेगा, हम विद्यालय नहीं जाएंगे। शेखर, छात्र11विद्यालय में शौचालय नहीं होने से बड़ी परेशानी होती है। कई बार सर से शौचालय बनवाने की मांग की थी लेकिन शौचालय नहीं बना। अब तब ही विद्यालय जाएंगे, जब तक शौचालय नहीं बन जाता। 1-नीलम कुमारी, छात्र

Saturday, November 11, 2017

संभल : 10 हजार भर्ती प्रकरण में जनपद हेतु निर्धारित सीटों के प्रति स०अ०पद हेतु काउन्सलिंग विज्ञप्ति जारी, देखें

10 हजार भर्ती प्रकरण में जनपद हेतु निर्धारित सीटों के प्रति स०अ०पद हेतु काउन्सलिंग विज्ञप्ति जारी, देखें

Wednesday, November 8, 2017

सम्भल : डीएम के निर्देश पर चेहल्लुम के अवकाश में हुआ संशोधन, अब 10 नवम्बर का रहेगा अवकाश, आदेश देखें

सम्भल : डीएम के निर्देश पर चेहल्लुम के अवकाश में हुआ संशोधन, अब 10 नवम्बर का रहेगा अवकाश, आदेश देखें

Thursday, October 19, 2017

सम्भल : उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ ने दीपावली न मनाने का किया एलान, इस बार दीपावली नही मनाएंगे 1800 शिक्षामित्र


सम्भल : उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ ने दीपावली न मनाने का किया एलान,  इस बार दीपावली नही मनाएंगे 1800 शिक्षामित्र

Tuesday, October 10, 2017

लग रहा योजना को ग्रहण, अब नौनिहालों को नहीं मिलेंगे फल

प्रत्येक सोमवार को बच्चों को वितरित किए जाते थे फल सम्भल जनपद के 1579 स्कूलों में हैं दो लाख बच्चे

झटका

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब स्कूल में खाने के लिए फल नहीं मिलेंगे। सरकार ने बजट से हाथ खींच लिया है। सपा सरकार ने बच्चों में पोषण की कमी दूर करने के लिए फल वितरण करने की योजना चलाई थी। इसके बाद सम्भल जनपद के 1479 परिषदीय विद्यालयों में 203428 बच्चे फलों से वंचित रह जाएंगे।

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रत्येक सोमवार को फल वितरण किए जाने की व्यवस्था थी। एक बच्चे को प्रत्येक सोमवार को दो फल खाने के लिए दिए जाते थे। तत्कालीन सरकार ने बच्चों में पोषण की कमी दूर करने के लिए फल वितरण करने की व्यवस्था करवाई थी लेकिन अब इस व्यवस्था को ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। सरकार ने फलों के लिए दिए जाने वाले बजट से हाथ खींच लिया है। मार्च माह से शुरू हुए वित्तीय वर्ष में अभी तक बजट आवंटित नहीं किया गया है। पुराने बजट की धनराशि खत्म हो गई है, जिसके कारण फिलहाल स्कूलों में फल वितरित नहीं किए जा रहे हैं। जिला समन्वयक मिड-डे-मील दीनदयाल शर्मा ने बताया कि जिन स्कूलों के पास पुराने बजट की शेष धनराशि है, उन स्कूलों में ही फल वितरित किए जा रहे हैं लेकिन अधिकतर स्कूलों में फल वितरित किए जाने की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। अगर सरकार द्वारा बजट मिलता है तो फल वितरित कराने की व्यवस्था दोबारा से शुरू करा दी जाएगी।

Sunday, September 17, 2017

संभल : चमक ऐसी कि देखकर यूनीसेफ भी प्रभावित, प्रधानाध्यापक की मेहनत लाई रंग, अन्य स्कूलों का आइडियल बना प्राइमरी स्कूल मझरा गुलालपुर जाटोंवाला

