Sunday, May 31, 2026
Saturday, May 30, 2026
शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बना नियमित किए जाने से इन्कार को हाई कोर्ट में चुनौती, केंद्र व राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश
राजकीय महाविद्यालयों के 91 शिक्षकों का ऑनलाइन तबादला
Friday, May 29, 2026
प्रदेश के जिन 80 ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं वहां बनेंगे नए आवासीय बालिका स्कूल
परिषदीय विद्यालयों को छोटे-छोटे क्षेत्रों में बांटकर SCERT की टीम करेगी मूल्यांकन
जून के पहले सप्ताह से यूपी डीएलएड के लिए आवेदन, 2.39 लाख सीटों पर होंगे दाखिले, विज्ञापन जल्द
Thursday, May 28, 2026
उच्च शिक्षण संस्थानों व पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन पांच जुलाई तक मांगे गए
परिषदीय शिक्षकों के तबादलों पर लगा ब्रेक, घर वापसी का इंतजार और बढ़ा, जनगणना और समायोजन प्रक्रिया के चलते फिलहाल नहीं होग स्थानांतरण, बढ़ी निराशा
स्वच्छ गरिमा विद्यालय से बेटियों के सम्मान को नई ताकत, 75 मॉडल स्कूलों से शुरु हुआ बदलाव, जुलाई तक सभी विद्यालयों तक पहुंचेगा अभियान
Wednesday, May 27, 2026
यूपी के स्कूलों में पढ़ने की आदत बढ़ाने के लिए चलेगा विशेष अभियान, 'रीडिंग आवर, समाचार-पत्र पठन व डीईएआर अभियान को मिलेगा बढ़ावा
बच्चों को मोबाइल से दूर रहने, संस्कारों से जुड़ने और अपनी छुट्टियों को पूरी तरह से 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने का स्नेहिल संदेश, गर्मी की छुट्टियों पर 'सीएम योगी' की बच्चों को पाती
Tuesday, May 26, 2026
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आंगनबाड़ी में पोषाहार का बदला स्वाद और सिस्टम, ओटीपी बताए बिना अब नहीं मिलेगा पोषक आहार, लाभार्थियों की 7 श्रेणी तय कर पोषक आहार को दिए गए हैं अलग-अलग नाम
Monday, May 25, 2026
स्थानांतरण पर सरकार व विभाग की चुप्पी से बेसिक शिक्षकों में नाराजगी, शिक्षक संगठनों का आरोप जनगणना का हवाला देकर टाले जा रहे तबादले
Sunday, May 24, 2026
प्रदेश के 600 सरकारी माध्यमिक स्कूलों में हाईटेक ड्रीम लैब बनाने की तैयारी, विद्यार्थियों को मिलेगा एआई, रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण
Saturday, May 23, 2026
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक UPTET के आवेदकों की एक ही दिन होगी परीक्षा, दोनों स्तर की परीक्षा के लिए पंजीकृत 3.96 लाख अभ्यर्थियों को मिलेगी बड़ी राहत
यूपी के 1701 माध्यमिक स्कूलों में दूसरे चरण में व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई शुरू होगी
Friday, May 22, 2026
भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का प्रदेशव्यापी विरोध और सुदूर ब्लॉक में तैनाती ने बढ़ाया आक्रोश
भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का प्रदेशव्यापी विरोध और सुदूर ब्लॉक में तैनाती ने बढ़ाया आक्रोश
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के बीच शिक्षकों से जनगणना कार्य कराए जाने को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेशभर के शिक्षक संघों से जुड़े शिक्षकों ने शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए जनगणना से जुड़े फील्ड कार्य को मौसम सामान्य होने तक स्थगित करने की अपील की है। वहीं शिक्षकों की दूरस्थ क्षेत्रों और दूसरे ब्लॉकों में ड्यूटी लगाए जाने से नाराजगी और बढ़ गई है।
शिक्षक संघों का कहना है कि जब प्रशासन स्वयं लोगों से दोपहर में घरों से बाहर न निकलने की अपील कर रहा है, तब शिक्षकों और शिक्षिकाओं को चिलचिलाती धूप में घर-घर सर्वे और मकान गणना के लिए भेजना पूरी तरह अमानवीय है। उनका आरोप है कि कई जिलों में शिक्षकों को उनके कार्यस्थल से दूर दूसरे ब्लॉकों में जबरन ड्यूटी दी जा रही है, जिससे उन्हें घंटों यात्रा करनी पड़ रही है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।
प्रयागराज समेत कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि शिक्षकों को दूरस्थ क्षेत्रों तक जनगणना कार्य के लिए भेजा जा रहा है। शिक्षक संघों ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे न केवल शिक्षकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
संघों ने यह भी आरोप लगाया कि शासन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए 55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों, दिव्यांग कर्मचारियों और गर्भवती शिक्षिकाओं तक की ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में जनगणना कार्य अब प्रशासनिक व्यवस्था से ज्यादा “दबाव आधारित अभियान” बनता जा रहा है।
प्रदेशभर के शिक्षक संघों ने मांग की है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए जनगणना 2027 के प्रथम चरण की फील्ड गतिविधियों को तत्काल रोका जाए या कम से कम मौसम सामान्य होने तक स्थगित किया जाए। साथ ही ड्यूटी स्थानीय स्तर पर ही लगाई जाए ताकि शिक्षकों को अनावश्यक रूप से दूसरे ब्लॉकों और लंबी दूरी के क्षेत्रों में न भेजा जाए।
शिक्षक संघों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने जल्द मानवीय दृष्टिकोण नहीं अपनाया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, उन्हें हर प्रशासनिक अभियान में “सर्वसुलभ फील्ड कर्मचारी” की तरह इस्तेमाल करना अब बंद होना चाहिए।