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Saturday, January 24, 2026

ARP के चयन में कई जिले पिछड़े, शैक्षिक गुणवत्ता हो रही प्रभावित, देखें चयन में सबसे अच्छे और फिसड्डी जिलों के नाम

ARP के चयन में कई जिले पिछड़े, शैक्षिक गुणवत्ता हो रही प्रभावित, देखें चयन में सबसे अच्छे और फिसड्डी जिलों के नाम 

शिक्षकों को सहयोग और निपुण भारत मिशन को गति देने पर भी असर

लखनऊ, गोंडा, गोरखपुर समेत एक दर्जन से अधिक जिलों में पद खाली


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों को सहयोग और निपुण भारत मिशन को गति देने के उद्देश्य से एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का चयन किया जाता है। यह चयन शिक्षकों के बीच से ही परीक्षा के माध्यम से होता है। हालांकि, इस वर्ष आधा सत्र बीत जाने के बावजूद कई जिलों में एआरपी के पद खाली हैं, जिससे शैक्षिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


लखनऊ, गोंडा, गोरखपुर जैसे एक दर्जन से अधिक जिलों में 40 फीसदी से अधिक एआरपी के पद खाली हैं। इससे विद्यालयों का पर्यवेक्षण और उनमें सुधार के कार्य बाधित हो रहे हैं। एआरपी के माध्यम से प्रेरणा एप से होने वाली निगरानी, शिक्षक-शिक्षण सामग्री के प्रदर्शन, दीक्षा एप का प्रचार-प्रसार और बच्चों को उपचारात्मक शिक्षण देने जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

इसके अतिरिक्त शिक्षकों को शिक्षण विधियों में मदद करना, उनकी समस्याओं का समाधान, लर्निंग गैप को पूरा करना, डिजिटल संसाधनों का प्रचार, अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन समितियों से सुझाव लेना, शैक्षिक वीडियो बनाना, कार्यशालाएं आयोजित करना व प्रशिक्षण देना भी इन रिक्तियों के कारण प्रभावित हो रहा है।


चयन में दस अच्छे जिले
कुछ जिलों ने एआरपी चयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। गौतमबुद्धनगर और कौशांबी में शत-प्रतिशत पद भरे हुए हैं। वहीं, बस्ती (95%), सिद्धार्थनगर (94%), बाराबंकी (93%), गाजियाबाद (92%), रामपुर और वाराणसी (91%), अंबेडकरनगर और फतेहपुर (90-90%) जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में पद भरे गए हैं। बांदा, बागपत, उन्नाव, औरैया और देवरिया में भी एआरपी भ्रमण की स्थिति बेहतर पाई गई है।

चयन में खराब दस जिले
इसके विपरीत, कई जिले चयन में पिछड़ गए हैं। मथुरा में 62 फीसदी, हरदोई में 59 फीसदी, कासगंज में 57 फीसदी, मऊ में 52 फीसदी, गोंडा में 49 फीसदी, मेरठ में 48 फीसदी, बरेली में 45 फीसदी, तथा लखनऊ, गोरखपुर और हमीरपुर में 43 फीसदी एआरपी पद अभी भी खाली हैं। कानपुर, हापुड़ और फर्रुखाबाद में भी एआरपी भ्रमण की स्थिति अपेक्षाकृत खराब मिली है।

अपर मुख्य सचिव ने जताई थी नाराजगी
हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने 10 फरवरी तक एआरपी चयन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों को एआरपी चयन के लिए अधिक से अधिक आवेदन करने हेतु प्रोत्साहित करने और अच्छा प्रदर्शन करने वाले एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर को सम्मानित करने पर भी जोर दिया।

Monday, July 28, 2025

Academic Resource Person (ARP) : देखें एआरपी चयन हेतु निकली विज्ञप्ति

Academic Resource Person (ARP) : देखें एआरपी चयन हेतु में निकली विज्ञप्ति

(सभी जनपदों से निकलने वाली अन्य चरण की ARP भर्ती विज्ञप्तियां इसी पोस्ट में अपडेट की जाएंगी।)


सम्भल

अम्बेडकरनगर 

बाराबंकी 
अयोध्या 


बलरामपुर

महोबा 

औरैया 

अम्बेडकरनगर 

चित्रकूट 

जालौन 

जौनपुर 

गोरखपुर 

फतेहपुर

सीतापुर
प्रयागराज 
लखनऊ 

Thursday, April 10, 2025

नवचयनित प्रत्येक ARP को 10 स्कूलों को बनाना होगा निपुण, प्रत्येक ब्लाक में पांच यानी कुल 4,130 एआरपी के चयन की प्रक्रिया आज कल में होगी पूरी

