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Monday, April 15, 2024

PEN नंबर से विद्यार्थियों को मिलेगी विशिष्ट पहचान, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

PEN नंबर से विद्यार्थियों को मिलेगी विशिष्ट पहचान, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
 

सूबे के सभी मान्यता प्राप्त, शासकीय, अशासकीय, परिषदीय और निजी विद्यालयों में पंजीकृत कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों की अब पेन (परमानेंट एजुकेशनल नंबर) से पहचान होगी। विद्यार्थियों की टीसी पर उनका पेन और विद्यालय का यू-डायस कोड भी दर्ज किया जाएगा। इससे विद्यार्थी का विवरण ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इससे शिक्षा जगत में होने वाले कई तरह के फर्जीवाड़ों पर रोक लगेगी।

अब विद्यार्थियों को टीसी, परीक्षा के दौरान प्रवेश पत्र में त्रुटियां और बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाई जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों का परमानेंट एजुकेशन नंबर जारी किया जाएगा। इसी के आधार पर विद्यार्थियों का सारा विवरण आसानी से प्राप्त हो जाएगा। साथ ही बिना मान्यता प्राप्त संचालित हो रहे स्कूलों पर भी लगाम लगेगी।

भारत सरकार के यू-डायस पोर्टल पर कक्षा एक से 12 तक सभी विद्यार्थियों का विवरण अपलोड कराया गया है। इसमें विद्यार्थी का नाम, पिता, माता का नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर, अभिभावक व विद्यार्थी का बैंक खाता आदि का विवरण शामिल है।

विद्यार्थी का यू-डायस पोर्टल पर विवरण अपलोड होने के बाद उसका परमानेंट एजुकेशनल नंबर जारी हो जाएगा। इसी पेन नंबर से ही ऑनलाइन टीसी जारी करने की व्यवस्था शुरू होगी। इससे देश में किसी भी विद्यार्थी का यू-डायस कोड व पेन नंबर से विवरण देखा जा सकता है।



विद्यार्थियों का बनेगा पर्सनल एजुकेशन नंबर, प्राथमिक और माध्यमिक विभाग ने तैयारी शुरू की

कक्षा एक से इंटर तक के विद्यार्थियों का पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन) जारी किया जाएगा। विद्यार्थियों की टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) पर पेन और विद्यालय का यू-डायस कोड भी दर्ज किया जाएगा। शासन से आदेश आने के बाद प्राथमिक और माध्यमिक विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।

बिना मान्यता के विद्यालयों के संचालित होने और एक ही विद्यार्थी का दो स्कूलों में नामांकन होने का मामला शिक्षा विभाग के सामने आता रहता है। ऐसे में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब विद्यार्थियों को पेन ( पर्सनल एजुकेशन नंबर) जारी करने का आदेश दिया गया है। 

नए शैक्षिक सत्र 2024 के लिए पेन नंबर की तैयारी तेज कर दी गई है। इसमें यू-डायस पोर्टल पर विद्यार्थियों की आईडी तैयार की जाएगी। विद्यार्थियों से जुड़ी सभी जानकारी इस नंबर से देखी जा सकेगी।

विद्यार्थियों के विवरण स्वास्थ्य, कद, ब्लड ग्रुप के साथ शैक्षिक विवरण से जुड़ी जानकारी इसमें रहेगी। शासन से आदेश आने के बाद विभाग ने विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिया है। 

विद्यार्थियों का पेन जारी किया जाएगा। यू डायस पोर्टल पर यह नंबर डालते ही उनसे जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध हो जाएंगी। इससे फर्जीवाड़ा रोकने में आसानी होगी। एक ही बच्चे का दो जगह नामांकन नहीं किया जा सकेगा।


यूपी : अब कक्षा एक से इंटर तक के विद्यार्थियों के लिए 'पेन' अनिवार्य, प्रदेश में लागू कराने के लिए आदेश जारी


लखनऊ : अब कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों का पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन) अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश को प्रदेश में लागू कराने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। 

स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों व जिला विद्यालय निरीक्षकों को इसे बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। पेन के बिना विद्यार्थियों की गणना किसी भी प्रकार के शैक्षिक सरकारी रिकार्ड में नहीं हो स्कूलों सकेगी। शैक्षिक सरकारी रिकार्ड में नाम न होने के कारण विद्यार्थियों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) नहीं मिल सकेगी। छात्रवृत्ति व अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो जाएंगे। 


यही नहीं, शासकीय प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा व मान्य में पंजीकरण नहीं हो सकेगा। ऐसे में सरकारी , अशासकीय सहायता प्राप्त ऐडेड स्कूलों व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए यह बहुत जरूरी है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय में पढ़ रहे 1.96 करोड़ विद्यार्थियों का पेन बनाने के लिए यू-डायस प्लस पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट करने के निर्देश सभी बीएसए को दिए गए हैं।



PEN : प्रदेश में पर्सनल एजुकेशन नंबर बनाने की प्रक्रिया हुई तेज

लखनऊ। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के क्रम में प्रदेश में भी कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन) को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि पेन के बिना विद्यार्थियों की गिनती किसी शैक्षिक रिकॉर्ड में नहीं की जाएगी। इसे लेकर जिला स्तर पर कवायद तेज हो गई है। 

