चुनाव आयोग के नियमों को ताक पर रखते हुए अदेय प्रमाणपत्र जारी करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एक महिला प्रधान पर आरोप लगाया है कि एमडीएम का राशन बकाया होने के बाद भी उसे जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के अधिकारियों से अदेय प्रमाण पत्र जारी करा लिया। आरोप है कि तथ्यों को छिपाकर ही दखिल कागजों के सहारे वह चुनाव मैदान में कूदी है। अमावां विकास खंड के बावन बुजुर्ग बल्ला ग्राम में अभी विकास कार्य शुरु नही हुए लेकिन विपक्ष ने ग्राम प्रधान को घेरना शुरु कर दिया। इस बार विपक्षियों ने कागजी साक्ष्य के साथ डीएम व मुख्यमंत्री से शिकायत की है। ग्राम के ही मोहम्मद रईस ने कहा है कि बावन बुजुर्ग बल्ला की ग्राम प्रधान कमलेश कुमारी दूसरी बार लगातार ग्राम प्रधान हैं । बीते वित्तीय वर्ष में महिला ग्राम प्रधान ने ऊपर एमडीएम का 26.78 ¨क्वटल गेंहू व 18 ¨क्वटल के घोटाला किया है। विभाग द्वारा इनको रिकवरी के आदेश भी दिए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। तहसील क्षेत्र के बावन बुजुर्ग बल्ला की प्रधान महीनों से चर्चा में हैं। मनरेगा घोटाला तो कभी मजदूरों के बकाया का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। किसी भी शिकायत की जांच पूरी नही हुई है। अधिकारी जांच करने का आश्वासन ही दे रहे हैं। तहसीलदार राम शंकर वर्मा ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच करवाई जा रही है। जांच टीमें गठित कर दी गई हैं। जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।
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