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Sunday, June 14, 2026

सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में अब तक 3.5 लाख का डाटा एकत्र

सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में अब तक 3.5 लाख का डाटा एकत्र

इलाज का खर्च निर्धारित सीमा तक सीधे योजना के माध्यम से वहन किया जाएगा


लखनऊ। प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत पात्र शिक्षकों-कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सालाना पांच लाख तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। 


स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज़) द्वारा विकसित डेटा कलेक्शन पोर्टल से कर्मचारियों और उनके आश्रितों का विवरण जुटाया जा रहा है। अब तक 3.5 लाख से अधिक पात्र शिक्षकों-कर्मचारियों का डाटा संकलित किया गया है। उन्होंने बताया कि डेटा सही होने से कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी। अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना के औपचारिक शुभारंभ से पहले विभाग पात्र कर्मचारियों का डेटा एकत्र करने और उसे त्रुटिरहित बनाने में जुटा है। 

Monday, March 9, 2026

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सौगात, जल्द मानदेय बढ़ाने की घोषणा भी की

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सौगात,  जल्द मानदेय बढ़ाने की घोषणा भी की

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सौगात दी। डीबीटी के जरिये कुल 38.49 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी गई। सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का वादा भी किया।


सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी-यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से 29.59 करोड़ रुपये की धनराशि स्थानांतरित की। उन्होंने मंच पर नेहा दुबे, मानसी साहू, पूनम तिवारी, मनोरमा मिश्रा को साड़ी भेंट की तो सेवा मित्र आकांक्षा (ब्यूटीशियन) और रत्ना भारती को यूनिफॉर्म सौंपी। इसके अलावा बीमा प्रीमियम की 8.90 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्थानांतरित की। 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा। इसके तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं की मृत्यु होने पर परिजनों को 2 लाख रुपये मिला है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 436 रुपये है।

वहीं 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये तथा आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 20 रुपये है। इसके अलावा सीएम ने पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती को मंच पर बुलाकर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए। 

Sunday, February 22, 2026

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, सम्बद्ध प्राइमरी विद्यालयों एवं संस्कृत विद्यालयों की समूह बीमा पालिसी डाटा उपलब्ध कराने के संबंध में

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, सम्बद्ध प्राइमरी विद्यालयों एवं संस्कृत विद्यालयों की समूह बीमा पालिसी डाटा उपलब्ध कराने के संबंध में


Sunday, November 16, 2025

एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को फिर से मिल सकेगी अटकी हुई बीमा सुरक्षा, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शुरू की कवायद

एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को फिर से मिल सकेगी अटकी हुई बीमा सुरक्षा, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शुरू की कवायद

19 नवंबर को शिक्षक प्रतिनिधियों की बुलाई बैठक स्थगित, अगली तिथि जल्द होगी तय


लखनऊ। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के सैकड़ों शिक्षकों-कर्मचारियों को नए साल में सामूहिक बीमा सुरक्षा का तोहफा मिल सकता है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद तेज कर दी है। विभाग इस मुद्दे पर शिक्षकों-कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के भी सुझाव लेगा।

एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को पूर्व में सामूहिक बीमा का लाभ दिया जाता था, लेकिन एक दशक से ज्यादा से इन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। शिक्षकों के अनुसार पूर्व में ग्रेड-पे के अनुसार 167 रुपये महीना उनके वेतन से सामूहिक बीमा के लिए कटौती की जाती थी, पर बाद में इसे बंद कर दिया गया। 

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी ने हाल ही में शिक्षक संगठनों को पत्र भेजकर कहा है कि एलआईसी ने 2019 में अवगत कराया था कि 2013 से सभी समूह बीमा पॉलिसी बंद की जा चुकी है। इसके बाद 2014 से इसे बंद कर दिया गया। लेकिन हाल ही में एलआईसी ने एडेड विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा के लिए नई ग्रुप टर्म एश्योरेंस स्कीम देने की बात कही है। इसके तहत बीमा संरक्षण तो दिया जाएगा, लेकिन सेवानिवृत्ति पर कोई भुगतान नहीं किया जाएगा।

