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Thursday, July 30, 2020

अलीगढ़ : संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले 22 शिक्षकों की होगी जांच


अलीगढ़ : संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले 22 शिक्षकों की होगी जांच


बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में काम करने वाले 22 शिक्षकों के खिलाफ जांच की तलवार लटक गई है। संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी से बीएड करने वाले इन शिक्षकों के नाम एसआईटी ने अपने संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची में शामिल किए हैं, जिसके बाद इन सभी के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन करवाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।


जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में फर्जी शिक्षकों का प्रकरण उजागर होने के बाद विभाग लगातार शिक्षकों की जांच करवा रहा है। इस दौरान एसआईटी ने विभाग को 16 ऐसे शिक्षकों की सूची भेजी है जिनकी डिग्री संदेहास्पद है और इसकी जांच कराई जानी चाहिए। इन सभी शिक्षकों ने है वाराणसी स्टेशन वाराणसी के संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री हासिल की है।


 एसआईटी से 16 शिक्षकों की सूची हासिल होने के बाद विभाग ने मानव सम्पदा पोर्टल पर अपलोड जानकारी से मिलान करके 6 शिक्षकों के नाम और शामिल किए हैं जिन्होंने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से ही बीएड किया है। इन सभी के मामले भी एक जैसे हैं और संदेह के घेरे में है। अब विभाग ने इन सभी 22 शिक्षकों के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इन विद्यालयों में कार्यरत है यह शिक्षक

जिले के जिन शिक्षकों की बीएड डिग्री की जांच विभाग ने शुरु करी है वह सभी अलग-अलग विद्यालयों में कार्यरत हैं। इन शिक्षकों की ड्यूटी प्रावि दीनापुर बिजौली, प्रावि नगला बाटुल, प्रावि पाली मुकीमपुर, प्रावि सांकरा, प्रावि खैमपुर, प्रावि नगला मढ़ैया, प्रावि भवानीपुर, प्रावि अजाहरी, प्रावि सरकोरिया, प्रावि नगला पटवारी, प्रावि सीयपुर, प्रावि आजादनगर, प्रावि केसीनगला, प्रावि नगला भोपा, प्रावि महारावल, प्रावि उटवारा नम्बर 1, प्रावि उटवारा नम्बर 2, प्रावि जट्टारी नम्बर 2, प्रावि शाहनगर सौरोला, प्रावि सिकंदरपुर, प्रावि संग्रामपुर, प्रावि टीकरी कनोवी में कार्यरत है। इन सभी के बीएड डिग्री का सत्यापन किया जाएगा।

शिक्षकों की बीएड डिग्री में संदेह की स्थिति होने के कारण इनके सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। अगर जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आई तो इनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। -डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी।

आक्रोश : हेडमास्टरों की जांच के लिए अधीनस्थ संविदाकर्मियों को दी गयी जिम्मेदारी

आक्रोश : हेडमास्टरों की जांच के लिए अधीनस्थ संविदाकर्मियों को दी गयी जिम्मेदारी


बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों की जांच संविदा पर काम करने वाले शिक्षकों को सौंपी गई है। विभाग के पोर्टल पर भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट अपलोड करने के लिए इन शिक्षकों की ट्रेनिंग भी पूरी कराई जा चुकी है।


जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा निदेशालय से आने वाली विकास कार्यों की राशि से वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में जिले के विभिन्न स्कूलों में विकास कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही कार्य करती योजना के तहत ग्राम पंचायत से मिलने वाली विकास राशि से भी विकास काम हो रहे हैं। इसमें स्कूलों में चार दिवारी, शौचालय, पीने के पानी के लिए हैंडपंप, फर्नीचर, स्पोर्ट्स किट ऑन लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब निदेशालय ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पिछले 3 सालों में किए गए इन सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। 


लेकिन विभाग की ओर से यह कार्य विशेष शिक्षकों और विभाग में काम करने वाले फिजियोथैरेपिस्ट को सौंपा गया है। यह विशेष शिक्षक व फिजियोथैरेपिस्ट विभाग में संविदा शिक्षक के रूप में कार्य करते हैं। इसके साथ ही इन सभी की ड्यूटी स्कूलों में हेड मास्टर के अंडर में रहती है। ऐसे में अब जब इन सभी शिक्षकों को विद्यालय में जाकर किए गए विकास कार्यों को देख कर बहुत ही सत्यापन करने के लिए कहा गया है तो या इस काम से कतरा रहे हैं।


 इसका कारण यह है कि संविदा पर काम करने वाले सभी शिक्षक किसी न किसी हेड मास्टर के अंडर में ही अपनी ड्यूटी करते हैं। विद्यालय से जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर इन सभी शिक्षकों की संविदा को आगे बढ़ाया जाता है। इसके साथ ही विभाग में इस बात का भी विरोध हो रहा है कि संविदा पर काम करने वाले यह शिक्षक किस तरह से स्कूलों का भौतिक सत्यापन करेंगे।

