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Saturday, July 22, 2023

आई फ्लू से स्कूली बच्चे हुए बेहाल, स्कूल से घर तक कोहराम, हालात देख इस जनपद के सीएमओ ने बीएसए को पत्र लिखकर दी यह सलाह

आई फ्लू से स्कूली बच्चे हुए बेहाल,  स्कूल से घर तक कोहराम, हालात देख इस जनपद के सीएमओ ने बीएसए को पत्र लिखकर दी यह सलाह


फतेहपुर । आई फ्लू बड़ी संख्या में बच्चों को चपेट में ले रह है। आंख लाल होने के साथ दर्द से बेहाल बच्चों का स्कूल से घर तक हाल बेहाल है। अस्पतालों में 50 फीसदी मरीज कंजक्टिवाइटिस के पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के बीमारी के चपेट में आने से स्कूलों में छुट्टी दी जा रही है। वहीं सीएमओ ने बीएसए को पत्र लिख कंजक्टिवाइटिस की चपेट में आए बच्चों को छुट्टी दिए जाने की बात कही है।


खजुहा ब्लाक के सेलावन सेकेंड प्राथमिक विद्यालय में करीब एक सैकड़ा छात्र-छात्राओं की आंख में जलन और लालपन की शिकायत है। कई बच्चे बुखार पेट दर्द से भी परेशान थे। विद्यालय प्रधानाध्यापक रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि बीमार बच्चों को घर भेजा गया है। 


उधर, सीएचसी के नेत्र चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों कि कतार लगी रही हैं। नेत्र चिकित्सक पुरवा पाल ने बताया कि कई विद्यालयों से बच्चे संक्रमण से पीड़ित है। उधर, हसवा कस्बा सहित क्षेत्र के इंटर कॉलेज प्राथमिक, जूनियर विद्यालय के बच्चों में आई फ्लू तेजी से पैर पसार रहा है। बच्चों के साथ अभिभावक और विद्यालय स्टाफ भी बीमारी की चपेट में आ रहे है।


 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आई फ्लू के मरीजों की संख्या अधिक है। सीएचसी हथगाम के अधिकांश गांव में वायरल इन्फेक्शन, आंख का रोग तेजी से पैर पसार रहा है। पैगंबरपुर रिकौहा, हरि का पुरवा बसंतपुर गोपालपुर तेलहाई में स्वास्थ विभाग की टीम ने पहुंचकर मरीजों का इलाज किया। नगर के तेहीपारा आंख के रोग से पीड़ित है। सूचना पर सीएचसी टीम पहुंचकर रोगियों का इलाज ककिया । प्राथमिक विद्यालय पड़री में प्रियांशु, सोनी देवी, सोमवती, अंजली, भावना, अंजली सहित बच्चे चपेट में हैं।


आई फ्लू की चपेट आए बच्चों को दे छुट्टीः आई फ्लू की चपेट में आ रहे बच्चों और तेजी से बढ़ रहे रोगियों की संख्या को लेकर सीएमओ ने बीएसए को पत्र लिखा है। रोग एक दूसरे के संपर्क में आने से बढ़ रहा है। ऐसे में बीमारी के चपेट में आने वाले बच्चों को स्कूल आने से रोका जाए।


यूपी के अन्य ज़िलों से भी आई फ्लू के फैलने की खबरें आ रही हैं, विद्यालयों में संक्रमण में सतर्कता नहीं बरते जाने के चलते विद्यालयों में यह रोग फैल रहा है।

Saturday, October 1, 2022

फतेहपुर : 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह आयोजित करने संबंधी निर्देश / आदेश जारी

फतेहपुर : 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह आयोजित करने संबंधी निर्देश / आदेश जारी


Sunday, June 5, 2022

अनधिकृत रूप से निलंबन और वेतन न देने पर तत्कालीन फतेहपुर BSA पर कार्रवाई का हाईकोर्ट का निर्देश, ठोका 50 हजार का हर्जाना

अनधिकृत रूप से निलंबन और वेतन न देने पर तत्कालीन फतेहपुर BSA पर कार्रवाई का हाईकोर्ट का निर्देश,  ठोका 50 हजार का हर्जाना


 
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षिका को अनधिकृत रूप से निलंबित करने और निलंबन काल का वेतन न देने के मामले में फतेहपुर के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी आरके पंडित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की छूट दी है। कोर्ट ने 50 हजार का हर्जाना भी लगाया है। कोर्ट ने शिक्षिका को छह सप्ताह के भीतर नलंबन अवधि के वेतन व भत्ते का भुगतान सात प्रतिशत ब्याज की दर के साथ करने का निर्देश भी दिया है।


यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने रचना सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय नराचा में वित्त पोषित प्राथमिक विद्यालय में 2006 में हुई थी। याची का कहना था कि उसने छह अक्तूबर 2007 से पांच मार्च 2008 तक बिना वेतन अवकाश की मांग की थी। उसका यह अवकाश स्वीकृत कर दिया गया। 


अवकाश पर रहने के दौरान पांच मार्च 2008 को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अनधिकृत रूप से सेवा से अनुपस्थित रहने के आरोप में निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई। बाद में 20 जनवरी 2010 को तीन वर्ष तक सेवा से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया।


✍️ देखें कोर्ट आर्डर 

Monday, May 30, 2022

फतेहपुर : स्मार्ट क्लास के लिए स्कूलों के चयन पर खड़े हुए सवाल!

