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Friday, October 20, 2017

आंगनबाड़ी केंद्रों में कैसे सीखें नौनिहाल? प्री-स्कूल किट पर विभाग के निर्णय की वजह से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने व सिखाने का काम ठप

लखनऊ : आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-स्कूल किट न होने के कारण यहां आने वाले बच्चे स्कूल से पहले की शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं। प्री-स्कूल किट पर विभाग पांच महीने में भी कोई निर्णय नहीं ले सका। इस वजह से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने व सिखाने का काम ठप पड़ा है।

दरअसल, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को स्कूली शिक्षा से पहले रोचक तरीके से पढ़ाया जाता है। इसके लिए प्री-स्कूल किट का सहारा लिया जाता है। इस किट की सप्लाई के लिए टेंडर अखिलेश यादव सरकार के समय आमंत्रित किए गए थे, लेकिन जब प्रदेश में सरकार बदली तो इसकी जांच की गई। जांच में पता चला कि प्री-स्कूल किट व मेडिसिन किट सप्लाई का टेंडर एक ही कंपनी को दे दिया गया है।

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार की सचिव अनीता सी मेश्रम ने जब इस मामले की जांच डीएम से करवाई तो कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसी को आधार बनाते हुए मई 2017 में यह टेंडर सरकार ने निरस्त कर दिए थे। इसके बाद इसके टेंडर नए सिरे से होने थे, लेकिन पांच महीने बीतने के बाद अभी भी विभाग इसकी शर्ते तय नहीं कर पाया। इसका नतीजा यह हो रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के लिए किट ही नहीं है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि टेंडर आमंत्रित होने व उसे स्वीकृत होने के बाद भी किट आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने में तीन से चार महीने का समय लगना तय है। ऐसे में अभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को प्री-स्कूल किट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

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