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Friday, July 3, 2020

फतेहपुर : विद्यालयों को संवारने में गुरुजी खपाएंगे अपनी ऊर्जा, बेसिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर डीएम ने विद्यालयों को संसाधन युक्त करने के लिए तैयार की कार्ययोजना

फतेहपुर : विद्यालयों को संवारने में गुरुजी खपाएंगे अपनी ऊर्जा, बेसिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर डीएम ने विद्यालयों संसाधन युक्त करने के लिए तैयार की कार्ययोजना।

फतेहपुर : शासन के आदेश के बाद स्कूल पहुंचने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं अब विद्यालय को संवारने में ऊर्जा खपाएंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर डीएम ने विद्यालयों को संसाधन युक्त करने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। जिले के 2650 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के तहत संवारा जाएगा।





 इसमें शौचालय, बाउंड्रीवाल, पेयजल, बिजली की व्यवस्था, भवन की मरम्मत जैसे 14 बिंदुओं पर काम होगा। बीएसए देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत किस विद्यालय में कौन सी कमी है। इसकी सूची डीएम के पास भेजी गई थी। जिसमें ब्लॉक प्रशासन के निर्देश पर ग्राम सभा में प्रधान और सचिव के द्वारा ग्राम निधि से काम कराया  जाएगा। काम शुरू कराने और काम में सहयोग के साथ निगरानी संबंधित विद्यालय का अध्यापक रखेगा। प्रधान और सचिव से अध्यापक तथा बीडीओ से बीएसएफ समन्वय स्थापित करके काम करवाएंगे।




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फतेहपुर : प्राथमिक शिक्षक संघ की डीएम से मांग, शिक्षिकाओं को उपस्थिति से दी जाए राहत

फतेहपुर : प्राथमिक शिक्षक संघ की डीएम से मांग, शिक्षिकाओं को उपस्थिति से दी जाए राहत।


प्राशिसं की डीएम से मांग


फतेहपुर : शिक्षकों को राहत दी जाए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री विजय कुमार त्रिपाठी ने गुरुवार को डीएम को एक पत्र दिया है। परिषदीय स्कूलों को खोले जाने के निर्णय पर मांग की है कि कोरोना संकट के चलते लोगों में भ्रम की स्थिति है। गैर जनपद से आने वाले अध्यापकों को लेकर गांवों में व्यवहार अच्छा नहीं है ।




 वह गांव प्रवेश नहीं दे रहे हैं। वहीं साधनों के अभाव में महिला शिक्षकों को स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कारण कि अभी तक प्राइवेट साधन नहीं चल रहे हैं। ऐसी तमाम समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए शिक्षकों को बंद स्कूलों में न भेजा जाए। महिला अध्यापकों को न बुलाकर तमाम विभागीय कार्य प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों के माध्यम से पूरे  कराएं जाए।


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फतेहपुर : विद्यालयों में भेजी गई मिडडे मील की एक करोड़ 84 लाख धनराशि, बच्चों के खाते में जाएगी भेजी

फतेहपुर : विद्यालयों में भेजी गई एक करोड़ 84 लाख धनराशि, मिडडे मील की धनराशि बच्चों के खाते में जाएगी भेजी।

फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को घरों में मध्याह्न भोजन योजना का लाभ देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के खाते में एक करोड़ 83 लाख 92 हजार 720 रुपये की धनराशि भेज दी है। जिले के 2650 परिषदीय स्कूल, 122 एडेड स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को दोपहर का भोजन देने का प्रावधान है। यह व्यवस्था 2004 से लागू है। वर्तमान समय में इन स्कूलों के दो लाख 38 हजार बच्चों को योजना का लाभ मिल रहा है। करोना संक्रमण के कारण तीन महीने से स्कूल बंद हैं, जिससे बच्चों को एमडीएम का लाभ नहीं मिल रहा है।




ऐसे में विभाग ने बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में लागत राशि के साथ कोटेदार के यहां से अनाज आवंटन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्कूलों में अभिभावकों के बैंक खाते और आधार संकलित करा गए हैं। शिक्षा विभाग ने मांग के अनुरूप स्कूलों को भोजन लागत राशि भी भेज दी है। डीसी एमडीएम आशीष दीक्षित ने बताया कि अभिभावकों के खातों में भेजने के लिए जिन स्कूलों में धनराशि कम पड़ती है, वह अलग से मांगपत्र भेज सकते हैं। जल्द ही अवशेष धनराशि खातों में भेज दी जाएगी।


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फतेहपुर : ड्यूटी करने पहुंचे शिक्षकों को नहीं घुसने दिया गांव में, गैर जनपद के दर्जनों शिक्षकों को रोका, मकान मालिकों ने नहीं खोला ताला

फतेहपुर : ड्यूटी करने पहुंचे शिक्षकों को नहीं घुसने दिया गांव में, गैर जनपद के दर्जनों शिक्षकों को रोका, मकान मालिकों ने नहीं खोला ताला।


