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Tuesday, September 8, 2020

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज।

कार्रवाई : उप निदेशक स्तर के अधिकारी सहित छह से मांगा गया है जवाब, पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार सदस्य शामिल।

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के चयन में की गई अनियमितता के मामले में अब चयन समिति के सदस्यों पर गाज गिरेगी। इस मामले में सोमवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने छह लोगों को नोटिस जारी की है। इसमें उपनिदेशक स्तर के अधिकारी हैं। एक पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार प्रतिनिधि शामिल हैं। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संबंधित उचाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। एनजीओ को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है।



कस्तूरबा आवासीय विद्यालय शिवपुर में 2008-09 के सत्र में वार्डन सह शिक्षिका के पद पर यादवेश कुमारी सिंह और अंशकालिक शिक्षक के पद पर रामचरित्र यादव की नियुक्ति हुई थी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जब सभी नियुक्तियों की जांच हुई तोयहां भी जांच कराई गई। जांचसमिति ने पाया कि शिक्षिका कम वार्डेन का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। मगर चयन समिति ने यहां पर ओबीसी वर्ग की अभ्यर्थी यादवेश कुमारी सिंह का चयन किया, जो आरक्षण के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा रामचरित्र यादव की नियुक्ति में मेरिट की उपेक्षा की गई। उनसे अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी को प्रतीक्षा सूची में रख दिया गया। इस मामले उपनिदेशक एनसीईआरटी विष्णु श्याम द्विवेदी को नोटिस जारी की गई है। वह उस समय चयन समिति के सदस्य सचिव थे। इसके अलावा सिंधोरा में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नसीम अंसारी को नोटिस दी गई है। वह भी चयन समिति के सदस्य थे। एनजीओ के प्रतिनिधि के रूप में चयन समिति में शामिल जिला महिला समाख्या की विनीता, मुख्य कार्यकारी शिक्षा प्रचारिणी समिति, सीखड़ी गाजीपुर के आशुतोष राय को भी नोटिस जारी की गई है।

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, आराजीलाइन में भी नियुक्तियों की अनियमितता में चयन समिति के सदस्यों को नोटिस दी गई है। यहां सरिता आर्य नामक एक शिक्षिका नियुक्त की गई। चयन समिति ने उसका मेरिट 249.9 बताया, जबकि अभिलेखों से मेरिट 192.32 बन रही है। अंजनी राय नामक शिक्षिका की मेरिट 287.47 बताई गई, जबकि यह 214.52 है।


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Monday, August 31, 2020

माध्यमिक : नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा

नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग में नवचयनित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति सितंबर में दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि नवचयनित शिक्षकों को ऑनलाइन नियुक्ति देने के साथे उनको ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। ट्रेनिंग के लिए कार्यक्रम और पाठ्यक्रम तय किया जा रहा है। नियुक्ति और उसकी प्रक्रिया का शासनादेश जल्द जारी होगा। 


माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2018 में सहायक अध्यापक के 10 हजार 768 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अब तक हिंदी, सामाजिक विज्ञान को छोड़कर शेष विषयों में चयनित 3457 अभ्यर्थियों को सूची विभाग को सौंप दी है। विभाग ने नवचयनित शिक्षकों को सितंबर में स्कूलों में नियुक्ति देने की तैयारी शुरू की है। रिक्त पदों की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थी चयनित होने के कारण नियुक्ति के मापदंड बनाए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके। अभ्यर्थियों को वरीयता के अनुसार नियुक्ति के लिए स्कूलों का विकल्प देना होगा।

Monday, August 17, 2020

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : दो दशक में ढाई हजार शिक्षकों को नहीं मिली नियुक्ति, अभ्यर्थियों से मांगे गए आवेदन

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : दो दशक में ढाई हजार शिक्षकों को नहीं मिली नियुक्ति, अभ्यर्थियों से मांगे गए आवेदन।


उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित ढाई हजार से अधिक शिक्षकों को दो दशक बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अब ऐसे सभी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं। चयनित शिक्षकों को नियुक्ति नहीं देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।





उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से वर्ष 2000 से 2016 के बीच 4502 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों की भर्ती की गई। बोर्ड ने चयनित शिक्षकों को जिला और स्कूल भी आवंटित किया था, लेकिन कई सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन ने अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण नहीं करने दिया। अभ्यर्थी वर्षों से बोर्ड और निदेशालय के चक्कर लगाते रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मामले में संज्ञान लेते हुए अब कार्रवाई शुरू की है। निदेशालय ने वर्ष 2000 से 2013 के बीच हुई भर्ती में नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों से 21 अगस्त तक और 2016 में हुई भर्ती में नियुक्ति से वंचित चयनित अभ्यर्थियों से 7 सितंबर तक आवेदन मांगे हैं। अभ्यर्थियों को स्कूल प्रबंधन द्वारा नियुक्ति नहीं देने का कारण भी आवेदन में बताना होगा।