नवचयनित प्रत्येक ARP को 10 स्कूलों को बनाना होगा निपुण, प्रत्येक ब्लाक में पांच यानी कुल 4,130 एआरपी के चयन की प्रक्रिया आज कल में होगी पूरी  

परिषदीय स्कूलों के श्रेष्ठ शिक्षकों को एआरपी के रूप में किया जा रहा चयनित

हर वर्ष कार्यों के मूल्यांकन के बाद ही बढ़ेगा कार्यकाल


लखनऊ: परिषदीय स्कूलों के श्रेष्ठ शिक्षकों को एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के रूप में चयनित किया जा रहा है। प्रत्येक ब्लाक में पांच-पांच यानी कुल 4,130 एआरपी के चयन की प्रक्रिया गुरुवार तक पूरी होगी। अब बीते तीन वर्षों या उससे अधिक समय से इस पद पर जमे शिक्षकों को हटाकर नए अध्यापकों का अवसर दिया जा रहा है। फिलहाल अब हर वर्ष इनके कार्यों का मूल्यांकन कर ही कार्यकाल को बढ़ाया जाएगा। प्रत्येक एआरपी को 10-10 विद्यालयों को निपुण बनाना होगा।


प्रदेश भर में 31 मार्च को सभी एआरपी का कार्यकाल खत्म हो चुका है। अब शिक्षकों की परीक्षा व इंटरव्यू लेकर उन्हें एआरपी के पद पर चयनित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जो गुरुवार को पूरी होगी। फिलहाल योग्य एआरपी न मिल पाने के कारण चयन की तिथि को बढ़ाना पड़ा। 


यह एआरपी अपने-अपने ब्लाक के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने में अध्यापकों की मदद करते हैं। विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम और विभिन्न टीचिंग माड्यूल को बेहतर ढंग से लागू कराने में मदद करते हैं। छात्रों को भाषा व गणित में निपुण बनाने के लिए निपुण भारत मिशन चलाया जा रहा है। ऐसे विद्यालय जहां पर 80 प्रतिशत छात्र गणित व भाषा में दक्ष हैं, उन्हें निपुण विद्यालय घोषित किया जाता है।


अब एआरपी की जिम्मेदारी होगी कि वह अपने-अपने ब्लाक के 10-10 विद्यालयों को निपुण बनाएंगे। तीन वर्ष इनका अधिकतम कार्यकाल होगा, लेकिन एक-एक वर्ष पर कार्यों की समीक्षा होगी। संतोषजनक कार्य न होने पर इन्हें हटा दिया जाएगा।

Thursday, October 24, 2024

ARP एसोसिएशन ने बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा, कार्यप्रणाली संबंधी मुद्दों और समस्याओं के समाधान का मिला आश्वासन

ARP एसोसिएशन ने बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा, कार्यप्रणाली संबंधी मुद्दों और समस्याओं के समाधान का मिला आश्वासन


लखनऊ: एआरपी एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश शुक्ल के नेतृत्व में हुए इस संवाद में एआरपी के कार्यप्रणाली संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। शिष्टमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए, अपनी चुनौतियों और कार्य में आ रही अड़चनों पर मंत्री को विस्तार से अवगत कराया।

मंत्री संदीप सिंह ने आश्वासन दिया कि एआरपी की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। 



बेसिक शिक्षा मंत्री से मिले एआरपी, ज्ञापन सौंपकर समस्याओं से कराया अवगत 

एआरपी एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश शुक्ल के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा व अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मंत्री ने उनकी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में प्रयागराज से अरविंद मिश्र और अनुरागिनी सिंह भी शामिल रहीं।


प्रयागराज : एआरपी एसोसिएशन ने बेसिक  एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के शिष्टमंडल ने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात का नेतृत्व एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश शुक्ल ने किया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों और जनपदों से आए पांच-पांच एआरपी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिष्टमंडल के सदस्यों ने मंत्री को एआरपी कार्यप्रणाली और उससे जुड़ी विभिन्न समस्याओं के बारे में शिक्षा राज्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन विस्तार से जानकारी दी।