फतेहपुर : संवाद परिषदीय स्कूलों में आमद कराने की अनिवार्यता अब शिक्षकों के लिए मुसीबत बनती दिख रही है। गुरुवार से ड्यूटी के लिए अपने स्कूलों व किराए के मकानों में पहुंचे दर्जनों शिक्षकों के लिए नो एंट्री लगा दी गई है। गांव वालों व मकान मालिकों का तर्क है कि आप दूसरे जिलों से यात्रा करके आ रहे हो इसलिए बिना जांच व क्वारंटीन हुए आपको प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस स्थिति में शिक्षक हैरान व परेशान हैं। एक जुलाई से परिषदीय शिक्षक अपने स्कूलों में पहुंच रहे हैं। शिक्षक कार्य के बिना स्कूल जाने के निर्णय का विरोध किया जा रहा है लेकिन अगले आदेश तक स्कूल पहुंचने की मजबूरी दूसरे जिलों से आने वाले शिक्षकों के लिए आफत बन गई है। जान जोखिम में डालकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा जब शिक्षक अपने घरों में पहुंचे तो कई शिक्षकों के लिए मकान मालिकों ने ताला नहीं खोला। इसके चलते शिक्षक अपने परिचितों दोस्तों के घरों में पनाह पाने के लिए भटकते रहे।









मकान मालिकों के रवैये से थके शिक्षक जब स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पहुंचे तो अनेक शिक्षकों को गांव की सरहद पर ही रोक दिया गया। गांव वालों ने बाहर से आने वाले शिक्षकों को गांव के भीतर घुसने से मना कर दिया। तर्क दिया कि आप लोगों की वजह से गांव के लोग कोरोना के साए में आ सकते हैं। बल्ली व बांस लगाकर पहरेदारीः हथगाम क्षेत्र के अलौदीपुर गांव में गुरूवार को ऐसा नजारा सामने आया जिसने सभी को हतप्रभ कर दिया। शिक्षक अपने निजी वाहन से जब गांव की सीमा पर पहुंचे तो वहां बल्ली लगाकर रास्ता रोक दिया गया और उनसे वापस जाने को कहा गया। शिक्षकों ने काफी मिन्नतें की लेकिन गांव वालों पर असर नहीं हुआ।

पहले जांच व क्वारंटीन तब मिलेगा प्रवेश : कोरोना को लेकर इतनी अधिक सामाजिक जागरूकता हो गई है या फिर खौफ, जो भी हो लेकिन इतना तो तय है कि लोग अब इसके प्रति सचेत हो गए हैं। मकान  मालिकों व गांव के निवासियों का कहना है कि बाहर से आने वाले शिक्षकों की पहले स्क्रीनिंग की जाए और उन्हें 14 दिन क्वारंटीन कराया जाए तभी घर व स्कूल में दाखिल होने दिया जाएगा।



"हमारे शिक्षकों को काफी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। कई शिक्षकों को गांव के निवासी व मकान मालिक स्कूल व घरों में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। इस मामले से डीएम साहब को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया है। विजय त्रिपाठी, जिला मंत्री प्राशिसं


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फतेहपुर : अब ARP पदों को भरने के लिए तेज की गई कवायद, 08 जुलाई 2020 को GIC में कराई जाएगी परीक्षा

फतेहपुर : अब ARP पदों को भरने के लिए तेज की गई कवायद, 08 जुलाई 2020 को GIC में कराई जाएगी परीक्षा।

फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में एमपी के रिक्त पदों को भरने की विभाग ने कवायद तेज कर दी है। रिक्त पदों के लिए कुल 64 आवेदन प्राप्त किए गए। जिसमें विभिन्न कमियों के कारण पांच आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। अब 59 शिक्षक इन पदों के लिए परीक्षा देकर अपना भाग्य अजमाएंगे। डीसी अखिलेश सिंह ने बताया कि एमपी के 40 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिसमें कुल 64 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों द्वारा पांच आवेदनों में त्रुटियां पाए जाने पर रिजेक्ट किया गया है। अब परीक्षा के लिए 59 आवेदक पात्र हैं। बताया कि एमपी परीक्षा आठ जुलाई को राजकीय इंटर कॉलेज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य ही केन्द्र व्यवस्थापक रहेंगे। वहीं नोडल अधिकारी के रूप में डायट प्राचार्य रहेंगे। परीक्षा 11 बजे से साढे बारह बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा के लिए आवेदकों को समय पर पहुंचना अनिवार्य होगा। साथ ही जरुरी प्रपत्र भी अपने साथ रखने होंगे।



रिक्त पद : आठ जुलाई को जीआईसी में कराई जाएगी परीक्षा, 40 पदों के सापेक्ष परीक्षा के लिए 59 आए आवेदन



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Thursday, July 2, 2020

फतेहपुर : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के शैक्षिक अभिलखों के आधार पर नियुक्त अध्यापकों की सूचना निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के शैक्षिक अभिलखों के आधार पर नियुक्त अध्यापकों की सूचना निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।






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फतेहपुर : मानव सम्पदा पर विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मियों का सेवा विवरण ऑनलाइन अपलोड किए जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : मानव सम्पदा पर विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मियों का सेवा विवरण ऑनलाइन अपलोड किए जाने के सम्बन्ध में।






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फतेहपुर : हाटस्पॉट से आने वाले शिक्षकों से खतरा!, कानपुर व लखनऊ समेत दूसरे जनपदों से आ रहे शिक्षक

फतेहपुर : हाटस्पॉट से आने वाले शिक्षकों से खतरा!, कानपुर व लखनऊ समेत दूसरे जनपदों से आ रहे शिक्षक।

