DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, October 30, 2017

लखनऊ : बेकार सामान को दिया आकार, बना दी जीरो बजट लैब, मोहनलाल विकासखण्ड का पूर्व माध्यमिक विद्यालय भद्दी सिर्स दे रहा कॉन्वेन्ट स्कूलों को टक्कर

बेकार सामानों को दिया आकार, बना दी जीरो बजट लैब
लाल रंग भरे पॉलीथिन पाउच से बनायी हृदय की कार्यपण्राली व नीबू के रस से हुआ लिटमस पेपर टेस्ट
अजूबे काम से पुकारे जा रहे भाभा, कलाम संग बोस के नाम से
लाल रंग भरे पॉलीथीन पाउच से हृदय की कार्य पण्राली और नींबू के रस से लिटमस पेपर टेस्ट। स्कूल की क्यारी से वाष्पोत्सर्जन और पुराने ग्लास से न्यूटन के नियम।
लखनऊ। मोहनलालगंज विकासखण्ड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय भद्दी सिर्स में जीरो बजट लैब के सहारे विज्ञान की बारीकियां सीख रहे बच्चे कान्वेण्ट स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। शिक्षकों की जीतोड़ मेहनत के बल पर विज्ञान की कसौटी पर खरे उतर रहे इन बच्चों की विलक्षण प्रतिभा परिषदीय स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले लोगों को नित्तर कर देने वाली है। इनमें से कुछ अव्वल बच्चों को तो शिक्षकों ने भाभा एकलाम और बोस के नाम से पुकारना तक शुरू कर दिया है। वहीं हाल में ही पूरे प्रदेश ऐसे 46 शिक्षको का चयन हुआ जिसमे तहसील स्तर पर ये पहला विद्यालय था।कहते हैं करने की चाह हो तो कोई काम नामुमकिन नहीं है। निगोहां के पूर्व माध्यमिक विद्यालय भद्दी सिर्स के शिक्षक इस कहावत को सच साबित करने का बीड़ा उठाए हुए हैं। संसाधनों का अभाव झेलने के बावजूद शिक्षकों ने बच्चों को विज्ञान की बारीकियां सिखाने के लिए विद्यालय में बेहतरीन प्रयोगशाला तैयार कर रखी है। जिसमें रखे गए मॉडलों के सहारे कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को प्रकाश संष्लेषण एन्यूटन के गति के नियम एचुम्बकीय पदाथोर्ं का विश्लेषण, विद्युत परिपथ की मदद से धारा प्रवाह, श्वसन तंत्र की संरचना और कार्य पण्राली, पौधों में खनिज-लवण और जल परिवहन, प्रकाश तथा पाचन तंत्र की कार्यविधि सिखाई जा रही है। शिक्षकों की इस मुहिम का दायरा धीरे-धीरे बढ़कर समूचे विकासखण्ड के विद्यालयों के लिए नायाब उदाहरण बनता जा रहा है। खण्ड शिक्षा अधिकारी आरएन यादव की पहल पर इसके लिए एक-एक कर सभी स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशाला तैयार कराने की कोशिश चल रही है। फिलहाल धनुवासांड़ एगौरा एमदारपुर और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में प्रयोगशाला तैयार भी कराई जा चुकी है।

कबाड़ की चीजों से तैयार हुई जीरो बजट लैब : पूर्व माध्यमिक विद्यालय भद्दी सिर्स की विज्ञान प्रयोगषाला घर में पड़ी रहने वाली बेकार की वस्तुओं से तैयार की गई है। पुरानी खराब रबर पाइप, पालीथीन पाउच, कार्ड, ग्लास, सिक्के, पुराने चुम्बक समेत अन्य चीजों से बिना खर्च की जीरो बजट लैब तैयार की गई है। जिनकी मदद से निर्मित मॉडलों के सहारे बच्चों को विज्ञान सिखलाई जा रही है।

मरीजों का इलाज करते-करते बन गए शिक्षक : पूर्व माध्यमिक विद्यालय भद्दी सिर्स में दिसम्बर-2015 से तैनात विज्ञान शिक्षक राधेकान्त चतुव्रेदी सीपीएमटी उत्तीर्ण कर 1989 बैच में बीएएमएस कर चुके हैं। लेकिन मरीजों का इलाज करते-करते 2013 में कब बेसिक शिक्षा परिषद में विज्ञान शिक्षक बनकर भर्ती हो गए पता ही नहीं चल सका। चतुव्रेदी ने अपनी साथी विज्ञान शिक्षिका मीनू शर्मा के साथ विद्यालय के बच्चों को कहीं आगे ले जाने की ठान रखी है। जिसके लिए शिक्षकों की टीम प्रयोगशाला को विभिन्न प्रकार के छायाचित्रों एचार्ट पोस्टर और मॉडलों से सजा रखा है। इसके अलावा विद्यालय में विभिन्न महानतम व्यक्तित्व, वैज्ञानिकों के जीवन चरित्र और कहानियों की पुरानी पुस्तकें एकत्र कर तैयार कराए गए पुस्तकालय के सहारे बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया जा रहा है।

ऐसे सिखाते हैं प्रयोग : प्रयोगशाला में बेकार चीजों से तैयार किए गए मॉडलों जैसे पाचन तंत्र की संरचना में घोल डालकर बच्चों को उसकी कार्यविधि समझाई जाती है। स्कूल की क्यारी में लगे पौधों पर पन्नी बांधकर कुछ देर बाद पत्तियों पर एकत्र होने वाली पानी की बूंदों से वाष्पोत्सर्जन व लालरंग की पॉलीथिन पाउच से बने मॉडल में लालरंग डालकर फिर पाइप से हवा फूंककर रक्तसंचरण की पूरी क्रियाविधि समझाई जाती है। इसी तरह पुराने एटीएम कार्ड को ग्लास पर रखकर और उसपर सिक्का रखकर कार्ड को धक्का देते ही सिक्के के ग्लास में गिर जाने और बस में ब्रेक लगने पर झुकने जैसे उदाहरणों से न्यूटन के गति के नियम सिखलाएं जाते हैं। चुम्बकों के समान ध्रुवों को सामने कर प्रतिकर्षण फिर विपरीत ध्वों को सामने लाने पर आकर्षण और धागे से लटकाने पर एक निश्चित दिशा में रुकने जैसे प्रयोग बताए जाते हैं। यही हाल विद्युत परिपथ की मदद से धारा और आवेश के प्रवाह की दिशा, सुचालक-कुचालक जैसी परिकल्पनाएं सिद्ध कर दिखाई जाती हैं।

नामचीन स्कूलों को लोहा मनवा चुके हैं यहां के बच्चे : पूर्व माध्यमिक विद्यालय भद्दी सिर्स के होनहार बच्चे शिक्षकों की मेहनत के बल पर शहर के नामचीन कान्वेण्ट स्कूलों को अपनी विलक्षण प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। पिछले वर्ष सीएमएस आडीटोरियम में आयोजित जिलास्तरीय विज्ञान कार्यशाला में अमन, साक्षी, प्राची, शिवानी, सावित्री, सचिन और मोहित ने अपने मॉडल प्रस्तुत कर सबका दिल जीत लिया था। जिसके बाद अमन-साक्षी और शिवानी तथा शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया था।

     
  

No comments:
Write comments