DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, May 19, 2017

रसोइयों का मानदेय 8000 हजार करने सहित अन्य मांगों को लेकर सैकड़ों रसोइयों ने धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन

लखनऊ। प्रदेश के रसोइयों का मानदेय 8000 हजार करने सहित अन्य 9 मांगों को लेकर रसोइया संघ के बैनर तले सैकड़ों रसोइयों ने बृहस्पतिवार को लक्ष्मण मेला मैदान में धरना-प्रदर्शन कर अपर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।इस मौके पर रसोइया संघ की अध्यक्ष चन्द्रा यादव ने कहा कि ग्राम प्रधान व विद्यालय के प्रधानाचार्य की मिलीभगत से एक तो रसोइयों को काम के हिसाब से मानदेय नहीं दिया जा रहा है दूसरे प्राथमिक विद्यालयों व माध्यमिक विद्यालयों में खाना बनाने वाली रसोइयों की सेवा समाप्त न किया जाय। उन्होंने कहा कि रसोइयों को मिलने वाले मानदेय को ग्राम प्रधान के खाते से अलग कर रसोइयों के खाते में सीधे भेजा जाय। इसके अलावा शिक्षकों की तरह रसोइयों को भी 12 माह का मानदेय दिये जाने की मांग की।






उन्होंने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर रसोइया संघ के पदाधिकारी पूर्व छह वर्षो से आन्दोलन करते आ रहे हैं, जिसपर कोई सकारात्मक कार्रवाई नही की जा रही है, जिसके चलते ग्राम प्रधानों का मनोबल दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारी रसोइयों ने कहा कि कई माह का मानदेय रोका गया है,जिसे तत्काल ग्राम प्रधान के बजाय रसोइयों के खाते में सीधे डाला जाय। धरने पर ललिता देवी, सुगन्ती कुशवाहा, विमला देवी, उर्वशी, विन्द्रा सेवी, रीता सेवी, सुभावती व फूलमती सहित सैकड़ों रसोइया मौजूद थीं।

No comments:
Write comments