DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, May 31, 2020

गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस जारी, स्कूल कॉलेज फिलहाल रहेंगे बंद, राज्य सरकारों से सलाह के बाद लिया जाएगा फैसला

गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस जारी,  स्कूल कॉलेज फिलहाल रहेंगे बंद, राज्य सरकारों से सलाह के बाद लिया जाएगा फैसला


गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन 5.0 के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं। इसके तहत पहले फेज में स्कूल-काॅलेज कोचिंग को फिलहाल खोलने की अनुमति नहीं मिली है। ...




गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन 5.0 के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं। इसके तहत पहले फेज में स्कूल-काॅलेज, कोचिंग सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों को फिलहाल खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। मंत्रालय ने इस बारे में कहा कहा है कि सभी शिक्षण संस्थान खुल सकेंगे लेकिन इनके बारे में राज्य सरकारों से सलाह लेने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। इसके अनुसार फिलहाल स्कूल-कॉलेज खुलने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। बता दें कि देश में फैली कोरोना वायरस की महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को मार्च 2020 से बंद कर दिया गया है।


 
इसके बाद पीएम मोदी ने 24 मार्च को पहला लॉकडाउन कर दिया था। इसकी अवधि 14 अप्रैल को खत्म होनी थी। इसके बाद लगातर बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 3 मई तक बढ़ाया गया और उसके बाद 17 मई तक तीसरे चरण का लॉकडाउन चला। इसके बाद भी कोरोना वायरस के मामले नहीं थमने की वजह से देशव्यापी बंद की समय सीमा और बढ़ाई गई और चौथे चरण का ऐलान हुआ। यह चरण कल यानी कि 31 मई को खत्म हो रहा है। इसके पहले ही आज यानी कि 30 मई को गृह मंत्रालय की तरफ से लॉकडाउन 5 की नई गाइंडलाइन्स जारी कर दी गई हैं। इसमें कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी को सिलसिलेवार खोला जा रहा है।


इसे तीन फेज में बांटा गया है। इसमें पहले चरण में रेड जोन को छोड़कर सभी धार्मिक स्थल, होटल, रेस्त्रा खोले जाएंगे। इसके अलावा दूसरे फेज में स्कूल-कॉलेज और फिर तीसरे फेज में इंटरनेशनल फ्लाइटों, मेट्रो रेल सेवाओं, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इनके जैसी बाकी जगहों को आम लोगों के लिए खोने जाने की बात कही गई है। वहीं अगर कोरोना वायरस की बात करें तो हर दिन तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। 


लखीमपुर खीरी : ARP के अवशेष पदों पर चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें

लखीमपुर खीरी : ARP के अवशेष पदों पर चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

राज्य विवि जून में परीक्षाएं कराने को तैयार, सभी विवि ने शासन को भेजी अपनी कार्ययोजना

राज्य विवि जून में परीक्षाएं कराने को तैयार, सभी विवि ने शासन को भेजी अपनी कार्ययोजना।


राज्य विवि जून में परीक्षाएं कराने को तैयार, सभी विवि ने शासन को भेजी अपनी कार्ययोजना।

लखनऊ : प्रदेश के ज्यादातर राज्य विश्वविद्यालयों ने जून में परीक्षाएं कराने पर सहमति देते हुए अपनी कार्ययोजना शासन को भेजी है। लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने शासन को बताया है कि वह देश के अन्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों द्वारा अपनाए जाने वाले पैटर्न के अनुसार परीक्षाएं कराएगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी शेष परीक्षाएं 15 जून से कराने का प्रस्ताव भेजा है। राजधानी लखनऊ के ही ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने एक जून से 8 जून तक इंटरनल एसेसमेंट, ओपेन बुक परीक्षा अथवा एसाइनमेंट के माध्यम से आनलाइन परीक्षाएं शुरू कराने का प्रस्ताव भेजा है। छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर ने सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षाएं 15 जून से 30 जून तक तथा लिखित परीक्षाएं एक जुलाई से 20 जुलाई तक कराने की योजना बनाई है। प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय प्रयागराज ने 18 जून से परीक्षाएं शुरू कराने की तैयारी कर रखी है। गोरखपुर विश्वविद्यालय ने जून के पहले हफ्ते में अंतिम वर्ष की शेष परीक्षाएं सम्पन्न कराने की अपनी योजना की जानकारी शासन को दी है।


शासन को भेजी गई कार्ययोजना के अनुसार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने अपनी शेष परीक्षाएं जून के पहले हफ्ते में तीन पालियों में कराने की बात कही है। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज ने सत्र 2029-20 की परीक्षा 10 जुलाई से प्रस्तावित की है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने भी अपनी शेष परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित की हैं, जो अगस्त के पहले हफ्ते तक संपन्न होंगी।

सहमति बनी👇🏻


' सभी विश्वविद्यालयों ने अपनी कार्य योजना शासन को भेजी

' ज्यादातर विश्वविद्यालय तीन पालियों में कराएंगे परीक्षा





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, May 30, 2020

हाथरस : परिषदीय शिक्षकों की वरिष्ठता / संविलयित विद्यालय प्रभार के निर्धारण को लेकर बीएसए का सुस्पष्ट आदेश जारी, देखें

हाथरस : परिषदीय शिक्षकों की वरिष्ठता / संविलयित विद्यालय प्रभार के निर्धारण को लेकर बीएसए का सुस्पष्ट आदेश जारी, देखें

फतेहपुर : समर्थ, शारदा एवं यू-डायस में दिव्यांग बच्चों के डाटा फीडिंग के सम्बन्ध में

फतेहपुर : समर्थ, शारदा एवं यू-डायस में दिव्यांग बच्चों के डाटा फीडिंग के सम्बन्ध में।