फतेहपुर : स्मार्ट क्लास के लिए स्कूलों के चयन पर खड़े हुए सवाल!

फतेहपुर :  जिले के 220 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधाओं की अवस्थापना के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने टेण्डर आमंत्रित कर दिए। स्कूलों की सूची सामने आते ही अनेक स्कूलों के चयन पर सवाल खड़े हो गए। चयनित स्कूलों में शिक्षक नेता और उनके चहेतों की भरमार हैं।


आरईएस ने ई टेण्डरिंग के माध्यम से पंजीकृत निविदाताओं से निविदा मांगी है। चयनित किए गए 220 विद्यालयों में प्रति विद्यालय पचास हजार रूपए की लागत से स्मार्ट क्लास की सुविधाओं की अवस्थापना का कार्य होना है। माना जा रहा था कि बेसिक शिक्षा विभाग निष्पक्ष तरीके से अपने उन स्कूलों को चयनित करेगा जिनका पिछले कई सत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन रहा है। छात्र नामांकन से लेकर जनप्रतिनिधियों एवं अफसरों के निरीक्षण में अव्वल रहने वाले एवं बेहतर सामाजिक छवि वाले विद्यालयों का चयन किया जाएगा लेकिन सूत्र बताते हैं कि सूची पूरी तरह से ‘ईमानदार एवं निष्पक्ष’ नहीं है। सबसे अधिक सवाल ऐरायां ब्लॉक को लेकर है।

इस ब्लॉक के तमाम बेहतर छवि वाले स्कूलों को छोड़ दिया गया है। कई स्कूल ऐसे भी हैं जो अब तक किसी स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए नहीं जाने गए हैं। बताया जा रहा है कि चयनित स्कूलों में से कई का सम्बन्ध शिक्षक संघ के पदाधिकारियों एवं उनसे जुड़े लोगों से भी है।

इन स्कूलों का चयन करीब डेढ़ वर्ष पूर्व किया गया था। इनके लिए कुछ मानक बनाए गए थे। इन्हीं मानकों के आधार पर स्कूलों का चयन हुआ था।

-संजय कुशवाहा, बीएसए

स्मार्ट क्लास के लिए स्कूलों का चयन एक साल पहले हुआ था, उस वक्त तय गाइड के मुताबिक स्कूल चिंहित किए गए होंगे। जल्द ही अन्य विद्यालयों को स्मार्ट क्लास के लिए चिंहित किया जाना है, जिसमें पूरी पारिदर्शिता बरती जाएगी।

- अपूर्वा दुबे, जिलाधिकारी

फतेहपुर : हेडमास्टरों और इंचार्ज का वेतन बहाल, मई माह का वेतन जारी करने का हुआ आदेश

फतेहपुर : हेडमास्टरों और इंचार्ज का वेतन बहाल, मई माह का वेतन जारी करने का हुआ आदेश 

फतेहपुर : बीएसए ने गत दो मई को नामांकन लक्ष्य पूरा न करने वाले जिले के सैकड़ों परिषदीय स्कूलों के हेडमास्टर एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों के अवरुद्ध वेतन को सशर्त बहाल कर दिया है। बीएसए ने अगली डेडलाइन 20 जून मुकर्रर की है। यदि इस तिथि तक नामांकन लक्ष्य पूरा नहीं किया जाता है तो जून माह का वेतन रोक दिया जाएगा।


बीते अप्रैल में स्कूल चलो अभियान के दौरान पिछले सत्र के मुकाबले नामांकन करने में विफल रहने वाले सभी 13 ब्लॉकों एवं नगर क्षेत्र के सैकड़ों हेड व इंचार्ज हेड का वेतन बीएसए ने अवरूद्ध कर दिया था। ब्लॉक की नामांकन समीक्षा के दौरान बीएसए ने जिन विद्यालयों में 30 सितंबर 2021 की तुलना में नामांकन कम पाया गया, उन विद्यालयों के हेडमास्टरों व इंचार्ज का वेतन रोका गया था। 30 अप्रैल को बीईओ द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा के बाद निकले आंकड़ों को आधार बनाकर बीएसए संजय कुशवाहा ने यह कार्रवाई की थी।


एक की कमी पर भी रुका हुआ था वेतन

ब्लॉकों की समीक्षा के दौरान बीएसए ने उन हेड व इंचार्ज का भी वेतन रोक दिया है जिनके नामांकन में पिछले सत्र के मुकाबले एक, दो, तीन या चार बच्चों की कमी थी।

तो पूरे स्टाफ का रुकेगा वेतन

यदि आगामी बीस जून तक नामांकन लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा विद्यालयों के सभी शिक्षकों का वेतन अवरूद्ध कर दिया जाएगा। शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने वेतन बहाली को लेकर बीएसए से मुलाकात की थी।