फतेहपुर : शासन के आदेश पर बुधवार से परिषदीय स्कूल सिर्फ शिक्षकों के लिए खुल गए। अधिकांश स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प का काम शुरू न होने से शिक्षक फुर्सत में बैठे रहे तो कुछ कागजी लिखापढ़ी में व्यस्त दिखे। इस बीच दूसरे जिलों के हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों से आने वाले शिक्षकों की आमद से उनके साथी भयग्रस्त दिखे। सफर के लिए साधनों की खोज में भी मुश्किलों की बात सामने आई। परिषदीय स्कूलों के ताले खुलने के बाद अब हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों से आने वाले शिक्षकों को लेकर नया खतरा सामने आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि जिले में सैकड़ों शिक्षक कानपुर, रायबरेली, उन्नाव में दूरस्थ जिलों के हैं। कुछ ऐसे शिक्षक भी हैं जिनके घर उनके शहरों में हॉटस्पॉट वाले इलाकों में हैं। आवाजाही बंद होने के बावजूद सरकारी आदेश का पालन करने के लिए यह शिक्षक अपने घरों से तो निकल आए लेकिन अपने साथ कोरोना वायरस के खतरे को भी ला सकते हैं। लोगों ने कहा कि दूरदराज से यात्रा कर आने वाले शिक्षकों को तो पहले 14 दिन के लिए क्वारंटीन होना चाहिए इसके बाद दूसरे साथियों के बीच जाना चाहिए लेकिन विभागीय आदेश के चलते पहले दिन ही वह अपने साथियों यात्रा के दौरान दूसरे व्यक्तियों से घुल मिल गए।





चिंताजनक : कानपुर व लखनऊ समेत दूसरे जिलों से आ रहे हैं शिक्षक, दुधमुंहे बच्चों के साथ महिला शिक्षकों को हो रही परेशानी।


न तो सेनेटाइज नहीं कायाकल्प : जनपद के अधिकांश परिषदीय स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत इस समय काम नहीं हो रहा है। शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर ग्राम प्रधान ने अभी तक कोई पहल नहीं की है। लखनऊ से आने वाली आईवीआरएस कॉल में इस बारे में बताया गया है। डीएम के आदेश के बावजूद सेनेटाइजेशन का कार्य भी नहीं हुआ है। जिसके चलते शिक्षक संक्रमण की शंका से घिरे हैं।


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Wednesday, July 1, 2020

डरे-सहमें शिक्षक आज से खोलेंगे विद्यालयों के ताले, क्वारन्टीन सेंटर बने विद्यालय नहीं हुए अब तक सेनेटाइज

फतेहपुर : डरे-सहमें शिक्षक आज से खोलेंगे विद्यालयों के ताले, क्वारन्टीन सेंटर बने विद्यालय नहीं हुए अब तक सेनेटाइज


फतेहपुर : कोरोना संक्रमण को लेकर करीब तीन माह से बंद चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को एक जुलाई से खोलने का फरमान जारी हो चुका है। संक्रमण को देखते हुए अभी भी परिषदीय शिक्षक स्कूल जाने में सहमें नजर आ रहे हैं। इनका कहना है कि करीब सभी विद्यालयों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था, जिसमें कई सेंटर से कोरोना पॉजिटिव केस भी निकले हैं। अभी तक विद्यालयों को सेनेटाइज तक नहीं कराया गया है।


 ऐसे में विद्यालय में संक्रमण फैलने की अशंका प्रबल हो रही है। करीब साढ़े तीन महीने की लंबी छुट्टी के बाद बुधवार से जिले भर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के ताले स्टाफ के लिए खुल जाएंगे। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, अनुदेशक व शिक्षामित्रों को विद्यालय समय से आना होगा। यह शिक्षक स्कूल पहुंचकर विद्यालयों की रंगाई पुताई, कायाकल्प के तहत कार्य, यूनीफार्म, पुस्तक वितरण समेत अन्य कार्यों को निपटाएंगे। खोले जा रहे विद्यालयों को लेकर शिक्षकों के बीच कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षकों की मानें तो संक्रमण काल के दौरान बच्चों के न आने पर शिक्षण कार्य तो होगा नहीं, ऐसे में शिक्षकों को विद्यालय में बुलाना ठीक नहीं है। वहीं शिक्षक नेताओं ने शिक्षकों को स्कूल बुलाए जाने का विरोध किया है और कहा है कि इसका कोई औचित्य नहीं नहीं है।

विविंग टाइम पर रहती है नजर :  विभाग दीक्षा ऐप के डाउनलोड एवं विविंग टाइम(देखा जाने वाला समय) के आंकड़ों की लगातार समीक्षा करता है। विभाग ने प्रत्येक शिक्षक व स्मार्टफोन धारक अभिभावक के मोबाइल फोन में दीक्षा ऐप डाउनलोड सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक विषय के हर पाठ में मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर दीक्षा एप का लिंक खुल जाता है। वहां उस पाठ से सम्बन्धित विषय सामग्री मौजूद रहती है। पुस्तक वितरण के बाद बच्चों के लिए इस दौर में पढ़ना आसान होगा। हालांकि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क, स्मार्टफोन की उपलब्धता जैसी व्यवहारिक समस्याएं भी हैं।