 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

69000 सहायक अध्यापक भर्ती में जनपद गोरखपुर में नियुक्ति हेतु काउन्सलिंग सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण निर्देश सह प्रारूप जारी देखें

गोरखपुर : 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में जनपद गोरखपुर में नियुक्ति हेतु काउन्सलिंग सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण निर्देश सह प्रारूप जारी देखें

गोरखपुर : निलंबित अध्यापकों का चार्ज हस्तांतरित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें

गोरखपुर : निलंबित अध्यापकों का चार्ज हस्तांतरित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें

69000 : मिले संशोधन का मौका नहीं तो 1 जून से अनशन

69000 : मिले संशोधन का मौका नहीं तो 1 जून से अनशन



प्रयागराज। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती काउंसलिंग के लिए आवेदन की तिथि खत्म होने बाद भी शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वह आवेदन संशोधन के लिए लगातार कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। 


अभ्यर्थी रोहित तिवारी ने कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह एक जून से परिषद कार्यालय पर अनशन करेंगे। आवेदन में संशोधन की मांग को लेकर बांदा से आईं प्रियंका सिंह का कहना है कि दसवीं का पूर्णांक गलत हो गया है, सचिव समस्या का निदान करें।

कस्तूरबा विद्यालयों में एक ही प्रमाणपत्र पर नौकरी हथियाने वाली फर्जी टीचर तीन महीने से फरार

एक शिक्षिका की 25 विद्यालयों में तैनाती, अब होगी एफआईआर

कस्तूरबा विद्यालयों में एक ही प्रमाणपत्र पर नौकरी हथियाने वाली फर्जी टीचर तीन महीने से फरार


प्रयागराज | 31 May 2020

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में एक ही प्रमाणपत्र पर प्रयागराज समेत पांच जिलों में नौकरी हथियाने का खुलासा हुआ है।

समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने मामले की जांच मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक रमेश तिवारी को सौंपी है। जांच के बाद आरोपी शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। प्रयागराज में कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पूर्णकालिक शिक्षिका के तकरीबन दो दर्जन पदों पर सितंबर 2019 में भर्ती हुई थी। केजीबीवी सोरांव में भी इसी प्रमाणपत्र पर विज्ञान शिक्षिका के रूप में 22 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर चयन हुआ था। 


प्रयागराज के अलावा अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, बागपत और अलीगढ़ में भी इसी नाम से विज्ञान शिक्षिका की नियुक्ति हुई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि सितंबर में नियुक्ति के बाद मानदेय जारी करने से पहले सत्यापन के लिए भेजा था। मार्च में मानदेय जारी होने से पहले ही इसकी जानकारी हो गई तो भुगतान रोक दिया गया। इसके बाद लॉकडाउन हो गया। जानकारी मिली है कि यह शिक्षिका होली के आसपास से स्कूल नहीं गई है।

-------- ------------ ---------- ----------       ---------------   - --------

रायबरेली : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षक तैनाती के खेल की जांच में एक शिक्षिका के कई जिलों में शिक्षक पद पर तैनात होने की बात सामने आई है। अब विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। 


प्रदेश के बागपत, सहारनपुर, अलीगढ़, अंबेडकर नगर, प्रयागराज समेत कई जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में एक शिक्षिका के पूर्ण कालिक शिक्षिका विज्ञान विषय के पद पर कार्य करने का राजफाश हुआ था।


 मामले की गंभीरता को देखते राज्य परियोजना कार्यालय ने सूचना मांगी थी। यहां पर भी केजीबीवी बछरावां में अनामिका शुक्ला के तैनात होने का पता चला। इसके बाद मानदेय रोक दिया गया।

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल होगा मजबूत, डाटा में होगा सुधार, लाभ और लापरवाही पर कार्रवाई का आधार बनेगी कुंडली, शासन स्तर पर अध्यापकों का तैयार हो रहा डाटा

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल होगा मजबूत, डाटा में होगा सुधार, लाभ और लापरवाही पर कार्रवाई का आधार बनेगी कुंडली, शासन स्तर पर अध्यापकों का तैयार हो रहा डाटा।



फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग पुरानी घिसी पिटी व्यवस्था पर विराम लगाते हुए हाईटेक ऑनलाइन डाटा तैयार करवा हा है। ब्लाकों से ऑनलाइन डाटा मानव संपदा में फीड किया जाएगा। यूं तो यह काम बीते साल चल रहा है, लेकिन अभी संकलित डाटा में तमाम खामियां हैं। इन खामियों को दूर करने के लिए शासन ने आदेश दिया है। दायित्व निर्वहन के लाभ और लापरवाही पर कार्रवाई का त्वरित आधार मानव संपदा पोर्टल बनेगा। वेबसाइट में जाकर एक क्लिक करने पर संबंधित अध्यापक का समूचा ब्यौर कंप्यूटर की स्क्रीन पर होगा। जरूरत पड़ने पर अब सर्विस बुक मंगाने और खोजने की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिले के 2650 परिषदीय स्कूलों में 845 शिक्षक-शिक्षिकाएं नियुक्त हैं। पेपरलेश काम को बढ़ावा देने के लिए शासन से निर्देश जारी कर रहा है। मानव संपदा पोर्टल में शिक्षकों का सूचना विवरण दर्ज होता है। जैसे कि नाम, पता, जन्मतिथि, पिता का नाम, नियुक्ति तिथि, किन किन विद्यालयों में तैनाती रही, कौन कौन सी उपलब्धियां हासिल की, किस गलत काम में दंडित किए गए जैसे बिंदु होते हैं। पोर्टल में दर्ज विवरण का बारीकी से परीक्षण हुआ तो पता चला कि इसमें तमाम त्रुटियां हैं। इसको दूर करने के लिए शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने सहूलियत दी है। फीड ऑनलाइन डाटा को चेक करके खामियों को पूरा कर लिया जाए। इन खामियों को दुरुस्त करने के लिए शासन ने पोर्टल खोल दिया है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देशित किया गया वह दर्ज डाटा की जानकारी कर लें। यदि कोई त्रुटि है तो इस अवधि में सुधार करवा लें। आने वाले समय में महत्वपूर्ण सेवाएं जैसे स्थानांतरण, एसीआर, वेतन इत्यादि इस पोर्टल की मदद से ही किए जाने की तैयारी चल रही है।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