 प्रदेश महामंत्री ने एआरपी की मौजूदा चुनौतियों और उनकी कार्यप्रणाली में आ रही अड़चनों पर प्रकाश डाला। मंत्री संदीप सिंह ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। प्रयागराज से आए एआरपी सदस्यों ने अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत कर मंत्री को अवगत कराया, वहीं अन्य जिलों जैसे अलीगढ़, देवरिया, रामपुर, ललितपुर, झांसी, सिद्धार्थनगर, बस्ती, लखनऊ, और रायबरेली से आए प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा।



नए ARP चयन में पूर्व से कार्यरत रहे  एआरपी को पुनः आवेदन का अवसर प्रदान करने की मांग हेतु ज्ञापन

लखनऊ, 18 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (ए०आर०पी०) के नवीन चयन प्रक्रिया के संदर्भ में विवाद गहराता जा रहा है। ए०आर०पी० के अध्यक्ष, दिलीप सिंह पटेल, के नेतृत्व में विभाग के कई सदस्यों ने महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश, को ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके ए०आर०पी० कर्मियों को आगामी चयन प्रक्रिया में आवेदन करने का अवसर दिया जाए।


ज्ञापन में विशेष रूप से दिनांक 10 अक्टूबर 2024 को जारी शासनादेश के बिंदु संख्या-03 का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि तीन वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद कोई भी ए०आर०पी० पुनः इस पद के लिए आवेदन करने का अधिकारी नहीं होगा। ए०आर०पी० कर्मियों का मानना है कि यह निर्देश नैसर्गिक न्याय के विपरीत है, क्योंकि उन्होंने निपुण भारत मिशन और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और उनके अनुभव को दरकिनार करना उचित नहीं है।


मुख्य मांगें:

- ज्ञापन में पूर्व से कार्यरत ए०आर०पी० कर्मियों को भी नवीन चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार दिए जाने की अपील की गई है।

- कर्मियों का दावा है कि निपुण भारत मिशन के तहत वे पहले ही आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, और उनके अनुभव को अनदेखा करना अन्यायपूर्ण होगा।


आगे की रणनीति:

यदि विभाग की ओर से इस ज्ञापन पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तो ए०आर०पी० कर्मी भविष्य में इस मुद्दे को लेकर और बड़े स्तर पर विरोध की योजना बना सकते हैं या उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।


Thursday, October 17, 2024

आरक्षण तय नहीं और कर ली 1894 पदों पर शिक्षकों की भर्ती, अब नियुक्ति फंसी, जूनियर एडेड विद्यालयों में रिक्त पदों पर होना है चयन

आरक्षण तय नहीं और कर ली 1894 पदों पर शिक्षकों की भर्ती, अब नियुक्ति फंसी, 

जूनियर एडेड विद्यालयों में रिक्त पदों पर होना है चयन, 43,610 अभ्यर्थी उत्तीर्ण

विधानसभा चुनाव से पहले आई भर्ती, आनन-फानन जारी किया था परिणाम

प्रयागराज। शिक्षा विभाग के  अफसरों की लापरवाही से शिक्षकों  की एक और भर्ती फंस गई है। जूनियर एडेड विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के 1894 पदों पर भर्ती की परीक्षा प्रक्रिया विधानसभा चुनाव 2022  से पहले आनन-फानन में पूरी करवा ली गई।

उसके बाद नियुक्ति देने में आरक्षण का पेंच फंस गया। अब  इसके अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए शिक्षा निदेशालय के चक्कर काट कर रहे हैं। जूनियर एडेड विद्यालयों में करीब डेढ़ दशक से भर्ती नहीं हुई थी। उससे पहले इन विद्यालयों के प्रबंधक भर्ती करते थे।


प्रबंधकों के जरिये भर्ती प्रक्रिया विवादित होने के कारण उस पर रोक लगी थी। वर्षों तक भर्ती न होने से तमाम विद्यालय शिक्षक विहीन हो गए। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के 1894 पदों पर भर्ती करने के लिए 25 फरवरी 2021 को विज्ञापन जारी हुआ।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी के वेबसाइट पर तीन से 17 मार्च 2021 तक ऑनलाइन आवेदन लिया गया। आवेदन के लिए सिर्फ 15 दिन का समय दिया गया। अमूमन किसी भी भर्ती में आवेदन के लिए कम से कम एक महीने का समय दिया जाता है, लेकिन इसमें जल्दबाजी की गई। महीनेभर बाद ही 18 अप्रैल 2021 को परीक्षा कराई गई।

