DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Wednesday, February 25, 2026

टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में तीन मई को लखनऊ में रैली करेंगे शिक्षक, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ तेज करेगा आंदोलन

टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में तीन मई को लखनऊ में रैली करेंगे शिक्षक, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ तेज करेगा आंदोलन


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से राहत दिलाने के लिए शिक्षकों का आंदोलन तेज हो रहा है। इसके तहत गठित अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने तीन मई को राजधानी लखनऊ में रैली व विधानसभा तक मार्च करने की घोषणा की है।


महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा । कि इसके तहत पहले चरण में नौ से 15 मार्च के बीच शिक्षक की पाती लिखने का कार्यक्रम होगा। इसमें प्रदेश के सभी शिक्षक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष को ई मेल, पोस्टकार्ड से टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में पत्र लिखेंगे। इसके बाद 13 अप्रैल को जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकालेंगे।

तब भी मांगे नहीं मानी गई तो तीन मई को राजधानी के ईको गार्डन में एकत्र होकर रैली करेंगे। साथ ही विधानसभा तक मार्च भी करेंगे। महासंघ के संयोजक अनिल यादव ने कहा कि यदि फिर भी इसका समाधान नहीं हुआ तो मानसून सत्र में दिल्ली में संसद भवन का शिक्षक घेराव करेंगे। जल्द ही इसके लिए एक बैठक फिर से राजधानी में सभी संगठनों की होगी।


धर्मेंद्र प्रधान के बयान से नाराजगी

शिक्षक-कर्मचारी नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के उस बयान पर नाराजगी जताई है, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षकों से कहा कि पहले आप मेरी सरकार बनाओ, फिर हम टीईटी की अनिवार्यता पर विचार करेंगे। महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक सुशील कुमार पांडेय एवं विजय कुमार बंधु ने कहा कि केंद्रीय मंत्री द्वारा दिया गया यह बयान सौदेबाजी है।


महासंघ के समर्थन में आए कई संघ

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के समर्थन में कई और शिक्षक संगठन आए हैं। महासंघ के प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने बताया कि टीईटी की इस लड़ाई में उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह, वैचारिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह, एससीएसटी टीचर्स संघ के प्रदेश महामंत्री वेद प्रकाश सरोज ने पत्र लिखकर समर्थन दिया है।

No comments:
Write comments