कानपुर : शिक्षकों को एक ऐसी ड्यूटी दी गई है जो सुबह पांच बजे से शुरू हो जाती
है। यह ड्यूटी बिल्हौर से लेकर कानपुर तक गंगा के किनारे बसे स्कूलों के
शिक्षकों की लगाई गई है। यदि वह किसी को खुले में शौच करते देखते हैं तो
सीटी बजा कर इन्हें चेतावनी देंगे। इस ड्यूटी से भी शिक्षकों में नाराजगी
है।
विरोध के स्वर भी उठे : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक नाराज तो हैं लेकिन अब तक खुले विरोध का साहस नहीं जुटा सके हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री मुजफ्फर हुसैन का कहना है कि सात जून से रमजान भी शुरू हो रहे हैं। ऐसी धूप में क्या रोजेदार कोई ड्यूटी कर पाएंगे। वैसे भी हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान होना चाहिए। तय हो चुका है कि कौन सी ड्यूटी करा सकते हैं और कौन सी नहीं। माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ नेता हेमराज सिंह गौर पहले ही इसके खिलाफ कोर्ट जाने की बात कह चुके हैं।
विरोध के स्वर भी उठे : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक नाराज तो हैं लेकिन अब तक खुले विरोध का साहस नहीं जुटा सके हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री मुजफ्फर हुसैन का कहना है कि सात जून से रमजान भी शुरू हो रहे हैं। ऐसी धूप में क्या रोजेदार कोई ड्यूटी कर पाएंगे। वैसे भी हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान होना चाहिए। तय हो चुका है कि कौन सी ड्यूटी करा सकते हैं और कौन सी नहीं। माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ नेता हेमराज सिंह गौर पहले ही इसके खिलाफ कोर्ट जाने की बात कह चुके हैं।

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