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Tuesday, September 5, 2017

बरेली को गर्व है इन शिक्षकों पर, अपने दम पर बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर

रोचक तरीके से पढ़ाएं

सिखाने की प्रक्रिया हो सुगम

गुरु बनने का सफर करें पूरा

बरेली को गर्व है अपने इन शिक्षकों पर

सिखाने की प्रक्रिया सुगम

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस

ईमानदारी से निभाएं ड्यूटी

शिक्षक ही ला सकते हैं सुधार


राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता मो अहमद ने कहा कि बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाने चाहिए। एक बार बच्च स्कूल आने लगेगा तो फिर सुधार भी नजर आने लगेगा।

राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता शिक्षक लालबहादुर गंगवार ने कहा कि हमको बच्चों के साथ बच्च बनकर ही रहना होगा। तभी हम सिखाने की प्रक्रिया को सुगम बना सकेंगे।

प्राइमरी स्कूल भरतौल की इंचार्ज डॉ शिवानी जौहरी ने कहा कि हमको एक शिक्षक से गुरु बनने तक का सफर तय करना है। जिस दिन हम यह पूरा कर लेंगे, खुद ही रिजल्ट आने लगेंगे।

बरेली वरिष्ठ संवाददाताजिले में तमाम शिक्षक हैं जिन्होंने अपने दम पर स्कूल की छवि बदल कर रख दी। आज भी वे अपने स्कूल को सुधारने में लगे हुए हैं।नम्बर वन अंग्रेजीभाषी स्कूल : प्राइमरी स्कूल भरतौल बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी भाषी स्कूलों में नंबर वन है। इस स्कूल में प्रवेश करते ही आपको ऐसा लगेगा जैसे कि आप किसी निजी स्कूल में आ गए हैं। स्कूल में साफ-सफाई, बच्चों के बनाए गए विभिन्न मॉडल और अंग्रेजी बोलते छात्र अलग छाप छोड़ते हैं। स्कूल को बदलने में इंचार्ज डॉ शिवानी जौहरी और सहायक अध्यापिका शैलजा त्रिपाठी व आनंद जायसवाल का योगदान है।लखौरा स्कूल बना था बेस्ट स्कूल : पिछले वर्ष लखौरा स्कूल बेस्ट स्कूल चुना गया। सरकार ने हेड टीचर नीता जोशी को पुरस्कृत भी किया। कॉन्वेंट स्कूल की तर्ज पर वह अपने स्कूलों में सभी पर्व को धूमधाम से मनाती हैं। सहजनी स्कूल को मिला पुरस्कार: सफाई के मामले में सहजनी स्कूल को प्रदेश के 11 स्कूलों में चुना गया है। स्कूल को बदलने में डॉ क¨वद्र सिंह के साथ ही एबीआरसी रहे एलबी गंगवार और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अर¨वद पाल का भी विशेष योगदान है। अब यह टीम अन्य स्कूलों पर काम कर रही है।

शिक्षक अनिल कुमार ने बताया कि हमको बच्चों के उनकी मनोदशा के अनुसार ही पेश आना होगा।इससे ही वे जल्दी सीख सक ते हैं।

प्रयोगधर्मी शिक्षक डॉ अनिल चौबे ने कहा कि हमारे एजेंडे में सबसे पहला शब्द गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का होना चाहिए। जिस दिन सभी शिक्षक इस बात को गांठ बांध लेंगे, बदलाव नजर आने लगेगा।

प्रधानाचार्य डॉ विवेक मोहन ने कहा कि हम सभी को ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभानी होगी, तभी हम अच्छे शिक्षक कहला सकते हैं।

मैस्कॉट के महानिदेशक विवेक शर्मा ने कहा कि शिक्षक ही शिक्षा में सुधार ला सकते हैं। हमको क्षमताओं को पहचान कर सही दिशा में मेहनत करनी होगी।

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