जिले में कुछ लोग ऐसा काम कर जाते हैं जो बाकी के लिए आइडियल बन जाता है। कुछ ऐसा ही किया है प्राइमरी स्कूल मझरा गुलालपुर जाटोंवाला के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने। हरियाली व सफाई का एक ऐसा गठजोड़ इन्होंने यहां तैयार किया जो इसे बेस्ट बना देता है। बीते दिनों जब यूनिसेफ के स्टेट कोआíडनेटर पहुंचे तो उन्होंने भी कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया दे दी। इस स्कूल को आने वाले समय में पीएम के स्वच्छता अभियान में निश्चित तौर पर जगह मिल सकती है। 1अमूमन सरकारी स्कूल की तस्वीर ऐसी सामने आती है जो दुखदायी होती है। पर प्राइमरी स्कूल गुलालपुर जाटों वाला सबसे अलग है। हरियाली से पूरी तरह सराबोर इस स्कूल में फूल, फल और विभिन्न तरह के पौधे हैं जो बच्चों को सुखद अनुभूति कराते हैं। ड्रेस में आने वाले बच्चे खुद भी सफाई को लेकर गंभीर हैं। शहर से तकरीबन पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्राइमरी स्कूल पर्यावरण संरक्षण की एक अलग ही तस्वीर दिखाता है। एरोकेरिया, साइकस, पाम, चाइनीज पाम, गुलाब, रात की रानी, मोर पंखी, आस्टेशियन, गोरा चोटी के अलावा तमाम पेड़ पौधे इस स्कूल की पहचान हैं। स्कूल में प्रवेश करते ही फूलों की महक मन को शीतलता का अहसास करा देती हैं। स्कूल की बाउंड्री में प्रवेश करने पर प्राइवेट व निजी का जो भेद अमूमन दिखता है वह गायब हो जाएगा। अंदर प्रवेश करते ही हरी हरी घास तथा उसके बगल में सीमेंटेड जमीन। जहां सफाई इतनी है कि आप बिना चप्पलों के लिए भी चल सकते हैं। मशीन से घासों की कटाई करते एक माली भी यहां मिलेगा और स्कूल अंदर विभिन्न आकार के जानवर बने पेड़ पौधे भी मन को बरबस को खींच लेंगे। इस स्कूल की एक सबसे बड़ी खासियत यहां हमेशा लाइट का होना है। यहां प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने अपने तनख्वाह से यहां न केवल इन्वर्टर लगाया है बल्कि सभी कमरों में पंखा और एलईडी भी लगाया। ताकि बच्चों को पढ़ने के दौरान कहीं से आभास न हो कि वह सरकारी स्कूल में हैं। 250 आबादी वाले इस छोटे से मझरे के इस स्कूल में वर्तमान समय में केवल 40 बच्चे हैं लेकिन सभी के सभी अनुशासित और पढ़ाई में अव्वल। चूंकि गांव कम आबादी का है। ऐसे में यहां केवल अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के बच्चे सबसे ज्यादा हैं लेकिन इन बच्चों को इस स्कूल में एक निजी स्कूल जैसा माहौल मिल जाता है। अशोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2009 में स्कूल खुला। शिक्षा के मंदिर सबसे अलग और बेहतर बनाना मेरा उद्देश्य था। मैं इसमें कामयाब भी हो गया। इस स्कूल में आने के बाद सुखद अनुभूति होती है जिसे बयां नहीं किया जा सकता है। स्कूल को स्वच्छता के क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलानी है। यह मेरा जुनून भी है। इस स्कूल का नाम प्रदेश स्तर पर हो और यहां आकर लोग देखे कि यह बच्चे निजी में नहीं सरकारी में हैं और सरकारी स्कूल भी बेहतर हो सकते हैं। एक सप्ताह पहले यूनिसेफ के राज्य समन्वयक अजय कुमार व एडीओ पंचायत गुरु दयाल सिंह भी आए थे और अपनी रिपोर्ट तैयार किए हैं। इस स्कूल को निश्चित तौर पर केंद्र या प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित करते हुए इसे आइडियल के रूप में पेश किया जाएगा

Sunday, July 9, 2017

संभल : महीने के प्रथम शनिवार को की जाएगी सफाई, छात्र छात्रओं के साथ गुरुजी लगाएंगे झाडू

प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत की सफलता के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। की सफलता के लिए जिले के सभी राजकीय, अशासकीय, वित्तविहीन कालेजों में स्वच्छता समितियों का गठन किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने के बाद महीने के प्रथम शनिवार को छात्र छात्रओं के साथ ही शिक्षक भी सड़कों पर झाडू लगाते दिखाई देंगे।

