DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Wednesday, November 15, 2017

यूजीसी नेट : रिसर्च और शिक्षण में बनेगा करियर, तैयारी के लिए टिप्स जारी


पहले पेपर का सिलेबस
पहले पेपर की तैयारी

सीबीएसई-यूजीसी नेट क्लीयर करने के बाद आपको किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में नौकरी मिल सकती है। यूजीसी ने भी सभी विश्वविद्यालयों से अपने यहां के खाली पदों मसलन असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोशिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद पर जल्द से जल्द बहाली करने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों की चाहत किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ाने की है और उन्होंने किसी विषय में मास्टर्स किया है तो उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास करनी होगी। यह परीक्षा साल में दो बार आमतौर पर जून और दिसंबर महीने में होती है। अखिल भारतीय स्तर पर आर्ट्स विषयों की परीक्षा का आयोजन सीबीएसई करती है, जबकि गणित सहित दूसरे विज्ञान विषयों की परीक्षा आईसीएसएसआर करती है। इस परीक्षा के तहत ही जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और लेक्चररशिप की योग्यता जांची जाती है। कैसी होती है परीक्षा : नेट में सभी विषयों के छात्रों को तीन पेपर देने होते हैं। पहला पेपर टीचिंग व रिसर्च की क्षमता, रीजनिंग आदि पर आधारित होता है, वहीं दूसरा और तीसरा पेपर संबंधित विषय का होता है, जिससे छात्र ने मास्टर डिग्री हासिल की है। तीनों पेपर के प्रश्न ऑब्जेक्टिव होते हैं। पहले पेपर में कुल 60 प्रश्न होते हैं, जिनमें से छात्रों को केवल 50 प्रश्नों के जवाब देने होते हैं। दूसरे पेपर में कुल 50 प्रश्न और तीसरे पेपर में कुल 75 प्रश्न होते हैं। प्रत्येक प्रश्न दो अंक का होता है। मेरिट लिस्ट में अच्छी रेंकिंग, आपको पहला पेपर दिलाएगा। पहले और दूसरे पेपर में 50 प्रतिशत अंक आने के बाद ही तीसरे पेपर की जांच होती है।पुराने प्रश्नपत्र महत्वपूर्ण : पुराने प्रश्न-पत्र आपको यूजीसी की वेबसाइट पर मिल जाएंगे। यदि आप पहले से उन प्रश्नों और उत्तरों से अवगत होंगे, तो आपको परीक्षा में परेशानी नहीं होगी। इस तरह के प्रश्नों पर पकड़ बनाने के लिए पूछे गए प्रश्नों और उसके महत्वपूर्ण तथ्यों को लेकर नोट्स बनाने होंगे।
पहले पेपर में टीचिंग क्षमता, रिसर्च क्षमता, री¨डग कॉम्प्रिहेन्शन, कम्युनिकेशन, डेटा इंटरप्रिटेशन, रीजनिंग, लॉजिकल रीजनिंग, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, एन्वायर्नमेंट, हायर एजुकेशन सिस्टम आदि पर आधारित प्रश्न होते हैं। गौरतलब है कि पहले पेपर का सिलेबस काफी विस्तृत है और छात्रों को सिलेबस से जुड़े तमाम विषयों का विस्तार से अध्ययन करना चाहिए। टीचिंग एप्टिट्यूड के तहत पढ़ाने की प्रक्रिया, पढ़ाने को प्रभावित करने वाले कारक, मूल्यांकन प्रणाली, रिसर्च एप्टिट्यूड के तहत रिसर्च का अर्थ, रिसर्च के तरीके और प्रकार, लेख, वर्कशॉप, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस आदि के अलावा रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन आदि से भी प्रश्न पूछे जाते हैं।
रीजनिंग की तैयारी करने के लिए रेलवे, बैंकिंग या एसएससी की तैयारी के लिए उपलब्ध गाइड से सहायता मिल सकती है। इस पेपर में मान कर चलें कि प्रत्येक टॉपिक से कम से कम पांच प्रश्न पूछे जाएंगे। गणित के प्रश्न दसवीं स्तर के होते हैं।
’ पहले पेपर और अपने विषय के पेपर के सिलेबस में दिए हुए तमाम टॉपिक को ध्यान से पढ़ें’ नेट की परीक्षा से जुड़े अधिक से अधिक प्रश्न पत्रों का बारीकी से अध्ययन करें’ प्रत्येक प्रश्न के उत्तर सिर्फ याद ही न करें, बल्कि उस प्रश्न की गहराई में जाएं और अध्ययन करें। उस प्रश्न से जुड़े जितने नए प्रश्न और बन सकते हैं, उस पर भी विचार करें ’ विषय से जुड़े कॉन्सेप्ट को क्लियर करें और नोट करें
प्रस्तुति: नई दिशा डेस्क

No comments:
Write comments