बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों के भवन निर्माण की पोल खुलने लगी है। महज सात साल पहले बनाए गए भवन की जर्जर हालत को लेकर ग्राम प्रधान की शिकायत पर जिलाधिकारी विवेक ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसके आधार पर स्कूल भवन निर्माण प्रभारी पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। प्रकरण अकबरपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सहनेमऊ का है।1 ग्राम पंचायत के प्रधान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए अवगत कराया कि गांव में वर्ष 2008-09 के दौरान विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया है। भवन मौजूदा हालात में बेहद जर्जर हो चुका है। बताते चलें कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों के भवन के निर्माण की जिम्मेदारी खुद उठाई जाती है। इसके लिए विभाग के शिक्षक को ही निर्माण प्रभारी नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा जिला स्तर पर निर्माण कार्यों पर निगरानी के लिए जिला समन्वयक के पद पर तकनीकी रूप से दक्ष व्यक्ति की तैनाती रहती है। मौजूदा समय में उक्त पद खाली है, हालांकि तत्समय जनपद में निर्माण कार्यों पर निगरानी के लिए जिला समन्वयक तैनात रहा है। प्रधान ने उक्त भवन को बनाए जाने में घटिया निर्माण सामाग्री लगाए जाने के साथ ही मानक की अनदेखी करने की शिकायत करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को कमेटी गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया। डीएम ने निर्माण के दोषियों से वसूली किए जाने के साथ ही विधिक कार्रवाई के लिए भी कहा है। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी मथुरा प्रसाद मिश्र ने बताया कि उक्त विद्यालय के भवन निर्माण की जांच के लिए अकबरपुर के बीडीओ राजीव कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता आरके सिंह तथा खंड शिक्षा अधिकारी बड़कऊ वर्मा की टीम गठित की गई है
No comments:
Write comments