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Wednesday, January 24, 2018

प्रदेश में शिक्षा ग्रह योजना लागू करने पर विचार, सॉफ्टवेयर से ऑनलाइन उपस्थिति, एमडीएम व शिक्षण पर निगरानी



 बनारस के परिषदीय विद्यालयों में ‘शिक्षा ग्रह’ नामक साफ्टवेयर से शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति, मिड डे मील सहित अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसकी सफलता को देखते हुए अब पूरे सूबे में ‘शिक्षा ग्रह’ नामक योजना लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इस क्रम में इसकी विस्तृत जानकारी सीडीओ के माध्यम से शासन को भेजी जा रही है। विद्यालयों की आनलाइन निगरानी के लिए अक्टूबर 2016 में तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने ‘शिक्षा ग्रह’ योजना शुरू की थी। साफ्टवेयर विकसित कराकर इसमें जिले के सभी 1368 विद्यालयों का डेटा फीड किया गया। इसमें शिक्षकों, छात्र -छात्रओं की प्रोफाइल भी शामिल की गई। वहीं अनुश्रवण के लिए बीएसए कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें चार कंप्यूटर लगाए गए हैं। साथ ही कंट्रोल रूप में तैनात अनुदेशकों को प्रतिदिन 40 से 50 विद्यालयों में फोन कर शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन मेन्यू के अनुसार बन रहा है या नहीं सहित अन्य बिंदुओं पर पड़ताल करते हैं। इस दौरान चक्रानुक्रम से एक खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की भी ड्यूटी लगाई जाती है जो हेड मास्टरों व छात्रों से सवाल भी पूछते हैं। कंट्रोल रूम को सूचना दिए बिना अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों का उक्त दिवस का वेतन की भी कटौती की जाती है। जनपद में ‘शिक्षा ग्रह’ योजना लागू होने से विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति सुधार आया है।

ग्रेडिंग की व्यवस्था - तत्कालीन डीएम ने ‘शिक्षा ग्रह’ में बच्चों की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों की ग्रेडिंग की भी योजना बनाई थी। इसके तहत विद्यालयों में वार्षिक व अर्धवार्षिक परीक्षा के अलावा वर्ष में चार यूनिट कराना था। यूनिट टेस्ट में बच्चों की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के ग्रेड तय करना था ताकि विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति का आंकलन किया जा सके। साथ ही टेस्ट के माध्यम से पढ़ने में कमजोर बच्चों को चिन्हित किया जा सके। डीएम विजय किरन आनंद का स्थानांतरण हो होने के कारण यूनिट टेस्ट व ग्रेडिंग की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी।

शासन स्तर से विद्यालयों में और सुधार के लिए जनपद स्तर पर लागू किए गए नवाचार कार्यक्रमों के सभी जनपदों से सूचना मांगी गई है। ताकि इनमें से सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रमों का चयन कर प्रदेश स्तर पर लागू किया जा सके। इस क्रम में जनपद स्तर पर तैयार किए गए ‘शिक्षा ग्रह’ नामक साफ्टवेयर के बारे में विस्तृत जानकारी सीडीओ के माध्यम से शासन को भेज दी गई है। शासन ‘शिक्षा ग्रह’ को प्रदेशस्तर पर लागू करने के लिए गंभीरता से विचार कर रही है।-बृजभूषण चौधरी, बीएसए



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