विकास कार्यो की रिपोर्ट नकारात्मक गई तो संबंधित पर होगी कार्यवाही

परिषदीय स्कूलों में होने वाले सभी कामकाज हेड मास्टर की देखरेख में और एसएमसी सदस्यों की स्वीकृति के बाद ही कराए जाते हैं। विद्यालय के सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराना हेडमास्टर की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में अगर भौतिक सत्यापन के दौरान किसी स्कूल में गड़बड़ी पाई गई और वहां के काम मांगों के अनुकूल ना मिले तो उस हेड मास्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। जिसके कारण हेड मास्टर की मांग लिया है कि अगर यह जांच कराई जा रही है तो इसके लिए उच्च अधिकारियों को नियुक्त किया जाए।


निदेशालय ने स्कूलों में किए गए विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए विशेष शिक्षकों और फिजियोथैरेपिस्ट की नियुक्ति किए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी विभाग की ओर से इस काम को रोक दिया गया है और जल्दी ही इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। विभाग के अगले आदेश आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। -डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी

Wednesday, June 24, 2020

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : तीन जिलों की नौकरी में एक ही संध्या, सही अभिलेखों से फिरोजाबाद तो फर्जी से फर्रुखाबाद व अलीगढ़ में पाई नौकरी


कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : तीन जिलों की नौकरी में एक ही संध्या, सही अभिलेखों से फिरोजाबाद तो फर्जी से फर्रुखाबाद व अलीगढ़ में पाई नौकरी


लखनऊ : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों से अनामिका शुक्ला के नाम से भर्ती घोटाला की जांच ज्यों ज्यों आगे बढ़ रही है, नए नए राजफाश हो रहे हैं। अनामिका के बाद संध्या द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है, जो तीन स्कूलों में नौकरी कर रही है। अनामिका शुक्ला कांड के बाद हुई जांच में यह मामला सामने आया। तब से वह शिक्षिका गायब है। फिलहाल उसे बर्खास्त कर एका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।


फीरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षिका नौकरी करने वाली मैनपुरी के भैंसरोली गांव निवासी संध्या द्विवेदी फरुखाबाद और अलीगढ़ में भी नौकरी कर रही थी। अब पुलिस और शिक्षा विभाग मामले की तहकीकात में जुटा हुआ है। दूसरी ओर, कासगंज में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली सुप्रिया के मामले में सोरों पुलिस ने मंगलवार को चयन कमेटी में रहे तत्कालीन जिला समन्वयक (डीसी) के बयान दर्ज किए। पुलिस ने कमेटी के अन्य सदस्यों को भी बयान देने के लिए पत्र भेजे हैं। उधर गोंडा में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद उसकी तलाश समाप्त हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है।

Sunday, June 21, 2020

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार 


प्रयागराज : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है


सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है। कर्नलगंज पुलिस भी जल्द ही कानपुर जाकर फर्जी अनामिका के बारे में जांच-पड़ताल करेगी।



प्रयागराज की तरह अलीगढ़ पुलिस भी फर्जी अनामिका की जांच कर रही है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ टीम ने जौनपुर के एक शख्स को पकड़ा तो कई जानकारी मिली। अलीगढ़ पुलिस ने जांच करते हुए कानपुर देहात की रहने वाली बबली यादव को गिरफ्तार किया। बताया कि उसकी ननद सरिता यादव प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी स्कूल में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही थी। उसके रिश्तेदार ने जौनपुर के पुष्पेंद्र की मदद से पैसा लेकर फर्जी नियुक्ति कराई थी। 


बबली के बयान के आधार पर कर्नलगंज पुलिस मान रही है कि वह सरिता यादव हो सकती है। मगर बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने अपनी एफआइआर में रीना नाम से निवास प्रमाण पत्र लगाने की बात कही है। ऐसे में पुलिस अब रीना के साथ सरिता के मामले भी जानकारी जुटा रही है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है कि शनिवार को कानपुर देहात की पुलिस फर्जी अनामिका के घर गई थी, लेकिन वह नहीं मिली। विवेचक को कानपुर भेजा जाएगा और अलीगढ़ से पूछताछ में दिए गए बयान की कॉपी ली जाएगी।

Friday, June 19, 2020

Anamika Shukla Case: अलीगढ़ में पकड़ी गई एक और नकली अनामिका, जानिए विस्‍तार से


Anamika Shukla Case: अलीगढ़ में पकड़ी गई एक और नकली अनामिका, जानिए विस्‍तार से


बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली अनामिका के पकड़े जाने के बाद एक और नकली अनामिका अफसरों ने पकड़ी है। ...


