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Monday, August 21, 2017

बरेली : एक स्कूल जहाँ कॉन्वेंट जैसी शिक्षा, राज्य स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार-2016 प्राप्त करने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार की दौड़ में शामिल

जागरण संवाददाता, बरेली : एक ओर जहां परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अक्सर संसाधनों का रोना रहते हैं। वहीं, बहेड़ी ब्लॉक का एक स्कूल ऐसा हैं, जहां कॉन्वेंट स्कूलों से बेहतर शिक्षा दी जा रही है। वहां के विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर भी बेहतर है। वे हिंदी के साथ गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की समझ भी रखते हैं। अब आप भी समझ गए होंगे कि प्राइमरी स्कूल सहजनी की बात की जा रही है। विद्यार्थियों की शैक्षिक स्तर अच्छा होने के साथ ही वहां पर मिलने वाली सुविधाएं भी अच्छी हैं। इस स्कूल को स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2016 के लिए भी चुना गया है। 1यह स्कूल सफलता की सीढ़ी यूं नहीं चढ़ गया। इसमें करीब 11 वर्षो तक कड़ी मेहनत की गई है। इसे फलक तक ले जाने की शुरुआत तत्कालीन प्रधानाध्यापक एवं संकुल प्रभारी डॉ. कविंद्र सिंह ने की थी। लंबे समय तक सुधार के बाद स्कूल ब्लॉक से लेकर जिलास्तरीय अधिकारियों की नजर में आ गया। अब प्रधानाध्यापक राजीव सिंह अपने साथी सहायक अध्यापक अमित सिंह राणा और मोहम्मद इस्लाम अली के साथ लगातार कड़ी मेहनत करके इसे बेहतर बनाने में लगे हैं। बेसिक शिक्षा का सकारात्मक पक्ष दिखाता यह विद्यालय आगे राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार पाने की दौड़ में शामिल होने की राह पर अग्रसर है।ऐसे हुआ चयन 1एसएसए की राज्य परियोजना की ओर से 22 जिलों के 52 विद्यालयों इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया था। राज्य स्तरीय टीम ने सत्यापन के बाद विद्यालय को राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2016 के लिए संस्तुति की। आठ अगस्त को लखनऊ में हुई बैठक में स्कूल की सफाई से संबंधित ऑडियो वीडियो, फोटो प्रस्तुत किए गए। इसमें विद्यालय को 87.37 फीसदी अंक मिले। विद्यालय को स्वच्छ स्कूल के लिए चुना गया।सहजनी विद्यालय की फैक्ट फाइल 1’प्रधानाध्यापक एक, शिक्षक दो ’चार कक्ष और दो अतिरिक्त कक्ष ’छात्र एवं छात्रओं के लिए अलग-अलग शौचालय ’विद्यालय की चहारदीवारी ’स्वच्छ पेयजल के लिए सबमर्सिबल ’जल संचय तीन ओवरहेड टैंक ’पानी की सात टंकी एवं वॉशबेशन ’सभी विद्यार्थियों के लिए बेंच ’विद्यालय में विद्युतीकरण की व्यवस्था ’सभी कक्षाओं में दो पंखे, ट्यूबलाइट एवं बल्ब ’दो किलोवाट का इन्वर्टर पांच किलोवाट का जेनरेटर ’सभी कक्षाओं में सोलर लाइट की व्यवस्था’सभी कक्षाओं में पर्याप्त टीचर्स लर्निग मैटेरियल ’विद्यालय में पौधे एवं फुलवारी ’सभी कक्षाओं में डस्टबिन की व्यवस्था।


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