प्राथमिक शिक्षक संघ चुनाव में शामिल न करने पर समायोजित शिक्षामित्रों ने विरोध-प्रतिरोध से आगे बढ़कर कानूनी दायरे में मामला घसीट लिया। चुनाव पर स्टे की मांग पर उन्होंने वाद दायर करा दिया। इसकी सुनवाई पांच मई यानी गुरुवार को होगी।शिक्षामित्रों के एक समूह ने समायोजित शिक्षक मंच गठित करके वाद दायर करने की कार्रवाई की है। मंच के संयोजक अनिल गंगवार ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक संघ की स्थानीय इकाई के चुनाव की घोषणा होने के साथ विशिष्ट बीटीसी के तहत भर्ती हुए शिक्षकों को ही सदस्यता देकर नामवली में शामिल किया गया। जबकि समायोजित शिक्षामित्रों को सदस्यता नहीं दी गई। डीएम से रोक लगाने की मांग होने पर जांच शुरू हुई तो स्थानीय इकाई ने चुनाव स्थगित कर दिया जिससे समायोजित शिक्षामित्र शामिल न हो सकें। मंगलवार को हुई मंच की बैठक में उप सह संयोजक विनीत चौबे ने कहा कि कुछ 6792 शिक्षकों में 3300 समायोजित शिक्षामित्र हैं जो अब शिक्षक हैं। उनके शामिल होने पर बरसों से नेतागिरी कर रहे लोगों का तख्ता पलट सकता है इसलिए सदस्यता नहीं दी जा रही। दायर हुए वाद में शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा, महामंत्री जवर सिंह, जिलाध्यक्ष मुकेश चौहान, प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा, जिला महामंत्री अरुण मिश्र को प्रतिवादी बनाया गया है। बैठक में विजय चौहान, वेद प्रकाश, मिसरेयार खां, अजरुन सिंह, मुहम्मद फैसल आदि मौजूद रहे।
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