CBSE : दूसरे शहर में परीक्षा को अपने स्कूल में आवेदन

CBSE : दूसरे शहर में परीक्षा को अपने स्कूल में आवेदन।


CBSE : दूसरे शहर में परीक्षा को अपने स्कूल में आवेदन।

1 से 15 जुलाई के बीच बचे हुए विषयों की होगी परीक्षा।

प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय ने परीक्षा की शुरू की तैयारी

10वीं में 1.90 लाख एवं 12वीं में
1.50 लाख परीक्षार्थी थे।

प्रयागराज : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय ने भी बची परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। 1 से 15 जुलाई के बीच पेपर होने हैं। कॉमर्स और 'मैनिट के ही कुछ पेपर बाकी हैं। बोर्ड ने बचे पेपर के लिए छात्र-छात्राओं को उनके स्कूल में ही सेंटर देने की तैयारी की है। यही नहीं जो छात्र किसी दूसरे शहर में चले गए हैं, उन्हें उसी शहर में परीक्षा केंद्र एलॉट किया जाएगा। सीबीएसई प्रयागराज की क्षेत्रीय अधिकारी श्वेता अरोरा ने बताया कि जो पेपर बचे हैं उनके लिए सेल्फ सेंटर बनाया जाएगा। केंद्र की गाइडलाइन का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग कराते हुए परीक्षा होगी। जो बच्चे किसी दूसरे शहर में चले गए हैं उन्हें अपने पंजीकृत स्कूल के माध्यम से सीबीएसई को आवेदन भेजना होगा ताकि वे वर्तमान में जिस शहर में हैं। वहां उन्हें परीक्षा देने की सुविधा दी जा सके। बचे हुए पेपर के लिए परीक्षा में अभी एक महीने का समय है। 15 जून के आसपास स्कूलों को दिशा निर्देश भेजे जाएंगे। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रिंसिपल सुष्मिता कानूनगो ने बताया कि सेल्फ सेंटर पर ही परीक्षा की जानकारी मिली है।

रीजन के तहत यूपी के 52 जिलों में बने थे 333 केंद्र 15 फरवरी से शुरू हुई सीबीएसई की 10वीं-12वीं परीक्षा के लिए प्रयागराज रीजन के 52 जिलों में 333 केंद्र बनाए गए थे। दसवीं में लगभग 1.90 लाख एवं बारहवीं में

1.50 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत थे। प्रयागराज जिले में तकरीबन 26 हजार परीक्षार्थियों के लिए 23 केंद्र बने थे। लेकिन अब सभी स्कूलों में परीक्षा होगी।

.....................


CBSE : सुविधा : छूटी बोर्ड परीक्षा कहीं भी दे सकेंगे छात्र।

सुविधा: छूटी बोर्ड परीक्षा कहीं भी दे सकेंगे छात्र

नई दिल्ली : सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं की बची हुई परीक्षाओं को लेकर छात्रों को एक और राहत देने का फैसला किया है। बची हुई बोर्ड परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच होनी हैं लेकिन जो छात्र इस बीच दूसरे जिलों में चल गए हैं, उन्हें नजदीक में ही परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि यह पता चला है कि कोविड-19 के प्रसार और लॉकडाउन के कारण स्कूलों के बंद हो जाने के कारण काफी छात्र अब उस जगह मौजूद नहीं हैं, जहां से वे पिछली परीक्षाओं में उपस्थित हुए थे। इनमें से कई छात्र-छात्राओं के लिए हो सकता है कि पुराने परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना मुश्किल हो।









 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

जालसाज कर रहे नम्बर बढ़वाने का दावा, सीबीएसई के छात्रों व उनके अभिभावकों के पास आ रहे कॉल, बोर्ड सचिव ने कहा- बहकावे में न आएं

जालसाज कर रहे नम्बर बढ़वाने का दावा, सीबीएसई के छात्रों व उनके अभिभावकों के पास आ रहे कॉल, बोर्ड सचिव ने कहा- बहकावे में न आएं।


जालसाज कर रहे नम्बर बढ़वाने का दावा, सीबीएसई के छात्रों व उनके अभिभावकों के पास आ रहे कॉल, बोर्ड सचिव ने कहा- बहकावे में न आएं।

प्रयागराज। यूपी बोर्ड के बाद अब जालसाज सीबीएसई के छात्रों और अभिभावकों को ठगने में लग गए हैं। जालसाज फोन करके नंबर बढ़ाने और परीक्षा में पास कराने की गारंटी का दावा कर रुपये मांग रहे हैं। अभिभावकों ने इसकी शिकायत सीबीएसई के अधिकारियों से की है। बताया कि फोन करने वाला रोल नंबर और विषय पूरी जानकारी देता है और अकाउंट नंबर देकर रुपये मांगता है। सीबीएसई की परीक्षा में इस प्रकार के जालसाजों के प्रवेश करने की आशंका को लेकर छात्र एवं अभिभावक परेशान हैं। शिकायत पहुंचने पर बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के किसी भी फोन कॉल पर अभिभावक और छात्र विश्वास न करें और इसकी जानकारी लोकल पुलिस एवं जिला प्रशासन को देने के साथ बोर्ड अफसरों को भी सूचित करें सीबीएसई के अधिकारियों के बारे में जानकारी वेबसाइट www.cbse.nic.in पर उपलब्ध है। सचिव ने कहा लोग आसपास के छात्रों व अभिभावकों को भी जागरूक करें। बोर्ड की ओर से कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे कृत में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि यूपी बोर्ड लगातार दो वर्ष से अपने परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों के नाम एडवाइजरी जारी करके इस प्रकार के फोन कॉल से सावधान रहने के बारे में एलर्ट करता रहा है। 2019 एवं 2020 की बोर्ड परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों के पास इस प्रकार के फोन कॉल आने लगे थे, तब यूपी बोर्ड सचिव ने एफआईआर दर्ज कराई थी।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

