उत्तर पुस्तिकाओं में रुपये मिले तो नकल मानकर होगी सख्त कार्रवाई, यूपी बोर्ड ने कक्ष निरीक्षकों को लेकर भी जारी किए कड़े निर्देश
प्रयागराज। वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से 12 फरवरी 2026 को जारी पत्र में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और परीक्षा केंद्रों को परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं मानक अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 18 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 12 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। पूर्व के अनुभवों के आधार पर यह संज्ञान में आया है कि कुछ परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिकाओं के भीतर मुद्रा (धनराशि) रख देते हैं, जो न केवल परीक्षा अनुशासन के विरुद्ध है बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास भी माना जाएगा।
परिषद ने निर्देशित किया है कि परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापक एवं शिक्षक यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों को पूर्व में ही सूचित कर दिया जाए कि उत्तर पुस्तिका के भीतर किसी भी प्रकार की अवांछित सामग्री या धनराशि रखना अनुचित साधन की श्रेणी में आएगा। कक्ष निरीक्षकों को भी इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संकलन या मूल्यांकन के दौरान किसी उत्तर पुस्तिका में धनराशि प्राप्त होती है तो उसे तत्काल नियमानुसार राजकोष में जमा कराया जाए और घटना की सूचना संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को दी जाए। ऐसे मामलों में परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत संबंधित के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रकार की घटना लापरवाही के कारण होती पाई गई तो संबंधित कक्ष निरीक्षक के विरुद्ध भी विभागीय नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। परिषद ने सभी संबंधित अधिकारियों से निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि बोर्ड परीक्षाओं की विश्वसनीयता और मूल्यांकन की निष्पक्षता बनी रहे।
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