क्वारंटीन सेंटर बने विद्यालय नहीं हुए अब तक सेनेटाइज : जनपद के कई स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर भी बनाया गया था। उस समय बाहर से आने वाले व्यक्तियों को 14-14 दिन के लिए यहां रोका गया। हालांकि बाद में नियम बदलकर 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन हो गया है। जो स्कूल क्वारंटीन सेंटर या अस्थाई आश्रय स्थल बने, उनको सेनेटाइज भी नहीं कराया गया है। बीएसए ने बताया कि काफी पहले स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। 21 दिन से अधिक हो गए हैं। डीएम ने विद्यालयों को सेनेटाइज किए जाने को लेकर निर्देश जारी किए हैं।


गैर जिलों से भी आएंगे शिक्षक :  परिषदीय स्कूलों में अधिकांश शिक्षक गैर जिलों से भी आते हैं। लॉकडाउन के दौरान अपने अपने घरों में पहुंचे शिक्षक स्कूल खुलने पर वापस आएंगे। तमाम ऐसे जिले हैं जहां अधिकांश स्थान हॉटस्पॉट घोषित हैं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में करीब दस हजार से अधिक शिक्षक शिक्षिकाएं तैनात हैं। ऐसे में गैर जिलों से आने वाले शिक्षकों के सम्पर्क में तमाम लोग होंगे। जिसको लेकर शिक्षक सहमें नजर आ रहे हैं।

क्या बोले शिक्षक नेता : शासन प्रशासन के आदेश का पालन तो किया जाएगा, लेकिन कोरोना संक्रमण के बचाव को लेकर कोई ठोस कदम न उठाया जाना दुखद है। मांग के बाद भी अभी तक विद्यालयों को सेनेटाइज नहीं कराया गया है। यदि किसी भी शिक्षक को संक्रमण होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। विभाग द्वारा जल्दबाजी में विद्यालय खोले जा रहे हैं। जो कतई ठीक नहीं है। - विजय त्रिपाठी महामंत्री प्राशिसं


शासन के निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। बुधवार से विद्यालय खोले जाएंगे। डीएम के आदेश में कई ब्लाकों के विद्यालयों को सेनेटाइज भी किया गया है। सभी विद्यालय सेनेटाइज होंगे। संक्रमण बचाओ को लेकर विभाग गंभीर है।- शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


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कोरोनाकाल में बेसिक शिक्षा की अस्त्र बन गयी "दीक्षा"

कोरोना काल में बेसिक शिक्षा की अस्त्र बन गई 'दीक्षा'


फतेहपुर : कोरोना काल में जब बच्चों की स्कूलों में आमद पर सख्त पाबंदी है, ऐसे दौर में बच्चों की शिक्षा के लिए दीक्षा बड़ा अस्त्र बनकर उभरी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अब इस ऐपके जरिए बेसिक शिक्षा को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लगभग लांच ही कर दिया है। 


पिछले कई महीनों से इस मोबाइल ऐप को शिक्षकों के अलावा अभिभावकों के स्मार्टफोन में डाउनलोड कराने पर जोर दिया जा रहा है ताकि बच्चों की इसकी डिजिटल सामग्री का लाभ मिल सके। दीक्षा ऐप का दायरा पिछले कई माह में बढ़ गया है। यह मोबाइल ऐप अपनी लाचिंग के साथ ही बेसिक शिक्षा का अनिवार्य अंग बन गया था। सभी कक्षाओं की किताबों में दिए गए क्यूआर कोड के जरिए पाठ्यक्रम से सम्बन्धित ऑडियो विजुअल सामग्री बच्चों को दिखाई व सुनाई जाती थी। 



कोरोना के प्रकोप के चलते जब स्कूल बंद हो गए तो स्कूली शिक्षा महानिदेशक व अन्य उच्च अधिकारियों ने बच्चों की पढ़ाई घर पर सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की ऑनलाइन क्लास के अलावा दीक्षा ऐपका प्रयोग करने का फैसला किया। तय किया गया कि अभिभावकों के स्मार्टफोन पर भी इसे डाउनलोड करें जाए जिससे बच्चों को घर बैठे सभी विषयों की पाठ्य सामग्री मिल सके। दीक्षा के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण इन दिनों विभाग बेसिक शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग दीक्षा ऐप के माध्यम से करा रहा है। 

बच्चों की भाषा, कैलेंडर से गणित व उपचारात्मक शिक्षण जैसे ट्रेनिंग प्रोग्राम दीक्षा ऐप के जरिए ही कराए जा रहे हैं। 20 जुलाई से शिक्षकों की ट्रेनिंग का कार्यक्रम तय किया गया है। इससे विभाग के साथ ही शिक्षकों को भी सहूलियत होगी व कोरोना का खतरा कम होगा।


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Tuesday, June 30, 2020

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को 01 जुलाई 2020 से खोलने से पूर्व सेनेटाइज किए जाने एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के सम्बन्ध में डीएम ने जारी किया आदेश

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को 01 जुलाई 2020 से खोलने से पूर्व सेनेटाइज किए जाने एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के सम्बन्ध में डीएम ने जारी किया आदेश।






फतेहपुर : मनरेगा से स्कूलों में कराएं जाए कार्य, डीएम ने आपरेशन कायाकल्प समेत कई बिंदुओं पर लिए अहम फैसले।