 शिक्षक-कर्मचारियों की ओर से बीमा सुरक्षा की मांग के क्रम में इस योजना पर विचार के लिए 19 नवंबर को उनके कार्यालय में इसकी बैठक बुलाई गई थी। लेकिन यह बैठक अगली किसी तिथि पर होने की बात पर स्थगित कर दी गई है।  उन्होंने बैठक में अध्यक्ष व मंत्री को खुद या अपना प्रतिनिधि भेजने को कहा है ताकि सकारात्मक निर्णय लिया जा सके।



अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में 19 नवंबर की बैठक स्थगित 




दिनांक 31.03.2014 के बाद प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में 19 नवंबर को बैठक 



Tuesday, December 19, 2023

एडेड कॉलेजों में 2014 के बाद तैनात शिक्षक व कर्मचारियों को सामूहिक बीमा का लाभ नहीं

एडेड कॉलेजों में 2014 के बाद तैनात शिक्षक व कर्मचारियों को सामूहिक बीमा का लाभ नहीं


लखनऊ। प्रदेश में सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में 31 मार्च, 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों को अनिवार्य जीवन बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा।


शासन ने एडेड कॉलेजों के कर्मचारियों के लिए लाभत्रयी नियमावली में संशोधन संबंधी आदेश जारी किया है। इससे प्रदेश भर के 4500 से अधिक एडेड कॉलेजों के दस हजार से अधिक शिक्षक- कर्मचारी प्रभावित होंगे।


जानकारी के अनुसार पूर्व में तैनात शिक्षक-कर्मचारियों का एलआईसी से ग्रुप इंश्योरेंस कराया गया था। इसमें 84 रुपये से लेकर 175 रुपये तक अलग-अलग पे-स्केल के अनुसार इंश्योरेंस का पैसा शिक्षक-कर्मचारियों का कटता था। किसी विपरीत परिस्थिति में इसका लाभ उनके परिजनों को मिलता था।


 कुछ साल पहले एलआईसी की ओर से इस योजना को बंद कर दिया गया। ऐसे में पहले से योजना में पंजीकृत कर्मचारियों को तो इसका लाभ मिल रहा है, लेकिन 31 मार्च, 2014 के बाद तैनात शिक्षक-कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। 


एलआईसी की ओर से इस योजना को बंद किए जाने के बाद भी कुछ समय तक (2015- 16 में) बीमा के लिए कटौती को गई, फिर बंद कर दी गई। शिक्षक कर्मचारियों को यह राशि भी अभी तक वापस नहीं मिल पाई है।

हाल ही में माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी आदेश में क कहा गया है कि 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त सहायता प्राप्त शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं के शिक्षक कर्मचारी अनिवार्य बीमा योजना से आच्छादित नहीं माने जाएंगे।


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि यह कर्मचारियों को पेशन, सामूहिक बीमा से वंचित रखने का षड़यंत्र है। 


तदर्थ शिक्षक संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक राजमणि सिंह ने कहा है कि हाल ही में शासन ने सालों से काम कर रहे 2000 से अधिक शिक्षकों को सेवा से बाहर कर दिया था। अभी तक उनका पुराना बकाया वेतन भी नहीं जारी किया गया है। ऐसे में अब यह निर्णय उनके साथ अन्यायपूर्ण है। हर शिक्षक-कर्मचारी के लिए बीमा और पेंशन अनिवार्य होनी चाहिए।

Wednesday, November 29, 2023

माध्यमिक शिक्षा में बीमा-पेंशन की पुरानी नियमावली होगी संशोधित

माध्यमिक शिक्षा में बीमा-पेंशन की पुरानी नियमावली होगी संशोधित


लखनऊ। कैबिनेट ने प्रदेश में राज्य सहायता प्राप्त माध्यमिक शिक्षा संस्थानों के कर्मचारियों के लिए लाभत्रयी के संशोधन पर सहमति दे दी है। 


विभाग के अनुसार पूर्व में इन संस्थान के कर्मचारियों के लिए बीमा, सीपीएफ, पेंशन देने संबंधित निर्णय लागू किए गए थे। न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) लागू होने के बाद यह व्यवस्था अप्रासंगिक हो गई हैं। इसे देखते हुए पुरानी योजना को संशोधित/ विलोपित किए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया था। इस पर सहमति दी गई है।