फतेहपुर : समय से कराएं यूनिफॉर्म वितरण, डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

फतेहपुर : समय से कराएं यूनिफॉर्म वितरण, डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश।


फतेहपुर : समय से कराएं यूनिफॉर्म वितरण, डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश।

फतेहपुर। डीएम संजीव सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में गर्मी के अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि पूरा ध्यान कायाकल्प योजना और यूनिफार्म वितरण पर केंद्रित रखा जाय। यूनिफॉर्म बजट आने से उपलब्धता और वितरण से संबंधित तैयारियां पूरी कर ली जाएं। यूनिफार्म तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपने में महिला सहायता समूहों को वरीयता दी जाए। कहा कि स्कूलों में कायाकल्प योजना लागू है। प्रयास किया जाए कि गर्मी के अवकाश के दिनों में सुंदरीकरण, मरम्मत और रंगाई पुताई आदि कार्य पूरे करा लिए जाएं। बैठक एसडीएम सत्यप्रकाश ने बच्चों को ऑनलाइन पढाई जारी रखने पर जोर दिया। बैठक में बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह, सभी बीईओ, सभी डीसी मौजूद थे।





प्रवासी श्रमिकों के बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराकर लक्ष्य करें पूरा, डीएम ने दिए निर्देशबच्चों की यूनिफॉर्म सिलेंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं
30 May 2020

फतेहपुर 
यूनिफार्म वितरण, आपरेशन कायाकल्प, शारदा कार्यक्रम समेत स्कूल चलो अभियान को गति देने के लिए शुक्रवार को डीएम संजीव कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें यूनिफार्म स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बनवाने एवं प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाकर नामांकन के लक्ष्य को पूरे करने समेत अन्य कई बिंदुओं पर दिशा निर्देश जारी किए गए।


विकास भवन के सभागार में आयोजित बैठक में निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण के लिए सभी बीईओ को निर्देश दिया कि उच्च गुणवत्ता की यूनिफार्म का वितरण धनराशि प्राप्त होते ही कराया जाए। ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों/ महिला समूहों से यूनिफॉर्म की सिलाई कराई जाए। शारदा कार्यक्रम के अंतर्गत आउट ऑफ स्कूल बच्चों तथा प्रवासी श्रमिकों के बच्चों का प्रवेश कराकर लक्ष्य को प्राप्त किया जाए। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराई जाए। वहीं ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुए कार्यो की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पेयजल, शौचालय, रंगाई पुताई, विद्युतीकरण, रैंप निर्माण, श्यामपट्ट आदि बिंदुओं पर जिला पंचायत राज अधिकारी को तथा समस्त एडीओ पंचायत एवं खंड शिक्षा अधिकारी एक दूसरे से समन्वय स्थापित कर सभी बिंदुओं से विद्यालयों को संतृप्त किया जाए। मनरेगा से विद्यालयों में कार्य कराए जाएं, आवश्यकता पड़ने पर डिस्ट्रिक मिनिंग फंड से भी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक विद्यालय को संतृप्त कर ए ग्रेड में लाने के लिए सीडीओ द्वारा एडीओ पंचायत एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ, बीएसए, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डीआईओएस जिला पंचायत राज अधिकारी आदि उपस्थित रहे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Friday, May 29, 2020

गोरखपुर : परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन classes के सम्बन्ध में

परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन classes के सम्बन्ध में

फतेहपुर : सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जनपदों में विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) व ग्राम शिक्षा समिति (VEC) के बैंक खातों में 31 मार्च 2019 तक प्रयुक्त / अवशेष धनराशि को जनपद स्तर पर बैंक खाते में संरक्षित किये जाने के संबंध में।

फतेहपुर : सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जनपदों में विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) व ग्राम शिक्षा समिति (VEC) के बैंक खातों में 31 मार्च 2019 तक प्रयुक्त / अवशेष धनराशि को जनपद स्तर पर बैंक खाते में संरक्षित किये जाने के संबंध में।

महराजगंज : मानव संपदा पोर्टल पर 5 जून तक सर्विस बुक का विवरण सही न करवाने वाले शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों का अग्रिम माह का वेतन बाधित करने के सम्बन्ध में बीएसए ने दिया निर्देश

महराजगंज : मानव संपदा पोर्टल पर 5 जून तक सर्विस बुक का विवरण सही न करवाने वाले शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों का अग्रिम माह का वेतन बाधित करने का बीएसए ने दिया निर्देश, कार्य पूर्ण कराने में सहयोग न करने वाले बीईओ के विरुद्ध सम्पादित होगी विभागीय कार्यवाही।

गोरखपुर : 1/6/2015 से अद्यतन मृतक अध्यापकों एवं उनके आश्रितों की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

01/06/2015 से अद्यतन मृतक अध्यापकों एवं उनके आश्रितों की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार, संसद की मंजूरी मिलते ही होगा लागू

नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार, संसद की मंजूरी मिलते ही होगा लागू


केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार हो गया है। संसद से मंजूरी मिलते ही नई शिक्षा नीति देश में लागू हो जाएगी। दुनिया में इतने बड़े विचार-विमर्श के बाद यह पहली ऐसी शिक्षा नीति होगी। इसमें करोड़ों लोग शामिल हुए है। इस शिक्षा नीति में गांव पंचायत, शिक्षाविदों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों, छात्र और अभिभावकों से भी राय ली गई है। देश एक तरफ कोरोना से  लड़ रहा था तो लॉकडाउन में शिक्षक ऑनलाइन छात्रों को पढ़ाने में व्यस्त थे। दूरदर्शन और रेडियों के माध्यम से शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों के छात्रों तक ऑनलाइन शिक्षा पहुंचाई जाएगी।


केंद्रीय मंत्री ने यह बात देश के सभी 45 हजार कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों के साथ चुनौतियों को अवसर के रूप में बदलना विषय पर आयोजित लाइव वेबिनार में कही। निशंक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है। इसलिए इनको अच्छी शिक्षा और इनकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।  ऐसी मुश्किल हालात में शिक्षकों के चलते ही छात्र शिक्षा से जुड़े रहे। असल मायने में शिक्षक भी कोरोना वॉरियर हैं। अगर किसी शिक्षक को  किसी प्रकार की शिकायत या दिक्कत हो तो वह यूजीसी के शिकायत प्रकोष्ठ से सम्पर्क करें। इसके अलावा मंत्रालय से भी संपर्क कर सकते हैं।


स्वयंप्रभा चैनल दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा प्लेटफार्म

निशंक ने कहा कि हमने ऑनलाइन शिक्षा को काफी मजबूत बनाया है और स्वंयप्रभा चैनल दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा प्लेटफार्म बन गया है। दीक्षा और ई-पाठशाला जैसे प्लेटफार्म हैं ही। लेकिन इसके बाद भी दूर दराज इलाके में रहने वाले छात्रों को नेट की और मोबाइल नेटवर्क की समस्या है तो हम उन्हें दूरदर्शन से टीवी के माध्यम से जोड़ रहे हैं। रेडियो के माध्यम से भी उन्हें शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम छोर पर रहने वाला कोई छात्र पढ़ाई से वंचित नही रहेगा।  


फाइनल ईयर के छात्रों को देनी होगी परीक्षा

निशंक ने कहा कि पहले वर्ष के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार और दूसरे वर्ष के छात्रों को पहले वर्ष के रिजल्ट के 50 फीसदी और 50 फीसदी आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा। सिर्फ फाइनल ईयर के छात्रों को परीक्षा देनी होगी। हालांकि, जुलाई या अगस्त में जब भी परीक्षा होगी, उस दौरान सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। 

फतेहपुर : लॉकडाउन से परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या होगी प्रभावित

फतेहपुर : लॉकडाउन से परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या होगी प्रभावित।


फतेहपुर : लॉकडाउन से परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या होगी प्रभावित।

फतेहपुर : कोरोना वायरस के संकट के चलते परिषदीय स्कूलों में तालाबंदी कर दी गई है। इन तमाम स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। तालाबंदी के चलते नए सत्र में शुरू होने वाली प्रवेश प्रक्रिया ठप चल रही है। इसका असर चालू सत्र में छात्र संख्या में दिखाई देगा। जिसको लेकर शासन स्तर से चिंता जताई गई है। जिले में 1903 प्राथमिक और 747 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। लॉकडाउन के चलते जागरूक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने 18 परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है लेकिन रोजी रोटी का जुगाड़ न हो पाने से गरीब श्रेणी के अभिभावक इसमें रुचि नहीं ले ह हैं तो प्रवेश संख्या नहीं बढ़ पा रही है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया कागजों तक में सीमित होकर ह गई है। बीते सत्रों में प्रवेशित छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान, जागरूकता अभियान, समाज में प्रधान, बीडीसी जैसे प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाता रहा है। इस दफा यह काम पूरी तरह से ठप है। जिसका असर कुल छात्र संख्या में पड़ेगा। बीते सत्र में 2, 43,679 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। कक्षा 8 के 10 हजार बच्चे उत्तीर्ण होकर बाहर हो चुके हैं। इनकी भरपाई हो पाना मुश्किल साबित हो रही है। विभागीय जानकार बताते हैं कि बीते दिन शासन स्तर की बैठक में इस पर चिंता जताई जा चुकी है। वहीं निजी स्कूल गांवों और शहरी आबादी में भ्रमण करके बच्चों के प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्कूल के लिए बच्चों का मिल पाना टेढ़ी खीर साबित होगा। नए सत्र में विद्यालयों के संविलियन प्रक्रिया में शासन ने आदेश जारी किया है कि अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में दूसरे विद्यालयों का विलय होगा। वित्तीय अधिकार सहित तमाम कामकाजों को मुखिया बनकर निपटान अधिक छात्र संख्या वाले स्कूल के प्रधानाध्यापक ही करेंगे। तमाम स्कूल ऐसे हैं जो कि एक ही कैंपस में प्रथम और द्वितीय नामों में चल रहे हैं। छात्र संख्या भी थोड़ी कम ज्यादा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह, मौजूदा समय में छात्र संख्या किस तरह से बढ़ाई जाए इसको लेकर रणनीति बनाई जा ही है। शासन की जो गाइड लाइन है उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। बीते साल की तुलना में इस वर्ष भी छात्र संख्या को उसके आगे ले जाने में पूरी ऊर्जा खपाई जाएगी।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

69000 : फार्म की गलती सुधारने का मौका देने को प्रदर्शन

69000 : फार्म की गलती सुधारने का मौका देने को प्रदर्शन



प्रयागराज | 29 May 2020

69 हजार शिक्षक भर्ती का फार्म भरने में गलती करने वाले अभ्यर्थी संशोधन का मौका देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा परिषद दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। लिखित परीक्षा के फार्म में किसी ने प्राप्तांक-पूर्णांक कैटेगरी में गलत जानकारी दर्ज कर दी है तो किसी ने कोई अन्य कॉलम भरने में चूक कर दी है।


