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Wednesday, June 7, 2017

अब नहीं हो पायेगा रिक्त पदों को दबाने का खेल, चयन बोर्ड के तीन सदस्यों का कार्यकाल होने जा रहा पूरा

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, इलाहाबाद के तीन सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है।इनमें वरिष्ठसदस्य ललित कुमार श्रीवास्तव का 12 जून को , विनय कुमार रावत और नरेन्द्र नाथ का कार्यकाल 62 वर्ष की उम्र पूरी होने के साथ सात जुलाईको खत्म होगा।इस प्रकार से चयन बोर्डमें अध्यक्ष सहित छह सदस्य बचेंगे।इनमें वरिष्ठ सदस्य डा. आशालता सिंह, एडी रमेश कुमार,नरेन्द्र सिंह, अनीता यादव और नरेन्द्र कुमार हैं।
उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड
नये साफ्टवेयर में पद- रिक्तियों सहित सभी जानकारियां होंगी दर्ज
फतेहपुर में आठ जुलाई को साफ्टवेयर का पहली बार होगा प्रयोगइलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों में एडेडविद्यालयों में प्रधानाचार्य के 1700 पद कईवर्षो से हैंरिक्त
प्रदेश के एडेडविद्यालयों में एलटी ग्रेड, प्रवक्ता और प्रधानाचार्य के रिक्त पदों पर अब कुंडली मारना विद्यालयों के प्रबंधकों व डीआईओएस कार्यालय को महंगा पड़ेगा क्योंकि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, इलाहाबाद ने एक नया साफ्टवेयर तैयार किया है।इसमें प्रदेश के सभी एडेड विद्यालयों का नाम, पता, एलटी ग्रेड, प्रवक्ता और प्रधानाचार्यएवं उनका कार्यकाल दर्ज होगा। इनके कार्यकाल के खत्म होने से छह माह पूर्वसाफ्टवेयर यह बता देगा कि किस जिले में एलटी ग्रेड, प्रवक्ता या प्रधानाचार्यके पद रिक्त होने वाले हैं।इतना ही नहीं अगर अधियाचन भेजने में विद्यालय के प्रबंधक , डीआईओएस या उनके कार्यालय के बाबू गड़बड़ी करते हैं, तो वहभी पकड़ में आ जायेगा।नये साफ्टवेयर का पहली बार प्रयोग करने के लिए फतेहपुर जिले को चुना गया है।वहां पर आठजुलाईको चयन बोर्ड की सचिव रुबी सिंह, जेडी, डीआईओएस सहित अन्य अधिकारी जा रहे हैं।प्रदेश में एडेड विद्यालयों की संख्या करीब 4500 है।इनमें से 1700 ऐसे विद्यालय हैं, जहां पर प्रधानाचायरे के पद 15 से 20 वर्षसे रिक्त पड़े हुए हैं।वहां का काम प्रबंधकों एवं डीआईओएस की मिलीभगत से प्रवक्ता देख रहे हैं।ऐसे विद्यालयों की संख्या इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, उन्नाव, कन्नौज, मेरठ, मुरादाबाद, चंदौली, जौनपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, फैजाबाद, बस्ती, बरेली, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, मथुरा सहित कई अन्य जिलों में अधिक है।इलाहाबाद में 183 एडेडविद्यालयों में से 80 में, कन्नौज में 59 में से 49 में प्रधानाचायरे के पद कईवर्षसे रिक्त चल रहे हैं।इससे विद्यालयों में जहां शिक्षण कार्यप्रभावित है, वहीं विद्यालयों में व्यापक स्तर पर मनमानी भी चल रही है, लेकिन कोई बोलने वाला नहीं है।प्रदेश के पूर्वमुख्य सचिव जावेद उस्मानी एवं पूर्वप्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेन्द्र कुमार के आदेश पर प्रदेश के सभी डीआईओएस और जेडी ने चयन बोर्डपहुंचकर एलटी ग्रेड, प्रवक्ता एवं प्रधानाचार्य के रिक्त पदों के एक-एक अधियाचन की जांच कर रिपोर्ट दी थी, लेकिन उसके बाद भी प्रधानाचार्य के 1700 रिक्त पदों को डीआईओएस कार्यालयों ने दबा दिया था।उनका अधियाचन कई वर्षसे चयन बोर्डनहीं पहुंचा था। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्डकी सचिव रुबी सिंह ने बताया कि नये साफ्टवेयर के बन जाने से अब कोई भी जिला किसी भी प्रकार के रिक्त पदों को नहीं दबा सकेगा बल्कि ऐसी जानकारी होने पर संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों और डीआईओएस के खिलाफसख्त कार्रवाईशुरूहोगी।
द पवन द्विवेदीइलाहाबाद। एसएनबी

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