Friday, May 27, 2022

रिश्वतकांड के बाद जागा फतेहपुर का बेसिक शिक्षा और लेखा विभाग, ताबड़तोड़ आदेश जारी कर मांगी लंबित देयकों की सूचना

रिश्वतकांड के बाद जागा फतेहपुर का बेसिक शिक्षा और लेखा विभाग, ताबड़तोड़ आदेश जारी कर मांगी लंबित देयकों की सूचना 



फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी ने लंबित देयकों पर कड़ा रुख अख्तियार कर लंबित देयकों की सूचना मांगी है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए इस बात का प्रमाण पत्र मांगा है कि इस साल दिनांक 26 मई तक का बीआरसी स्तर पर कोई भी देयक लंबित नहीं है।


बीते दिनों खंड शिक्षा अधिकारी हथगाम के बिल बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचे जाने के बाद जागे बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबित देयकों के भुगतान के लिए कमर कस ली है। वित्त एवं लेखाधिकारी ने गुरूवार को जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि ब्लॉकों में परिषदीय शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के दिनांक 26 मई तक लंबित समस्त प्रकार के अवशेष देयकों जैसे नियुक्ति वेतन अवशेष, चिकित्सा अवकाश देय का परीक्षण कर सुसंगत अभिलेखों सहित 6 जून तक अनिवार्य रूप से लेखा कार्यालय में उपलब्ध करा दिया जाए।


बीईओ को देना होगा प्रमाण पत्र

वित्त एवं लेखाधिकारी ने सभी बीईओ को निर्देश भी दिए कि सभी बीईओ इस आशय का प्रमाण पत्र भी दें कि उनके कार्यालय में दिनांक 26 मई के पूर्व का कोई भी देयक शेष नहीं है। लेखाधिकारी ने यह भी कहा है कि देयक प्रस्तुत न करने या बिलंब से देने पर इसे शासकीय एवं वित्तीय कार्यों में लापरवाही मानते हुए विभागीय कार्यवाही हेतु उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

Tuesday, May 24, 2022

फतेहपुर : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया बेसिक शिक्षा विभाग का बाबू, एरियर भुगतान के नाम पर शिक्षक से वसूली का प्रयास पड़ा भारी

फतेहपुर : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया बेसिक शिक्षा विभाग का बाबू, एरियर भुगतान के नाम पर शिक्षक से वसूली का प्रयास पड़ा भारी


यूपी के फतेहपुर जिले में आज एंटी करप्शन कानपुर की टीम ने आज शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक को रंगे हाथ पैसा लेते हुए धर दबोचा है। एंटी करप्शन टीम की इस कार्यवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। टीम ने वरिष्ठ लिपिक को गिरफ्तार कर थाने ले गई जहाँ आरोपी लिपिक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्यवाई में जुट गई है 

बीच में आरोपित लिपिक जितेंद्र 


फतेहपुर जिले में जिला पंचायत कार्यालय स्थित डीआई ऑफिस पहुंचकर एंटी करप्शन टीम ने छापेमारी कर ऑफिस में तैनात वरिष्ठ लिपिक को 12 हजार का रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोच लिया और एंटी करप्शन टीम की इस कार्यवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। टीम ने वरिष्ठ लिपिक को गिरफ्तार कर थाने ले गई जहाँ आरोपी लिपिक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्यवाई में जुट गई है। 


आपको बताते चलें कि जिले के हथगाम ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में तैनात टीचर देवेंद्र सिंह अपने एरियर का 2 लाख 68 हजार रुपए निकलवाने के लिए काफी दिनों से ऑफिस का चक्कर काट रहा था लेकिन रिश्वत की मांग पूरी न होने के कारण उसका पैसा बाबू द्वारा पास नहीं किया जा रहा था। जिसके बाद उसने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और अपनी पूरी बात अधिकारीयों से बताई , जिसके बाद टीम के निर्देश पर टीचर ने पूरी भूमिका रची और टीम के साथ डीआई ऑफिस पहुंचा और वरिष्ठ लिपिक द्वारा मांगी गई 14 हजार की रिश्वत की जगह उसने 12 हजार की रिश्वत उसके हाथ में पकड़ा दी। 


जिसके बाद मौके पर मौजूद एंटी करप्शन की टीम ने वरिष्ठ लिपिक जितेंद्र श्रीवास्तव को मौके पर रंगे हाथ धर दबोचा और अपने साथ थाने ले जाकर पूछताछ करते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्यवाई में जुट गई है।


फतेहपुर।  एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को डीआई कार्यालय के दफ्तर में छापा मारा। यहां तैनात लिपिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। वह खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय में हथगाम और हसवा ब्लाक का कार्यभार देखता है। पटल प्रभारी लिपिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ हथगाम ब्लाक के शिक्षक ने भ्रष्टाचार निवारण विभाग में शिकायत की थी। वह एरियर भुगतान के एवज में रिश्वत मांग रहा था।