सात महीने बाद विधानसभा चुनाव से पहले 15 नवंबर 2021 को परिणाम घोषित कर दिया गया। शिक्षक के लिए 150 में से 97 अंक और प्रधानाध्यापक के लिए 200 में से 130 अंक पाने वालों को सफल घोषित कर दिया। इस मानक अनुसार रिक्त 1894 पदों के 23 गुना 43,610 अभ्यर्थी सफल हो गए। परिणाम जारी होते ही गड़बड़ियों के आरोप लगे और मामला हाईकोर्ट गया। हाईकोर्ट ने परिणाम संशोधित करने का आदेश दिया।

 पीएनपी ने संशोधित परिणाम छह सितंबर 2022 को जारी कर दिया था। उसके खिलाफ भी कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने 15 फरवरी 2024 को सभी याचिकाएं खारिज कर दीं और संशोधित परिणाम के आधार पर चयन करने को कहा। उसके बाद से मामला शासन में लंबित है। नियुक्ति देने के लिए मेरिट के अनुसार काउंसलिंग होनी है। इस भर्ती का विज्ञापन जारी करने से पहले आरक्षण निर्धारित नहीं किया गया था। अब तक तय नहीं है कि आरक्षण स्कूल स्तर, जिला स्तर या राज्य स्तर पर लागू किया जाए आरक्षण का निर्धारण शासन से होना है।

आरक्षण के चलते हजारों शिक्षकों की भर्ती पहले से विवादित है। इसलिए इस भर्ती को पूरी करने के लिए विभागीय अधिकारी पहल नहीं कर रहे हैं। मामले को शासन पर टाल रहे हैं। वहीं, परीक्षा उत्तीर्ण करके अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय के बाहर धरने पर बैठे हैं।

Saturday, January 20, 2024

अटल आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा कक्षा 06 और 09 वर्ष 2024 हेतु आवेदन पत्र का प्रारूप करें डॉउनलोड

अटल आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा कक्षा 06 और 09 वर्ष 2024 हेतु आवेदन पत्र का प्रारूप करें डॉउनलोड 


Thursday, January 26, 2023

चयन को चुनौती देने के मामले में हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित, इंटर कॉलेजों में में प्रधानाचार्यों के चयन का मामला

चयन को चुनौती देने के मामले में हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित, इंटर कॉलेजों में में प्रधानाचार्यों के चयन का मामला


लखनऊ। प्रदेश के इंटर कॉलेजों में चयनित प्रधानाचार्यों के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने फैसला सुरक्षित कर पैनल आधारित नियुक्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने डॉ. अमित कुमार पांडेय की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 


इसमें याची की तरफ से 2022 में नए तरीके से प्रधानाचार्यों का चयन करने का आग्रह किया गया था। याची के अधिवक्ता शरद पाठक का कहना था कि 2013 में प्रधानाचार्यों के चयन का विज्ञापन जारी हुआ था, जबकि चयन 2022 में किया गया। 


नौ साल में बहुत से लोग सेवानिवृत्त हो गए जबकि कई निर्धारित आयुसीमा पार कर गए। इससे इनकी वरिष्ठता व पात्रता बदल गई। इसके बावजूद 2022 में प्रधानाचार्यों के चयन को बनाया गया पैनल कानून की मंशा के अनुसार नहीं है। ऐसे में 2022 में नया चयन किया जाना चाहिए।


Monday, March 21, 2022

प्रयागराज : आठ महीने में 56 शिक्षकों का नहीं हो सका चयन

प्रयागराज : आठ महीने में 56 शिक्षकों का नहीं हो सका चयन

● कस्तूरबा विद्यालयों के लिए 15 जुलाई तक लिए गए थे आवेदन

● दो लेखाकार, दो मुख्य और छह सहायक रसोइया के पद थे

पदों की संख्या

36 पूर्णकालिक शिक्षिका

20 अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिका

2 लेखाकार

2 मुख्य रसोइया

6 सहायक रसोइया

2 चौकीदार


प्रयागराज : जिले में संचालित 20 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में संविदा पर शिक्षिकाओं के 56 और दूसरे पदों पर चयन प्रक्रिया आठ महीने में भी पूरी नहीं हो सकी। 2021-22 सत्र के लिए आवेदन मांगे गए थे लेकिन सत्र पूरा होने में मात्र 10 दिन बचा है और आवेदक अब तक इंतजार कर रहे हैं। पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने 25 जून को विज्ञापन जारी कर 15 जुलाई तक ऑफलाइन आवेदन मांगे थे।