इस चूक से अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती से बाहर हो रहे हैं, इसलिए इनकी मांग है की उन्हें संशोधन का एक अवसर दिया जाए। प्रयागराज के रोहित तिवारी ने मूल प्रमाण पत्रों के आधार पर भर्ती में शामिल करने की मांग की है। उनकी मांग है की मानवीय त्रुटि से फार्म में जो गलती हो गई है, उसे सुधारने को विज्ञप्ति जारी की जाए। रायबरेली से निजी साधन से आईं पूजा यादव ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से मुलाकात का प्रयास किया लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। 


उनका कहना है कि फार्म भरते वक्त गलती से कॉमल संख्या 14 छूट गया। इस कॉलम में शिक्षा मित्र का 25 नंबर का गुणांक न भरने के कारण वह भर्ती से बाहर हो रही हैं। ललितपुर से आई ज्योति शर्मा ने स्नातक की परीक्षा में 815 नंबर की जगह 813 नंबर लिख दिया है। उन्होंने भी सचिव से मिलने का प्रयास किया पर मुलाकात नहीं हो सकी।

राज्य विश्वविद्यालयों में अभी मूल्यांकन शुरू नहीं, शासन के निर्देशानुसार काम शुरू कराने की दिशा में की जा रही है पहल : उच्च शिक्षा निदेशक

राज्य विश्वविद्यालयों में अभी मूल्यांकन शुरू नहीं, शासन के निर्देशानुसार काम शुरू कराने की दिशा में की जा रही है पहल : उच्च शिक्षा निदेशक।



राज्य विश्वविद्यालयों में अभी मूल्यांकन शुरू नहीं, शासन के निर्देशानुसार काम शुरू कराने की दिशा में की जा रही है पहल : उच्च शिक्षा निदेशक।

प्रयागराज : शासन ने छह जुलाई से 2020-21 के शैक्षिक सत्र की कक्षाएं चलाने का आदेश दिया है। इस दिशा में राज्य विश्वविद्यालयों में कार्य नहीं हो पा रहा है। इसी तरह से लॉकडाउन में ग्रीन व ऑरेंज जोन वाले जिलों में अभी तक हुई परीक्षाओं की कापियों का मूल्यांकन कराने का भी निर्देश दिया गया था। विश्वविद्यालयों को मूल्यांकन केंद्र बनाकर रेड जोन वाले जिलों की कापियां भी वहीं जांची जानी थी, परंतु उसके अनुरूप अभी तक कुछ हुआ ही नहीं है। ऐसी स्थिति में छह जुलाई से शैक्षणिक सत्र शुरू होने को लेकर संशय की स्थिति बनी है। प्रदेश में 17 राज्य व 25 निजी विश्वविद्यालयों के अंतर्गत 169 राजकीय, 331 एडेड व एक हजार से अधिक निजी डिग्री कॉलेज संचालित हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार काम शुरू कराने की दिशा में पहल की जा रही है। इसको लेकर वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी जाएगी।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

राजकीय डिग्री कॉलेजों में नहीं होंगे प्रवक्ताओं के तबादले, स्थानान्तरण के लिए नहीं लिए गए आवेदन, अगले साल तक करना होगा इंतजार

राजकीय डिग्री कॉलेजों में नहीं होंगे प्रवक्ताओं के तबादले, स्थानान्तरण के लिए नहीं लिए गए आवेदन, अगले साल तक करना होगा इंतजार।



राजकीय डिग्री कॉलेजों में नहीं होंगे प्रवक्ताओं के तबादले, स्थानान्तरण के लिए नहीं लिए गए आवेदन, अगले साल तक करना होगा इंतजार।

प्रयागराज। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में इस साल प्रवक्ताओं के तबादले नहीं होंगे। कोविड-19 के मद्देनजर तबादले की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। प्रवक्ताओं के तबादले अब अगले साल ही किए जा सकेंगे राजकीय महाविद्यालयों में हर साल तकरीबन डेढ़ सी प्रवक्ताओं के तबादले किए जाते हैं और इसके लिए प्रवक्ताओं से आवेदन भी लिए जाते हैं यह प्रक्रिया मार्च-अप्रैल से शुरू हो जाती है और आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई-जून में तबादले की लिस्ट जारी कर दी जाती है। तबादले के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन लिए जाते थे, लेकिन बाद में उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसमें बदलाव करते हुए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी। यह व्यवस्था दो साल से चल रही है। हालांकि, कुछ प्रवक्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि जब ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है तो तबादला स्थगित करने की क्या जरूरत थी। फिलहाल, समय अब बीत चुका है। इस बार तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं लिए गए और अब तय हो गया है कि प्रवक्ताओं के तबादले अगले सत्र में ही हो सकेंगे कॉलेजों के सामने

सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान सत्र की परीक्षा का आयोजन कराना है। सभी कॉलेज इसी कार्य में व्यस्त हैं, सो कॉलेजों में भी तबादले से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि कार्मिक विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों में इस साल तबादले की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

एकमुश्त फीस नहीं ले सकेंगे विश्वविद्यालय और कॉलेज : यूजीसी

एकमुश्त फीस नहीं ले सकेंगे विश्वविद्यालय और कॉलेज : यूजीसी।



नई दिल्ली : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों से कहा है कि वे एक साथ इकट्ठी फीस नहीं ले सकते। कोरोना के चलते अभिभावक परेशान हैं. ऐसे में उसे एक साथ सेमेस्टर व परीक्षा फीस नहीं मांगनी चाहिए। संस्थानों को इसके समाधान के लिए वैकल्पिक रास्ता तलाशने को कहा गया है। दरअसल छात्रों और अभिभावकों ने यूजीसी कोविड-19 छात्र शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत दी है। उनकी शिकायत पर यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी 750 विश्वविद्यालयों और राज्यों को पत्र लिखा है। उन्होंने सभी संस्थानों से आग्रह किया कि महामारी के चलते सबको दिक्कत है। ऐसे में वे बीच का रास्ता निकालें, ताकि संस्थानों व छात्रों को परेशानी न हो।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