इस पर योजना के तहत शिक्षक को टीम ने रुपये देकर खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय दफ्तर में भेजा। लिपिक ने जैसे ही रिश्वत के रुपये पकड़े तो पीछे से आई टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद टीम उसे लेकर कोतवाली चली गई। हथगाम ब्लाक के शिक्षक देवेन्द्र को एरियर भुगतान में वह परेशान कर रहा था। लिपिक पर कार्रवाई के लिए पुलिस के पास ले जाया गया है, जहां मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

Monday, May 9, 2022

फतेहपुर : अफसरों ने गोद ले लिए 53 विद्यालय, बनेंगे मॉडल स्कूल, डीएम ने चयनित विद्यालयों व अफसरों की सूची की जारी,अवस्थापना व सुविधाओं पर जोर

फतेहपुर : अफसरों ने गोद ले लिए 53 विद्यालय,बनेंगे मॉडल स्कूल, डीएम ने चयनित विद्यालयों व अफसरों की सूची की जारी,अवस्थापना व सुविधाओं पर जोर
 
फतेहपुर : डीएम अपूर्वा दुबे ने जिले के 53 परिषदीय स्कूलों को गोद लेने के आदेश दिए हैं। चयनित विद्यालयों एवं अफसरों की सूची जारी करते हुए उन्होंने शासन की मंशा के मुताबिक इन विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं एवं गुणवत्तायुक्त पठन पाठन सुनिश्चित किया जाए। इन विद्यालयों को माडल स्कूलों के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं।


डीएम ने जिले के सभी 13 ब्लॉकों व नगर क्षेत्र के 53 स्कूलों को चयनित करते हुए अफसरों को इन्हें माडल विद्यालय के रूप में विकसित करने को कहा है। अफसर अपने गोद लिए हुए विद्यालयों का नियमित अंतराल पर पर्यवेक्षण करेंगे एवं दूसरे विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए उनकी कमियों को दूर कराएंगे। डीएम ने अफसरों को इस कार्य में व्यक्तिगत रूचि लेने की भी अपील की है। जिन अधिकारियों ने स्कूलों को गोद लिया है उनमें सीडीओ, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, मुख्य कोषाधिकारी, डीपीआरओ, जिला आबकारी अधिकारी, पीडी आरईएस, डीआईओएस, बीएसए, डीएसओ व उपायुक्त मनरेगा समेत जिले के अधिकांश अफसर शामिल हैं।

इन विद्यालयों को लिया गया गोद:

ऐरायां में कम्पोजिट नकसारा, प्रावि ऐलई द्वितीय, रोशनपुर टेकारी। धाता में कम्पोजिट टेकारी। हथगाम में प्रावि कासिमपुर द्वितीय। विजयीपुर में प्रावि गुरगौला प्रथम को गोद लिया गया। इसके अलावा तेलियानी में कम्पोजिट कसेरूवा, कम्पोजिट बिलन्दा, प्रावि त्रिलोकीपुर, कम्पोजिट बकन्धा, उप्रावि सहिली, कम्पोजिट सलेमाबाद, उप्रावि अलादातपुर, प्रावि हसनपुर सानी, कम्पोजिट अल्लीपुर हैं।

भिटौरा में कम्पोजिट तालिबपुर, कम्पोजिट ढकौली, कम्पोजिट सैदनापुर, प्रावि हुसैनगंज द्वितीय, कम्पोजिट आलमपुर नरही, प्रावि बसोहनी प्रथम को शामिल किया गया।

बहुआ में प्रावि सुजानपुर, प्रावि जैतपुर, कम्पोजिट शाहपुर प्रथम, प्रावि खटौली, कम्पोजिट शाह द्वितीय, उप्रावि सुकेती, कम्पोजिट फुलवामऊ, प्रावि लक्ष्मणपुर, कम्पोजिट सोनबरसा, प्रावि सुल्तानपुर, कम्पोजिट गाजीपुर का नाम शमिल है। इसके अलावा हसवा में उप्रावि बड़नपुर, कम्पोजिट हसवा, प्रावि सीतापुर, उप्रावि थरियांव, प्रावि मुसैदापुर, प्रावि थरियांव प्रथम, प्रावि फैजुल्लापुर हैं। जुहा में प्रावि दौलतियापुर, कम्पोजिट सरकंडी, कम्पोजिट काजीखेड़ा, अमौली में कम्पोजिट भिखनीपुर, असोथर में उप्रावि प्रेममऊ कटरा, प्रावि सराय खालिस, देवमई में उप्रावि डारी खुर्द,मलवां में कम्पोजिट सौंरा, उप्रावि मलवां प्रथम, प्रावि शिवराजपुर द्वितीय जबकि नगर फतेहपुर में प्रावि नारायणपुर, कम्पोजिट मसवानी, कम्पोजिट चौकधियापुर, कम्पोजिट उधन्नापुर शामिल हैं।