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Sunday, August 9, 2020

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

 
प्रयागराज : राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे हैं। शिक्षा निदेशालय में वे तैनाती मिलने की राह देख रहे हैं, जो कि वर्षो से दूसरे संस्थानों से संबद्ध रहे हैं। उन्हें मूल पदों पर वापस जाने के निर्देश हैं, जिनकी पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक के यहां अटकी है।


राजकीय इंटर कालेजों में नियुक्त प्रवक्ताओं को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) व उसके नियंत्रण वाले जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और अन्य संस्थानों में संबद्ध किया गया था। दरअसल, उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में डायट प्रवक्ताओं का चयन लंबित था।


आयोग ने डायट प्रवक्ताओं का चयन तेज किया तो उनके मूल पदों पर भेजने का आदेश हुआ। शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने तीन जनवरी को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय को पत्र भेजकर प्रवक्ताओं को वापस भेजने को कहा था। आठ जनवरी को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. महेंद्र देव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आदेश दिया कि उप्र अधीनस्थ शैक्षणिक सेवा प्रवक्ता संवर्ग महिला व पुरुष शाखा के प्रवक्ताओं को एससीईआरटी व उसके नियंत्रण वाली इकाइयों से उनके मूल पदों (राजकीय इंटर व बालिका इंटर कालेजों) में पदस्थापित करना है। सभी मंडलों में कार्यरत ऐसे प्रवक्ताओं की सूची 10 जनवरी तक मांगी गई थी।


बहरहाल, करीब 200 से अधिक प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने का मामला अभी शिक्षा निदेशालय में लटका है। एडी माध्यमिक ने मंडलों से सूची तलब की लेकिन, मूल पद पर भेजने का जिम्मा एडी राजकीय का है। एडी राजकीय को यह कार्य करने के लिए नियमावली में संशोधन होना है। प्रवक्ताओं की पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक को भेजी गई है।


इन संस्थाओं से हटेंगे

एससीईआरटी लखनऊ, राज्य शिक्षा संस्थान, मनोविज्ञानशाला, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान, राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय प्रयागराज। इसके अलावा राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय आगरा व सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान।

Wednesday, July 29, 2020

सीएम तक पहुंची शिक्षक भर्ती की शिकायत, मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला

सीएम तक पहुंची शिक्षक भर्ती की शिकायत, मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला
 

प्रयागराज : 69 हजार शिक्षक भर्ती का प्रकरण अभी शांत भी नहीं हुआ कि सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानक के विपरीत शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सामने आया है। इस प्रकरण की शिकायत भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से की है।


सत्र 2015-16 में जिले भर के दर्जनभर सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब सौ शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इसमें राधा रमण इंटर कालेज, मैरीवाना मेकर, द्वारका प्रसाद गल्र्स कालेज, रमा देवी इंटर कालेज आदि हैं। इन स्कूलों में दो से लेकर दस शिक्षकों की नियुक्ति की गई। यह नियुक्ति शुरुआत से ही विवादों में रही। 


पिछले दिनों भाजपा नेता दिवाकर त्रिपाठी ने आरटीआइ के जरिए नियुक्ति के सभी दस्तावेज डीआइओएस से मांगे। आरटीआइ के जरिए सामने आए दस्तावेजों से पता चला कि इन स्कूलों में भर्ती के विज्ञापन मानक के विपरीत निकाले गए थे। उस विज्ञापन में भर्ती का फार्मेट नहीं दिया गया था बल्कि केवल सूचना निकाली गई। कई स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम थी, उसके बावजूद शिक्षक पद स्वीकृत कर भर्ती की गई। 


भाजपा नेता दिवाकर त्रिपाठी ने नियुक्ति में मिली भगत का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायत कर आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि भर्ती का विज्ञापन विद्यालय प्रबंधन ने दिया था। यह सभी नियुक्तियां नियमानुसार हुई हैं। भाजपा नेता के आरोप निराधार हैं।

Saturday, July 18, 2020

महराजगंज : मृतक आश्रित तथा अन्य सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी वांछित अभिलेखों की पत्रावली प्रेषण के सम्बन्ध में बीएसए ने किया पुनः निर्देशित

महराजगंज : मृतक आश्रित तथा अन्य सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी वांछित अभिलेखों की समस्त पत्रावलियां 22 जुलाई तक प्रेषित करने के सम्बन्ध में बीएसए ने बीईओ को किया पुनः निर्देशित।

मृतक आश्रित शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति सम्बन्धी पत्रावली प्रेषण के सम्बन्ध में-