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Thursday, September 21, 2017

शिक्षकों की चिंता हरेगा ‘कल्याण कोष’ : गंभीर बीमारी, दुर्घटना में इलाहाबाद राज्य विवि शिक्षकों को देगा आर्थिक मदद


अच्छी पहल  :   इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय ने शुरू की कोष में कटौती जल्द ही बनेगी नियमावली

इलाहाबाद  : इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय ने शिक्षकों के हक में एक की है। विश्वविद्यालय से संबद्ध 550 महाविद्यालयों के शिक्षकों को गंभीर दुर्घटना व बीमारी की दशा में आर्थिक मदद देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत विश्वविद्यालय ने शिक्षक कल्याण कोष का गठन कर दिया है। इस मद में शिक्षकों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक (वेतन को छोड़कर) में से पांच प्रतिशत की कटौती शुरू कर दी गई है।


कानपुर विश्वविद्यालय सहित सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षक कल्याण कोष का गठन किया गया है। इस कोष से किसी शिक्षक के गंभीर रूप से बीमार होने या दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने पर उसे आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय में अभी इसकी सुविधा नहीं थी। शिक्षक इस आशय की मांग भी करते रहे हैं। इसको देखते हुए राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षक कल्याण कोष का गठन किया गया।


कानपुर विश्वविद्यालय के आर्डिनेंस के मुताबिक चल रहे विश्वविद्यालय ने अभी तक की गई कटौती की राशि को शिक्षक कल्याण कोष में ट्रांसफर भी कर दिया गया है। अब आगे शिक्षकों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक में से की गई पांच प्रतिशत कटौती का पैसा शिक्षक कल्याण कोष में जमा होता रहेगा। कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अन्य विश्वविद्यालयों में शिक्षक कल्याण कोष से पैसा केवल शासकीय व अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को ही दिया जाता रहा है।

हम राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय व अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को तो यह सुविधा देंगे ही साथ ही साथ स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी गंभीर बीमारी व दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता देंगे। जल्द ही पांच सदस्यीय एक्सपर्ट का पैनल गठित कर नियमावली तैयार करा ली जाएगी। इसके बाद इस मामले को कार्यपरिषद में अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

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