योगी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गये स्वच्छ भारत की सफलता के लिए मुहिम तेज कर दी है। प्रदेश की संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. उíमला सिंह का पत्र मिलने के बाद जिले के सभी राजकीय, अशासकीय और वित्तविहीन महाविद्यालयों में स्वच्छता समितियों के गठन का कार्य शुरू हो गया है। जुलाई माह में समितियां गठित करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। स्वच्छता के इस कार्यक्रम में शिक्षक छात्र छात्रओं को स्वच्छता के बारे में न केवल कक्षा में पढ़ाएंगे बल्कि महीने के प्रथम शनिवार को सुबह सात से नौ बजे तक समिति से जुड़े सभी छात्र छात्रओं के साथ ही शहर की सड़कों पर झाड़ भी लगाएंगे। एमजीएम कालेज के प्राचार्य डॉ. आबिद हुसैन ने बताया कि

शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। कालेज में जल्द ही स्वच्छता समितियों का गठन कराया जाएगा। उसके बाद महीने के प्रथम शनिवार को समितियां अलग अलग स्थानों पर चलाकर न केवल साफ सफाई करेंगीं बल्कि लोगों को गंदगी, प्लास्टिक व पॉलीथीन के इस्तेमाल से होने वाली हानियों को गिनाकर उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करने की शपथ भी दिलाएंगे। छात्र छात्रओं के इस कार्य में एनसीसी कैडेटस, एनएसएस के छात्र छात्रएं व कालेज के शिक्षक भी सहयोग करेंगे।

Saturday, July 8, 2017

संभल : मिड-डे-मील के खाद्यान्न में होने वाली हेराफेरी नहीं चलेगी , अब आधार कार्ड खोलेगा मिड-डे-मील की पोल

जनपद के परिषदीय विद्यालयों में फर्जी नामांकन के सहारे मिड-डे-मील के खाद्यान्न में होने वाली हेराफेरी नहीं चलेगी, क्योंकि जिले के सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रओं का आधार कार्ड पंजीयन होना है। इसके चलते विद्यालयों में चल रहे फर्जी नामांकन स्वयं खत्म हो जाएंगे। आधार कार्ड पंजीयन होने के बाद स्कूल स्टाफ मिड-डे-मील खाने वाले छात्रों के सही आंकड़े बेसिक शिक्षा विभाग को देंगे।

शासन की इस पहल से भ्रष्टाचार पर पूर्णत: प्रतिबंध लगेगा। शासन व प्रशासन का परिषदीय स्कूलों में छात्रों के नामांकन बढ़ाने का जोर रहता है। शिक्षक अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए मदरसों व अन्य स्कूलों में जाने वाले बच्चों का परिषदीय विद्यालयों में पंजीकरण कर लेते हैं, ताकि विद्यालय में छात्रों की संख्या कम नहीं हो। इसके बाद भी साल दर साल परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्रओं की संख्या कम हो रही है। विद्यालयों में मिलीभगत से फर्जी छात्र-छात्रओं की संख्या दिखाकर मिड-डे-मील के नाम पर भी खाद्यान्न में हेराफेरी कर रहे हैं। आधार कार्ड पंजीयन होने के बाद शिक्षक विभाग को वहीं आंकड़ा प्रेषित करेंगे जोकि वास्तव में स्कूल में बच्चे खाना खा रहे हैं। उधर जिला समन्वयक एमडीएम दीनदयाल शर्मा ने बताया कि मिड-डे-मील, छात्रवृत्ति व उपस्थिति को आधार कार्ड से छात्रों को जोड़ना है। सभी बच्चे आधार कार्ड से जुड़े होंगे तो मिड-डे-मील लेने वालों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। करीब 70 प्रतिशत उपस्थिति के हिसाब से मिड-डे-मील बनता है लेकिन तमाम ऐसे स्कूल हैं, जिनमें छात्र संख्या को बढ़ाकर दिखाया गया है। नए शैक्षिक सत्र में ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

संभल : स्कूल के रसोईघर का गिरा लिंटर, मध्यावकाश में रसोईघर के नजदीक खेल रहे थे करीब 40 बच्चे, लिंटर गिरने से मची अफरातफरी

स्कूल के रसोईघर का गिरा लिंटर, मध्यावकाश में रसोईघर के नजदीक खेल रहे थे करीब 40 बच्चे, लिंटर गिरने से मची अफरातफरी

Wednesday, June 28, 2017

संभल : स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन, बदलाव : शिक्षक मनचाहे स्कूल में नहीं करवा सकेंगे तबादला

परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को अपने स्थानांतरण के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अभी तक यह प्रक्रिया मैनुअल थी, जिसके कारण शिक्षक विभाग के अधिकारियों से सेटिंग करके मनमर्जी वाले स्कूलों में तैनाती ले लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। मानक के अनुसार ही स्थानांतरण हो पाएंगे।

बेसिक स्कूल की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रहा है। किसी स्कूल में 30 बच्चे हैं तो वहां पर पांच शिक्षक नियुक्त हैं, किसी स्कूल में 300 बच्चे हैं तो वहां पर दो शिक्षकों की तैनाती है। यह सब विभागीय अधिकारियों की सेटिंग के कारण हो रहा है। अधिकतर शिक्षक सड़क किनारे वाले स्कूलों में नियुक्ति लेना चाहते हैं जिससे कि उन्हें आने जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा। एक से दूसरे ब्लाक में होने वाले शिक्षकों के स्थानांतरण अब ऑनलाइन किए जाएंगे। शिक्षकों को आवेदन भी ऑनलाइन करना होगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षकों से उनका डाटा मांगा जा रहा है। इसकी फी¨डग की जाएगी। इसके बाद शिक्षक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ.सत्यनारायण ने बताया कि शिक्षकों का डाटा फीड हो जाने पर 12 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी

Monday, June 26, 2017

सम्भल : दादी-नानी की निगरानी में पढेंगे नौनिहाल, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर किया जा रहा समितियों का गठन

गजेंद्र कुमार यादव ’ सम्भल 1आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों की निगरानी मां के साथ ही दादी और नानी भी कर सकेंगी। शासन से निर्देश के बाद सभी केंद्रों पर समितियों का गठन किया जा रहा है। ये समितियां बच्चों को प्री स्कूल शिक्षा के साथ ही पोषक आहार वितरण व स्वास्थ्य की निगरानी भी करेंगी। समितियों में पंजीकृत बच्चों की मां, दादी, नानी को प्राथमिकता दी जाएगी। 1बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को कुपोषणमुक्त करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए कार्यक्रम शुरू किया गया है। तीन से छह साल तक के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा, जबकि अभिभावकों को सेहत संबंधी जानकारियां केंद्र पर दी जाती हैं। ग्राम स्तर पर निगरानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण योजना पर सही से काम नहीं हो पा रहा था। स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान करने के लिए शासन ने केंद्रों पर मातृ समितियां बनाने के निर्देश दिए हैं। जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर समितियां गठित करने का काम शुरू कर दिया गया है। हर समिति में 7-12 महिलाएं होंगी। जिन महिलाओं के परिवार के बच्चे केंद्र पर पंजीकृत हैं उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। 1प्रधान और आंगनबाड़ी केंद्र कर रहे गठन : ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली योजनाओं की निगरानी के लिए गठित की जा रही समिति को प्रधान व मुख्य सेविका ग्रामीणों की मौजूदगी में तैयार कर रही हैं। समिति गठन का कार्य तेजी से चल रहा है

Friday, June 23, 2017

सम्भल : बा विद्यालय की छात्राओं को अंग्रेजी सिखाएगा रेडियो, आओ अंग्रेजी सीखो कार्यक्रम के तहत 15-15 मिनट के 90 एपिसोड किये गए तैयार

