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Tuesday, August 1, 2017

एक माह में बालिका विद्यालयों में शौचालय व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के हाईकोर्ट ने दिये निर्देश

⚫ सरकार बालिका विद्यालयों में शौचालय नहीं दे पा रही तो स्वच्छ भारत मिशन के विज्ञापन में उन कॉलेजों का भी उल्लेख करे जहां शौचालय नहीं है।



इलाहाबाद : हाईकोर्ट ने प्रदेश में राजकीय बालिका विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, विद्युत आपूर्ति व फर्नीचर की सुविधाएं मुहैया न कराने पर मुख्य सचिव को एक माह में सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि सरकार बालिका विद्यालयों में शौचालय सहित मूलभूत सुविधाएं नहीं दे पा रही तो स्वच्छ भारत मिशन के प्रचार विज्ञापन में उन कालेजों का भी उल्लेख करे जहां शौचालय नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन एवं न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने विनोद कुमार सिंह की याचिका पर दिया है।



 कोर्ट ने बालिका विद्यालयों में शौचालय व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में प्रमुख सचिव से हलफनामा मांगा था। विशेष सचिव ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि 75 फीसदी बजट मुक्त हो चुका है। 25 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पांच कालेजों में बिजली, 11 में पानी व पांच में शौचालय नहीं है। 22 कालेजों में फर्नीचर दिया जाना है। इस पर कोर्ट ने मुख्य सचिव को सभी सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है।


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