1.40 लाख से अधिक शिक्षक करेंगे बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन, यूपी बोर्ड ने तेज की तैयारी
ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत चुने जाएंगे परीक्षक
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों की लगातार निगरानी की जाएगी
10वीं की एक कॉपी पर 14 और 12वीं की कॉपी पर 15 रुपये मानदेय
सचिव ने बताया कि मूल्यांकन कार्य में लगाए गए शिक्षकों को हाईस्कूल की एक कॉपी को जांचने के एवज में 14 रुपये और इंटर की कॉपी जांचने पर 15 रुपये मानदेय दिया जाएगा। एक परीक्षक 10वीं की रोजाना 50 और 12वीं की 45 कॉपियां जांच सकेगा।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर बोर्ड ने तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश भर के 1.40 लाख से ज्यादा शिक्षक कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 12 मार्च को समाप्त होगी।
बताया गया कि संकलन केंद्रों से मूल्यांकन केंद्रों तक उत्तर पुस्तिकाएं ट्रकों से भेजी जाएंगी। ट्रक के साथ ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों के लिए अलग से वाहन की व्यवस्था रहेगी। ट्रक में किसी भी कर्मचारी के बैठने की अनुमति नहीं होगी।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये परीक्षकों की नियुक्ति होगी। आवश्यकता पड़ने पर मूल्यांकन - केंद्रों के उप नियंत्रक परिषद के पोर्टल पर उपलब्ध प्रतीक्षा सूची से भी परीक्षकों की ऑनलाइन नियुक्ति की जा सकेगी। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रॉन्ग रूम की तरह ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों की भी लगातार निगरानी की जाएगी।
कॉपियों के हर पृष्ठ पर दर्ज हैं गोपनीय न्यूमेरिक नंबरः परिषद ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी किया है। पहली बार सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रत्येक पृष्ठ पर केंद्रवार गोपनीय न्यूमेरिक नंबर दर्ज किए गए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन अवधि में कला वर्ग का एक परीक्षक अधिकतम 800 कॉपियां जांच सकेगा। वहीं, विज्ञान वर्ग के इंटरमीडिएट में 600 और हाईस्कूल में 700 कॉपियां जांचने की सीमा तय की गई है। परीक्षकों के मानदेय में वृद्धि का कोई प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि वर्ष 2019 और 2023 में पहले ही मानदेय बढ़ाया जा चुका है।
मंजूरी मिलने के बाद तिथि घोषित होगी, 249 केंद्रों पर मूल्यांकन शुरु होने की संभावना, 12 मार्च को समाप्त होंगी परीक्षाएं
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 12 मार्च को समाप्त हो जाएंगी। इसके बाद 18 मार्च से प्रदेश के 249 केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होने की संभावना है। इस संबंध में बोर्ड के सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया की तिथि घोषित की जाएंगी।
प्रदेश के 8033 केंद्रों पर हो रही अधिकांश मुख्य विषयों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं। होली के बाद नौ मार्च से परीक्षाएं फिर से शुरू होंगी। उस दिन प्रथम पाली में हाईस्कूल उर्दू तथा द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट के मनोविज्ञान, शिक्षा शास्त्र और तर्कशास्त्र विषय की परीक्षाएं होंगी।
बोर्ड का लक्ष्य है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा कर 15 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में 52 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, हालांकि इनमें से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है।
पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल में 27,32,165 और इंटरमीडिएट में 27,05,009 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वर्ष 2025 में बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक मूल्यांकन प्रक्रिया चली थी। इसके बाद 25 अप्रैल को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था। उस वर्ष हाईस्कूल में 90.11 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 81.15 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।
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