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Sunday, July 24, 2016

चित्रकूट : विद्यालय में प्रधान ने किया हंगामा, दो शिक्षिकाएं हुई बेहोश, रजिस्टर फाड़ने का आरोप, विद्यालय प्रबंध समिति के चुनाव के समय हुआ हंगामा

प्राथमिक विद्यालय रुपौली में ग्राम प्रधान के हंगामे से भगदड़ मच गई। जिसमें दो शिक्षिका बेहोश हो गई। जिस समय प्रधान ने विद्यालय में पहुंचकर उपद्रव मचाया स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन हो रहा था। गांव के तमाम ग्रामीण सहित शिक्षिकाएं उपस्थित थे। प्रधान के खिलाफ राजापुर थाना में मुकदमा तो दर्ज किया गया है। घटना से नाराज प्राथमिक शिक्षकों ने जिला प्रशासन को प्रधान की गिरफ्तारी के लिए चौबीस घंटे का अल्टीमेटम देते हुए सोमवार से स्कूलों में तालाबंदी का ऐलान किया है। रामनगर क्षेत्र के इस विद्यालय में शनिवार को विद्यालय प्रबंध समिति चुनाव के लिए अभिभावकों की बैठक बुलाई गई थी। प्रभारी प्रधानाध्यापक गीता गुप्ता विद्यालय में एसएमसी गठन के लिए दिन में करीब नौ बजे बैठक कर रही थी।

आरोप है कि तभी ग्राम प्रधान सुरेश दत्त त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और शिक्षिकाओं को धमकाना शुरू कर दिया। शिक्षिकाओं के साथ गाली गलौज करते हुए प्रधान ने ग्रामीणों को ललकारा और कहा कि इन्हें कमरे में बंद कर दें। प्रधान का इतना कहना था कि शिक्षिका गीता देवी और ऊषा देवी स्कूल से बाहर की ओर भागी और दोनों गिरकर बेहोश हो गई। दोनों को तुरंत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजापुर में भर्ती कराया गया लेकिन घंटों होश नहीं आया तो जिला चिकित्सालय भेजा गया। बताते हैं कि शुक्रवार को भी विद्यालय में एसएमसी की बैठक हुई थी जिसमें समिति का चयन हो गया था और कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज भी हो गई थी लेकिन अपने चहेतों को पद न मिलने से नाराज प्रधान ने कार्यवाही रजिस्टर फाड़ दिया था। लोगों का मानना है कि घटना के लिए कहीं न कहीं अधिकारी भी जिम्मेदार हैं।

जब एक दिन पहले प्रधान ने कार्यवाही रजिस्टर फाड़ दिया था और दोबारा चुनाव कराया जा रहा था तो विभाग को सतर्क रहना चाहिए था। एसएमसी चुनाव के लिए जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारी तैनात किए हैं लेकिन रुपौली प्राथमिक स्कूल में एसएमसी चुनाव के समय न तो नोडल अधिकारी थे और न ही कोई विभागीय अधिकारी। जबकि प्रधान ने एक दिन पहले भी चुनाव का विरोध किया था। नोडल अधिकारी राजबली नायब तहसीलदार मऊ भी मानते हैं कि अधिकारियों से चूक हुई है यदि प्रधान दबंगई कर रहा था तो पुलिस बल को लेकर चुनाव कराना चाहिए था। उनको चुनाव के तिथि की कोई सूचना विभाग की ओर से नहीं दी गई थी। जबकि खंड शिक्षा अधिकारी सुनील राजपूत कहते हैं कि चुनाव के लिए 11 बजे का समय दिया गया था। उनको और नोडल अधिकारी को वहां पहुंचना था पर उसके पहले ही घटना हो गई। शिक्षकों में घटना को लेकर रोष प्रधान की दबंगई को लेकर शिक्षकों में खासा रोष देखा गया। जैसे ही घायल शिक्षिकाएं जिला अस्पताल पहुंची तो जिले के सैकड़ों अध्यापक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा, सपा नेता डा. निर्भय सिंह पटेल व बीईओ सुनील राजपूत आदि पहुंच गए। बीईओ राजपूत ने बताया कि ग्राम प्रधान अक्सर स्कूल में जाकर स्टाफ से अभद्रता करता था। जिसकी शिकायत प्रधानाध्यापक ने 12 जुलाई को राजापुर थाना में की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसका परिणाम था कि उसके हौसले बुलंद थे।

शिक्षक नेता अखिलेश पांडेय, उदयभान सिंह, मूरतध्वज पांडेय, अवध बिहारी सिंह, अशर्फीलाल मिनी, लवकुश द्विवेदी, जैनुल आब्दीन, रोशन सिंह, इंद्रसेन यादव, अनूप मिश्र, आलोक गर्ग, महेंद्र कुमार, ललक पाण्डेय, हेमराज गर्ग, शहनाज बानो व आराधना सिंह आदि ने जिलाधिकारी से मिल कर कहा है कि यदि ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी 24 घंटे के अंदर नहीं होती है तो कोई शिक्षक स्कूल नहीं जाएगा। सोमवार से पूरी तरह स्कूलों में तालाबंदी रहेगी। वहीं ग्राम प्रधान का कहना है कि उन्होंने शिक्षिकाओं के साथ कोई अभद्रता नही की और न ही कोई रजिस्टर फाड़ा।



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