अलीगढ़ : उत्‍तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में  बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली अनामिका के पकड़े जाने के बाद एक और नकली अनामिका अफसरों के हाथ चढ़ी है। अनामिका मामले के बाद जिले में सभी कस्तूरबा विद्यालयों के संविदा कर्मियों के शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन कराने का काम शुरू किया गया था। इसमें अकराबाद की एक शिक्षिका के कागजात संदिग्ध मिलने पर जांच की गई तो उसका पता फर्जी अनामिका वाला पता ही निकला।



 बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया की शिक्षिका की संविदा समाप्त कर विजयगढ़ थाने में एफआइआर कराने की तहरीर दे दी है। ये भी अनामिका की तैनाती के समय ही अक्टूबर 2019 से तैनात हुई थी। इनका नाम है संध्या द्विवेदी। अभी ये प्रकरण अनामिका वाले गैंग का ही मानकर अफसर चल रहे हैं।



अकाउंटेंट की संविदा समाप्त
जिले के बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अनामिका के दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली बबली अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आई। उसकी कानपुर और औरैया के लोगों से लंबी बातें होतीं थीं। ऐसे तीन नंबरों की लोकेशन के आधार पर बबली की तलाश की जा रही है। इसके लिए एक टीम कानपुर में हैं। एक और टीम कानपुर जा रही है। वहीं, अनुबंध पत्र विभाग को न पहुंचाने के चलते अकाउंटेंट हरिशंकर की संविदा समाप्त कर दी गई है।


अकाउंटेंट की संविदा समाप्ति के आदेश जारी
बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि गुरुवार को अकाउंटेंट हरिशंकर की संविदा समाप्त करने व डीसी बालिका शिक्षा गजेंद्र ङ्क्षसह की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की संस्तुति की थी। डीएम चंद्रभूषण ङ्क्षसह के पास फाइल अप्रूवल के लिए भेजी गई थी। इस पर शुक्रवार को मुहर लग गई। अकाउंटेंट की संविदा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीसी बालिका शिक्षा की प्रतिनियुक्ति खत्म करने का पत्र शासन को भेजा जा रहा है।


चंदनपुरवा में की पूछताछ
बैंक खाते में पता चंदनपुरवा, रसूलपुर (कानपुर देहात) दिया गया है। मैनपुरी वाले पते पर अनामिका को कोई जानता ही नहीं था। लेकिन चंदनपुरवा में फोटो से बबली की पहचान की गई। यहां उसकी ससुराल है। मकान आज भी बंद था। पूछताछ में क्षेत्र के लोगों ने एसआइ सहवीर को बताया कि बबली अपनी नौकरी के बारे में किसी को ज्यादा बताती नहीं थी। लॉकडाउन में बबली यहीं रही थी, मगर किसी को शक नहीं हुआ। छह जून के बाद उसे नहीं देखा।


पति हरिओम का नाम राहुल भी
पड़ोसियों ने बबली के पति हरिओम का नाम राहुल भी बताया। हरिओम बिजली विभाग में ही गाड़ी चलाता है। ऐसे में पुलिस बिजली विभाग के लोगों से संपर्क कर हरिओम का पता लगाने में जुटी है। अतरौली के सीओ प्रशांत सिंह का कहना है कि शिक्षिका जिन लोगों से बात करती थी, वह कानपुर व औरैया के आसपास के ही हैं। इसके लिए एक टीम और कानपुर भेजी जा रही है। जल्द ही बबली को पकड़ लिया जाएगा।


 केजीबीवी स्टाफ के दस्तावेजों का होगा सत्यापन
अलीगढ़ : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) बिजौली में फर्जी दस्तावेज से अनामिका के नौकरी पाने के प्रकरण के बाद अब अफसरों ने सात दिन में सभी केजीबीवी स्टाफ के दस्तावेजों का सत्यापन सात दिन में करने का आदेश दिया है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम भी बनाई गई है।  यह टीम ब्लॉकवार हर स्टाफ का आधार कार्ड वाट््सएप ग्रुप पर मंगाएगी। साथ ही तीन दिनों में सभी के शैक्षिक दस्तावेज बीएसए दफ्तर पर मंगाए जाएंगे। सात दिन में रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जाएगी।

काम की जिम्मेदारी सौंपी
बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि जिले में नगर क्षेत्र मिलाकर कुल 13 ब्लॉक में केजीबीवी हैं। इनमेें शिक्षिकाओं, वॉर्डन व अन्य कर्मचारियों समेत करीब 160 लोगों का स्टाफ है। ब्लॉकवार प्रपत्र मंगाने की तिथि निर्धारित कर दी है। खंड शिक्षाधिकारी अकराबाद हेमलता, जिला समन्वयक निर्माण ज्ञानेंद्र गौतम और जिला समन्वयक समेकित शिक्षा ऋषि कुमार ङ्क्षसह को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Wednesday, April 29, 2020

अलीगढ़ : कोरोना पॉजिटिव शिक्षक की हालत बिगड़ी

अलीगढ़ : कोरोना पॉजिटिव शिक्षक की हालत बिगड़ी