लगभग 25 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। पूर्णकालिक शिक्षिका, लेखाकार, मुख्य रसोइया एवं सहायक रसोइया के पदों के लिए केवल महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। शिक्षिका व लेखाकार का चयन शैक्षणिक मेरिट पर जबकि मुख्य व सहायक रसोइया और चौकीदार का चयन साक्षात्कार से होना था। आयु सीमा 25 से 45 वर्ष थी।

Monday, January 10, 2022

साढ़े चार साल में भी नहीं बन पाया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, गठन की कवायद रही फेल

साढ़े चार साल में भी नहीं बन पाया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, गठन की कवायद रही फेल


प्रयागराज : विधानसभा चुनाव की घोषणा तो हो गई लेकिन प्रदेश में परिषदीय स्कूलों से लेकर अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तक में शिक्षकों की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग साढ़े चार साल की तमाम कोशिशों के बावजूद अस्तित्व में नहीं आ सका। इसी के साथ युवाओं को समय से नौकरी मिलने का सपना भी अधूरा रह गया। मार्च 2017 में सरकार बनने के बाद ही शिक्षकों की भर्तियों के लिए एक आयोग के गठन की कवायद शुरू हो गई थी। इसके लिए उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का विलय करने का निर्णय लिया गया था।




इन आयोगों के विलय के लिए पहली बैठक 19 जुलाई 2017 को लखनऊ में हुई थी। इसके बाद चयन बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष हीरालाल गुप्ता और उच्चतर के अध्यक्ष प्रभात मित्तल ने इस्तीफा दे दिया था। सदस्यों से भी इस्तीफे ले लिए गए थे। लेकिन उसके बाद नये आयोग के गठन की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। दोनों आयोगों की भर्तियां ठप होने पर छात्रों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद सरकार ने चार फरवरी 2018 को प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा को उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी वीरेश कुमार को 8 अप्रैल 2018 को चयन बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया।


सरकार के विश्वासपात्र लोगों को ही इन आयोगों का सदस्य बनाया गया। उसके बाद भर्ती प्रक्रिया पूर्व की तरह शुरू हो गई। फिर 10 जनवरी 2020 को उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी, चयन बोर्ड की सचिव कीर्ति गौतम, उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक राजीव पांडेय, माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक भगवती सिंह और बेसिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक गणेश कुमार के हस्ताक्षर से उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग नियमावली 2019 अधिसूचित की गई। लेकिन उसके बाद से फिर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।


इन संस्थाओं में भर्ती का मिलता अधिकार

-परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक

-सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल और संबद्ध प्राइमरी में सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक

-सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय व संबद्ध प्राइमरी में सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक

-सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता व प्रधानाचार्य

-अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर और प्राचार्य

-अशासकीय सहायता प्राप्त हाईस्कूल, इंटर कॉलेज व महाविद्यालयों में लिखित परीक्षा के आधार पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का चयन

Wednesday, December 29, 2021

69000 शिक्षक भर्ती : अब तीन जनवरी को सार्वजनिक होगी छह हजार अभ्यर्थियों की सूची, कार्यक्रम में आंशिक बदलाव

69000 शिक्षक भर्ती : अब तीन जनवरी को सार्वजनिक होगी छह हजार अभ्यर्थियों की सूची, कार्यक्रम में आंशिक बदलाव


🆕 Update
लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति पाने के दावेदार लगभग छह हजार अभ्यर्थियों की सूची गुरुवार को सार्वजनिक नहीं हो सकी है। सचिव परिषद प्रताप सिंह बघेल का कहना है कि चयनित सूची तैयार की जा रही है, गुरुवार को अपरिहार्य कारणों से नहीं दे पा रहे हैं अब चयनित सूची तीन जनवरी को वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, संबंधित जिलों में अभिलेखों का परीक्षण चार व पांच जनवरी को होगा, इसमें मिले अर्ह अभ्यर्थियों को छह जनवरी को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में अधिकारियों व कार्मिकों की अनदेखी से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का अपेक्षित चयन नहीं हो सका था। आंदोलन करने वालों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने विसंगति से बाहर होने वाले अभ्यर्थियों को चयनित करने की समय सारिणी जारी की थी, परिषद के अधिकारी उसका भी तय समय में अनुपालन नहीं कर सके हैं।