हिमांशु शर्मा ’ चन्दौसी1कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रएं अब अंग्रेजी बोलना सीख सकेंगीं। आओ अंग्रेजी सीखें कार्यक्रम के तहत यूनीसेफ व सर्व शिक्षा अभियान की ओर से उन्हें रेडियो के जरिए अंग्रेजी बोलना सिखाया जाएगा। इसके लिए जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को लखनऊ में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।1प्रत्येक ब्लाक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में गरीब बालिकाओं को आठवीं तक की निश्शुल्क शिक्षा ग्रहण करवाए जाने की व्यवस्था है। इसके अलावा उनके खाने, पहनने से लेकर रहने की व्यवस्था भी विद्यालय में ही की गई है। एक स्कूल में सौ छात्रओं के प्रवेश की व्यवस्था है। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। खुद की सुरक्षा के लिए उन्हें इस बार जूडो की ट्रेनिंग भी दी गई है। छात्रएं फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें, सरकार इसके लिए इंतजाम कर रही है। इसकी जिम्मेदारी यूनीसेफ व सर्व शिक्षा अभियान को सौंपी गई है। दोनों के सहयोग से स्कूल समय में रोजाना रेडियो पर अंग्रेजी बोलना व समझना सिखाया जाएगा। 115-15 मिनट के 90 एपीसोड तैयार किए गए हैं। छात्रएं अपनी शिक्षिकाओं की मौजूदगी में रेडियो का प्रसारण सुनेंगी और उसी तरह से बोलने व समझने का अभ्यास करेंगी। कहीं पर छात्रओं को कोई परेशानी होती है तो शिक्षिकाएं उनका सहयोग करेंगी।1सम्भल की एक हजार छात्रओं को मिलेगा लाभ : जनपद में 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं, जिसमें आठ ब्लाकों में एक-एक और चन्दौसी व सम्भल नगर में एक-एक स्कूल हैं। एक स्कूल में सौ छात्रओं के दाखिले की व्यवस्था है, तो कुल मिलाकर जनपद में एक हजार छात्रएं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती हैं। इन सभी छात्रओं को अंग्रेजी सीखने का लाभ मिलेगा।हिमांशु शर्मा ’ चन्दौसी1कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रएं अब अंग्रेजी बोलना सीख सकेंगीं। आओ अंग्रेजी सीखें कार्यक्रम के तहत यूनीसेफ व सर्व शिक्षा अभियान की ओर से उन्हें रेडियो के जरिए अंग्रेजी बोलना सिखाया जाएगा। इसके लिए जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को लखनऊ में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।1प्रत्येक ब्लाक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में गरीब बालिकाओं को आठवीं तक की निश्शुल्क शिक्षा ग्रहण करवाए जाने की व्यवस्था है। इसके अलावा उनके खाने, पहनने से लेकर रहने की व्यवस्था भी विद्यालय में ही की गई है। एक स्कूल में सौ छात्रओं के प्रवेश की व्यवस्था है। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। खुद की सुरक्षा के लिए उन्हें इस बार जूडो की ट्रेनिंग भी दी गई है। छात्रएं फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें, सरकार इसके लिए इंतजाम कर रही है। इसकी जिम्मेदारी यूनीसेफ व सर्व शिक्षा अभियान को सौंपी गई है। दोनों के सहयोग से स्कूल समय में रोजाना रेडियो पर अंग्रेजी बोलना व समझना सिखाया जाएगा। 115-15 मिनट के 90 एपीसोड तैयार किए गए हैं। छात्रएं अपनी शिक्षिकाओं की मौजूदगी में रेडियो का प्रसारण सुनेंगी और उसी तरह से बोलने व समझने का अभ्यास करेंगी। कहीं पर छात्रओं को कोई परेशानी होती है तो शिक्षिकाएं उनका सहयोग करेंगी।1सम्भल की एक हजार छात्रओं को मिलेगा लाभ : जनपद में 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं, जिसमें आठ ब्लाकों में एक-एक और चन्दौसी व सम्भल नगर में एक-एक स्कूल हैं। एक स्कूल में सौ छात्रओं के दाखिले की व्यवस्था है, तो कुल मिलाकर जनपद में एक हजार छात्रएं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती हैं। इन सभी छात्रओं को अंग्रेजी सीखने का लाभ मिलेगा।रेडियो के जरिए छात्रओं को अंग्रेजी कैसे सिखानी है इसके लिए जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को यूनीसेफ की ओर से पांच और छह जुलाई को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद जिला समन्वयक कस्तूरबा की शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण देंगी। रेडियो पर कार्यक्रम प्रसारित होने का समय इसके बाद निर्धारित किया जाएगा।1रमा भट्ठ कार्यवाहक जिला समन्वयक, बालिका शिक्षा, सम्भल।

Saturday, June 17, 2017

संभल : विद्यालय शौचालय व स्वच्छता को दृष्टिगत रख ग्राम पंचायत में कार्यरत सफाईकर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर विद्यालय में प्र०अ० के अधीन रखने का निर्देश जारी, देखें


विद्यालय शौचालय व स्वच्छता को दृष्टिगत रख ग्राम पंचायत में कार्यरत सफाईकर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर विद्यालय में प्र०अ० के अधीन रखने का निर्देश जारी, देखें