माध्यमिक : प्रदेश सरकार के खिलाफ शिक्षकों ने रखा उपवास, सरकार के रवैये और नीतियों से आक्रोशित हैं शिक्षक

माध्यमिक : प्रदेश सरकार के खिलाफ शिक्षकों ने रखा उपवास, सरकार के रवैये और नीतियों से आक्रोशित हैं शिक्षक।



प्रदेश सरकार के खिलाफ शिक्षकों ने रखा उपवास

प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा के आह्वान पर शिक्षकों ने गुरुवार को अपने आवास पर उपवास रखा। उपवास रख शिक्षकों ने शिक्षकों के प्रति प्रदेश सरकार के तानाशाही रवैये एवं शोषणकारी नीतियों का विरोध किया। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय, जिला मंत्री अनुज कुमार पांडेय, प्रदेश मंत्री कुंज बिहारी मिश्रा, मंडलीय मंत्री जगदीश प्रसाद ने उपवास रखा। शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों के शोषण एवं दमन का कार्य लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में हो रहा है। वेतन काटने के पत्र निकाले जा रहे हैं। फतेहपुर सहित कई अन्य जिलों से भी ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं ।

ऑनलाइन शिक्षा का विरोध, नौ को देंगे ज्ञापन

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) की ओर से 9 जून को सभी जिलों में सीएम को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन दिया जाएगा। संगठन के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने बताया की दिन में 11 बजे जिलाध्यक्ष की अगुवाई में चार शिक्षक डीआईओएस से मिलकर ज्ञापन देंगे।


इस ज्ञापन के जरिए ऑनलाइन/ वर्चुअल शिक्षा के आदेश को वापस लेते हुए शिक्षाविदों से विचार-विमर्श कर समस्त विद्यार्थियों को आच्छादित करने वाली वास्तविक शिक्षा की योजना बनाने, शैक्षिक सत्र को एक जुलाई से 30 जून करने, महंगाई भत्ते और नगर प्रतिकर भत्ते को समाप्त करने का आदेश वापस लेने, शिक्षकों के ऑनलाइन स्थानांतरण आदेश में दिए गए कुछ प्रावधानों को समाप्त करने, वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को कोरोना संकट काल में आर्थिक मदद देने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, May 28, 2020

यूजीसी का निर्देश- 127 संस्थान अपने नाम के आगे ‘यूनिवर्सिटी’ न लिखें

यूजीसी का निर्देश- 127 संस्थान अपने नाम के आगे ‘यूनिवर्सिटी’ न लिखें


■ सुप्रीम कोर्ट के 2017 के आदेश के तहत जारी किया निर्देश

■ सभी यूनिवर्सिटी को 30 मई तक ग्रीवांस सेल बनाने व जल्द शिकायतें दूर करने का आदेश

■ अधूरे सिलेबस, परीक्षा से स्टूडेंट्स परेशान, यूजीसी से कर रहे शिकायतें






यूजीसी ने 127 संस्थानों/डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया है कि वे अपने नामों के आगे ‘यूनिवर्सिटी’ न लगाएं, वरना ऐक्शन लिया जाएगा। कमिशन ने इन्हें लेटर भेजकर कहा है कि विज्ञापनों, वेबसाइट, वेबसाइट एड्रेस, लेटर हेड, होर्डिंग या किसी भी तरह के संवाद में ‘यूनिवर्सिटी’ के इस्मेमाल पर रोक लगाई है। हालांकि, यूजीसी ने ऐसे संस्थानों को alt147डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटीalt148 लिखने की छूट दी है। कुछ संस्थानों की शिकायतें मिलने के बाद यूजीसी ने ये कदम उठाया है।


यूजीसी की जॉइंट सेक्रेटरी अर्चना ठाकुर की ओर से बुधवार को भेजे गए इस लेटर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में अपने एक आदेश में यूजीसी को निर्देश दिया था कि इस प्रैक्टिस को एक महीने के अंदर रोका जाए। कोर्ट ने कहा था कि यह गौर किया गया है कि कई डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी सिर्फ यूनिवर्सिटी शब्द का इस्तेमाल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे स्टूडेंट्स और पैरंट्स को इंस्टिट्यूट तय करने के लिए पारदर्शिता नहीं रहती।


नई दिल्ली : यूजीसी को ऑनलाइन क्लास से लेकर एग्जामिनेशन तक की तमाम शिकायतें और सवाल मिल रहे हैं। यूजीसी ने इसके लिए एक टास्क फोर्स भी बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन क्लास, एग्जाम, पूरा ना हो पाए सिलेबस को लेकर स्टूडेंट्स कई उलझनें सामने आई हैं, जिनका हल यूनिवर्सिटी को ही निकालना है। यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी को कहा है कि सभी यूनिवर्सिटी 30 मई तक हर हाल में ग्रीवांस सेल बनाएं और यूनिवर्सिटी/राज्य सरकारों की टास्क फोर्स शिकायतें दूर करने के उपाय करें।


स्टूडेंट्स की शिकायतों के लिए यूजीसी ने एक हेल्पलाइन 011-23236374 और ईमेल आईडी covid19help.ugc@gmail.com  भी तय की है। पोर्टल में एक नया टैब भी खोला है। यूजीसी का कहना है कि ईमेल और फोन कॉल से अब तक पढ़ाई, एग्जाम, एडमिशन, फीस, फैकल्टी की सैलरी वगैरह को लेकर शिकायतें मिली हैं। एक अधिकारी ने बताया कि खासतौर पर फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स की उलझनें ज्यादा सामने आ रही हैं जो कि एग्जाम को लेकर है। यूजीसी के चेयरमैन डीपी सिंह का कहना है कि यूनिवर्सिटी/कॉलेज/राज्य सरकार की तरफ से इन शिकायतों पर कार्रवाई होनी है। यूनिवर्सिटी और राज्य सरकारों की टास्क फोर्स लिए गए ऐक्शन की जानकारी स्टूडेंट्स के बीच प्रचारित करें।


