DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, June 10, 2018

राजकीय महाविद्यालयों में हुए ऑनलाइन तबादलों में खानापूरी, सिफारिश पर ऑफलाइन तबादले हो चुके, अब ऑनलाइन प्रक्रिया

■ राजकीय महाविद्यालयों में हुए ऑनलाइन तबादलों में खानापूरी

गृह जिले में तैनात 81 प्रवक्ताओं के पद को नहीं दिखाया रिक्त

■ सिफारिश पर ऑफलाइन तबादले हो चुके, अब ऑनलाइन प्रक्रिया



इलाहाबाद : प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में ऑनलाइन तबादला आवेदन करने का रविवार को अंतिम दिन है। इस प्रक्रिया में बहुत कम आवेदन हो सके हैं, क्योंकि जिन जिलों में शिक्षक जाने को इच्छुक हैं, वहां रिक्त पदों की संख्या न के बराबर है। अपने जिले में तैनात प्रवक्ताओं के पदों को भी रिक्त नहीं दिखाया गया है। इससे शिक्षक निराश हैं।



प्राथमिक व माध्यमिक की तर्ज पर राजकीय डिग्री कालेजों के शिक्षकों के तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डा. प्रीति गौतम ने वेबसाइट पर पांच जून को ही साफ्टवेयर अपलोड करा दिया था। शिक्षक दस जून तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदनों का सत्यापन प्राचार्य 11 जून को करेंगे। हर जिले में स्थित राजकीय महाविद्यालयों के विषयवार उपलब्ध रिक्तियों की सूची भी वेबसाइट पर अपलोड की गई है, ताकि उसी के अनुरूप आवेदन हो सके।



इस सूची में ही तमाम विसंगतियां हैं। शिक्षकों की मानें तो विभागीय अफसरों ने इस प्रक्रिया से पहले ही सिफारिश पर ऑफलाइन तबादले बड़ी संख्या में कर दिए हैं। इससे प्रमुख जिलों में रिक्तियां न के बराबर हैं। यही नहीं विभाग ने प्रदेश भर में 81 ऐसे प्रवक्ताओं को खोजा था, जो नियम विरुद्ध अपने गृह जिले में तैनात हैं, उन पदों की भी रिक्ति वेबसाइट पर नहीं है। विभाग ने ऐसे प्रवक्ताओं का खुलासा जोरदार तरीके से किया लेकिन, उन्हें हटाने का प्रयास नहीं किया गया है।



अब गृह जिले में तैनात प्रवक्ता पदों पर बरकरार रह सकेंगे। शिक्षकों का कहना है कि पारदर्शिता के नाम पर ऑनलाइन आवेदन मांगकर सिर्फ खानापूरी हो रही है। उधर, उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से कहा गया है कि तबादले प्रक्रिया के तहत हो रहे हैं, इसमें कोई पक्षपात नहीं हुआ है।

No comments:
Write comments