अवस्थापना सुविधाओं पर रहेगा जोर

आपरेशन कायाकल्प के दौरान भले ही जिले के सैकड़ों स्कूलों की तस्वीर बदली हो लेकिन अभी भी ऐसी तमाम सुविधाएं हैं जो अनेक स्कूलों में नहीं हैं। सबसे बड़ी समस्या फर्नीचर की अनुपलब्धता है जिस कारण बच्चे जमीन में बैठकर पढ़ाई करते हैं। बिजली, पेयजल व दूसरे संसाधन भी कई स्कूलों में खस्ताहाल हैं। लोगों ने कहा है कि अफसरों को वह विद्यालय गोद लेने चाहिए जहां अवस्थापना सुविधाओं पर न के बराबर काम हुआ हो।

Friday, May 6, 2022

फतेहपुर : स्वमूल्यांकन के आधार पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 हेतु 5 स्टार और 4 स्टार श्रेणी में 446 विद्यालयों का होगा सत्यापन

स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए होगा स्कूलों का सत्यापन
 

एक नजर में आवेदन और स्टार पर

● आवेदन वाले स्कूल 1076
● फाइव स्टार वाले 21
● फोर स्टार वाले 425
● थ्री स्टार वाले 630

फतेहपुर : स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए जनपद स्तरीय समिति ने उन 446 परिषदीय विद्यालयों का सत्यापन एवं मूल्यांकन कराने का फैसला किया है, जिन्हें पांच एवं चार स्टार मिले हैं। सत्यापन के दौरान विद्यालयों द्वारा आवेदन के दौरान उपलब्ध कराई गई सूचनाओं, फोटोग्राफ्स एवं वस्तुस्थिति को परखा जाएगा। सत्यापन के उपरांत वस्तुस्थिति की रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस सम्बन्ध में दो दिन पूर्व डायट सभागार में एक बैठक भी बुलाई गई थी।

बीते सत्र में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए स्कूलों से आवेदन मांगे गए थे। स्वमूल्यांकन के आधार पर जिले के 1076 हेड मास्टरों व प्रभारी हेडमास्टरों ने स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए आवेदन किए थे। स्वमूल्यांकन के आधार पर किए गए आवेदन के फलस्वरूप स्कूलों को रेटिंग दी गई है।

अब स्कूलों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं का मूल्यांकन व सत्यापन किया जाना है। इसके लिए जनपदीय समिति ने बैठक के बाद एआरपी, एसआरजी, डायट प्रवक्ताओं तथा मेंटरों के जरिए सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। सत्यापन व मूल्यांकन के नियमों को बताने के लिए डायट सभागार में बुलाई गई बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

समिति ने साफ तौर पर कहा है कि आने वाली 13 मई तक सत्यापन कार्य समाप्त कर लिया जाए। इसके बाद रिपोर्ट आगे भेजी जाएगी। इसके साथ ही साथ सर्वश्रेष्ठ विद्यालय को पुरस्कार से भी नवाजा जलाएगा। ताकि उनका उत्साह भी बढ़े।



फतेहपुर : स्वमूल्यांकन के आधार पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 हेतु 5 स्टार और 4 स्टार श्रेणी में 446 विद्यालयों का होगा सत्यापन

13 मई तक ARP, SRG और डायट प्रवक्ता मेंटर के जरिए होगा सत्यापन, देखें विद्यालय की सूची और सत्यापन कर्ता का नाम


स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22" हेतु जनपद फतेहपुर के कुल 1076 विद्यालयों द्वारा स्वमूल्यांकन के आधार पर आनलाइन आवदेन किया गया है। जिसके सापेक्ष 21 विद्यालय 5 स्टार श्रेणी में, 425 विद्यालय 4 स्टार श्रेणी में तथा 630 विद्यालय 3 स्टार श्रेणी में निर्धारित अंक प्राप्त किये हैं।


 मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय समिति की बैठक दिनांक 05.05.2022 में लिये गये निर्णयानुसार 5 स्टार श्रेणी से आच्छादित 21 विद्यालय तथा 4 स्टार श्रेणी से आच्छादित 425 विद्यालय कुल 446 विद्यालयों का मूल्याकन / सत्यापन ए०आर०पी० एस०आर०जी० तथा डायट के प्रवक्ता मेंटर से कराया जाना है।


तत्क्रम में संलग्न विवरणानुसार सम्बन्धित ए०आर०पी० एस०आर०जी० तथा डायट के प्रवक्ता / मेंटर की ड्यूटी उनके नाम के सम्मुख आवंटित विद्यालय का सत्यापन / मूल्यांकन किये जाने हेतु लगायी जाती है। तथा निर्देशित किया जाता है कि दिनांक 13.05.2022 तक अपने-अपने आवंटित विद्यालय का सत्यापन / मूल्याकन करना सुनिश्चित करें। 


सत्यापन / मूल्यांकन किये जाने की प्रक्रिया से सम्बन्धित एक कार्यशाला दिनांक 07.05.2022 को अपरान्ह 12 बजे से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में आहूत की गयी है। जिसमें ससमय प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें।



कैसे संभव 20 फीसदी नांमाकन? जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर ही करीब डेढ़ फीसदी तो एक साल में कहां से बढ़ेंगे बीस फीसदी बच्चे।

कैसे संभव 20 फीसदी नांमाकन? जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर ही करीब डेढ़ फीसदी तो एक साल में कहां से बढ़ेंगे बीस फीसदी बच्चे। 