यूपी के 9, दिल्ली के 10 संस्थान : इन 127 संस्थानों की लिस्ट भी यूजीसी ने जारी की है, जिन्हें यूजीसी ऐक्ट 1956 के सेक्शन 3 के तहत डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी माना गया है। लिस्ट में दिल्ली के IIFT, ILBS, इंडियन लॉ इंस्टिट्यूट, जामिया हमदर्द, टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज


यह है सुप्रीम आदेश
राष्ट्रीय संस्कृति संस्थान, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ समेत 10 इंस्टिट्यूट शामिल हैं। 28 तमिलनाडु, 21 महाराष्ट्र, 14 कर्नाटक, 9 उत्तर प्रदेश के इंस्टिट्यूट हैं। उत्तराखंड का फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट, गुरुकुल कांगड़ी विद्यापीठ, मुंबई का टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस और होमी भाभा नैशलल इंस्टिट्यूट, केरल का इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ स्पेस साइंस ऐंड टेक्नॉलजी भी शामिल हैं।

हाथरस : मध्याह्न भोजन योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 में समस्त मदों का उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

हाथरस : मध्याह्न भोजन योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 में समस्त मदों का उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

अब कहानी विधा से चलेंगीं रेडियो पर 10वीं-12वीं की कक्षाएं

अब कहानी विधा से चलेंगीं रेडियो पर 10वीं-12वीं की कक्षाएं


कोरोना के प्रकोप को देखते हुए लिया गया निर्णय रोचक ढंग से पढ़ना होगा टॉपिक

10वी के चार और इंटर के पांच विषयों की कक्षाएं अब नए अंदाज में संचालित की जाएंगी


यूपी बोर्ड के 10वीं के चार और इंटर के पांच विषयों की कक्षाओं का कहानी विधा के जरिये कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से भी अब प्रसारण किया जाएगा। 


शासन के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। यह व्यवस्था महामारी के वृहद रूप को देखते हुए और 10वीं तथा 12वीं के विद्यार्थियों के सत्र 2020-21 में बोर्ड की परीक्षा के मद्देनजर की जा रही है।


हर जिले के पांच उत्कृष्ट शिक्षकों की मांगी सूची 
माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पाडेय ने सूबे के सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निवेशकों और समस्त जनपदों के आईओएस को पत्र भेजकर हर विषय के पांच-पांच उत्कृष्ट शिक्षकों की सूची मांगी है। शर्त यह है कि उक्त विषयों पर शिक्षकों की पूरी पकड़ हो । उनकी आवाज स्पष्ट होनी चाहिए। साथ ही विषय को कहानी विधा से पढ़ाने का उसमें गुण होना चाहिए। 


क्लास में होगी रिकॉर्डिंग
 पहले शिक्षकों को कहानी विधा के अनुसार टॉपिक रोचक ढंग से पढ़ाना होगा। झन लेक्चरों की रिकॉर्डिंग होगा। उसके बाद समयानुसार रेडियो पर कक्षाओं का प्रसारण किया जाएगा।

फीस माफी पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

फीस माफी पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब


लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोरोना की वजह से जारी लॉकडाउन के समय तक बारहवीं तक के विद्यार्थियों की पूरी फीस माफ किए जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका पर राज्य सरकार समेत अन्य पक्षकार अफसरों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने इस मामले को समान मुद्दे पर दायर की गई एक अन्य याचिका के साथ जोड़कर एक साथ सुनवाई के लिए 18 जून को पेश करने के निर्देश दिए हैं। 


न्यायामूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने बुधवार को चेंबर में यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता शिशिर चतुर्वेदी की जनहित याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के बाद दिया। याची का कहना था कि लॉकडाउन की वजह से अधिकांश अभिभावकों की आमदनी या तो खत्म हो गई है या फिर काफी कम हो गयी है। ऐसे में उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को ही पूरा कर पाना भारी पड़ रहा है। 


ऐसे में प्रदेश के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के इंटरमीडिएट तक के सभी विद्यार्थियों की फीस माफ की जानी चाहिए। यह व्यवस्था करने के निर्देश राज्य सरकार को देने की गुजरिश याचिका में की गई है। उधर, सरकारी वकील एपी श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि फीस के मुद्दे पर एक अन्य याचिका पर सुनवाई 18 जून को नियत है। 



इस पर अदालत ने मौजूदा जनहित याचिका को अन्य याचिका के साथ जोड़कर एक साथ सुनवाई लिए 18 जून को पेश किए जाने के निर्देश दिए ब्यूरो

एनसीईआरटी दे रहा निःशुल्क ई-बुक डाउनलोड की सुविधा

एनसीईआरटी दे रहा निःशुल्क ई-बुक डाउनलोड की सुविधा 


प्रयागराज। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद हैं, बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। किताब की समस्या से परेशान बच्चों की मदद के लिए एनसीईआरटी आगे आया है। 




एनसीईआरटी ने पहली से बारहवीं तक की सभी किताबों को ऑनलाइन ई-बुक के रूप में जारी कर दिया है। बच्चे एवं अभिभावक वेबसाइट ncert.nic.in पर जाकर किताब डाउनलोड कर सकते हैं।

अंबेडकर नगर : ARP के रिक्त पदों के चयन हेतु विज्ञप्ति जारी

अंबेडकर नगर : ARP के रिक्त पदों के चयन हेतु विज्ञप्ति जारी।








 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।