इस वजह से काउंसलिंग की तारीख में बदलाव किया गया है, तीन से पांच के बजाए चार व पांच जनवरी को संबंधित जिलों में काउंसलिंग होगी। इसमें किस अभ्यर्थी को कौन जिला आवंटित हुआ है इसका भी उल्लेख रहेगा। इसी के आधार पर उनकी संबंधित जिलों में काउंसलिंग कराकर नियुक्तिपत्र दिए जाएंगे।


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69000 शिक्षक भर्ती : छह हजार अभ्यर्थियों की आज जारी होगी सूची

 लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति पाने के दावेदार लगभग छह हजार अभ्यर्थियों की सूची गुरुवार को सार्वजनिक होगी। संबंधित जिलों में अभिलेखों का परीक्षण तीन से पांच जनवरी तक होगा इसमें मिले अर्ह अभ्यर्थियों को छह जनवरी को नियुक्तिपत्र वितरित किए जाएंगे।


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में अधिकारियों व कार्मिकों की अनदेखी से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का अपेक्षित चयन नहीं हो सका था। आंदोलन प्रदर्शन करने वालों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया था। जिसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने विसंगति से बाहर होने वाले अभ्यर्थियों को चयनित करने की समय सारिणी जारी की थी, उसी के अनुसार गुरुवार को वेबसाइट पर सूची का प्रदर्शन होगा।

इसमें किस अभ्यर्थी को कौन जिला आवंटित हुआ है इसका भी उल्लेख रहेगा। इसी के आधार पर उनकी संबंधित जिलों में काउंसिलिंग कराकर नियुक्तिपत्र दिए जाएंगे



69000 शिक्षक भर्ती : अब 30 दिसंबर को जारी होगी OBC-SC अभ्यर्थियों की चयन सूची




69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण विसंगति दूर कर ओबीसी और एससी के करीब छह हजार अभ्यर्थियों की सूची अब 30 दिसंबर को जारी की जाएगी। सरकार की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के तहत 28 दिसंबर को अभ्यर्थियों की चयन सूची तैयार की जानी थी, लेकिन मंगलवार तक चयन सूची तैयार नहीं हो सकी है।



आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आंदोलन और प्रदर्शन कर ओबीसी और एससी के करीब 18 हजार पदों पर भर्ती करने की मांग कर रहे हैं। विभाग के एक अफसर के मुताबिक चाहे कुछ पद बढ़ाने पड़ जाएं, लेकिन विभाग ऐसी कोई चूक नहीं करना चाहता, जिससे मामला फिर न्यायालय में जाए या चुनाव के समय ओबीसी या दलित वर्ग के अभ्यर्थी आंदोलन करें।


एक प्रश्न पर अंक प्रदान कर सूची जारी करने की मांग
बेसिक के 69 हजार सहायक भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न पर उच्च न्यायालय द्वारा एक अंक प्रदान करने का निर्णय को लागू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने मंगलवार को जनता दरबार में उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों ने उक्त एक प्रश्न को चुनौती थी। अभ्यर्थी अब एक अंक प्रदान कर विभाग द्वारा जारी जिलेवार गुणांक के अनुसार चयन प्रक्रिया में आ रहे अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में कृष्णा सिंह, विवेक त्रिपाठी, बृजनंदन मिश्र समेत कई शामिल रहे।

Tuesday, November 9, 2021

फतेहपुर : चयन वेतन स्वीकृत आदेश जारी, देखें सूची

फतेहपुर : चयन वेतन स्वीकृत आदेश जारी, देखें सूची।


Sunday, September 26, 2021

शिक्षक भर्ती : समाज कल्याण के स्कूलों में भर्ती से प्रबंधक बाहर, अब डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी चयन कमेटी, इससे पहले प्रबंधक भी चयन समिति में होते थे शामिल

शिक्षक भर्ती : समाज कल्याण के स्कूलों में भर्ती से प्रबंधक बाहर, अब डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी चयन कमेटी, इससे पहले प्रबंधक भी चयन समिति में होते थे शामिल

● अब डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी चयन कमेटी
● इससे पहले प्रबंधक भी चयन समिति में होते थे शामिल


प्रयागराज : समाज कल्याण विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से प्रबंधकों को बाहर कर दिया गया है। प्रदेशभर के 571 स्कूलों में चयन के मानक बदलते हुए शासन ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चयन समिति की व्यवस्था बनाई है।

