डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के चर्चित जाली मार्कशीट प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने विवि अधिकारियों से बीएड का रिकार्ड हासिल करने के लिए अल्टीमेटम जारी किया है। वीसी प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल, रजिस्ट्रार अशोक कुमार अरविन्द, परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह को चेतावनी भरा पत्र भेजा गया है। इसमें कहा है कि अगर 24 मई तक तमाम रिकार्ड मुहैया नहीं कराए गए तो 25 को विवि अधिकारियों के खिलाफ गबन का केस दर्ज करा दिया जाएगा। चेतावनी पत्र की प्रतिलिपि राजभवन और उच्च शिक्षा सचिव को भी भेजी गई है। इसकी जानकारी पर विवि में हड़कंप मचा है।
सात दिन पहले एसआईटी के अधिकारी यूनिवर्सिटी आए थे। वीसी, रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक से रिकार्ड मांगा था। तब विवि अफसरों ने जवाब दिया था कि परीक्षा समिति की मीटिंग में फैसला लिया जाएगा। इस पर एसआईटी के महानिदेशक महेंद्र मोदी ने न केवल नाराजगी जाहिर की थी बल्कि साफ चेतावनी भी दी कि पानी सिर से गुजर गया है, अब कार्रवाई होगी। दरअसल, एसआईटी एक साल से रिकार्ड मांग रही है और विवि अफसर टाले जा रहे हैं। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एसआईटी के अधिकारियों की लखनऊ में हुई उच्च स्तरीय मीटिंग में फैसला किया गया कि अगर 24 मई तक रिकार्ड न मिला तो केस दर्ज कर दिया जाएगा। उधर, इसका पता चलने पर विवि में हड़कंप रहा है। विवि सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने एसआईटी को रिकार्ड देने का निर्णय लिया है। इसकी तैयारी चल रही है। फाइलें खंगाली जा रही हैं। बता दें, जाली मार्कशीट प्रकरण में पहले से ही सात केस दर्ज हैं। पिछले साल एसआईटी ने अपने लखनऊ स्थित थाना में केस दर्ज किया था।
ये सूचनाएं देनी होंगी
- 2004 से 2009 तक बीएड, परीक्षा और गोपनीय चार्ट विभाग में तैनात रहे कर्मचारियों और अधिकारियों का विवरण।
- इन पांच सालों में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जारी किए गए सभी आदेश की सत्यापित कापी।
- इन पांच सालों में जारी किए गए बीएड के रिजल्ट की पूरी डिटेल रोल नंबर सहित।
- बीएड की कापियों को जांचने के बाद तैयार फॉइल, इसमें छात्रों के अंक लिखे रहते हैं।
- बीएड की काउंसलिंग में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को जारी किए गए एनरोलमेंट नंबर।
- बीएड कराने वाले 83 कालेजों को आवंटित बीएड सीट और मैनेजमेंट कोटे का ब्योरा।
- इन सभी कालेजों में परीक्षा देने वाले छात्रों का विवरण, उनकी हाजिरी की जानकारी भी।
नहीं सुनेंगे कोई बहाना
एसआईटी ने अल्टीमेटम में यह भी साफ कर दिया है कि रिकार्ड पूरा चाहिए। कुछ रिकार्ड दीमक चट कर गई या कई फाइलें मिल नहीं रही हैं, इस तरह के बहाने नहीं सुने जाएंगे। यह भी बताया गया है कि रिकार्ड को 50 साल तक सुरक्षित रखना विवि की जिम्मेदारी है।
जांच दल ने अभी तक जो भी जानकारी और रिकार्ड मांगे हैं, उनको उपलब्ध कराया गया है। कई ऐसे रिकार्ड भी हैं, जो विश्वविद्यालय में मौजूद नहीं, उसके बारे में जांच दल को बता दिया गया है।
No comments:
Write comments