जानकारी के अनुसार विभाग की ओर से सभी बीएसए व डीआईओएस को इसे बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बिना विद्यार्थियों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट नहीं मिल सकेगा। यह भी कहा जा रहा है कि विद्यार्थी छात्रवृत्ति या अन्य सरकारी योजनाओं से भी लाभान्वित नहीं हो पाएंगे। ऐसे में सरकारी स्कूलों के साथ-साथ एडेड व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भी यह जरूरी है। 

देवरिया, गोंडा, सीतापुर आदि जिलों में बीएसए की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि यू-डायस पोर्टल पर विद्यार्थी का प्रोफाइल, नामांकन प्रोफाइल दर्ज किए जाएं। 



अब परमानेंट एजुकेशन नम्बर की मदद से फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, यू-डाइस के जरिए विद्यार्थीयों  को PEN नंबर होगा अलॉट 

Permanent education number अब फर्जी डिग्री का उपयोग कर नौकरी लगने वाले लोगों का भंडाफोड़ किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय पैन कार्ड के समान छात्रों को परमानेंट एजुकेशन नम्बर (permanent education number, PEN) देने की योजना बनाई गईं है।

इन कार्ड में छात्रों की शैक्षणिक सम्बन्धी सभी विवरण शामिल होंगे। यू-डाइस (यूनिफाइड़ डिस्ट्रिक इनफॉर्मेशन सिस्टम फोर एजुकेशन) के जरिए ये नंबर तैयार किया जा रहा है। PEN के माध्यम से फर्जी मार्कशीट से नौकरी पर अंकुश लग सकेगा। वहीं सरकारी योजनाओं में फर्जी तरीके से लाभ लेने की सूचना मिलती है

इस पर भी पाबंदी लग सकेगी। क्योंकि केवल एक नम्बर के माध्यम से ही विद्यार्थी की सभी प्रकार की सूचनाएं पोर्टल के माध्यम से देखी जा सकेंगी। विद्यार्थियों की 53 प्रकार की सूचनाएं संग्रहित रहेंगी। इसमें विद्यार्थियों की हेल्थ, हाइट, ब्लड ग्रुप व वजन आदि की जानकारी भी रहेगी। 



टीसी के साथ नहीं मिल पा रहा PEN (Permanent Education Number), जानिए क्यों जरूरी है यू-डायस और पेन नंबर?

नए सत्र में अभिभावकों के लिए एक स्कूल से दूसरे स्कूल में बच्चे का प्रवेश करवाना मुश्किल होता जा रहा है। इस तरह के प्रवेश के लिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के साथ परमानेंट एजुकेशन नंबर (PEN) भी जरूरी है। ज्यादातर स्कूल टीसी पर PEN दर्ज नहीं कर रहे, जबकि नए स्कूल में PEN के बिना प्रवेश नहीं हो रहा। ऐसे में अभिभावक टीसी मिलने के बाद भी प्रवेश के लिए चक्कर काटने को मजबूर हैं। 


स्कूलों में प्रवेश के लिए बीते सत्र से परमानेंट एजुकेशन नंबर अनिवार्य हो गया है। इसके लिए स्कूलों को अपने यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का रेकॉर्ड यू-डायस पर चढ़ाना होता है। इससे उनका परमानेंट एजुकेशन नंबर जनरेट होता है, लेकिन स्कूल टीसी के साथ स्टूडेंट का परमानेंट एजुकेशन नंबर नहीं दे रहे। 


माध्यमिक विद्यालयों, सीबीएसई और सीआईएससीई स्कूलों को अभी तक टीसी पर यू-डायस कोड और पेन दर्ज करने का लिखित आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसके साथ टीसी पर पेन और आधार दर्ज करने का अलग कॉलम भी तय नहीं है। दूसरे स्कूल में बच्चे का प्रवेश करवाने जा रहे अभिभावकों को मुसीबतें उठानी पड़ रही हैं।


पेन नंबर की व्यवस्था पिछले साल लागू हुई है। । इस सत्र में सभी बच्चों के रेकॉर्ड ऑनलाइन हो जाएंगे। फिलहाल टीसी के साथ पेन नंबर और यू-डायस कोड लिखने के निर्देश दिए गए हैं। - राकेश कुमार पांडे, डीआईओएस, लखनऊ


राजधानी समेत प्रदेश में कई स्कूल रजिस्टर्ड नहीं है। कई
बच्चों के नाम एक से अधिक स्कूल में दर्ज होने के मामले
भी सामने आते हैं। यह फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रजिस्टर्ड स्कूलों का यू-डायस और स्टूडेंट का PEN जारी किया जा रहा है। स्कूल यू-डायस पर स्टूडेंट्स का पूरा रेकॉर्ड आधार, कक्षा, सेक्शन, माता-पिता का नाम, पता, जन्मतिथि वगैरह दर्ज करते हैं। रेकॉर्ड दर्ज करते ही स्टूडेंट का पेन नंबर जनरेट हो जाता है। स्कूलों को टीसी के साथ PEN देने के निर्देश हैं, लेकिन नई व्यवस्था के कारण स्कूलों में गलती हो रही है। कई स्कूलों में अभी बच्चों के रेकॉर्ड यू-डायस पर अपलोड नहीं हो सके हैं। ऐसे में अभिभावक टीसी लेते समय स्कूल से PEN की मांग कर सकते हैं।

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