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Friday, June 23, 2017

हाथरस : कलम के साथ माउस भी चलाएंगे बच्चे, सर्व शिक्षा अभियान के तहत पांच उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भेजे गए कंप्यूटर

संवाद सहयोगी, हाथरस : आधुनिकता के दौर में देहात के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी बदलाव की ओर लगातार अग्रसर हैं। सरकार भी इनके उत्थान के लिए बेहतर योजनाओं का संचार कर रही है। भले ही गांव तक इन सुविधाएं को पहुंचने में समय लगता हो, पर इस संचार क्रांति के बीच गरीब परिवार के बच्चे भी जागरूक हो रहे हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग के पांच उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लगाने के निर्देश दिए हैं। 1मंगलवार को विभागीय कर्मचारियों विद्यालयों में कंप्यूटर पहुंचा दिए। अब ये बच्चे कलम के साथ माउस भी चलाएंगे। एक जुलाई से ये बच्चे कंप्यूटर शिक्षा का ज्ञान ले सकेंगे। शासन ने गत सत्र में शिक्षा के बेहतर स्तर वाले स्कूलों के नाम मांगे थे। इस पर विभागीय अधिकारियों ने 20 विद्यालयों के नाम भेजे थे। इनमें पांच स्कूलों का चयन किया गया। 1जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1511 है, जिनमें करीब 42 सौ शिक्षक व शिक्षिकाएं करीब सवा लाख बच्चों को पढ़ाते हैं। नगर क्षेत्र के अलावा सड़क किनारे बने विद्यालयों में तो बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जाती है, लेकिन देहात के स्कूलों का हाल बुरा है। हर साल करोड़ों रुपया योजनाओं पर खर्च हो जाने के बाद भी बच्चों को बेहतर ज्ञान नहीं मिल पाता है।1इन स्कूलों में लगे हैं कंप्यूटर : विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर, हनुमान चौकी स्थित कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय, गिनौली किशनपुर, गथरी शाहपुर और मिसी मिर्जापुर विद्यालय1लगातार कम हो रहा नामांकन : विद्यालयों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कई योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा रहा है। इसमें निशुल्क यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील, बर्तन आदि योजनाएं शामिल हैं। इस साल तो जूते-मोजे के अलावा स्कूल बैग की व्यवस्था भी है। वहीं कागजों में इन सभी योजनाओं का संचालन सही होता है, जबकि जमीनी हकीकत अलग होती है। लगातार शिक्षा के गिरते स्तर के कारण विद्यालयों में नामांकन कम होता हा रहा है। 1नहीं ले पाते कंप्यूटर कोचिंग : बेसिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे गरीब और असहाय परिवारों से ताल्लुक रखते है। सीबीएसई और यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा पांच से ही कंप्यूटर अनिवार्य कर दिया जाता है। वहीं बेसिक स्कूलों में वर्षों पूर्व लगे कंप्यूटर शोपीस बन गए हैं। इसके उलट गरीब बच्चे कंप्यूटर सेंटरों पर जाकर प्रशिक्षण नहीं ले पाते हैं। ऐसे में आज भी तमाम गरीब बच्चे कंप्यूटर की जानकारी से दूर है। 1’>>एक जुलाई से पढ़ाई जाएगी कंप्यूटर शिक्षा, जिले में हैं कुल 1511 स्कूल1’>>शासन ने गत वर्ष मांगे थे स्कूलों के नाम, 20 में से पांच का हुआ चयनशासन से पांच विद्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम लगाने के निर्देश आए थे। सिस्टम विद्यालयों में लगवा दिए गए है। इससे अब बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा भी मिल सकेगी। 1एसएन सिंह, जिला समन्वयक, समेकित शिक्षा

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