फतेहपुर : इन दिनों दोआबा के परिषदीय शिक्षकों के सामने अजीब स्थिति पैदा हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने हेडमास्टरों व शिक्षकों से कहा है कि नवीन शैक्षिक सत्र में गत सत्र के मुकाबले बीस फीसदी की वृद्धि होनी चाहिए। इतना बड़ा लक्ष्य देख भीषण तपिश में शिक्षकों के शरीर से पसीना निकलने की दर में जरूर इजाफा हो गया है।


एक साल में कहां से बढ़ेंगे बीस फीसदी बच्चे: नाम न छापने की शर्त पर शिक्षक कहते हैं कि जब जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर ही करीब डेढ़ फीसदी के आसपास है तो हम नामांकन में सिर्फ एक साल में बीस फीसदी का इजाफा कैसे कर सकते हैं। वह बीस फीसदी नामांकन किस तरह बढ़ाएंगे, यह बड़ा सवाल है।


पहले कक्षा पांच व आठ की हो भरपाई: शिक्षक कहते हैं कि मान लीजिए किसी छोटे गांव में स्थित विद्यालय में गत सत्र में कक्षा पांच उत्तीर्ण कर 30 बच्चे निकल गए तो इन 30 बच्चों की तो भरपाई हो, फिर हम बीस फीसदी इजाफे के बारे में सोचेंगे। छोटे से गांवों में बड़ी संख्या में उत्तीर्ण बच्चों की भरपाई ही लक्ष्य साबित हो रही है।


न्यूनतम वृद्धि दर वाले जिलों में था फतेहपुर

2011 की जनगणना में यह जिला न्यूनतम दशकीय वृद्धि करने वाले टाप फाइव जिलों में शुमार था। इसकी दशकीय वृद्धि दर 14.05 प्रतिशत दर्ज की गई थी। 20 नामांकन बढ़ोत्तरी पर सवाल हो रहे हैं।


प्रत्येक ग्राम पंचायतों में अभी कई बच्चे हैं जो स्कूल से दूर हैं। शिक्षकों से पिछले सत्र में गए बच्चों की भरपाई का ही लक्ष्य दिया गया है। पिछले सत्र में करीब 40 हजार बच्चे आगे की पढ़ाई के लिए निकले हैं। -संजय कुशवाहा, बीएसए

Tuesday, May 3, 2022

फतेहपुर : 457 प्रधानाध्यापकों प्रभारियों का रोका गया वेतन, सभी 13 ब्लाकों की समीक्षा में मिला कम नामांकन, पिछले सत्र के मुकाबले कम नामांकन वाले स्कूल जद में

फतेहपुर : 457 प्रधानाध्यापकों प्रभारियों का रोका गया वेतन, सभी 13 ब्लाकों की समीक्षा में मिला कम नामांकन, पिछले सत्र के मुकाबले कम नामांकन वाले स्कूल जद में, किताबें नहीं आईं किसका रोकेंगे वेतन, शिक्षक व जागरूक अभिभावक उठा रहे सवाल

फतेहपुर :  बीते अप्रैल में स्कूल चलो अभियान के दौरान पिछले सत्र के मुकाबले नामांकन करने में विफल रहने वाले जिले के सभी ब्लाकों में करीब 457 हेड व इंचार्ज हेड का वेतन बीएसए ने अवरूद्ध कर दिया है। ब्लॉक की नामांकन समीक्षा के दौरान बीएसए ने जिन विद्यालयों में 30 सितंबर 2021 की तुलना में नामांकन कम पाया, उन विद्यालयों के हेडमास्टरों व इंचार्ज का वेतन रोक दिया।


स्कूल चलो अभियान के दौरान प्रत्येक जिले, ब्लॉक व स्कूल को नामांकन लक्ष्य दिया गया है। अप्रैल माह में इस लक्ष्य को पूरा करना था। 30 अप्रैल को बीईओ द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान बीएसए संजय कुशवाहा ने यह कार्रवाई की। देवमई के 37, हसवा में 77 समेत अन्य सभी ब्लाकों के 457 प्रधानाध्यापक व प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। नामांकन प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर बीएसए का यह रूख देख दूसरे ब्लॉकों के शिक्षकों व अधिकारियों में बेचैनी का आलम है।

अप्रैल में ही नामांकन पर जोर क्यों: उधर शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीते सालों में सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है।

इस बार विभाग अप्रैल में ही मनमाना नामांकन लक्ष्य देकर शिक्षकों के शोषण पर आमादा है। वे तर्क देते हैं कि क्या मई, जुलाई, अगस्त व सितंबर में प्रवेश नहीं होने हैं। अप्रैल में महुआ बिनाई व गेहूं कटाई जैसे कार्यों में व्यस्त रहने के कारण तमाम अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए। हाउस होल्ड सर्वे के दौरान मिले बच्चों के प्रवेश के लिए अभिभावकों को ही सूचनाएं देनी पड़ती हैं।