फतेहपुर : रविवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प समेत कई बिन्दुओं पर अहम फैसले लिए गए। डीएम ने साफ कर दिया कि ऑपरेशन कायाकल्प में गंभीरता दिखाई जाए और निर्धारित समय में कार्य को पूरा किया जाए। मनरेगा के अन्तर्गत भी अनेक कार्य विद्यालयों में कराए जा सकते हैं। इसके अलावा पेयजल, वृक्षारोपण समेत अन्य बिन्दुओं पर भी मंथन किया गया। डीएम संजीव सिंह ने बैठक के दौरान कहा कि परिषदीय स्कूलों में मनरेगा के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग, बाउन्ड्री वाल, शौचालय व मिट्टी की पुराई जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। प्रवासी मजदूरों कोशामिल करते हुए यह कार्य शीघ्र ही कराए जाएं। जिससे मानसून के दौरान स्कूलों में जलभराव की समस्या न हो तथा जल संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में अवैध कब्जे हैं उनकी शिकायत एंटी भू माफिया पोर्टल में की जाए। जिससे इनका संज्ञान लेकर परावर्तन की कार्रवाई कराई जा सके। कहा गया कि ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के साथ समन्वय स्थापित कर पेयजल, रनिंग वाटर, शौचालय, फ्लोर टाइल्स, टाइलिंग इन टॉयलेट, हैंड वाशिंग यूनिट, इलेक्ट्रिक फिटिंग, इलेक्ट्रिक कनेक्शन, पेटिंग, रैम्प जैसे अनेक कार्य कराए जाएं। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि नवीन कामों में प्रत्येक कक्षा कक्ष में रैम्प होना अनिवार्य किया गया है। इसे देखते हुए स्कूलों में हर कमरे के सामने रैम्प निर्मित कराया जाए।


ठेकेदार का नाम नोट किया जाए :  अफसरों ने कहा कि जिन स्कूलों में हैंडपंप रिबोर किए गए हैं या होने वाले हैं, उसकी सूचना विद्यालय की पत्र व्यवहार पंजिका में ठेकेदार के नाम पता, मोबाइल नंबर व तिथि के साथ अंकित की जाए। जिससे रिबोर करने वाले ठेकेदार को कमी आने पर बुलाया जा सके।




फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को कराया जाएगा सेनेटाइज, डीएम ने दिए निर्देश।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन स्थापित किए गए परिषदीय स्कूलों को सेनेटाइज कराया जाएगा। रविवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक के दौरान डीएम ने यह निर्देश दिए। स्कूलों को ब्लीचिंग पाउडर के घोलसे सेनेटाइज कराया जाएगा जिससे स्कूल परिसर सुरक्षित व स्वच्छ हो सकें।







 इससे पहले प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों को सेनेटाइज कराने की मांग की थी। प्रवासी मजदूरों के जिले में आगमन के दौरान परिषदीय स्कूलों को क्वारंटीन सेण्टर के रूप में प्रयोग किए जाने से संघ अपने शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित था। शिक्षकों का कहना था कि चंकी अधिकांश स्थानों को सेनेटाइज कराया गया है इसलिए परिषदीय स्कूलों को भी सेनेटाइज कराया जाए। इन दिनों विभागीय कार्य से शिक्षकों को अपने स्कूल जाना पड़ता है। सेनेटाइजेशन न होने के कारण शिक्षकों में भय बना रहता है। शिक्षकों व संघ की मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने तय किया है कि जिन स्कूलों में क्वारंटीन सेण्टर बनाए गए थे उन्हें अनिवार्य रूप से सेनेटाइज कराया जाएगा। सेनेटाइज कराने के बाद ही शिक्षण कार्य कराया जाएगा।



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Saturday, June 27, 2020

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में अश्रितों को नौकरी देने में देरी से सचिव नाराज, प्रकरण में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर जताई नाराजगी

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में अश्रितों को नौकरी देने में देरी से सचिव नाराज, प्रकरण में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर जताई नाराजगी।


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में आश्रित की नौकरी पाने वालों की राह आसान हो रहा है। सचिव बेसिक शिक्षा ने इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लिया है। प्रकरणों में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर नाराजगी जताई है। उनहोंने कहा कि तमाम पत्रकारों में मार्गदर्शन की जरूरत ही नहीं है। यह केवल लेटलतीफी किए जाने का कारण है और मामले कोर्ट में पहुंचने पर अनावश्यक किरकिरी होती है।






दसअसल बेसिक शिक्षा विभाग में मत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दिए जाने में हीलाहवाली हो रही है। आश्रित की नौकरी पाने के लिए सालों प्रकरण की सुनवाई न किए जाने पर ऐसे लोग कोर्ट चले जाते हैं। सचिव बेसिक शिक्षा विजय शंकर तिवारी ने आदेश दिया कि जिन प्रकरणों में मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है। वह प्रकरण कतई न भेजे जाएं। संगत नियमों और शासनादेशों के अधीन आदेश अनुपालन में कोई दिक्कत आती है तो परिषद से विशेष अपील अलबत्ता की जा सकती है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में ऐसे पांच प्रकरण हैं जो खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच के लिए दिए गए हैं। जिसमें सचिव बेसिक शिक्षा के निर्देश का अनुपालन कराया जाएगा।




