बीएसए द्वारा यूपी बोर्ड से आए सत्यापनों को अमान्य किए जाने की समस्या को लेकर नवनियुक्त टीईटी शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को समाज कल्याण राज्यमंत्री से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यमंत्री को पत्र सौंप कर उनसे उक्त मामले में हस्तक्षेप करते हुए समस्या का निस्तारण कराए जाने की मांग की। राज्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए बीएसए और यूपी बोर्ड के अपर सचिव से वार्ता करके समस्या का शीघ्र समाधान कराने को कहा। सीतापुर जनपद के नवनियुक्त टीईटी शिक्षक-शिक्षिकाओं के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन मार्च माह में माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के द्वारा भेज दिया गया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सिंह को सत्यापन की रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका हुई। जिसके कारण उन्होंने वेतन का आदेश जारी करने से मना कर दिया। करीब छह सौ से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं वेतन पाने से वंचित रह गए। विषम आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहे शिक्षकों का एक प्रतिनिधि मंडल बुधवार को समाज कल्याण राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा से मिला और उन्हें पत्र सौंप कर समस्या के निस्तारण की मांग की। राज्यमंत्री ने बीएसए सीतापुर संजीव कुमार सिंह से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में करीब दो सप्ताह पूर्व यूपी बोर्ड इलाहाबाद को रिमाइंडर भेजा जा चुका है, उसका जवाब आते ही उचित कार्रवाई की जाएगी। इस पर राज्यमंत्री ने यूपी बोर्ड के अपर सचिव प्रमोद कुमार यादव को फोन करके शीघ्र रिमाइंडर का जवाब भिजवाने के निर्देश दिए। प्रतिनिधि मंडल में उमेश वर्मा, पूण्रेश शुक्ल व नईम शेख सहित अन्य लोग शामिल थे।
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