एक की कमी पर भी रोक दिया वेतन: देवमई ब्लॉक की समीक्षा के दौरान बीएसए ने उन हेड व इंचार्ज का भी वेतन रोक दिया है जिनके नामांकन में पिछले सत्र के मुकाबले एक, दो, तीन या चार बच्चों की कमी थी। बीएसए के इस रूख से शिक्षकों में रोष है।

तो पूरे स्टाफ का रूकेगा वेतन:

बीएसए ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच मई तक नामांकन की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाती तो इन विद्यालयों के सभी शिक्षकों का वेतन अवरूद्ध कर दिया जाएगा। उधर शिक्षकों का यह भी कहना है कि प्रेरणा पोर्टल व डीबीटी ऐप में पंजीकरण के समय तमाम तकनीकी खामियां आ रही हैं। शिक्षक इनसे जूझ रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

किताबें नहीं आईं किसका रोकेंगे वेतन

शिक्षक व जागरूक अभिभावक सवाल उठा रहे हैं कि नए सत्र को एक माह बीत गया लेकिन अब तक स्कूलों में किताबें नहीं आई हैं। इस भारी कमी पर विभाग किसका वेतन रोकेगा, किस पर कार्रवाई होगी।

गत वर्ष से बीस फीसदी अधिक का नामांकन कराने का लक्ष्य दिया गया था, बड़ी संख्या में विद्यालयों ने लक्ष्य को पूरा कर लिया हैं, लेकिन 457 से अधिक विद्यालयों में गतवर्ष के सापेक्ष भी नामांकन नहीं किया गया है। इन सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारियों का वेतन रोकते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संजय कुशवाहा, बीएसए

Tuesday, April 12, 2022

फतेहपुर : अभिभावकों की जेब में डाका डाल रहे आमान्य स्कूल

फतेहपुर : अभिभावकों की जेब में डाका डाल रहे आमान्य स्कूल

फतेहपुर :  नए शिक्षासत्र की शुरुआत से पहले ही कस्बे की गली-गली बिना मान्यता के स्कूल खुलने लगे हैं। चौराहों पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग टांग दी गई हैं, तो कई स्कूल ई-रिक्शा से प्रचार कर दाखिले के लिए अभिभावकों को ऑफर दे रहे हैं। खासकर ग्रामीणांचलों में स्कूल संचालकों में प्रचार-प्रसार करने की होड़ लगी हुई है।


अप्रैल से नए शिक्षासत्र की शुरुआत होने के पहले ही अवैध स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है। कस्बा हो या गांव हर जगह चौराहों पर अवैध स्कूलों के बड़े-बड़े होर्डिंग टंगे नजर आ रहे हैं। इन अवैध स्कूलों में धड़ल्ले से अभिभावकों को गुमराह करके फर्जी पंजीकरण नंबर भी दिखा रहे हैं। स्कूल संचालकों ने इस प्रकार जाल फैला रखा है कि अधिकारी और अभिभावक कोई भी उनके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है।

शिक्षा को बना दिया गया व्यवसाय: अधिकांश स्कूलों में बच्चों की ड्रेस और कापी-किताब का भी ठेका ले लिया है, जबकि कुछ स्कूल कमीशन सेट होने वाली दुकानों पर भेजने का कार्य करते हैं और अभिभावक उसी दुकान से किताब और कॉपी लेने को मजबूर हो जाते हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि अब ग्रामीण इलाकों में हिंदी मीडियम स्कूल नहीं खुल रहे हैं।


प्ले स्कूल के लिए यह हैं नियम

● स्कूल पूरी तरह से स्वच्छ होने चाहिए।

● स्कूलों में बच्चों के खेलने के लिए प्ले ग्राउंड होना चाहिए।

● स्कूल में सीसीटीवी कैमरे जरूर लगे होने चाहिए।

● छात्र और छात्राओं के लिए अलग से शौचालयों की व्यवस्था होनी चाहिए।

● 20 बच्चों पर एक अध्यापक व एक केयर टेकर की व्यवस्था होनी चाहिए।

● सेफ्टी के लिए भी गाइड लाइन

● फायर सेफ्टी की व्यवस्था होनी चाहिए।

● प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए।

● स्कूलों में बच्चों को छोड़ने व ले जाने का पूरा रिकॉर्ड व बच्चों का पूरा रिकॉर्ड दुरुस्त होना चाहिए।


किसी भी हालत में आमान्य विद्यालय संचालित नहीं हो सकते हैं। सभी को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों से जांच कराई जाएगी। पकड़ में आने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है। 
-संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए


Friday, April 1, 2022

फतेहपुर : दोआबा के 72 शिक्षक और शिक्षिकाएं हो गए सेवानिवृत्त

फतेहपुर : दोआबा के 72 शिक्षक और शिक्षिकाएं हो गए सेवानिवृत्त

फतेहपुर : दोआबा के 92 शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत शिक्षणेत्तर कर्मचारी 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए। उनकी पेंशन और जीपीएफ की पत्रावलियां संस्तुति कर भेज दी गईं हैं। बेसिक की कुछ फाइलों में आपत्ति मिलने पर ब्लाक मुख्यालयों को वापस भेजी गई हैं। शिक्षक संगठन सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय देयक दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।


