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Wednesday, May 4, 2016

संभल : शिक्षकों के रंग - बिरंगी पहनावे पर लगी रोक, स्कूलों का माहौल सुधारने को बीएसए ने उठाया कदम

शिक्षकों के रंग-बिरंगे पहनावे पर लगी पाबंदीपरिषदीय स्कूलों के माहौल को सुधारने के लिए बीएसए ने उठाए कदम, एक गरिमा में रहेंगे शिक्षकसंभल हिन्दुस्तान संवाद हाईटेक दौर में जहां युवा अच्छीक्वालिटी के और भड़काऊ कपड़े पहनकर घूमते हैं, वहीं शिक्षक भी रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर स्कूल जाते हैं। जिस वजह से समाज में संदेश ठीक नहीं जा रहा है। ऐसी बात संज्ञान में आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों के रंग-बिरंगे कपड़े पहनने पर पाबंदी लगा दी है। स्पष्ट किया है कि गरिमा के अनुसार ही कपड़े शिक्षक-शिक्षिकाएं पहनेंगी। बाजार में अलग-अलग तरीके के कपड़े उपलब्ध हैं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं के ऐसे कपड़े बाजार में बिक रहे हैं जो रंग-बिरंगे तो हैं ही, साथ ही साथ एक गरिमा को बनाए रखने योग्य नहीं हैं। इस बात से वाकिफ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी ऐसे ही कपड़े पहनने शुरुकर दिए हैं जो रंग-बिरंगे हैं। बीएसए सुंदरम सक्सेना ने पिछले दिनों दर्जनों विद्यालयों का निरीक्षण किया तो शिक्षक-शिक्षिकाओं के पहनावा पद के हिसाब से ठीक नहीं था। हालात पर संज्ञान लेते हुए अब बीएसए ने लिखित रूप सेस्पष्ट कर दिया है। कहा है कि जनपद के सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं विद्यालय जाने पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनके द्वारा पहने गए कपड़े शिक्षक की गरिमा के अनुसार हैं या नहीं। सभी शिक्षक-शिक्षकाओं के कपड़े रंग-बिरंगेनहीं होने चाहिए और न ही उनके द्वारा चप्पल पहने होने चाहिए। शिक्षक की गरिमा को ध्यान में रखते हुए ही कपड़े पहने जाएं। स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के वक्त रंग-बिरंगे कपड़े पहनने की स्थिति सामने नहीं आनी चाहिए।जनप्रतिनिधियों को सम्मान: संभल। जनप्रतिनिधियों के स्कूल पहुंचने पर शिक्षक सम्मान नहीं देते, ऐसी बात अकसरसामने आती रहती है। ऐसे में शिक्षकों को स्पष्ट कहा गया है कि अगर कोई जनप्रतिनिधि विद्यालय आएंगे तो उन्हें शिक्षक उचित सम्मान देंगे।मिड डे मील पर जोर: संभल। बीएसए ने मिड डे मील व्यवस्था पर जोर दिया है। कहा है कि रसोईघर स्वच्छ होना चाहिए। नियमानुसार एगमार्क वाले खाद्य पदार्थो का प्रयोग खाना बनाने में होना चाहिए। भोजन बनने के बाद सफाई कर रसोईघर पर ताला लगा दिया जाए। चाबी विद्यालय के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज अध्यापक पर रहेगी।बच्चों का बनेगा आधार कार्डसंभल। अगले शैक्षिक सत्र से कक्षा एक से छह में प्रवेश लेने वाले बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य होगा। इसलिए शिक्षक ग्राम पंचायत में रहने वाले व विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों का आधार कार्ड बनवाएंगे। यह काम पंद्रहजुलाई तक पूरा होना है।सूचना पट पर बच्चों की संख्यासंभल। मध्याह्न् भोजन योजना में गोलमाल का मामला सामने आने पर विभाग ने शिक्षकों पर शिकंजा कसना शुरु किया है। शिक्षकों से कहा गया है कि वह विद्यालय आने वाले बच्चों की संख्या रोजाना सूचना पट पर अनिवार्य रूप से लिखेंगे।

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