22 सितंबर को प्रमुख सचिव के. रविन्द्र नायक की ओर से जारी आदेश के अनुसार भर्ती के लिए गठित चयन समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी या उनके नामित अधिकारी होंगे। संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अल्पसंख्यक वर्ग का एक अधिकारी सदस्य होंगे। जबकि जिला समाज कल्याण अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी चयन समिति से अनुमोदित सूची निदेशक समाज कल्याण को भेजेंगे। इन पदों पर नियुक्ति के लिए शासन का अनुमोदन प्राप्त होने पर प्रबंधक एक महीने के अंदर चयनित के लिए नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।

जिले में समाज कल्याण के 31 स्कूल

जिले में समाज कल्याण विभाग के 31 स्कूल हैं। इनमें प्रबंधक पहले बीएसए और समाज कल्याण अधिकारी से अनुमोदन लेकर नियुक्ति कर देते थे। लेन-देन के आरोप लगते थे। कुछ समय पहले एक स्कूल ने बिना बीएसए का अनुमोदन लिए शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया था।

Friday, September 10, 2021

फतेहपुर : 14 सितंबर को ARP चयन हेतु लिखित परीक्षा, 12 पदों के लिए देखें अर्ह व अनर्ह घोषित परीक्षार्थियों की सूची व आदेश।

फतेहपुर : 14 सितंबर को ARP चयन हेतु लिखित परीक्षा, 12 पदों के लिए देखें अर्ह व अनर्ह घोषित परीक्षार्थियों की सूची व आदेश। 


फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने शेष एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) भर्ती के लिए प्रक्रिया फिर शुरू कर दी है। रिक्त 12 पदों के लिए 14 सितंबर को जीआईसी में परीक्षा का आयोजन होगा।


जिले में एआरपी के 56 पद भरने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग दो साल से मशक्कत कर रहा है। इससे पहले दो बार एआरपी भर्ती की लिए परीक्षाएं हुईं, लेकिन अभी तक 12 पद रिक्त पड़े हैं। स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए ब्लाक स्तर पर एआरपी की नियुक्त होती है।


तीसरी बार शुरू हुई एआरपी भर्ती प्रक्रिया में कुल 27 शिक्षकों ने आवेदन किया है। जांच के दौरान छह आवेदन अपात्र होने से रद्द कर दिए गए हैं। इस तरह से 14 सितंबर को जीआईसी में सुबह 11 बजे से 12:30 बजे तक होने वाली चयन परीक्षा में 21 आवेदक शामिल होंगे। खास बात यह है कि नगर क्षेत्र में एआरपी के चार पद रिक्त हैं, लेकिन एक भी आवेदन नगर क्षेत्र का नहीं जमा हुआ है। ऐसे में इस परीक्षा के बाद भी नगर में एक भी एआरपी की नियुक्ति नहीं हो पाएगी।



Thursday, September 2, 2021

प्रयागराज : ARP चयन के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी

प्रयागराज : ARP चयन के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी



Thursday, May 27, 2021

सीतापुर : शिक्षक संकुल के कार्यकाल के परफॉर्मेंस को रिव्यू करते हुए पुनः चयन की सूची भेजने के निर्देश

सीतापुर : शिक्षक संकुल के कार्यकाल के परफॉर्मेंस को रिव्यू करते हुए पुनः चयन की सूची भेजने के निर्देश।

Sunday, May 16, 2021

बहराइच : अवशेष ARP चयन के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी

बहराइच : अवशेष ARP चयन के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी 



Tuesday, March 23, 2021

उन्नाव : अंकों में हेराफेरी पर 15 शिक्षकों का चयन निरस्त, छह महीने पहले हुई थी भर्ती, ऑनलाइन ज्यादा फीड किए गए थे अंक, शासन स्तर से हुई जांच में खुलासे के बाद बीएसए ने की कार्रवाई

उन्नाव : अंकों में हेराफेरी पर 15 शिक्षकों का चयन निरस्त, छह महीने पहले हुई थी भर्ती, ऑनलाइन ज्यादा फीड किए गए थे अंक, शासन स्तर से हुई जांच में खुलासे के बाद बीएसए ने की कार्रवाई

उन्नाव :  अंकों में हेराफेरी पर 15 शिक्षकों का चयन (अभ्यर्थन समाप्त) निरस्त कर दिया गया है। इन अभ्यर्थियों ने छह महीने पहले हुई शिक्षक भर्ती में ऑनलाइन फीडिंग में ज्यादा अंक फीड किए थे। शासन स्तर से हुई जांच में खुलासे के बाद बीएसए ने कार्रवाई की है।