परिषदीय स्कूलों के कुल 49 शिक्षकों समेत शिक्षणेत्तर कर्मी सेवानिवृत्त हुए हैं। वित्त एवं लेखाधिकारी विनय प्रजापति ने बताया कि पत्रावलियों को संस्तुति के साथ प्रयागराज भेजा जा चुका है। 7फाइलों में आपत्तियां मिलने के कारण मलवां, देवमई, असोथर एवं ऐरायां ब्लाक को वापस किया गया है। शेष फाइलों को पूर्ण कर संस्तुति दे दी गई है। जिनमें 39 की पेंशन भी लगभग बन गई है।

म्ाध्यमिक के 23 शिक्षक हुए सेवानिवृत्त माध्यमिक शिक्षा विभाग के भी 23 शिक्षक शिक्षिकाएं सेवानिवृत्त हो गए।

डीआईओएस महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि छह प्रधानाध्यापक, दो प्रवक्ता, 10 सहायक शिक्षक एवं पांच शिक्षणेत्तर कर्मी शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला ने बताया कि सेवा से निवृत्त हुए लोगों के देयक की फाइल संस्तुति संगविभाग द्वारा भेजी जा रही चुकी हैं।

चार एनपीएस तो 68 को पुरानी पेंशन

बेसिक एवं माध्यमिक विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों में चार को एनपीएस का लाभ मिलेगा। शेष 68 को पुरानी पेंशन यानि जीपीएस का लाभ मिलेगा। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग में तीन एनपीएस के 46 जीपीएस के शामिल हैं। इसी तरह से माध्यमिक शिक्षा विभाग में एक एनपीएस एवं 22 जीपीएस के लाभार्थी हैं।

Wednesday, March 30, 2022

फतेहपुर : वार्षिक परीक्षाएं होने के बाद अब हो रहा है कापियों का मूल्यांकन, कल कैसे बंटेगा रिजल्ट नहीं मिले मुद्रित कार्ड।

फतेहपुर : वार्षिक परीक्षाएं होने के बाद अब हो रहा है कापियों का मूल्यांकन, कल कैसे बंटेगा रिजल्ट नहीं मिले मुद्रित कार्ड।


● 31 मार्च को बच्चों को बांटा जाना है रिजल्ट
● 29 मार्च तक स्कूलों में नहीं पहुंचे थे मुद्रित कार्ड


फतेहपुर :  परिषदीय स्कूलों के बच्चों को कल प्रगति रिपोर्ट का वितरण होना है लेकिन बिडंबना यह है कि अब तक मुद्रित रिजल्ट कार्ड ही स्कूलों तक नहीं पहुंचे हैं। इस स्थिति में शिक्षक कब और कैसे रिजल्ट तैयार कर बच्चों को वितरित करेंगे, यह लाख टके का सवाल है। इन दिनों बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के अलावा बीआरसी पर एक के बाद एक हो रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी स्कूली व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।


बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा तय की गई तिथि पर बच्चों को रिजल्ट कार्ड मिलना संभव नजर नहीं आ रहा है। 29 मार्च तक स्कूलों में मुद्रित रिजल्ट कार्ड न पहुंचने के कारण शिक्षक असमंजस में हैं। कापियों का मूल्यांकन तो कर लिया गया लेकिन रिजल्ट कार्ड कैसे तैयार किए जाएं, इस पर सवाल पूछे जा रहे हैं लेकिन जवाब देने के लिए कोई सामने नहीं आ रहा है। शिक्षकों के बीच लिखित परीक्षा के अलावा अन्य मौखिक परीक्षा के पूर्णांक व महायोग से सम्बन्धित सवाल भी हैं लेकिन इसका जवाब मुद्रित रिजल्ट देखने के बाद ही मिल सकता है। रिजल्ट कार्ड के इंतजार में शिक्षक बैठे हुए हैं।

Wednesday, March 9, 2022

फतेहपुर LIVE : अंततः 118 शिक्षकों के वेतन के एरियर भुगतान का हुआ आदेश, देखें आदेश

फतेहपुर : अंततः 118 शिक्षकों के वेतन के एरियर भुगतान का हुआ आदेश, देखें आदेश


 फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने के बाद पहले वेतन के लिए शिक्षक जूझे थे। वहीं, तीन साल से एरियर भुगतान के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे थे। लंबे समय से की जा रही प्रतीक्षा अंततः खत्म हो गई है।


8 मार्च की तारीख में  68,500 के 104 और 12,460 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 14 शिक्षक, शिक्षिकाओं का अवशेष (एरियर) भुगतान किया गया है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि 118 शिक्षक, शिक्षिकाओं का एरियर भुगतान का आदेश दिया गया है। छह माह के कार्यकाल में 800 के आसपास एरियर भुगतान कराया गया है।


Wednesday, January 5, 2022

फतेहपुर : अवशेष वेतन भुगतान आदेश जारी, देखें सूची

फतेहपुर : अवशेष वेतन भुगतान आदेश जारी, देखें सूची।