DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, December 3, 2017

फतेहपुर : उपचार के नाम पर खेल, स्कूल नहीं पहुंच रहीं टीमें

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब हर सरकारी स्कूल में मेडिकल कैंप लगाकर 18 साल तक के बालक बालिकाओं की 38 तरह की मुफ्त जांचे करनी हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत होने वाले इस कार्य में अफसर व कर्मचारी कागजी कार्यवाही कर बड़े अफसरों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। तैयार माइक्रोप्लान के तहत परिषदीय स्कूलों में न तो टीमें पहुंच रही और न ही बच्चों को सेहत सुविधाओं का लाभ मिल पा रहा है। 1स्कूलों में लगने वाले कैंप में बच्चों की लंबाई, वजन, नेत्र दोष, दिव्यांगता समेत कुपोषण की जांचे मुफ्त करके उन्हें उपचार भी मुहैया कराने के लिए हर ब्लाक की मेडिकल टीम में एक डॉक्टर, एक नेत्र सहायक और स्टाफ नर्स को रखा गया है। लेकिन असल में यह संविदा आधारित नौकरी के कर्मचारी है जो अपने तैनाती क्षेत्रों में महीनों जाते ही नही। सेहत महकमे ने माइक्रोप्लान तैयार कर 13 ब्लाकों के सभी स्कूलों व आंगनबाडी केंद्रों में कैंप लगाने की तिथिवार सूची तैयार की है। लेकिन अब तक इस सूची के आधार पर एक भी स्कूल में कैंप नहीं लगाया गया। सीएमओ डा. विनय कुमार पांडेय का मामले पर कहना है कि माइक्रो प्लान के आधार पर काम न करने वाले कर्मचारी दंडित किए जाएंगे। हम उन स्कूलों के प्रधानाचार्य से कैंप की पुष्टि कराएंगे जहां कैंप लगाने का टीम ने दावा किया है।

No comments:
Write comments