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फतेहपुर : खाद्यान्न के लिए अभिभावकों को प्रधानाध्यापक जारी करेंगे प्रिंटेड रंगीन प्राधिकार पत्र

फतेहपुर : खाद्यान्न के लिए अभिभावकों को प्रधानाध्यापक जारी करेंगे प्रिंटेड रंगीन प्राधिकार पत्र।

फतेहपुर : कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन में बंद चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षारत छात्र-छात्राओं को एमडीएम की कनर्वजन कास्ट एवं खाद्यान्न दिया जाना है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर सम्बंधित अभिभावकों को एक प्राधिकार पत्र सौंपा जाएगा, जिसके तहत वह कोटेदार के यहां से अनाज एवं बैंक से कनर्वजन कास्ट की धनराशि प्राप्त करसकेंगे। अभिभावकों को रंगीन प्रिंटेड प्राधिकार की कापी शासन द्वारा विभाग को भेजी गई है।





जिसे ब्लाक स्तर पर प्रिंट कराकर विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराया जाना है। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग नई कवायद में जुट गया है। ब्लाक स्तरपररंगीन प्राधिकारप्रिंट कराए जाने की तैयारी में है। लॉक डाउन एवं ग्रीष्मावकाश के कारण 24 मार्च से लेकर 30 जून तक स्कूल बंद होने के कारण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत बच्चों को एमडीएम नहीं दिया गया है। इसलिए बढ़ी हुई कन्वर्जन कास्ट को लागू करते हुए छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में दी जाएगी। वहीं इतने ही दिन का खाद्यान्न भी अभिभावकों को दिया जाना है। एमडीएम प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि शासन द्वारा जारी रंगीन प्रिंटर प्राधिकार ही अभिभावकों को दिए जाएंगे।


76 दिनों की मिलेगी कनवर्जन कास्ट :  अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के निर्देश के तहत अवकाश के दिनों को छोड़ कर बंदी के कुल 76 दिन होते हैं। जिसमें प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र-छात्रा 374 रुपए तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र 561 रुपए देय होंगे। बीएसए को निर्देश दिया कि सभी खंड शिक्षाधिकारी छात्र-छात्राओं का डाटा एक्सल सीट पर तैयार कर प्रधानाध्यापक को सौंपेंगे। उसके बाद प्रधानाध्यापक सभी बच्चों के अभिभावकों को बैंक खाता के कागजात एकत्र कर बैंक एडवाइस के साथ सम्बंधित बैंक शाखा में प्रस्तुत करेंगे।

खाद्यान्न के लिए प्रधानाध्यापक बाटेंगे प्राधिकार : बंदी के 76 दिनों का खाद्यान्न बच्चों के अभिभावकों को दिया जाना है। प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र को 100 ग्राम प्रतिदिन और उच्च प्राथमिक के बच्चे को 150 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से 24 मार्च से 30 जून तक का प्राथमिक के प्रति छात्र 7.60 किग्रा तथा उच्च प्राथमिक के प्रति बच्चे को 11.40 किग्रा अनाज देय होगा। निर्देश दिए गए हैं कि प्रधानाध्यापक बच्चों के अभिभावकों को रंगीन प्रिंट प्राधिकार जारी करें। जिसमें छात्र-छात्रा का पूरा ब्यौरा होगा। प्राधिकार को लेकर ही नामित कोटेदार के यहां से अभिभावक अनाज प्राप्त करेंगे।


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Friday, June 26, 2020

फतेहपुर : विभाग की गलती से शिक्षकों की प्रविष्टियां गलत, सुधार के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे शिक्षक

फतेहपुर : विभाग की गलती से शिक्षकों की प्रविष्टियां गलत, सुधार के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे शिक्षक।


फतेहपुर। शिक्षकों के ब्यौरे की ऑनलाइन फीडिंग में बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ब्लाक स्तर पर की गई फीडिंग में तमाम गड़बड़ी मिल रही हैं। शिक्षकों की ओर से विभाग को शैक्षिक अभिलेखों की सीडी और हार्ड कॉपी कई बार दी जा चुकी है। पोर्टल पर कंप्यूटर ऑपरेटर की वजह से शिक्षकों से संबंधित जानकारियां त्रुटिपूर्ण और अधूरी हैं। शिक्षक नेताओं का कहना है कि जिले की सभी शिक्षकों का ब्योरा कुछ न कुछ गलत है। हर ब्लाक में मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग के लिए शिक्षक शैक्षणिक व विभागीय आदेशों की सीडी व हार्ड कॉपी ब्लाक संसाधन केंद्रों में जमा कर चुके हैं। शिक्षकों की नियुक्ति तिथि, विद्यालय में ज्वाइनिंग की तिथि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु 62 वर्ष है, जबकि पोर्टल पर 60 वर्ष फीड कर दी गई है। कई शिक्षकों की उनके कोड से मानव संपदा साइट नहीं खुल रही है।





इसलिए हो रही फीडिंग : बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन होने से विभाग के किसी भी कर्मचारी के बारे में एक क्लिक पर सारी जानकारी मिल सकेगी। सभी शिक्षक को इंप्लाई कोड मिला है। इससे लॉगिन करने पर शिक्षक की सारी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी। पोर्टल पर शिक्षक की सर्विस बुक, नाम, पता मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज हैं।

