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Wednesday, April 11, 2018

बस्ती : पुराने प्र0अ0 को रिलीव कर पाना विभाग के लिए बना समस्या, अंग्रेजी स्कूल में रसूख के आगे टूट गए सारे नियम

मनमानी स्वेच्छा से नहीं कर रहे ज्वाइन

बेसिक शिक्षा विभाग में अंधेरगर्दी हद से ज्यादा है। सामान्य लोगों पर तो नियमों का सितम ढाया जा रहा है। वहीं रसूखदार के लिए शासन के नियम भी ताख पर रख दिए जा रहे हैं। विभाग की की नजीर बन गया है सदर विकास खंड का प्राथमिक विद्यालय भूअर निरंजनपुर। पिछले दिनों जिले से चयनित 70 अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में यह भी शामिल है। सभी स्कूलों के संचालन के लिए अंग्रेजी सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक पद के लिए परीक्षा कराई गई। एक विद्यालय पर चार सहायक अध्यापक और एक प्रधानाध्यापक यानी पांच शिक्षक का मानक तय हुआ है। 350 शिक्षकों की आवश्यकता थी मगर परीक्षा में महज 68 सहायक अध्यापक और 68 प्रधानाध्यापक ही चयनित हुए। अंग्रेजी स्कूलों में स्टाफ की यह संख्या बेहद कम है। इससे बेहतर ढंग से स्कूल संचालित हो पाना कठिन है। नियमों के साथ खिलवाड़ भी किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय खुटहन की प्रधानाध्यापक रितु पांडेय का चयन अंग्रेजी माध्यम के प्रधानाध्यापक पद पर हुआ। इन्हें भूअर निरंजनपुर विद्यालय आवंटित हुआ। मगर न जाने किस मजबूरी में उन्हें ज्वाइन नहीं कराया गया। अंदरखाने की खबर के मुताबिक यह विद्यालय रसूखदार लोगों से जुड़ा हुआ है। इसीलिए पुराने प्रधानाध्यापक को यहां से रिलीव कर पाना विभाग के लिए समस्या है। अफसरों को बैकफुट पर आना पड़ा। उधर चयनित प्रधानाध्यापक ने भी अपनी नई तैनाती को लेकर आवाज उठा दी। अधिकारी सांसत में पड़ गए। आनन-फानन में भूअर निरंजनपुर के लिए चयनित प्रधानाध्यापक को यह आश्वासन देकर मनाया गया कि उनके पूर्ववत विद्यालय खुटहन को भी अंग्रेजी माध्यम कर दिया जाएगा। इसके लिए अलग से प्रस्ताव भी विभाग ने बनाया है। जबकि भूअर निरंजनपुर में तैनात प्रधानाध्यापक को अंग्रेजी माध्यम के लिए नामित करने की तैयारी चल रही है। सभी प्रधानाध्यापक परीक्षा देकर अंग्रेजी स्कूल पाए है, वहीं भूअर निरंजनपुर में बिना परीक्षा के ही प्रधानाध्यापक नियुक्त होंगे। ताकि संबंधित प्रधानाध्यापक की तैनाती स्थल बदल न सके। दूसरी ओर अन्य अंग्रेजी माध्यम स्कूल है जहां पुराने प्रधानाध्यापक नहीं छोड़ना चाह रहे हैं।मामला अधिकारियों से जुड़ा है इसलिए अंग्रेजी स्कूल भूअर निरंजनपुर के लिए चयनित प्रधानाध्यापक रितु पांडेय भी स्पष्ट बोलने से कन्नी काटती रहीं। कहा कि वह अपनी स्वेच्छा से नए तैनाती स्थल पर नहीं गईं। परीक्षा खुद की क्षमता को आजमाने के लिए दिए थे। हम अपने पूर्व विद्यालय खुटहन में ही तैनात रहेंगे। वैसे यदि अधिकारी दबाव बनाएंगे तो ज्वाइन कर सकते है।

पुराने प्रधानाध्यापक को ही करेंगे नामित: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि भूअर निरंजनपुर अंग्रेजी स्कूल में पुराने प्रधानाध्यापक को ही नामित कर देंगे। मगर अन्य प्रधानाध्यापक परीक्षा दिए, यहां बिना परीक्षा के ही क्यो? सवाल पर शासनादेश की दुहाई देते रहे। अन्य स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर यह शासनादेश नहीं लागू किया गया। यहां के लिए परीक्षा में चयनित रितु पांडेय के पूर्व तैनाती वाले स्कूल खुटहन को अंग्रेजी माध्यम के लिए प्रस्तावित कर दिया गया है। इसीलिए उन्हें खुटहन में वापस कर दिया गया।’
अंग्रेजी माध्यम का प्राथमिक स्कूल भूअर निरंजनपुर चयन होने के बाद भी ज्वाइन नहीं कर पाईं प्रधानाध्यापक इकलौते विद्यालय के लिए बदलना पड़ा

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