DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, May 14, 2016

लखनऊ : आरटीई में टूटा पिछले साल के दाखिले का रिकॉर्ड इस बार 830 गरीब बच्चे हुए दाखिले के लिए पात्र

लखनऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के दाखिला देने का पिछले साल का रिकार्ड टूट गया है। अभी तक 830 गरीब बच्चे दाखिले के लिए पात्र पाए जा चुके हैं। जबकि 500 से अधिक और आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं पिछले साल सात सौ दाखिले ही हो पाए थे।

बीएसए प्रवीण मणि त्रिपाठी ने बताया कि अब तक 554 बच्चों के नाम स्कूलों में भेजे जा चुके हैं। इसमें से चार सौ से अधिक बच्चों को दाखिला भी मिल गया। इसके अलावा 276 की अन्य बच्चों की सूची भी फाइनल हो गई है। उन्होंने बताया कि इस बार दाखिले के लिए करीब 1600 आवेदन आ चुके हैं। इसमें 500 से अधिक फॉर्म के सत्यापन किए जा रहे हैं। दाखिलों की संख्या जल्द ही एक हजार का अंकड़ा पार कर लेगी। गौरतलब है कि पिछले साल लगभग सात सौ दाखिले ही हुए थे। ऐसे में अभी से पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया है।मनचाहे स्कूल में मिलेगा दाखिलाशिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत फ्री सीट पर दाखिले के लिए आवेदन करने वाले बच्चों को अब मनचाहे निजी स्कूल में पढ़ सकेंगे। वह क्षेत्र में सरकारी और एडेड स्कूल होने के बाद भी सीधे प्राइवेट में दाखिला ले सकते हैं। आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में निरू शुल्क सीट पर होने वाले दाखिले के नियमों में बदलाव कर ये छूट दी गई है। शुक्रवार को इस संबंध में संशोधित शासनादेश जारी कर दिया गया है। अभी तक अलाभित समूह और गरीब परिवार के बच्चों को पहले समीप के सरकारी स्कूल में दाखिला कराने की व्यवस्था थी। सीट भरने पर एडेड स्कूल में दाखिले होता। यहां सीट खाली न होने की स्थिति में प्राइवेट स्कूल में दाखिला कराने की व्यवस्था की गई थी। अब पुरानी व्यवस्था को समाप्प्त कर दिया गया है।



No comments:
Write comments