सभी शिक्षकों का ऑनलाइन ब्योरा ठीक किया जा रहा है। लॉकडाउन के समय सभी कंप्यूटर आपरेटरों को बैठाकर डाटा ठीक कराया गया है। जल्द सभी का डाटा पूरी तरह सही होगा। - शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए।

शिक्षक नेता बोले-----


त्रुटियां ठीक करने के नाम पर शिक्षा विभाग के अधिकारी सर्वर की समस्या बता रहे हैं। ऐसा है नहीं। शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। मानव संपदा पोर्टल पर डाटा गलत होने से शिक्षक परेशान हैं। इन गलतियों के लिए विभाग जिम्मेदार है। - शैलेंद्र भदौरिया, ब्लॉक अध्यक्ष हसवा

अधिकारियों का कहना है कि अगर 30 जून तक शिक्षकों की फीडिंग ठीक नहीं होगी तो वेतन रोक दिया जाएगा। अधिकारियों को पता होना चाहिए कि इसमें कौन दोषी है, और किसका वेतन रोकना है। यह आदेश पूरी तरह संगीत व भेदभाव पूर्ण है। - दिग्विजय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष भिटौरा।


शिक्षकों ने मानव संपदा संशोधन प्रार्थना

पत्र की हार्ड कॉपी बीआरसी पहुंचा दी थी। अगर विभाग से शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो संगठन साथ है। फीडिंग का काम संबंधित बाबू और अधिकारी का है,आप का नहीं। - बलराम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष खजुहा

शिक्षकों का डाटा ठीक कराया जा रहा है। ब्लाक संसाधन केंद्रों पर सभी कागजों को पूरा कराया जा रहा है। अन्य विभागों की तरह शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन होने से बहुत सुविधाएं रहेंगी। सर्विस बुक में घर बैठे ऑपरेशन देख सकते हैं। - जितेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष देवमई।


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Thursday, June 25, 2020

फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को आयोजित डायट प्राचार्य एवं समस्त प्रवक्ता डायट की बैठक का कार्यवृत्त जारी, देखें

फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को आयोजित डायट प्राचार्य एवं समस्त प्रवक्ता डायट की बैठक का कार्यवृत्त जारी, देखें।





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फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को डायट प्राचार्य, BSA, BEO, DC एवं समस्त SRG की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का कार्यवृत्त जारी, देखें

फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को डायट प्राचार्य, BSA, BEO, DC एवं समस्त SRG की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का कार्यवृत्त जारी, देखें








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फतेहपुर : निष्ठा (NISHTHA) के ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध

फतेहपुर : निष्ठा (NISHTHA) के ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध।









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फतेहपुर : अब कायाकल्प नहीं पहला "विकल्प", पंचायत चुनावों की संभावना देखते हुए ग्राम प्रधानों की प्राथमिकताओं में आया बदलाव

फतेहपुर : अब कायाकल्प नहीं पहला "विकल्प", पंचायत चुनावों की संभावना देखते हुए ग्राम प्रधानों की प्राथमिकताओं में आया बदलाव।


फतेहपुर : शासन की आपरेशन कायाकल्प के जरिए परिषदीय स्कूलों के तेवर व कलेवर सुधारने की मंशा फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है। कागजों में प्रस्ताव तैयार होने के बाद जमीन पर काम होते नहीं दिख रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि अब ऑपरेशन कायाकल्प ग्राम प्रधानों के लिए पहला विकल्प नहीं है। पंचायत चुनावों की संभावना देखते हुए ग्राम प्रधानों की प्राथमिकताओं में बदलाव आ गया है। शासन ने आपरेशन कायाकल्प को प्राथमिकताओं में शामिल किया है। शासन के अलावा स्कूली शिक्षा महानिदेशक ने भी जून में ऑपरेशन कायाकल्प समेत अन्य कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं लेकिन ग्राउन्ड जीरों में हालात अलहदा हैं। अब भी तमाम ऐसे स्कूल हैं जहां दिए गए प्रस्तावों के अनुसार काम शुरू नहीं हो सके हैं। नाम न छापने की शर्त पर कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों ने बताया कि उनके स्कूलों में प्रस्तावित कार्य शुरू नहीं कराए जा सके हैं। ग्राम प्रधान संपर्क करने परकभी बजट न होने का रोना रोते हैं तो कभी दूसरे विकास कार्यों में उलझे रहने का हवाला देते हैं।




प्राथमिकता के दिए थे निर्देश डीएम ने जनवरी माह में ही ऑपरेशन कायाकल्प को प्राथमिकता प्रदान करने के कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने पंचायतीराज विभाग एवं विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया था कि पहले सभी परिषदीय स्कूलों को अवस्थापना सम्बन्धी सुविधाओं से संतृप्त कर दिया जाए। इसके बाद ही 14वें वित्त एवं राज्य वित्त की निधि से अन्य कार्य किए जाएंगे।


चुनावों पर है नजर सूत्र बताते हैं कि ग्राम प्रधानों का पूरा ध्यान अब पंचायत चुनावों पर है। ग्राम प्रधान अब उन्हीं कार्यों को कराने में दिलचस्पी ले रहे हैं जो उनके वोटर्स पर सकारात्मक प्रभाव डाले व गांव में उनकी पैठ को मजबूत करे। प्रधानों का अब पूरा ध्यान स्कूलों की बजाए गांवों की तरफ है।