अक्तूबर 2020 में जिले में हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में 1002 शिक्षकों का चयन हुआ था इसमें 16 अक्तूबर को 865 को और दूसरे चरण में 7 दिसंबर को 137 शिक्षक पद के नियुक्ति पत्र दिए गए थे।

यह शिक्षक डायट आकर उपस्थित रजिस्टर में हस्ताक्षर कर रहे थे। इसी दौरान कई जिलों से फर्जी अंकों पर नौकरी पाने की शिकायतें मिलने पर अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने जिला स्तर पर जमा उनके मूल शैक्षिक अभिलेखों के अंक और ऑनलाइन भरे गए अंकों का मिलान कराया तो हेराफेरी सामने आई ।


जिले में नियुक्त शांती देवी, पल्लवी शुक्ला, ज्योति गुप्ता, अभिषेक सिंह, मनीषा गुप्ता, शशि प्रभा, हिमांशु वर्मा, प्रियंका सिंह, आरती रावत, भइया लाल, बविता देवी मेनका जाटव, ज्योति गौतम सौरभ कुमार राय व अजमेर सिंह का चयन निरस्त कर दिया गया है । बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि अंकों में हेराफेरी मिलने पर नियुक्ति पत्र रोक दिया गया था। अब उनका अभ्यर्थन भी निरस्त कर दिया गया है।

Wednesday, February 10, 2021

प्रयागराज : अवशेष ARP पदों के चयन के सम्बन्ध में विज्ञप्ति पुनः जारी

प्रयागराज : अवशेष ARP पदों के चयन के सम्बन्ध में विज्ञप्ति पुनः जारी 



Monday, December 21, 2020

प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों के लिए प्रधानाचार्य चयन की तैयारियां तेज

प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों के लिए प्रधानाचार्य चयन की तैयारियां तेज

इन मंडलों के लिए इंटरव्यू

वाराणसी, मीरजापुर, लखनऊ, प्रयागराज, सहारनपुर, आगरा, आजमगढ़, बरेली, देवीपाटन, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद, गोरखपुर, चित्रकूट, बस्ती, अयोध्या व झांसी।


प्रयागराज : प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों के लिए प्रधानाचार्य चयन की तैयारियां तेज हैं। नए साल में 2013 की भर्ती का कार्यक्रम जारी होगा। सात साल से आवेदन इस चयन का इंतजार कर रहे हैं। भर्ती प्रदेश के 17 मंडलों के लिए होनी है। वर्ष 2013 में प्रदेश में इतने ही मंडल थे। हाईकोर्ट भी मई माह 2021 तक चयन पूरा करने का आदेश दे चुका है।


अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में शिक्षकों की ही बड़े पैमाने पर कमी नहीं है, बल्कि संस्था प्रधान यानी प्रधानाचार्य के पद भी खाली हैं। 2013 में चयन बोर्ड ने 634 पदों के लिए आवेदन लिए थे। उसके बाद से लेकर अब तक साक्षात्कार नहीं हो सका है। योगी सरकार की ओर से चयन बोर्ड का पुनर्गठन होने के बाद दावा किया गया था कि आवेदनपत्रों की छंटाई चल रही है इसके बाद इंटरव्यू की तारीखें घोषित होंगी, लेकिन आवेदकों को चयन बोर्ड ने निराश किया।


आवेदकों ने कोर्ट में चुनौती दी, हाईकोर्ट ने चयन करने का आदेश दिया है। उसके बाद से चयन की तैयारियां तेज हैं। संकेत है कि साक्षात्कार की तारीखें घोषित हो सकती हैं।



महासंघ के प्रदेश मंत्री डा. संतोष कुमार शुक्ल ने शनिवार को चयन बोर्ड के उप सचिव को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। इसमें कहा गया है कि करीब 25 हजार आवेदन 2013 प्रधानाचार्य भर्ती का साक्षात्कार शुरू होने की राह देख रहे हैं। चयन बोर्ड की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही वेबसाइट पर आदेश निर्गत किया जाएगा।

Wednesday, September 16, 2020

फतेहपुर : चयन वेतनमान स्वीकृत आदेश जारी, देखें सूची

फतेहपुर : चयन वेतनमान स्वीकृत आदेश जारी, देखें सूची।















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