फर्श में बैठकर पढ़ते हैं बच्चे अधिकांश परिषदीय स्कूलों में अब भी स्कूली बच्चे फर्श पर टाट पट्टी बिछाकर पढ़ाई करते हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत सबसे अधिक डिमांड फर्नीचर की ही है। हेडमास्टर चाहते हैं कि उनके प्रत्येक कक्षा कक्ष में मेज एवं बेंच स्थापित कराई जाएं जिससे बच्चों को गर्मी एवं सर्दी में जमीन पर बैठकर पढ़ाई न करनी पड़े।

निर्धारित किए गए हैं यह सात घटक :

ब्लैक बोर्ड

स्वच्छ पेयजल, मल्टीपल हैंडवाश एवं जल निकासी का कार्य

बालक बालिका पृथक शौचालय

विद्यालय भवन मरम्मत, छत, दरवाजे, खिड़कियां एवं फ्लोर टाइलिंग

विद्युतीकरण

किचन शेड जीर्णोद्धार एवं सुसज्जतीकरण

फर्नीचर



बोले जिम्मेदार : ऑपरेशन
कायाकल्प में चुनौतियां तो सामने आ रही हैं लेकिन इसकी लगातार मानीटरिंग की जा रही है। करीब 300 स्कूलों में कार्य प्रगति पर है। ग्राम प्रधानों से प्रतिदिन बात की जा रही है। 30 सितंबर तय की गई डेड लाइन से पहले सारे विद्यालयों का कायाकल्प का काम पूरा कराया जाएगा। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए फतेहपुर


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Wednesday, June 24, 2020

फतेहपुर : अंशकालिक अनुदेशकों के नवीनीकरण के सम्बन्ध में

फतेहपुर : अंशकालिक अनुदेशकों के नवीनीकरण के सम्बन्ध में

Tuesday, June 23, 2020

फतेहपुर : बेसिक स्कूलों में निःशुल्क किताबों की आ गई खेप, स्कूल खुलते ही बच्चों को किताबें देने की तैयारी


निशुल्क पाठ्य पुस्तकों की खेप आना जारी।


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को हर वर्ष निशुल्क दी जाने वाली पाठय पुस्तकों की खेप शासन द्वारा लगातार भेजी जा रही हैं। सोमवार को कक्षा पांच की तीन पाठय पुस्तकों की खेप पहुंची। जिन्हें महात्मा गांधी जूनियर विद्यालय में रखाया जा रहा है। इसके पूर्व कक्षा एक एवं तीन की कई विषयों की पुस्तकें जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। बेसिक शिक्षा विभाग स्कूल खुलने के बाद संक्रमण काल में सारे एहतियातों के साथ बच्चों को पुस्तक वितरण करने का खाका खींचने लगा है। परिषदीय स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए निशुल्क पाठय पुस्तकों का वितरण किया जाता है। इस बार लॉकडाउन के कारण लम्बे समय से विद्यालय बंद चल रहे हैं। अभी भी 30 जून तक लॉक डाउन होने के कारण खुलने के आसार नहीं हैं। शिक्षा सत्र और लेट न होने को लेकर शासन द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बच्चों को दी जाने वाली निशुल्क पाठय पुस्तकों की खेप जिले में आना जारी है। एसएसए दीपक कुमार ने बताया कि सोमवार को कक्षा चार व पांच की संस्कृत, कलरव आदि पुस्तकें प्राप्त हुई हैं। इसके पूर्व कक्षा एक के लिए कलरव, कक्षा तीन के लिए कलरव, हमारा परिवेश एवं रैन बो पुस्तक पहुंच चुकी हैं। जिन्हे मुख्यालय में डम्प करने के बाद ब्लाक मुख्यालयों में भेजा जा रहा है।

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फतेहपुर : बेसिक स्कूलों में निःशुल्क किताबों की आ गई खेप, स्कूल खुलते ही बच्चों को किताब देने की तैयारी।


फतेहपुर : बेसिक स्कूलों में निःशुल्क किताबों की आ गई खेप, स्कूल खुलते ही बच्चों को किताब देने की तैयारी।


फतेहपुर : स्कूलों में चल रही तालाबंदी के बावजूद तैयारियों में जुटे शासन की कवायद दिखाई दे रही है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि स्कूल खुलने के पहले दिन ही सभी बच्चों के हाथ में किताबें हो ऐसी तैयारी की जा रही है। शासन द्वारा नियुक्त प्रकाशकों के यहां छपी किताबों की दूसरी खेप बीएसए कार्यालय को मिल गई। सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा 1 से 8 तक के छात्र छात्राओं को निश्शुल्क किताबों का वितरण बीते सालों से किया जाता रहा है। जिले में पौने तीन लाख किताबों का वितरण छात्र-छात्राओं में किया जाना है।



पहली खेप में जिले को 1 लाख 33 हजार किताबों की खेप मिल चुकी है। प्रकाशित के यहां से भेजी गई खेप को खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय राकेश सचान ने रिसीव करते हुए भंडारगृह में सुरक्षित रखवाया। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दूसरी खेप में सवा लाख किताबों खेप मिली है। स्कूल खुलने के पहले सभी किताबें मिल जाएंगी। जिनका वितरण स्कूल खुलने के प्रथम दिन से ही शुरू हो जाएगा।


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